Category: Madhya Pradesh

  • मध्य प्रदेश में नया आदेश: मंत्री खुद लिखेंगे अपने स्टाफ की गोपनीय वार्षिक रिपोर्ट, सिर्फ 7 दिन में जमा करना अनिवार्य

    मध्य प्रदेश में नया आदेश: मंत्री खुद लिखेंगे अपने स्टाफ की गोपनीय वार्षिक रिपोर्ट, सिर्फ 7 दिन में जमा करना अनिवार्य


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने मंत्रालयीन कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (सीआर) को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। अब मंत्री स्थापना में पदस्थ कर्मचारियों की सीआर सीधे संबंधित मंत्री द्वारा लिखी जाएगी, जिससे उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन सीधे जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा हो सके।

    इस आदेश के अनुसार 31 मार्च 2026 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए सीआर रिपोर्ट सिर्फ एक हफ्ते में तैयार कर जमा करनी होगी। यह रिपोर्ट 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि को कवर करेगी।

    सीआर तैयार करने वाले कर्मचारी और प्रक्रिया:

    सहायक अनुभाग अधिकारी: रिपोर्ट अनुभाग अधिकारी लिखेंगे, अवर सचिव और उप सचिव जांच करेंगे, अपर सचिव अंतिम मंजूरी देंगे।

    सहायक ग्रेड-1: अनुभाग अधिकारी लिखेंगे, अवर सचिव और उप सचिव जांच करेंगे, अपर सचिव मंजूरी देंगे।

    सहायक ग्रेड-2, ग्रेड-3 और स्टेनोटायपिस्ट: अनुभाग अधिकारी लिखेंगे, अवर सचिव जांच करेंगे, उप सचिव फाइनल करेंगे।

    निज सहायक: जिन अधिकारी के साथ पदस्थ हैं, वही उनकी सीआर लिखेंगे और फाइनल मंजूरी देंगे।

    मंत्री स्थापना में पदस्थ कर्मचारी: संबंधित मंत्री खुद रिपोर्ट लिखेंगे और फाइनल मंजूरी भी देंगे।

    लक्ष्य और महत्व:
    इस नए आदेश का मकसद सीआर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और मंत्रालयीन कर्मचारियों के प्रदर्शन और कार्यकुशलता का सीधे मूल्यांकन करना है। यह कदम मंत्री स्तर पर निगरानी बढ़ाने और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

  • भोपाल का हड़कंप: पूर्व रेलकर्मी राजेश तिवारी का हिडन कैमरा वीडियो वायरल, मंत्री विश्वास सारंग और RSS पर लगाए गंभीर आरोप

    भोपाल का हड़कंप: पूर्व रेलकर्मी राजेश तिवारी का हिडन कैमरा वीडियो वायरल, मंत्री विश्वास सारंग और RSS पर लगाए गंभीर आरोप


    भोपाल। भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में गिरफ्तार बर्खास्त रेलकर्मी राजेश तिवारी का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। गिरफ्तारी के बाद सामने आए हिडन कैमरा वीडियो में राजेश कथित तौर पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग के खिलाफ बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह यह कहता दिख रहा है कि किसी भी धरना-प्रदर्शन में असलम का नाम न आए, बल्कि मामला सीधे सारंग की तरफ डायवर्ट किया जाए। इसके अलावा वह बताता है कि अगर मंत्री पद से हटाया गया तो उसका नाम बदल देना। जब उससे पूछा गया कि क्या मंत्री से व्यक्तिगत दुश्मनी है, तो उसने जवाब दिया, “नहीं, पूरे RSS की है। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि मंत्री पद से हटाने की तैयारी है और विस्तार के दौरान बदलाव होंगे।

    पुलिस ने राजेश का मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया है। जांच का नया एंगल अब वायरल वीडियो और मोबाइल डेटा की पुष्टि पर केंद्रित है, यह पता लगाने के लिए कि वीडियो कब रिकॉर्ड हुआ, किसने रिकॉर्ड किया और क्या इसे एडिट किया गया।

    राजेश तिवारी पहले ही ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार है। उसके पास से एमडी ड्रग और अवैध हथियार भी जब्त किए गए हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ रेप और हत्या के प्रयास के मामले भी दर्ज हैं। 27 फरवरी को निशातपुरा पुलिस ने उसे 3 लाख रुपए की गैरकानूनी मांग के आरोप में पकड़ा था।

