Category: Madhya Pradesh

  • इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच राहत! यूएई में फंसे इंदौर के पूर्व विधायक संजय शुक्ला स्वदेश लौटे

    इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच राहत! यूएई में फंसे इंदौर के पूर्व विधायक संजय शुक्ला स्वदेश लौटे


    इंदौर । इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के चलते संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में फंसे इंदौर के पूर्व विधायक संजय शुक्ला सहित कई यात्रियों की मंगलवार को सुरक्षित स्वदेश वापसी हो गई। दुबई और शारजाह में उड़ानों में व्यवधान के कारण ये लोग पिछले कुछ दिनों से वहीं रुके हुए थे।

    पूर्व विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल, प्रवीण कक्कड़, उद्योगपति मनीष शाहरा (सहारा ग्रुप), मनीष अग्रवाल (अग्रवाल ग्रुप), पिंटू छाबड़ा (सी-21), गोलू पाटनी सहित अन्य इंदौरी व्यवसायी एक शादी समारोह में शामिल होने दुबई गए थे। इसी दौरान इजराइल-ईरान संघर्ष शुरू हो गया, जिससे यूएई में हालात प्रभावित हुए और कई उड़ानें रद्द कर दी गईं।

    एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह-इंदौर फ्लाइट भी प्रभावित हुई थी, जिसके कारण इंदौर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों के सैकड़ों यात्री दुबई और शारजाह में फंसे रहे। कई यात्रियों को होटल में अतिरिक्त दिन रुकना पड़ा।

    हालांकि 2 मार्च से दुबई और अबूधाबी से कुछ उड़ानें पुनः शुरू हुईं। मंगलवार सुबह दुबई एयरपोर्ट से उड़ान भरकर संजय शुक्ला समेत कई यात्रियों ने पहले मुंबई का सुरक्षित रास्ता तय किया। वहां से उन्होंने दूसरी फ्लाइट लेकर इंदौर का रुख किया।

    स्वदेश लौटने वालों में संजय शुक्ला, विशाल पटेल, प्रवीण कक्कड़, मनीष शाहरा, मनीष अग्रवाल, पिंटू छाबड़ा, गोलू पाटनी, उत्पल गोयल और आदित्य शर्मा शामिल रहे। मुंबई पहुंचने पर यात्रियों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली।

    इस दौरान प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में संबंधित मंत्रालयों से संपर्क किया। वहीं कांग्रेस नेता जीतु पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए हस्तक्षेप की मांग की। सरकार और एयरलाइन कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थीं।

    उड़ान से पहले संजय शुक्ला ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि बाबा महाकाल की कृपा और सभी की शुभकामनाओं से वे जल्द ही इंदौर लौट रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसीराम सिलावट के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

  • मध्य प्रदेश में फिल्म ‘शतक’ टैक्स फ्री, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की घोषणा

    मध्य प्रदेश में फिल्म ‘शतक’ टैक्स फ्री, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की घोषणा


    भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को प्रदेश में टैक्स फ्री करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह फिल्म राष्ट्रसेवा और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रभावशाली संदेश देती है।

    मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में जानकारी दी कि फिल्म ‘शतक’ को पूरे मध्य प्रदेश में करमुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म उस सांस्कृतिक परंपरा और राष्ट्रनिर्माण के विचार को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है, जिसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दशकों से आगे बढ़ाया है। उनके अनुसार, संगठित विचार, मजबूत चरित्र और सेवा भाव से ही आत्मनिर्भर और सशक्त भारत का निर्माण संभव है।

    गौरतलब है कि ‘शतक’ 20 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म में संघ के 100 वर्षों की यात्रा को दर्शाया गया है। इसकी कहानी 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा संगठन की स्थापना से शुरू होती है और दिखाया गया है कि किस प्रकार एक छोटे समूह से शुरू हुआ प्रयास आज विशाल संगठन में बदल गया।

