Category: Madhya Pradesh

  • होली के अवसर पर कोटा–जबलपुर स्पेशल ट्रेन में बढ़ाई गई सुविधा, 17 डिब्बों के साथ चलेगी

    होली के अवसर पर कोटा–जबलपुर स्पेशल ट्रेन में बढ़ाई गई सुविधा, 17 डिब्बों के साथ चलेगी

    जबलपुर: होली के त्योहारी मौसम में यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए पश्चिम मध्य रेल ने कोटा–जबलपुर होली स्पेशल ट्रेन में 5 अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया है। इस कदम के बाद विशेष ट्रेन अब कुल 17 डिब्बों के साथ चलेगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था 1 से 4 मार्च के बीच लागू रहेगी, ताकि त्योहार के दौरान यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

    अतिरिक्त कोचों में 3 स्लीपर, 1 एसी-3 टियर और 1 एसी-3 टियर सह एसी-2 टियर कोच शामिल किए गए हैं। इस वृद्धि के बाद ट्रेन की कुल संरचना में 6 सामान्य श्रेणी, 5 स्लीपर, 2 वातानुकूलित श्रेणी और 2 बैठक श्रेणी के डिब्बे उपलब्ध रहेंगे। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों की लंबी वेटिंग सूची कम करना और सुरक्षित व आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करना है।

    गाड़ी संख्या 09806 कोटा से जबलपुर के लिए 1 और 3 मार्च को शाम 6:30 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 6:55 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 09805 2 और 4 मार्च को सुबह 9:10 बजे जबलपुर से रवाना होकर रात 10:15 बजे कोटा पहुंचेगी। रेलवे के अनुसार इस विशेष सेवा से मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच त्योहारी सीजन में आवागमन और भी आसान होगा।

    त्योहारी सीजन में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेल समय-समय पर विशेष सेवाएं शुरू करती रही है। इस बार भी यात्रियों की भारी मांग और अग्रिम आरक्षण की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि होली के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक, छात्र और परिवार अपने गृह नगर जाते हैं, जिससे नियमित ट्रेनों पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में विशेष ट्रेन और अतिरिक्त कोच यात्रियों के लिए राहत का कदम साबित होंगे।

    यात्रियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। कई यात्रियों का कहना है कि पिछले वर्षों में होली के समय टिकट मिलना मुश्किल हो जाता था। इस बार अतिरिक्त कोच जुड़ने से यात्रा अधिक सुविधाजनक और आरामदायक होगी। रेलवे प्रशासन ने भी यात्रियों से अपील की है कि वे समय पर स्टेशन पहुंचें और टिकट केवल आधिकारिक बुकिंग प्लेटफॉर्म से ही खरीदें।

    रेलवे का यह कदम न केवल त्योहार के मौसम में सुविधा सुनिश्चित करता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और आराम को भी प्राथमिकता देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि विशेष ट्रेन और अतिरिक्त कोचों की व्यवस्था से भीड़भाड़ कम होगी और यात्रा में व्यवधान नहीं आएगा। इस प्रकार, कोटा–जबलपुर होली स्पेशल ट्रेन त्योहारी सीजन में यात्रियों की बड़ी राहत साबित होगी।

  • भोपाल में फिर बम की धमकी से दहशत, 15 दिन में दूसरी बार People’s University खाली, बम निरोधक दस्ता अलर्ट

    भोपाल में फिर बम की धमकी से दहशत, 15 दिन में दूसरी बार People’s University खाली, बम निरोधक दस्ता अलर्ट

    मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया जब People’s University को बम से उड़ाने की धमकी मिली। 15 दिनों के भीतर यह दूसरी बार है जब यूनिवर्सिटी को निशाना बनाते हुए धमकी भरा ईमेल भेजा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया।

    निशातपुरा थाना क्षेत्र स्थित इस निजी विश्वविद्यालय को ईमेल के जरिए धमकी दी गई। जैसे ही प्रबंधन को इसकी जानकारी मिली, तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। एहतियातन बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची और पूरे कैंपस की सघन तलाशी शुरू की गई। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यूनिवर्सिटी परिसर को खाली करा लिया गया ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।

    बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां हर कोने की बारीकी से जांच कर रही हैं। भवनों, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और हॉस्टल क्षेत्रों की तलाशी ली जा रही है। साथ ही तकनीकी टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन का पता लगाने में जुटी है।

    इससे पहले 19 फरवरी को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिला था जिसमें कॉलेज भवन में सायनाइड जहर वाले बम रखने का दावा किया गया था और एक निश्चित समय पर विस्फोट की बात कही गई थी। उस समय व्यापक जांच के बाद धमकी को अफवाह पाया गया था। हालांकि घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

    अब 15 दिन के भीतर दोबारा मिली धमकी ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। विश्वविद्यालय प्रबंधन भी छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।

    लगातार मिल रही धमकियों से छात्रों और अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है और पूरी जांच प्रक्रिया सावधानीपूर्वक जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं यह शरारती तत्वों की हरकत तो नहीं या इसके पीछे कोई संगठित साजिश है।

    राजधानी में शैक्षणिक संस्थानों को मिल रही ऐसी धमकियां सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। फिलहाल सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही धमकी देने वाले की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • छिंदवाड़ा में मौत का मंजर, पति पत्नी की कुचलकर मौत के बाद हाईवे जाम, तीन घंटे ठप रहा यातायात

    छिंदवाड़ा में मौत का मंजर, पति पत्नी की कुचलकर मौत के बाद हाईवे जाम, तीन घंटे ठप रहा यातायात

    छिंदवाड़ा /मध्य प्रदेश के Chhindwara जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सौंसर नागपुर मार्ग पर स्थित सतनूर के पास नेशनल हाईवे 547 पर आरटीओ बैरियर के नजदीक एक तेज रफ्तार ट्रक ने पति पत्नी को कुचल दिया जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग सन्न रह गए और देखते ही देखते गुस्से की लहर फैल गई।

    हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में भारी आक्रोश फूट पड़ा। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में आरटीओ की सख्ती और अव्यवस्थित कार्रवाई के कारण आए दिन सड़क पर अव्यवस्था की स्थिति बनती है जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बैरियर के आसपास वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं और अचानक ब्रेक लगाने या दिशा बदलने से हादसों का खतरा बना रहता है।

    दंपति की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने नेशनल हाईवे 547 पर चक्काजाम कर दिया और सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि भीड़ ने आरटीओ के एक वाहन में तोड़फोड़ भी कर दी। हालात ऐसे बन गए कि दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।

    मौके पर शुरुआती दौर में केवल चार पुलिसकर्मी मौजूद थे जो बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने में असमर्थ नजर आए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हादसे के बाद संबंधित अधिकारी और कथित दलाल मौके से गायब हो गए जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क उठा। भीड़ लगातार जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती रही।

    लोगों का कहना है कि यदि बैरियर पर व्यवस्था दुरुस्त होती और यातायात को सुचारू रूप से संचालित किया जाता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आरटीओ की कार्यप्रणाली की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

    करीब तीन घंटे की मशक्कत और समझाइश के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया। आश्वासन दिया गया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद धीरे धीरे जाम खुला और यातायात सामान्य हो सका।

    यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए असहनीय त्रासदी बन गया बल्कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि हाईवे पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएं ताकि भविष्य में किसी और को अपनी जान न गंवानी पड़े।

  • मार्च में तपने लगा मध्य प्रदेश, खरगोन में पारा 35°C के पार, रंगपंचमी पर बारिश की संभावना

    मार्च में तपने लगा मध्य प्रदेश, खरगोन में पारा 35°C के पार, रंगपंचमी पर बारिश की संभावना


