Category: Madhya Pradesh

  • नाबालिगों के साथ कथित अपराध का मामला: चाइल्ड होम में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    नाबालिगों के साथ कथित अपराध का मामला: चाइल्ड होम में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


    शिवपुरी  मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से सामने आया यह मामला पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाला है। वर्ष 2016 में एक चाइल्ड केयर सेंटर से भागी दो नाबालिग लड़कियों ने पुलिस पूछताछ में जो खुलासे किए, उन्होंने बाल संरक्षण व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया। शुरुआत में गुमशुदगी के तौर पर दर्ज यह मामला तब सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गया जब लड़कियों ने बालगृह के अंदर कथित शोषण की बात बताई।

    सुरक्षित आश्रय बना डर का ठिकाना
    शहर के बीच स्थित माधव बाल आश्रम को अनाथ और बेसहारा लड़कियों के लिए सुरक्षित स्थान माना जाता था। यहां पुलिस द्वारा बरामद नाबालिग बच्चियों को भी रखा जाता था। 1997 से संचालित इस संस्था का संचालन समाजसेवी शैला अग्रवाल और उनके पिता केएन अग्रवाल द्वारा किया जाता था। बाहर से यह संस्था बेहद प्रतिष्ठित और विश्वसनीय मानी जाती थी, जहां प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं की भी भागीदारी रहती थी।

    काउंसलिंग में सामने आए चौंकाने वाले संकेत
    चाइल्ड काउंसलर द्वारा की गई शुरुआती काउंसलिंग के दौरान ही माहौल पर संदेह गहराने लगा। एक पीड़िता ने इशारों में बताया कि बालगृह में सब कुछ ठीक नहीं है और विरोध करने पर मारपीट की जाती है। जैसे ही संचालक वहां पहुंचीं, बच्ची चुप हो गई, जिससे संदेह और मजबूत हो गया। इसके बाद मामले की जानकारी बाल कल्याण समिति और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।

    रात में नशीला खाना और कथित शोषण के आरोप
    काउंसलिंग के दौरान सामने आए आरोपों में कहा गया कि रात के समय भोजन में नशीला पदार्थ मिलाया जाता था, जिसके बाद कई लड़कियां बेहोशी की स्थिति में चली जाती थीं। पीड़िताओं ने यह भी बताया कि सुबह उठने पर उन्हें दर्द और असहजता महसूस होती थी। कई बार विरोध करने पर मारपीट और धमकियों का भी सामना करना पड़ता था।

    मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप
    लड़कियों के अनुसार, आश्रम में डर और दहशत का माहौल था। किसी भी विरोध पर उन्हें अपमानित किया जाता और धमकाया जाता था। यहां तक कि उनके कपड़े फटे हुए या अस्त-व्यस्त हालत में पाए जाने की बातें भी सामने आईं। पीड़िताओं ने बताया कि वे लंबे समय तक डर के कारण कुछ भी बोल नहीं पाईं।

    प्रशासन में मचा हड़कंप, जांच के आदेश
    मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तत्काल आश्रम में जांच शुरू की गई और अन्य बच्चियों की भी काउंसलिंग कराई गई ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। अधिकारियों ने इसे बेहद गंभीर मामला मानते हुए उच्च स्तरीय जांच की प्रक्रिया शुरू की।

    कई गंभीर सवाल खड़े हुए
    इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्या बालगृह में चल रहे इस कथित अपराध में अंदरूनी लोग शामिल थे या बाहरी लोग? कितनी बच्चियां इस शोषण का शिकार हुईं? और सबसे बड़ा सवाल, क्या वर्षों तक चल रही यह गतिविधि प्रशासन की नजर से छिपी रही?

