Category: Madhya Pradesh

  • ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम के नाम पर छात्रा से एक लाख रुपये की साइबर ठगी..

    ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम के नाम पर छात्रा से एक लाख रुपये की साइबर ठगी..

    जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में ठगी के दो अलग-अलग मामलों ने एक बार फिर साइबर फ्रॉड और अंधविश्वास से जुड़ी धोखाधड़ी की गंभीरता को उजागर किया है। एक ओर जहां ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम के नाम पर एक कॉलेज छात्रा से एक लाख रुपये की ठगी की गई, वहीं दूसरी ओर साधु के भेष में आए दो ठगों ने 5 करोड़ रुपये दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 28 हजार रुपये ऐंठ लिए।

    पहले मामले में घमापुर क्षेत्र की एक कॉलेज छात्रा को टेलीग्राम पर संपर्क कर ऑनलाइन जॉब और वर्क फ्रॉम होम के नाम पर फंसाया गया। उसे शुरुआत में छोटे-छोटे काम देकर भरोसा दिलाया गया और बाद में निवेश तथा प्रोसेसिंग के नाम पर अलग-अलग चरणों में पैसे जमा करने के लिए कहा गया।

    झांसे में आकर छात्रा ने धीरे-धीरे करीब एक लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब न तो उसे कोई नौकरी मिली और न ही कोई कमाई वापस मिली, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    दूसरे मामले में बरगी थाना क्षेत्र में दो लोगों ने साधु का भेष धारण कर एक युवक को अपने जाल में फंसा लिया। पहले तो उन्होंने मदद के नाम पर पैसे मांगे, फिर हाथ देखकर भविष्य में 5 करोड़ रुपये मिलने का लालच दिया। इसके बाद पूजा-पाठ और कथित चमत्कार के नाम पर युवक को मानसिक रूप से प्रभावित किया गया।

    जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने अलग-अलग तरीकों से युवक से कुल 28 हजार रुपये वसूल लिए। कुछ देर बाद जब युवक को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को भ्रमित करने के लिए अलग-अलग तरह के हथकंडे अपनाते थे और लालच व अंधविश्वास का सहारा लेकर ठगी करते थे। दोनों मामलों में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • जबलपुर में प्रदर्शन हुआ उग्र: कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बरसाया पानी

    जबलपुर में प्रदर्शन हुआ उग्र: कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बरसाया पानी


    जबलपुर मध्यप्रदेश के जबलपुर में सोमवार को ट्रेड डील के विरोध को लेकर यूथ कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट घेराव के लिए रैली निकाली, लेकिन पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए बैरिकेडिंग कर दी। जैसे ही प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।

    घंटाघर पर भिड़ंत, वाटर कैनन से रोकने की कोशिश

    घंटाघर क्षेत्र में करीब आधे घंटे तक हालात तनावपूर्ण बने रहे। फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों से प्रदर्शनकारियों पर लगातार पानी की तेज बौछारें की गईं, लेकिन इसके बावजूद कार्यकर्ता पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। माहौल काफी देर तक गरमाता रहा।

    100 से ज्यादा कार्यकर्ता हिरासत में

    पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए सख्ती बरती और प्रदेश अध्यक्ष सहित यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। प्रदर्शन में विधायक लखन घनघोरिया सहित कई स्थानीय नेता और बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता शामिल हुए थे। प्रशासन ने पहले से ही कलेक्ट्रेट और आसपास के प्रमुख मार्गों पर भारी बैरिकेडिंग और पुलिस बल तैनात कर रखा था।

    यूथ कांग्रेस का सरकार पर आरोप

    यूथ कांग्रेस ने प्रस्तावित यूएस ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। संगठन का कहना है कि इस डील से किसानों और मजदूरों को नुकसान पहुंचेगा, इसलिए इसे जनविरोधी बताया गया।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने महंगाई, गैस सिलेंडर की कीमतों और विदेश नीति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।

    तनावपूर्ण माहौल के बीच शांत कराया गया प्रदर्शन

    प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती रही और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को लगातार प्रयास करने पड़े। अंततः गिरफ्तारियों और वाटर कैनन के उपयोग के बाद हालात काबू में आए।