    भोपाल । मार्च ने आते ही तेवर दिखा दिए हैं। महीने के पहले ही दिन प्रदेश में तेज धूप ने तापमान को ऊंचाई पर पहुंचा दिया। निमाड़ क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे ज्यादा दिखा, जहां इंदौर संभाग के खरगोन में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल समेत इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी दिनभर तेज धूप के कारण गर्मी महसूस की गई।

    अगले चार दिन और बढ़ेगा पारा

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। मार्च की शुरुआत साफ मौसम और तीखी धूप के साथ हुई, जिससे दिन के तापमान में उछाल आया है। पचमढ़ी को छोड़ दें तो प्रदेश के लगभग सभी शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया गया।

    धार, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, श्योपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सतना और सिवनी जैसे शहरों में तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। वहीं शनिवार-रविवार की रात भी अपेक्षाकृत गर्म रही। जबलपुर में रात का तापमान 19.3 डिग्री और सतना में 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धार, नर्मदापुरम, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया और मलाजखंड में रात का पारा 17 डिग्री से ऊपर रहा।

    रंगपंचमी पर बदल सकता है मौसम

    भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक 4 मार्च को एक नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बनने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर दो दिन बाद मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। इसके प्रभाव से रंगपंचमी के आसपास या उससे पहले प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

    हालांकि इस सिस्टम के गुजरने के साथ ही दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रह सकता है। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि मार्च से मई के बीच प्रदेश में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। गर्मी का असर मार्च से ही दिखने लगेगा, जबकि हीट वेव की तीव्रता अप्रैल और मई में ज्यादा रहने की आशंका है।

    अप्रैल-मई में चरम पर होगी गर्मी

    मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल अप्रैल और मई सबसे ज्यादा तपेंगे। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का प्रभाव बना रहेगा। फिलहाल मार्च की शुरुआत ने ही संकेत दे दिए हैं कि इस बार गर्मी सामान्य से ज्यादा तीखी रहने वाली है, और आने वाले दिनों में तापमान का ग्राफ और ऊपर जा सकता है।
  • टी-20 विश्वकप में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत पर मध्य प्रदेश में जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी

    टी-20 विश्वकप में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत पर मध्य प्रदेश में जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी


    भोपाल।
    टी-20 विश्वकप के सुपर 8 मैच में वेस्ट इंडीज के खिलाफ भारत की शानदार जीत पर मध्य प्रदेश में क्रिकेट प्रेमियों ने जमकर जश्न मनाया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और गुना समेत कई दूसरे शहरों में क्रिकेट फैंस ने बड़ी स्क्रीन पर मैच देखा और भारतीय टीम की जीत का जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आए। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई।

    भारतीय क्रिकेट टीम ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर खेले गए टी-20 विश्व कप में सुपर-8 के आखिरी मुकाबले में वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन ने नाबाद 97 रन की मैच विनिंग पारी खेली। इस जीत के बाद मध्य प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और गुना समेत कई शहरों में भारत की जीत का जश्न मनाया। प्रमुख चौराहों पर देर रात तक सड़कों पर उत्सव का माहौल बना रहा।

    क्रिकेट प्रेमी डीजे की धुनों पर थिरकते नजर आए, कई जगह आतिशबाजी की गई। भोपाल के बड़वाले महादेव मंदिर में देशभक्ति गीतों के बीच जीत का उत्सव मनाया गया। क्रिकेट प्रेमी एक-दूसरे को बधाई देते दिखे, तिरंगा लहराया गया और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल गूंज उठा। अब सभी की नजरें सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं।

    भारत की जीत का जश्न इंदौर में भी देखने को मिल रहा है। इंदौर में बच्चे भी जश्न मना रहे हैं। हालांकि, इंदौर के राजवाड़ा पर माहौल नॉर्मल है। पिछली बार भारत की जीत के बाद भीड़ को कंट्रोल करना मुश्किल हो गया था। लाइट बंद करके हालात को कंट्रोल किया गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए आज पुलिस यहां किसी को रुकने नहीं दे रही है। युवा भी माहौल देखकर सीधे निकलते जा रहे हैं।

