Category: Madhya Pradesh

  • शिवपुरी में आंधी-तूफान का कहर: 100 बीघा फसल खाक, 55 मवेशियों की मौत, कई गांवों में तबाही

    शिवपुरी में आंधी-तूफान का कहर: 100 बीघा फसल खाक, 55 मवेशियों की मौत, कई गांवों में तबाही


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में शनिवार को आई तेज आंधी और बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी। महज 15 मिनट की इस प्राकृतिक आपदा ने शहर से लेकर गांव तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी के बाद कई जगहों पर आग और हादसों की भयावह स्थिति बन गई।

    नरवर क्षेत्र के सिमरिया, इमलिया और पारागढ़ गांवों में नरवाई की आग ने विकराल रूप ले लिया। आंधी के कारण आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते करीब 100 बीघा में खड़ी लहसुन की फसल जलकर राख हो गई। इसके अलावा 100 से अधिक भूसे और कंडों के कूप भी आग की चपेट में आकर नष्ट हो गए। किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।

    सबसे दर्दनाक घटना पशुधन से जुड़ी रही, जहां करीब 55 मवेशियों की जलकर मौत हो गई। खेतों और बाड़ों में बंधे ये पशु आग से बच नहीं सके और जिंदा जल गए, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और दुख है।

    इसी दौरान कई अन्य जिलों में भी आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। करैरा के बांसवेरा में मकान की छत गिरने से एक मां और बेटा मलबे में दब गए, जिन्हें ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर बचाया। वहीं शिवपुरी शहर में पोलो ग्राउंड की बाउंड्रीवाल गिरने से चार युवक घायल हो गए।

    तेज आंधी के चलते पेड़ और बिजली के खंभे भी बड़ी संख्या में गिर गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। बिजली विभाग के अनुसार अकेले शिवपुरी क्षेत्र में 60 से अधिक पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं।

    भीमपुर तहसील के बर्राढाना गांव में आग की एक और बड़ी घटना सामने आई, जहां चूल्हे की चिंगारी से लगी आग ने 18 मकानों को जला दिया। इस हादसे में 30 से अधिक बकरियां और 25 मवेशी भी जिंदा जल गए। गैस सिलेंडर फटने से स्थिति और भयावह हो गई।

    इसी तरह दमोह और रायसेन जिलों में भी आंधी-तूफान से बिजली व्यवस्था चरमरा गई और आगजनी की घटनाओं में भारी नुकसान हुआ।

    प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है और प्रभावित परिवारों को अस्थायी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि, इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों और ग्रामीणों की कमर तोड़ दी है।

  • शिवपुरी में गेहूं उपार्जन केंद्रों पर सख्ती: कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश, गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई

    शिवपुरी में गेहूं उपार्जन केंद्रों पर सख्ती: कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश, गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में गेहूं उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

    कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न की जानी चाहिए। इसी के तहत जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों पर नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने टोकन वितरण व्यवस्था, बारदाना उपलब्धता, गेहूं की गुणवत्ता और परिवहन व्यवस्था की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही किसानों को भुगतान समय पर हो रहा है या नहीं, इसकी भी समीक्षा की गई।

    डिप्टी कलेक्टर अजय शर्मा ने बैराड़ उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया, जबकि डिप्टी कलेक्टर शिवदयाल धाकड़ ने मलावनी, कमालपुर और पिछोर स्थित उपार्जन केंद्रों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कुछ स्थानों पर सुधार की आवश्यकता है।

    अधिकारियों ने केंद्रों पर किसानों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था की भी समीक्षा की। जहां कमियां पाई गईं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

    प्रशासन का कहना है कि उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी केंद्रों पर निगरानी लगातार जारी रहेगी ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।

  • शिवपुरी में योग दिवस की तैयारी तेज: 50 दिन का काउंटडाउन शुरू, जगह-जगह योग सत्र

    शिवपुरी में योग दिवस की तैयारी तेज: 50 दिन का काउंटडाउन शुरू, जगह-जगह योग सत्र


    नई दिल्ली। 21 जून को होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन से 50 दिन पहले ही प्रशासन ने काउंटडाउन अभियान शुरू कर दिया है, जिसके तहत पूरे जिले में योग को लेकर जागरूकता गतिविधियां चलाई जा रही हैं।

