Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर को बड़ी राहत, सरवटे–गंगवाल रोड प्रोजेक्ट फिर शुरू, अब 80 नहीं बल्कि 60 फीट चौड़ी बनेगी सड़क

    इंदौर को बड़ी राहत, सरवटे–गंगवाल रोड प्रोजेक्ट फिर शुरू, अब 80 नहीं बल्कि 60 फीट चौड़ी बनेगी सड़क


    इंदौर
    शहर में लंबे समय से अटकी पड़ी एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना अब फिर से शुरू होने जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरवटे से गंगवाल बस स्टैंड के बीच बनने वाली यह सड़क पिछले कई महीनों से विवाद और तकनीकी कारणों के चलते अधूरी पड़ी थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने पर सहमति बन गई है।

    शुरुआत में इस सड़क को 80 फीट चौड़ा करने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन स्थानीय निवासियों की आपत्तियों और लगातार चल रहे विरोध के बाद इसमें बदलाव किया गया है। अब यह सड़क 60 फीट चौड़ाई के साथ विकसित की जाएगी। इस निर्णय के बाद परियोजना को मंजूरी मिल गई है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है।

    यह सड़क निर्माण कार्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत शुरू किया गया था, लेकिन बीच में फंडिंग और तकनीकी अड़चनों के कारण काम रुक गया। इसके अलावा बाधक निर्माणों को हटाने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई थी, जिससे परियोजना लंबे समय तक अधर में लटकी रही।

    स्थानीय स्तर पर इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए गए और बजट की व्यवस्था भी की गई, लेकिन निर्माण कार्य फिर भी शुरू नहीं हो सका। अब नए वर्क ऑर्डर और संशोधित चौड़ाई के साथ इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

    चौड़ाई कम करने के फैसले के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच सहमति बन गई है, जिससे अब विवाद की स्थिति समाप्त हो गई है। माना जा रहा है कि इस सड़क के बनने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और रोजमर्रा की आवाजाही आसान हो जाएगी।

    यह परियोजना पूरी होने के बाद सरवटे से गंगवाल बस स्टैंड के बीच का इलाका अधिक व्यवस्थित और सुगम बन सकेगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सालभर से रुकी यह योजना कितनी तेजी से पूरी होती है और लोगों को इसका वास्तविक लाभ कब तक मिलता है।

  • भोजशाला मामले में अब जैन समाज की एंट्री…. मांगी पूजा की इजाजत… ASI पर लगाया ये आरोप

    भोजशाला मामले में अब जैन समाज की एंट्री…. मांगी पूजा की इजाजत… ASI पर लगाया ये आरोप


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में धार (Dhar ) की ऐतिहासिक भोजशाला (Historic Bhojshala) को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर खंडपीठ (Indore Bench) में चल रही सुनवाई अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। अब इस बहुचर्चित विवाद में जैन समाज की एंट्री ने कानूनी और धार्मिक बहस को और तेज कर दिया है। जैन समाज की ओर से दायर जनहित याचिका में दावा किया गया है कि भोजशाला मूल रूप से जैन धरोहर रही है, जहां प्राचीन काल में जैन गुरुकुल और मंदिर संचालित होते थे।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जैन समाज की जनहित याचिका को मुख्य याचिका के साथ टैग कर लिया। इसके बाद अब भोजशाला विवाद में जैन पक्ष की कानूनी मौजूदगी भी मजबूत से दर्ज हो गई है। इस मामले में बुधवार को इंदौर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जैन समाज की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश प्रसाद राजभर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पक्ष रखा।

    राजभर ने ऐतिहासिक दस्तावेजों और प्राचीन संदर्भों का हवाला देते हुए कोर्ट को बताया कि राजा भोज ने यह भूमि जैन आचार्य मानतुंग को दान में दी थी। मानतुंग वही आचार्य हैं जिन्होंने जैन धर्म के प्रसिद्ध धार्मिक सूत्र ‘भक्तामर स्तोत्र’ की रचना की थी। उन्होंने दावा किया कि भोजशाला परिसर में कभी जैन मंदिर और गुरुकुल हुआ करता था, साथ ही उन्होंने भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप पर जोर देते हुए कहा, ‘देश के संविधान के तहत जैन धर्म के अनुयायियों को भोजशाला परिसर में पूजा का अधिकार है।’


