Category: Madhya Pradesh

  • रात के अंधेरे में शिलान्यास की कोशिश सिंगरौली में आदित्य बिरला ग्रुप के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र विरोध

    रात के अंधेरे में शिलान्यास की कोशिश सिंगरौली में आदित्य बिरला ग्रुप के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र विरोध


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के बंधा क्षेत्र में उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए जब आदित्य बिरला ग्रुप से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी कथित रूप से देर रात ग्रामीणों की जमीन पर शिलान्यास करने पहुंच गए इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश और असंतोष की स्थिति पैदा कर दी

    बताया जा रहा है कि कंपनी के प्रतिनिधि रात के अंधेरे में चुपचाप मौके पर पहुंचे और जमीन पर शिलान्यास की तैयारी शुरू कर दी लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी ग्रामीणों को लगी वे बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इस कार्रवाई का तीखा विरोध किया ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना उनकी सहमति और जानकारी के उनकी जमीन पर किसी भी तरह का काम नहीं होने दिया जाएगा

    बंधा क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी साफ दिखाई देती है उनका कहना है कि यदि कंपनी का प्रोजेक्ट पूरी तरह वैध है तो शिलान्यास दिन में खुले तौर पर किया जाना चाहिए था रात के समय इस तरह की गतिविधि कई सवाल खड़े करती है

    घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है और लोग कंपनी की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस कार्रवाई के पीछे किसी प्रकार का प्रशासनिक संरक्षण है या फिर यह किसी बड़े स्तर की योजना का हिस्सा है हालांकि इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है

    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे और किसी भी प्रकार के अवैध या जबरन कार्य को रोकने के लिए संगठित रूप से विरोध जारी रखेंगे उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा

    यह घटनाक्रम न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि व्यापक रूप से औद्योगिक परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े करता है पारदर्शिता संवाद और सहमति की कमी ऐसे विवादों को जन्म देती है जो आगे चलकर बड़े टकराव का कारण बन सकते हैं फिलहाल बंधा क्षेत्र की यह घटना एक गंभीर विवाद के रूप में उभर रही है जिस पर प्रशासन और संबंधित पक्षों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं

  • दतिया विधायक की गिरफ्तारी से सियासी हलचल तेज 2015 के एफडीआर मामले में कोर्ट का फैसला कल संभव

    दतिया विधायक की गिरफ्तारी से सियासी हलचल तेज 2015 के एफडीआर मामले में कोर्ट का फैसला कल संभव


    दतिया । मध्यप्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली में गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई भ्रष्टाचार से जुड़े एक पुराने मामले में की गई है जिसमें वर्ष 2015 में भूमि विकास बैंक से एफडीआर रिलीज से संबंधित अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं

    बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां लंबे समय से इस मामले की पड़ताल कर रही थीं और अब पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद विधायक को हिरासत में लिया गया है गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत कोर्ट में पेश किया जाएगा जहां इस मामले में आगे की सुनवाई होगी सूत्रों के मुताबिक कल अदालत द्वारा सजा को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया जा सकता है जिससे इस पूरे प्रकरण पर स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी

    यह मामला वर्ष 2015 से जुड़ा हुआ है जब भूमि विकास बैंक में एफडीआर रिलीज को लेकर कथित गड़बड़ियां सामने आई थीं आरोप है कि इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करते हुए आर्थिक अनियमितताएं की गईं जिससे वित्तीय नुकसान हुआ इस प्रकरण में जांच के दौरान कई दस्तावेजों और लेनदेन की जांच की गई जिसके आधार पर अब कार्रवाई तेज की गई है

    राजनीतिक दृष्टि से यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे न केवल क्षेत्रीय बल्कि प्रदेश स्तर पर भी सियासी असर देखने को मिल सकता है विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की नजरें अब कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं यदि अदालत सजा सुनाती है तो इसका सीधा असर राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है वहीं यदि राहत मिलती है तो यह मामला एक अलग मोड़ ले सकता है

    गिरफ्तारी के बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं जहां एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ता इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहे हैं वहीं दूसरी ओर विरोधी दल इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं हालांकि आधिकारिक रूप से जांच एजेंसियों की ओर से विस्तृत बयान अभी सामने नहीं आया है

