Category: Madhya Pradesh

  • नर्मदापुरम में दिनदहाड़े एक्टिवा चोरी: 40 सेकंड में लॉक तोड़कर फरार हुआ चोर, CCTV में कैद

    नर्मदापुरम में दिनदहाड़े एक्टिवा चोरी: 40 सेकंड में लॉक तोड़कर फरार हुआ चोर, CCTV में कैद



    नई दिल्ली। नर्मदापुरम शहर के राजा मोहल्ला इलाके में बोहरा मस्जिद के सामने दिनदहाड़े एक चोर ने एक्टिवा चोरी कर ली। घटना मंगलवार शाम करीब 6:10 बजे हुई, जब फरियादी हातिम अली अपनी एक्टिवा (MP 05 ZC 5153) मस्जिद के सामने खड़ी कर नमाज अदा करने अंदर गए थे। कुछ ही देर में लौटने पर उन्होंने देखा कि उनकी गाड़ी गायब है।

    सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्ध युवक गाड़ी की रैकी करते नजर आए। दो युवक पैदल चले गए, जबकि तीसरे ने एक्टिवा के पास बैठकर महज 40 सेकंड में लॉक तोड़ा और गाड़ी स्टार्ट कर फरार हो गया। पुलिस ने घटना की शिकायत पर तुरंत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का केस दर्ज किया और फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान और तलाश शुरू कर दी।

    रमजान के महीने में मस्जिद आने-जाने वाले लोग इस घटना से भयभीत हैं। कोतवाली पुलिस ने आसपास के इलाकों की निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास संदिग्धों की जानकारी या CCTV फुटेज हो तो पुलिस से साझा करें।

    यह वारदात सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि दिनदहाड़े हुई चोरी ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस की प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि चोरों ने पूरी वारदात योजनाबद्ध तरीके से की और कैमरे में कैद होने के बावजूद आसानी से फरार हो गए।

    फरियादी ने बताया कि वह जल्द ही पुलिस के साथ सहयोग करेंगे ताकि चोरी की गाड़ी को बरामद किया जा सके और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके। पुलिस ने आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा किए हैं और संदिग्धों की पहचान के लिए स्थानीय क्षेत्रों में पूछताछ शुरू कर दी है।

    संक्षेप में: नर्मदापुरम में राजा मोहल्ला स्थित बोहरा मस्जिद के सामने दिनदहाड़े एक्टिवा चोरी, चोर ने महज 40 सेकंड में लॉक तोड़ा और गाड़ी स्टार्ट कर फरार। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर फुटेज के आधार पर तलाश शुरू कर दी।

  • खाड़ी देशों में फंसे मप्र निवासियों के लिए सरकार अलर्ट, भोपाल और नई दिल्ली में 24×7 कंट्रोल रूम शुरू

    खाड़ी देशों में फंसे मप्र निवासियों के लिए सरकार अलर्ट, भोपाल और नई दिल्ली में 24×7 कंट्रोल रूम शुरू

    मध्यप्रदेश सरकार ने खाड़ी देशों में रह रहे प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और सहायता को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मध्य-पूर्व देशों में उत्पन्न हो रही अप्रत्याशित परिस्थितियों के मद्देनजर सरकार ने नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इस कंट्रोल रूम का उद्देश्य खाड़ी देशों में अध्ययन, नौकरी, व्यापार या पर्यटन के लिए गए मध्यप्रदेश के नागरिकों को समय पर सहायता और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है।

    प्रदेश सरकार का मानना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए विदेशों में रह रहे नागरिकों को कभी भी आपात स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में उन्हें त्वरित सहायता प्रदान करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली में स्थापित कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा और वहां से नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

    खाड़ी देशों में रह रहे मध्यप्रदेश के निवासी यदि किसी भी प्रकार की परेशानी में हों या उन्हें किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो वे सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए दूरभाष नंबर 01126772005 जारी किया गया है। इसके अलावा व्हाट्सएप नंबर 9818963273 पर भी संपर्क किया जा सकता है। नागरिक अपनी समस्या या जानकारी ईमेल के माध्यम से भी भेज सकते हैं जिसके लिए [email protected] ईमेल आईडी उपलब्ध कराई गई है।