    फिल्म में डॉ. हेडगेवार के साथ उनके उत्तराधिकारी माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) के जीवन और संघर्षों को प्रमुखता से उकेरा गया है। साथ ही स्वतंत्रता संग्राम, विभाजन काल, दादरा और नगर हवेली की मुक्ति, कश्मीर मुद्दा और 1975 के आपातकाल के दौरान संगठन की भूमिका को भी दर्शाया गया है।

    फिल्म की खासियत यह है कि इसमें एआई और आधुनिक ग्राफिक्स तकनीक के जरिए विनायक दामोदर सावरकर, महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और सुभाष चंद्र बोस जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।

    फिल्म का निर्देशन आशीष मॉल ने किया है, जबकि निर्माण वीर कपूर ने किया है। अभिनेता अजय देवगन ने फिल्म की कहानी को अपनी आवाज दी है। मुख्यमंत्री के इस फैसले का प्रदेश में व्यापक स्वागत किया जा रहा है।

  • इंदौर में होली पर टेपा सम्मेलन हास्य व्यंग्य कवियों की प्रस्तुति सब्जियों की माला से अनोखा सम्मान

    इंदौर में होली पर टेपा सम्मेलन हास्य व्यंग्य कवियों की प्रस्तुति सब्जियों की माला से अनोखा सम्मान


    Indoreहोली के रंगों के बीच इंदौर में इस बार हंसी और व्यंग्य का ऐसा समागम सजा जिसने लोगों को देर रात तक ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। मल्हारगंज मेनरोड स्थित नेमीनाथ चौराहे पर आयोजित टेपा सम्मेलन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि त्योहार केवल रंग और गुलाल तक सीमित नहीं होते बल्कि वे सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और सामाजिक जुड़ाव का भी बड़ा माध्यम हैं।

    Indore में आयोजित इस खास आयोजन में शहरभर से लोग जुटे और मंच पर सजे हास्य व्यंग्य के रंगों का भरपूर आनंद लिया। सम्मेलन में सरिता सरोज विभा सिंह गोविंद शर्मा राजेश लोटपोट ब्रजकिशोर पटेल और अकबर ताज जैसे चर्चित कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत बनाए रखा। समसामयिक मुद्दों सामाजिक विसंगतियों और राजनीतिक हालात पर किए गए हल्के फुल्के कटाक्षों ने दर्शकों को सोचने पर भी मजबूर किया और हंसी से लोटपोट भी कर दिया।

    कार्यक्रम की सबसे खास बात रही सम्मान का अनोखा अंदाज। जहां आमतौर पर मंचों पर महंगी शॉल और फूलों के गुलदस्ते भेंट किए जाते हैं वहीं यहां अतिथियों को टाट की शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। फूलों की जगह सब्जियों की माला पहनाई गई सिर पर झाड़ू से बनी टोपी सजाई गई और गोभी के पत्तों से तैयार गुलदस्ता भेंट किया गया। इस व्यंग्यात्मक लेकिन सादगी भरे सम्मान ने मंच और पंडाल दोनों में मौजूद लोगों को खूब गुदगुदाया।

    यह आयोजन श्री एक पहल संस्था द्वारा पिछले डेढ़ दशक से लगातार किया जा रहा है और हर वर्ष इसकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। इस बार कार्यक्रम में समाजसेवी सुभाष खण्डेलवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जबकि नवीन गोधा प्रमुख अतिथि के तौर पर मंच पर मौजूद थे। अध्यक्षता योगेन्द्र महंत ने की और विशेष अतिथियों में नारायण अग्रवाल वीरेन्द्रजी गुप्ता सरदारमल जैन और नितेश जैन आरोन शामिल रहे।

    देर रात तक चले इस सम्मेलन में श्रोता अपनी सीटों से टस से मस नहीं हुए। हर कविता पर तालियों की गड़गड़ाहट और ठहाकों की गूंज माहौल को उत्साह से भर देती रही। मंच संचालन भी रोचक और चुटीले अंदाज में किया गया जिससे कार्यक्रम की ऊर्जा लगातार बनी रही।

