Category: Madhya Pradesh

  • MP: भिंड-मुरैना समेत 6 जिलों में आज ओलावृष्टि का अलर्ट, 17-18 जून तक प्रदेश में दस्तक दे सकता है मानसून

    MP: भिंड-मुरैना समेत 6 जिलों में आज ओलावृष्टि का अलर्ट, 17-18 जून तक प्रदेश में दस्तक दे सकता है मानसून


    भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री अब 3 से 4 दिन की देरी से होने के संकेत हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून 17 से 18 जून के बीच प्रदेश के दक्षिणी जिलों में पहुंच सकता है। अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो अगले 10 से 15 दिनों के भीतर यह पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा।

    मानसून के आगमन से पहले प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक शुक्रवार को मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बुरहानपुर, खंडवा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है। आंधी की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है।

    इन जिलों में बरकरार रहेगा गर्मी का असर
    मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन जिलों में आंधी या बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। ऐसे में इन क्षेत्रों में गर्मी का असर जारी रहने की संभावना है।

    ग्वालियर में आधा इंच बारिश, कई जिलों में बदला मौसम
    गुरुवार को प्रदेश में आंधी और बारिश के बीच गर्मी का प्रभाव भी बना रहा। ग्वालियर में करीब आधा इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं मंडला, सिवनी, दतिया समेत कई जिलों में शाम तक बारिश हुई। दूसरी ओर कई शहरों के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रदेश के प्रमुख शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबलपुर में 41.3 डिग्री, भोपाल और उज्जैन में 39.7 डिग्री तथा इंदौर में 38 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    खजुराहो और नौगांव रहे सबसे गर्म
    प्रदेश में सबसे अधिक तापमान खजुराहो और नौगांव में 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा दमोह में 42.8 डिग्री, सतना में 42.7 डिग्री, रीवा में 42.5 डिग्री, दतिया में 42.2 डिग्री, टीकमगढ़ और मंडला में 42 डिग्री, उमरिया में 41.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 41.4 डिग्री, मलाजखंड में 41.1 डिग्री, रायसेन और राजगढ़ में 41 डिग्री, गुना में 40.7 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री, सागर में 40.4 डिग्री तथा श्योपुर में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    ब्रेक के बाद फिर सक्रिय हुआ मानसून
    मौसम विभाग के अनुसार एक दिन के विराम के बाद 11 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से प्रगति की है। यदि मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और 17 या 18 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।

    इन मौसम प्रणालियों का दिख रहा असर
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से से एक टर्फ लाइन गुजर रही है। इसके साथ ही ऊपरी हवा में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक अन्य ट्रफ सक्रिय है। इन्हीं मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।

  • भोपाल में बच्चों के लिए नई पहल: शुरू होगा ‘लिटिल रीडर्स क्लब’, कहानी, क्विज और क्रिएटिव एक्टिविटी से बढ़ेगा पढ़ने का शौक

    भोपाल में बच्चों के लिए नई पहल: शुरू होगा ‘लिटिल रीडर्स क्लब’, कहानी, क्विज और क्रिएटिव एक्टिविटी से बढ़ेगा पढ़ने का शौक


    नई दिल्ली। भोपाल में बच्चों को मोबाइल स्क्रीन से दूर कर किताबों की दुनिया से जोड़ने और उनमें पढ़ने की आदत विकसित करने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल शुरू की जा रही है। शहर की प्रतिष्ठित स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी, न्यू मार्केट में 14 जून (रविवार) से ‘लिटिल रीडर्स क्लब’ का शुभारंभ किया जाएगा। यह क्लब 4 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य उन्हें कहानियों, पुस्तकों और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करना है।

    लाइब्रेरी प्रबंधन के अनुसार, इस क्लब को विशेष रूप से बच्चों की उम्र के अनुसार दो समूहों में बांटा गया है। ‘लिटिल बड्स’ समूह में 4 से 8 वर्ष के बच्चों को कहानी सुनाने, चित्र पुस्तकों की दुनिया से परिचित कराने और प्रारंभिक पठन गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। वहीं ‘पेज टर्नर्स’ समूह (9 से 14 वर्ष) के बच्चों के लिए पुस्तक पठन के साथ-साथ संवादात्मक चर्चा, विचार-विमर्श और रचनात्मक अभिव्यक्ति पर जोर दिया जाएगा।