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में अदालत का फैसला कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह लंबे समय से लंबित एक वित्तीय अनियमितता के मामले को अंतिम दिशा देगा साथ ही यह भी तय करेगा कि आरोप कितने मजबूत हैं और उनके आधार पर सजा किस हद तक संभव है

    फिलहाल सभी की निगाहें कोर्ट की अगली कार्यवाही पर टिकी हुई हैं जहां इस मामले में निर्णायक स्थिति सामने आ सकती है यह घटनाक्रम न केवल एक विधायक के राजनीतिक भविष्य के लिए बल्कि प्रदेश की राजनीति के व्यापक परिदृश्य के लिए भी अहम माना जा रहा है

  • मंत्रालय में गूंजा वंदे मातरम और जन गण मन सामूहिक गायन से देशभक्ति का माहौल

    मंत्रालय में गूंजा वंदे मातरम और जन गण मन सामूहिक गायन से देशभक्ति का माहौल


    भोपाल । भोपाल स्थित मंत्रालय में अप्रैल माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस की शुरुआत राष्ट्रभक्ति के भाव से ओतप्रोत वातावरण में हुई सरदार वल्लभभाई पटेल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों ने एक साथ राष्ट्रगीत वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन गण मन का सामूहिक गायन किया इस दौरान पूरे परिसर में देशभक्ति का उल्लासपूर्ण माहौल दिखाई दिया

    कार्यक्रम में पुलिस बैंड द्वारा प्रस्तुत की गई मधुर धुनों ने वातावरण को और भी भावपूर्ण बना दिया बैंड की स्वर लहरियों के साथ जब उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान गाया तो पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा

    इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजौरा श्री अशोक बर्णवाल और श्री संजय कुमार शुक्ला सहित मंत्रालय वल्लभ भवन सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अनेक अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे सभी ने पूरे उत्साह और गरिमा के साथ इस आयोजन में भाग लिया

    हर माह के पहले कार्य दिवस पर आयोजित होने वाला यह सामूहिक गायन कार्यक्रम न केवल देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करता है बल्कि शासकीय कार्यों के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी का भी संदेश देता है इस तरह के आयोजन कर्मचारियों में एकता अनुशासन और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैंकार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी सेवा ही प्रत्येक नागरिक का सर्वोच्च कर्तव्य है

  • डॉ कुंवर विजय शाह की अपील शिक्षा से ही बदलेगा जनजातीय समाज का भविष्य

    डॉ कुंवर विजय शाह की अपील शिक्षा से ही बदलेगा जनजातीय समाज का भविष्य


    भोपाल । मध्यप्रदेश में जनजातीय परिवारों की नई पीढ़ी को शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है जनजातीय कार्य मंत्री डॉ कुंवर विजय शाह ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से स्कूल भेजने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा से अधिक मूल्यवान कुछ भी नहीं है और यही उज्जवल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के शैक्षणिक विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है

    मंत्री ने कहा कि प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है अब न केवल शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है बल्कि स्कूलों की अधोसंरचना भी पहले से अधिक सुदृढ़ हुई है उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं और शासकीय योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों से भी आग्रह किया कि वे स्कूल जाने योग्य प्रत्येक बच्चे का नामांकन सुनिश्चित कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं

    जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं प्रदेश में 63 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं जहां लगभग 25 हजार विद्यार्थी आवासीय सुविधा के साथ अध्ययन कर रहे हैं इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर रहने और पढ़ने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं

    इसके साथ ही कक्षा 11 और 12 तथा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित हैं वर्ष 2024 25 में लगभग एक लाख बानवे हजार विद्यार्थियों को 348 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिससे उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन मिला है वहीं शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है और हजारों पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार होगा

    प्रतिभावान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेईई और नीट की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग की सुविधा भी दी जा रही है इंदौर और भोपाल जैसे प्रमुख केंद्रों पर विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें

    स्कूली अधोसंरचना के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है बड़ी संख्या में आश्रम छात्रावास और विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं जहां लाखों विद्यार्थी निवास कर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं इन संस्थानों में विद्यार्थियों को नि शुल्क आवास भोजन बिजली पानी और खेलकूद की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं

    सरकार ने उन विद्यार्थियों के लिए भी व्यवस्था की है जिन्हें छात्रावास में स्थान नहीं मिल पाता उनके लिए आवास भत्ता योजना लागू की गई है जिसके अंतर्गत विभिन्न शहरों और विकासखंड स्तर पर मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है इस योजना से बड़ी संख्या में छात्र लाभान्वित हो रहे हैं

    मंत्री डॉ शाह ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आधुनिक संसाधनों से युक्त विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक वातावरण में शिक्षा दी जा रही है साथ ही खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है

    कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में जनजातीय शिक्षा को लेकर एक व्यापक और मजबूत ढांचा तैयार किया जा रहा है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर छात्र अपने सपनों को साकार कर सके

  • समृद्धि और विकास का संतुलित खाका मध्यप्रदेश बजट 2026 27 में महिलाओं किसानों और गांवों पर बड़ा फोकस

    समृद्धि और विकास का संतुलित खाका मध्यप्रदेश बजट 2026 27 में महिलाओं किसानों और गांवों पर बड़ा फोकस


    भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 27 के बजट के माध्यम से समग्र और संतुलित विकास की स्पष्ट दिशा प्रस्तुत की है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में तैयार इस बजट को आर्थिक समृद्धि का रोडमैप माना जा रहा है जिसमें सामाजिक सुरक्षा महिला सशक्तिकरण कृषि विकास और आधारभूत संरचना को समान रूप से प्राथमिकता दी गई है यह बजट न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखता है बल्कि भविष्य के विकास की मजबूत नींव भी तैयार करता है

    सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लाड़ली बहना योजना के लिए 23883 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया है इसके साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना और पोषण कार्यक्रमों के लिए भी पर्याप्त बजट निर्धारित किया गया है यह कदम महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पोषण और सशक्तिकरण को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है

    कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भी बजट में कई अहम प्रावधान किए गए हैं अटल कृषि ज्योति योजना के तहत किसानों को बिजली सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बड़ी राशि रखी गई है वहीं छोटे कृषि पंपों और घरेलू कनेक्शन के लिए मुफ्त बिजली की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किसानों को सीधी राहत देगा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना और फसल बीमा योजना के लिए भी पर्याप्त बजट निर्धारित कर किसानों की आय और सुरक्षा दोनों पर ध्यान दिया गया है

    ग्रामीण और शहरी अधोसंरचना के विकास को गति देने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर निवेश की योजना बनाई है प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है वहीं ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के उन्नयन के लिए भी महत्वपूर्ण राशि का प्रावधान किया गया है शहरी क्षेत्रों में मेट्रो परियोजनाओं को गति देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं जिससे यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी

    जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो ग्रामीण जीवन स्तर को सुधारने में अहम भूमिका निभाएगा

    शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है प्राथमिक शिक्षा और समग्र शिक्षा अभियान के लिए बड़ी राशि निर्धारित की गई है ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नेशनल हेल्थ मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को सशक्त किया गया है

    प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए भी बड़ा बजट रखा गया है उज्जैन में आयोजित होने वाले इस महाकुंभ के लिए आधारभूत संरचना और व्यवस्थाओं को विकसित करने की दिशा में अभी से काम शुरू किया जा रहा है साथ ही वेदांत पीठ की स्थापना के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है

    रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई क्षेत्र के लिए बजट में पर्याप्त राशि निर्धारित की है विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार योजना के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है

    कुल मिलाकर यह बजट सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करता है और मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर तथा विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होता नजर आ रहा है

  • डॉ मोहन यादव का बड़ा फैसला किसानों को टोल छूट और प्रदेश में तेज होगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

    डॉ मोहन यादव का बड़ा फैसला किसानों को टोल छूट और प्रदेश में तेज होगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास


    भोपाल । मध्यप्रदेश में किसान हित और आधारभूत संरचना विकास को लेकर सरकार ने एक साथ कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में किसानों को राहत देने के साथ साथ सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में बड़े निर्णय लिए गए