    होली के इस आयोजन में उत्साह उस समय और बढ़ गया जब भारत की टी 20 टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने की खबर आई। कई दर्शक मोबाइल पर मैच का स्कोर देखते हुए भी कवियों की प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे। रंगों के इस पर्व पर हंसी का यह आयोजन लोगों के लिए यादगार बन गया।

    टेपा सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल परंपराओं का निर्वाह नहीं बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का अवसर भी होते हैं। जब रंगों के साथ हास्य और व्यंग्य का संगम हो जाए तो त्योहार की खुशी कई गुना बढ़ जाती है और यही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता रही।

  • भोपाल में नई आबकारी नीति लागू, शराब दुकानों को छोटे समूहों में बांटा गया

    भोपाल में नई आबकारी नीति लागू, शराब दुकानों को छोटे समूहों में बांटा गया


    नई दिल्ली। प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति लागू कर दी है। इस नीति के तहत शराब दुकानों को बड़े ठेकेदारों के एकाधिपत्य से मुक्त कर छोटे-छोटे समूहों में बांटा गया है। भोपाल में कुल 87 शराब दुकानों को 20 ग्रुप्स में बांटा गया है, जिनके आवंटन की प्रक्रिया ई-टेंडर के जरिए की जा रही है।
    पहले की व्यवस्था और बदलाव:
    वित्तीय वर्ष 2025-26 में भोपाल की सभी दुकानों को सिर्फ 4 बड़े ग्रुप में बांटा गया था। इससे बड़े ठेकेदारों का दबदबा कायम था। इस बार नई नीति के तहत छोटे और नए लाइसेंसियों को भागीदारी का मौका मिलेगा। एकाधिपत्य समाप्त होने से पुराने ठेकेदारों में चिंता है और वे घाटे का प्रचार करके नए ठेकेदारों को हतोत्साहित करने की कोशिश कर रहे हैं।
    राजस्व और मुनाफा
    अंकड़ों के अनुसार, वर्तमान वर्ष 2025-26 में फरवरी के अंत तक प्रत्येक ग्रुप ने 50 करोड़ रुपए से अधिक मुनाफा कमाया है। इसके बावजूद बड़े ठेकेदार घाटे का प्रचार कर रहे हैं ताकि नए ठेकेदार सामने न आएं और भविष्य में बड़े ग्रुप बनाकर उनका एकाधिपत्य कायम रहे।
    ठेके की कीमतों में वृद्धि
    वित्तीय वर्ष 2024-25 में ठेके की नीलामी 1193 करोड़ रुपए से अधिक में हुई थी, जो टारगेट से 11% यानी 120 करोड़ रुपए ज्यादा थी। इस बार आरक्षित मूल्य 1432 करोड़ रुपए रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20% अधिक है।

    भोपाल के प्रमुख समूहों की कीमतें

    पिपलानी समूह: 4 दुकानें – पिपलानी, अयोध्या नगर, रत्नागिरी तिराहा और पटेल नगर। नई कीमत 127.77 करोड़ रुपए, पहले 106.48 करोड़ रुपए।बाग सेवनिया समूह: 121.89 करोड़ रुपए, पहले 101 करोड़ रुपए।

    नीति का लाभ
    छोटे समूह बनाए जाने से ज्यादा बोलीदाता सामने आएंगे, जिससे सरकार को सीधे राजस्व में फायदा होगा। आबकारी विभाग के अनुसार, नई व्यवस्था से सरकार को लगभग 238 करोड़ रुपए अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। टेंडर फाइनल होने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

    नई आबकारी नीति से न केवल बड़े ठेकेदारों का एकाधिपत्य समाप्त होगा, बल्कि छोटे और नए लाइसेंसियों को भी व्यवसाय में भागीदारी का अवसर मिलेगा। ई-टेंडर के जरिए आवंटन से पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार को अतिरिक्त राजस्व का लाभ मिलेगा।

  • मध्यप्रदेश में RTE प्रवेश 2026–27 की प्रक्रिया घोषित, ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी से मिलेगा निजी स्कूलों में निशुल्क दाखिला