    भोपाल में युवा तिरंगा लेकर सड़कों पर जश्न मनाते नजर आए। भारत माता की जय के नारे लगाते हुए बड़ी स्क्रीन, पटाखे, ढोल-नगाड़े बजाकर डांस कर रहे हैं। देशभक्ति के गाने गाकर और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर जश्न मना रहे हैं। प्रमुख चौराहों पर देर रात तक उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। वहीं, उज्जैन के टावर चौक पर क्रिकेट फैंस देर रात तक भारत की जीत का जश्न मना रहे हैं। सड़क पर आतिशबाजी कर रहे हैं।

  • आपसी सौहार्द और प्रेम पूर्वक त्यौहार मनाएं सभी नागिरक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    आपसी सौहार्द और प्रेम पूर्वक त्यौहार मनाएं सभी नागिरक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि त्यौहार सामाजिक सद्भाव का प्रतीक हैं। प्रदेश के सभी नागरिक आपसी सौहार्द और प्रेम पूर्वक त्यौहार मनाएं, इसके लिए मैदानी पुलिस अधिकारी और अमले को अतिरिक्त सजगता, सतर्कता और मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभानी होगी, ताकि कहीं भी, किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार शाम को आगामी सभी त्यौहारों से पहले प्रदेश में शांति और सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कमिश्नर ऑफिस, भोपाल में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने निर्देश दिए कि त्यौहारों के चलते विशेष निगरानी और ऐहतियात बरती जाए। पुलिस सूचना-तंत्र को और भी अधिक सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से अपने कर्तव्यों का पालन करें, जिससे किसी भी नागरिक को असुविधा न हो।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विस्तृत समीक्षा की। इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, डीजीपी कैलाश मकवाना, एडीजी इंटेलीजेंस ए. साईं मनोहर सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। प्रदेश के सभी रेंज आईजी, डीआईजी, पुलिस कमिश्नर्स और पुलिस अधीक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़कर अपने-अपने क्षेत्रों की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्राधिकार में कानून-व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखें और इस संबंध में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नागरिक बिना किसी बाधा के अपने-अपने पर्व आनंदपूर्वक मनाएं। शासन-प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ उनकी सुरक्षा में तत्पर होकर तैनात है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के समय बेहद सतर्क रहें। हर घटना-दुर्घटना पर बारीक नजर बनाएं रखें। जनता में सुरक्षा का विश्वास कायम करें। समाज के अच्छे और प्रभावशाली लोगों को शांति समिति में लेकर आए। उन्होंने कहा कि सभी एसपी अपने पुलिस कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सिस्टम को और भी अधिक बेहतर बनाएं। हर हाल में सुव्यवस्था बनी रहे, यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी दिनों में वे प्रदेश के पुलिस थानों और कार्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे। पुलिस थानों के कार्य-व्यवहार और पब्लिक फीडबैक के आधार पर उनकी ग्रेडिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षकों को अतिरिक्त सजगता और सतर्कता बरतने की हिदायत देते हुए कहा कि कानून- व्यवस्था के संबंध में जो भी कार्रवाई हो, वह पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में परीक्षाएं चल रही हैं। इसलिए सभी परीक्षा केन्द्रों और हॉस्टल्स पर निगरानी रखें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस विभाग को प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सब पुलिस की समर्पित कार्यवाही और निष्ठा से ही संभव हो सका है। उन्होंने कहा की पुलिस अधिकारी सुनिश्चितकरें कि होलिका दहन गैर विवादित स्थलों पर ही हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि त्योहारों के चलते अधिक संख्या में यात्रियों के आवागमन के कारण बस ऑपरेटर्स द्वारा यात्रियों से अधिक किराया वसूल करने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसी स्थिति पर रोक लगाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि त्यौहारों के दौरान विशेष संवेदनशीलता का परिचय दिया जाना चाहिए। किसी भी जगह किसी भी प्रकार की घटना या दुर्घटना पर पुलिस का क्विक रिस्पांस होना चाहिए। छोटी से छोटी घटना को संज्ञान में लें। शुष्क दिवस के प्रावधान का पूरी कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये। सभी पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में व्यवस्थाओं में और अधिक कसावट लायें। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में सभी मैदानी पुलिस अधिकारियों ने त्यौहारों के मद्देनजर की गई तैयारियों की जानकारी दी। सभी ने कहा कि शांति समिति की बैठकें कर सभी से लगातार बातचीत की जा रही है।