    शुभारंभ कार्यक्रम 14 जून को शाम 5 बजे आयोजित किया जाएगा, जिसमें बच्चों के लिए कई रोचक गतिविधियां शामिल होंगी। इनमें ‘बुक जैकेट डिजाइन’ के तहत बच्चे अपनी पसंदीदा किताब का नया कवर तैयार करेंगे और उस पर आकर्षक परिचय लिखेंगे। इसके अलावा ‘बुक पिच’ गतिविधि में बच्चे विज्ञापन विशेषज्ञ की तरह अपनी पसंदीदा पुस्तक को प्रस्तुत करेंगे, जिससे उनकी अभिव्यक्ति क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।

    कार्यक्रम में कहानी वाचन, पुस्तक चर्चा, चित्रकला, क्राफ्ट, शब्द और पहेली खेल, रचनात्मक लेखन, रोल प्ले, क्विज प्रतियोगिता और समूह गतिविधियां भी शामिल होंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, कल्पनाशक्ति, टीमवर्क और संचार कौशल को विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

    लाइब्रेरी के प्रबंधक यतीश भटेले ने बताया कि यह क्लब हर 15 दिनों में नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा, ताकि बच्चों में लगातार पढ़ने की आदत विकसित हो सके। क्लब का संचालन तूलिका श्री और अनीर्बन चक्रवर्ती करेंगे, जो लंबे समय से साहित्य और बाल गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।

    इस पहल को लेकर अभिभावकों में भी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि आज के डिजिटल युग में बच्चों को किताबों से जोड़ना एक बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में यह क्लब बच्चों के मानसिक विकास और रचनात्मक सोच को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

  • भोपाल ब्रेकिंग: बैरागढ़ रोड पर पटाखा दुकान में भीषण आग, 70 फीट तक उठीं लपटें, लगातार धमाकों से दहला इलाका

    भोपाल ब्रेकिंग: बैरागढ़ रोड पर पटाखा दुकान में भीषण आग, 70 फीट तक उठीं लपटें, लगातार धमाकों से दहला इलाका


    नई दिल्ली। भोपाल में शुक्रवार तड़के एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब बैरागढ़ रोड स्थित हलालपुरा इलाके में एक पटाखा दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। यह हादसा सुबह करीब 3 बजे हुआ, जब पूरा इलाका गहरी नींद में था। आग लगते ही दुकान के अंदर रखे पटाखों में लगातार विस्फोट शुरू हो गए, जिससे पूरा क्षेत्र तेज धमाकों से गूंज उठा और आसपास के लोग दहशत में आ गए।

    आग इतनी भीषण थी कि उसकी लपटें आसमान में करीब 70 फीट तक उठती दिखाई दीं। लगातार हो रहे धमाकों के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और आसपास की सड़कों तक पटाखों के टुकड़े उड़कर गिरने लगे। यह दुकान हलालपुरा क्षेत्र में स्थित सुंदर वन गार्डन के ठीक सामने है, जो मुख्य सड़क से सटी हुई है। दिन के समय इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक रहता है और आसपास वाहन भी खड़े रहते हैं, लेकिन गनीमत रही कि घटना देर रात हुई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

    सूचना मिलते ही फतेहगढ़, बैरागढ़, गांधीनगर सहित कई फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर फाइटर्स ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों के कारण राहत कार्य में कठिनाई आई। करीब साढ़े तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, हालांकि सुबह 7 बजे तक भी दुकान से धुआं उठता रहा।

    फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दुकान में बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण किया गया था, जो पूरी तरह जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। घटना स्थल के पास ही एक पेट्रोल पंप भी स्थित है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई थी।