    मध्यप्रदेश में RTE प्रवेश 2026–27 की प्रक्रिया घोषित, ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी से मिलेगा निजी स्कूलों में निशुल्क दाखिला

    मध्यप्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सत्र 2026–27 के लिए निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया 13 मार्च 2026 से शुरू होने जा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पूरी समय सारिणी जारी कर दी है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 28 मार्च 2026 निर्धारित की गई है और इच्छुक अभिभावक आरटीई पोर्टल www.rteportal.mp.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे।

    राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक हरजिंदर सिंह के अनुसार इस वर्ष भी चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से की जाएगी। 2 अप्रैल 2026 को लॉटरी निकाली जाएगी और उसी के आधार पर छात्रों को निजी विद्यालयों में सीट आवंटित की जाएगी। लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदकों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए सूचना भेजी जाएगी। साथ ही चयन सूची पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेगी।

    समय सारिणी के अनुसार 9 मार्च 2026 से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों और उनमें उपलब्ध सीटों की जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित कर दी जाएगी। इससे अभिभावकों को यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस स्कूल में कितनी सीटें उपलब्ध हैं। आवेदन करते समय पात्रता से संबंधित कोई एक आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा।

    आवेदन प्रक्रिया के दौरान 13 से 28 मार्च के बीच त्रुटि सुधार का अवसर भी दिया जाएगा ताकि अभिभावक किसी गलती को समय रहते ठीक कर सकें। इसके अलावा 14 मार्च से 30 मार्च 2026 के बीच दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित संकुल केन्द्र वाले स्कूल में अधिकृत अधिकारी से कराना होगा। आवेदक जिस श्रेणी या निवास क्षेत्र के आधार पर प्रवेश चाहते हैं उससे संबंधित मूल प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सत्यापन कराना अनिवार्य रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लॉटरी से पहले दस्तावेज सत्यापन हो जाने से बाद में प्रवेश निरस्त होने की संभावना काफी कम हो जाएगी।

    यदि किसी अभिभावक को ऑनलाइन आवेदन में कोई कठिनाई आती है तो वे अपने विकासखंड के बीआरसी कार्यालय सर्व शिक्षा अभियान के जिला परियोजना कार्यालय विकासखंड स्रोत केन्द्र या जनशिक्षा केन्द्र कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आवेदन प्रक्रिया में अभिभावकों की हर संभव सहायता सुनिश्चित करें।

    प्रवेश के लिए आयु सीमा भी तय कर दी गई है। नर्सरी केजी 1 और केजी 2 के लिए बच्चे की आयु 3 वर्ष से 4 वर्ष 6 माह के बीच होनी चाहिए। कक्षा 1 में प्रवेश के लिए आयु 6 वर्ष से 7 वर्ष 6 माह तक निर्धारित की गई है। नर्सरी और केजी कक्षाओं के लिए आयु की गणना 31 जुलाई 2026 की स्थिति में तथा कक्षा 1 के लिए 30 सितंबर 2026 की स्थिति में की जाएगी।

    आरटीई के तहत यह प्रक्रिया उन परिवारों के लिए सुनहरा अवसर है जो अपने बच्चों को निजी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना चाहते हैं लेकिन आर्थिक कारणों से ऐसा नहीं कर पाते। समय सीमा का ध्यान रखते हुए अभिभावकों को तय तिथियों के भीतर आवेदन और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्जवल बन सके।

  • साध्वी रंजना विवाद ने पकड़ा तूल: मिसरोद में पाटीदार समाज का प्रदर्शन, ‘जिहादी’ कहने वालों पर कार्रवाई की मांग

    साध्वी रंजना विवाद ने पकड़ा तूल: मिसरोद में पाटीदार समाज का प्रदर्शन, ‘जिहादी’ कहने वालों पर कार्रवाई की मांग


    मिसरोद । मिसरोद में साध्वी रंजना दीदी से जुड़े कार विवाद ने अब सामाजिक और राजनीतिक रंग ले लिया है। मंगलवार को पाटीदार समाज, ओबीसी मोर्चा और सकल हिंदू समाज के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग पाटीदार समाज के मांगलिक भवन में एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। प्रदर्शन के दौरान “जय श्री राम” के नारे लगाए गए और बाद में एसीपी को कलेक्टर व कमिश्नर के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