  • मध्य प्रदेश में होली पर तीन मार्च के साथ चार मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश

    मध्य प्रदेश में होली पर तीन मार्च के साथ चार मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में इस वर्ष होली के त्यौहार पर दो दिन अवकाश रहेगा। खग्रास चंद्रग्रहण के कारण रंगों का उत्सव 3 मार्च की बजाय 4 मार्च को मनाया जाएगा। राज्य सरकार ने 3 मार्च के साथ 4 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा रविवार को जारी आदेश में कहा गया है कि होली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में 4 मार्च को भी निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट्स एक्ट-1881 के अधीन सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। राज्य शासन द्वारा होली के पावन पर्व पर पूर्व में 3 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जा चुका है।

    इधर प्रदेश में होली की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रदेश के हजारों स्थानों पर सोमवार को होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस बार होली का मुख्य दिन कुछ अलग रहेगा, क्योंकि तीन मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान सूतक काल लागू रहता है और इस अवधि में उत्सव नहीं मनाया जाता है, इसलिए इस साल होली का रंगोत्सव दहन के दूसरे दिन के बजाए चार मार्च बुधवार को तीसरे दिन मनाया जाएगा।

    इस बार होली उत्सव की शुरुआत दो मार्च की रात से होगी, जब पूरे राज्य में होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद रंग उत्सव चार मार्च को मनाया जाएगा। प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी जिलों में होली समारोह को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

    होली का पर्व धार्मिक रीति-रिवाज और खगोलीय स्थितियों को ध्यान में रखते हुए मनाया जाता है। जनता को रंगों और खुशियों के साथ-साथ सावधानी और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है। यह बदलाव इस पर्व को सुरक्षित और आनंददायक बनाने के लिए किया गया है।

  • मध्य प्रदेश पुलिस को डिजिटल गवर्नेंस में मिला राष्ट्रीय सम्मान

    मध्य प्रदेश पुलिस को डिजिटल गवर्नेंस में मिला राष्ट्रीय सम्मान


    भोपाल।
    डिजिटल गवर्नेंस, तकनीक आधारित पुलिसिंग एवं नागरिक सेवा वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए मध्य प्रदेश पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ‘आईटी इंप्लीमेंटेशन फार गवर्नेंस एंड पब्लिक सर्विस डिलेवरी’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

    यह सम्मान रविवार को आयोजित प्रौद्योगिकी सभा पुरस्कार समारोह में सूचना प्रौद्योगिकी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार आधारित प्रशासनिक सुधार तथा नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देने हेतु प्रदान किया गया। मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) जयदीप प्रसाद ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। समारोह में यह सम्मान एक्सप्रेस कंप्यूटर के एडिटर आरपी श्रीकांत द्वारा प्रदान किया गया।

    डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के माध्यम से सेवा वितरण में सुधार

    पुलिस मुख्यालय द्वारा जानकारी दी गई कि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी को पुलिस कार्यप्रणाली के विभिन्न आयामों में समाहित करते हुए नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ, जवाबदेह एवं समयबद्ध बनाया गया है। राज्य में विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को पुलिस सेवाओं तक आसान एवं त्वरित पहुंच सुनिश्चित की गई है। ऑनलाइन नागरिक पोर्टल, डिजिटल शिकायत पंजीकरण प्रणाली, विभिन्न सत्यापन सेवाएं तथा अन्य नागरिक उन्मुख सुविधाओं के माध्यम से सेवा वितरण प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाया गया है, जिससे आमजन को त्वरित एवं विश्वसनीय सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।

