Category: Madhya Pradesh

  • धार में महिला से मारपीट और दुष्कर्म प्रयास का मामला, पांच आरोपियों पर FIR दर्ज

    धार में महिला से मारपीट और दुष्कर्म प्रयास का मामला, पांच आरोपियों पर FIR दर्ज


    धार । धार जिले के धामनोद थाना क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई है जहां एक महिला को बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट की गई और सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया गया पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में तीन महिलाएं और दो पुरुष आरोपी शामिल हैं और उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है

    पीड़ित महिला ने शिकायत में बताया कि ग्राम कुन्दा में उसके खेत के पास रहने वाले परिवार द्वारा जेसीबी से जमीन समतल की जा रही थी इस प्रक्रिया में उसकी बाउंड्री को नुकसान पहुंचा और जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया और मारपीट शुरू कर दी

    पुलिस ने बताया कि घटना के समय पीड़िता को बंधक बनाया गया और आरोपियों ने मारपीट की कोशिश की इसके अलावा सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास भी किया गया पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है

    स्थानीय प्रशासन ने महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का आश्वासन दिया है साथ ही जांच में सहयोग के लिए ग्रामीणों से भी अपील की गई है पुलिस आरोपी गिरफ्तार करने के प्रयास में लगी हुई है और इस मामले को प्राथमिकता से देख रही है

    यह मामला क्षेत्र में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर चिंता बढ़ा रहा है और प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपराधिक गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी हैसुरक्षा और कानून के प्रवर्तन के तहत पुलिस पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी कठोरता से की जाएगी ताकि ऐसे मामलों पर स्पष्ट संदेश जा सके

  • सीएम मोहन यादव ने बताया असली धुरंधर का दौर, भाजपा विचारधारा को अमर कर संगठन विस्तार

    सीएम मोहन यादव ने बताया असली धुरंधर का दौर, भाजपा विचारधारा को अमर कर संगठन विस्तार


    भोपाल । आज भाजपा का 47वां स्थापना दिवस प्रदेशभर में उत्साह और जोश के साथ मनाया गया भोपाल के प्रदेश कार्यालय में प्राथमिक और सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन आयोजित किया गया और इसी स्थान से 17 जिलों में नए जिला कार्यालयों के भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल वर्चुअली जुड़े

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भारत अब तीसरा ऐसा देश बन गया है जो अपने दुश्मनों को उनके देश में जाकर न केवल रोकता बल्कि ठिकाने भी लगाता है उन्होंने मोदी जी के नेतृत्व में धुरंधर-2 का दौर चल रहा बताया और याद दिलाया कि पहले भी असली धुरंधर का जमाना था जब नकली नोटों के जरिए पाकिस्तान परेशान करता था उस समय भी भारत ने अपने सुरक्षा और सामर्थ्य से उनका मुकाबला किया ।

    सीएम ने भाजपा की विचारधारा की अमरता की ओर इशारा करते हुए कहा कि फीनिक्स पक्षी तो राख बनकर फिर जीवित होता है लेकिन उन्होंने भाजपा को देखा जिसकी विचारधारा अटल और अमर हो गई है उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में गठबंधन के दौर को पार करते हुए सरकार ने अपने वादों को पूरा किया और 24 दलों के साथ सफलतापूर्वक शासन चलाया ।

    प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी उसका कार्यकर्ता है और संगठन को मजबूत करने के लिए 17 जिलों में कार्यालयों का निर्माण कार्य शुरू किया गया है उनका लक्ष्य अगले स्थापना दिवस तक प्रदेश के सभी 62 जिलों में पार्टी कार्यालय बनाना है प्रत्येक कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम और पुस्तकालय की सुविधा होगी ताकि संगठन और विचारधारा से जुड़ी सामग्री आसानी से उपलब्ध हो सके

    कार्यक्रम में दिवंगत नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजनों का सम्मान भी किया गया मुख्यमंत्री स्वयं मंच से नीचे उतरकर पूर्व विधायक स्वर्गीय रमेश शर्मा के परिजनों को सम्मानित किया इस मौके पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल सांसद विधायक और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे ।

    सीएम ने प्रदेश में सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी में किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है और दर 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है सिंचाई का क्षेत्र अब 55 लाख हेक्टेयर तक बढ़ा दिया गया है बिजली आपूर्ति में सुधार किया गया है और किसानों को पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है उन्होंने कहा कि सरकार अंत्योदय के सिद्धांत के तहत गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने के लिए कार्यरत है ।

