Category: Madhya Pradesh

  • मप्र में अब तक 9.09 लाख किसानों से 53.40 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का हुआ उपार्जन

    मप्र में अब तक 9.09 लाख किसानों से 53.40 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का हुआ उपार्जन


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में अभी तक 9 लाख 9 हजार किसानों से 53 लाख 40 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जा रहा है। तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है।

    यह जानकारी गुरुवार को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि अभी तक 14 लाख 81 हजार किसानों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं। किसानों के हित में गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों को 9525.70 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएँ की गई हैं।

    उन्होंने बताया कि किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है।

    खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ PP/HDP बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।

  • MP: इंदौर में रोड पर लावारिश पड़े मिले 3 बैगों से 2.83 करोड़ रुपये कैश बरामद, जांच में जुटी पुलिस

    MP: इंदौर में रोड पर लावारिश पड़े मिले 3 बैगों से 2.83 करोड़ रुपये कैश बरामद, जांच में जुटी पुलिस


    इंदौर।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में इंदौर (Indore) के सांवेर-उज्जैन रोड (Sanwer-Ujjain Road) पर गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे पड़े तीन लावारिस बैगों (Unclaimed bags) से करोड़ों रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद हुई. बैगों में 500 रुपये के नोटों की सैकड़ों गड्डियां मिलीं, लेकिन जांच में सामने आया कि कई गड्डियों में असली नोटों के साथ नकली नोट और रंगीन कागज भी रखे गए थे।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. दरअसल इंदौर जिले के सांवेर-उज्जैन रोड स्थित भुट्टा चौराहे के पास गुरुवार सुबह एक संदिग्ध मामला सामने आया. सड़क किनारे पेड़ के नीचे रखे तीन लावारिस बैगों को देखकर स्थानीय किसान को शक हुआ, जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बैगों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की. जब बैग खोले गए तो उनके अंदर 500 रुपये के नोटों की बड़ी संख्या में गड्डियां मिलीं. शुरुआती अनुमान के मुताबिक कुल रकम करीब 2 करोड़ 83 लाख रुपये बताई जा रही है. हालांकि जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गड्डियों के ऊपर रखे कुछ नोट असली दिखाई दे रहे थे, लेकिन अंदर नकली नोटों के साथ रंगीन सादे कागज भरे गए थे।

    आशंका जताई जा रही है कि किसी बड़ी ठगी या अवैध लेनदेन के लिए इन बैगों को तैयार किया गया होगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है. हाईवे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बैग वहां कौन छोड़कर गया और इसके पीछे क्या मकसद था. फिलहाल पुलिस ने संदिग्ध नोटों को जब्त कर लिया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

  • MP: बड़वानी में सरकारी डॉक्टर मरीजों को प्राइवेट लेब भेजने के बदले लेते थे मोटा कमीशन… रंगेहाथों धराए

    MP: बड़वानी में सरकारी डॉक्टर मरीजों को प्राइवेट लेब भेजने के बदले लेते थे मोटा कमीशन… रंगेहाथों धराए


    बड़वानी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बड़वानी जिले (Barwani district) में लोकायुक्त पुलिस (Lokayukta Police) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 सरकारी डॉक्टरों (3 Government Doctors) को मरीजों से जुड़ी जांच के बदले निजी लैब से कमीशन लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है. यह कार्रवाई राजपुर कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात डॉक्टरों के खिलाफ की गई है, जो सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैब (Private Pathology Lab) में भेजने के बदले मोटा कमीशन वसूल रहे थे।

    DSP सुनील तालन ने राजपुर कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात इन तीनों अधिकारियों की पहचान डॉ. अमित शाक्य, डॉ. दिव्या साई और डॉ. मनोहर गोदारा के रूप में की. उन्होंने बताया कि इन तीनों को उनके घरों पर ही कमीशन की रकम लेते हुए पकड़ा गया। पुलिस अधिकारी ने कहा, “यह कार्रवाई राजपुर स्थित एक निजी पैथोलॉजी लैब के मैनेजर अदनान अली की शिकायत पर बिछाए गए एक जाल के बाद की गई।

    शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि ये तीनों डॉक्टर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को जांच के लिए उसकी लैब में भेजने के बदले उससे 20 प्रतिशत कमीशन लेते थे। डीएसपी ने बताया कि शाक्य ने पिछले महीने के कमीशन के तौर पर 18 हजार रुपये, साई ने 8 हजार रुपये और गोदारा ने 21 हजार 800 रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में वे कम रकम लेने पर राजी हो गए. उन्होंने आगे बताया कि शाक्य को 8000 रुपये, साई को 5000 रुपये और गोदारा को 12000 रुपये लेते हुए पकड़ा गया।

    उन्होंने बताया कि लोकायुक्त पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर लिया है, हालांकि अभी तक इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

  • MP में आंधी-बारिश से बदला मौसम, कई शहरों में लुढ़का पारा, आज भी 21 जिलों में चेतावनी जारी

    MP में आंधी-बारिश से बदला मौसम, कई शहरों में लुढ़का पारा, आज भी 21 जिलों में चेतावनी जारी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने मिजाज बदला हुआ है। आंधी और बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को रीवा का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जबकि ग्वालियर, नौगांव, सीधी और सतना में भी मौसम अपेाकृत ठंडा बना रहा। कई जिलों में हल्की बारिश भी हुई।

    मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी प्रदेश के 21 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत प्रदेश के 34 जिलों में गर्मी का असर जारी रहेगा। इन इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उसके आसपास बने रहने का अनुमान है।

    इन जिलों में हुई बारिश
    गुरुवार को नर्मदापुरम, टीकमगढ़ और श्योपुर में बारिश दर्ज की गई। वहीं ग्वालियर-चंबल, रीवा और शहडोल संभाग के कई हिस्सों में बादल छाने और आंधी चलने का सिलसिला जारी रहा। प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम बदलने की वजह
    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्य प्रदेश में फिलहाल दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इनमें एक प्रदेश के मध्य भाग में और दूसरा ऊपरी हिस्से में बना हुआ है। साथ ही एक ट्रफ लाइन पूर्वी हिस्से से गुजर रही है। इसके प्रभाव से अगले दो दिनों तक कई जिलों में बारिश और आंधी की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि 10 और 11 मई से प्रदेश में फिर गर्मी बढ़ने के आसार हैं और तापमान में इजाफा देखने को मिल सकता है।

  • ग्वालियर लॉ कॉलेज अपहरण केस में बड़ा मोड़, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

    ग्वालियर लॉ कॉलेज अपहरण केस में बड़ा मोड़, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। ग्वालियर में लॉ कॉलेज गेट के बाहर से 17 वर्षीय छात्रा के कथित अपहरण मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस न तो मुख्य आरोपी तक पहुंच सकी है और न ही छात्रा की स्पष्ट लोकेशन का पता चल पाया है। इसी बीच मामले में एक वीडियो सामने आने से स्थिति और उलझ गई है।

    वायरल वीडियो में आरोपी जीतू तोमर छात्रा के साथ नजर आ रहा है और दावा कर रहा है कि यह मामला अपहरण का नहीं बल्कि आपसी सहमति का है। वीडियो में उसने खुद को ग्वालियर निवासी बताया और कहा कि वह और छात्रा पिछले ढाई साल से रिश्ते में हैं।

    वीडियो में जीतू तोमर यह भी कहता दिखाई देता है कि पिछले एक महीने से दोनों के बीच कुछ गलतफहमी चल रही थी, जिसे दूर करने के लिए वह छात्रा से मिलने आया था। उसके अनुसार, दोनों अपनी मर्जी से साथ गए हैं और जल्द ही घर लौट आएंगे। उसने यह भी अपील की कि उसके परिवार को परेशान न किया जाए।