  • खंडवा के गुड़ी वन परिक्षेत्र में अतिक्रमणकारियों का दुस्साहस और वन कर्मी पर जानलेवा हमला

    खंडवा के गुड़ी वन परिक्षेत्र में अतिक्रमणकारियों का दुस्साहस और वन कर्मी पर जानलेवा हमला


    मध्यप्रदेश/खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में अतिक्रमणकारियों के बढ़ते दुस्साहस ने प्रशासनिक तंत्र और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीलाईखेड़ा के जंगलों में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा करने की नियत से पहुंचे करीब तीस से चालीस हमलावरों ने वन विभाग की टीम पर हिंसक हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब विभाग के कर्मचारी नियमित गश्त और सूचना के आधार पर जंगल की सुरक्षा के लिए मौके पर पहुंचे थे। अतिक्रमणकारियों का समूह सुनियोजित तरीके से वन भूमि को कृषि भूमि में बदलने की तैयारी कर रहा था और उनके पास जंगल की जमीन साफ करने के उपकरण भी मौजूद थे।

    वन विभाग के अमले ने जैसे ही उन्हें रोकने की कोशिश की तो स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। जंगल में अवैध खेत तैयार करने की जिद पर अड़े इन लोगों ने सरकारी ड्यूटी पर तैनात चौकीदार रामदास को अपना निशाना बनाया। हमलावरों ने न केवल उनके साथ गाली गलौज की बल्कि शारीरिक रूप से भी उन पर टूट पड़े। इस हिंसक झड़प में हमलावरों ने चौकीदार का गला दबाने और उन्हें नाखूनों से घायल करने जैसी क्रूर हरकतें कीं। इस दौरान वर्दी फाड़ दी गई और मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों को भी जान से मारने की धमकी दी गई। यह हमला इतना अचानक और उग्र था कि शुरुआती क्षणों में कर्मचारियों को अपनी जान बचाना भारी पड़ गया।

    अतिक्रमणकारियों की यह भीड़ पड़ोसी जिलों बड़वानी खरगोन और बुरहानपुर से संगठित होकर यहां पहुंची थी। जंगलों के बीच जमीन कब्जाने का यह सिलसिला नया नहीं है लेकिन जिस तरह से हमलावरों ने कानून को अपने हाथ में लिया उससे वन कर्मियों के बीच भारी आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त है। घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद वन विभाग का अतिरिक्त अमला और पुलिस बल सक्रिय हुआ जिसके बाद हमलावर वहां से भाग खड़े हुए। इस संबंध में पिपलौद पुलिस थाने में नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार आमाखुजरी क्षेत्र में लगभग पचास हेक्टेयर वन भूमि पर वर्तमान में अतिक्रमण का बड़ा संकट मंडरा रहा है। यहां बड़ी संख्या में लोग बुवाई की तैयारी कर रहे हैं जो पर्यावरण और वन संपदा के लिए एक अपूरणीय क्षति साबित हो सकती है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते इन बाहरी तत्वों पर नकेल नहीं कसी गई तो घने जंगलों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। फिलहाल घायल कर्मचारी का उपचार कराया जा रहा है और पुलिस प्रशासन के सहयोग से पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी हिंसक वारदात को टाला जा सके और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

  • किसान क्रेडिट कार्ड योजना से किसानों की आर्थिक स्थिति में आया बड़ा बदलाव शिवराज सिंह चौहान

    किसान क्रेडिट कार्ड योजना से किसानों की आर्थिक स्थिति में आया बड़ा बदलाव शिवराज सिंह चौहान

    रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन में आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव 2026 के अंतिम दिन किसान सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना ने देश के किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। उन्होंने इस योजना को किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बताते हुए कहा कि इससे किसानों को समय पर सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध हो रहा है, जिससे वे खेती से जुड़े आवश्यक कार्य बिना आर्थिक दबाव के कर पा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं और कृषि क्षेत्र में हो रहे नए नवाचारों से अवगत कराना भी है। किसानों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत उपकरणों और नई कृषि पद्धतियों की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पहले किसानों को खाद और बीज जैसी आवश्यकताओं के लिए ऊंचे ब्याज दरों पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे उनकी पूरी फसल का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में ही चला जाता था। ऐसे में किसान क्रेडिट कार्ड योजना ने इस समस्या का समाधान किया है और किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।