    भोजशाला की संरचना में जैन वास्तुकला का स्पष्ट उल्लेख

    राजभर ने तर्क दिया कि धार के राजा भोज हिंदू और जैन, दोनों धर्मों के विद्वानों के संरक्षक थे। उनके अनुसार भोजशाला में संचालित शिक्षण केंद्र में जैन विद्वान भी मौजूद थे। राजभर ने ऐतिहासिक लेखों और पुरातात्विक सामग्री के हवाले से दावा किया कि भोजशाला की संरचना के कुछ हिस्सों में जैन वास्तुकला का स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है।


    कुछ-कुछ देलवाड़ा के जैन मंदिरों जैसी है स्थापत्य कला

    उन्होंने शिमला की ‘गवर्नमेंट सेंट्रल प्रेस’ द्वारा 1882 में प्रकाशित रिपोर्ट और अन्य प्रकाशनों का जिक्र भी किया जिसमें विवादित परिसर की मस्जिद के कुछ हिस्सों को जैन समुदाय से जुड़ी इमारतों के अवशेषों से निर्मित बताया गया था और इसके कुछ गुंबदों तथा खंभों की तुलना माउंट आबू स्थित प्रसिद्ध देलवाड़ा जैन मंदिरों से की गई थी।


    ‘लंदन में रखी मूर्ति जैन यक्षिणी अम्बिका देवी की’

    राजभर ने कुछ चित्रों और संग्रहालय के विवरणों का हवाला देते हुए कहा कि लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में रखी जिस मूर्ति को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) की प्रतिमा बता रहा है, वह असल में जैन यक्षिणी अम्बिका की मूर्ति है। उन्होंने तर्क दिया कि इस मूर्ति में जैन तीर्थंकरों के प्रतीक चिन्ह हैं और यह विशिष्ट खूबी इसे देवी सरस्वती की हिंदू शैली की प्रतिमाओं से अलग करती है।


    राजभर बोले- सरकार का रवैया संदेह पैदा कर रहा

    राजभर ने यह भी कहा कि एएसआई ने भोजशाला के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में इस स्मारक से जैन समुदाय के ऐतिहासिक संबंधों को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार विवादित स्मारक को लेकर एक वर्ग के दावों का सीधे तौर पर समर्थन कर रही है और उसका यह रवैया संदेह उत्पन्न करता है।


    ASI पर लगाया जैन सबूतों को अनदेखा करने का आरोप

    उधर जैन समाज की तरफ से अधिवक्ता प्रिया जैन ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस मामले की जानकारी दी और दावा किया कि ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) की हालिया सर्वे रिपोर्ट में भोजशाला में मिले जैन सबूतों को अनदेखा किया गया। प्रिया के अनुसार ASI की खुदाई व सर्वे में भोजशाला से जैन तीर्थंकरों और यक्ष-यक्षणियों की कई खंडित मूर्तियां मिली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एएसआई ने अपनी रिपोर्ट में इन अवशेषों को स्पष्ट रूप से जैन धर्म से जुड़ा नहीं बताया।


    जैन तीर्थकरों और यक्ष-यक्षणियों की खंडित मूर्तियां मिलीं

    प्रिया जैन के मुताबिक सर्वे के दौरान सात फणों वाली ‘सप्त फणी कैनोपी’ संरचना भी सामने आई है, जो जैन प्रतीकों से मेल खाती है। उन्होंने कहा कि जैन समाज की यह लड़ाई किसी धर्म के विरोध में नहीं, बल्कि ऐतिहासिक सच्चाई और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर है। जैन समाज ने यह भी दावा किया कि लंदन में संरक्षित वाग्देवी प्रतिमा और उससे जुड़े शिलालेख भोजशाला के जैन इतिहास की पुष्टि करते हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर समाज ने भोजशाला परिसर में पूजा-अर्चना के समान अधिकार की मांग हाईकोर्ट से की है।

    हिंदू समाज जिसे देवी सरस्वती की मूर्ति बताता है, वह असल में जैन धर्म की यक्षिणी अम्बिका देवी की मूर्ति है। फोटो में लंदन म्यूजियम में रखी मूर्ति व उसके साथ लिखा उसका परिचय दिख रहा है।