  • ग्वालियर में पुलिस पर सवाल: रेप केस में आरोपी इंस्पेक्टर गायब, जांच में तेजी

    ग्वालियर में पुलिस पर सवाल: रेप केस में आरोपी इंस्पेक्टर गायब, जांच में तेजी


    ग्वालियर ग्वालियर में एक फैशन डिजाइनर द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के गंभीर आरोपों ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। 38 वर्षीय महिला की शिकायत पर झांसी रोड थाना पुलिस ने इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने शादी का झांसा देकर महिला के साथ लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में सच सामने आने पर धमकियां भी दीं।

    FIR के बाद मोबाइल बंद कर हुआ फरार, पुलिस तलाश में जुटी
    मामला दर्ज होने के बाद आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा अचानक मोबाइल बंद कर फरार हो गए। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश जारी है और कई संभावित ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

    ट्रांसफर और रिलीविंग को लेकर भी उठे सवाल
    जानकारी के अनुसार, डीजीपी के आदेश पर सोमवार सुबह आरोपी इंस्पेक्टर का पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) तिघरा से पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद उन्हें रिलीव भी कर दिया गया। हालांकि हैरानी की बात यह है कि पुलिस अभी भी उन्हें फरार मानकर तलाश कर रही है और यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने पीएचक्यू में जॉइन किया या नहीं।

    भितरवार और शिवपुरी में पुलिस की दबिश
    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा भितरवार के श्रीराम कॉलोनी के निवासी हैं, जबकि उनकी ससुराल शिवपुरी में है। इसी आधार पर झांसी रोड थाना पुलिस की दो टीमें भितरवार और शिवपुरी भेजी गईं, जहां दबिश दी गई, लेकिन आरोपी का कोई पता नहीं चल सका।

    पीड़िता का मेडिकल और कोर्ट में बयान दर्ज
    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता का ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद धारा 164 के तहत कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज किए गए, जिसमें उसने FIR में दिए गए अपने आरोपों को दोहराया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    सोशल मीडिया से शुरू हुई पहचान और रिश्ते में बदल गई कहानी
    पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़िता एक फैशन डिजाइनर हैं, जिनके पति का 2018 में निधन हो चुका है और उनका एक 9 साल का बच्चा है। वर्ष 2024 में फेसबुक के जरिए उनकी पहचान इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा से हुई थी। शुरुआत में बातचीत दोस्ती में बदली और फिर नजदीकियां बढ़ गईं।

    शादी का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप
    पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने अपनी शादीशुदा स्थिति छुपाकर उससे शादी का वादा किया और 16 अगस्त 2024 को बुटीक में आकर जबरन संबंध बनाए। इसके बाद वह लगातार संपर्क में रहा और शादी का आश्वासन देता रहा। बाद में जब सच्चाई सामने आई तो उसने महिला को धमकाना शुरू कर दिया।

    9 महीने की गर्भवती पीड़िता, राजनीतिक दबाव के भी आरोप
    पीड़िता वर्तमान में 9 महीने की गर्भवती बताई जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वह एक भाजपा नेत्री की करीबी हैं, जिससे मामले को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ रही है।

    पुलिस जांच जारी, गिरफ्तारी पर सबकी नजर
    फिलहाल पुलिस आरोपी इंस्पेक्टर की तलाश में लगातार जुटी हुई है और कई जगहों पर दबिश दी जा रही है। वहीं, मामला पुलिस विभाग के भीतर ही आरोपी होने के कारण और भी संवेदनशील हो गया है।

  • शिवपुरी में रेस्क्यू ऑपरेशन: कुएं में गिरी गाय को ग्रामीणों और गो सेवा समिति ने बचाया

    शिवपुरी में रेस्क्यू ऑपरेशन: कुएं में गिरी गाय को ग्रामीणों और गो सेवा समिति ने बचाया


    शिवपुरी शिवपुरी जिले के बदरवास तहसील अंतर्गत श्रीपुर गांव में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक किसान के खेत में स्थित कुएं में एक गाय गिर गई। यह घटना घनश्याम परिहार के खेत की बताई जा रही है। अंधेरे और रात के समय अज्ञात कारणों से गाय कुएं में जा गिरी, जिसकी जानकारी सुबह ग्रामीणों को लगी तो तुरंत मौके पर भीड़ जुट गई।

    ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता, समिति को दी सूचना
    घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने बिना देर किए सनातनी गो सेवा समिति को जानकारी दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए समिति के सदस्य तुरंत सक्रिय हो गए और राहत एवं बचाव कार्य के लिए टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान गांव के कई लोग भी सहायता के लिए घटनास्थल पर एकत्र हो गए।