    उन्होंने कृषि अवसंरचना को मजबूत करने पर भी जोर देते हुए कहा कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड जैसी योजनाएं किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही हैं। इसके माध्यम से भंडारण, प्रसंस्करण और अन्य कृषि सुविधाओं का विकास हो रहा है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल पा रहा है।

    साथ ही प्रधानमंत्री कुसुम योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए पर्याप्त सब्सिडी दी जा रही है। इससे न केवल ऊर्जा लागत में कमी आ रही है बल्कि किसान स्वच्छ ऊर्जा की ओर भी अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में किसान योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाते, इसलिए जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।

    किसान सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण की भी झलक देखने को मिली, जहां किसान उत्पादक संगठनों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने उत्पादों और नवाचारों के माध्यम से विशेष पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि ये महिलाएं अपनी मेहनत और उद्यमशीलता से न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे रही हैं।

    महोत्सव के दौरान आधुनिक तकनीक, नवाचार और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर विशेष जोर दिया गया, जिससे खेती को एक नई दिशा मिल रही है। यह आयोजन किसानों के लिए नए अवसरों और संभावनाओं का मंच बनकर उभरा है, जहां वे भविष्य की कृषि के लिए तैयार हो रहे हैं।

  • केआरसीएल में दो पदों पर भर्ती का अवसर, 63 वर्ष तक के उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका

    केआरसीएल में दो पदों पर भर्ती का अवसर, 63 वर्ष तक के उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका


    भोपाल। भारतीय रेलवे में नौकरी की चाह रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए कोंकण रेलवे निगम लिमिटेड की ओर से एक महत्वपूर्ण भर्ती सूचना जारी की गई है। इस भर्ती के तहत वर्क मैनेजर और असिस्टेंट वर्क मैनेजर के कुल दो पदों को भरा जाना है। यह अवसर विशेष रूप से उन योग्य उम्मीदवारों के लिए आकर्षक माना जा रहा है जो रेलवे क्षेत्र में तकनीकी और प्रबंधन अनुभव रखते हैं या सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने कौशल का उपयोग करना चाहते हैं। विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार चयन प्रक्रिया और आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सरल रखा गया है ताकि अधिक से अधिक पात्र उम्मीदवार इसमें भाग ले सकें।

    इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवारों को 30 अप्रैल तक अपना आवेदन जमा करना होगा। आवेदन केवल ईमेल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे, इसलिए इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। अंतिम तिथि के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की तकनीकी या अन्य किसी भी प्रकार की समस्या से बचने के लिए समय रहते अपना आवेदन पूरा कर लें। आवेदन पत्र को सही तरीके से भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रारूप में भेजना अनिवार्य होगा।

    इस भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता के रूप में उम्मीदवार के पास इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल या प्रोडक्शन इंजीनियरिंग में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री या डिप्लोमा होना चाहिए। इसके साथ ही यह भी आवश्यक है कि उम्मीदवार रेलवे या उससे संबंधित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत रहे हों या सेवानिवृत्त यांत्रिक विभाग के अधिकारी हों। अभ्यर्थियों के पास निर्धारित वर्षों का व्यावहारिक अनुभव होना भी जरूरी रखा गया है ताकि कार्य की गुणवत्ता और दक्षता सुनिश्चित की जा सके। अधिकतम आयु सीमा 63 वर्ष निर्धारित की गई है जिसकी गणना 10 अप्रैल के आधार पर की जाएगी।