    तकनीक आधारित प्रशासनिक दक्षता एवं पारदर्शिता

    बताया गया कि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, डेटा इंटीग्रेशन एवं तकनीक आधारित मॉनिटरिंग तंत्र के माध्यम से पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। डेटा आधारित विश्लेषण प्रणाली ने अपराध विश्लेषण, सूचना प्रबंधन तथा निर्णय प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक एवं परिणामोन्मुख बनाया है। इन पहलों से सेवा प्रदाय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है, जवाबदेही सुनिश्चित हुई है तथा नागरिकों एवं पुलिस के बीच विश्वास और सहभागिता को मजबूती मिली है।

    सुशासन एवं नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में पहल

    मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अपनाया गया डिजिटल गवर्नेंस मॉडल प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, सेवा वितरण की गति में वृद्धि तथा नागरिक सुविधा को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। तकनीक आधारित समाधान न केवल पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार कर रहे हैं, बल्कि शासन प्रणाली को अधिक उत्तरदायी एवं पारदर्शी बनाने में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ संसाधनों के बेहतर प्रबंधन एवं कार्यप्रणाली के मानकीकरण को भी बढ़ावा मिला है।

    राष्ट्रीय स्तर पर नवाचारों की मान्यता

    Technology Sabha Awards देशभर में शासन एवं सार्वजनिक सेवा वितरण में सूचना प्रौद्योगिकी के उत्कृष्ट उपयोग को सम्मानित करने वाला प्रतिष्ठित मंच है। इस मंच पर मध्यप्रदेश पुलिस को प्राप्त यह सम्मान राज्य में लागू डिजिटल पहलों की प्रभावशीलता, नवाचार क्षमता एवं सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाण है।

    स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में निरंतर प्रयास

    मध्य प्रदेश पुलिस तकनीकी नवाचारों के माध्यम से “स्मार्ट पुलिसिंग”, ई-गवर्नेंस तथा नागरिक-केंद्रित सेवा मॉडल को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। डिजिटल नवाचारों के माध्यम से पुलिस सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी एवं जनोन्मुख बनाते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप पुलिसिंग प्रणाली विकसित की जा रही है। यह सम्मान सम्पूर्ण मध्य प्रदेश पुलिस परिवार के सामूहिक प्रयास, नवाचार भावना एवं जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। मध्य प्रदेश पुलिस भविष्य में भी तकनीकी उत्कृष्टता एवं नागरिक हित सर्वोपरि के सिद्धांतों के साथ सेवा प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध रहेगी।

  • वन विभाग का हड़कंप: खैर लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा, तस्कर पथराव करके भाग निकले

    वन विभाग का हड़कंप: खैर लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा, तस्कर पथराव करके भाग निकले



    नई दिल्ली। ग्वालियर के पहाड़गढ़ क्षेत्र में खैर (खेर) की अवैध लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए वन विभाग ने रात्रि गश्त के दौरान बड़ी कार्रवाई की। 28 फरवरी की मध्यरात्रि, सुमावली क्षेत्र के विरुगा गांव के पास वन विभाग की टीम ने खैर की लकड़ी से भरे एक ट्रक (क्रमांक HR 55/AL/3852) को पकड़ने का प्रयास किया।

    जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक और तस्कर वन विभाग की टीम को देखकर ट्रक की रफ्तार बढ़ाकर भागने लगे। वन विभाग की टीम ने उनका पीछा किया और ट्रक को रोकने के लिए लकड़ी से उस पर पथराव करना पड़ा। इस घबराहट में तस्कर ट्रक को बीच रास्ते में छोड़कर अंधेरे में भाग निकले।

    वन विभाग ने ट्रक को जौरा वन क्षेत्र कार्यालय में जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया है। यह क्षेत्र लंबे समय से खैर की लकड़ी की तस्करी के लिए जाना जाता है और वन विभाग ने इससे पहले भी कई बार तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है।

