Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल में पालक महासंघ का हल्ला बोल: निजी स्कूलों की मनमानी फीस के खिलाफ DEO कार्यालय का घेराव

    भोपाल में पालक महासंघ का हल्ला बोल: निजी स्कूलों की मनमानी फीस के खिलाफ DEO कार्यालय का घेराव

    भोपाल ।राजधानी भोपाल में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस और अन्य शुल्क वसूले जाने के खिलाफ अभिभावकों का गुस्सा सड़कों पर नजर आया। पालक महासंघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए घेराव किया और निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूल फीस, बस शुल्क, किताबों और अन्य मदों में लगातार मनमानी वसूली कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।

    प्रदर्शन के दौरान पालक महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में शिक्षा माफिया सक्रिय है और निजी स्कूल संचालकों के दबाव में प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। उनका आरोप है कि अभिभावक लंबे समय से शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से स्कूलों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।

    प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने DEO कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार नारेबाजी की और शिक्षा विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। पालक महासंघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे, लेकिन अधिकारी ने ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया और कार्यालय छोड़कर चले गए। इस घटना से प्रदर्शनकारियों में और अधिक आक्रोश फैल गया और उन्होंने इसे अभिभावकों की समस्याओं के प्रति प्रशासन की उदासीनता बताया।

    अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूल हर साल फीस में मनमानी बढ़ोतरी कर देते हैं, जबकि बस शुल्क और किताबों के नाम पर भी भारी रकम वसूली जाती है। इससे खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। कई अभिभावकों ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई जारी रखना भी उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है।

    पालक महासंघ ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर तुरंत रोक लगाई जाए और फीस, बस चार्ज तथा किताबों की कीमतों के लिए एक पारदर्शी और तय ढांचा बनाया जाए। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और दोषी स्कूलों पर भारी जुर्माना लगाने की मांग भी उठाई है।

    प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित अधिकारियों पर किसी तरह का दबाव डालने वाले लोगों की जांच की जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। पालक महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

  • टी-20 विश्व कप फाइनल में भारत की एंट्री पर MP में जश्न: इंदौर के राजवाड़ा पर ढोल-ताशे, जबलपुर-उज्जैन में आतिशबाजी

    टी-20 विश्व कप फाइनल में भारत की एंट्री पर MP में जश्न: इंदौर के राजवाड़ा पर ढोल-ताशे, जबलपुर-उज्जैन में आतिशबाजी


    मध्यप्रदेश । टी 20 विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बना ली। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद और बल्ले दोनों से दमदार खेल दिखाया। मैच के आखिरी ओवर तक रोमांच बना रहा लेकिन भारतीय टीम ने शानदार संयम और रणनीति के साथ मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारत की इस जीत के साथ ही देशभर में जश्न का माहौल बन गया और मध्य प्रदेश के कई शहरों में क्रिकेट प्रेमी खुशी से झूम उठे।

    इंदौर में जीत का जश्न सबसे ज्यादा ऐतिहासिक राजवाड़ा क्षेत्र में देखने को मिला। जैसे ही भारत की जीत तय हुई बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लेकर राजवाड़ा चौराहे पर पहुंच गए। युवाओं ने ढोल ताशों की धुन पर जमकर नाचते हुए जीत का जश्न मनाया। पूरे इलाके में भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे गूंजने लगे। लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और जमकर आतिशबाजी की। देर रात तक राजवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

    भारत की इस जीत के बाद क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह चरम पर पहुंच गया है और अब सभी की नजरें फाइनल मुकाबले पर टिक गई हैं। लोगों को उम्मीद है कि टीम इंडिया फाइनल में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करेगी।

    वहीं जबलपुर में भी भारत की जीत के बाद क्रिकेट फैंस सड़कों पर उतर आए। शहर के मालवीय चौक पर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और भारत की जीत का जश्न मनाया। यहां युवाओं ने पटाखे जलाए और एक दूसरे को बधाई दी। भारत की जीत के नारे और देशभक्ति के गीतों के बीच पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल बन गया।