    शनिवार को जिला मुख्यालय के स्टेडियम परिसर में एक सामूहिक योगाभ्यास सत्र आयोजित किया गया, जिसमें खिलाड़ी, बच्चे, बुजुर्ग और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

    कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने योग के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है, जिसे रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

    जिला आयुष विभाग की ओर से बताया गया कि आने वाले दिनों में जिलेभर में नियमित योग सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें। मुख्य आयोजन में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में भी विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

    जिला आयुष अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा और स्वास्थ्य विज्ञान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे अपनाकर लोग रोगमुक्त और संतुलित जीवन जी सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

    इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी डॉ. केके खरे भी उपस्थित रहे और उन्होंने युवाओं को योग के प्रति प्रेरित किया। प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से जिले में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और भागीदारी दोनों बढ़ेंगी।

  • आलमपुर में दर्दनाक हादसा: बस ने महिला को कुचला, मौके पर मौत; ड्राइवर भागते हुए पकड़ा गया

    आलमपुर में दर्दनाक हादसा: बस ने महिला को कुचला, मौके पर मौत; ड्राइवर भागते हुए पकड़ा गया


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के आलमपुर में शनिवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना कॉक्सी सरकार तिराहे के पास हुई, जब महिला अपने भाई और भतीजी के साथ बाइक से मायके जा रही थी।

    जानकारी के अनुसार, 48 वर्षीय गुड्डी देवी अपने भाई कन्हैयालाल और भतीजी बबली के साथ बाइक पर सवार थीं। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार बस ने अचानक संतुलन खो दिया और बाइक को टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि बस चालक ने सड़क पर बने गड्ढे को बचाने की कोशिश की, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया और यह दर्दनाक हादसा हो गया।

    टक्कर इतनी भीषण थी कि गुड्डी देवी बस के पिछले पहिए के नीचे आ गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जुट गई।

    घटना के बाद बस चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान लोगों में गुस्सा और आक्रोश भी देखने को मिला।

    स्थानीय लोगों ने पुलिस की देरी पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि हादसा थाने से कुछ ही दूरी पर हुआ था, फिर भी पुलिस को मौके पर पहुंचने में काफी समय लग गया।

    पुलिस के अनुसार, बस को जब्त कर लिया गया है और चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।

  • मुरैना कलेक्ट्रेट में आग: साइबर शाखा के कंप्यूटर और दस्तावेज जले, शॉर्ट सर्किट बना वजह

    मुरैना कलेक्ट्रेट में आग: साइबर शाखा के कंप्यूटर और दस्तावेज जले, शॉर्ट सर्किट बना वजह


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मुरैना जिला कलेक्ट्रेट में देर रात आग लगने की घटना सामने आई, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कलेक्ट्रेट के नए भवन में स्थित वेब आईजी (इंटरनेट साइबर) शाखा में शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़क गई, जिससे वहां रखे कंप्यूटर, सीपीयू, मॉनिटर और महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो गए।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना देर रात उस समय हुई जब इंटरनेट साइबर कक्ष में बिजली की सर्विस लाइन में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। चिंगारी गिरते ही पास में रखे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और कागजातों ने आग पकड़ ली और कुछ ही देर में कमरे में धुआं भर गया।

    हालांकि, मौके पर मौजूद रात्रि स्टाफ और चौकीदारों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने तुरंत अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) का उपयोग कर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी, जिससे आग सीमित दायरे में ही काबू में आ गई। बाद में सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और पूरी तरह आग पर नियंत्रण पा लिया गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी रात में ही मौके पर पहुंचे। अश्वनी कुमार रावत ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि प्रारंभिक तौर पर आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि आग सर्वर रूम के पास लगी थी, लेकिन समय रहते नियंत्रण पा लिया गया।

    प्रशासन ने इस घटना के बाद नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएं।

