Category: Madhya Pradesh

  • खंडवा SP से गुहार: मारपीट केस में CCTV और कॉल डिटेल जांच की मांग

    खंडवा SP से गुहार: मारपीट केस में CCTV और कॉल डिटेल जांच की मांग


    मध्य प्रदेश । खंडवा जिले के बोरगांव चौकी क्षेत्र में दर्ज मारपीट के एक मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। खिराला गांव निवासी कलीम उर्फ कल्लू ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर खुद को निर्दोष बताते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

    कलीम का आरोप है कि उसे व्यक्तिगत रंजिश और पुलिस की कथित मिलीभगत के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है। उसने दावा किया कि 16 मई की रात जब घटना हुई, उस समय वह मौके पर मौजूद नहीं था, बल्कि खिराला से करीब 5 किलोमीटर दूर एक होटल में था। कलीम ने कहा कि उसके पास होटल के CCTV फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) मौजूद हैं, जो उसकी बेगुनाही साबित कर सकते हैं।

    शिकायत में तत्कालीन बोरगांव चौकी प्रभारी और वर्तमान देशगांव चौकी प्रभारी रामप्रकाश यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कलीम ने आरोप लगाया कि घटना के बाद रामप्रकाश यादव आरोपी पक्ष के व्यक्ति रईस से अस्पताल में मिलने पहुंचे थे, जिससे मामले की निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े होते हैं।

    वहीं इस पूरे मामले पर पूर्व चौकी प्रभारी रामप्रकाश यादव ने सफाई देते हुए कहा कि रईस उनका परिचित है, इसलिए वह सिर्फ मिलने के लिए अस्पताल गए थे। दूसरी ओर बोरगांव चौकी प्रभारी अविनाश भोपले ने बताया कि एफआईआर फरियादी के बयान के आधार पर दर्ज की गई है और मामले की जांच प्रक्रिया जारी है। अब पूरा मामला जांच के दायरे में है और दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

  • खरगोन में अवैध शराब पर सख्ती, करोड़ों की जब्ती नष्ट कराई गई

    खरगोन में अवैध शराब पर सख्ती, करोड़ों की जब्ती नष्ट कराई गई


    मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 25 लाख रुपये मूल्य की लगभग 9 हजार लीटर देशी और विदेशी शराब को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई शुक्रवार सुबह ट्रेचिंग ग्राउंड क्षेत्र में जेसीबी मशीन और रोलर की मदद से की गई।

    यह पूरी प्रक्रिया पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा की मौजूदगी में संपन्न हुई। कार्रवाई के दौरान आबकारी विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे। पुलिस ने कोर्ट के आदेशों के बाद गठित विशेष समिति की निगरानी में शराब नष्ट करने की यह प्रक्रिया पूरी की।

    जानकारी के अनुसार, यह शराब जिले के 14 अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज कुल 64 मामलों में जब्त की गई थी। यह माल लंबे समय से थानों में सुरक्षित रखा गया था, जिसे अब विधिवत प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया।

    एसपी रविन्द्र वर्मा ने बताया कि अवैध शराब के मामलों में जब्त की गई सामग्री को न्यायालय की अनुमति और समिति की देखरेख में नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाई जा सके। बड़ी मात्रा में शराब पर की गई इस कार्रवाई से जिले में अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।

  • खेत विवाद में कुल्हाड़ी से वार कर बेटे की हत्या, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

    खेत विवाद में कुल्हाड़ी से वार कर बेटे की हत्या, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा


    मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड में अदालत ने आरोपी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला 6 दिसंबर 2024 का है, जिसमें खेत के विवाद के चलते एक पिता ने अपने ही बेटे की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी।

    अतिरिक्त लोक अभियोजक राजकुमार अत्रे ने जानकारी देते हुए बताया कि तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव की अदालत ने आरोपी रुमसिंग पिता गुमानसिंह भिलाला (55), निवासी उपड़ी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को उम्रकैद के साथ 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा भी सुनाई।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना के दिन सुबह पिता और पुत्र के बीच खेत में हल चलाने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि शाम करीब 5 बजे जब पुत्र हिरालाल घर के बाहर खटिया पर सो रहा था, तभी आरोपी पिता ने उस पर कुल्हाड़ी से गर्दन पर तीन-चार वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण हिरालाल की मौके पर ही मौत हो गई।