    वेतन संरचना की बात करें तो चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह 39100 रुपये से लेकर 15600 रुपये तक का वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य भत्ते और लाभ भी नियमानुसार प्रदान किए जाएंगे। चयनित अभ्यर्थियों की पोस्टिंग विशाखापत्तनम स्थित वडालापुडी कार्यशाला में की जाएगी जहां उन्हें तकनीकी और प्रबंधकीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। यह पद उन अनुभवी उम्मीदवारों के लिए एक बेहतर अवसर है जो अपने लंबे करियर अनुभव को एक संगठित रेलवे परियोजना में योगदान के रूप में उपयोग करना चाहते हैं।

    आवेदन प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों को पहले संबंधित भर्ती अधिसूचना के अनुसार आवेदन पत्र डाउनलोड करना होगा। इसके बाद उसे ध्यानपूर्वक भरकर सभी आवश्यक विवरण सही तरीके से दर्ज करने होंगे। मांगे गए दस्तावेजों की प्रतियां भी आवेदन के साथ संलग्न करनी होंगी। पूरा आवेदन एक ही फाइल में तैयार कर निर्धारित ईमेल पते पर भेजना होगा। अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका आवेदन अंतिम तिथि के दिन शाम साढ़े पांच बजे से पहले पहुंच जाए। आवेदन भेजने के बाद भविष्य के संदर्भ के लिए उसका प्रिंट सुरक्षित रखना भी आवश्यक होगा।

  • रायसेन में तीन दिवसीय कृषि महोत्सव में आधुनिक खेती तकनीकों का प्रदर्शन

    रायसेन में तीन दिवसीय कृषि महोत्सव में आधुनिक खेती तकनीकों का प्रदर्शन

    रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में आयोजित तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव में देशभर से आए किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर आधुनिक और तकनीक आधारित खेती की नई संभावनाओं को समझा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य परंपरागत कृषि पद्धतियों के साथ स्मार्ट खेती को बढ़ावा देना और किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित करना है, जिससे उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो सके।

    कृषि महोत्सव में आधुनिक कृषि यंत्रों, उन्नत तकनीकों और वैज्ञानिक खेती के तरीकों का व्यापक प्रदर्शन किया गया।यहां किसानों को ड्रिप सिंचाई प्रणाली, संरक्षित खेती और बागवानी आधारित उन्नत फसलों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों को बदलते समय के अनुसार खेती में तकनीक के उपयोग की आवश्यकता पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया, जिससे वे अपनी खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बना सकें।

    वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है और किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक तरीकों को अपना रहे हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को नई तकनीक, बेहतर बीज और आधुनिक उपकरणों की सुविधा मिल रही है, जिससे कृषि उत्पादन में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।

    बागवानी और उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसान फसल विविधीकरण की ओर बढ़ सकें और अपनी आय के नए स्रोत विकसित कर सकें। इसके अंतर्गत फल, सब्जी, फूल, मसाले तथा औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है और किसानों को प्रशिक्षण के साथ वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

    अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के तहत छोटे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और विस्तार के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

    इसके साथ ही संरक्षित खेती जैसे पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और शेडनेट तकनीक को बढ़ावा देने के लिए किसानों को बड़ी मात्रा में सब्सिडी दी जा रही है। बागवानी फसलों जैसे आम, अमरूद और आंवला की खेती पर भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे किसान पारंपरिक फसलों से हटकर अधिक लाभकारी विकल्पों की ओर बढ़ सकें।

    ड्रिप सिंचाई प्रणाली को जल संरक्षण और बेहतर उत्पादन के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही ड्रैगन फ्रूट जैसी नई और उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसान आधुनिक और लाभकारी कृषि मॉडल को अपना सकें।

    कृषि महोत्सव किसानों के लिए ज्ञान और अवसरों का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है, जहां वे नई तकनीकों को समझकर भविष्य की खेती के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं और कृषि क्षेत्र में नवाचार की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

  • मप्र कैबिनेट के बड़े फैसले: 6 जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज, 19,810 करोड़ के विकास कार्यों को दी मंजूरी

    मप्र कैबिनेट के बड़े फैसले: 6 जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज, 19,810 करोड़ के विकास कार्यों को दी मंजूरी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में लोक कल्याण और विकास कार्यों के लिए लगभग 19,810 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। साथ ही प्रदेश के छह जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

