Category: Madhya Pradesh

  • 5 मौतें और भीड़ का बेरहम चेहरा ग्वालियर हादसे में मदद से ज्यादा मोबाइल उठा

    5 मौतें और भीड़ का बेरहम चेहरा ग्वालियर हादसे में मदद से ज्यादा मोबाइल उठा


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने न सिर्फ सड़क सुरक्षा बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। थाठीपुर थाना क्षेत्र के परशुराम चौराहे के पास हुए भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर के बाद घटनास्थल पर चीख पुकार मच गई लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि वहां मौजूद लोगों का व्यवहार इंसानियत को शर्मसार करने वाला था।

    जानकारी के मुताबिक एक तेज रफ्तार बोलेरो कार ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। ऑटो में चालक सहित कुल नौ लोग सवार थे जो शीतला माता के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं चार अन्य घायल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं और उनका इलाज अस्पताल में जारी है।

    हादसे के बाद जो दृश्य सामने आया उसने सभी को झकझोर कर रख दिया। जहां एक तरफ घायल लोग दर्द से तड़प रहे थे वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग उनकी मदद करने के बजाय मोबाइल फोन निकालकर वीडियो बनाने और सेल्फी लेने में जुट गए। वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक युवक लाशों के पास खड़ा होकर सेल्फी ले रहा है मानो वह किसी सामान्य घटना का हिस्सा हो। आसपास खड़े कुछ लोग इस हरकत पर नाराजगी जताते हुए यह कहते भी सुनाई दे रहे हैं कि क्या किसी में हिम्मत नहीं है कि घायलों को अस्पताल पहुंचाया जाए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर मौजूद कुछ लोग लगातार चिल्लाते रहे कि घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया जाए लेकिन भीड़ में से बहुत कम लोगों ने आगे आकर मदद की। यह स्थिति न सिर्फ दुखद बल्कि चिंताजनक भी है क्योंकि ऐसे समय में हर सेकंड कीमती होता है और समय पर मदद मिल जाए तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

    इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर हम किस दिशा में जा रहे हैं जहां इंसान की जान से ज्यादा अहमियत वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट को दी जा रही है। कई यूजर्स ने इसे मानवता का पतन बताया है और ऐसी मानसिकता पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।

    यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि समाज के लिए एक आईना भी है जो दिखाता है कि तकनीक के इस दौर में हम संवेदनाओं से कितनी दूर होते जा रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि ऐसे हादसों के समय लोग तमाशबीन बनने के बजाय जिम्मेदार नागरिक बनें और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं क्योंकि कई बार एक छोटा सा कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है।

  • MP में रेल परिवहन इतिहास में जुड़ा एक नया अध्याय, धार-पन्ना में सफल ट्रायल रन, लोगों ने किया स्वागत

    MP में रेल परिवहन इतिहास में जुड़ा एक नया अध्याय, धार-पन्ना में सफल ट्रायल रन, लोगों ने किया स्वागत


    धार । मध्य प्रदेश के परिवहन इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। सोमवार को धार और मंगलवार को पन्ना में सफल ट्रायल रन के साथ इन क्षेत्रों का लंबे समय से चला आ रहा रेल का इंतजार खत्म होता नजर आया। इससे दोनों जिले अब भारतीय रेलवे नेटवर्क के और करीब आ गए हैं।

    पन्ना जिले में नागौद और फुलवारी के बीच रेल सुरक्षा आयुक्त (CRS) की उपस्थिति में ट्रायल रन किया गया। इस दौरान सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की गई, ताकि भविष्य में यात्री सेवाएं सुचारु रूप से शुरू की जा सकें। धार जिले में ट्रेन का इंजन पीथमपुर से सागर होते हुए करीब 38 किलोमीटर का सफर तय कर धार स्टेशन पहुंचा। यह ट्रायल रन इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    लोगों ने फूल बरसाकर किया स्वागत

    ट्रायल रन के दौरान लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रास्ते भर लोग कतारों में खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करते रहे। जैसे ही इंजन स्टेशन पहुंचा, लोगों ने उस पर फूल बरसाकर स्वागत किया और खुशी जाहिर की।