    इस पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका मृतक की बहू शर्मिला की गवाही की रही। शर्मिला ने अदालत में बताया कि उसने अपने ससुर को अपने जेठ हिरालाल पर हमला करते हुए देखा था, जिससे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो गई।

    अदालत ने बहू की प्रत्यक्षदर्शी गवाही और जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई। इस मामले की जांच तत्कालीन ऊन थाना प्रभारी गणपत कनेल द्वारा की गई थी।

    इस फैसले के बाद इलाके में इस जघन्य अपराध को लेकर चर्चा तेज हो गई है और ग्रामीणों ने भी इसे एक गंभीर पारिवारिक विवाद का दुखद परिणाम बताया।

  • 42°C गर्मी में सड़क पर उतरे PESA मोबिलाइजर, सेवा समाप्ति आदेश रद्द करने की मांग

    42°C गर्मी में सड़क पर उतरे PESA मोबिलाइजर, सेवा समाप्ति आदेश रद्द करने की मांग


    मध्य प्रदेश । खरगोन जिले में भीषण गर्मी के बीच पेसा मोबिलाइजर कर्मचारियों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। 42 डिग्री सेल्सियस तापमान में लगभग 200 कर्मचारियों ने सेवा समाप्ति आदेश के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

    भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले निकाली गई यह आक्रोश रैली दोपहर 2 बजे शुरू हुई। प्रदर्शनकारी कर्मचारी नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पेसा मोबिलाइजरों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश को तुरंत रद्द कर उनकी बहाली की मांग की गई।

    कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पेसा कानून और विभिन्न सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसके बावजूद सरकार ने अचानक उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। उनका कहना है कि वे पिछले पांच वर्षों से मात्र 4000 रुपये मासिक वेतन पर कार्य कर रहे थे और अब उन्हें बेरोजगार कर दिया गया है।

    प्रदर्शन के दौरान भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने भी सरकार पर नाराजगी जताई। संगठन के नेताओं ने कहा कि पेसा मोबिलाइजरों ने ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं को लागू करने में अहम योगदान दिया है, लेकिन उनके साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया है।

    कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर सेवा समाप्ति आदेश वापस लेकर बहाली नहीं की गई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद वे भोपाल कूच करेंगे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।

    प्रदर्शन में नरेंद्र पटेल, अपर्णा बैरागी और पुनीत तारे सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे। भीषण गर्मी के बावजूद कर्मचारियों का आक्रोश कम नहीं हुआ और वे लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

  • MP सरकार के नए ट्रांसफर नियम लागू, कर्मचारियों के लिए अहम अपडेट

    MP सरकार के नए ट्रांसफर नियम लागू, कर्मचारियों के लिए अहम अपडेट


    मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने वर्ष 2026 की नई तबादला नीति जारी कर दी है। मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल से जारी आदेश के अनुसार राज्य और जिला स्तर पर अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले 1 जून से 15 जून 2026 के बीच किए जाएंगे। इस अवधि के बाद सामान्य तबादलों पर प्रतिबंध रहेगा।

    नई नीति में साफ किया गया है कि अखिल भारतीय सेवा, न्यायिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य वन सेवा, पुलिस सेवा और मंत्रालय सेवा के अधिकारियों पर यह नीति लागू नहीं होगी। जिला संवर्ग कर्मचारियों और तृतीय-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादले कलेक्टर के माध्यम से प्रभारी मंत्री की मंजूरी के बाद किए जाएंगे।