    कंट्रोल रूम के माध्यम से प्राप्त होने वाली जानकारी के आधार पर मध्यप्रदेश शासन संबंधित नागरिकों की सहायता के लिए भारत सरकार और अन्य आवश्यक एजेंसियों से समन्वय स्थापित करेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशों में रह रहे प्रदेश के लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी में अकेला महसूस न करना पड़े और उन्हें हर संभव सहायता मिल सके।

    इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने भोपाल स्थित वल्लभ भवन मंत्रालय में भी एक अलग कंट्रोल रूम स्थापित किया है ताकि प्रदेश के नागरिक या उनके परिवारजन यहां से भी जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकें। भोपाल में स्थापित इस कंट्रोल रूम के जरिए भी जरूरतमंद लोगों को मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    भोपाल कंट्रोल रूम के लिए दूरभाष नंबर 07552708055 और 07552708059 जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप नंबर +917648862100 पर भी संपर्क किया जा सकता है। नागरिक अपनी समस्याएं या जानकारी [email protected] ईमेल आईडी पर भी भेज सकते हैं।

    मध्यप्रदेश शासन ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके परिजन या परिचित खाड़ी देशों में रह रहे हैं और उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो वे तुरंत इन कंट्रोल रूम से संपर्क करें। नई दिल्ली और भोपाल दोनों स्थानों पर स्थापित ये कंट्रोल रूम नागरिकों की सहायता के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे और हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

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  • अर्मेनिया में युद्ध के बीच फंसी उज्जैन की महिला पहलवान प्रियांशी प्रजापत सुरक्षित लौटीं, सीएम मोहन यादव ने किया त्वरित हस्तक्षेप

    अर्मेनिया में युद्ध के बीच फंसी उज्जैन की महिला पहलवान प्रियांशी प्रजापत सुरक्षित लौटीं, सीएम मोहन यादव ने किया त्वरित हस्तक्षेप

    नई दिल्ली। अर्मेनिया में आयोजित कुश्ती वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेने गई उज्जैन की प्रियांशी प्रजापत पिछले चार दिनों से युद्ध के कारण फंसी थीं। अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के चलते उनका दुबई के रास्ते भारत लौटना असंभव हो गया।

    इस मुश्किल समय में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहलवान से लाइव बातचीत कर उनकी सुरक्षित वापसी के लिए तुरंत कदम उठाए। सीएम के निर्देश और मध्यप्रदेश कुश्ती संघ के सहयोग से प्रियांशी को अर्मेनिया से तुर्की और कजाकिस्तान के मार्ग से भारत लाया गया। गुरुवार सुबह प्रियांशी देश लौट आईं और उनके परिवार व खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई।

    प्रियांशी मध्यप्रदेश की एकमात्र खिलाड़ी थीं जो इस विश्व चैम्पियनशिप में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। उनकी सुरक्षित वापसी ने राज्य सरकार के त्वरित और प्रभावी हस्तक्षेप की अहमियत को भी दर्शाया।

    इन हालात में उनके पिता ने मध्यप्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष नारायण यादव से संपर्क किया और मदद के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सूचित किया। मुख्यमंत्री ने तुरंत हस्तक्षेप किया और प्रियांशी से ऑनलाइन बातचीत कर उन्हें युद्ध के खतरनाक हालात में सुरक्षित मार्ग से लौटने का भरोसा दिया।

    सीएम के निर्देशों और मध्यप्रदेश कुश्ती संघ के सहयोग से प्रियांशी को अर्मेनिया से तुर्की और कजाकिस्तान के मार्ग से सुरक्षित भारत लाया गया। गुरुवार सुबह वे देश लौट आईं, और उनके परिवार, प्रशिक्षक और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रियांशी की वापसी ने राज्य सरकार की तत्परता और संकट प्रबंधन क्षमता को उजागर किया।

    प्रियांशी इस चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश की एकमात्र प्रतिनिधि खिलाड़ी थीं। उनके साथियों और प्रशिक्षकों ने बताया कि यह उनका सपना था कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करें, लेकिन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव ने उन्हें अचानक कठिनाई में डाल दिया। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सक्रिय भूमिका और त्वरित निर्णय ने उनकी जान को सुरक्षित रखने में अहम योगदान दिया।