    राजनीतिक और साइबर जांच दोनों ही एंगल से यह मामला अब अहम बन गया है। वायरल हिडन कैमरा वीडियो और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट भविष्य में इसकी गुत्थी सुलझाने में निर्णायक साबित हो सकती है।

  • MP में आदेश निकलने से पहले ही शुरू हो गई टोल वसूली… जनता के जेब से निकाले करोड़ों

    MP में आदेश निकलने से पहले ही शुरू हो गई टोल वसूली… जनता के जेब से निकाले करोड़ों


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में टोल वसूली (Toll Collection) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (Madhya Pradesh Road Development Corporation- MPRDC) ने कई सड़कों पर राज्यपाल की अधिसूचना जारी होने से 6 माह से लेकर एक साल पहले तक टोल वसूली शुरू कर दी थी. यानी जिस तारीख से टोल वसूली कानूनी रूप से लागू होनी थी, उससे पहले ही जनता की जेब से पैसा निकाला जाता रहा. यह खुलासा विधानसभा में PWD की ओर से जारी जवाब से हुआ है।

    कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने विधानसभा में सवाल पूछा था कि प्रदेश की कौन-कौन सी सड़कों पर टोल वसूली की अधिसूचना कब-कब जारी हुई और इन पर टोल वसूली कब से शुरू हुई? इसका जवाब जब सदन में रखा गया तो हैरान करने वाली जानकारी सामने आई।

    कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की ओर से शेयर की गई जानकारी के अनुसार कई सड़क परियोजनाओं में अधिसूचना और टोल वसूली की तारीखों में स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है जो ना सिर्फ नियमों के विरुद्ध है बल्कि सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है।


    एक बाइक पर नौ लोगों की सवारी का वायरल वीडियो

    प्रताप ग्रेवाल का कहना है कि इंडियन टोल एक्ट के तहत शासन अपने स्तर पर किसी भी सड़क पर टोल नहीं ले सकता है. सड़क जनता की संपत्ति है , तथा शासन ट्रस्टी है. ट्रस्टी उस संपत्ति से बेजा लाभ नहीं कमा सकता है।


    अधिसूचना बाद में, वसूली पहले?

    कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने सदन में पेश आंकड़ों के आधार पर आरोप लगाया कि कई सड़कों पर अधिसूचना जारी होने के पहले से टोल टैक्स वसूली शुरू कर दी गई, जिनमें के कुछ सड़कें हैं:-
    भोपाल बायपास – अधिसूचना: 8 दिसंबर 2020 | टोल वसूली शुरू: 12 दिसंबर 2019
    इंदौर–उज्जैन मार्ग – अधिसूचना: 30 दिसंबर 2022 | टोल वसूली शुरू: 21 जनवरी 2022
    सागर–दमोह मार्ग – अधिसूचना: 8 दिसंबर 2021 | टोल वसूली शुरू: 28 फरवरी 2021
    भिंड–गोपालपुरा मार्ग – अधिसूचना: 4 जनवरी 2022 | टोल वसूली शुरू: 19 मार्च 2021
    गुना–ईसागढ़ मार्ग – अधिसूचना: 10 अक्टूबर 2024 | टोल वसूली शुरू: 2 जून 2023
    महू–घाटाबिल्लौद मार्ग – अधिसूचना: 24 दिसंबर 2021 | टोल वसूली शुरू: 28 फरवरी 2021
    बीना–खिमलासा मार्ग – अधिसूचना: 8 दिसंबर 2021 | टोल वसूली शुरू: 19 मार्च 2021


    43 सड़कों से 603 करोड़ का ‘शुद्ध लाभ’?