     उनका कहना है कि मिसरोद थाने में उनके खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज किए गए हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि दर्ज मामलों को समाप्त किया जाए, समाज की ओर से भी एफआईआर दर्ज की जाए और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष व सख्त कार्रवाई हो।

    पाटीदार संगठन के सदस्य अजय पाटीदार ने कहा कि समाज को “जिहादी” या “अराजक” कहना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समाज को हिंदू समाज का हिस्सा नहीं माना जाएगा तो वे सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन पर विचार करने को मजबूर होंगे। इस बयान के बाद सभा स्थल पर माहौल कुछ देर के लिए और गरमा गया।

    समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि 25-26 फरवरी को मुख्य मार्ग पर साध्वी रंजना दीदी के वाहन से जुड़ा ओवरटेक को लेकर सामान्य विवाद हुआ था, जिसे बाद में गंभीर धाराओं में बदल दिया गया। समाज का दावा है कि घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों की जांच से पूरी सच्चाई सामने आ सकती है।

    मामले की पृष्ठभूमि में साध्वी रंजना दीदी द्वारा दर्ज एफआईआर शामिल है, जिसमें मारपीट, तोड़फोड़, छेड़छाड़ और जान से मारने की कोशिश जैसे आरोप लगाए गए हैं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। इससे पहले विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी थाने के बाहर प्रदर्शन कर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

    फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से जारी है और तथ्य सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, पाटीदार समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। यह मामला अब प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन, दोनों दृष्टि से संवेदनशील बन गया है। 

  • लुधियाना में दर्दनाक हादसा: खाना खाने जा रहे ड्राइवर को पिकअप ने रौंदा, मौके पर मौत; आरोपी गिरफ्तार

    लुधियाना में दर्दनाक हादसा: खाना खाने जा रहे ड्राइवर को पिकअप ने रौंदा, मौके पर मौत; आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली। Ludhiana के मोती नगर स्थित ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में सोमवार दोपहर एक तेज रफ्तार महिंद्रा पिकअप ने पैदल जा रहे ड्राइवर को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर वाहन को कब्जे में ले लिया।

    मृतक की पहचान राम प्रसाद पाटीदार के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश का निवासी था और पिछले तीन वर्षों से ट्रांसपोर्ट कारोबारी रसील चंद के यहां ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। जानकारी के मुताबिक 2 मार्च को दोपहर करीब 3 बजे राम प्रसाद पैदल ही खाना खाने के लिए जा रहा था। इसी दौरान ट्रांसपोर्ट नगर के पास अचानक तेज टक्कर की आवाज सुनाई दी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिंद्रा पिकअप तेज और लापरवाही से चलाई जा रही थी। वाहन चालक ने सामने पैदल जा रहे राम प्रसाद को नहीं देखा और सीधे टक्कर मार दी। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें लगने के कारण राम प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई।

    जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी चालक की पहचान गणेश कुमार निवासी गांव नड्ड, जिला सांबा, जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे मौके से ही हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में लापरवाही से वाहन चलाना हादसे की मुख्य वजह सामने आई है।

    थाना मोती नगर पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

    यह हादसा एक बार फिर शहर में लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल खड़े करता है। पुलिस का कहना है कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

    Keywords (comma separated): Ludhiana, मोती नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, सड़क हादसा, पिकअप दुर्घटना, राम प्रसाद पाटीदार, गणेश कुमार, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, BNS 281, BNS 106(1), लापरवाह ड्राइविंग, पुलिस कार्रवाई

  • सावधान! वेज बर्गर के नाम पर खिला दिया सूअर का मांस; सतना की पिज्जा शॉप पर ₹8 लाख का हर्जाना, 9% ब्याज भी देना होगा

    सावधान! वेज बर्गर के नाम पर खिला दिया सूअर का मांस; सतना की पिज्जा शॉप पर ₹8 लाख का हर्जाना, 9% ब्याज भी देना होगा