    खुर्शीद ने लंदन में रखी मूर्ति को लेकर भी किया था अलग दावा

    इससे पहले कुछ दिनों पहले हुई मामले की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने कहा था कि धार में स्थित भोजशाला पर पहला हमला मुस्लिमों ने नहीं, बल्कि गुजरात के सोलंकी शासकों ने किया था, साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि लंदन के म्यूजियम में रखी जिस प्रतिमा को हिंदू समाज वाग्देवी की बता रहा है वह असल में जैन समुदाय की देवी अम्बिका की मूर्ति है। अपने दावे के समर्थन में खुर्शीद ने लेखक रामसेवक गर्ग की लिखी पुस्तक और 2003 में लिखे गए ब्रिटिश म्यूजियम के पत्र का हवाला भी दिया था। उन्होंने कोर्ट को बताया था कि ‘धार को पहले गुजरात के सोलंकी शासकों ने तहस-नहस किया था, जबकि मुस्लिम शासकों ने उजड़े ढांचे को फिर से व्यवस्थित किया था।’

    इसके साथ ही खुर्शीद ने साल 2003 में ब्रिटिश उच्चायोग की ओर से मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भेजे पत्र का हवाला दिया था और यह दावा भी किया कि लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम में रखी जिस मूर्ति को हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ता भोजशाला की वाग्देवी (देवी सरस्वती) की प्रतिमा बता रहे हैं, वह असल में जैन समुदाय की देवी अम्बिका की मूर्ति है। बता दें कि भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह विवादित परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा संरक्षित है।

  • मालवा उत्सव 2026 की धूम: इंदौर में 21 राज्यों की लोक परंपराओं का शानदार प्रदर्शन

    मालवा उत्सव 2026 की धूम: इंदौर में 21 राज्यों की लोक परंपराओं का शानदार प्रदर्शन


    नई दिल्ली।  इंदौर के दशहरा मैदान में मालवा उत्सव 2026 का रंगारंग शुभारंभ हुआ। देशभर के 21 राज्यों के 400 कलाकारों और 450 शिल्पकारों ने अपनी लोक संस्कृति, नृत्य और कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सात दिवसीय यह सांस्कृतिक महाकुंभ 12 मई तक चलेगा।

    दीप प्रज्वलन के साथ हुआ उत्सव का आगाज

    इंदौर के दशहरा मैदान में आयोजित इस भव्य आयोजन का उद्घाटन सांसद शंकर लालवानी ने दीप प्रज्वलित कर किया। सात दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।

    मालवी मटकी नृत्य ने जीता दिल

    कार्यक्रम की शुरुआत मालवा की पहचान मानी जाने वाली पारंपरिक मालवी मटकी नृत्य से हुई। रंग-बिरंगी पोशाकों में कलाकारों ने सिर पर मटकी और हाथों में छतरियां लेकर ऐसी प्रस्तुति दी कि दर्शक तालियां बजाने पर मजबूर हो गए।

    21 राज्यों की लोक संस्कृति का अद्भुत संगम

    इस उत्सव में गुजरात, गोवा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र सहित 21 राज्यों के कलाकार शामिल हैं। हर राज्य ने अपनी अनूठी परंपरा और लोक कला से मंच को जीवंत कर दिया।

    सिद्धि धमाल और गरबा ने बांधा समां

    गुजरात के सिद्धि धमाल कलाकारों ने सिर से नारियल फोड़कर साहसिक प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वहीं पारंपरिक गरबा रास और झाला वारी रास में भगवान कृष्ण की भक्ति और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला।

    आदिवासी और लोक नृत्यों की झलक
    भील समुदाय का भगोरिया नृत्य आदिवासी जीवन की झलक दिखा गया
    तेलंगाना का गुस्साडी नृत्य मोरपंखों से सजे कलाकारों के साथ आकर्षण का केंद्र बना
    गोवा का कुनबी नृत्य मछुआरा समुदाय की जीवनशैली को दर्शाता नजर आया
    छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने गेडी नृत्य से संतुलन और कौशल का प्रदर्शन किया
    महाराष्ट्र के धनगरी गाजा नृत्य ने धार्मिक परंपरा को मंच पर जीवंत किया
    शास्त्रीय और धार्मिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

    स्थानीय कलाकारों ने राम स्तुति, कालिया मर्दन और हनुमान चालीसा पर आधारित प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्ति भाव से भर दिया। वहीं ओडिसी नृत्य ने शास्त्रीय कला की गरिमा को खूबसूरती से दर्शाया।

    शिल्प बाजार बना आकर्षण का केंद्र

    उत्सव परिसर में सजे शिल्प बाजार में देशभर के हस्तशिल्प और पारंपरिक कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। यह बाजार प्रतिदिन शाम 4 बजे से आम जनता के लिए खुला रहेगा।

    जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

    उद्घाटन समारोह में विधायक महेंद्र हार्डिया सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। पूरे आयोजन में सांस्कृतिक एकता और भारतीय परंपराओं की झलक स्पष्ट दिखाई दी।

  • मेटा का हाईकोर्ट में बयान: इंस्टाग्राम डेटा केवल सरकार के साथ साझा, यूजर्स की निजता पर जोर

    मेटा का हाईकोर्ट में बयान: इंस्टाग्राम डेटा केवल सरकार के साथ साझा, यूजर्स की निजता पर जोर


    नई दिल्ली। Meta Platforms ने अदालत को बताया कि इंस्टाग्राम की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सेवा जारी रहेगी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि पॉलिसी में बदलाव केवल इतना है कि यदि किसी आपराधिक जांच या कानूनी प्रक्रिया के तहत सरकार जानकारी मांगेगी, तभी डेटा उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी ने यह भी कहा कि किसी भी तीसरे पक्ष को यूजर्स का डेटा नहीं दिया जाएगा, जिससे निजता का संरक्षण सुनिश्चित रहेगा।

    इंस्टाग्राम की नई नीति पर विवाद
    Instagram की ओर से 8 मई से एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सेवा में बदलाव की सूचना दी गई थी, जिसके बाद इसे लेकर याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह बदलाव यूजर्स की प्राइवेसी के अधिकार का उल्लंघन कर सकता है।

    कपिल सिब्बल ने दी नीति की कानूनी व्याख्या
    वरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal ने अदालत में कहा कि कंपनी पूरी तरह कानून के दायरे में काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम या आपराधिक मामलों की जांच के तहत ही सरकार को डेटा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी तरह की निजी जानकारी सार्वजनिक या तीसरे पक्ष को साझा नहीं की जाएगी।

    डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड पर उठे सवाल
    सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम के तहत बनाए गए डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ऑफ इंडिया में अभी तक नियुक्तियां नहीं हुई हैं। इसी वजह से शिकायत सीधे अदालत में दायर करनी पड़ी।

    कोर्ट का रुख और आगे की प्रक्रिया
    अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए Meta Platforms से छह सप्ताह के भीतर विस्तृत लिखित जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई में कंपनी की नीति और स्पष्ट हो सकती है।

  • MP: आज ग्वालियर समेत 11 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बढ़ेगी गर्मी

    MP: आज ग्वालियर समेत 11 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बढ़ेगी गर्मी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवातीय परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर सहित 11 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है।

    अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण अगले दो दिन तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। वहीं दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के 44 जिलों में गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। कई शहरों में दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर में तापमान में अधिक बढ़ोतरी हो सकती है।

    अगले 4 दिन मौसम रहेगा बदला-बदला
    मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिन तक प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रहेगा। अगले दो दिन कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 9 और 10 मई को गर्मी का प्रभाव पूरे प्रदेश में बढ़ जाएगा।

    लगातार सातवें दिन भी बारिश
    बुधवार को प्रदेश में लगातार सातवें दिन भी कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। धार सहित कई क्षेत्रों में मौसम बदला रहा। मई की शुरुआत में लगातार हुई बारिश से फिलहाल गर्मी से राहत बनी हुई है और अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है।

    10 मई से फिर बदलेगा मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार 10 मई से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर अगले दो दिनों में दिखाई दे सकता है। वर्तमान में प्रदेश के मध्य और ऊपरी हिस्से में दो चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय हैं, जबकि पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसी वजह से प्रदेश में मौसम में लगातार बदलाव बना हुआ है।

  • 10 लाख की डील, 5 लाख में ‘सेटलमेंट’ का आरोप; होटल में बंधक बनाकर तस्करों से वसूली का खुलासा

    10 लाख की डील, 5 लाख में ‘सेटलमेंट’ का आरोप; होटल में बंधक बनाकर तस्करों से वसूली का खुलासा


    नई दिल्ली।  इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में तस्कर आरिफ और उसके साथी वसीम को होटल में बंधक बनाकर मारपीट और अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक दोनों को एक होटल में रखा गया, जहां पूछताछ के दौरान मारपीट की गई और माल के बारे में सवाल किए गए। आरिफ ने आरोप लगाया कि उससे जब्त माल और आपूर्ति को लेकर पूछताछ की गई और दबाव बनाया गया।