    74 किमी लंबी रेल लाइन से बदलेगी तस्वीर

    जानकारी के अनुसार, 74 किलोमीटर लंबी सतना-पन्ना रेल लाइन इस क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव लेकर आएगी। यह परियोजना ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन का हिस्सा है, जिससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    रिपोर्ट का इंतजार, आगे होगा विद्युतीकरण

    पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, ट्रायल रन की रिपोर्ट अब रेल सुरक्षा आयुक्त को सौंपी जाएगी। वहीं, ट्रायल फिलहाल डीजल इंजन से किया गया है, लेकिन भविष्य में इस ट्रैक का विद्युतीकरण भी किया जाएगा।

    जनप्रतिनिधियों ने भी किया सफर
    धार में ट्रायल रन के दौरान केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा, विधायक नीना वर्मा और भाजपा नेता महंत नीलेश भारती ने इंजन में सफर किया। सभी नेताओं का जोरदार स्वागत किया गया।

    लंबे समय से थी रेल की मांग

    केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि धार जिले की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होने जा रही है। उन्होंने इसे आदिवासी क्षेत्र के लिए पहली बड़ी रेल सेवा बताया और कहा कि लोगों का सपना अब सच हो रहा है।

    ‘रेल लाओ महा समिति’ में खुशी की लहर

    ‘रेल लाओ महा समिति’ के अध्यक्ष पवन जैन गंगवाल ने इंजन का फूलों से स्वागत किया और पटाखे चलाकर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से क्षेत्र के लोग बेहद उत्साहित हैं।

    मुंबई से कनेक्टिविटी की उठी मांग

    हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रेल मार्ग को आगे मुंबई से जोड़ा जाए, ताकि क्षेत्र को और अधिक आर्थिक और यातायात लाभ मिल सके।

  • MP में मौसम लेने जा रहा करवट, ग्वालियर समेत 7 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 30 मार्च तक असर

    MP में मौसम लेने जा रहा करवट, ग्वालियर समेत 7 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 30 मार्च तक असर


    भोपाल। पश्चिमी विक्षोभ वेस्टर्न डिस्टरबेंस और सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के असर से मध्य प्रदेश में शुक्रवार से मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में ग्वालियर सहित 7 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। यह मार्च महीने में तीसरी बार होगा जब प्रदेश में बारिश का दौर देखने को मिलेगा।इससे पहले गुरुवार को प्रदेश में गर्मी का असर चरम पर रहा और नर्मदापुरम में तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। 

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में दो चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इन सिस्टम्स के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है। शुक्रवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

    इसके अलावा, 30 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 28 जिलों में कहीं-कहीं बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। 28 मार्च को हल्की बारिश, जबकि 30 मार्च को सिस्टम का असर सबसे ज्यादा रहने का अनुमान है।

    शुक्रवार से शुरू हो रहे इस बदलाव से पहले प्रदेश में तेज गर्मी देखने को मिली। नर्मदापुरम के अलावा रतलाम में 39.6 डिग्री, गुना में 38.6 डिग्री, धार, रायसेन और मंडला में 38.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। खरगोन में 38.2 डिग्री, शाजापुर और खंडवा में 38.1 डिग्री, जबकि टीकमगढ़ और खजुराहो में पारा 38 डिग्री तक पहुंचा।

    अन्य जिलों जैसे छिंदवाड़ा, दमोह, बैतूल, श्योपुर, सागर और सतना में भी तापमान 37 डिग्री या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां 37.7 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। भोपाल में 37.4 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.6 डिग्री और जबलपुर में 37.5 डिग्री तापमान रहा।

    मार्च महीने में इससे पहले भी दो बार आंधी-बारिश का दौर आ चुका है। एक चरण चार दिन तक चला, जिसमें 45 से अधिक जिलों में बारिश हुई और 17 जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। इससे गेहूं, पपीता और केला जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा। अब तीसरा दौर 27 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च तक जारी रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने आगे के महीनों को लेकर भी चेतावनी दी है। अनुमान के मुताबिक अप्रैल और मई में प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी गर्मी का असर तेज रहेगा।