    तबादले के लिए तय किए गए प्रमुख नियम
    एक स्थान पर 3 वर्ष से अधिक पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को प्राथमिकता से बदला जा सकेगा।
    सेवानिवृत्ति में एक वर्ष से कम समय बचने पर सामान्यतः तबादला नहीं होगा।
    40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग कर्मचारियों का सामान्य तबादला नहीं किया जाएगा।
    पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने के मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
    कैंसर, किडनी, हार्ट सर्जरी जैसी गंभीर बीमारी की स्थिति में मेडिकल आधार पर तबादला संभव होगा।
    प्रतिबंध अवधि में किन परिस्थितियों में होगा ट्रांसफर

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध अवधि में केवल विशेष परिस्थितियों में ही तबादले किए जाएंगे। इनमें गंभीर बीमारी, न्यायालय के आदेश, गंभीर अनुशासनात्मक शिकायत, लोकायुक्त या ईओडब्ल्यू जांच, पदोन्नति, सेवानिवृत्ति या रिक्त पद भरने जैसी स्थितियां शामिल हैं।
    ऑनलाइन जारी होंगे आदेश
    सभी तबादला आदेश ई-ऑफिस के माध्यम से ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। 15 जून 2026 के बाद जारी किए गए सामान्य तबादला आदेश स्वतः शून्य माने जाएंगे।

    अनुसूचित क्षेत्रों के लिए अलग प्रावधान
    सरकार ने निर्देश दिए हैं कि पहले अनुसूचित क्षेत्रों के रिक्त पद भरे जाएंगे। वहां 3 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद ही कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाएगा।

    गृह जिले में पोस्टिंग पर रोक
    कायपालिक अधिकारियों और कर्मचारियों को सामान्यतः उनके गृह जिले में पदस्थ नहीं किया जाएगा। हालांकि अविवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को राहत दी गई है।

    महिला अधिकारियों को प्राथमिकता
    कम लिंगानुपात वाले जिलों में महिला अधिकारियों की पदस्थापना को प्राथमिकता देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इनमें मुरैना, भिंड, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, छतरपुर, सागर, विदिशा और रायसेन शामिल हैं।

  • भीषण गर्मी में खुले मैदान में भड़की आग, इलाके में मची अफरा-तफरी

    भीषण गर्मी में खुले मैदान में भड़की आग, इलाके में मची अफरा-तफरी


    मध्य प्रदेश । शाजापुर के लालघाटी क्षेत्र स्थित जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) कार्यालय के पीछे शुक्रवार दोपहर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। भीषण गर्मी और तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैलने लगी, जिससे कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते दमकल विभाग ने आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

    जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे कार्यालय के पीछे खुले मैदान में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते लपटें तेज होने लगीं और धुआं पूरे इलाके में फैल गया। आग जिस जगह लगी थी, उसके पास ही कार्यालय के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेज रखे हुए थे। आग की लपटें दस्तावेजों तक पहुंचने लगीं, जिससे कर्मचारियों में दहशत फैल गई।

    स्थिति बिगड़ती देख कार्यालय कर्मचारी तुरंत बाहर निकल आए और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने तेजी से मोर्चा संभालते हुए आग को फैलने से रोका और काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।

    दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते कार्यालय में रखा महत्वपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित बच गया। यदि आग थोड़ी और फैल जाती, तो सरकारी दस्तावेजों को भारी नुकसान हो सकता था।

    घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन आग लगने के बाद क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए थे।

    प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या किसी चिंगारी से आग भड़कने की जताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

    भीषण गर्मी के मौसम में लगातार बढ़ती आगजनी की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज तापमान और सूखी घास-झाड़ियों के कारण छोटी चिंगारी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। ऐसे में खुले क्षेत्रों और सरकारी परिसरों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

  • विधायक अरुण भीमावद ने किया गौशाला का शिलान्यास, परिसर में बनेगा तालाब

    विधायक अरुण भीमावद ने किया गौशाला का शिलान्यास, परिसर में बनेगा तालाब


    मध्य प्रदेश । शाजापुर जिले के ग्राम कांजा “बल्डी” तालाब खेड़ा रोड पर शुक्रवार को आधुनिक गौशाला निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन किया गया। श्री गोपाल गौशाला न्यास द्वारा बनाई जा रही इस गौशाला का शिलान्यास विधायक अरुण भीमावद ने वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ किया। कार्यक्रम के दौरान गौमाताओं का पूजन भी किया गया और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, समाजसेवी तथा गौभक्त मौजूद रहे।