    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर एक तरफ की सड़क को बंद कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। साथ ही बिजली विभाग ने एहतियातन इलाके की बिजली सप्लाई भी बंद कर दी, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।

    फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसा शॉर्ट सर्किट से हुआ या किसी अन्य वजह से।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। वहीं, प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने की बात कही है।

  • थाली में पानी गिरने से शुरू हुआ विवाद, मारपीट में महिला घायल: टांके लगे, 5 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं, एसपी ऑफिस के चक्कर लगा रही पीड़िता

    थाली में पानी गिरने से शुरू हुआ विवाद, मारपीट में महिला घायल: टांके लगे, 5 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं, एसपी ऑफिस के चक्कर लगा रही पीड़िता


    मध्‍य प्रदेश । शिवपुरी जिले के सीहोर थाना क्षेत्र के ग्राम गनियार में एक मामूली-सी बात ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया, जो अब पुलिस कार्रवाई को लेकर सवालों के घेरे में है। गांव निवासी सीमा कुशवाह ने दो पड़ोसी भाइयों पर गंभीर मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद से वह लगातार न्याय की मांग कर रही हैं, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई है।

    घटना 7 जून की सुबह की बताई जा रही है, जब सीमा कुशवाह अपने घर में खाना खा रही थीं। इसी दौरान पड़ोसी दौलत सिंह कुशवाह ने कथित रूप से अपने घर की पाइपलाइन चालू कर दी, जिससे पानी बहकर उनकी थाली में गिर गया। इस बात को लेकर सीमा ने विरोध जताया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

    पीड़िता का आरोप है कि विवाद के दौरान दौलत सिंह ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उनके चेहरे और नाक के पास गंभीर चोटें आईं। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां डॉक्टरों ने टांके लगाए। इसी दौरान दूसरे आरोपी सतेन्द्र कुशवाह भी मौके पर पहुंच गया और दोनों भाइयों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। जब पीड़िता के पति बीच-बचाव करने आए, तो उनके साथ भी मारपीट की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

    घटना के बाद पीड़िता ने सीहोर थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। सीमा कुशवाह के अनुसार, एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था और उन्हें थाने भेजा गया, लेकिन वहां भी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्हें वापस एसपी कार्यालय भेज दिया गया, जिससे वे लगातार चक्कर काटने को मजबूर हैं।

    पीड़िता का कहना है कि वह पिछले पांच दिनों से न्याय की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने एक बार फिर एसपी कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने, जांच कराने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

    यह मामला न केवल एक घरेलू विवाद से शुरू होकर गंभीर मारपीट तक पहुंच गया, बल्कि पुलिस कार्रवाई की धीमी गति को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। पीड़िता लगातार प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं, जबकि मामला अभी तक दर्ज नहीं हो सका है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कब तक कार्रवाई करती है और पीड़िता को न्याय मिल पाता है या नहीं।

  • महाकाल की सवारी के हाथी श्यामू पर विवाद गहराया, ब्लड टेस्ट रोका गया: मालिक ने जांच टीम का किया विरोध, डॉक्टरों ने जताई गंभीर चिंता

    महाकाल की सवारी के हाथी श्यामू पर विवाद गहराया, ब्लड टेस्ट रोका गया: मालिक ने जांच टीम का किया विरोध, डॉक्टरों ने जताई गंभीर चिंता


    मध्‍य प्रदेश । उज्जैन में भगवान महाकाल की भव्य सवारी में वर्षों से शामिल रहे हाथी श्यामू को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गुरुवार को पन्ना टाइगर रिजर्व, इंदौर और उज्जैन की संयुक्त पशु चिकित्सकीय टीम हाथी के स्वास्थ्य परीक्षण और ब्लड सैंपल लेने के लिए पहुंची थी, लेकिन हाथी के मालिक और परिजनों के विरोध के चलते जांच पूरी नहीं हो सकी। इस दौरान काफी देर तक मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिसके बाद टीम को बिना ब्लड सैंपल लिए ही वापस लौटना पड़ा और केवल मल एवं मूत्र के नमूने एकत्र किए गए।