    प्रताप ग्रेवाल का आरोप है कि प्रदेश की 43 सड़कों पर अधिसूचना जारी होने से पहले कथित अवैध टोल वसूली के जरिए एमपीआरडीसी ने दिसंबर 2025 तक 603.66 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है जिसकी जांच होनी चाहिए।


    पूरा पैसा सरकारी खजाने में गया, कोई भ्रष्टाचार नहीं

    PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि सदन में जो जानकारी दी गई हैए उसमें स्पष्ट उल्लेख है कि टोल वसूली शासकीय खजाने में ही जमा हुई हैए इसलिए इसमें भ्रष्टाचार का कोई मामला बनता ही नहीं है. जहां तक अधिसूचना जारी होने की बात है तो वो कई बार बैकडेट में भी जारी होती है, इसलिए यह कहना गलत है कि विभाग ने अवैध रूप से टोल वसूली की है।

  • MP: होली पर CM ने सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, डीए 3% बढ़ाकर केन्द्र के समान 58 प्रतिशत किया

    MP: होली पर CM ने सरकारी कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा, डीए 3% बढ़ाकर केन्द्र के समान 58 प्रतिशत किया


    भोपाल।
    होली (Holi) से दो दिन पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने सरकारी कर्मचारियों (Government Employees) को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के इस एलान के बाद यह बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है। इसका फायदा राज्य के करीब 7.30 लाख कर्मचारियों को मिलेगा।

    मोहन यादव ने होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा ‘होली के पावन पर्व पर, मैं प्रदेश के सभी भाई-बहनों और देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। होली आपसी मेल-जोल को मजबूत करने, कड़वाहट मिटाने और प्रेम बढ़ाने का त्योहार है। सभी को मेरी तरफ से हार्दिक बधाई और होली की मंगलकामनाएं। इस अवसर पर राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने का फैसला लिया है, जिससे यह बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है।’

    करीब 10 महीने बाद बढ़ा डीए
    करीब 10 महीने पहले 27 अप्रैल 2025 को कर्मचारियों का डीए 5 फीसदी बढ़ाया गया था जिससे यह तब केंद्रीय कर्मचारियों के सामान हो गया था। कर्मचारियों को एरियर की राशि का भुगतान किया गया था। इससे पहले 28 अक्तूबर 2024 को इसमें 4 फीसदी तो 14 मार्च 2024 को 4 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई थी। 19 जुलाई 2023 और 27 जनवरी 2023 को भी 4-4 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई थी। वहीं 22 अगस्त 2022 को 3 फीसदी तो 21 मार्च 2022 को 11 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई थी।

    आपको बता दें कि सरकार महंगाई से निपटने के लिए सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती है। इसकी दरें ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेंक्स के आधार पर तय की जाती हैं। कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते में साल में दो बार (हर 6 महीने में) बढ़ोत्तरी की जाती है।

    जनजातीय बहुल बड़वानी जिले में सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कृषि कैबिनेट की बैठक की। बैठक के बाद उन्हें कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी जनजातीय इलाके में हुई इस बैठक में किसानों को कई सौगात देने पर मुहर लगी। मोहन यादव की पहली कृषि कैबिनेट में किसानों के लिए 27,746 करोड़ रुपये की राशि का प्रस्ताव रखा है।

  • मंत्रालय में मार्च माह के प्रथम कार्य दिवस पर हुआ सामूहिक राष्ट्र-गीत एवं राष्ट्र-गान गायन

    मंत्रालय में मार्च माह के प्रथम कार्य दिवस पर हुआ सामूहिक राष्ट्र-गीत एवं राष्ट्र-गान गायन


    भोपाल। मार्च माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर मंत्रालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्र गीत वंदे मातरम और राष्ट्र गान जन गण मन का सामूहिक गायन किया। यह कार्यक्रम मंत्रालय के सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित किया गया।

    सामूहिक गान के दौरान पुलिस बैंड ने मधुर धुनों के माध्यम से कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सचिव एम. रघुराज मंत्रालय वल्लभ भवन सतपुड़ा विंध्याचल भवन के अधिकारी कर्मचारी और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

    इस आयोजन का उद्देश्य कर्मचारियों में राष्ट्रीय भावना को जागृत करना और शासकीय कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता को बढ़ावा देना बताया गया। अधिकारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान गाकर देशभक्ति की अनुभूति साझा की।

  • विद्युत समाधान योजना 2025-26 की अवधि 31 मार्च तक बढ़ी, एकमुश्त भुगतान पर 90% तक सरचार्ज माफी

    विद्युत समाधान योजना 2025-26 की अवधि 31 मार्च तक बढ़ी, एकमुश्त भुगतान पर 90% तक सरचार्ज माफी


