Category: Madhya Pradesh

  • सेवा भाव ही प्राथमिकता: राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल और टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की

    सेवा भाव ही प्राथमिकता: राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल और टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की


    भोपाल । भोपाल में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा मानवता की सेवा है और इससे आत्मसंतोष मिलता है। उन्होंने जोर दिया कि मध्यप्रदेश को सिकल सेल और टी.बी. मुक्त बनाने के प्रयासों में सेवा भाव को सर्वोपरि रखना चाहिए।

    राज्यपाल श्री पटेल मंगलवार को लोकभवन में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन 2047 एवं टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुष विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    श्री पटेल ने सिकल सेल रोगियों को आयुष्मान योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाओं और पात्रता की जानकारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 0 से 40 वर्ष तक के व्यक्तियों की विशेष जांच, जांच शिविरों में आमजन को जानकारी देने और जिलेवार उपचार की समीक्षा पर जोर दिया।

    राज्यपाल ने टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपील की। विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में टी.बी. रोगियों के पोषण आहार वितरण में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। नि:क्षय मित्रों की संख्या बढ़ाकर पोषण आहार वितरण को मजबूत करने का भी मार्गदर्शन किया।

    खनन क्षेत्रों में निवासरत और कार्यरत व्यक्तियों की टी.बी. सघन जांच कराने का निर्देश भी राज्यपाल ने दिया। उन्होंने सिकल सेल कार्यक्रम के अंतर्गत जाँच लक्ष्य, जेनेटिक कार्ड वितरण, हाईड्राक्सी यूरिया की उपलब्धता, गर्भवती माताओं और शिशुओं का प्रबंधन, आयुष्मान कार्ड वितरण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र वितरण और 125 दिवसीय जागरूकता अभियान की विस्तृत समीक्षा की।

    उपमुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। आयुष विभाग के प्रमुख सचिव श्री शोभित जैन ने जिलेवार दवा वितरण, घर-घर दवा वितरण, जाँच और अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जिलों में विशेष प्रयासों की जानकारी दी।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की उपलब्धियों, सघन स्क्रीनिंग, 100 दिवसीय नि:क्षय अभियान, नि:क्षय मित्र और पोषण आहार वितरण की जानकारी साझा की। राज्यपाल के निर्देशानुसार अनुसूचित जनजाति छात्रावासों में विद्यार्थियों की टी.बी. जाँच, परामर्श और उपचार की प्रक्रिया भी साझा की गई।

    बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण के अपर मुख्य सचिव श्री अशोक कुमार बर्णवाल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती मीनाक्षी सिंह, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और लोकभवन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • युवा विधायक सम्मेलन का समापन, उप सभापति बोले- युवाओं की सक्रियता से पूरा होगा विकसित भारत का सपना

    युवा विधायक सम्मेलन का समापन, उप सभापति बोले- युवाओं की सक्रियता से पूरा होगा विकसित भारत का सपना


    भोपाल । उप सभापति राज्यसभा हरिवंश सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज गति से उभरती अर्थव्यवस्था है। भारत चुनौतियों से निपट कर नया इतिहास बना रहा है और आने वाली सदी भारत की होगी। इसके लिए सकारात्मक और दूरदर्शी सोच के साथ कार्य करना आवश्यक है। उप सभापति राज्यसभा सिंह मंगलवार को मप्र विधानसभा में आयोजित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन (राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी एवं विकसित भारत@2047 में विधायकों की भूमिका पर विचार व्यक्त किये गये।

    उप सभापति राज्यसभा सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि युवा देश का इतिहास, दिशा और भविष्य बदल सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत का सपना युवाओं की सक्रियता से ही पूरा होगा। भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में विकास की यही गति जारी रही तो वर्ष@2047 के पहले भी भारत विकसित राष्ट्र बन सकता है।

    विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि विकसित भारत@2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए युवा विधायकों को समसामयिक परिस्थितियों में देश के प्रति समर्पण भाव से कार्य करना होगा। नेतृत्व विकास के लिए सकारात्मक सोच और अनुशासन से कार्य करना होगा। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने युवा विधायकों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत@2047 का विजन केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। युवा विधायक चुनौतियों का समाधान कर अपनी नेतृत्व क्षमता का नवाचार में उपयोग करें। युवा नेतृत्व समाज की सोच में परिवर्तन ला सकता है। सुशासन के क्षेत्र में प्रयास हों और विकास को जनआंदोलन बनाया जाये। लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों का जागरूक होना अनिवार्य है। तोमर ने बताया कि युवा विधायकों ने टेक्नोलॉजी, स्वच्छता, सोलर एनर्जी, शिक्षा गुणवत्ता, अधोसंरचना, जनसंवाद और जनकल्याण पर विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने युवा विधायकों को सीख दी कि अध्ययन का विशेष महत्व होता है और विद्यार्थी भाव सदैव बना रहना चाहिए।

    कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसेासिएशन इंडिया रीजन के डॉ. राहुल कराड़ ने कहा कि हर विधानसभा में इस तरह के सम्मेलन किये जाना चाहिए। समाज का रूख बदलने में विधायकों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। विधायक अपने-अपने क्षेत्र के ब्रांड एम्बेसेडर होते है। उन्होंने ट्रेनिंग और एजुकेशन के साथ एआई के महत्व को भी बताया।

    सम्मेलन में विधानसभा के सात दशक पर केन्द्रित विधायिनी पत्रिका का विमोचन हुआ। विधायक डॉ. अभिलाष पाण्डेय, संतोष वरवडे, रामसिया भारती, छत्तीसगढ़ से श्रीमती विद्यावती सिदार, राजस्थान से थावर चंद सहित अन्य विधायकों ने विचार व्यक्त किये। दो दिवसीय सम्मेलन में तीन राज्यों के लगभग 40 विधायकों ने सम्मेलन में दिए गए विषयों पर अपने वक्तव्य दिए।

    कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व मंत्री अजय विश्नोई, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय सहित अन्य पदाधिकारी एवं युवा विधायक मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में विधानसभा के सचिव अरविन्द शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

  • रतलाम में ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, एमडीएमए फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त

    रतलाम में ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, एमडीएमए फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त


    भोपाल । मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पुलिस ने दो दिनों के भीतर लगातार बड़ी कार्रवाई करते हुए न केवल ड्रग तस्करों को पकड़ा, बल्कि एक संगठित सिंथेटिक ड्रग निर्माण नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में थाना रिंगनोद और पिपलोदा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एमडी और ब्राउन शुगर सहित भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किया गया।

    पोल्ट्री फार्म की आड़ में चल रही थी एमडीएमए फैक्ट्री

    पुलिस मुख्यालय के अनुसार, मंगलवार को थाना पिपलोदा क्षेत्र के ग्राम बोरखेड़ा में छापेमारी कर अवैध एमडी (एमडीएमए) निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया। यह फैक्ट्री एक पोल्ट्री फार्म की आड़ में संचालित की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 175 किलोग्राम रासायनिक पदार्थ, 200 ग्राम तैयार एमडीएमए, गैस सिलेंडर, हीट गन, स्टोव सहित ड्रग निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण जब्त किए। जब्त सामग्री की कुल कीमत 24 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है।

    मुख्य सरगना गिरफ्तार, अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ाव

    इस मामले में मुख्य आरोपी जमशेद खान उर्फ जमशेद लाला उर्फ जमशेद सेठ को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह एक अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का सरगना है और उसके खिलाफ कई राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ड्रग बनाने के लिए रसायनों की आपूर्ति राजस्थान के प्रतापगढ़ क्षेत्र से की जा रही थी। साथ ही घटना से पहले बड़ी मात्रा में एमडी की सप्लाई भी की जा चुकी थी।