    उज्जैन में भी टीम इंडिया की जीत की खुशी साफ नजर आई। शहर के हृदय स्थल टॉवर चौक पर युवाओं की टोलियां एकत्रित हो गईं। यहां लोगों ने तिरंगा लहराते हुए जमकर आतिशबाजी की और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम् के नारे लगाए। युवा बुजुर्ग और बच्चे सभी इस जीत के जश्न में शामिल दिखाई दिए।

    क्रिकेट प्रेमियों ने कहा कि टीम इंडिया का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा है और सेमीफाइनल में इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को हराना बड़ी उपलब्धि है। अब सभी को उम्मीद है कि भारतीय टीम फाइनल में भी इसी तरह का दमदार खेल दिखाकर देश को एक और विश्व कप जीत का जश्न मनाने का मौका देगी।

  • सिवनी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हिस्ट्रीशीटर अजीत उपाध्याय और प्रबुद्ध शुक्ला समेत तीन गिरफ्तार, हथियार बरामद कर निकाला जुलूस

    सिवनी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हिस्ट्रीशीटर अजीत उपाध्याय और प्रबुद्ध शुक्ला समेत तीन गिरफ्तार, हथियार बरामद कर निकाला जुलूस

    सिवनी । मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में फरार चल रहे कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दबिश देकर अजीत उपाध्याय प्रबुद्ध शुक्ला और एक अन्य आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। तीनों आरोपियों को पेंच टाइगर रिजर्व क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई उस मामले में की गई है जिसमें एक युवक पर सरेआम जानलेवा हमला किया गया था। घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने लगातार अलग अलग स्थानों पर दबिश दी और आखिरकार पेंच टाइगर रिजर्व इलाके में घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार एक पिस्टल जिंदा कारतूस और एक चाकू भी बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि ये सभी आरोपी जिले के कुख्यात अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट धमकी अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर अपराध शामिल बताए जा रहे हैं।

    पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को शहर में लाकर उनका जुलूस भी निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा और आरोपियों को पैदल घुमाया गया ताकि अपराधियों में पुलिस का खौफ बना रहे और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हो सके।

    कोतवाली पुलिस का कहना है कि आरोपियों से फिलहाल पूछताछ की जा रही है और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के पास से बरामद हथियार कहां से आए और इनका इस्तेमाल किन किन घटनाओं में किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों की भी समीक्षा की जा रही है और उनके आपराधिक नेटवर्क को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।

  • MP: मोहन यादव मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं नए चेहरे…. कैबिनेट में बदलाव की सुगबुगाहट तेज

    MP: मोहन यादव मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं नए चेहरे…. कैबिनेट में बदलाव की सुगबुगाहट तेज


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल (Madhya Pradesh Cabinet) में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) और प्रदेश अध्यक्ष के दिल्ली दौरे के बाद से पैदा हुई हलचलों में कयास लगाए जा रहे हैं कि मंत्रिमंडल से कई दिग्गज मंत्री बाहर हो सकते हैं, वहीं उनकी जगह नए या फिर पुराने चेहरों को मौका मिल सकता है। हालांकि ऐसा कब तक होगा, इसके लिए कोई निश्चित तारीख बता पाना जल्दबाजी होगी, लेकिन ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha elections) के संपन्न होने के बाद ये बदलाव देखने को मिल सकता है।


    शीर्ष नेताओं से मिले सीएम यादव

    बताया जा रहा है कि दिल्ली दौरे में सीएम मोहन यादव पार्टी के शीर्ष स्तर के नेताओं के साथ मिले थे। इनमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जैसे शीर्ष स्तर के नेता शामिल रहे थे। कहा जा रहा है कि उन बैठकों में मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर भी चर्चा हुई थी, जिसके बाद मीडिया में अलग-अलग तरह के कयास लगाए जाने लगे कि किसका पत्ता कटेगा और किसे मौका मिलेगा।