    भोपाल। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है कि मध्यप्रदेश सरकार की विद्युत समाधान योजना 2025-26 के द्वितीय एवं अंतिम चरण की अवधि 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है। पहले यह योजना 28 फरवरी तक लागू थी। अब तीन माह से अधिक समय से बकाया रखने वाले उपभोक्ता 31 मार्च तक एकमुश्त भुगतान कर 90 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट का लाभ ले सकेंगे।

    ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बताया कि योजना की शुरुआत 3 नवम्बर 2025 को की गई थी। इसका उद्देश्य ऐसे उपभोक्ताओं को राहत देना है जो सरचार्ज की अधिक राशि के कारण मूलधन जमा नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने अपील की है कि जो उपभोक्ता अभी तक योजना से नहीं जुड़ पाए हैं वे निर्धारित अवधि के भीतर पंजीयन कराकर इस विशेष छूट का लाभ उठाएं।

    21 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत

    28 फरवरी 2026 तक 21 लाख 67 हजार बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले चुके हैं। योजना के तहत कुल 1043 करोड़ 53 लाख रुपये की राशि जमा हुई है जबकि 388 करोड़ 77 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया है।मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के तहत 6 लाख 38 हजार जमादार लाभार्थियों ने पंजीयन कराया। कंपनी को 616 करोड़ 42 लाख रुपये की मूल राशि प्राप्त हुई और 285 करोड़ 39 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया।

    इसी प्रकार पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 8 लाख से अधिक लाभार्थियों ने लाभ लिया। यहां 222 करोड़ 82 लाख रुपये जमा हुए और 73 करोड़ 7 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया। वहीं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 7 लाख 29 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाया। कंपनी के खाते में 204 करोड़ 29 लाख रुपये जमा हुए और 30 करोड़ 31 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया।

    एकमुश्त भुगतान पर अधिक लाभ

    समाधान योजना जल्दी आएं एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। एकमुश्त भुगतान करने पर 70 से 90 प्रतिशत तक तथा किस्तों में भुगतान करने पर 50 से 60 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट दी जा रही है।योजना में शामिल होने के लिए उपभोक्ताओं को संबंधित विद्युत वितरण कंपनी के पोर्टल पर पंजीयन करना होगा।
    घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 25 प्रतिशत राशि जमा कर पंजीयन कराना होगा। विस्तृत जानकारी संबंधित कंपनी की वेबसाइट या विद्युत वितरण केंद्र से प्राप्त की जा सकती है। सरकार का मानना है कि यह योजना बकायादार उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है और समय पर भुगतान की संस्कृति को भी बढ़ावा दे रही है।

  • डालर चने के दाम पर किसानों का गुस्सा, ट्रैक्टरों से हाईवे जाम

    डालर चने के दाम पर किसानों का गुस्सा, ट्रैक्टरों से हाईवे जाम


    खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में डालर चने के कम दाम को लेकर किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आया। किसानों ने बावड़ी बस स्टैंड के पास चित्तौड़गढ़-भुसावल राजमार्ग पर ट्रैक्टर खड़े कर रास्ता जाम कर दिया और जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि डालर चने का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है। वर्तमान में 6 से 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी हो रही है, जबकि उनकी मांग है कि भाव कम से कम 10 से 12 हजार रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए। किसानों के मुताबिक उत्पादन लागत, बीज, खाद और मजदूरी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए मौजूदा दर घाटे का सौदा साबित हो रही है।

    ट्रैक्टरों से रोका यातायात

    आक्रोशित किसानों ने अपने ट्रैक्टर सड़क पर खड़े कर हाईवे पूरी तरह जाम कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात बाधित हो गया। यात्री बसें, ट्रक और अन्य वाहन घंटों फंसे रहे। स्थिति की जानकारी मिलते ही एसडीएम वीरेंद्र कटारे और कर्नाटक टीआई बीएल मंडलोई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर समाधान निकालने की कोशिश की। बाद में किसानों और प्रशासन के बीच मंडी परिसर में बातचीत शुरू हुई।

    वाजिब दाम नहीं तो आंदोलन तेज होगा
    प्रदर्शन कर रहे किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि डालर चने के दाम में बढ़ोतरी नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर समर्थन मूल्य बढ़ाना चाहिए, ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। फिलहाल प्रशासन किसानों से संवाद कर रास्ता निकालने का प्रयास कर रहा है। हालांकि किसानों के तेवर देखते हुए यह मुद्दा क्षेत्र में बड़ा आंदोलन बन सकता है।