    सीएम ने कहा कि सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास सबका प्रयास के मंत्र के साथ सरकार आगे बढ़ रही है और 17 नए कार्यालयों के भूमिपूजन के साथ संगठन विस्तार का कार्य तेज हो गया है उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी और संगठन की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया

    बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल ने कहा कि 1980 से 2026 तक 47 वर्षों में पार्टी की विकास यात्रा देश और दुनिया के लिए प्रेरणा बनी है अब पंच परिवर्तन के रूप में पर्यावरण समरसता स्वदेशी कुटुंब प्रबोधन और नागरिकता भाव जैसी चुनौतियों का सामना करना है

    प्रदेश अध्यक्ष ने जोर दिया कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना जरूरी है और पार्टी का हर कार्यकर्ता इसकी सबसे बड़ी ताकत है इस मौके पर भाजपा कार्यालय में ध्वज फहराया गया और 17 जिलों में भूमि पूजन औपचारिक रूप से किया गया मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष वर्चुअली जुड़कर इस कार्यक्रम का हिस्सा बने इस तरह भाजपा का स्थापना दिवस पार्टी विचारधारा और संगठन विस्तार दोनों के संदेश के साथ मनाया गया जिसमें राजनीतिक प्रशासनिक और सामाजिक दिशा को बल मिला

  • खंडवा में विवादित पोस्टिंग घोटाला असिस्टेंट कमिश्नर की योजना नाकाम

    खंडवा में विवादित पोस्टिंग घोटाला असिस्टेंट कमिश्नर की योजना नाकाम


    खंडवा । खंडवा जनजातीय कार्य विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर संतोष शुक्ला अब विवादों के घेरे में हैं क्योंकि रिटायरमेंट के आखिरी सप्ताह में उन्होंने अपने चहेते टीचर को असिस्टेंट कमिश्नर का चार्ज दिलाने के लिए नोटशीट चलायी जो प्रशासनिक सुरक्षा तंत्र से टकरा गयी शुक्ला ने जिस तरह से थोकबंद ट्रांसफर पोस्टिंग आर्डर निकालकर अपनी पसंद की सिफारिश कलेक्टर स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया वह मामला अब बड़े स्तर पर उभर गया है जब यह खबर दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद सार्वजनिक हुई तो प्रभारी मंत्री ने शुक्ला के जारी किये गये आदेशों को निरस्त करवा दिया

    सूत्र बताते हैं कि रिटायर होने से पहले शुक्ला ने सिर्फ अपने विभागीय आदेश जारी नहीं किये बल्कि उन्होंने यह भी तय कर लिया कि रिटायरमेंट के बाद कौन अधिकारी उनके स्थान पर कार्यभार संभालेगा इस कड़ी में एक नोटशीट तैयार की गयी जिसमें उन्होंने अपने चहेते टीचर का नाम असिस्टेंट कमिश्नर के पद के लिए आगे बढ़ाया यह फाइल जिला पंचायत से होते हुए कलेक्टर कार्यालय तक आयी

    कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने नोटशीट में दर्ज नाम के स्थान पर विभाग में सेकंड पोजीशन पर पदस्थ नीरज पाराशर का नाम दर्ज कराया और उन्हीं को असिस्टेंट कमिश्नर का चार्ज देने की अनुशंसा की इस कदम ने शुक्ला की योजना पर त्वरित विराम लगा दिया क्योंकि पाराशर और शुक्ला के बीच पहले से आपसी खींचतान चल रही थी

    कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद जब मामला मंत्री स्तर तक पहुंचा तो प्रभारी मंत्री ने शुक्ला के जारी किये गये ट्रांसफर पोस्टिंग आर्डर को निरस्त करने का आदेश दिया और साथ ही शुक्ला के कार्यकाल में हुई पोस्टिंग ट्रांसफर गतिविधियों की जांच के लिए एक आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में कमेटी भी बना दी गयी

    जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार शुक्ला ने अपने रिटायरमेंट के अंतिम दिनों में बड़े पैमाने पर ट्रांसफर पोस्टिंग आदेश जारी किये जिनमें उनके चहेते कर्मचारी को लाभ देने की कोशिश स्पष्ट रूप से दर्ज है यह बात प्रशासनिक दायरे में तथा कर्मचारियों की प्रतिक्रियाओं में भी चर्चा का विषय बनी हुई है