    प्रदेश प्रभारी भी घोषित होने हैं…

    अनुमान लगाया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव होने के बाद कुछ प्रदेशों में प्रदेश प्रभारी भी घोषित होने हैं। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि मंत्रिमंडल के दिग्गज और एक्सपीरियंस चेहरों को सरकार से हटाकर संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। क्योंकि, आने वाले समय में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जा सकती है।


    तजुर्बेकार नेताओं को मिल सकती अन्य राज्यों की कमान

    उदाहरण के तौर पर बंगाल चुनाव में कैलाश विजयवर्गीय को मौका मिला है, पंजाब के प्रभारी रहे हरियाणा के नरेंद्र सिंह तोमर भी कमान संभाल चुके हैं। बिहार चुनाव में किए गए बेहतरीन प्रदर्शन में एमपी मॉडल से मिले लाभ की भी चर्चाएं हैं। ऐसे में संगठन के स्तर पर प्रदेश के कई दिग्गज नेता अहम भूमिका निभाते हैं, जो कि आने वाले चुनावों में काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।

    कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह, उदय प्रताप सिंह जैसे दिग्गज नेता लंबे समय से मध्य प्रदेश की राजनीति कर रहे हैं। इन्हें काफी अनुभव हो चुका है। ऐसे में संभावना है कि पार्टी उन्हें अन्य राज्यों की जिम्मेदारी सौंप दे ताकि उनके अनुभवों को और ज्यादा भुनाया जा सके।


    कब तक हो सकता है बदलाव

    बदलाव के समय को लेकर कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है, लेकिन ऐसा अनुमान है कि ये फेरबदल मार्च के आखिरी तक राज्यसभा चुनाव संपन्न होने के बाद हो सकता है। चूंकि 2027 में राज्य के अंदर निकाय चुनाव होने हैं, ऐसे में जो भी बदलाव होगा वो चुनावों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। ताकि सभी वर्ग को प्रतिनिधित्व मिल सके। यानी नाम को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है कि किसे शामिल किया जाएगा और किसे बाहर।

    बताया जा रहा है कि राज्य के मंत्रियों-विधायकों की रिपोर्ट भी तैयार की गई थी, जिसे आलाकमान के पास सौंपा गया है। इसके आधार पर फैसला लिया जा सकता है कि किन मंत्रियों का कामकाज संतोषजनक नहीं है। वहीं ठीक काम करने वाले और आलाकमान से नजदीकियां/खास रखने वालों को मौका मिल सकता है।

  • MP: दमोह में भाईदूज पर बहन के घर जा रहे नाबालिग का हथौड़े से सिर फोड़ा….फिर खून पीया और मांस खाया

    MP: दमोह में भाईदूज पर बहन के घर जा रहे नाबालिग का हथौड़े से सिर फोड़ा….फिर खून पीया और मांस खाया

    दमोह। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दमोह जिले (Damoh district) से हत्या की

    Damoh

    खौफनाक वारदात का मामला सामने आया है, यहां एक शख्स ने हथौड़े से 15-20 वार कर नाबालिग (Minor) का सिर फोड़ दिया और उसकी नृशंस हत्या कर दी। आरोप है कि सिर फोड़ने के बाद आरोपी शख्स ने ना केवल नाबालिग का खून पिया, बल्कि उसका भेजा निकालकर भी खाया। इस वारदात का एक वीडियो भी सामने आया है। वारदात की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है, और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। आरोपी अपनी पत्नी की हत्या के मामले में जेल की सजा भी काट चुका है

    यह वारदात दमोह जिले में देहात थाना क्षेत्र में भाई दूज पर बहन के घर जा रहे एक नाबालिग के साथ हुई। इमलिया चौकी क्षेत्र के अर्थखेड़ा गांव का रहने वाला 16 वर्षीय भरत विश्वकर्मा भाईदूज पर अपनी बहन के पास समन्ना गांव आ रहा था, लेकिन बहन के घर पहुंचने से पहले ही यहां गांव में रहने वाले गुड्डा पटेल ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने भरत के सिर पर पहले रॉड से हमला किया, फिर इसके बाद करीब 15-20 बार हथौड़े से वार किए। गंभीर चोट लगने के कारण भरत की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया है।