    जानकारी के अनुसार, यह टीम इंदौर चिड़ियाघर प्रभारी उत्तम यादव, उज्जैन के पशु चिकित्सक डॉ. मुकेश जैन और पन्ना टाइगर रिजर्व के विशेषज्ञ डॉ. संजय गुप्ता के नेतृत्व में साईनाथ कॉलोनी स्थित हाथी श्यामू के स्थान पर पहुंची थी। टीम का उद्देश्य हाथी की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति का वैज्ञानिक परीक्षण करना था, लेकिन जैसे ही ब्लड सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की गई, हाथी के मालिक सरमन गिरी और उनके परिवार ने इसका विरोध कर दिया। विरोध इतना बढ़ गया कि लंबे समय तक बहस और असहमति की स्थिति बनी रही, जिसके चलते टीम को बिना रक्त नमूना लिए लौटना पड़ा।

    पशु चिकित्सकों के अनुसार हाथी श्यामू की हालत सामान्य नहीं है। डॉक्टरों ने बताया कि हाथी के पैरों में गंभीर समस्या देखी गई है और उसके पैर धीरे-धीरे मुड़ने लगे हैं, जिससे उसकी चलने की क्षमता प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति में हाथी कभी भी गिर सकता है, जो उसके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि सही स्थिति जानने के लिए ब्लड टेस्ट बेहद जरूरी है, लेकिन मालिक के विरोध के कारण यह संभव नहीं हो सका।

    वहीं दूसरी ओर हाथी के मालिक सरमन गिरी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि श्यामू पूरी तरह स्वस्थ है और वर्षों से महाकाल की सवारी में नियमित रूप से शामिल होता आ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हाथी वास्तव में बीमार होता तो वह 2016 से लगातार सवारी का हिस्सा नहीं बन पाता। सरमन गिरी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग हाथी को यहां से हटाकर वनतारा या किसी अन्य संस्थान में भेजना चाहते हैं, इसलिए उसे जानबूझकर बीमार बताया जा रहा है।

    मालिक ने यह भी दावा किया कि हाथी के सभी वैध दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं और वह 2006 से उसके स्वामी हैं। उन्होंने जांच टीम पर अनावश्यक दबाव बनाने का आरोप लगाया और ब्लड सैंपल लेने का विरोध किया। इसी बीच मौके पर माहौल तनावपूर्ण बना रहा और जांच प्रक्रिया अधूरी रह गई।

    गौरतलब है कि हाथी श्यामू के स्वास्थ्य को लेकर सितंबर 2025 से विवाद लगातार जारी है। इससे पहले भी वन विभाग और विशेषज्ञों की टीम कई बार उसकी जांच और स्थानांतरण के प्रयास कर चुकी है, लेकिन हर बार मालिक के विरोध के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

    फिलहाल, अब सभी की नजर मल और मूत्र के सैंपल की रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिसके आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हाथी श्यामू वास्तव में किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है या नहीं। यह मामला अब धार्मिक आस्था और पशु स्वास्थ्य सुरक्षा के बीच बहस का बड़ा विषय बन गया है।

  • उज्जैन में ‘पति-पत्नी और वो’ का हाई-वोल्टेज ड्रामा: रेस्टोरेंट में महिला मित्र के साथ दिखते ही जमकर मारपीट, वीडियो वायरल

    उज्जैन में ‘पति-पत्नी और वो’ का हाई-वोल्टेज ड्रामा: रेस्टोरेंट में महिला मित्र के साथ दिखते ही जमकर मारपीट, वीडियो वायरल


    मध्‍य प्रदेश । उज्जैन शहर में बुधवार शाम एक पारिवारिक विवाद ने अचानक सड़क पर बवाल का रूप ले लिया, जब पति, पत्नी और ‘वो’ के बीच हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा लोगों की भीड़ के सामने हिंसक झड़प में बदल गया। घटना कोयला फाटक क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत मधुर तिवारी अपनी महिला सहकर्मी के साथ एक रेस्टोरेंट में पहुंचे थे।