  • कॉलेज प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से छात्रा ने काटी कलाई; आरोपी गिरफ्तार

    कॉलेज प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से छात्रा ने काटी कलाई; आरोपी गिरफ्तार

    सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक कॉलेज छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। 21 वर्षीय छात्रा ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर उसने अपनी कलाई काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।

    पुलिस के अनुसार, छात्रा शासकीय महाविद्यालय में बीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही है। उसने बताया कि 10 मार्च को कॉलेज परिसर में एक प्रोफेसर ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी। इस संबंध में उसने प्राचार्य से शिकायत भी की, लेकिन कथित तौर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    छात्रा का कहना है कि बाद में उसने अपनी मां को घटना की जानकारी दी। मां ने भी कॉलेज प्रशासन से संपर्क किया, जिसके बाद आरोपी प्रोफेसर ने माफी मांग ली और मामला वहीं समाप्त कर दिया गया।

    छात्रा ने आरोप लगाया कि इसके बाद कॉलेज में यह अफवाह फैलाई गई कि उसकी मां ने समझौते के लिए प्रोफेसर से पांच लाख रुपये ले लिए हैं, जिसे उसने सिरे से खारिज किया।

    पीड़िता ने प्राचार्य और दो अन्य प्रोफेसरों पर धमकाने का भी आरोप लगाया। उसने बताया कि 23 मार्च को उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी शिकायत दी थी, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। इसी तनाव में उसने बुधवार रात कलाई काट ली, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    अनुविभागीय पुलिस अधिकारी पूजा शर्मा ने बताया कि छात्रा का बयान दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद 26 मार्च को आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया।

    पुलिस अधीक्षक ने भी बताया कि छात्रा ने आवेदन देकर आरोप लगाया था कि प्रोफेसर ने बुरी नीयत से छूकर छेड़छाड़ की। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
  • पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध अपराध नहीं, हाईकोर्ट ने धारा 377 हटाई

    पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध अपराध नहीं, हाईकोर्ट ने धारा 377 हटाई

    जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंधों को आईपीसी की धारा 377 के तहत ‘अप्राकृतिक अपराध’ नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह टिप्पणी उस याचिका की सुनवाई के दौरान की, जिसमें पति ने पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न और दहेज प्रताड़ना के मामले को निरस्त करने की मांग की थी।

    मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मिलिंद फड़के ने 25 मार्च को दिए आदेश में कहा कि धारा 377, जिसे पारंपरिक रूप से ‘अप्राकृतिक कृत्य’ से जोड़ा जाता है, वैवाहिक संबंधों पर लागू नहीं होती। इसलिए पति-पत्नी के बीच के आरोपों पर इस धारा के तहत अभियोजन नहीं चलाया जा सकता।

    यह मामला एक महिला की शिकायत से जुड़ा था, जिसमें उसने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज में चार लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण और घरेलू सामान देने के बावजूद अतिरिक्त छह लाख रुपये और मोटरसाइकिल की मांग का आरोप लगाया था। महिला ने प्रताड़ना, मारपीट और धमकाने के साथ अन्य अनुचित आचरण के आरोप भी लगाए थे।

    इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने धारा 377, 498-ए, 354 सहित अन्य धाराओं और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। पति की ओर से दलील दी गई कि आरोप पूर्व बयानों से मेल नहीं खाते और पति-पत्नी के बीच के कथित कृत्यों पर धारा 377 लागू नहीं होती।

    हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ धारा 377 के तहत दर्ज आरोप निरस्त कर दिए। हालांकि अदालत ने पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और मारपीट से जुड़े आरोपों को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए उन्हें रद्द करने से इनकार कर दिया।

  • ग्वालियर में सड़क हादसा, पांच लोगों की मौत, चार घायल

    ग्वालियर में सड़क हादसा, पांच लोगों की मौत, चार घायल


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आज तड़के थाटीपुर क्षेत्र स्थित परशुराम चौराहे पर जैन मंदिर के पास एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की ऑटो रिक्शा से टक्कर हो गई। इस हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में जान गंवाने वालों में एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। घायलों में दो बच्चे भी शामिल हैं, जिनका ग्वालियर के अस्पताल में इलाज चल रहा है।