    कजिन बोला- उसने मेरे सामने भाई का भेजा खाया

    इस दौरान भरत के साथ मौजूद मृतक के चचेरे भाई विजय विश्वकर्मा ने बताया कि हम रास्ते में पहुंचे ही थे कि आरोपी ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया, मैं तो किसी तरह बच गया, लेकिन आरोपी ने मेरे सामने भरत की हत्या कर दी और उसका मांस (भेजा) खाया। वह नरभक्षी की तरह बर्ताव कर रहा था। गांव वाले उसकी क्रूरता से डर गए। भाई ने मेरे सामने दम तोड़ दिया।


    वारदात के बाद आरोपी भागकर खेतों में छुपा

    प्राप्त जानकारी के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गुड्डा पटेल हाथ में हथौड़ा लेकर खेतों की ओर भागा और जाकर खेतों में छिप गया। ग्रामीणों ने उसका पीछा किया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर उसकी घेराबंदी करते हुए उसे दबोचा। हालांकि आरोपी ने हाथ में हथियार लेकर पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों को डराने की कोशिश की, जिसके चलते कुछ देर के लिए लोग पीछे हट गए। हालांकि बाद में जब आरोपी के हाथ से हथियार छूट गया, तब ग्रामीणों ने उस पर पथराव कर उसे काबू में कर लिया। आरोपी की पहचान गुड्डा पटेल के रूप में हुई है।


    आरोपी ने 20 साल पहले की थी पत्नी की हत्या

    ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी गांव में ही घूमता रहता था और 20 साल पहले उसने अपनी पत्नी की हत्या की थी। इस मामले में वह जेल की सजा काट चुका है और 2 साल पहले ही उसकी सजा पूरी हुई थी। आरोपी के घर में एक बेटा और दो बेटियां हैं। तीनों की शादी हो चुकी है, और उसका बेटा उससे अलग रहकर खेती करता है।

    मामले में सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है और गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ कर वारदात की वजह जानने की कोशिश की जा रही है।

  • होली पर सड़कों पर बढ़ा खतरा: मध्य प्रदेश में 948 हादसे, सागर 67 मामलों के साथ टॉप पर, भोपाल भी टॉप-10 में

    होली पर सड़कों पर बढ़ा खतरा: मध्य प्रदेश में 948 हादसे, सागर 67 मामलों के साथ टॉप पर, भोपाल भी टॉप-10 में



    नई दिल्ली। होली के त्योहार के बीच मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का आंकड़ा चिंताजनक रूप से बढ़ गया। 108 एंबुलेंस सेवा के आंकड़ों के मुताबिक 4 मार्च को एक ही दिन में प्रदेशभर में 948 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। सबसे ज्यादा हादसे सागर जिले में सामने आए, जहां 67 दुर्घटनाएं हुईं। वहीं राजधानी भोपाल में 39 हादसे दर्ज किए गए, जिससे शहर प्रदेश में आठवें स्थान पर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहार के दौरान नशे में वाहन चलाना, तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी इन दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही है।

    हादसों के मामले में सागर के बाद विदिशा में 55, इंदौर में 46 और जबलपुर में 45 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा रीवा और सतना में 42-42 तथा रायसेन में 41 हादसे सामने आए। अन्य जिलों में भी स्थिति चिंताजनक रही, जहां छिंदवाड़ा में 30, धार में 28, सिंगरौली में 27 और खरगोन व बालाघाट में 25-25 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं।

    108 एंबुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार के अनुसार होली के दौरान नशे में वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस बार बीते साल की तुलना में शराब के नशे में हुई दुर्घटनाओं की संख्या अधिक देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में लोग तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे मामूली टक्कर भी गंभीर हादसे में बदल जाती है।