    जानकारी के अनुसार, इसी दौरान उनकी पत्नी वंदना, साली अतिप्रिया, ससुर और अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि महिला मित्र के साथ पति को देखकर परिवार भड़क गया और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। इस दौरान सड़क पर मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई और कई लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पत्नी, साली और अन्य परिजन पति मधुर तिवारी और उनकी महिला सहकर्मी पर हमला करते नजर आ रहे हैं। दोनों खुद को बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन भीड़ के बीच मामला और बढ़ जाता है।

    पत्नी पक्ष का आरोप है कि पति का उनकी महिला सहकर्मी के साथ अवैध संबंध है और दोनों लंबे समय से संपर्क में थे। साली अतिप्रिया ने दावा किया कि दोनों को रंगे हाथों पकड़ा गया, जिसके बाद यह विवाद हुआ। वहीं पत्नी वंदना ने आरोप लगाया कि पति और महिला सहकर्मी लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं।

    दूसरी ओर, पति मधुर तिवारी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका परिवार पहले से ही विवादों में है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्नी, साली और ससुर के हस्तक्षेप के कारण उनका वैवाहिक जीवन टूट चुका है। मधुर ने यह भी दावा किया कि घटना के दौरान उनकी महिला सहकर्मी के साथ मारपीट की गई और उनका पीछा किया गया।

    मधुर ने आगे आरोप लगाया कि उनके घर से सोना गायब है, जिसमें ससुर का हाथ होने की बात कही गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मारपीट के दौरान उनकी महिला सहकर्मी की गाड़ी की चाबी भी निकाल ली गई और वाहन को नुकसान पहुंचाया गया।

    फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस के सामने भी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। घटना से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर भी तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

  • आईएएस अवि प्रसाद की तीसरी शादी चर्चा में, प्रशासनिक सेवा की अधिकारी अंकिता धाकरे संग बंधे विवाह बंधन में, पहली दो पत्नियां भी हैं वरिष्ठ अफसर

    आईएएस अवि प्रसाद की तीसरी शादी चर्चा में, प्रशासनिक सेवा की अधिकारी अंकिता धाकरे संग बंधे विवाह बंधन में, पहली दो पत्नियां भी हैं वरिष्ठ अफसर

    मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। प्रशासनिक सेवा में अपनी कार्यशैली और विभिन्न जिम्मेदारियों के लिए पहचाने जाने वाले अवि प्रसाद ने हाल ही में प्रशासनिक सेवा की अधिकारी अंकिता धाकरे के साथ विवाह किया है। यह उनकी तीसरी शादी है, जिसके बाद उनका नाम एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है।

    अवि प्रसाद वर्तमान में मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। प्रशासनिक सेवा में उनके अनुभव और विभिन्न जिलों में निभाई गई जिम्मेदारियों ने उन्हें राज्य के प्रमुख अधिकारियों में शामिल किया है। उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाले अवि प्रसाद ने सिविल सेवा में आने से पहले भी महत्वपूर्ण पेशेवर जिम्मेदारियां संभाली थीं और बाद में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा के माध्यम से प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया।

    उनकी निजी जिंदगी का सफर भी उतना ही चर्चित रहा है जितना उनका प्रशासनिक करियर। उनकी पहली शादी 2014 बैच की आईएएस अधिकारी रिजु बाफना से हुई थी। हालांकि यह वैवाहिक संबंध अधिक समय तक नहीं चल सका और दोनों ने बाद में अलग होने का निर्णय लिया। प्रशासनिक सेवा में कार्यरत दोनों अधिकारियों ने अपने-अपने पेशेवर जीवन को आगे बढ़ाया और अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं।

    पहले वैवाहिक संबंध के समाप्त होने के बाद अवि प्रसाद ने दूसरी शादी आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से की। यह विवाह भी प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों के बीच हुआ था और कुछ वर्षों तक दोनों साथ रहे। बताया जाता है कि इस दौरान मिशा सिंह ने अपना कैडर परिवर्तन कर मध्य प्रदेश में सेवाएं देना शुरू किया था। हालांकि समय के साथ यह संबंध भी आगे नहीं बढ़ सका और दोनों के रास्ते अलग हो गए।