    विभिन्न विभागों की योजनाओं को मिली मंजूरी
    लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि बैठक में लोक निर्माण, सिंचाई, महिला एवं बाल विकास, कृषि और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

    सिंचाई और सड़क परियोजनाओं पर बड़ा खर्च
    मंत्रिपरिषद ने सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286 करोड़ 26 लाख रुपये की प्रशासकीय मंजूरी दी है। इस परियोजना से 27 गांवों की करीब 7200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के तहत विभिन्न परियोजनाओं के लिए 10,801 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें बीओटी मार्गों का विकास, परियोजनाओं के भुगतान और सड़क विकास निगम की बाह्य वित्त परियोजनाएं शामिल हैं, जिन्हें 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

    पोषण, ग्रामीण विकास और कृषि को बढ़ावा
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन जैसी योजनाओं के संचालन के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। वहीं, कृषि क्षेत्र में ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन (SMAM)’ के तहत 2,250 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा, लागत और समय की बचत होगी तथा ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

    स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर
    प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 1,674 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके तहत जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए करीब 1,005 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    महिला सशक्तिकरण योजनाओं को भी समर्थन
    महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं—बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन-181 के संचालन के लिए 240 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

    8 नए वन स्टॉप सेंटर खुलेंगे
    प्रदेश में आठ नए वन स्टॉप सेंटर शुरू करने का निर्णय लिया गया है। ये सेंटर मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा, धार (मनावर), पीथमपुर, इंदौर (लसूडिया, सांवेर) और झाबुआ (पेटलावद) में स्थापित किए जाएंगे।

    इन जिलों में बनेंगे नए मेडिकल कॉलेज
    मंत्रिपरिषद ने राजगढ़, मंडला, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी और सिंगरौली जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

  • भोपाल में शराब दुकान के खिलाफ धरना: जिपं उपाध्यक्ष ने शटर गिराकर किया विरोध, हाथों में तख्तियां

    भोपाल में शराब दुकान के खिलाफ धरना: जिपं उपाध्यक्ष ने शटर गिराकर किया विरोध, हाथों में तख्तियां


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शराब दुकानों की शिफ्टिंग को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। ईंटखेड़ी में तो हालात ऐसे बन गए कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट खुद ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। नाराज लोगों ने पहले दुकान का शटर गिराया, फिर मौके पर टेंट लगाकर भजन-कीर्तन शुरू कर दिया।

    शटर गिराकर शुरू किया धरना, प्रशासन को दी चेतावनी

    ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही कलेक्टर को आवेदन देकर शराब दुकान हटाने की मांग की थी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार दोपहर 12 बजे से दुकान के सामने ही धरना शुरू कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक दुकान हटाई नहीं जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और दुकान खुलने नहीं दी जाएगी।

    स्कूल-कॉलेज के रास्ते में दुकान, महिलाओं-बच्चों को परेशानी

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह दुकान भैंरोपुरा, कल्याणपुरा और खामखेड़ा जाने वाले मुख्य रास्ते पर स्थित है। यहां अक्सर लोग बैठकर शराब पीते हैं, जिससे राहगीरों खासकर महिलाओं और बच्चों  को भारी परेशानी होती है। क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी बढ़ रहा है, जिससे माहौल बिगड़ रहा है।

    भोपाल के कई इलाकों में एक जैसा विरोध

    ईंटखेड़ी ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य इलाकों में भी शराब दुकानों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है-

    अवधपुरी: ऋषिपुरम 80 फीट रोड पर लोग रोज सुंदरकांड पाठ कर विरोध जता रहे हैं।
    सेमराकलां: विजय नगर साईंराम कॉलोनी में एक साल से मांग, अब टेंट लगाकर भजन-कीर्तन।
    कोलार रोड (मंदाकिनी चौराहा): रहवासी इलाके और जैन मंदिर के पास दुकान शिफ्ट होने पर विरोध।
    पॉलिटेक्निक चौराहा: प्रोफेसर कॉलोनी के पास दुकान के खिलाफ छात्र संगठन भी सड़कों पर उतर चुके हैं।