    राजधानी भोपाल के सरकारी अस्पतालों में भी होली के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा घायल पहुंचे। जहां आमतौर पर 20 से 25 लोग सड़क दुर्घटना में घायल होकर इलाज के लिए आते हैं, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 62 तक पहुंच गई। अस्पताल सूत्रों के अनुसार अधिकतर घायल बाइक सवार थे और कई मामलों में हेलमेट का उपयोग नहीं किया गया था, जिसके कारण सिर में गंभीर चोटें आईं।

    कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप गुप्ता का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोट सबसे खतरनाक होती है। रिसर्च के अनुसार ट्रॉमा में लाए गए 10 गंभीर घायलों में से लगभग 3 लोगों की जान नहीं बच पाती। उनका कहना है कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग कई मामलों में जान बचा सकता है, लेकिन लोग अक्सर इन जरूरी नियमों की अनदेखी कर देते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। उत्सव का माहौल लोगों को लापरवाह बना देता है, लेकिन थोड़ी सी सावधानी बड़ी दुर्घटनाओं से बचा सकती है। इसलिए वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करना, नशे में ड्राइविंग से बचना और ट्रैफिक नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों की संख्या को कम किया जा सके।

  • भोपाल की मैपल ट्री सोसायटी में स्ट्रीट डॉग्स को लेकर हंगामा, रहवासियों ने किया प्रदर्शन; समस्या हल न हुई तो सड़क जाम की चेतावनी

    भोपाल की मैपल ट्री सोसायटी में स्ट्रीट डॉग्स को लेकर हंगामा, रहवासियों ने किया प्रदर्शन; समस्या हल न हुई तो सड़क जाम की चेतावनी



    भोपालभोपाल के करोंद इलाके में स्थित मैपल ट्री सोसायटी में गुरुवार देर रात स्ट्रीट डॉग्स की बढ़ती समस्या को लेकर रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। कॉलोनी के लोग बड़ी संख्या में सोसायटी के मुख्य गेट पर एकत्र हो गए और नगर निगम व प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा और लोगों को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया गया।

    रहवासियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से सोसायटी और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। इससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा खतरे में हैं। लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में कई लोगों को कुत्तों ने काट लिया, जिसके बाद नगर निगम में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    प्रदर्शन के दौरान सोसायटी के लोग गेट पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि प्रशासन को कई बार शिकायत देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ डॉग लवर्स उनकी शिकायतों का विरोध करते हैं और उल्टा उनके खिलाफ थाने में झूठी शिकायतें दर्ज करवा देते हैं, जिससे लोग डर और दबाव में आ जाते हैं।

    सोसायटी के लोगों का कहना है कि आवारा कुत्ते अब राह चलते लोगों पर हमला कर रहे हैं। कई बार बच्चे खेलते समय इनका शिकार बन चुके हैं, जबकि बुजुर्गों के लिए सुबह-शाम टहलना भी मुश्किल हो गया है। रहवासियों का आरोप है कि डॉग लवर्स के दबाव के कारण प्रशासन और नगर निगम सख्त कदम नहीं उठा पा रहे हैं।

    मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायत संबंधित विभाग तक पहुंचाई जाएगी। पुलिस ने रहवासियों से कुछ समय देने की अपील की है।

    हालांकि प्रदर्शन कर रहे लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही स्ट्रीट डॉग्स की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और जरूरत पड़ी तो सड़क जाम भी करेंगे। उनका कहना है कि सुरक्षा और बच्चों की जान से समझौता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • भोपाल के बड़ा तालाब पर चला प्रशासन का एक्शन, सीमांकन में 100 से ज्यादा अतिक्रमण चिन्हित

    भोपाल के बड़ा तालाब पर चला प्रशासन का एक्शन, सीमांकन में 100 से ज्यादा अतिक्रमण चिन्हित