    फोरलेन पर घेराबंदी कर 500 ग्राम एमडी जब्त

    इसी कार्रवाई के तहत एक अन्य मामले में पुलिस चौकी माननखेड़ा, थाना रिंगनोद ने मुखबिर सूचना के आधार पर फोरलेन रोड पर घेराबंदी की। इस दौरान बोलेरो पिकअप वाहन से 500 ग्राम एमडी ड्रग्स (कीमत लगभग 50 लाख रुपए) जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन (कीमत करीब 5 लाख रुपए) भी जब्त किया। इस कार्रवाई में कुल लगभग 55 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई।

    ब्राउन शुगर के साथ एक और आरोपी पकड़ा गया

    इसी दिन एक अन्य कार्रवाई में थाना रिंगनोद पुलिस ने 100 ग्राम ब्राउन शुगर (कीमत करीब 1 लाख रुपए) के साथ एक आरोपी को मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार किया। आरोपी से कुल 1 लाख 50 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की गई।

    उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी रतलाम जिले में एमडीएमए निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया जा चुका है। इससे साफ है कि क्षेत्र में संगठित ड्रग नेटवर्क सक्रिय रहा है, जिस पर मध्य प्रदेश पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

  • मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश साझेदारी: धार्मिक पर्यटन और लघु उद्योगों पर सीएम डॉ. मोहन का जोर

    मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश साझेदारी: धार्मिक पर्यटन और लघु उद्योगों पर सीएम डॉ. मोहन का जोर


    भोपाल/वाराणसी । मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 मार्च को वाराणसी पहुंचे। उनका स्वागत उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने किया। इस अवसर पर सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री गिरीश यादव सहित वाराणसी के स्थानीय जनप्रतिनिधि और जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

    सीएम डॉ. यादव ने बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन किए और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण कर वहां के क्राउड फ्लो डिजाइन, इंफ्रास्ट्रक्चर और तीर्थयात्री प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने भीड़ प्रबंधन पर विशेष प्रस्तुतियां देखीं और मंदिर परिसर में अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

    मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का प्रबंधन बहुत प्रभावशाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल और स्थानीय निवासियों के सहयोग ने इसे संभव बनाया। बाबा विश्वनाथ और बाबा महाकाल के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

    धार्मिक पर्यटन और लघु उद्योगों पर विशेष फोकस करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ओडीओपी योजना में उत्तर प्रदेश ने बेहतरीन काम किया है और मध्यप्रदेश भी इसे अपनाने और सुधारने पर काम कर रहा है। जैसे उत्तर प्रदेश में बनारसी साड़ी की विरासत रही, वैसे ही मध्यप्रदेश में चंदेरी और महेश्वरी साड़ी सहित अन्य लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    सीएम ने कहा कि बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर में भीड़ प्रबंधन जैसा मॉडल मध्यप्रदेश में सिंहस्थ के दौरान लागू किया जाएगा। उनका उद्देश्य बेहतर धार्मिक पर्यटन व्यवस्था सुनिश्चित करना और इससे आम लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने बताया कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के सफल प्रबंधन से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में सुधार आया है, और इसी मॉडल को मध्यप्रदेश में लागू किया जाएगा।

    दोनों राज्यों के बीच योजनाओं और जानकारियों के आदान-प्रदान के लिए एमओयू भी साइन किए जाएंगे। इसका उद्देश्य दर्शनार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और धार्मिक पर्यटन के माध्यम से रोजगार और आर्थिक समृद्धि बढ़ाना है। इसके अलावा, केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और सोलर ऊर्जा परियोजनाओं पर भी दोनों राज्य सहयोग कर रहे हैं।

    गरीबों और युवाओं के जीवन में सुधार लाने, लघु उद्योगों के उत्पादों को सही कीमत दिलाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए भी यह सम्मेलन महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर रिसर्च जारी है और बाबा विश्वनाथ धाम पर 3-5 अप्रैल को उनके जीवन पर आधारित महानाट्य का मंचन किया जाएगा, जिसमें करीब 400 कलाकार भाग लेंगे। डॉ. मोहन यादव ने जोर दिया कि अब समय कटुता का नहीं, सौहाद्र का है। दोनों राज्य मिलकर धार्मिक पर्यटन, लघु उद्योग और पर्यावरणीय परियोजनाओं के जरिए विकास की नई इबारत लिखेंगे।