    कलेक्टर ने जो निर्णय लिया वह विभागीय नियमों के अनुरूप बताया जा रहा है अधिकारियों का कहना है कि जब किसी अधिकारी का रिटायरमेंट निश्चित हो तो उनके अधिकार सीमित हो जाते हैं और ऐसे मामलों में उच्च प्रशासनिक स्तर के दिशा निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होता है शुक्ला द्वारा नोटशीट में नाम आगे बढ़ाये जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाये जा रहे हैं

    मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये कि विभागीय आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाये और मामले की गहन जांच करायी जाये ताकि इस प्रकार के अनुचित हस्तक्षेप और पॉलिटिकल दबाव की सच्चाई सामने आये जांच कमेटी जल्द ही अपना कार्य प्रारम्भ करेगी और इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े अधिकारियों कर्मचारियों से पूछताछ करेगी

    प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो यह मामला सिर्फ एक अधिकारी की पोस्टिंग सिफारिश का मामला नहीं रह गया है बल्कि यह जांच का विषय बन गया है कि क्या रिटायर हो रहे अधिकारी ने पद के दुरुपयोग के अलावा अन्य किस तरह से अपनी पसंद की नियुक्ति कराने का प्रयास किया

    इस विवाद ने स्थानीय प्रशासनिक माहौल को भी प्रभावित किया है कर्मचारियों के बीच इस प्रकार की सिफारिश और हस्तक्षेप को गलत माना जा रहा है और यह भी चर्चा में है कि यदि ऐसी कोशिशें छूट गयीं तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की बानगी और अधिक बढ़ सकती है

    अब देखना यह है कि जांच कमेटी क्या निष्कर्ष निकालती है और किन अधिकारियों कर्मचारियों की भूमिका प्रकाश में आती है इस पूरे प्रकरण से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन किस हद तक महत्वपूर्ण है और किस प्रकार गलत प्रयासों को रोकने वाले संस्थागत उपाय प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं

    इस प्रकार संतोष शुक्ला की अंतिम सिफारिश ने प्रशासनिक नियमों की परीक्षा ली और कलेक्टर द्वारा उचित कदम उठाये जाने से यह मामला नियंत्रण में आ गया है जबकि जांच के परिणाम से भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम और भी सशक्त होगी 

  • शक्ति प्रदर्शन के बीच भाजपा कार्यालय की नई शुरुआत क्या इस बार खड़ी होंगी दीवारें

    शक्ति प्रदर्शन के बीच भाजपा कार्यालय की नई शुरुआत क्या इस बार खड़ी होंगी दीवारें


    सीहोर । मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपने नए जिला कार्यालय के निर्माण को लेकर बड़ा कदम उठाया है लेकिन इस बार के भूमिपूजन के साथ ही पुरानी यादें और अधूरे वादे भी चर्चा में आ गए हैं। स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी ने पूरे उत्साह और शक्ति प्रदर्शन के साथ नए कार्यालय के निर्माण का शंखनाद किया हालांकि राजनीतिक गलियारों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इस बार यह परियोजना जमीन से उठकर वास्तव में पूरी हो पाएगी।

    इछावर रोड स्थित निर्धारित भूमि पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और भूमिपूजन की औपचारिकता पूरी की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इसे एक तरह के राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का रूप दे दिया।

    पार्टी के जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा के अनुसार प्रस्तावित कार्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और करीब 10 हजार वर्गफीट क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इस भवन के निर्माण पर लगभग डेढ़ से ढाई करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इसमें संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों के लिए अलग अलग कक्ष मीटिंग हॉल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा और चुनावी रणनीति तैयार करने के लिए एक अत्याधुनिक वार रूम भी बनाया जाएगा। साथ ही बाहर से आने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं के ठहरने के लिए गेस्टहाउस की व्यवस्था भी की जाएगी।