    भोपालभोपाल की पहचान माने जाने वाले बड़ा तालाब के किनारों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एक बार फिर तेज हो गई है। करीब पांच दिन के ब्रेक के बाद गुरुवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने सीमांकन अभियान दोबारा शुरू किया। बैरागढ़ तहसील की टीम लाउखेड़ी, बोरवन और बेहटा गांव पहुंची, जहां तालाब के 50 मीटर दायरे में जमीन की नापजोख कर वास्तविक सीमा तय की गई।

    सीमांकन के दौरान बेहटा क्षेत्र में कुछ स्थानीय लोगों ने एफटीएल (फुल टैंक लेवल) पॉइंट को लेकर आपत्ति जताई और टीम के साथ बहस भी हुई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि यहां लाल निशान क्यों लगाए जा रहे हैं और इसकी अनुमति किसने दी है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सरकारी रिकॉर्ड और तय मानकों के अनुसार की जा रही है और टीम ने विरोध के बावजूद सर्वे जारी रखा।

    करीब चार घंटे चली इस कार्रवाई में 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे के भीतर 100 से ज्यादा अतिक्रमण चिन्हित किए गए। बोरवन गांव के बूढ़ागांव इलाके और बेहटा की झुग्गी बस्ती में सर्वे के दौरान कई झुग्गियां तालाब के निर्धारित दायरे में पाई गईं। इन स्थानों को चिह्नित करने के लिए टीम ने मौके पर लाल निशान लगाए, ताकि आगे की कार्रवाई के दौरान इन्हें आसानी से चिन्हित किया जा सके।

    इससे पहले 28 फरवरी को हलालपुरा इलाके के पास भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की थी, जहां तालाब किनारे बने एक गार्डन की बाउंड्रीवॉल और गोदाम को तोड़ा गया था। होली के कारण कुछ दिनों तक कार्रवाई धीमी रही, लेकिन अब प्रशासन ने इसे फिर से तेज कर दिया है।

    अधिकारियों के अनुसार फिलहाल सीमांकन का काम बैरागढ़ तहसील क्षेत्र में किया जा रहा है। अगले सप्ताह से कार्रवाई टीटी नगर सर्कल में भी शुरू होगी। टीटी नगर क्षेत्र को तालाब किनारे का सबसे प्राइम इलाका माना जाता है, जहां कई होटल, रेस्टोरेंट, सरकारी कार्यालय और आलीशान कॉलोनियां मौजूद हैं। यहां कई प्रभावशाली लोगों की जमीनें भी बताई जाती हैं।

    प्रशासन का कहना है कि सीमांकन पूरा होने के बाद तालाब के 50 मीटर दायरे में आने वाले सभी अतिक्रमणों की सूची तैयार की जाएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस अभियान से न सिर्फ तालाब की मूल सीमा स्पष्ट होगी बल्कि भोपाल के इस ऐतिहासिक जलस्रोत को बचाने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित हो सकता है।

  • भोपाल में आज बीजेपी मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग, 600 कार्यकर्ताओं को AI और सोशल मीडिया में किया जाएगा प्रशिक्षित

    भोपाल में आज बीजेपी मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग, 600 कार्यकर्ताओं को AI और सोशल मीडिया में किया जाएगा प्रशिक्षित


    भोपाल। बीजेपी के दीनदयाल प्रशिक्षण महा अभियान के तहत आज शुक्रवार को राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में मध्य भारत प्रांत के 600 कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। ये प्रशिक्षित सदस्य आगे मंडल स्तर पर प्रशिक्षण देंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ महेन्द्र सिंह मुख्य अतिथि होंगे।
    तीन प्रांतों में व्यापक प्रशिक्षण
    बीजेपी का यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तर्ज पर तीन प्रांतों मध्यभारत, महाकौशल और मालवा में आयोजित किया जाएगा। मध्यभारत प्रांत में भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 25 जिलों के कार्यकर्ता 6 मार्च को प्रशिक्षण लेंगे। महाकौशल प्रांत में 7 मार्च को जबलपुर, छिंदवाड़ा, रीवा और शहडोल संभाग के 19 जिलों के कार्यकर्ता शामिल होंगे। मालवा प्रांत में 10 मार्च को इंदौर में 18 जिलों के कार्यकर्ता प्रशिक्षण लेंगे।