    फिलहाल, इस घटना से साइबर शाखा के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका है, क्योंकि जरूरी दस्तावेज और उपकरण नष्ट हो चुके हैं। प्रशासन जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था करने की तैयारी में जुट गया है।

  • ग्वालियर में वर्दी की साख पर सवाल: नशे में धुत होमगार्ड सिपाही सड़क पर बेसुध

    ग्वालियर में वर्दी की साख पर सवाल: नशे में धुत होमगार्ड सिपाही सड़क पर बेसुध


    नई दिल्ली।  मध्यप्रदेश के ग्वालियर में शनिवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने वर्दीधारी सुरक्षा बलों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के सिटी सेंटर इलाके में एक होमगार्ड सिपाही शराब के नशे में इस कदर धुत मिला कि वह सड़क पर ही बेसुध होकर गिर पड़ा। राहगीरों ने जब यह दृश्य देखा तो हैरान रह गए, वहीं एक युवक ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

    बताया जा रहा है कि घटना दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच की है। वर्दी पहने यह सिपाही सड़क पर लोटपोट होता नजर आया और खुद को संभालने की स्थिति में नहीं था। राहगीरों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन वह खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक युवक उससे उसका नाम और स्थिति पूछने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सिपाही ठीक से बोल भी नहीं पा रहा—सिर्फ इशारे करता और बड़बड़ाता नजर आता है।

    सबसे हैरानी की बात यह है कि सिपाही की वर्दी से नेम प्लेट भी गायब बताई जा रही है, जिससे उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। यही वजह है कि मामला और गंभीर हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और होमगार्ड विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक यह मामला पहुंच गया है, जिससे महकमे में हलचल मच गई है।

    इस घटना ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं क्या सिपाही ड्यूटी पर था? अगर नहीं, तो वर्दी में इस हालत में सार्वजनिक स्थान पर कैसे पहुंचा? और यदि ड्यूटी पर था, तो यह अनुशासनहीनता किस स्तर की है? साथ ही, नेम प्लेट का गायब होना भी संदेह को और गहरा करता है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ विभाग की छवि को धूमिल करती हैं, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी कमजोर करती हैं। फिलहाल, प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन माना जा रहा है कि वीडियो के आधार पर जल्द ही संबंधित सिपाही की पहचान कर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

    यह घटना फिलहाल पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

  • इंदौर में IPL सट्टा गिरोह का भंडाफोड़: घर से वेबसाइट के जरिए चला रहा था खेल, सूदखोरी का भी खुलासा

    इंदौर में IPL सट्टा गिरोह का भंडाफोड़: घर से वेबसाइट के जरिए चला रहा था खेल, सूदखोरी का भी खुलासा


    नई दिल्ली। इंदौर में आईपीएल मैचों के दौरान अवैध सट्टेबाजी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां क्राइम ब्रांच ने एक युवक को उसके घर से गिरफ्तार किया। आरोपी अपने घर में बैठकर टीवी पर मैच देखते हुए मोबाइल फोन और वेबसाइट के जरिए सट्टा संचालित कर रहा था। पुलिस ने मौके से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित नकदी बरामद की है और अब पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
    मामले का खुलासा करते हुए राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके बाद धर्मराज कॉलोनी स्थित घर पर दबिश दी गई। यहां से शुभम उर्फ मोनू यादव को पकड़ा गया, जो उस समय लाइव आईपीएल मैच पर सट्टा लगवा रहा था।
    पुलिस के अनुसार, आरोपी दो मोबाइल फोन के जरिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सट्टेबाजी करवा रहा था। मौके से दो मोबाइल, एक एलईडी टीवी और करीब एक लाख रुपए का सामान जब्त किया गया है। मोबाइल फोन की जांच में लाखों रुपए के लेन-देन के सबूत भी मिले हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि सट्टे का यह नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है।
    पूछताछ में सामने आया कि आरोपी “Allpanelexch9.co.website” नाम की साइट के जरिए लोगों को सट्टा खेलने के लिए आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराता था। इसके बदले वह तय रकम वसूलता था। इतना ही नहीं, वह लोगों को सट्टा खेलने के लिए पैसे उधार भी देता था और उस पर ब्याज वसूलता था, जिससे सूदखोरी का एंगल भी इस मामले में जुड़ गया है।
    जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी शहर के कई लोगों को गेमिंग के लिए कॉइन्स उपलब्ध कराता था, जिससे वे ऑनलाइन सट्टा खेल सकें। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, ट्रांजेक्शन और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आईपीएल जैसे बड़े आयोजनों के दौरान इस तरह की अवैध गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिन पर नजर रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। क्राइम ब्रांच अब इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
  • इंदौर नवकारसी विवाद गरमाया: सोशल मीडिया पर ‘कोल्ड वॉर’, संतों की एंट्री के बाद भी नहीं थमा टकराव