    रेस्क्यू ऑपरेशन में रस्सियों का सहारा, कुएं में उतरा स्वयंसेवक
    बचाव कार्य के दौरान सबसे बड़ी चुनौती गाय को सुरक्षित बाहर निकालने की थी। इसके लिए रस्सियों की मदद से एक साहसी स्वयंसेवक को कुएं में उतारा गया। समिति के सदस्यों ऋषि भारती, निखिल बैरागी, अमित यादव, कान्हा परिहार और गोलू क्षारी सहित अन्य ग्रामीणों ने मिलकर समन्वय के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया। कुएं में उतरे सदस्य ने बड़ी सावधानी से गाय को रस्सियों से बांधा, जिसके बाद सभी ने मिलकर उसे धीरे-धीरे ऊपर खींचा।

    सफलता के बाद राहत की सांस, गाय सुरक्षित बाहर निकली
    कड़ी मशक्कत और कुछ समय तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गाय को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि जांच के दौरान गाय पूरी तरह स्वस्थ पाई गई और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई। इस सफल बचाव अभियान के बाद ग्रामीणों और समिति सदस्यों ने राहत की सांस ली।

    ग्रामीण एकता और सेवा भावना की मिसाल
    यह घटना एक बार फिर इस बात का उदाहरण बनी कि आपात स्थिति में ग्रामीण एकजुट होकर बड़ी से बड़ी मुश्किल को भी हल कर सकते हैं। गो सेवा समिति और स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता ने न केवल एक बेजुबान जानवर की जान बचाई, बल्कि मानवता और सेवा भाव की मिसाल भी पेश की।

  • इंदौर के पाटनीपुरा में पूजा सामग्री की दुकान में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान

    इंदौर के पाटनीपुरा में पूजा सामग्री की दुकान में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान


    इंदौर।
    इंदौर शहर के पाटनीपुरा इलाके में सोमवार देर रात पूजा सामग्री की एक दुकान में भीषण आग लग गई, जिससे लाखों रुपए का सामान जलकर खाक हो गया। आग की तीव्रता को देखते हुए आसपास की दुकानों को एहतियातन खाली करा लिया गया।

    फायर ब्रिगेड के अनुसार, देर रात करीब 1:40 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद तुरंत दो दमकल वाहन मौके पर भेजे गए। आग पर काबू पाने के लिए करीब 17 हजार लीटर से अधिक पानी का इस्तेमाल किया गया। स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने में सहयोग किया। आग ‘विनायक पूजा पाठ सामग्री’ नामक दुकान में लगी। घटना के समय दुकान का शटर बंद था, जिससे अंदर तेजी से धुआं भर गया और आग ने विकराल रूप ले लिया। दमकल कर्मियों ने शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया।

    जनहानि नहीं, लेकिन भारी नुकसान
    पुलिस के अनुसार इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन दुकान में रखा लाखों रुपए का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। दुकान मालिक सुधीर अग्रवाल के भाई दीपक अग्रवाल ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंच गए थे। घटना की सूचना मिलते ही एमआईजी थाना प्रभारी सीबी सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने आसपास की अन्य पूजा सामग्री दुकानों को तुरंत खाली कराकर बड़ा हादसा टाल दिया।

  • मप्र में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को होगा जारी

    मप्र में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को होगा जारी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस वर्ष आयोजित कक्षा दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दोनों कक्षाओं के परिणाम एक साथ घोषित करेंगे।

    स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सोमवार को बताया कि परिणाम के साथ दोनों कक्षाओं की मेरिट लिस्ट (टॉपर्स सूची) भी जारी की जाएगी। राज्य स्तर पर टॉप करने वाले मेधावी छात्रों को सरकार द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। छात्रों को अपना परिणाम देखने के लिए केवल अपने रोल नंबर की आवश्यकता होगी। बोर्ड ने कॉपियों के मूल्यांकन और पोर्टल पर डेटा अपलोड करने का कार्य पहले ही पूर्ण कर लिया है।