    10 लाख की डील, 5 लाख में ‘छुट्टी’ का दावा
    तस्कर आरिफ के बयान के अनुसार उसे छोड़ने के लिए पहले 10 लाख रुपए की मांग की गई थी। बाद में मामला 5 लाख रुपए में तय होने की बात सामने आई। आरोप है कि पैसे देने के बाद ही उसे छोड़ा गया।
    रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस पूरी बातचीत में पुलिस अधिकारियों और उनके संपर्कों की भूमिका सामने आई है।

    फाइव स्टार होटल में रखकर पूछताछ का आरोप
    रिपोर्ट के अनुसार आरिफ और वसीम को एक होटल में रखा गया था, जहां उनसे लगातार पूछताछ की गई। इसी दौरान कथित रूप से मारपीट और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। आरिफ ने यह भी दावा किया कि उसके एक कस्टमर को बुलाकर भी पुलिस कार्रवाई की गई और बाद में पैसे लेकर छोड़ दिया गया।

    मोबाइल में नकली नोटों का वीडियो, फिर कार्रवाई का दावा
    रिपोर्ट में बताया गया कि एक आरोपी के मोबाइल में नकली नोटों से जुड़े वीडियो मिले थे। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ने और पूछताछ करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान कई लेन-देन और वसूली के आरोप सामने आए।

    पत्नी ने गोल्ड लोन लेकर चुकाए पैसे
    आरिफ ने अपने बयान में दावा किया कि पैसे जुटाने के लिए उसकी पत्नी ने गोल्ड लोन लिया। इसके बाद कथित रूप से 1 लाख रुपए देकर उसे छोड़ा गया।

    जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप
    12 पेज की जांच रिपोर्ट में एएसआई, प्रधान आरक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ मामलों में नियंत्रण और प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
    हालांकि, अभी तक रिपोर्ट पर अंतिम कार्रवाई लंबित है और मामला विभागीय स्तर पर जांच के घेरे में है।

    विभाग में मचा हड़कंप
    मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जांच रिपोर्ट को लेकर कई स्तरों पर समीक्षा की जा रही है और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

  • आटे में छिपे बम से 4 गायों का जबड़ा लटका, 2 की मौत; बैतूल की घटना ने झकझोरा

    आटे में छिपे बम से 4 गायों का जबड़ा लटका, 2 की मौत; बैतूल की घटना ने झकझोरा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक दर्दनाक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। शाहपुर के कोयलारी गांव में आटे में छिपाकर रखे गए विस्फोटक को गायों ने खा लिया, जिससे हुए धमाके में 2 गायों की मौत हो गई और 4 गायें व एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

    घटना 5 मई की है जब कोयलारी गांव के तालाब के पास गायें पानी पीने पहुंचीं। वहां खेत किनारे आटे और दाल में लिपटे विस्फोटक गोले रखे गए थे। भूखी गायों ने उन्हें चारा समझकर खा लिया। जैसे ही उन्होंने इन्हें चबाया, जोरदार धमाका हुआ और मवेशियों के जबड़े बुरी तरह फट गए।
    धमाके में दो गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 4 गायें और एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गए।

    गंभीर हालत: जबड़ा लटका, खाना-पानी बंद
    घायल पशुओं की स्थिति बेहद गंभीर है। उनका निचला जबड़ा पूरी तरह टूटकर लटक गया है। कई पशुओं के गले और आहार नली तक पत्थर पहुंच गए हैं, जिससे वे न तो खाना खा पा रहे हैं और न ही पानी पी पा रहे हैं।
    पशु चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत नाजुक है और अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। बचने की संभावना बहुत कम बताई जा रही है।

    मौके से मिले और विस्फोटक, बम स्क्वॉड की कार्रवाई
    सूचना मिलने पर पुलिस और पशु चिकित्सा टीम मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि खेत के पास और भी 9 विस्फोटक गोले छिपाए गए थे। नर्मदापुरम से बम स्क्वॉड बुलाकर इन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया।

    आरोपी गिरफ्तार, ‘सूअर मारने के लिए रखा बम’ बताया
    पुलिस जांच में पता चला कि विस्फोटक कोयलारी गांव निवासी राकेश चौहान के खेत के पास रखे गए थे। घटना के बाद वह फरार हो गया था, जिसे बाद में इटारसी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया।

    पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसने जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए ये “सूअर मार बम” रखे थे और उन पर आटा-दाल चिपका दी थी, ताकि जानवर उन्हें खा लें। पुलिस ने उसके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    डॉक्टरों की चेतावनी: हालत बेहद नाजुक
    पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटक में छोटे पत्थर भी भरे थे, जो मवेशियों के मुंह और आहार नली तक पहुंच गए हैं। इससे अंदरूनी चोटें गंभीर हो गई हैं और जीवित बचने की संभावना बहुत कम है।

    वन्यजीवों के लिए भी खतरा
    वन विभाग ने मामले की जांच वन्यजीव एंगल से भी शुरू कर दी है, क्योंकि यह क्षेत्र सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे “चारा बम” न केवल मवेशियों बल्कि हिरण, नीलगाय और अन्य वन्यजीवों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।

    सुरक्षा पर सवाल
    विशेषज्ञों का कहना है कि आटे में छिपे ऐसे विस्फोटक ग्रामीणों, बच्चों और जानवरों सभी के लिए बड़ा खतरा हैं। पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है।

  • आगरा–मुंबई एनएच पर कांग्रेस का बड़ा चक्काजाम: 7 जगहों पर हाईवे ठप, किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज

    आगरा–मुंबई एनएच पर कांग्रेस का बड़ा चक्काजाम: 7 जगहों पर हाईवे ठप, किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। पार्टी ने आगरा–मुंबई नेशनल हाईवे-52 पर 7 अलग-अलग स्थानों पर चक्काजाम करने का ऐलान किया है। इस आंदोलन की शुरुआत इंदौर के पिगडंबर से सुबह 10:30 बजे हुई, जहां प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीतू पटवारी और हरीश चौधरी मौजूद रहे। कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन किसानों के हितों की अनदेखी और खरीदी व्यवस्था में खामियों के खिलाफ किया जा रहा है।

    7 जगहों पर हाईवे जाम, एबी रोड पर असर

    कांग्रेस ने रणनीति के तहत पूरे हाईवे पर अलग-अलग पॉइंट्स पर प्रदर्शन तय किया है। इंदौर–आगरा–मुंबई मार्ग यानी एबी रोड पर इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। पार्टी का दावा है कि बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, किसानों को सरकार की नीतियों और गेहूं खरीदी व्यवस्था से भारी नुकसान हो रहा है, जिसके विरोध में यह कदम उठाया गया है।

    किसानों की भागीदारी, गांवों में पीले चावल बांटकर अपील

    आंदोलन को सफल बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण इलाकों में भी अभियान चलाया है। कई जगहों पर किसानों को पीले चावल बांटकर प्रदर्शन में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया। मनावर क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों में यह अभियान चलाया गया। कांग्रेस का दावा है कि किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी और आक्रोश दोनों हैं, और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

    पुलिस अलर्ट, भारी ट्रैफिक डायवर्जन लागू

    प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए कई वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं।

    चार पहिया वाहनों को राऊ सर्कल, पीथमपुर, भंवरकुआ और विशालत चौराहा से डायवर्ट किया गया है भारी वाहनों के लिए उज्जैन, बदनावर, लेबड़ और महेश्वर–कसरावद मार्ग सुझाए गए हैं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जाम वाले क्षेत्रों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

    कांग्रेस का आरोप: खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार की गेहूं खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बार-बार स्लॉट बुकिंग और तारीख बढ़ाने से सिस्टम की कमजोरी सामने आ गई है।
     कांग्रेस के अनुसार, शुरुआती दिनों में अपेक्षित खरीदी नहीं हो पाई, जिससे किसानों को भुगतान और प्रक्रिया में लगातार परेशानी हो रही है।

    11 जिलों में असर, राजनीतिक तापमान बढ़ा

    कांग्रेस के इस चक्काजाम आंदोलन से करीब 11 जिलों में यातायात और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। पार्टी इसे किसानों के अधिकारों की लड़ाई बता रही है, जबकि प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की चुनौती मानकर तैयारियों में जुटा है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज गुरुवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह गौरवशाली यात्रा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत निकाली जा रही है। भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–2026 (8 से 11 जनवरी 2026) का शुभारंभ ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर से किया गया है।