    प्रियांशी के सुरक्षित लौटने के बाद प्रदेश की खेल प्रतिष्ठा भी बढ़ी है। युवा खिलाड़ी और उनके परिवार ने मुख्यमंत्री और मध्यप्रदेश कुश्ती संघ को धन्यवाद दिया। इसके अलावा, इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय संकट में राज्य सरकार और खेल संस्थाएं मिलकर खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं।

    प्रियांशी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह चार दिन उनके जीवन के सबसे तनावपूर्ण रहे। उन्होंने बताया कि दुबई और अर्मेनिया में युद्ध के कारण भय का माहौल था, लेकिन उन्हें विश्वास था कि मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारी उनकी मदद करेंगे। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने मुझे व्यक्तिगत रूप से आश्वस्त किया और सही मार्ग से भारत लौटने में मदद की। यह अनुभव यादगार तो है, लेकिन काफी डराने वाला भी रहा।”

    इस घटना ने यह संदेश भी दिया कि खेल और खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए प्रशासनिक तत्परता बेहद जरूरी है। प्रियांशी अब सुरक्षित हैं और अपने परिवार के साथ हैं, जबकि मध्यप्रदेश सरकार की इस सक्रिय भूमिका को खेल जगत में सराहा जा रहा है।

  • नर्मदापुरम में होली पर गाने को लेकर युवाओं की जमकर पिटाई, बोतलें भी फेंकी गईं

    नर्मदापुरम में होली पर गाने को लेकर युवाओं की जमकर पिटाई, बोतलें भी फेंकी गईं

    नर्मदापुरम नर्मदापुरम के अनाज मंडी परिसर में होली के दिन दो युवा गुटों के बीच हिंसक झगड़ा देखने को मिला। यह झगड़ा कैंटीन के सामने गाने बजाने को लेकर शुरू हुआ और कुछ ही देर में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक पक्ष द्वारा बजाए जा रहे गाने की आवाज दूसरे पक्ष को नागवार गुजरी, जिससे आपत्ति जताई गई और दोनों पक्षों के बीच तकरार बढ़ गई। कुछ ही समय में विवाद हिंसक रूप ले गया और युवाओं ने एक-दूसरे पर लात-घूसे बरसाना शुरू कर दिया।

    झगड़े के दौरान युवाओं ने कैंटीन परिसर में रखी खाली कांच की बोतलें भी फेंकीं, जिससे वहां मौजूद अन्य लोग डर के मारे भाग खड़े हुए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों गुटों के युवाओं के बीच जमकर मारपीट होती दिखाई दे रही है। वीडियो में एक गुट का युवक दूसरे युवक को जमीन पर पटककर लात-घूसे मारता दिखाई दे रहा है।

    सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के आने पर झगड़ रहे एक पक्ष के युवक भाग निकले, जबकि दूसरे पक्ष के कुछ युवाओं को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को समय रहते सूचना दी, जिससे बड़ी घटना को टाला जा सका।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गानों को लेकर होने वाला विवाद केवल एक छोटी बहस से शुरू हुआ, लेकिन होली के दौरान उत्साह और शराब के प्रभाव के चलते यह हिंसा में बदल गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वीडियो व अन्य सबूतों के आधार पर फरार युवाओं की पहचान करने में जुट गई है।

    अनाज मंडी परिसर में हुए इस झगड़े से आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठान और कैंटीन में आए लोग भयभीत हो गए। उन्होंने कहा कि होली के दिन इस तरह की हिंसा समाज और सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। पुलिस ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच पलीता जमाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाई जाएगी।

    इस घटना ने नर्मदापुरम में होली के अवसर पर सुरक्षा की चुनौतियों को भी उजागर कर दिया है। अधिकारियों ने कहा कि हिंसा में शामिल युवाओं के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें गिरफ्तार कर मामले को गंभीरता से निपटाया जाएगा।

  • मामा कोचिंग मामा चलित अस्पताल और प्रतिभा सम्मान शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर शुरू किए जनसेवा के नए अभियान

    मामा कोचिंग मामा चलित अस्पताल और प्रतिभा सम्मान शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर शुरू किए जनसेवा के नए अभियान


    विदिशा :केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने अपने जन्मदिन के अवसर पर जनसेवा से जुड़े कई बड़े संकल्प लेने की घोषणा की है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण सेवा सहायता शिक्षा और प्रतिभा प्रोत्साहन जैसे पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने का संकल्प लिया है। उनके संसदीय क्षेत्र Vidisha में इस दिन को प्रेम सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

    इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मामा कोचिंग क्लासेस शुरू करने का फैसला किया है। इस पहल के तहत छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण तैयारी कराई जाएगी। शुरुआत में यह कोचिंग Vidisha के साथ साथ Raisen और Bhairunda से शुरू की जाएगी। यहां छात्रों को बैंकिंग एसएससी एमपीपीएससी डीआरडीओ और फॉरेस्ट सर्विस जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी ताकि ग्रामीण और छोटे शहरों के प्रतिभाशाली युवाओं को भी बेहतर अवसर मिल सकें।

    शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रालयों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक नई परंपरा भी शुरू की है। उन्होंने कहा है कि सरकारी कार्यक्रमों में अब गुलदस्ते शाल और मोमेंटो की जगह पौधे भेंट किए जाएंगे। उनका मानना है कि उपहार देने के बजाय प्रकृति के लिए उपकार करना ज्यादा जरूरी है। इस अभियान के तहत पौधे लगाने वाले लोग क्यूआर कोड के माध्यम से अपनी फोटो पोर्टल पर अपलोड कर शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे।

    उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से भी अपील की है कि इस बार उनके जन्मदिन पर कोई भी होर्डिंग शाल या बुके लेकर न आए। इसके बजाय अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी सुरक्षित रह सके।

    इसके अलावा शिवराज सिंह चौहान ने अपने माता पिता की स्मृति में प्रेम सुंदर प्रतिभा सम्मान शुरू करने की घोषणा भी की है। इस योजना के तहत विदिशा लोकसभा क्षेत्र की आठों विधानसभाओं में कक्षा दसवीं और बारहवीं के टॉपर्स को सम्मानित किया जाएगा। प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः 51 हजार 31 हजार और 21 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। साथ ही लोकसभा स्तर पर भी शीर्ष तीन विद्यार्थियों को विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे।

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मामा चलित अस्पताल भी शुरू किए जाएंगे। इन मोबाइल अस्पतालों में आधुनिक जांच सुविधाएं और योग्य डॉक्टरों की टीम मौजूद रहेगी जो गांव गांव और दूरदराज के मजरे टोलों तक पहुंचकर लोगों को निशुल्क इलाज और परामर्श देगी। इन अस्पतालों का संचालन सांसद निधि और जनसहयोग से किया जाएगा।

    इसके साथ ही दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत क्षेत्र में दिव्यांग लोगों की पहचान कर उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी जा रही है ताकि उनकी रोजमर्रा की आवाजाही आसान हो सके और वे बिना किसी पर निर्भर हुए अपने काम कर सकें।

  • वेतन-पीएफ नहीं मिलने से भड़के आउटसोर्स कर्मचारी, सिवनी मालवा CHC में ज्ञापन देकर काम बंद करने की चेतावनी

    वेतन-पीएफ नहीं मिलने से भड़के आउटसोर्स कर्मचारी, सिवनी मालवा CHC में ज्ञापन देकर काम बंद करने की चेतावनी



    नई दिल्ली। सिवनी मालवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आउटसोर्स कर्मचारियों का गुस्सा चरम पर है। कर्मचारियों ने गुरुवार को मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) को ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने सितंबर माह से पीएफ और दिसंबर माह से वेतन न मिलने की शिकायत की। कर्मचारियों का आरोप है कि शिवा हांक कंपनी ने अभी तक उनका बकाया भुगतान नहीं किया है। उन्होंने बताया कि जब भी वे ठेकेदार से वेतन के संबंध में बात करते हैं, तो अभद्र भाषा का सामना करना पड़ता है। ठेकेदार का कथित जवाब है, “या तो पीएफ ले लो या सैलरी ले लो।” कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने के कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने पहले भी अपनी समस्याओं को लेकर बीएमओ को ज्ञापन दिया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इस बार उन्होंने साफ चेतावनी दी कि जब तक उनका बकाया वेतन और पीएफ का भुगतान नहीं किया जाता, वे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किसी भी प्रकार का कार्य नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ठेकेदार उनकी शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के अनुसार उचित मासिक वेतन नहीं दे रहा है, जिससे उनका जीवन यापन मुश्किल हो गया है।