  • 1 अप्रैल से महंगाई का डबल झटका: बिजली, प्रॉपर्टी, टोल और ATM सब महंगे

    1 अप्रैल से महंगाई का डबल झटका: बिजली, प्रॉपर्टी, टोल और ATM सब महंगे


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2026 की शुरुआत आम जनता के लिए महंगाई का बड़ा झटका लेकर आ रही है। रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े कई अहम क्षेत्रों में बदलाव होने जा रहे हैं जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। बिजली से लेकर प्रॉपर्टी खरीद तक और हाईवे पर सफर से लेकर एटीएम से पैसे निकालने तक लगभग हर क्षेत्र महंगा होने जा रहा है।

    सबसे पहले बात करें बिजली की तो 2026-27 के लिए नया टैरिफ लागू किया जा रहा है। बिजली दरों में औसतन 4.80 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि 100 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को राहत जारी रहेगी लेकिन जैसे-जैसे खपत बढ़ेगी बिल भी तेजी से बढ़ेगा। उदाहरण के तौर पर 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वालों को हर महीने औसतन 150 रुपए तक अधिक चुकाने पड़ सकते हैं।

    प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए भी यह समय भारी पड़ने वाला है। राज्य में कलेक्टर गाइडलाइन दरों में औसतन 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। करीब 65 हजार स्थानों पर नई दरें लागू होंगी जिससे जमीन और मकान की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी। इसके साथ ही निर्माण सामग्री की बढ़ती लागत के कारण पक्के मकानों का निर्माण भी पहले से ज्यादा खर्चीला हो जाएगा।

    हाईवे पर सफर करने वाले लोगों को भी अब ज्यादा भुगतान करना होगा। नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स में 5 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। फास्टैग के सालाना पास की कीमत में भी करीब 75 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है जिससे रोजाना सफर करने वालों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

    बैंकिंग सेवाओं में भी बदलाव किए गए हैं। एटीएम से पैसे निकालना अब पहले से महंगा हो जाएगा। पहले की तरह महीने में पांच मुफ्त ट्रांजैक्शन की सुविधा जारी रहेगी लेकिन इसके बाद हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर करीब 23 रुपए तक शुल्क देना होगा। इस पर टैक्स भी अलग से लगेगा जिससे बार-बार पैसे निकालना महंगा सौदा साबित होगा।

    नगर निगम और स्थानीय निकायों ने कचरा प्रबंधन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 के तहत अब कचरे को चार हिस्सों में अलग करना अनिवार्य होगा जिसमें गीला सूखा सैनिटरी और खतरनाक कचरा शामिल है। नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाएगा जिससे लोगों को नई व्यवस्था के अनुसार खुद को ढालना पड़ेगा।

    रेलवे यात्रियों के लिए भी नियमों में बदलाव किया गया है। अब ट्रेन के निर्धारित समय से 8 घंटे के भीतर टिकट रद्द करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा जबकि पहले यह सीमा 4 घंटे थी। 8 से 24 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर करीब 50 प्रतिशत राशि वापस मिलेगी वहीं 24 से 72 घंटे पहले रद्द करने पर 75 प्रतिशत तक रिफंड मिलेगा। इसके अलावा यात्रियों को ट्रेन रवाना होने से आधे घंटे पहले तक क्लास अपग्रेड कराने की सुविधा भी दी जाएगी।

    कुल मिलाकर 1 अप्रैल से लागू होने वाले ये बदलाव आम आदमी के बजट को प्रभावित करेंगे। ऐसे में लोगों को अपनी आर्थिक योजना को नए सिरे से तैयार करना होगा ताकि बढ़ते खर्चों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।

  • जबलपुर में मामूली विवाद बना जानलेवा, शादी में घोड़ी हटाने को लेकर युवक की चाकू मारकर हत्या

    जबलपुर में मामूली विवाद बना जानलेवा, शादी में घोड़ी हटाने को लेकर युवक की चाकू मारकर हत्या