    हाल ही में अवि प्रसाद ने तीसरी बार विवाह किया है। इस बार उनकी जीवनसंगिनी प्रशासनिक सेवा की अधिकारी अंकिता धाकरे बनी हैं। अंकिता धाकरे राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं और प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। दोनों का विवाह फरवरी 2026 में आयोजित एक निजी समारोह में संपन्न हुआ। विवाह की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में इस संबंध को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

    अवि प्रसाद की पेशेवर यात्रा भी काफी उल्लेखनीय मानी जाती है। सिविल सेवा में आने से पहले उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर पहले पुलिस सेवा में स्थान प्राप्त किया। बाद में बेहतर रैंक हासिल करने के बाद उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया और विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य करते हुए अपनी पहचान बनाई।

    प्रशासनिक सेवा में कार्यरत अधिकारियों की निजी जिंदगी सामान्यतः सार्वजनिक चर्चा से दूर रहती है, लेकिन जब किसी अधिकारी का व्यक्तिगत जीवन असाधारण परिस्थितियों के कारण सुर्खियों में आता है तो लोगों की दिलचस्पी स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। अवि प्रसाद के मामले में भी ऐसा ही देखने को मिला है, जहां उनके प्रशासनिक करियर के साथ-साथ उनके वैवाहिक जीवन को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा बनी हुई है।

    फिलहाल अवि प्रसाद और अंकिता धाकरे अपने-अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। वहीं उनकी यह नई वैवाहिक शुरुआत प्रशासनिक सेवा से जुड़े लोगों और आम नागरिकों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।

  • देवास में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बिना फिटनेस और पीयूसी के 5 वाहन जब्त

    देवास में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बिना फिटनेस और पीयूसी के 5 वाहन जब्त


    मध्‍य प्रदेश । देवास जिले में सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर परिवहन विभाग ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए विशेष जांच अभियान चलाया। बुधवार को औद्योगिक क्षेत्र देवास में की गई इस कार्रवाई के दौरान बिना फिटनेस प्रमाण पत्र और पीयूसी के संचालित 5 वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।

    जिला प्रशासन के निर्देश पर यह अभियान कलेक्टर ऋतुराज सिंह के मार्गदर्शन में तथा जिला परिवहन अधिकारी निशा चौहान के नेतृत्व में चलाया गया। विभागीय टीम ने औद्योगिक क्षेत्र में सड़क पर दौड़ रहे वाहनों की सघन जांच की, जिसमें फिटनेस, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी), बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई।

    जांच के दौरान कुल 20 वाहनों को रोका गया और उनके दस्तावेजों की जांच की गई। इनमें से 5 वाहन जिनमें ट्रक और मिनी ट्रक शामिल हैं ऐसे पाए गए जिनके पास न तो वैध फिटनेस प्रमाण पत्र था और न ही पीयूसी प्रमाण पत्र। यह स्पष्ट रूप से परिवहन नियमों का उल्लंघन था। नियमों के उल्लंघन पर विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी पांच वाहनों को जब्त कर लिया।

    जिला परिवहन अधिकारी निशा चौहान ने बताया कि यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    उन्होंने वाहन मालिकों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे फिटनेस प्रमाण पत्र, पीयूसी, बीमा और परमिट समय पर अपडेट रखना अनिवार्य है। यदि भविष्य में कोई वाहन बिना वैध दस्तावेजों के संचालित पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माना और वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र में वाहन चालकों और संचालकों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी गई।

  • देवास में रास्ता विवाद से हंगामा: 400 परिवारों का चक्काजाम, बीमा रोड पर एक घंटे तक बाधित रहा ट्रैफिक

    देवास में रास्ता विवाद से हंगामा: 400 परिवारों का चक्काजाम, बीमा रोड पर एक घंटे तक बाधित रहा ट्रैफिक