    यह हादसा तड़के करीब तीन बजे हुआ। ऑटो सवार लोग शीतला माता मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। ऑटो में कुल नौ लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नीम के पेड़ से जा टकराया और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया गया।

    स्कॉर्पियो का पुलिस कर रही थी पीछा

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो चालक ने पहले बस स्टैंड के पास एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी। इसके बाद पुलिस उसका पीछा कर रही थी। बचने के प्रयास में चालक तेज रफ्तार से वाहन भगाता हुआ आया और रास्ते में ऑटो को टक्कर मार दी। घायलों के मुताबिक, स्कॉर्पियो चालक नशे में था और लापरवाही से वाहन चला रहा था। स्कॉर्पियो में वो अकेला था। पुलिस ने आरोपित चालक को गिरफ्तार कर लिया है।


    मृतकों के नाम

    इंद्रजीत उर्फ पप्पू शाक्य (55)
    लीला (52), पत्नी इंद्रजीत
    शुभम उर्फ लाली (30)
    शगुन, पत्नी शुभम
    प्रीति कश्यप (60), निवासी मेरठ (शुभम की सास)

    घायलाें के नाम

    प्रीति (20)
    प्रियांश (5), पुत्र शुभम
    आरव (6), पुत्र शुभम
    एक अन्य अज्ञात व्यक्ति

  • छिंदवाड़ा में पिकअप और बस के बीच जोरदार भिड़ंत, 10 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा घायल

    छिंदवाड़ा में पिकअप और बस के बीच जोरदार भिड़ंत, 10 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा घायल


    छिंदवाड़ा।
    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले मे मोहखेड़ थाना क्षेत्र के सेमरिया हनुमान मंदिर के पास गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे लोगों से भरी बस और पिकअप के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुए इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने छिंदवाड़ा जिला प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को घटना में प्रभावित लोगों से मिलने के लिये निर्देशित किया है, साथ ही मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

    दरअसल, छिंदवाड़ा में गुरुवार को छिंदवाड़ा के पुलिस लाइन में हितग्राही सम्मेलन आयोजि किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए थे। बस में सवार सभी यात्री हितग्राही सम्मेलन में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। बस में 47 लोग सवार थे। बस करीब 6.30 बजे उमरानाला इलाके में पहुंची थी, तभी उसकी पिकअप वाहन से टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि पिकअप से टकराने के बाद पलट गई। इस हादसे में दोनों वाहनों के चालक समेत 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा घायल हैं। एक महिला और एक बच्चे का हाथ कटकर अलग हो गया, कुछ के सिर फूटे हैं।

    सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को 20 से अधिक एंबुलेंस से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है और डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी है। हादसे के कारण सड़क पर चार से पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य के साथ यातायात बहाल करने में जुटे हैं। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है और घायलों को निकालने के लिए क्रेन व स्थानीय लोगों की मदद ली गई। छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण, भाजपा के जिला अध्यक्ष शेषराव यादव और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे भी अस्पताल में मौजूद हैं।

    छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के डीन अभय सिन्हा ने बताया कि हादसे में 10 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। एक घायल की हालत नाजुक है, जिसे नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। उसके सिर पर गंभीर चोट है। खून के थक्के जम गए हैं। बाकी घायलों को यहीं रखा गया है।

    जिला प्रशासन के अनुसार, मृतकों में भागवती (45), दौलत (40), सकुन यादव (45), रामदास (40), रमेश (35), सिया बाई (40), वंश (7), बस चालक कमल (54), पिकअप चालक रवि धारे (40) और एक अन्य शामिल है। मौके पर मौजूद भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि दुखद घटना है। घायलों को इलाज दिलाना प्राथमिकता है। हादसे में किसकी गलती है, ये तो जांच के बाद पता लगेगा।

    इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परम पिता परमात्मा से प्रार्थना की है कि सभी दिवंगत नागरिकों की आत्मा को शांति प्रदान करें। उन्होंने दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ लाभ की कामना की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर से डॉक्टर्स के दल पैरामेडिकल स्टाफ सहित छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मृतकों के निकटम परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायत राशि प्रदान की जाएगी। सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में नियंत्रण कक्ष बनाकर सभी घायलों के उपचार की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।

  • मार्कफेड के कायाकल्प की तैयारी 10.80 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य डिजिटल मैपिंग पर फोकस

    मार्कफेड के कायाकल्प की तैयारी 10.80 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य डिजिटल मैपिंग पर फोकस

    भोपाल । भोपाल में आयोजित समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मार्कफेड की कार्यप्रणाली और गतिविधियों की गहन समीक्षा करते हुए इसे आत्मनिर्भर आधुनिक और व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया बैठक में उर्वरक वितरण व्यवस्था वित्तीय प्रबंधन परिसंपत्तियों के उपयोग और संगठनात्मक विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे लक्ष्य आधारित कार्य करते हुए किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें

    मंत्री ने विशेष रूप से कहा कि किसानों को स्थानीय स्तर पर उर्वरक की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए इसके लिए भंडारण और वितरण की पूरी व्यवस्था मजबूत की जाए बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष 10.80 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों के भंडारण का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से 23 मार्च तक 6.70 लाख मीट्रिक टन का भंडारण किया जा चुका है मंत्री ने निर्देश दिए कि शेष लक्ष्य को समय पर पूरा करते हुए किसानों तक खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए

    वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी मंत्री ने गंभीरता दिखाई उन्होंने बैंकों से लिए गए ऋण और लंबित बकाया की शीघ्र वसूली के निर्देश दिए ताकि उर्वरक कंपनियों को भुगतान में कोई बाधा न आए उन्होंने कहा कि संस्था की वित्तीय मजबूती सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए हर स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है

    परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग के लिए मंत्री ने सभी अचल संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग कर उनका विवरण संपदा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए साथ ही इन संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया बैठक में भोपाल जबलपुर ग्वालियर सहित अन्य स्थानों पर बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को पुनः प्रारंभ करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई उज्जैन स्थित पेट्रोल पंप को तत्काल शुरू करने और प्रमुख स्थानों पर नए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा पेट्रोल पंप स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए

    इसके अलावा ईईसी और एनसीडीसी योजना के अंतर्गत पुराने गोदामों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने और संघ के 316 गोदामों जिनकी क्षमता 7.84 लाख मीट्रिक टन है उनका शत प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया मंत्री ने कहा कि इससे न केवल भंडारण क्षमता बढ़ेगी बल्कि वितरण व्यवस्था भी अधिक प्रभावी होगी

    मार्कफेड के समग्र सुधार के लिए गठित विशेष अनुसंधान समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए साथ ही को ऑपरेशन एमंग को ऑपरेटिव्स के सिद्धांत पर कार्य करते हुए कृषि विपणन आंदोलन को और मजबूत बनाने पर बल दिया गया मंत्री सारंग ने स्पष्ट किया कि मार्कफेड को राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनाया जाएगा और वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक संस्था की स्थिति का सटीक आकलन भी पूरा कर लिया जाएगा

    यह बैठक इस बात का संकेत है कि सरकार किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है जिससे प्रदेश की कृषि व्यवस्था को नई दिशा मिल सके

  • श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घाट निर्माण कार्यों की समीक्षा कर दिए अहम निर्देश

    श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घाट निर्माण कार्यों की समीक्षा कर दिए अहम निर्देश


    भोपाल । मध्यप्रदेश में आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों को लेकर सरकार ने अब जमीनी स्तर पर काम तेज कर दिया है इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन पहुंचकर क्षिप्रा नदी पर निर्माणाधीन घाटों का निरीक्षण किया और स्पष्ट रूप से कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी उनका यह दौरा न केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए था बल्कि अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का संदेश भी था