  • जन्मदिन पर अपराधी को कंधे पर बैठाया, टीआई दर्शन शुक्ला निलंबित; सीएम डॉ. मोहन यादव की सख्त कार्रवाई

    जन्मदिन पर अपराधी को कंधे पर बैठाया, टीआई दर्शन शुक्ला निलंबित; सीएम डॉ. मोहन यादव की सख्त कार्रवाई


    भोपाल/मुरैना। मध्यप्रदेश में पुलिस की छवि को धक्का पहुंचाने वाले एक वायरल वीडियो पर मुख्यमंत्रीमोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए मुरैना जिले के जौरा थाना प्रभारी निरीक्षक दर्शन शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में टीआई शुक्ला कथित बाइक चोर गिरोह के सरगनालवकुश शर्मा के कंधे पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। बताया गया कि यह वीडियो थाना परिसर में मनाए गए जन्मदिन समारोह का है, जहां केक काटा गया और ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे।

    सीएम के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई
    मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कड़ी नाराजगी जताई और शासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश के बाद मुरैना एसपी कार्यालय से निलंबन आदेश जारी किया गया। आदेश में उल्लेख है कि 28 फरवरी 2026 को थाना प्रभारी जौरा निरीक्षक दर्शन शुक्ला अपने जन्मदिन समारोह के दौरान आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति लवकुश शर्मा के साथ उपस्थित थे।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लवकुश शर्मा पर थाना कोतवाली क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी और थाना जौरा क्षेत्र में शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसे मामले दर्ज हैं। ऐसे व्यक्ति के साथ थाना परिसर में जश्न मनाना पुलिस आचरण संहिता के विपरीत माना गया।

    पुलिस रेगुलेशन का उल्लंघन
    आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यह आचरण मध्यप्रदेश पुलिस रेगुलेशन के पैरा 64(3)(11) का उल्लंघन है और इससे पुलिस की निष्पक्ष छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसी आधार पर निरीक्षक दर्शन शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

    निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय रक्षित केंद्र, मुरैना निर्धारित किया गया है। उन्हें बिना लिखित अनुमति मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और प्रत्येक गणना में उपस्थित रहना अनिवार्य रहेगा। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

    कर्तव्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों द्वारा किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या आपराधिक तत्वों से निकटता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई पुलिस महकमे के लिए कड़ा संकेत मानी जा रही है कि शासन अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी को स्वीकार नहीं करेगा।

  • नागलवाड़ी में पहली कृषि कैबिनेट, लोक देवता भीलट देव से समृद्धि की कामना

    नागलवाड़ी में पहली कृषि कैबिनेट, लोक देवता भीलट देव से समृद्धि की कामना


    भोपाल/बड़वानी। किसान कल्याण वर्ष के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश सरकार की पहली कृषि कैबिनेट की शुरुआत आस्था और परंपरा के वातावरण में हुई। मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्रि परिषद के सदस्यों ने बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित भीलट देव मंदिर में निमाड़ मालवा के लोक देवता भीलट देव के दर्शन कर प्रदेश के किसानों की सुख समृद्धि की कामना की। सतपुड़ा की सुरम्य पहाड़ियों पर बसे इस तपोभूमि में आयोजित कैबिनेट बैठक ने विकास और संस्कृति के समन्वय का संदेश दिया।

    दर्शन के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि निमाड़ मालवा क्षेत्र के आराध्य भीलट देव के आशीर्वाद से जो भी निर्णय लिए जाएंगे, वे किसानों और प्रदेशवासियों के हित में होंगे। मुख्यमंत्री ने निमाड़ क्षेत्र को मां नर्मदा का वरदान बताते हुए कहा कि नर्मदा के जल से सिंचित यह भूमि किसानों को समृद्ध और प्रगतिशील बना रही है। सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से बड़वानी सहित पूरे निमाड़ क्षेत्र में खेती को नई मजबूती मिली है।