    यह पूरा मामला बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे कंपू थाना क्षेत्र के कैंसर पहाड़िया इलाके का है। जानकारी के अनुसार, लॉ छात्रा अपनी सहेली के साथ कॉलेज गेट के बाहर खड़ी थी, तभी बिना नंबर की बलेनो कार में सवार होकर जीतू तोमर अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने अचानक छात्रा को जबरन कार में खींच लिया। जब उसकी सहेली ने विरोध किया तो उसे धक्का देकर गिरा दिया गया। इसके बाद आरोपी छात्रा को लेकर मौके से फरार हो गए। भागते समय उन्होंने छात्रा का मोबाइल फोन भी छीनकर सड़क पर फेंक दिया, ताकि किसी तरह का संपर्क न हो सके।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे शहर में नाकाबंदी कर दी गई। हाईवे, टोल प्लाजा और प्रमुख प्रवेश मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया, लेकिन अब तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

    इस मामले में पुलिस का कहना है कि वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि छात्रा नाबालिग है या नहीं और उसका बयान क्या है, इसके आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

    फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और सर्विलांस टीम की मदद भी ली जा रही है। वहीं वीडियो सामने आने के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है, जिससे जांच एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है।

    पूरा मामला अब प्रेम संबंध और अपहरण के दावों के बीच उलझ गया है, और पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सच्चाई को जल्द से जल्द सामने लाया जाए।

  • मंदिर के बाहर वारदात की साजिश नाकाम, अवैध पिस्टल के साथ 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार

    मंदिर के बाहर वारदात की साजिश नाकाम, अवैध पिस्टल के साथ 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार


    नई दिल्ली। ग्वालियर में एक संभावित आपराधिक वारदात को समय रहते टालते हुए थाटीपुर थाना पुलिस ने बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक 19 वर्षीय युवक को अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर मंदिर के बाहर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में बैठा हुआ था।
    गिरफ्तार आरोपी की पहचान नमन सोलंकी के रूप में हुई है, जो शिंदे की छावनी क्षेत्र के भारत टॉकीज के पास का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से 32 बोर की देसी पिस्टल, एक जिंदा राउंड और उसकी एक्टिवा गाड़ी भी जब्त कर ली है।
    थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भूतेश्वर मंदिर के पास रपट क्षेत्र में एक युवक संदिग्ध स्थिति में एक्टिवा पर बैठा हुआ है और उसके पास अवैध हथियार व जिंदा राउंड मौजूद हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और कार्रवाई शुरू की।
    जैसे ही पुलिस ने मौके पर दबिश दी, आरोपी को बिना किसी मौके के पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उसकी एक्टिवा की डिग्गी से पिस्टल और कारतूस बरामद हुए, जिससे उसके इरादे संदिग्ध पाए गए। पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लेकर वाहन और हथियार जब्त कर लिया।
    पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।
    थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि समय रहते मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई के कारण एक संभावित बड़ी घटना को टाल दिया गया। यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो आरोपी किसी गंभीर वारदात को अंजाम दे सकता था।
    फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी किस उद्देश्य से हथियार लेकर वहां पहुंचा था और उसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क या साजिश तो नहीं है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि उसे अवैध हथियार कहां से मिला और क्या वह पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है।
    यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि छोटे स्तर पर मिलने वाली सूचना भी बड़ी घटनाओं को रोकने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पुलिस की सतर्कता से एक संभावित अपराध टल गया और इलाके में बड़ी अनहोनी होने से बचाव हो सका।
  • घूरकर देखने के विवाद में हत्या: ग्वालियर में फायरिंग कर पड़ोसी को मारा, 2 आरोपी गिरफ्तार