    हालांकि इस पूरे प्रोजेक्ट को लेकर सबसे बड़ी चुनौती इसकी विश्वसनीयता को लेकर है क्योंकि यह पहला मौका नहीं है जब इस कार्यालय के निर्माण की घोषणा हुई हो। इससे पहले भी कई बार भूमिपूजन हो चुका है लेकिन निर्माण कार्य कभी धरातल पर नहीं उतर सका। वर्ष 2016 में पहली बार भूमि क्रय कर शिलान्यास किया गया था लेकिन इसके बाद भी योजनाएं कागजों तक ही सीमित रहीं। यही वजह है कि फिलहाल पार्टी का जिला कार्यालय किराए के भवन में संचालित हो रहा है जिससे संगठनात्मक कामकाज में अस्थिरता बनी रहती है।

    इस बार पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट लक्ष्य तय करते हुए दावा किया है कि निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाएगा और 6 अप्रैल 2027 को इसका विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। यह घोषणा कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद जरूर जगाती है लेकिन पिछले अनुभवों को देखते हुए लोगों के मन में आशंका भी बनी हुई है।

    कुल मिलाकर यह परियोजना केवल एक भवन निर्माण तक सीमित नहीं है बल्कि यह संगठन की साख और भरोसे से भी जुड़ी हुई है। अब देखना यह होगा कि क्या इस बार भाजपा अपने इस लंबे समय से लंबित वादे को पूरा कर पाती है या फिर यह पहल भी पिछले प्रयासों की तरह अधूरी रह जाएगी। फिलहाल नजरें 2027 की तय समयसीमा पर टिकी हैं जो इस पूरे प्रोजेक्ट की असली परीक्षा साबित होगी।

  • इंदौर में दर्दनाक हादसा दुल्हन संग लौट रही बारात की कार ट्रक में घुसी 4 की मौत

    इंदौर में दर्दनाक हादसा दुल्हन संग लौट रही बारात की कार ट्रक में घुसी 4 की मौत


    इंदौर ।
    मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया। देर रात हुए इस हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि जिस कार का एक्सीडेंट हुआ उसमें कुल 11 लोग सवार थे और सभी एक शादी समारोह से लौट रहे थे।

    घटना खुड़ैल थाना क्षेत्र के ट्रेंचिंग ग्राउंड के पास की है जहां दुल्हन को लेकर लौट रही बारात की कार अचानक हादसे का शिकार हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सामने चल रहे एक मालवाहक वाहन ने अचानक ब्रेक लगा दिया जिससे पीछे तेज रफ्तार में आ रही कार संभल नहीं पाई और सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही चीख पुकार मच गई।

    इस हादसे में इरफान आरिश फरहान और रहीश खान की मौके पर ही मौत हो गई। सभी मृतक सदर बाजार क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। वहीं हादसे में घायल हुए अन्य लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और जैसे ही घटना की खबर परिजनों तक पहुंची वे बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए। अपनों की मौत की खबर सुनकर गुस्साए परिजनों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया और आक्रोश में आकर दुर्घटनाग्रस्त वाहन में आग लगाने की भी कोशिश की। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद हालात को काबू में किया।

    पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश देकर शांत कराया और यातायात बहाल कराया गया। प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण ट्रक चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाना बताया जा रहा है हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि दुर्घटना के पीछे की सटीक वजह सामने आ सके।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े करता है। तेज रफ्तार और लापरवाही किस तरह पल भर में कई जिंदगियां छीन सकती है यह घटना उसका दर्दनाक उदाहरण बन गई है। शादी जैसे खुशी के मौके से लौट रहे परिवार के लिए यह सफर जिंदगी का सबसे बड़ा हादसा बन गया जिसने कई घरों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।

  • किसानों के लिए बड़ी खबर मध्यप्रदेश में 3627 केंद्रों पर गेहूं खरीदी शुरू तैयारी पूरी

    किसानों के लिए बड़ी खबर मध्यप्रदेश में 3627 केंद्रों पर गेहूं खरीदी शुरू तैयारी पूरी


    भोपाल । मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। 10 अप्रैल से प्रदेश के इंदौर उज्जैन भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसके साथ ही पंजीकृत किसान 7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे ताकि वे तय समय पर अपने उपज को बेच सकें और अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके।

    प्रदेश के अन्य संभागों में यह प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू होगी जिससे पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से खरीदी सुनिश्चित की जा सके। इस बार गेहूं उपार्जन के लिए किसानों ने बड़े पैमाने पर पंजीयन कराया है। आंकड़ों के अनुसार लगभग 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है जो इस बात का संकेत है कि इस बार खरीदी का दायरा और भी व्यापक रहने वाला है।