    मध्य प्रदेश के सतना जिले से फास्ट फूड के शौकीनों को सतर्क कर देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ एक नामी मल्टीनेशनल पिज्जा कंपनी की ब्रांच को ग्राहक की धार्मिक भावनाओं को आहत करना और सेवा में गंभीर लापरवाही बरतना बेहद भारी पड़ गया है। जिला उपभोक्ता फोरम ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित पिज्जा कंपनी पर 8 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। यह फैसला शहर की निवासी नैंसी तिवारी और उनके पति सूरज तिवारी द्वारा करीब डेढ़ साल तक लड़ी गई कानूनी लड़ाई के बाद आया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों की आस्था और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    यह विचलित कर देने वाली घटना 31 अक्टूबर 2024, दीपावली के पावन पर्व पर घटी थी। पीड़ित दंपति सिविल लाइन पन्ना नाका मार्ग स्थित इस मशहूर पिज्जा शॉप पर डिनर के लिए गए थे। उन्होंने पूरी तरह शाकाहारी (वेज) पिज्जा और बर्गर का ऑर्डर दिया था। जैसे ही उन्होंने बर्गर खाना शुरू किया, उन्हें स्वाद में गड़बड़ी महसूस हुई और अचानक तेज उल्टियां होने लगीं। जब उन्होंने बर्गर की बारीकी से जांच की, तो उनके होश उड़ गए; वेज बर्गर के नाम पर उन्हें सूअर का मांस Pork परोस दिया गया था। इस भयंकर चूक के बाद जब दंपति ने संचालक से शिकायत की, तो प्रबंधन ने अपनी गलती मानने के बजाय ग्राहकों की बात को अनसुना कर दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

    न्याय की उम्मीद में पीड़ित परिवार ने पहले पुलिस और फिर जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सितंबर 2025 में एफआईआर दर्ज की थी। फोरम में अधिवक्ता करुणेश अरोरा ने मजबूती से साक्ष्य पेश किए, जिसके बाद 27 फरवरी 2026 को फोरम ने अपना अंतिम फैसला सुनाया। कोर्ट ने पिज्जा कंपनी को मानसिक संताप और सेवा में कमी का दोषी पाते हुए 8 लाख रुपये का मुआवजा, 10 हजार रुपये कानूनी खर्च और पूरी राशि पर 9 प्रतिशत ब्याज देने का आदेश दिया है। कंपनी को यह राशि एक माह के भीतर जमा करनी होगी, अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 72 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

  • 230 अधिकारियों की कार्रवाई बेअसर! हटाए गए कब्जे के बाद फिर बस गई टपरियां, वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण

    230 अधिकारियों की कार्रवाई बेअसर! हटाए गए कब्जे के बाद फिर बस गई टपरियां, वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण


    नई दिल्ली। तीन साल से जारी अतिक्रमण के खिलाफ 27 फरवरी को प्रशासन ने 230 कर्मचारियों की मौजूदगी में कार्रवाई कर टपरियां हटाईं और जमीन पर गड्ढे खोदे थे। बावजूद इसके, कुछ ही दिनों में फिर से उसी जगह पर टपरियां बनाकर दोबारा कब्जा कर लिया गया।

    तीन साल से वन भूमि पर जारी अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने 27 फरवरी को बड़ी कार्रवाई करते हुए सख्त संदेश देने की कोशिश की थी, लेकिन हालात फिर वहीं के वहीं नजर आ रहे हैं। वन विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने उस दिन मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाया था। कार्रवाई में वन विभाग के एसडीओ अनिल विश्वकर्मा, तहसीलदार कीर्ति प्रधान, एसडीओपी महेंद्र चौहान और थाना प्रभारी सुधाकर बारस्कर मौजूद रहे। करीब 230 वनकर्मी, पुलिस जवान और राजस्व अमले ने मिलकर अवैध कब्जे हटाए थे।

    कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों द्वारा बनाई गई अस्थायी टपरियों को तोड़ा गया और जमीन को दोबारा खेती या कब्जे से बचाने के लिए बड़े-बड़े गड्ढे भी खोदे गए थे। प्रशासन का मकसद साफ था—वन भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर भविष्य में दोबारा कब्जा न होने देना। उस समय अधिकारियों ने दावा किया था कि अब दोबारा यहां कब्जा नहीं होने दिया जाएगा और क्षेत्र की नियमित निगरानी की जाएगी।

    लेकिन कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद तस्वीर बदलती दिख रही है। उसी जमीन पर फिर से टपरियां खड़ी कर दी गई हैं। इससे साफ है कि अतिक्रमणकारियों के हौसले अब भी बुलंद हैं और प्रशासनिक सख्ती का असर लंबे समय तक नहीं टिक पाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर लगातार निगरानी और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वन भूमि पर कब्जे का सिलसिला फिर से बढ़ सकता है।

    यह सवाल भी उठ रहा है कि जब इतनी बड़ी संयुक्त कार्रवाई की गई थी, तो उसके बाद क्षेत्र की निगरानी क्यों कमजोर पड़ गई। वन भूमि पर बार-बार कब्जा होना न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन दोबारा सख्ती दिखाता है या अतिक्रमण का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।

  • ग्वालियर: एटीएम में छल, मदद के नाम पर हो रही थी ठगी, पुलिस ने किया खुलासा

    ग्वालियर: एटीएम में छल, मदद के नाम पर हो रही थी ठगी, पुलिस ने किया खुलासा

    ग्वालियर के मुरार इलाके में एटीएम के भीतर चल रही एक चालाक ठगी का खुलासा हुआ है। सदर बाजार स्थित एक एटीएम में एक युवक लोगों की मदद करने का बहाना कर उनके कार्ड बदलता था। आज का दिन भी इस कहानी का नया अध्याय बन गया जब युवक को पकड़ लिया गया।

    पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रदीप शिवहरे उर्फ पिंकू, निवासी कोटेश्वर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार यह युवक एटीएम पर आने वाले ग्राहकों को मशीन चलाने में मदद करने का नाटक करता था। इस दौरान वह असली कार्ड की जगह दूसरा कार्ड थमा देता और किसी तरह पिन की जानकारी हासिल करने की कोशिश करता। इसके बाद वह मौके से खिसक जाता।

    हालांकि आज की घटना में पीड़ित ने समय रहते संदेह कर लिया। जैसे ही कार्ड बदलने की कोशिश हुई, पीड़ित ने विरोध किया और शोर मचाया। आसपास मौजूद लोग तुरंत सक्रिय हो गए और आरोपी को दबोच लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया।

    पुलिस पूछताछ में आरोपी ने हैरान करने वाले खुलासे किए। उसके पास 100 से अधिक एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। ये कार्ड विभिन्न खाताधारकों के थे और सभी जब्त कर लिए गए। पुलिस अब इनके असली मालिकों की पहचान करने में जुटी हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं था बल्कि यह एक संगठित ठगी का हिस्सा हो सकता है।

    ASP अनु बेनीवाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने लोग इस ठगी का शिकार हो चुके हैं और क्या इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं। गहन पूछताछ के जरिए पुलिस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। इस दौरान अन्य बड़े खुलासे होने की संभावना भी जताई जा रही है।

    स्थानीय लोग इस घटना को लेकर काफी चौकन्ने हैं। उनका कहना है कि अब एटीएम पर सहायता लेने से पहले सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है। वहीं पुलिस का भी कहना है कि लोगों को हमेशा अपने कार्ड और पिन की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और किसी अनजान व्यक्ति की मदद लेने से पहले सावधान रहना चाहिए।

    ग्वालियर में यह घटना लोगों के लिए चेतावनी का संदेश बन गई है कि मदद के बहाने ठगी की घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं। यह मामला यह भी साबित करता है कि सतर्कता और सामूहिक चौकसी ही ऐसे अपराधों को रोक सकती है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी संभावित शिकारों और संदिग्धों की पहचान कर रही है।