    घूरकर देखने के विवाद में हत्या: ग्वालियर में फायरिंग कर पड़ोसी को मारा, 2 आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली। ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र के बड़ागांव खुरैरी में एक मामूली से दिखने वाले विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और अंततः हत्या तक पहुंच गया। घूरकर देखने जैसी बात को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनार सिंह और राजपाल के रूप में हुई है। दोनों से पूछताछ जारी है। घटना के बाद आरोपी अपने घरों पर ताले लगाकर फरार हो गए थे, जिसके चलते पुलिस ने उनके घरों के बाहर सुरक्षा गार्ड भी तैनात कर दिए हैं। एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि मामले में अन्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि विवाद की शुरुआत घूरकर देखने की बात से हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ी और देखते ही देखते मामला पथराव में बदल गया। इस दौरान एक पक्ष के राजपाल के सिर में पत्थर लगने से उसे गंभीर चोट आई और उसे 12 टांके लगाने पड़े। इसी घटना ने विवाद को और उग्र बना दिया।

    इसके बाद आरोपी पक्ष ने हिंसक प्रतिक्रिया देते हुए फायरिंग शुरू कर दी। आरोप है कि मकान की छत पर चढ़कर कई राउंड गोलियां चलाई गईं। इसी दौरान रमेश पाल को गोली लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए।

    घटना में मृतक रमेश पाल की पत्नी और बेटा भी घायल हुए हैं। उन्हें छर्रे लगने से चोट आई है, जबकि दूसरे बेटे को लाठी से चोट पहुंचाई गई। परिवार के लोगों का कहना है कि यह विवाद लंबे समय से चला आ रहा था, लेकिन किसी को उम्मीद नहीं थी कि मामला इतना गंभीर रूप ले लेगा।

    पुलिस के अनुसार, मृतक रमेश पाल का पड़ोसियों अनार सिंह, सुखवीर, रामू और राजपाल से पुराना विवाद था। मंगलवार रात वह अपनी बहन के यहां भात देने के लिए जा रहा था, तभी रास्ते में अनार सिंह से उसकी मुलाकात हुई और कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

    फायरिंग के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बाकी आरोपियों की तलाश में क्राइम ब्रांच और मुरार थाना पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर आरोपियों के घरों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

    फिलहाल पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि मामूली विवाद किस तरह जानलेवा रूप ले सकता है।