    जनआंदोलन का रूप लेता विरोध

    भोपाल में शराब दुकानों को लेकर बढ़ता विरोध अब जनआंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। ग्रामीणों और शहरवासियों का कहना है कि आबादी वाले इलाकों में ऐसी दुकानों से सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है और सुरक्षा को खतरा बढ़ रहा है।

  • लापरवाही पड़ी भारी: रतलाम में बिना सूचना गैरहाजिर 11 कर्मचारियों को नोटिस, कार्रवाई तय

    लापरवाही पड़ी भारी: रतलाम में बिना सूचना गैरहाजिर 11 कर्मचारियों को नोटिस, कार्रवाई तय


    रतलाम मध्य प्रदेश के रतलाम में जनगणना प्रशिक्षण के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। भारत की प्रस्तावित जनगणना 2027 के पहले चरण (मकान सूचीकरण और गणना) की तैयारी के तहत चल रहे प्रशिक्षण सत्र में 11 कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस पर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।

    1 मई से शुरू होगा पहला चरण, ट्रेनिंग में ही लापरवाही

    जानकारी के मुताबिक, जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इसके लिए नगर निगम क्षेत्र में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। 11 से 13 अप्रैल तक आयोजित इस प्रशिक्षण के पहले ही सत्र में 11 कर्मचारी बिना सूचना गायब रहे, जिससे प्रशासन नाराज हो गया।

    अधिकारियों का सख्त रुख, निलंबन की चेतावनी

    नोटिस अनिल भाना (नगर निगम आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी) की ओर से जारी किया गया है। स्पष्ट कहा गया है कि यदि संबंधित कर्मचारी 24 घंटे में संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

    जनगणना अधिनियम के तहत सजा का प्रावधान

    प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत जनगणना कार्य में लापरवाही गंभीर अपराध है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर 1000 रुपए तक का जुर्माना और 3 साल तक की सजा का प्रावधान है।

    कई विभागों के कर्मचारी शामिल

    अनुपस्थित कर्मचारियों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, मलेरिया विभाग और जिला अस्पताल सहित कई विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा नगर निगम के कुछ कंप्यूटर ऑपरेटर और भृत्य वर्ग के कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

    प्रशासन का संदेश जनगणना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    प्रशासन ने साफ किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई तय है।

  • वारदात से पहले गिरफ्तारी: ग्वालियर में कैंसर हिल्स से भिंड का आरोपी पकड़ा, हथियार भी मिले

    वारदात से पहले गिरफ्तारी: ग्वालियर में कैंसर हिल्स से भिंड का आरोपी पकड़ा, हथियार भी मिले


    ग्वालियरमध्य प्रदेश के ग्वालियर में पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए एक संभावित बड़ी वारदात को टाल दिया। कैंसर हिल्स क्षेत्र में संदिग्ध हालात में खड़े एक बदमाश को क्राइम ब्रांच और कंपू थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं।

    पुलिस को देखते ही जंगल की ओर भागा, पीछा कर दबोचा

    डीएसपी क्राइम ब्रांच नागेन्द्र सिंह सिकरवार के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक शातिर बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में कैंसर हिल्स इलाके में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सर्चिंग शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक सुनसान रास्ते पर खड़ा मिला। पुलिस को देखते ही वह जंगल की ओर भागने लगा, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

    पिस्टल और कारतूस बरामद, पूछताछ जारी

    तलाशी लेने पर आरोपी के पास से एक देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि वह किस मंशा से हथियार लेकर वहां मौजूद था और किस वारदात की योजना बना रहा था।

    भिंड का निगरानीशुदा बदमाश, रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अंकुश भिंड जिले के लहार क्षेत्र का रहने वाला है और पुलिस का निगरानीशुदा बदमाश बताया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए ग्वालियर पुलिस ने भिंड पुलिस से उसका आपराधिक रिकॉर्ड मंगाया है।

    अधिकारियों के निर्देश पर संयुक्त कार्रवाई

    इस ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अमित शर्मा और कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस अब आरोपी के नेटवर्क और संभावित साथियों की भी तलाश कर रही है।