    जौरा रेंजर आर. प्रजापति ने बताया कि पहाड़गढ़ के जंगलों में खैर की लकड़ी की भारी तस्करी हो रही है और अपराधी अक्सर वन विभाग की नाक के नीचे भी अवैध कार्य करते हैं। उन्होंने कहा, “हमारी टीम ने ट्रक को रोकने के लिए रात्रि में कार्रवाई की, ट्रक तस्करों को छोड़कर भागना पड़ा। ट्रक जब्त कर लिया गया है और कार्रवाई जारी है।”

    वन विभाग की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि जंगलों में अवैध लकड़ी तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आने वाले समय में भी टीम सतर्क रहेगी।

  • सूदखोरी का 'खूनी' जाल: नर्मदापुरम में व्यापारी के सुसाइड के 30 दिन बाद पिता-पुत्र समेत 3 पर FIR

    सूदखोरी का 'खूनी' जाल: नर्मदापुरम में व्यापारी के सुसाइड के 30 दिन बाद पिता-पुत्र समेत 3 पर FIR


    नर्मदापुरम (सोहागपुर)। कर्ज की किश्तें तो खत्म हो गईं, लेकिन सूदखोरों की भूख शांत नहीं हुई; अंततः एक हंसता-खेलता कारोबारी सिस्टम प्रताड़ना की बलि चढ़ गया। सोहागपुर के रेडीमेड कपड़ा व्यापारी कैलाश आसवानी आत्महत्या मामले में पुलिस ने एक महीने की लंबी जांच के बाद बड़ी कार्रवाई की है। सुसाइड नोट और पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने तीन रसूखदार व्यापारियों के खिलाफ ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ (Abetment to Suicide) का संगीन मामला दर्ज किया है।
     
    अपमान की वो आग जिसने जान ले ली
    कैलाश आसवानी अपने रेडीमेड कपड़ों के व्यवसाय को विस्तार देने के लिए कुछ स्थानीय व्यापारियों के संपर्क में आए थे। पुलिस जांच के अनुसार: सोहागपुर के व्यापारी छबलदास तोलानी, उनका पुत्र हितेश तोलानी और इटारसी का व्यापारी वीरेंद्र जैन।

    प्रताड़ना की इंतहा:

    कैलाश लगातार ब्याज और मूल राशि चुका रहे थे, लेकिन आरोपी उनसे ‘मनमाना और अवैध’ ब्याज मांग रहे थे। पैसा न दे पाने की स्थिति में उन्हें सार्वजनिक जगहों पर बेइज्जत किया जाता था। इसी सामाजिक अपमान और मानसिक दबाव ने कैलाश को भीतर से तोड़ दिया।

    लॉज के कमरा नंबर 107 में खौफनाक अंत
    बीते 28 जनवरी को कैलाश बिना किसी को बताए घर से निकले और माखननगर स्थित ‘राधे-राधे लॉज’ पहुँच गए। अगले दिन जब उन्होंने दरवाजा नहीं खोला, तो होटल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस पहुँची। कमरे के अंदर का दृश्य विचलित करने वाला था; बिस्तर पर कैलाश का निर्जीव शरीर पड़ा था और पास ही सल्फास की खाली डिब्बी मिली। उनके पास से बरामद एक भावुक सुसाइड नोट ने उन चेहरों को बेनकाब कर दिया, जो उनकी मौत की पटकथा लिख रहे थे।

    पुलिस की कार्रवाई: 30 दिन बाद कसा शिकंजा
    थाना प्रभारी उषा मरावी के नेतृत्व में पुलिस ने एक महीने तक सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग और गवाहों के बयानों का बारीकी से मिलान किया।शनिवार रात पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

    आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि इन सूदखोरों ने और कितने व्यापारियों को अपनी गिरफ्त में ले रखा है।यह घटना एक कड़वा सबक है कि अवैध ब्याजखोरी का धंधा केवल पैसा नहीं, बल्कि इंसान का मानसिक सुकून और अंततः उसकी सांसें भी छीन लेता है। 30 दिन बाद हुई यह कानूनी कार्रवाई पीड़ित परिवार के लिए इंसाफ की पहली किरण है।