    राज्य सरकार ने भी इस बार व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे मध्यप्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं जहां किसानों से गेहूं की खरीदी की जाएगी। अनुमान है कि इस सीजन में करीब 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है और अतिरिक्त बारदाना खरीदने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है ताकि कहीं कोई कमी न रह जाए।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। बिजली पानी बैठने की व्यवस्था छाया प्रसाधन और पार्किंग जैसी सुविधाएं हर केंद्र पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को लंबी कतारों में न खड़ा रहना पड़े और उनकी उपज का तौल समय पर हो सके।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों का गहन निरीक्षण किया जाए और तौल कांटों की सटीकता को लेकर किसी भी तरह की शिकायत की गुंजाइश न रहे। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसानों के खातों में भुगतान समय पर और पारदर्शी तरीके से किया जाए ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

    इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने किसानों की स्थिति को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि किसान पहले से ही कई समस्याओं का सामना कर रहा है ऐसे में सरकार को और संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए।

    कुल मिलाकर देखा जाए तो मध्यप्रदेश में इस बार गेहूं खरीदी को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है और कोशिश की जा रही है कि किसानों को अधिकतम सुविधा और न्यूनतम परेशानी के साथ उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। यह खरीदी अभियान न केवल किसानों की आय को मजबूत करेगा बल्कि राज्य की कृषि व्यवस्था को भी नई दिशा देगा।

  • अलर्ट जारी! मध्य प्रदेश के 24 जिलों में आंधी-बारिश का खतरा, मौसम रहेगा अस्थिर

    अलर्ट जारी! मध्य प्रदेश के 24 जिलों में आंधी-बारिश का खतरा, मौसम रहेगा अस्थिर

    भोपाल। मध्य प्रदेश में 9 अप्रैल तक आंधी-बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। सक्रिय टर्फ सिस्टम के चलते सोमवार को ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कुल 24 जिलों में इसका असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 7 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम भी सक्रिय हो रहा है, जिससे गतिविधियां और बढ़ेंगी।

    सोमवार को जिन जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल सिस्टम सक्रिय है और 7 अप्रैल से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी असर दिखाएगा। इसके चलते कहीं तेज आंधी तो कहीं बारिश की स्थिति बन सकती है।

    इससे पहले 4 और 5 अप्रैल को प्रदेश में मौसम ने जोरदार करवट ली थी। शनिवार को 14 जिलों में ओलावृष्टि हुई, जबकि 39 जिलों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, अनूपपुर, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, कटनी, बड़वानी, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, भोपाल, विदिशा, राजगढ़, खरगोन, धार, इंदौर, मंदसौर और खंडवा में बारिश दर्ज की गई। ओलावृष्टि मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, छतरपुर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, बैतूल, नरसिंहपुर और सागर जिलों में हुई। इसके साथ ही कई इलाकों में तेज हवाएं भी चलीं।

    हवा की रफ्तार की बात करें तो जबलपुर में 59 किमी/घंटा, सागर में 54 किमी/घंटा, बड़वानी में 50 किमी/घंटा, शिवपुरी में 43 किमी/घंटा, कटनी, मुरैना और अशोकनगर में 41 किमी/घंटा, सीधी, गुना और ग्वालियर में 37 किमी/घंटा, इंदौर और रीवा में 33 किमी/घंटा, चित्रकूट और सतना में 31 किमी/घंटा, मंदसौर और धार में 28 किमी/घंटा तथा बैतूल में 26 किमी/घंटा की रफ्तार दर्ज की गई।

    रविवार को भी मौसम में बदलाव बना रहा, जहां कई स्थानों पर आंधी और बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी तेज हवाएं चलेंगी। कुछ जिलों में हवा की गति 50 से 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है।

  • MP Politics: विधायक संजय पाठक का अनोखा ऐलान, 51% से कम समर्थन मिला तो छोड़ देंगे कुर्सी

    MP Politics: विधायक संजय पाठक का अनोखा ऐलान, 51% से कम समर्थन मिला तो छोड़ देंगे कुर्सी


    कटनी।
    मध्य प्रदेश की राजनीति में एक अलग तरह का प्रयोग सामने आया है। प्रदेश के चर्चित और संपन्न विधायकों में गिने जाने वाले संजय सतेंद्र पाठक ने अपने कार्यकाल के बीच ही जनता से खुद का मूल्यांकन कराने का बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद वे अपने विधानसभा क्षेत्र में “जनादेश” कराएंगे। यदि इस प्रक्रिया में उन्हें 51 प्रतिशत से कम समर्थन मिला, तो वे तत्काल इस्तीफा दे देंगे।