  • परिषद मीटिंग हॉल न बनने पर विवाद, भोपाल में कैम्पस निर्माण को लेकर मंथन तेज

    परिषद मीटिंग हॉल न बनने पर विवाद, भोपाल में कैम्पस निर्माण को लेकर मंथन तेज


    नई दिल्ली। भोपाल में नगर निगम की नई प्रशासनिक बिल्डिंग के लोकार्पण के साथ ही एक बड़ी चूक सामने आई है। करीब ₹73 करोड़ की लागत से तैयार इस भव्य भवन में परिषद का मीटिंग हॉल ही नहीं बनाया गया, जिसे अब गंभीर डिजाइन भूल माना जा रहा है। इस कमी के सामने आने के बाद अब प्रशासन परिसर के भीतर ही मीटिंग हॉल बनाने पर मंथन कर रहा है।
    इस मुद्दे ने तब तूल पकड़ा जब लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान महापौर मालती राय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से 5 एकड़ जमीन की मांग रखी। हालांकि, चर्चा के बाद संकेत मिले कि अलग जमीन लेने की बजाय मौजूदा परिसर में ही नया परिषद हॉल तैयार किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, यह हॉल बिल्डिंग के सामने स्थित पार्किंग क्षेत्र में विकसित किया जा सकता है, ताकि भविष्य में परिषद की बैठकें यहीं आयोजित की जा सकें।
    गौरतलब है कि इस नई बिल्डिंग की लागत पहले ₹43 करोड़ बताई गई थी, लेकिन लोकार्पण के समय यह आंकड़ा बढ़कर ₹73 करोड़ तक पहुंच गया। इसमें सिविल वर्क के अलावा इंटीरियर, तकनीकी और अन्य सुविधाओं पर खर्च शामिल है। यह भवन प्रदेश का पहला ऐसा नगरीय निकाय मुख्यालय बताया जा रहा है जो ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट और जियोथर्मल तकनीक से लैस है।
    ‘अटल भवन’ नाम से पहचानी जाने वाली इस आठ मंजिला इमारत में आधुनिक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। पार्किंग क्षेत्र में लगे सोलर पैनलों से लगभग 300 किलोवाट बिजली उत्पादन की क्षमता है। इसके साथ ही, भोपाल निगम द्वारा नीमच जिले में विकसित 10.5 मेगावॉट सोलर प्रोजेक्ट का भी लोकार्पण किया गया।
    भवन के विभिन्न फ्लोर को विभागवार विभाजित किया गया है। ग्राउंड फ्लोर पर जनसंपर्क, टैक्स काउंटर और विवाह पंजीकरण जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं, साथ ही बच्चों के लिए गेम जोन और मेडिकल इमरजेंसी रूम भी बनाया गया है। पहली से चौथी मंजिल तक महापौर कार्यालय, एमआईसी सदस्य, जलकार्य, राजस्व और अन्य विभाग हैं। पांचवीं से सातवीं मंजिल तक स्मार्ट सिटी, आईटी, स्वास्थ्य और योजना से जुड़े विभागों को रखा गया है, जबकि आठवीं मंजिल पर कमिश्नर कार्यालय और स्मार्ट सिटी मुख्यालय स्थित है।
    पूरे भवन में ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ लागू किया गया है, जिससे नागरिकों को एक ही स्थान पर सभी विभागीय सेवाएं मिल सकें। पहले निगम के विभिन्न विभाग शहर के अलग-अलग हिस्सों में संचालित होते थे, लेकिन अब सभी सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
    हालांकि, इस आधुनिक भवन को लेकर कई तकनीकी और डिजाइन खामियां भी सामने आई हैं। सबसे बड़ी चूक परिषद मीटिंग हॉल का न होना माना जा रहा है, जिसे अब प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है। इसके लावा सोलर पैनलों की दिशा और ऊर्जा उत्पादन क्षमता को लेकर भी विशेषज्ञों ने कुछ सवाल उठाए हैं।
    बिल्डिंग की डिजाइनिंग तीन अलग-अलग कमिश्नरों के कार्यकाल में पूरी हुई, जिसके चलते परियोजना में कई बदलाव और संशोधन हुए। अब यह भवन न केवल प्रशासनिक केंद्र के रूप में कार्य करेगा, बल्कि शहर की आधुनिक शहरी संरचना का प्रतीक भी माना जा रहा है।
    फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि परिषद मीटिंग हॉल का समाधान किस रूप में किया जाता है और यह भव्य लेकिन विवादों में घिरी इमारत आने वाले समय में कितना प्रभावी साबित होती है।

  • DAVV छात्रों के लिए बड़ी सौगात, तक्षशिला कैंपस में मिलेगा हाई-टेक लेक्चर थिएटर

    DAVV छात्रों के लिए बड़ी सौगात, तक्षशिला कैंपस में मिलेगा हाई-टेक लेक्चर थिएटर


    नई दिल्ली।  इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के तक्षशिला परिसर में जल्द ही एक आधुनिक G+4 लेक्चर थिएटर का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य विश्वविद्यालय में बढ़ती छात्र संख्या और नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के कारण उत्पन्न हो रही क्लासरूम की कमी को दूर करना है। यह भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इसे तैयार होने में लगभग दो साल का समय लगने की संभावना है।

    विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस नए लेक्चर थिएटर में बड़े लेक्चर हॉल, सेमिनार रूम और स्टूडेंट एक्टिविटी स्पेस शामिल होंगे। इसके साथ ही यहां आधुनिक डिजिटल उपकरणों की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सके।

    कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई ने बताया कि विश्वविद्यालय में लगातार नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं और छात्रों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में मौजूदा क्लासरूम क्षमता भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए तक्षशिला कैंपस में यह नई बिल्डिंग तैयार करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक विस्तार ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी संस्थान को मजबूत बनाना है।

    यह नया भवन एजुकेशन डिपार्टमेंट के उस हिस्से में बनाया जाएगा, जहां पहले EMRC संचालित होता था। भवन की संरचना G+4 होगी और इसकी शुरुआती लागत लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये अनुमानित की गई है। हालांकि, जैसे-जैसे फ्लोर और सुविधाओं का विस्तार होगा, लागत में वृद्धि संभव है।