    इंदौर नवकारसी विवाद गरमाया: सोशल मीडिया पर ‘कोल्ड वॉर’, संतों की एंट्री के बाद भी नहीं थमा टकराव


    नई दिल्ली। इंदौर में महावीर जन्म कल्याणक के अवसर पर आयोजित नवकारसी कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद अब गहराता जा रहा है। लगभग एक महीने बाद भी यह मामला शांत होने के बजाय और उलझता नजर आ रहा है। श्वेतांबर जैन समाज के विभिन्न गुटों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं और यह विवाद अब सोशल मीडिया तक फैल गया है, जहां आरोप-प्रत्यारोप और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।
    विवाद को और हवा तब मिली जब महासंघ की ओर से 29 दिन बाद जारी स्पष्टीकरण को समाज के कई वर्गों ने असंतोषजनक बताया। लोगों का मानना है कि इस बयान में संतुलन और संवेदनशीलता की कमी रही, जिससे स्थिति साफ होने के बजाय और अधिक सवाल खड़े हो गए। इस बीच, मानहानि नोटिस दिए जाने से मामला और अधिक गंभीर हो गया है।
    विवाद को शांत करने के प्रयास में जैन संत आचार्य मुक्तिसागर सूरि ने हस्तक्षेप किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से समाज के दोनों पक्षों से संयम और संवाद बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांत—क्षमा, सहिष्णुता और अहिंसा ही इस स्थिति से बाहर निकलने का मार्ग दिखा सकते हैं। उनका सवाल था कि “आखिर कब तक हम इस तरह आपस में उलझते रहेंगे?”
    आचार्य ने अपने संदेश में यह भी कहा कि मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन उसका समाधान टकराव नहीं बल्कि संवाद और समझ से होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि जैसे शरीर के अंग आपस में टकराने पर भी हम उन्हें दंडित नहीं करते, उसी तरह समाज में भी सहनशीलता जरूरी है। उन्होंने सभी जैन संप्रदायों से भविष्य में एकजुट होकर आयोजन करने का सुझाव दिया, ताकि समाज में एकता का संदेश जाए।
    दरअसल, यह पूरा विवाद नवकारसी कार्यक्रम के दौरान ट्रैक्टर खड़े होने से शुरू हुआ था, जिसे बाद में इवेंट कंपनी की गलती बताया गया। कंपनी संचालक ने लिखित में माफी भी मांग ली थी, लेकिन इसके बावजूद मामला शांत नहीं हुआ। उल्टा, बाद में जारी पत्र और आरोपों को लेकर नई बहस छिड़ गई।
    इस बीच, श्री नाकोड़ा जैन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्षय जैन द्वारा महासंघ को 50 लाख रुपए का मानहानि नोटिस भेजे जाने से विवाद और बढ़ गया है। समाज के कई वरिष्ठों का मानना है कि यह विवाद कुछ लोगों के अहंकार और नेतृत्व में समन्वय की कमी के कारण इतना लंबा खिंच गया।
    समाज के भीतर गुटबाजी और आंतरिक राजनीति की चर्चा भी अब खुलकर होने लगी है। कई लोग इसे संगठनात्मक वर्चस्व की लड़ाई बता रहे हैं, जिससे सामाजिक समरसता प्रभावित हो रही है।
    वरिष्ठ नागरिकों और बुद्धिजीवियों ने भी दोनों पक्षों से अपील की है कि वे अहंकार छोड़कर संवाद का रास्ता अपनाएं। उनका कहना है कि यह विवाद केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब पूरे जैन समाज की एकता और सौहार्द पर असर डाल रहा है।
    फिलहाल, संतों की अपील के बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आ रहा, लेकिन उम्मीद अब भी बनी हुई है कि संवाद और समझ के जरिए समाधान निकलेगा और समाज एक बार फिर एकजुट होकर आगे बढ़ेगा।
  • आधे मध्यप्रदेश में मौसम का कहर: बारिश के साथ 50 Km/घंटा तक आंधी, 27 जिलों में अलर्ट