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक मामूली विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। शादी समारोह के दौरान हुई कहासुनी के बाद 33 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वारदात सोमवार देर रात की है, जहां पांच बदमाशों ने युवक को घेरकर उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए।

    जानिए क्‍या है मामला

    जानकारी के मुताबिक, हनुमानताल निवासी मोनू उर्फ सादिल शादियों में दूल्हे के लिए घोड़ी उपलब्ध कराने का काम करता था। सोमवार रात वह घमापुर इलाके में एक शादी समारोह में घोड़ी लेकर पहुंचा था। इसी दौरान कुछ युवक बाइक से वहां से निकल रहे थे। भीड़ अधिक होने के कारण मोनू ने उन्हें घोड़ी से दूर रहने को कहा, ताकि कोई हादसा न हो। इसी बात को लेकर आरोपियों से उसका विवाद हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए।

    बारात खत्म होने के बाद देर रात करीब 12:30 से 1 बजे के बीच मोनू घर लौटा। घोड़ी बांधकर जैसे ही वह घर के अंदर जाने लगा, तभी बाइक सवार बदमाश वहां पहुंचे और उस पर चाकू से हमला कर दिया। हमलावरों ने उसे घेरकर कई वार किए और खून से लथपथ हालत में सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। कुछ देर बाद राहगीरों ने घायल मोनू को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। हनुमानताल और घमापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई।

    परिवार की जिम्मेदारी थी मृतक पर

    मृतक के भाई मोहम्मद साबिर के अनुसार, परिवार हमलावरों को नहीं जानता। विवाद की वजह सिर्फ इतनी थी कि मोनू ने घोड़ी से दूर रहने की बात कही थी। बताया जा रहा है कि मोनू ही पूरे परिवार का सहारा था और शादी-विवाह में घोड़ी लगाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

    प्रारंभिक जांच में जीशान नाम के युवक और उसके साथियों की संलिप्तता सामने आई है। हनुमानताल थाना पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • अनूपपुर में अवैध कोयले पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 टन कोयला जब्त, ड्राइवर गिरफ्तार

    अनूपपुर में अवैध कोयले पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 टन कोयला जब्त, ड्राइवर गिरफ्तार


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में भालूमाड़ा पुलिस ने अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार रात करीब तीन टन चोरी का कोयला जब्त किया। इस दौरान एक मालवाहक वाहन को भी पकड़ा गया और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से 49 हजार रुपए नकद भी बरामद किए हैं।

    नाकाबंदी कर पकड़ा गया अवैध कोयला

    थाना प्रभारी विपुल शुक्ला के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि एक मालवाहक वाहन में चोरी का कोयला ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम पयारी नंबर 02 में ठाकुर बाबा के पास नाकाबंदी की। जांच के दौरान पिकअप वाहन (क्रमांक CG 10 BK 0962) को रोका गया, जिसमें अवैध कोयला लोड पाया गया।

    ड्राइवर गिरफ्तार, नकदी भी बरामद

    जब्त किए गए कोयले का वजन लगभग तीन टन है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 40 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने वाहन के ड्राइवर संतोष कुमार चौधरी (42 वर्ष), निवासी मुंडा, थाना जैतहरी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से 49 हजार रुपए नकद भी बरामद हुए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह राशि पहले बेचे गए कोयले से संबंधित हो सकती है।

    आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज

    पुलिस ने जब्त वाहन को थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा कराया है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। उसे मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

    पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

    गौरतलब है कि तीन दिन पहले 27 मार्च को भी भालूमाड़ा पुलिस ने एक ऑटो से करीब सात क्विंटल चोरी का कोयला जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह कोयला आसपास के गांवों से गुजरने वाली मालगाड़ियों से चोरी किया जाता है और बाद में ईंट भट्ठों या होटल संचालकों को बेच दिया जाता है।

  • दतिया में दिनदहाड़े भाजपा पार्षद की हत्या, मंदिर से लौटते समय बदमाशों ने मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस

    दतिया में दिनदहाड़े भाजपा पार्षद की हत्या, मंदिर से लौटते समय बदमाशों ने मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया में मंगलवार सुबह एक भाजपा पार्षद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात उस समय हुई जब पार्षद मंदिर से लौट रहे थे। हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना सुबह करीब 8:30 बजे सेवढ़ा चुंगी चौराहे पर हुई।

    ऐसे हुआ हमला

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वार्ड नंबर 1 के पार्षद कल्लू कुशवाहा रोज की तरह चौराहे पर टहलने पहुंचे थे। उनके साथ दो अन्य लोग भी मौजूद थे। इसी दौरान तीन हमलावर वहां पहुंचे और उन पर फायरिंग कर दी। हमलावरों ने दो राउंड फायर किए। एक गोली कल्लू कुशवाहा के सिर में लगी, जबकि दूसरी पीठ में जा लगी। गोली लगते ही वे मौके पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

    कई आपराधिक मामले दर्ज थे

    दतिया एसडीओपी आकांक्षा जैन के मुताबिक, कल्लू कुशवाहा पर शराब तस्करी, हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। प्रारंभिक जांच में मामला वर्चस्व की रंजिश से जुड़ा माना जा रहा है।

    पहले भी हत्या के मामले में मिली थी सजा

    कल्लू कुशवाहा 2022 में वार्ड नंबर 1 से भाजपा के टिकट पर पार्षद चुने गए थे। 18 फरवरी 2025 को दतिया कोर्ट ने पूर्व पार्षद बाल किशन कुशवाहा की हत्या के मामले में कल्लू सहित छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां से उन्हें जमानत मिल गई थी। वह करीब चार महीने पहले ही जेल से बाहर आए थे। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

    नगर पालिका का बजट सम्मेलन स्थगित

    पार्षद की हत्या के बाद नगर पालिका का बजट सम्मेलन स्थगित कर दिया गया। बैठक की शुरुआत में सभी पार्षदों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा। नगर पालिका अध्यक्ष के बेटे प्रशांत ढेंगुला ने बताया कि बजट पहले ही प्रेसिडेंट इन काउंसिल (PIC) में पारित हो चुका है, इसलिए इसे स्वतः मंजूर माना जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के कारण शहर के विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे।

  • 1 अप्रैल से गूंजेगा स्कूल चलें हम अभियान CM मोहन यादव की मौजूदगी में बच्चों के भविष्य का महाअभियान शुरू

    1 अप्रैल से गूंजेगा स्कूल चलें हम अभियान CM मोहन यादव की मौजूदगी में बच्चों के भविष्य का महाअभियान शुरू

    भोपाल । मध्यप्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत एक बड़े जनजागरूकता अभियान के साथ होने जा रही है। मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल चलें हम अभियान की शुरुआत की जाएगी जो 4 अप्रैल तक चलेगा। इस अभियान का उद्देश्य हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ना नामांकन बढ़ाना और स्कूलों को एक उत्सव के रूप में सक्रिय करना है। राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल में आयोजित होगा जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव की विशेष उपस्थिति रहेगी।

    यह अभियान प्रदेश की लगभग 92 हजार सरकारी स्कूलों में एक साथ चलाया जाएगा जहां प्रतिदिन अलग अलग गतिविधियां आयोजित होंगी। इन गतिविधियों में प्रवेशोत्सव नामांकन अभियान खेलकूद सांस्कृतिक कार्यक्रम और बाल सभाएं प्रमुख रूप से शामिल रहेंगी। सरकार का मानना है कि इस तरह के आयोजन से न केवल बच्चों में स्कूल के प्रति आकर्षण बढ़ेगा बल्कि अभिभावकों की भागीदारी भी मजबूत होगी।

    अभियान के पहले दिन यानी 1 अप्रैल को सभी स्कूलों में प्रवेशोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बच्चों का स्वागत किया जाएगा और कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए बाल सभा आयोजित होगी। साथ ही विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा ताकि सत्र की शुरुआत से ही पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके। कई स्थानों पर साइकिल और अन्य आवश्यक सामग्री भी वितरित की जाएगी जिससे छात्रों को स्कूल आने में सुविधा मिल सके।