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में सार्थक बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं इसी क्रम में कृषि कार्य में उपयोग होने वाले कंबाइन हार्वेस्टर को टोल प्लाजा पर शुल्क से छूट देने का निर्णय लिया गया है यह फैसला सीधे तौर पर किसानों की लागत को कम करेगा और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद करेगा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कंबाइन हार्वेस्टर फसल कटाई का एक महत्वपूर्ण उपकरण है और इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में किसानों को टोल शुल्क देना पड़ता था जिससे लागत बढ़ती थी अब टोल से छूट मिलने के बाद परिवहन खर्च में कमी आएगी और इसका सकारात्मक असर कृषि उत्पादन की लागत और अंततः बाजार कीमतों पर भी पड़ेगा यह निर्णय किसानों के लिए राहत और प्रोत्साहन दोनों के रूप में देखा जा रहा है

    बैठक में केवल किसान हित ही नहीं बल्कि प्रदेश के सड़क विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए संचालक मंडल ने इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग और उज्जैन जावरा ग्रीन फील्ड मार्ग के निर्माण को मंजूरी दी है इन परियोजनाओं को नॉन एक्सेस कंट्रोल के रूप में विकसित किया जाएगा जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रा समय में कमी आएगी

    इसके अलावा पश्चिम भोपाल बायपास के परिवर्तित एलाइनमेंट को भी अनुमोदन प्रदान किया गया है इस परियोजना से राजधानी क्षेत्र में यातायात दबाव कम होगा और शहरी परिवहन व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी यह निर्णय आने वाले समय में भोपाल के यातायात ढांचे को नई दिशा देगा

    बैठक में वार्षिक लेखों और अन्य प्रशासनिक विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई और आवश्यक निर्णय लिए गए इस दौरान लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

    कुल मिलाकर यह बैठक किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है एक ओर जहां किसानों को सीधी आर्थिक राहत दी गई है वहीं दूसरी ओर सड़क परियोजनाओं के जरिए प्रदेश के विकास को गति देने की मजबूत आधारशिला रखी गई है सरकार का यह कदम समृद्ध किसान और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है

  • मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था मजबूत शून्य ड्रॉप आउट की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था मजबूत शून्य ड्रॉप आउट की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश


    भोपाल । मध्यप्रदेश में शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है और यह बदलाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भोपाल के मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टीटी नगर में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम 2026 का शुभारंभ करते हुए इस सकारात्मक परिवर्तन को शिक्षा व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि बताया उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक से चार अप्रैल तक चलने वाला स्कूल चले हम अभियान बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का अभिनव प्रयास है जिसका असर अब जमीन पर नजर आ रहा है

    मुख्यमंत्री ने बताया कि शासकीय विद्यालयों में नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है और यह जनता के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है वर्ष 2025 26 में कुल नामांकन में लगभग बीस प्रतिशत वृद्धि हुई है जबकि सरकारी स्कूलों में यह वृद्धि बत्तीस प्रतिशत से अधिक रही है राज्य सरकार ने इस शैक्षणिक सत्र में एक करोड़ पैंतालीस लाख विद्यार्थियों के नामांकन का लक्ष्य रखा है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नव प्रवेशित बच्चों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और उन्हें नि शुल्क साइकिलें तथा पाठ्य पुस्तकें वितरित की उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल आने जाने में सुविधा मिले इसके लिए बड़े स्तर पर साइकिल वितरण किया जा रहा है आने वाले महीनों में लाखों विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा साथ ही गणवेश किताबें और मध्यान्ह भोजन जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि शासकीय स्कूलों में ड्रॉप आउट की संख्या शून्य करने की दिशा में शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण कार्य किया है उन्होंने इसके लिए शिक्षकों अभिभावकों और समाज के सहयोग की सराहना की और कहा कि हर बच्चे को स्कूल तक लाना ही सरकार का लक्ष्य है

    उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों और पीएमश्री स्कूलों के माध्यम से आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है इन संस्थानों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अटल टिंकरिंग लैब रोबोटिक लैब और आईसीटी लैब का अवलोकन भी किया जिससे यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा अब तकनीक से जुड़ रही है

    मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पढ़ लिखकर डॉक्टर इंजीनियर और उद्यमी बनें और अपने भविष्य को मजबूत करें उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षकों की भर्ती की गई है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके

    मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा लैपटॉप और स्कूटी जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हजारों विद्यार्थियों को इसका लाभ मिला है और आगामी बजट में भी इसके लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है

    कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि यह दिन शिक्षा विभाग के लिए उत्सव जैसा है उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले ही एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है और प्रयास है कि हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचे साथ ही विकासखंड स्तर पर बुक फेयर आयोजित करने की योजना भी बनाई जा रही है जिससे निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी सस्ती पुस्तकें उपलब्ध हो सकें

    इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों अधिकारियों शिक्षकों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि मध्यप्रदेश अब शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत और सकारात्मक परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है

  • भोपाल: विजय मेवाड़ा मर्डर केस को लेकर सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन, आरोपी के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की मांग

    भोपाल: विजय मेवाड़ा मर्डर केस को लेकर सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन, आरोपी के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की मांग

    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बुधवार को उस समय हुई, जब शहर में हिंदू संगठनों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था।

    यह है मामला
    जानकारी के अनुसार, रविवार और सोमवार की दरमियानी रात अशोका गार्डन इलाके में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान 35 वर्षीय चाय कारोबारी विजय मेवाड़ा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। विजय सुभाष कॉलोनी का निवासी था और अशोका गार्डन व कोलार इलाके में चाय की दो दुकानें संचालित करता था।

    घटना की रात करीब 1:30 बजे वह अपनी होटल बंद कर कर्मचारियों को छोड़ने प्रगति नगर गया था। इसी दौरान मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम अपने साथियों फरमान, कालू और इमरान के साथ वहां पहुंचा और विवाद शुरू हो गया।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कर्मचारियों को अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन उनके इनकार करने पर उनसे अभद्रता की गई। जब विजय ने बीच-बचाव करते हुए आसिफ को समझाने की कोशिश की और ‘बेटा’ कहकर संबोधित किया, तो विवाद और बढ़ गया। गुस्से में आकर आसिफ ने चाकू से विजय के पेट पर वार कर दिया, जबकि उसके साथियों ने भी मारपीट की। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल विजय को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    केरवा के जंगल में छिपा था आरोपी

    हत्या के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम की तलाश में जुटी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वह केरवा के जंगलों में छिपा हुआ है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर हमला कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसके पैर में गोली मारकर उसे पकड़ लिया।

    अशोका गार्डन थाना प्रभारी अनुराग लाल ने बताया कि आरोपी को रोकने और आत्मरक्षा के तहत यह कदम उठाया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

    वहीं, इस घटना के विरोध में बुधवार को विजय मेवाड़ा के परिजन और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सकल हिंदू समाज के आह्वान पर हिंदू उत्सव समिति और बजरंग दल समेत कई संगठनों के लोग रोशनपुरा चौराहे पर एकत्र हुए।

    प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने लगी। प्रदर्शनकारी पॉलिटेक्निक चौराहे तक पहुंच गए, जो मुख्यमंत्री निवास से लगभग 100 मीटर दूर है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। साथ ही, प्रदर्शनकारियों में से पांच लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति दी गई।

  • MP में मिलावट का डर: दूध, घी, मसाले समेत रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ फेल, ग्वालियर नंबर वन

    MP में मिलावट का डर: दूध, घी, मसाले समेत रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ फेल, ग्वालियर नंबर वन


    भोपाल । मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा का अलर्ट जारी हो गया है। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ है कि पिछले तीन सालों में लगभग 2000 से ज्यादा फूड सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें दूध, मावा, पनीर, घी, मिठाई, मसाले और तेल जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थ शामिल हैं।

    मिली जानकारी के अनुसार, मोबाइल वैन के जरिए एक लाख सैंपल लिए गए, जिनमें डेयरी उत्पाद सबसे ज्यादा मिलावटी पाए गए। मिठाइयों जैसे जलेबी, लड्डू, बर्फी, गजक और नमकीन में भी मिलावट पाई गई। मसालों में लाल मिर्च, धनिया पाउडर, हल्दी और सोयाबीन तेल के कई सैंपल फेल हुए हैं।