    मध्‍य प्रदेश । देवास शहर में बीमा रोड स्थित गीता श्री और मैना श्री कॉलोनी के रहवासियों ने गुरुवार रात अचानक सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। कॉलोनी के मुख्य मार्ग को खुदाई कर बंद किए जाने से नाराज सैकड़ों लोगों ने बीमा रोड पर प्रदर्शन किया, जिससे लगभग एक घंटे तक यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित रही।

    जानकारी के अनुसार, कॉलोनी के भीतर रहने वाले 400 से अधिक परिवार इस समस्या से प्रभावित हैं। रहवासियों का कहना है कि मुख्य मार्ग बंद होने के कारण उन्हें रोजमर्रा के आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और आपातकालीन सेवाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति द्वारा मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया है, जिससे पूरी कॉलोनी का संपर्क प्रभावित हो गया है।

    चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे रहवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मामले के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझाइश के बाद लोगों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया, जिससे बीमा रोड पर यातायात व्यवस्था पुनः सामान्य हो सकी।

    नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर ने बताया कि उन्हें करीब 400 परिवारों द्वारा चक्काजाम किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया गया और रहवासियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना गया। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है और आगे की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि कॉलोनीवासियों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

  • देवास में शिप्रा बैराज पानी विवाद गरमाया: कांग्रेस ने उठाया मुद्दा, सांसद-विधायक ने दिया आश्वासन

    देवास में शिप्रा बैराज पानी विवाद गरमाया: कांग्रेस ने उठाया मुद्दा, सांसद-विधायक ने दिया आश्वासन


    मध्‍य प्रदेश । देवास में शिप्रा बैराज से नर्मदा जल आपूर्ति और उससे जुड़े वितरण को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि देवास के हिस्से का पानी मांगलिया क्षेत्र को दिया जा रहा है, जबकि भाजपा पक्ष इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है। इस मुद्दे ने अब शहर की सियासत को पूरी तरह गर्मा दिया है।

    गुरुवार को कांग्रेस नेता प्रदीप चौधरी ने इस मामले को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सीधे फोन पर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और विधायक गायत्री राजे पवार से बात की और देवास के जल अधिकारों की सुरक्षा की मांग रखी।

    फोन पर हुई बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता ने सांसद से कहा कि देवास के नागरिकों के हितों की रक्षा की जाए और उनके हिस्से का पानी किसी अन्य क्षेत्र को न दिया जाए। इस पर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह भी इस मुद्दे पर संवेदनशील हैं और देवास की जनता के साथ खड़े हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। सांसद ने यह भी कहा कि वे 24 घंटे जनता की सेवा के लिए उपलब्ध हैं।

    इसके बाद कांग्रेस नेता ने विधायक गायत्री राजे पवार से भी फोन पर संपर्क किया। विधायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि देवास के हिस्से के पानी में किसी प्रकार की कटौती या अन्य क्षेत्र को स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    कांग्रेस की ओर से लगातार इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। बीते कुछ दिनों में ज्ञापन, धरना और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के माध्यम से पार्टी ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। अब यह मामला सीधे जनप्रतिनिधियों तक पहुंचने के बाद और अधिक राजनीतिक महत्व प्राप्त कर चुका है।

    शिप्रा बैराज से नर्मदा जल की आपूर्ति देवास शहर के लिए की जाती है, लेकिन कांग्रेस का दावा है कि मांगलिया क्षेत्र को भी इसी स्रोत से पानी दिया जा रहा है। वहीं भाजपा और स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि मांगलिया को पानी एनवीडीए के माध्यम से अलग व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराया जा रहा है और देवास के हिस्से में कोई कटौती नहीं की गई है।

    इस पूरे विवाद के बीच अब देखना होगा कि प्रशासनिक स्तर पर क्या स्पष्ट निर्णय सामने आता है और दोनों पक्षों के बीच चल रहा यह राजनीतिक तनाव किस दिशा में आगे बढ़ता है।