    कटनी जिले की विजयराघवगढ़ विधानसभा से विधायक पाठक ने यह घोषणा कैमोर नगर परिषद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर यह परखा जाना चाहिए कि वे विधायक बने रहने योग्य हैं या नहीं।

    उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनादेश के जरिए जनता से सीधे पूछा जाएगा कि उनके ढाई साल के कामकाज को कितने अंक मिलते हैं। यदि 51 प्रतिशत से अधिक समर्थन मिला तो वे पद पर बने रहेंगे, अन्यथा इस्तीफा देकर घर बैठ जाएंगे।

    विधायक ने यह भी बताया कि वे मई-जून के आसपास इस प्रक्रिया को दोबारा अपनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके तहत वे घर-घर जाकर लोगों से फीडबैक लेंगे और खुद को जनता के “कटघरे” में रखेंगे।

    गौरतलब है कि यह प्रयोग वे पहले भी कर चुके हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले भी उन्होंने अपने क्षेत्र में जनादेश कराया था। चार दिन चली इस प्रक्रिया में 75 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने उनके पक्ष में समर्थन दिया था। कुल 2.33 लाख मतदाताओं में से करीब 1.37 लाख लोगों ने मतदान किया था, जिसमें से लगभग 1.03 लाख मत उनके समर्थन में पड़े थे।

    हालांकि, संजय सतेंद्र पाठक हाल के समय में कई विवादों के कारण सुर्खियों में भी रहे हैं। सहारा जमीन घोटाला, एक्सिस माइनिंग से जुड़ा मामला और करोड़ों के जुर्माने सहित अन्य मुद्दे उनके लिए चुनौती बने हुए हैं।

    ऐसे में उनका यह नया राजनीतिक दांव आने वाले समय में उनके लिए राह आसान करेगा या नई मुश्किलें खड़ी करेगा, यह देखना दिलचस्प होगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश की राजनीति में एक नई परंपरा की शुरुआत भी कर सकती है।

  • MP को बड़ी सौगात… 22 Km 4-लेन टाइगर कॉरिडोर के लिए 758 करोड़ रुपये स्वीकृत

    MP को बड़ी सौगात… 22 Km 4-लेन टाइगर कॉरिडोर के लिए 758 करोड़ रुपये स्वीकृत


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इटारसी-बैतूल सेक्शन (Itarsi-Betul section.) में स्थित 22 किलोमीटर लंबे ‘टाइगर कॉरिडोर’ (‘Tiger Corridor’) को अब चार लेन हाईवे (Four Lane Highway) में विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार (Central Government) ने इस परियोजना के लिए 758 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी और विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से इटारसी-बैतूल क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलेंगी।

    NH-46 को मिलेगी स्पीड
    राष्ट्रीय राजमार्ग-46 (NH-46) के इस हिस्से को चार लेन में अपग्रेड करने से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से न केवल आम लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि कृषि और खनिज आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह इलाका कोयला, तांबा, ग्रेफाइट और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, जिससे माल ढुलाई तेज और सुरक्षित हो सकेगी।


    जानिए कहां से कहां को जुड़ेगा

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, इस परियोजना के तहत 11 विशेष अंडरपास और ओवरपास बनाए जाएंगे, जिससे वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित किया जा सके। इससे सड़क दुर्घटनाओं और जानवरों की मौत में कमी आने की संभावना है।

    यह कॉरिडोर बैतूल को आगे नागपुर से जोड़ेगा, जिससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच संपर्क और बेहतर होगा। इसके अलावा, ग्वालियर-बैतूल कॉरिडोर के इस शेष हिस्से के चार लेन बनने से पूरा मार्ग हाई-स्पीड कनेक्टिविटी वाला बन जाएगा।


    समय की होगी बचत

    परियोजना के पूरा होने से न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी। साथ ही सतपुरा टाइगर रिजर्व, महादेव नेशनल पार्क और रातापानी वाइल्डलाइफ सेंचुरी जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

  • MP: ओबेदुल्लागंज के वेयर हाउस में सड़ गया 35 करोड़ रुपये कीमत का हजारों टन गेहूं!