    उन्होंने बताया कि परिणाम जारी करने से पहले क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन तेजी से पूरा किया गया। हर स्तर पर जांच की गई, ताकि कोई गलती न रहे। रिजल्ट “फुलप्रूफ” रखा गया है, जिससे छात्रों को परेशानी न हो।


    10वीं में 9 लाख से ज्यादा छात्र शामिल

    प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए। इनमें करीब 9 लाख 7 हजार छात्र 10वीं और लगभग 7 लाख छात्र 12वीं में बैठे। परीक्षा के लिए 3856 केंद्र बनाए गए थे। नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद प्रदेश में करीब 100 नकल प्रकरण सामने आए। मुरैना में सबसे ज्यादा 41 और भोपाल में 20 मामले दर्ज हुए।

    डॉक्टरों और काउंसलर्स ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर दबाव न डालें और मानसिक सहयोग दें। गांधी मेडिकल कॉलेज की डॉ. रुचि सोनी ने कहा कि हर बच्चा अच्छा रिजल्ट चाहता है, लेकिन ऐसा हमेशा संभव नहीं होता। एक परीक्षा जीवन तय नहीं करती। बच्चों के तनाव में होने पर उनसे बात करें और उनका साथ दें।

    शिक्षा विभाग का उद्देश्य समय पर रिजल्ट जारी करना है, ताकि छात्र बिना देरी अगली कक्षा या कोर्स में प्रवेश ले सकें। तय समय पर परिणाम आने से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलेगी।

  • जबलपुर के श्रमोदय विद्यालय में सांप्रदायिक विवाद ने पकड़ा तूल प्राचार्य पर गंभीर आरोपों के बाद जांच के आदेश

    जबलपुर के श्रमोदय विद्यालय में सांप्रदायिक विवाद ने पकड़ा तूल प्राचार्य पर गंभीर आरोपों के बाद जांच के आदेश


    जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रमोदय विद्यालय जो शिक्षा का मंदिर माना जाता है वहां पर सांप्रदायिक भेदभाव और उत्पीड़न के आरोपों ने माहौल को पूरी तरह से तनावपूर्ण बना दिया है। स्कूल के प्रभारी प्राचार्य अब्दुल शाहिर शेख के खिलाफ हिंदू शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ भेदभाव करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामला उजागर होने के बाद लोक शिक्षा विभाग के अपर संचालक ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं जिससे पूरे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मच गई है।

    बताया जा रहा है कि यह विवाद उस समय और गहरा गया जब रामनवमी के अवसर पर छात्रावास में कुछ विद्यार्थियों ने जय श्रीराम के नारे लगाए। आरोप है कि इस पर प्राचार्य और उनके सहयोगियों ने नाराजगी जताई और छात्रों के साथ मारपीट की गई। इस घटना ने विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच आक्रोश को जन्म दिया। वहीं अतिथि शिक्षकों ने भी प्राचार्य पर लगातार प्रताड़ना और अपमान करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल का माहौल डर और दबाव से भरा हुआ है जहां खुलकर अपनी बात रखना भी मुश्किल हो गया है।

    मामले को और गंभीर बनाता है स्टाफ रूम में लगाए गए कैमरों को लेकर उठे सवाल। शिक्षकों का आरोप है कि उनकी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की जाती है और उसका दुरुपयोग किया जाता है। इससे शिक्षकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है और कार्यस्थल का वातावरण प्रभावित हुआ है। इसके अलावा स्कूल में प्रशासनिक अनियमितताओं की भी शिकायतें सामने आई हैं जो जांच का विषय बन चुकी हैं।

    इन सभी घटनाओं का असर छात्रों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। लगभग 120 से अधिक विद्यार्थियों ने स्कूल से अपना नाम कटवा लिया है और ट्रांसफर सर्टिफिकेट ले लिया है। यह संख्या अपने आप में इस बात का संकेत है कि स्थिति कितनी गंभीर हो चुकी है। छात्रों का आरोप है कि उन्होंने पहले भी शिकायत की थी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई जिससे उनका भरोसा टूट गया।

    मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी ध्यान खींचा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम विभाग से जुड़े विशेष सहायक मंत्री द्वारा भी इस संबंध में पत्र भेजा गया है। इसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और जांच के आदेश दिए गए। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या सामने आता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

    यह मामला केवल एक स्कूल का नहीं बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए एक चेतावनी है कि शिक्षा के स्थान पर किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार्य नहीं हो सकता। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह जरूरी हो जाता है कि सख्त कार्रवाई के साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। फिलहाल छात्र अभिभावक और शिक्षक सभी निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।

  • एमपी में तेज गर्मी का दौर शुरू, तापमान बढ़ने की संभावना, 16-17 अप्रैल से कई जिलों में लू का अलर्ट

    एमपी में तेज गर्मी का दौर शुरू, तापमान बढ़ने की संभावना, 16-17 अप्रैल से कई जिलों में लू का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अब मौसम पूरी तरह बदल चुका है। बादल और बारिश का दौर खत्म होते ही तेज धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे गर्मी तेजी से बढ़ रही है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 16 और 17 अप्रैल से राज्य के कई जिलों में भीषण लू चलने की संभावना है।

    सोमवार को रतलाम सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जहां तापमान 41.2°C तक पहुंच गया। इसके अलावा धार, नर्मदापुरम और खरगोन में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार 16 और 17 अप्रैल को रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, सीधी, सिंगरौली, मंडला और बालाघाट जिलों में लू का असर देखने को मिलेगा। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी।

    15 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, लेकिन यह काफी कमजोर रहेगा। ऐसे में इससे गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। विभाग का कहना है कि अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर सबसे ज्यादा गर्म होता है। ग्वालियर में तापमान 45°C और भोपाल में 44°C तक पहुंचने का रिकॉर्ड भी रहा है।

    इससे पहले अप्रैल के शुरुआती दिनों में मौसम अलग ही रंग में नजर आया। 1 से 9 अप्रैल के बीच प्रदेश में लगातार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर चला। 15 से ज्यादा जिलों में ओले गिरे, जबकि करीब 45 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा वर्षा हुई।

  • MP: मंडला में एक घर में 795 कुत्तों के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स बरामद… नसबंदी के नाम पर घोटाले की आशंका

    MP: मंडला में एक घर में 795 कुत्तों के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स बरामद… नसबंदी के नाम पर घोटाले की आशंका


    मंडला।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मंडला (Mandla) में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक घर से सैकड़ों की संख्या में कुत्तों के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स (Dogs Reproductive Organs) बरामद हुए हैं. इस पूरे मामले ने नसबंदी (Sterilization) के नाम पर बड़े घोटाले की आशंका को जन्म दे दिया है. पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

    दरअसल, नगर पालिका मंडला (Municipality Mandla) ने कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर जारी किया गया था, जिसमें प्रति नसबंदी 679 रुपये तय किए गए थे. जबलपुर की एक प्राइवेट एनजीओ ‘मां अंबे एंटरप्राइजेज’ को यह ठेका दिया गया था, लेकिन आरोप है कि एजेंसी ने शहर में एक भी कुत्ते की नसबंदी नहीं की।

    तय समय में काम शुरू न करने पर 2 अप्रैल को टेंडर निरस्त कर दिया गया था. इसी बीच एक एनिमल एक्टिविस्ट निशा सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि जिस कमरे में एनजीओ के लोग ठहरे थे, वहां संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं।

    शिकायत के बाद नगर पालिका, पुलिस, तहसीलदार और पशु चिकित्सकों की संयुक्त टीम ने छापेमारी की. छापे के दौरान दो कंटेनरों में फॉर्मलीन में डूबे 795 कुत्तों के अंग बरामद किए गए, जिनमें 518 नर और 277 मादा कुत्तों के अंग शामिल हैं।

    शिकायतकर्ता निशा सिंह का आरोप है कि इन अंगों को बाहर से लाकर स्टॉक में रखा गया था, ताकि इन्हें दिखाकर नसबंदी के नाम पर फर्जी बिल पास कराए जा सकें।