    आधे मध्यप्रदेश में मौसम का कहर: बारिश के साथ 50 Km/घंटा तक आंधी, 27 जिलों में अलर्ट

    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के आधे हिस्से में आज तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। खासतौर पर ग्वालियर और जबलपुर समेत 27 जिलों में मौसम को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है।

    रविवार को कई इलाकों में बादल छाने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश और ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय सिस्टम के सक्रिय होने के कारण हो रहा है, जिसका असर पूरे मध्यप्रदेश के बड़े हिस्से में देखने को मिलेगा।

    तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और ट्रैफिक प्रभावित होने की संभावना है। ग्रामीण इलाकों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, वहीं शहरी क्षेत्रों में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खुले स्थानों, कमजोर निर्माण और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

    हालांकि, इस मौसम बदलाव से भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिलेगी। पिछले कई दिनों से तापमान 40 डिग्री के पार बना हुआ था, जिससे लोग परेशान थे। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे मौसम सुहावना हो सकता है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।

    कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज जहां एक ओर गर्मी से राहत देगा, वहीं दूसरी ओर तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।



  • NEET UG 2026: इंदौर में 23 हजार स्टूडेंट्स की परीक्षा आज, 57 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और खास इंतज़ाम

    NEET UG 2026: इंदौर में 23 हजार स्टूडेंट्स की परीक्षा आज, 57 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और खास इंतज़ाम


    नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश की सबसे बड़ी परीक्षा NEET (UG) 2026 आज रविवार, 3 मई को इंदौर में आयोजित की जा रही है। इस बार जिले में कुल 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 23,160 परीक्षार्थी अपने भविष्य की दिशा तय करने के लिए परीक्षा देंगे। पिछले साल आई व्यवस्थागत चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस बार जिला प्रशासन ने व्यापक और सख्त तैयारियां की हैं, ताकि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
    परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए आईसीटीएसएल की विशेष बस सेवा सुबह 9 बजे से शुरू की गई है, जो शहर के प्रमुख बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से संचालित हो रही हैं। चार प्रमुख रूट तय किए गए हैं सांवेर, आईआईटी सिमरोल, आईआईएम और महू ताकि छात्रों को समय पर उनके केंद्रों तक पहुंचाया जा सके। परीक्षा समाप्ति के बाद शाम 5 बजे से वापसी के लिए भी बसों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
    सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनुचित गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।
    स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। सभी केंद्रों पर मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है, जबकि पांच प्रमुख केंद्रों पर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहेगी। दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
    बिजली आपूर्ति को लेकर भी इस बार खास तैयारी की गई है। यदि किसी केंद्र पर बिजली बाधित होती है, तो तत्काल जनरेटर बैकअप उपलब्ध रहेगा। अभिभावकों के लिए केंद्रों के बाहर टेंट और पेयजल की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें गर्मी में राहत मिल सके।
    पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनी रहे, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों की सतत मॉनिटरिंग की जाए। इसके लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट और उड़नदस्ते लगातार मैदान में रहेंगे और समय-समय पर निरीक्षण करेंगे।
    गौरतलब है कि पिछले वर्ष खराब मौसम, तेज आंधी और बिजली कटौती के कारण कई परीक्षार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। इस बार उन्हीं अनुभवों से सीख लेते हुए प्रशासन ने व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत और सख्त बनाया है।
    जिला प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय पर अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचें और किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाहों पर ध्यान न दें। यह परीक्षा न केवल उनके करियर, बल्कि उनके सपनों की दिशा तय करने वाली है और इस बार इंदौर पूरी तैयारी के साथ इसके लिए तैयार है।