    सिवनी मालवा के स्वास्थ्य केंद्र में आउटसोर्स कर्मचारियों का यह विरोध न केवल उनके व्यक्तिगत हित से जुड़ा है, बल्कि यह स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की सुचारू व्यवस्था पर भी असर डाल सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन तेज कर सकते हैं और केंद्र में काम पूरी तरह से बंद कर देंगे। यह मामला मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और आउटसोर्सिंग नीति की गंभीरता को भी उजागर करता है।

  • खाली कुर्सियों से कैसे होगा किसान कल्याण, जीतू पटवारी का पीएम मोदी को पत्र, MP के कृषि विभाग में हजारों पद खाली

    खाली कुर्सियों से कैसे होगा किसान कल्याण, जीतू पटवारी का पीएम मोदी को पत्र, MP के कृषि विभाग में हजारों पद खाली


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में कृषि व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर राज्य के कृषि और उससे जुड़े विभागों में बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों का मुद्दा उठाया है। पटवारी ने मुख्यमंत्री Mohan Yadav द्वारा वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” घोषित किए जाने पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब विभागों में कर्मचारियों की भारी कमी है, तब केवल घोषणाओं से किसानों का भला संभव नहीं है।

    अपने पत्र में पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकारी उदासीनता के कारण प्रदेश का कृषि तंत्र कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जो प्रशासनिक ढांचा होना चाहिए, वह ही अधूरा पड़ा है। ऐसे में “कृषक कल्याण वर्ष” जैसी घोषणाएं जमीन पर प्रभावी साबित नहीं होंगी।

    पटवारी ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश के कृषि विभाग में कुल 14,537 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 8,468 पद खाली पड़े हैं। यानी विभाग का लगभग 60 प्रतिशत स्टाफ मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर पद रिक्त होने से किसानों तक सरकारी योजनाएं सही तरीके से नहीं पहुंच पा रही हैं।

    उन्होंने खास तौर पर ‘ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी’ जैसे अहम पदों का जिक्र करते हुए कहा कि इनकी कमी के कारण खेत स्तर पर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है। साथ ही फसल नुकसान का सर्वे, मृदा परीक्षण और Soil Health Card Scheme जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन भी प्रभावित हो रहा है।

    पटवारी ने अपने पत्र में कृषि से जुड़े अन्य विभागों की स्थिति भी सामने रखी।

    उनके अनुसार उद्यानिकी विभाग में 3,079 पदों में से 1,459 पद खाली हैं, जो लगभग 47 प्रतिशत हैं। मत्स्य पालन विभाग में 1,290 पदों में से 722 पद रिक्त हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग में 7,992 पदों में से 1,797 पद खाली बताए गए हैं। इसके अलावा खाद्य विभाग के जिला कार्यालयों में 598 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 245 कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं कृषि अभियांत्रिकी विभाग में 1,065 पदों में से 557 पद खाली पड़े हैं।

    इस मुद्दे पर पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चौहान लंबे समय तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संस्थागत ढांचे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

    पटवारी के अनुसार वर्तमान सरकार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी व्यवस्था कमजोर बनी हुई है।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया कि मध्य प्रदेश के कृषि और उससे जुड़े विभागों में खाली पदों की तत्काल समीक्षा कराई जाए और राज्य सरकार को जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जमीनी स्तर पर संस्थागत क्षमता बढ़ाने की राष्ट्रीय रणनीति तैयार करने की भी मांग की।

    पटवारी ने अपने पत्र में कहा कि मध्य प्रदेश का किसान पहले ही मौसम की मार और बाजार की अनिश्चितताओं से जूझ रहा है। ऐसे में सरकारी विभागों में खाली पदों की वजह से उसे आवश्यक सेवाएं भी समय पर नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी और किसानों के हित में ठोस कदम उठाएगी।

    पटवारी द्वारा भेजे गए इस पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी भेजी गई है। इसके बाद प्रदेश की राजनीति में कृषि व्यवस्था और सरकारी भर्तियों को लेकर बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

  • पिकनिक बना हादसा नरसिंहपुर के दो युवक नर्मदा नदी में डूबे धुरेड़ी पर्व की खुशियां मातम में बदलीं

    पिकनिक बना हादसा नरसिंहपुर के दो युवक नर्मदा नदी में डूबे धुरेड़ी पर्व की खुशियां मातम में बदलीं