    मुख्यमंत्री ने श्री अंगारेश्वर और श्री सिद्धवट के मध्य बन रहे नए घाटों का अवलोकन करते हुए वहां की व्यवस्थाओं को विस्तार से परखा उन्होंने निर्देश दिए कि घाटों के लगभग 200 मीटर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए वस्त्र बदलने की समुचित व्यवस्था की जाए साथ ही सुविधाजनक स्थानों पर स्वच्छ और पर्याप्त संख्या में टॉयलेट भी बनाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े

    इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रमुख घाटों पर हर 200 मीटर की दूरी पर सुविधा घर विकसित करने के निर्देश दिए जिससे स्नान करने आए श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें उन्होंने यह भी कहा कि घाटों तक पहुंचने के रास्ते सुगम और सुरक्षित होने चाहिए इसके लिए लगभग 500 मीटर की दूरी पर सीढ़ियों या अन्य पहुंच मार्गों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए ताकि श्रद्धालु आसानी से मुख्य घाटों तक पहुंच सकें

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री सिद्धवट और श्री अंगारेश्वर मंदिर के बीच निर्माणाधीन पुल का भी जायजा लिया अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि इस पुल के बन जाने से दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा और श्रद्धालुओं को एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा इससे भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी और आवागमन व्यवस्थित रहेगा

    घाटों के निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्नान के लिए लगभग 5 मीटर चौड़े घाट तैयार किए जाएं जिससे श्रद्धालुओं के आने जाने के साथ बैठने की भी पर्याप्त सुविधा मिल सके उन्होंने घाटों पर बैठने की व्यवस्था छायादार स्थान और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के भी निर्देश दिए

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का यह निरीक्षण यह दर्शाता है कि सरकार सिंहस्थ 2028 को लेकर पूरी तरह गंभीर है और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं यह पहल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने वाली साबित होगी

  • राज्यपाल मंगुभाई पटेल से वित्त आयोग अध्यक्ष पवैया की मुलाकात प्रदेश विकास में सक्रिय भूमिका पर जोर

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल से वित्त आयोग अध्यक्ष पवैया की मुलाकात प्रदेश विकास में सक्रिय भूमिका पर जोर


    भोपाल । भोपाल स्थित राजभवन में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण औपचारिक मुलाकात देखने को मिली जब राज्यपाल मंगुभाई पटेल से राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने सौजन्य भेंट की इस दौरान आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने राज्य वित्त आयोग का कार्यभार ग्रहण करने की जानकारी राज्यपाल को दी और आगामी कार्ययोजना को लेकर चर्चा की

    ज्ञात हो कि 23 मार्च 2026 को जयभान सिंह पवैया ने आयोग के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला था उनके साथ आयोग के सदस्य के के सिंह और सदस्य सचिव वीरेन्द्र कुमार ने भी अपने अपने दायित्व ग्रहण किए हैं इस नई जिम्मेदारी के साथ आयोग अब राज्य के वित्तीय ढांचे को मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में कार्य करेगा

    मुलाकात के दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने वित्त आयोग की भूमिका कार्यप्रणाली और विभिन्न गतिविधियों को लेकर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया उन्होंने कहा कि राज्य वित्त आयोग प्रदेश के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण कड़ी है और इसे अपने उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करते हुए वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए

    राज्यपाल ने यह भी अपेक्षा जताई कि आयोग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ करेगा जिससे प्रदेश के विकास को नई दिशा मिल सके उन्होंने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सौंपे गए दायित्वों का निष्ठा के साथ पालन करना ही राज्य और देश की सच्ची सेवा है

    इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि आयोग को दिए गए सभी दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ किया जाएगा उन्होंने कहा कि आयोग राज्य के विकास में अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए पूरी तरह तत्पर है और वित्तीय व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य करेगा

    यह मुलाकात केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विमर्श का एक सशक्त मंच भी रही जिसमें भविष्य की योजनाओं और प्राथमिकताओं को लेकर सकारात्मक संकेत मिले अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य वित्त आयोग अपने कार्यों के माध्यम से प्रदेश के आर्थिक और विकासात्मक लक्ष्यों को किस प्रकार गति प्रदान करता है