    उन्होंने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाना है। मुख्यमंत्री ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उत्पादन कम हो सकता है, लेकिन इससे मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ेगी और दीर्घकाल में उत्पादन क्षमता में स्थायी वृद्धि होगी। किसानों की आर्थिक उन्नति को ही प्रदेश की समग्र उन्नति का आधार बताते हुए उन्होंने कृषि सुधारों को सरकार की प्राथमिकता बताया।

    मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की भव्यता और सकारात्मक ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि सतपुड़ा की वादियों में बसा नागलवाड़ी का यह धाम आध्यात्मिक शक्ति से परिपूर्ण है। मंदिर के जीर्णोद्धार में संत श्री सियाराम बाबा के योगदान का भी उन्होंने स्मरण किया। दर्शन के बाद मुख्यमंत्री और मंत्रि परिषद सदस्यों ने सामूहिक रूप से मंदिर परिसर में फोटो भी खिंचवाया।

    कैबिनेट बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री ने निमाड़ क्षेत्र की कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में प्राकृतिक खेती के प्रभावी मॉडल, वोकल फॉर लोकल, केला विकास मॉडल, डॉलर चना की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला, बड़वानी मिर्च प्लास्टर, तिल को उभरती फसल के रूप में प्रोत्साहन, गन्ना आधारित आर्थिक मॉडल, मिशन सिकलसेल उन्मूलन और वन्य ग्राम समृद्धि अभियान जैसी थीम प्रस्तुत की गईं। बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह ने विभिन्न कृषि पहलों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया।

    नागलवाड़ी में आयोजित यह पहली कृषि कैबिनेट केवल प्रशासनिक बैठक नहीं रही, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सरकार परंपरा, प्रकृति और प्रगति को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है। लोक आस्था के आंगन से शुरू हुआ यह संकल्प किसानों की समृद्धि और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • देश में सबसे पहले होलिका दहन महाकाल मंदिर में, वैदिक मंत्रो के साथ जलेगी होली; आरती का समय बदलेगा

    देश में सबसे पहले होलिका दहन महाकाल मंदिर में, वैदिक मंत्रो के साथ जलेगी होली; आरती का समय बदलेगा


    उज्जैन । देश में होली का पर्व इस बार महाकालेश्वर मंदिर में सबसे पहले मनाया जाएगा। सोमवार को होने वाले इस पर्व में परंपरा अनुसार भगवान महाकाल को केवल एक किलो हर्बल गुलाल प्रतीकात्मक रूप से अर्पित किया जाएगा। संध्या आरती के दौरान पुजारी भगवान को गुलाल अर्पित करेंगे जिसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर परिसर में गोबर के उपलों से बनी होलिका का दहन किया जाएगा।

    सुरक्षा कारणों से इस बार भी आम श्रद्धालुओं को होलिका दहन स्थल के पास जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिर प्रशासन ने पूर्व में हुई आग की घटनाओं को देखते हुए विशेष सावधानी बरती है। होलिका दहन के दौरान संभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

    धुलेंड़ी पर विशेष शृंगार और भस्म आरती

    महाकाल मंदिर में धुलेंड़ी का पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में सबसे पहले भगवान महाकाल को गुलाल लगाया जाएगा। इसके बाद भगवान का भांग और चंदन से विशेष शृंगार किया जाएगा। मंदिर के पुजारी आशीष शर्मा के अनुसार महाकाल मंदिर में सबसे पहले होली मनाने की यह प्राचीन परंपरा है जिसमें भगवान को प्रतीकात्मक रूप से गुलाल अर्पित किया जाता है।

    आरती के समय में बदलाव

    महाकाल मंदिर में साल में दो बार भगवान की दिनचर्या में बदलाव होता है। कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से ठंड के अनुसार आरती का समय तय होता है जबकि चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से गर्मी के अनुसार आरती का समय बदला जाता है। इस बार चैत्र कृष्ण प्रतिपदा 3 मार्च होली के दूसरे दिन से भगवान महाकाल की दिनचर्या में बदलाव आएगा।

    इस दिन से गर्मी की शुरुआत मानी जाती है। भगवान महाकाल को ठंडे जल से स्नान कराया जाएगा। ठंडे जल से स्नान का क्रम शरद पूर्णिमा तक रहेगा। इस दौरान प्रतिदिन होने वाली पांच में से तीन आरती का समय भी बदल जाएगा।