    नरसिंहपुर जिले में धुरेड़ी पर्व के दिन एक दर्दनाक हादसे ने त्योहार की खुशियों को गहरे मातम में बदल दिया। मां नर्मदा के बरमान स्थित रेत घाट पर पिकनिक मनाने पहुंचे दो युवकों की नदी में डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद नरसिंहपुर शहर के सिंधी कॉलोनी और स्टेशनगंज इलाके में शोक की लहर फैल गई और पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल बन गया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार नरसिंहपुर शहर की सिंधी कॉलोनी कृष्णा वार्ड निवासी संभव हरियानी उम्र 20 वर्ष पिता कैलाश हरियानी और सौरभ चावला उम्र 25 वर्ष पिता अनिल चावला अपने दो अन्य दोस्तों के साथ धुरेड़ी पर्व के मौके पर बरमान घाट घूमने और पिकनिक मनाने पहुंचे थे। सभी दोस्त नदी किनारे समय बिता रहे थे और इसी दौरान दोनों युवक नर्मदा नदी में स्नान करने उतर गए।

    बताया जा रहा है कि बुधवार दोपहर स्नान के दौरान अचानक दोनों युवकों का संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी की ओर चले गए। देखते ही देखते दोनों युवक पानी में डूबने लगे। उनके साथ मौजूद दोस्तों ने जब उन्हें डूबता देखा तो तुरंत शोर मचाया और आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी।

    घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद नाविकों और गोताखोरों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। स्थानीय लोग और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और सभी ने मिलकर युवकों को ढूंढने की कोशिश की। काफी प्रयासों के बाद दोनों युवकों को नदी से बाहर निकाला गया और तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों युवकों को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के मिलते ही उनके परिजनों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। जैसे ही यह सूचना शहर पहुंची तो सिंधी कॉलोनी और स्टेशनगंज इलाके में लोगों की भीड़ पीड़ित परिवारों के घर पहुंचने लगी। पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया और परिवारों का रो रोकर बुरा हाल हो गया।

    बताया जा रहा है कि दोनों युवक अपने दोस्तों के साथ त्योहार का आनंद लेने और घूमने के उद्देश्य से बरमान घाट पहुंचे थे लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने उनकी जिंदगी ही छीन ली। इस घटना ने एक बार फिर नदी में स्नान के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को भी उजागर कर दिया है।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है ताकि हादसे की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
    इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

  • मुरैना पुलिस लाइन में रंगों की धूम पुलिसकर्मियों ने खेली जमकर होली दमकल की फुहार में भीगे अफसर और जवान

    मुरैना पुलिस लाइन में रंगों की धूम पुलिसकर्मियों ने खेली जमकर होली दमकल की फुहार में भीगे अफसर और जवान


    मुरैना में पुलिस लाइन गुरुवार को रंगों और उल्लास से सराबोर नजर आई जब पुलिस अधिकारियों और जवानों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ होली का पर्व मनाया। परंपरा के अनुसार आम लोगों की होली के एक दिन बाद पुलिसकर्मियों की होली खेली जाती है क्योंकि होली के दिन पुलिस बल शहर में कानून व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी निभाता है। इसी परंपरा को निभाते हुए इस बार भी पुलिस लाइन में रंग और गुलाल के साथ होली का आयोजन किया गया जहां अनुशासन में रहने वाली पुलिस फोर्स आज मस्ती और उल्लास के रंग में डूबी दिखाई दी।

    कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब नौ बजे हुई जब पुलिस अधिकारी और कर्मचारी पुलिस लाइन में एकत्रित हुए। इसके बाद सभी अधिकारी और जवान एक साथ पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ के बंगले पहुंचे और उन्हें होली खेलने के लिए आमंत्रित किया। आमंत्रण के बाद एसपी समीर सौरभ को पुलिस लाइन लाया गया जहां रंग और गुलाल लगाकर उनके साथ होली की शुरुआत की गई। इस दौरान माहौल पूरी तरह उत्साह और उमंग से भरा हुआ दिखाई दिया और पुलिसकर्मियों ने एक दूसरे को रंग लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।