    MP: ओबेदुल्लागंज के वेयर हाउस में सड़ गया 35 करोड़ रुपये कीमत का हजारों टन गेहूं!


    रायसेन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रायसेन (Raisen) से चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां ओबेदुल्लागंज (Obedullaganj) के वेयर हाउस (Warehouses) में रखे हजारों टन गेहूं (Thousands Tons Wheat) के खराब होने की बात कही जा रही है. करीब 35 करोड़ रुपये कीमत का गेहूं सड़ गया, जबकि इसे बचाने के नाम पर भारी खर्च भी किया गया.

    वेयर हाउस में करीब 22 हजार टन गेहूं लंबे समय तक रखा रहा. इसे सुरक्षित रखने के लिए 30 से ज्यादा बार कीटनाशक छिड़काव किया गया, लेकिन हालत इतनी खराब हो गई कि यह अनाज अब उपयोग के लायक भी नहीं बचा. गेहूं से दुर्गंध आने की बात कही जा रही है. वह पशुओं के चारे के लिए भी अनुपयोगी हो चुका है।

    इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतना बड़ा स्टॉक वेयर हाउस में सालों तक क्यों रखा गया और समय रहते इसकी निकासी या उपयोग क्यों नहीं किया गया? जानकारी सामने आई है कि यह गेहूं मूल रूप से सीहोर जिले के बख्तरा से साल 2022 में यहां शिफ्ट किया गया था, जबकि उससे पहले भी इसके खराब होने की आशंका जताई जा चुकी थी।

    किसान नेता राहुल गौर ने कहा कि नूरगंज और देववटिया वेयर हाउस का मामला संज्ञान में आया. मैंने जानकारी ली तो पता चला कि गेहूं 16-17 में बख्तरा में तुला था. साल 2022 में इसे नूरगंज और देववटिया शिफ्ट किया गया. ये गेहूं शिफ्ट होते समय अधिकारियों के द्वारा बता दिया गया था कि ये गेहूं खराब हो चुका है. गेहूं की आज ये स्थिति है कि आप उस क्षेत्र में अगर खड़े होते हैं तो वो गेहूं वेयर हाउस के बाहर स्मेल कर रहा है. 35 करोड़ के गेहूं पर 150 करोड़ शासन खर्च कर चुका है।

    वेयर हाउस कॉरपोरेशन औबेदुल्लागंज के प्रबंधक सीएस डूडवे ने कहा कि 2022 में 22,900 मीट्रिक टन गेहूं आया था. उसके बाद डिलिवरी भी हो गई. अभी 12,300 मीट्रिक टन बचा हुआ है. बखतरा से ही खराब आया था. इस गेहूं को लेकर शासन स्तर से कार्यवाही होगी।

    शाखा प्रबंधक होने के नाते रेगुलर पत्राचार कर रहे हैं और शासन के संज्ञान में ला रहे हैं. जितना जल्दी हो सके, इसका निराकरण कराने का प्रयास कर रहे हैं. ये है कि जल्दी निराकरण हो जाए तो अच्छा है. स्पेस मिल जाए और नए उपार्जन का भंडारण भी हो जाए. यहां से रेगुलर पत्राचार किया जा रहा है।


    पूरे मामले को लेकर तहसीलदार ने क्या कहा?

    तहसीलदार नीलेश सरवटे ने कहा कि अभी ये बात संज्ञान में आई है. वरिष्ठों को भी इसकी जानकारी है. इस पूरे मामले की जांच होगी और विस्तृत जांच के बाद जो भी निर्णय होगा, वो वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।

    कलेक्टर के निर्देश पर गोरगंज तहसील के सभी वेयर हाउस एक-एक कर चेक किए जा रहे हैं. कल कई गोदाम चेक कर लिए हैं. विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही जो वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्णय लिया जाएगा, जैसे निर्देश होंगे, वैसे कार्य किया जाएगा. अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है, रिपोर्ट आने के बाद जो भी निर्णय होगा, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

    प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है. सवाल यह है कि अगर गेहूं पहले से खराब था, तो उसे बार-बार शिफ्ट करने और लंबे समय तक स्टोर रखने की अनुमति किसने दी? और अगर यह स्टॉक समय रहते उपयोग में नहीं लाया गया, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? फिलहाल प्रशासन जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि खराब गेहूं को नीलाम किया जाएगा या नष्ट किया जाएगा।