    तकनीकी दक्षता पर जोर
    इस प्रशिक्षण का लक्ष्य कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार करना है। पार्टी का मानना है कि तकनीकी दक्षता व्यक्ति निर्माण से संगठन निर्माण और फिर राष्ट्र निर्माण में मदद करती है।

    AI और सोशल मीडिया प्रशिक्षण
    मंडल स्तर पर आयोजित 24 घंटे के प्रशिक्षण में AI, सोशल मीडिया, नमो ऐप और संगठन ऐप पर विशेष सत्र होंगे। कार्यकर्ताओं को यह सिखाया जाएगा कि तकनीक का इस्तेमाल करके पार्टी और सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक कैसे प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।

    राष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व
    महाअभियान के संचालन के लिए राष्ट्रीय टोली बनाई गई है। मध्य प्रदेश से पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और सांसद वी.डी. शर्मा को सह-संयोजक और कविता पाटीदार को सदस्य बनाया गया है। क्षेत्रीय प्रभारी के.सी. पटेल होंगे।

    प्रशिक्षण की संरचना
    डिजिटल कनेक्टिविटी: बूथ स्तर पर व्हाट्सऐप ग्रुप और डिजिटल संवाद के जरिए ‘मन की बात’ जैसी पहल को मजबूत किया जाएगा।
    शुल्क और रजिस्ट्रेशन: 100 रुपए डिजिटल शुल्क, जो संगठन से जोड़ने की प्रक्रिया है।
    सत्र: मंडल स्तर पर 7 सत्रों में 24 घंटे का प्रशिक्षण, बूथ स्तर पर 4 घंटे में 2 सत्र।

  • एमपी में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी, तापमान 39 डिग्री पार, 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना

    एमपी में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी, तापमान 39 डिग्री पार, 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना


    भोपाल । मध्य प्रदेश में इस साल मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि मौसम अप्रैल जैसा महसूस होने लगा है और कई शहरों में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई गई है। गुरुवार को नर्मदापुरम में इस सीजन में पहली बार तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जिससे गर्मी का असर साफ नजर आया।
    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी शुरू होती है, लेकिन इस बार मौसम का ट्रेंड बदल गया है। पिछले दस वर्षों में 15 मार्च के बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि इस बार महीने की शुरुआत में ही पारे में उछाल आ गया है। प्रदेश के ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के शहर फिलहाल सबसे ज्यादा गर्मी झेल रहे हैं। इन इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है।

    प्रदेश में फिलहाल किसी बड़े मौसमीय सिस्टम का प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा है। हालांकि पूर्वी हिस्से से एक टर्फ लाइन गुजर रही है और साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है, लेकिन इसका मध्य प्रदेश के मौसम पर खास असर नहीं पड़ रहा। मौसम विभाग के मुताबिक आसमान साफ रहने के कारण सूरज की तेज किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं, जिससे दिन में गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है।

    गुरुवार को प्रदेश के पांच बड़े शहरों में से चार इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर—में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि भोपाल में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा। नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 39.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा छतरपुर के खजुराहो में 36.8 डिग्री, धार में 36.6 डिग्री, दमोह, सागर और श्योपुर में 36.4 डिग्री, रतलाम में 36.2 डिग्री तथा गुना और टीकमगढ़ में 36 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। शाजापुर, मंडला और सतना में भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा। वहीं रात के समय भी तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि मार्च के पहले पखवाड़े में ही कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस बार अप्रैल और मई के दौरान प्रदेश में 15 से 20 दिनों तक लू चल सकती है। इन दो महीनों में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर बना रहेगा।