    विधायक अरुण भीमावद ने बताया कि गौशाला निर्माण के लिए करीब 1 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। यह गौशाला आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी, जहां लगभग 2000 गौवंश के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था की जाएगी। परिसर को सुरक्षित बनाने के लिए चारों ओर मजबूत बाउंड्री वॉल बनाई जाएगी, ताकि गौवंश सुरक्षित रह सके।

    गौशाला परिसर में पानी की समुचित व्यवस्था के लिए विशेष तालाब भी बनाया जाएगा। इस तालाब का उपयोग गौवंश के पीने के पानी और अन्य जरूरतों के लिए किया जाएगा। विधायक ने कहा कि यदि निर्माण कार्य के दौरान अतिरिक्त बजट की जरूरत पड़ी, तो राज्य सरकार से और राशि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गौशालाएं न केवल बेसहारा गौवंश को संरक्षण देंगी, बल्कि समाज में सेवा, संवेदना और संस्कारों को भी मजबूत करेंगी।

    स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि गौशाला बनने से क्षेत्र में आवारा गौवंश की समस्या कम होगी। साथ ही किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान पर भी नियंत्रण लगेगा।

    भूमि पूजन कार्यक्रम में गौशाला न्यास के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

  • माचलपुर नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में रोमांच, कई टीमों ने दिखाया दम

    माचलपुर नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में रोमांच, कई टीमों ने दिखाया दम


    मध्य प्रदेश । राजगढ़ जिले के माचलपुर में चल रहे द्वितीय एमपीएल नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में गुरुवार रात रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। चौकों-छक्कों की बारिश के बीच खेले गए तीन लीग मैचों में आरबीसी माचलपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने दोनों मुकाबले जीत लिए, जबकि जय मातादी इलेवन ने भी बड़ी जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी।

    रात के पहले मुकाबले में जय मातादी इलेवन और महाकाल इलेवन आमने-सामने थीं। पहले बल्लेबाजी करते हुए जय मातादी इलेवन ने 8 ओवर में 6 विकेट खोकर 120 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से ओपनर विनोदसिंह चौहान ने 41 रन की शानदार पारी खेली। टीम को अतिरिक्त रन और पेनल्टी के जरिए भी अहम बढ़त मिली।

    121 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी महाकाल इलेवन की टीम दबाव में नजर आई और 8 ओवर में 5 विकेट खोकर सिर्फ 69 रन ही बना सकी। इस तरह जय मातादी इलेवन ने मुकाबला 51 रन के बड़े अंतर से जीत लिया।

    दूसरे मुकाबले में महाकाल इलेवन का सामना आरबीसी माचलपुर से हुआ। पहले बल्लेबाजी करते हुए महाकाल इलेवन ने 8 ओवर में 7 विकेट पर 62 रन बनाए। जवाब में आरबीसी माचलपुर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 7 गेंद शेष रहते 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। मैच का अंत सुरेंद्र गुर्जर के विजयी छक्के के साथ हुआ और टीम ने 5 विकेट से जीत दर्ज की।

    तीसरे मुकाबले में जय मातादी इलेवन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 ओवर में 4 विकेट पर 79 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरबीसी माचलपुर की टीम ने आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 5 गेंद बाकी रहते 2 विकेट खोकर मैच जीत लिया।

    आरबीसी की जीत के हीरो ओपनर बल्लेबाज सोहेल पठान रहे, जिन्होंने सिर्फ 16 गेंदों पर नाबाद 34 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी तेज बल्लेबाजी की बदौलत टीम ने 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज की।

    टूर्नामेंट में देर रात तक दर्शकों का उत्साह देखने लायक रहा। आसपास के गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी मैच देखने पहुंचे।