    इस परियोजना को हाल ही में विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद बैठक में मंजूरी दी गई थी, जिसमें 590 करोड़ रुपये का बजट भी पास किया गया था। इसी बजट में इस लेक्चर थिएटर के निर्माण को हरी झंडी दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह कदम न केवल शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि नए कोर्स और सीटों की वृद्धि से विश्वविद्यालय की आय में भी सुधार होगा।

    पिछले कुछ समय में DAVV ने कई विभागों में सीटों की संख्या बढ़ाई है और नए शैक्षणिक कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। इससे विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए आधुनिक शैक्षणिक ढांचे की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

    तक्षशिला कैंपस में बनने वाला यह लेक्चर थिएटर छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। यहां मिलने वाली आधुनिक सुविधाएं न केवल पढ़ाई को आसान बनाएंगी, बल्कि रिसर्च और प्रेजेंटेशन आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा देंगी।

    कुल मिलाकर, यह परियोजना DAVV के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी संस्थानों की श्रेणी में और मजबूती से स्थापित करेगी।

  • राजा रघुवंशी केस: न्यायिक कार्रवाई तेज, चार आरोपियों को नहीं मिली राहत

    राजा रघुवंशी केस: न्यायिक कार्रवाई तेज, चार आरोपियों को नहीं मिली राहत


    नई दिल्ली। इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है और मामले में आरोपियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शिलांग सेशन कोर्ट ने इस केस के मुख्य आरोपी राज कुशवाह समेत चार आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी याचिकाओं को अस्वीकार किया, हालांकि विस्तृत आदेश की कॉपी अभी उपलब्ध नहीं हुई है।

    राज कुशवाह के साथ-साथ आरोपी विशाल, आनंद और आकाश की जमानत याचिकाएं भी कोर्ट ने नामंजूर कर दीं। इस फैसले के बाद सभी आरोपियों को फिलहाल राहत नहीं मिली है और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा। अदालत का यह रुख मामले की गंभीरता और जांच की दिशा को और स्पष्ट करता है।

    इधर, मामले की एक अन्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत अब कानूनी विवाद का विषय बन गई है। मेघालय सरकार ने इस जमानत के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है और उसे रद्द करने की मांग की है। सरकार का तर्क है कि जांच और ट्रायल की प्रक्रिया को देखते हुए आरोपी को जमानत देना उचित नहीं है और इससे केस की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। इस याचिका पर 12 मई को सुनवाई निर्धारित की गई है।

    राज्य सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जांच एजेंसियों ने पूरी गंभीरता और निष्पक्षता के साथ काम किया है। मेघालय के उपमुख्यमंत्री प्रेस्टन तिनसोंग ने कहा कि पुलिस और एसआईटी ने अपने स्तर पर सर्वोत्तम प्रयास किए हैं और जांच में किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जमानत संबंधी फैसले न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन इससे जांच की गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते।

    इस बीच, मामले में नए खुलासों और आरोप-प्रत्यारोपों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी एक-दूसरे पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं। इससे केस की दिशा लगातार बदलती नजर आ रही है।

    गौरतलब है कि राजा रघुवंशी हत्याकांड ने इंदौर से लेकर मेघालय तक काफी सुर्खियां बटोरी थीं। हनीमून ट्रिप के दौरान हुई इस कथित हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। पुलिस जांच में कई परतें खुलने के बाद यह मामला और भी पेचीदा होता गया।

    फिलहाल सभी की नजरें अब हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सोनम रघुवंशी को मिली जमानत बरकरार रहती है या नहीं। वहीं अन्य आरोपियों की जमानत खारिज होने से जांच एजेंसियों को मामले में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिला है।

    यह केस अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया और जांच की पारदर्शिता की एक बड़ी परीक्षा बन गया है, जिस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।