    दूसरे दिन भविष्य से भेंट कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों के सफल और प्रेरणादायी व्यक्तियों को स्कूलों में आमंत्रित किया जाएगा। ये अतिथि बच्चों के साथ संवाद करेंगे और उन्हें शिक्षा का महत्व समझाएंगे। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को प्रेरित करना और उन्हें अपने भविष्य के प्रति जागरूक बनाना है। जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूलों में जाकर बच्चों से सीधे संवाद करें।

    तीसरे दिन सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियों के माध्यम से स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाएगा। इस दिन अभिभावकों को भी आमंत्रित किया जाएगा ताकि वे स्कूल की गतिविधियों में भाग ले सकें। साथ ही शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उन्हें दी जाएगी। जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति 85 प्रतिशत से अधिक रही है उनके अभिभावकों का सम्मान किया जाएगा जिससे अन्य परिवार भी प्रेरित हो सकें।

    अभियान के अंतिम दिन हार के आगे जीत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें उन विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जो किसी कारणवश अपनी कक्षा में सफल नहीं हो पाए हैं। उनके अभिभावकों को समझाइश दी जाएगी कि बच्चों को निराश न होने दें और उन्हें आगे पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करें। इसी दिन स्कूल प्रबंधन समितियों की बैठक भी होगी जिसमें शत प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

    सरकार का मानना है कि स्कूल चलें हम अभियान शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करेगा और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में मददगार साबित होगा। यह पहल न केवल नामांकन बढ़ाने का प्रयास है बल्कि बच्चों के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।

  • उज्जैन में सड़कों पर उतरी कांग्रेस बिजली दर बढ़ोतरी और गेहूं खरीदी टलने पर उग्र आंदोलन का ऐलान

    उज्जैन में सड़कों पर उतरी कांग्रेस बिजली दर बढ़ोतरी और गेहूं खरीदी टलने पर उग्र आंदोलन का ऐलान


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन में बढ़ती महंगाई और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शहर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी तथा ईंधन संकट को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने आम जनता और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार को चेतावनी भी दी है।

    प्रदर्शन की शुरुआत देवास गेट चौराहे से हुई जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित हुए। यहां से रैली मालीपुरा होते हुए एटलस चौराहे तक निकाली गई। पूरे रास्ते कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए महंगाई और सरकारी नीतियों के खिलाफ विरोध जताया। रैली के समापन के बाद कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया जिसमें 1 अप्रैल से लागू होने वाली बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।

    कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियां आम नागरिकों के हितों के विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है जिससे आम परिवारों का बजट बिगड़ गया है। साथ ही पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर भी संकट की स्थिति बताई जा रही है जिससे लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में यह भी कहा गया कि प्रदेश में लगातार बिजली बिलों में वृद्धि की जा रही है और अब एक बार फिर प्रति यूनिट दर बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले ही महंगाई से जूझ रही जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। कांग्रेस ने इस निर्णय को जनविरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।

    इसके साथ ही किसानों से जुड़े मुद्दे को भी जोरशोर से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होनी थी लेकिन इसे बढ़ाकर 10 अप्रैल कर दिया गया है। इस फैसले से किसानों को नुकसान होगा क्योंकि उन्हें मजबूरी में अपनी फसल कम दामों पर बेचनी पड़ सकती है। इसे किसानों के साथ अन्याय बताते हुए कांग्रेस ने सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की।

    प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कई स्थानों पर गैस सिलेंडर और ईंधन की कमी के कारण लोगों को ज्यादा कीमत देकर सामान खरीदना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि जो गैस सिलेंडर पहले कम कीमत में मिलता था अब वह ब्लैक में काफी महंगा बिक रहा है जिससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

    कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 1 अप्रैल से बिजली दरों में वृद्धि लागू की जाती है और जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस प्रदर्शन ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में महंगाई और जनहित के मुद्दों पर राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।