    पशु चिकित्सकों ने भी जताई हैरानी

    पशु चिकित्सक सुमित पटेल ने बताया कि नसबंदी प्रक्रिया में नर कुत्तों के टेस्टिकल्स और मादा कुत्तों के ओवरी व यूट्रस निकाले जाते हैं, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर अंगों का मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है।


    नगर पालिका ने FIR के लिए दिया आवेदन

    इस मामले में मंडला के मुख्य नगर पालिका अधिकारी गजेंद्र नाफड़े ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर निकला था. जबलपुर की एजेंसी ने इसका टेंडर भरा था. उनका टेंडर सैंक्शन भी हुआ था, लेकिन एजेंसी लने कोई काम नहीं किया. उनको दो-तीन नोटिस भी दिए गए थे, तो काम नहीं करने से 2 अप्रैल को उनका टेंडर निरस्त कर दिया गया था. इसकी सूचना भी उन्हें दे दी गई थी।

    7 अप्रैल को पशु प्रेमी ने शिकायत दर्ज कराई कि प्राइवेट कंपनी ने जहां रूम लिया था, वहां पर कुत्तों के कुछ संदेहास्पद अंग है. इस संबंध में कलेक्टर की ओर से जांच के निर्देश दिए गए थे, जिस पर तहसीलदार के मार्गदर्शन में नगर पालिका, कोतवाली थाने और वेटरनरी की टीम ने उस कमरे का निरीक्षण किया तो वहां कुछ अंग पाए गए।

    गजेंद्र नाफड़े ने बताया कि यह अंग कहां से ले गए, इसका क्या उद्देश्य था, यह तो जांच का विषय है. इस संबंध में हमने थाना प्रभारी को एफआईआर के लिए आवेदन दिया है. वो उसकी जांच कर रहे हैं और वह अंग कहां से आए थे. यह जांच के बाद ही पता चलेगा।

    सरकार अधिकारी के अनुसार, टेंडर के तहत एक नसबंदी के एवज में 679 रुपये की दर निर्धारित की गई थी. लेकिन एजेंसी ने कोई नसबंदी नहीं की. काम शुरू होने के पहले ही यह मामला सामने आ गया और इस मामले के सामने आने के पहले ही उनका ठेका निरस्त किया जा चुका था। नगर पालिका ने इस मामले में पुलिस को शिकायत सौंप दी है. मंडला एसपी का कहना है कि सभी पक्षों से पूछताछ और जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ये अंग कहां से आए और इसके पीछे किसका खेल है?

  • MP: भोपाल के हमीदिया अस्पताल में चौकाने वाला मामला… युवाओं को लगी खून लेने की लत

    MP: भोपाल के हमीदिया अस्पताल में चौकाने वाला मामला… युवाओं को लगी खून लेने की लत


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया (Government Hospital Hamidia) के मनोरोग विभाग में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने डॉक्टरों को भी सोच में डाल दिया है. यहां हमीदिया अस्पताल में पिछले एक साल में अब तक ऐसे 5 युवा इलाज के लिए पहुंचे हैं, जिन्हें ब्लड कंपोनेंट्स (Blood Components) लेने की आदत पड़ गई है. अब तक आपने शराब, सिगरेट और ड्रग्स जैसे नशों के बारे में सुना होगा. लेकिन यह मामला एक नए और खतरनाक ट्रेंड की ओर इशारा करता है. जहां कुछ युवा खून के तत्वों को ही ताकत बढ़ाने का जरिया मान रहे हैं।

    डॉक्टरों के अनुसार, इन सभी युवाओं की उम्र 18 से 25 साल के बीच है और इन मामलों में एक समान पैटर्न देखने को मिला है. जैसे ही परिवार को इसकी जानकारी मिली। उन्होंने युवाओं की गतिविधियों पर रोक लगा दी. कई दिनों तक समझाने की कोशिश की गई, लेकिन इसके बाद युवक चिड़चिड़े और आक्रामक हो गए. हालत बिगड़ने पर परिवार उन्हें मनोरोग विशेषज्ञों के पास काउंसलिंग के लिए लेकर पहुंचे।

    डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में तीन मुख्य वजहें सामने आई हैं जिज्ञासा, गलत जानकारी और अवैध माध्यमों की उपलब्धता. बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर चल रहे कुछ वीडियो इस प्रवृत्ति को बढ़ा रहे हैं, जहां यह दावा किया जाता है कि प्लाज्मा या अन्य ब्लड कंपोनेंट्स लेने से ताकत बढ़ती है. तनाव कम होता है और शरीर में ऊर्जा आती है।

    हालांकि, विशेषज्ञ इन दावों को पूरी तरह गलत बताते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि बिना किसी चिकित्सकीय जरूरत के ब्लड कंपोनेंट्स लेना बेहद जोखिम भरा हो सकता है. इससे इंफेक्शन, एलर्जी, सूजन और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है यानी जिस फायदे की उम्मीद में यह कदम उठाया जा रहा है. वह सिर्फ एक भ्रम है, जबकि नुकसान बेहद गंभीर हो सकते हैं।


    विशेषज्ञों की चेतावनी

    हमीदिया अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. जय प्रकाश अग्रवाल के अनुसार, युवा जिसे ताकत समझ रहे हैं, वह सिर्फ एक ‘हाइपोथेटिकल’ यानी काल्पनिक सुख है। इसके वास्तविक परिणाम बेहद खतरनाक हैं. इससे से गैंग्रीन का खतरा यानी गलत तरीके से इन्फ्यूजन लेने से अंग सड़ सकते हैं।

    इसके अलावा, डॉक्टर ने चेताया कि HIV और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा होता है. वहीं, बिना डॉक्टरी सलाह के ब्लड कंपोनेंट लेना तत्काल ‘एनाफिलेक्टिक शॉक’ दे सकता है. यही नहीं, शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गंभीर सूजन और अंग भी फेल हो सकते हैं।

  • इंदौर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कलेक्टर के आदेश से तहसील स्तर पर अधिकारियों के तबादले, राजस्व व्यवस्था को और मजबूत बनाने की कवायद तेज

    इंदौर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कलेक्टर के आदेश से तहसील स्तर पर अधिकारियों के तबादले, राजस्व व्यवस्था को और मजबूत बनाने की कवायद तेज

    इंदौर। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और तेज बनाने के उद्देश्य से राजस्व विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ कई अधिकारियों को हटाकर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस कदम का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में गति लाना और राजस्व प्रणाली को अधिक सुदृढ़ बनाना बताया जा रहा है।

    जिले की विभिन्न तहसीलों में तहसीलदार और नायब तहसीलदार स्तर पर बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। हालांकि महू और सांवेर तहसीलों में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया है। कई अधिकारियों को उनकी मौजूदा शाखाओं से हटाकर अन्य विभागों में स्थानांतरित किया गया है, जबकि कुछ को राजस्व न्यायालयों से हटाकर प्रोटोकॉल और अन्य प्रशासनिक शाखाओं में जिम्मेदारी दी गई है।

    प्रशासनिक आदेशों के अनुसार कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को नई तहसीलों की कमान सौंपी गई है, वहीं कई को विशेष शाखाओं में स्थानांतरित किया गया है। इससे न केवल कार्य विभाजन में बदलाव हुआ है बल्कि प्रशासनिक ढांचे को अधिक संतुलित करने का प्रयास भी किया गया है।

    कई तहसीलों में नए अधिकारियों की नियुक्ति के साथ ही पुराने अधिकारियों को अन्य महत्वपूर्ण विभागों में भेजा गया है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि जमीनी स्तर पर राजस्व कार्यों में तेजी आएगी और नागरिकों को सेवाएं अधिक प्रभावी तरीके से मिल सकेंगी।

    इसी बीच नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। भुगतान संबंधी मामलों में मस्टरकर्मियों की नाराजगी सामने आई है और लंबे समय से बकाया भुगतान को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। अदालत के आदेशों के बावजूद करोड़ों रुपये का भुगतान लंबित बताया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति बनी हुई है।

    प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे बदलाव को व्यवस्था सुधार और कार्यप्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।