    मध्यप्रदेश से पहली बार निकलने वाली इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से 1,100 श्रद्धालुओं का दल सम्मिलित होगा। यह रेलगाड़ी भोपाल और उज्जैन रेलवे स्टेशनों से भी तीर्थयात्रियों को अपने साथ लेकर सोमनाथ की ओर प्रस्थान करेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ की पावन धरा पर आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, दर्शन और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करेंगे।

    संचालक संस्कृति एन.पी. नामदेव ने बताया कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का उद्देश्य देशभर के राज्यों के माध्यम से भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान, हजार वर्षों के संघर्ष और आस्था का स्मरण करना है। यह उत्सव राष्ट्र की गौरवमयी विरासत के उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। यह पर्व केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनरुत्थान और राष्ट्रीय अस्मिता का महाकुंभ है। इसका उद्देश्य देशवासियों को उन हजार वर्षों के लंबे संघर्ष और आस्था की याद दिलाना है, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय सांस्कृतिक ज्योति को बुझने नहीं दिया। सोमनाथ मंदिर, जो हमारे राष्ट्रीय गौरव और अडिग श्रद्धा का प्रतीक है, वहीं से इस पावन पर्व की प्रेरणा ली गई है जिससे भावी पीढ़ी अपनी विरासत पर गर्व कर सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निकाली जा रही यह यात्रा प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय भावना को और अधिक सशक्त करेगी। श्रद्धा और भक्ति के इस अनूठे संगम का समापन 11 मई, 2026 को होगा, जब यह दल सोमनाथ महादेव का आशीर्वाद और सांस्कृतिक गौरव की स्मृतियां लेकर वापस लौटेगा। यह यात्रा जन-जन के मन में स्वाभिमान और श्रद्धा का नया संचार करेगी।

  • मध्यप्रदेश में 3000+ सरकारी नौकरियों का बड़ा मौका, हेल्थ विभाग में 1200 पदों पर भर्ती शुरू

    मध्यप्रदेश में 3000+ सरकारी नौकरियों का बड़ा मौका, हेल्थ विभाग में 1200 पदों पर भर्ती शुरू


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के तहत अस्पताल सहायकों के 1200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आज से शुरू कर दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार 21 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया होगी।
    भर्ती में अनारक्षित वर्ग के लिए 324 पद, ईडब्ल्यूएस के लिए 120 पद, अनुसूचित जाति के लिए 192, अनुसूचित जनजाति के लिए 240 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 324 पद आरक्षित किए गए हैं। दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 72 पद निर्धारित हैं।

    40 हजार से ज्यादा तक वेतन और प्रमोशन के अवसर
    चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतनमान के तहत 15,500 से 49,000 रुपए तक (लेवल-1) वेतन मिलेगा। इसके साथ महंगाई भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाएं भी दी जाएंगी। प्रारंभिक वेतन पोस्टिंग और नियमों के अनुसार तय होगा, जबकि अनुभव के साथ वेतन में वृद्धि होती रहेगी।
    यह पद नियमित श्रेणी का है, जिससे भविष्य में प्रमोशन और करियर ग्रोथ के अवसर भी मिलेंगे।

    आयु सीमा और आरक्षण नियम
    इस भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष तय की गई है। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला उम्मीदवारों और सरकारी कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई है।

    आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। सभी अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले नियमों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करने की सलाह दी गई है।

    आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रिया
    सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपए है, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 250 रुपए निर्धारित किए गए हैं। ऑनलाइन कियोस्क से आवेदन करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। बैकलॉग पदों के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    चयन प्रक्रिया में पहले लिखित परीक्षा होगी, उसके बाद मेरिट सूची तैयार की जाएगी और अंत में दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी।

    6 महीने में 3000 से ज्यादा भर्तियों की तैयारी
    मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने वर्ष 2026 के लिए 10 भर्ती परीक्षाओं का फाइनल शेड्यूल भी जारी कर दिया है। इसके अनुसार, अगले 6 महीनों में 3000 से अधिक पदों पर नियुक्तियां होने की संभावना है, जो आगे और बढ़ भी सकती हैं। कुछ परीक्षाओं की तारीखें आगे बढ़ाई गई हैं, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

    नर्सिंग क्षेत्र में भी बड़ी भर्ती
    इसी बीच लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर के 2646 पदों पर भी भर्ती निकाली गई है। इसके लिए आवेदन 6 अप्रैल से 20 अप्रैल तक किए जा सकते हैं और परीक्षा 15 मई 2026 से प्रस्तावित है।