    होली के इस आयोजन में एडिशनल एसपी सुरेंद्र प्रताप सिंह सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी एसडीओपी डीएसपी और विभिन्न थाना प्रभारियों ने भी हिस्सा लिया। सभी अधिकारियों ने एसपी को गुलाल लगाकर होली की शुरुआत की और इसके बाद पूरा परिसर रंगों से सराबोर हो गया। खास बात यह रही कि आयोजन में दमकल वाहन को भी बुलाया गया और उसकी मदद से पानी की तेज फुहार चलाकर पुलिसकर्मियों को भिगोया गया। दमकल की इस बारिश ने होली के जश्न को और भी रोमांचक बना दिया और सभी अधिकारी और जवान बच्चों की तरह मस्ती करते नजर आए।

    पुलिस लाइन में डीजे की धुनों पर भी खूब रंग जमाया गया। पुलिस अधिकारी और कर्मचारी एक साथ गानों पर थिरकते दिखाई दिए। सामान्य दिनों में अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मी इस मौके पर पूरी तरह त्योहार की मस्ती में डूबे नजर आए। रंगों से सने चेहरे और गूंजते गीतों के बीच पूरा माहौल उत्साह और भाईचारे से भर गया।

    इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने सभी पुलिसकर्मियों को होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि होली का त्योहार जीवन में खुशियां और रंग भरने का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि आम जनता सुरक्षित और शांति से होली मना सके इसके लिए पुलिसकर्मी पूरे दिन ड्यूटी निभाते हैं और कानून व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहते हैं। यही कारण है कि पुलिस की होली एक दिन बाद पुलिस लाइन में मनाई जाती है ताकि सभी पुलिसकर्मी एक साथ मिलकर इस पर्व का आनंद ले सकें।

    होली के इस आयोजन ने पुलिसकर्मियों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारे की भावना को भी मजबूत किया। रंगों और खुशियों के इस माहौल में अधिकारी और जवानों ने मिलकर त्योहार की उमंग को साझा किया और पूरे परिसर में उत्सव का वातावरण बना रहा।

  • डॉ. रश्मि वर्मा आत्महत्या मामले में NHRC का नोटिस, एम्स और भोपाल पुलिस को 15 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश

    डॉ. रश्मि वर्मा आत्महत्या मामले में NHRC का नोटिस, एम्स और भोपाल पुलिस को 15 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश

    भोपाल एम्स में महिला असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा की आत्महत्या का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के संज्ञान में आया है आयोग ने एम्स भोपाल के संचालक और भोपाल पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर इस घटना की जांच करने और 15 दिनों में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है आयोग ने FIR और पॉश कमेटी की रिपोर्ट के साथ पीएम की रिपोर्ट भी दिल्ली तलब की है

    मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग की प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव, एम्स संचालक और पुलिस कमिश्नर को नोटिस भेजा है ताकि पूरी जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सके

    मामला 11 दिसंबर 2025 का है जब भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा ने आत्महत्या कर ली थी डॉ. रश्मि पर उनके विभाग के HOD डॉ. यूनुस द्वारा लगातार प्रताड़ना किए जाने के आरोप लगे थे इस घटना ने संस्थान में हड़कंप मचा दिया और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठी

    जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन डॉ. रश्मि ने अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौटने के बाद एनेस्थीसिया की उच्च मात्रा इंजेक्ट कर ली उनके दिल करीब 7 मिनट तक बंद रहे जिससे उनके मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा MRI रिपोर्ट में ग्लोबल हाइपोक्सिया ब्रेन डैमेज की पुष्टि हुई डॉ. रश्मि का करीब तीन सप्ताह तक इलाज चलने के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका

    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रॉमा और इमरजेंसी विभाग के HOD डॉ. यूनुस को उनके पद से हटा दिया गया था इसके अलावा हाई लेवल कमेटी का गठन किया गया था ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके

    NHRC ने निर्देश दिए हैं कि जांच में प्रताड़ना के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाए और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए आयोग ने 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने का समय तय किया है ताकि जल्द से जल्द इस मामले का निपटारा हो सके

    यह मामला एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर उत्पीड़न की गंभीर समस्याओं को उजागर करता है विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थानों में ऐसे मामलों की समय पर पहचान और कार्रवाई बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में किसी भी कर्मचारी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके

    भोपाल एम्स में हुई इस घटना ने पूरे चिकित्सा समुदाय को झकझोर दिया है और कार्यस्थल पर उत्पीड़न, मानसिक दबाव और प्रताड़ना के मामलों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता को रेखांकित किया है