    मिलावट में ग्वालियर जिला सबसे ऊपर है। यहां दो हजार सैंपल में से लगभग 420 सैंपल फेल पाए गए। अन्य जिलों में स्थिति इस प्रकार है: गुना 110, उज्जैन 95, भिंड 90, बुरहानपुर और जबलपुर 75-75, शाजापुर 70, खरगोन 65, सीहोर 55, धार 40, राजगढ़ 35, नीमच 30, नरसिंहपुर 28 और अन्य जिले भी इस सूची में शामिल हैं।

    कहां कौन से सैंपल फेल हुए हैं, इसका विवरण भी सामने आया है। ग्वालियर में दूध, दही, पनीर, घी, मिक्स्ड मिल्क, गजक, मावा बर्फी, मालाई बर्फी, चावल और आटा फेल पाए गए। इंदौर में लस्सी, मिल्क केक, मावा कतली, पनीर, इडली और सांभर फेल हुए। शाजापुर में दूध, घी, पनीर, मावा, बेसन, लाल मिर्च पाउडर और कुकिंग ऑयल फेल पाए गए।

    दमोह में जलेबी, बेसन लड्डू, आलू मटर, चाउमीन, घी, पनीर और दही, भिंड में मालाई बर्फी, मावा पेड़ा, सौंफ और काली मिर्च, मुरैना में मावा, घी, पनीर, बेसन लड्डू, बूंदी लड्डू, धार में मावा, पनीर, धनिया पाउडर और पताशे, सागर में मोतीचूर लड्डू, रीवा में तुअर दाल और मिठाई, सिवनी में गुजिया, सेव और पनीर, नरसिंहपुर में दूध, खंडवा में गुड़ चिक्की, बैतूल में दही और काली मिर्च, सीहोर में खाने का तेल फेल पाया गया।

    खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा है कि यह रिपोर्ट स्वास्थ्य के लिए गंभीर चेतावनी है। आम जनता को ऐसे उत्पादों से बचने और केवल प्रमाणित और सुरक्षित ब्रांड के खाद्य पदार्थ खरीदने की सलाह दी गई है।

  • भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल, पिस्टल छीनकर फायरिंग की कोशिश

    भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल, पिस्टल छीनकर फायरिंग की कोशिश


    भोपाल । भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड मामले से जुड़ी बड़ी घटना सामने आई है। इस मामले का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल हुआ। पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले जा रही थी तभी रातीबड़ के पास आरोपी ने पिस्टल छीनकर पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायर किया और आसिफ घायल हो गया। फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    आसिफ पर पहले से 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था। यह मर्डर घटना अशोका गार्डन थाना क्षेत्र के प्रभात पेट्रोल पंप के पास हुई थी जहां विजय मेवाड़ा के साथ मामूली विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। विजय पेट और छाती पर कई वार से गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में हमीदिया अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

    इस घटना के बाद राजधानी में हिंदू संगठनों ने गुस्से में सड़क पर उतरकर न्याय की मांग की। शकल हिंदू समाज के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च का ऐलान कर चुके थे लेकिन पुलिस ने उन्हें पॉलिटेक्निक चौराहे पर रोक दिया। संगठन ने आरोपियों पर NSA और बुलडोजर कार्रवाई की मांग की।

    मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने तुरंत मृतक के परिजनों से मिलकर न्याय का भरोसा दिलाया और कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह को निर्देश दिए कि बुलडोजर कार्रवाई तुरंत की जाए। उन्होंने पुलिस को आदेश दिए कि अपराधियों की लिस्ट तैयार करें घर-घर सर्वे कर प्रत्येक आरोपी को जेल भेजा जाए।

    मंत्री ने कहा कि ऐसी कार्रवाई होगी कि अपराधियों की आने वाली पीढ़ियां भी इसे याद रखें। पुलिस पूरे इलाके में हाई अलर्ट पर है और मौके पर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। इस मामले में कार्रवाई तेज़ कर दी गई है और आरोपी आसिफ बम के एनकाउंटर के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है।