  • सीहोर में 1.40 करोड़ की नल जल योजना 6 साल से अधूरी, लोग पानी को तरसे

    सीहोर में 1.40 करोड़ की नल जल योजना 6 साल से अधूरी, लोग पानी को तरसे



    मध्य प्रदेश । सीहोर जिले के मुंगावली गांव में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। करीब 3 हजार की आबादी वाला यह गांव आज भी पानी के लिए संघर्ष कर रहा है, जबकि यहां 1.40 करोड़ रुपए की नल-जल योजना छह साल पहले शुरू की गई थी। योजना अधूरी होने से ग्रामीणों को खेतों और दूसरे गांवों से पानी लाना पड़ रहा है।

    गांव में लगे अधिकांश सरकारी हैंडपंप जनवरी महीने में ही सूख चुके थे। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और खराब हो गए हैं। पानी के लिए ग्रामीणों को दूर-दराज के खेतों में लगे ट्यूबवेलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई परिवारों ने अपने खेतों से पाइपलाइन बिछाकर गांव तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की है।

    मुंगावली गांव में कुल 889 मकान हैं और लगभग 13 सरकारी हैंडपंप लगाए गए थे, लेकिन भूजल स्तर नीचे जाने के कारण अधिकांश हैंडपंप बंद हो चुके हैं। जिन परिवारों के पास खेत या निजी बोर नहीं हैं, वे दूसरों पर निर्भर होकर किसी तरह पानी जुटा रहे हैं।

    ग्रामीणों का आरोप है कि 1.40 करोड़ रुपए की पेयजल योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गई। योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था, लेकिन घटिया निर्माण और अधूरे काम के कारण अब तक गांव में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी।

    बताया जा रहा है कि पिछले छह वर्षों में दो ठेकेदार काम अधूरा छोड़कर भाग चुके हैं। गुणवत्ताहीन निर्माण और समय पर काम पूरा नहीं करने के कारण निर्माण कंपनियों अंबकेश्वर स्टील और राधिका अग्रवाल को ब्लैकलिस्ट भी किया गया था। इसके बाद लंबे समय तक योजना बंद पड़ी रही।

    फिलहाल टी एंड के कंस्ट्रक्शन देवास कंपनी को काम सौंपा गया है, लेकिन गांव वालों को अभी भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

    पीएचई विभाग के ईई प्रदीप कुमार सक्सेना का कहना है कि पहले के ठेकेदारों की लापरवाही के कारण योजना में देरी हुई। अब नया ठेकेदार काम कर रहा है और जल्द ही योजना पूरी कर गांव में जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

  • तहसील फैसले के बाद कब्जे को लेकर दो पक्षों में खूनी झड़प, इछावर में तनाव

    तहसील फैसले के बाद कब्जे को लेकर दो पक्षों में खूनी झड़प, इछावर में तनाव


    मध्य प्रदेश । सीहोर जिले के इछावर में शुक्रवार को जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सिर्फ 4 डिसमिल जमीन के कब्जे को लेकर दो पक्षों में चाकू और लाठी-डंडों से जमकर मारपीट हुई, जिसमें दोनों तरफ के कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    जानकारी के अनुसार, यह विवाद एक कॉलोनी के पास स्थित छोटे से भूखंड को लेकर लंबे समय से चल रहा था। मामला तहसील न्यायालय में विचाराधीन था और 30 अप्रैल को तहसीलदार ने रवि नामक व्यक्ति के पक्ष में फैसला सुनाया था।

    शुक्रवार को इसी फैसले के बाद जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआत में कहासुनी हुई, जो कुछ ही मिनटों में हिंसक झड़प में बदल गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों पक्ष लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर आए थे। अचानक हुए हमले में दोनों ओर से 3-3 लोग घायल हो गए। गंभीर चोटों और चाकू के घावों के कारण सभी घायलों को पहले इछावर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

    घटना की सूचना मिलते ही इछावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार विवाद पूरी तरह जमीन के कब्जे और कोर्ट के फैसले को लेकर उत्पन्न हुआ है।