Category: Madhya Pradesh

  • बाबा महाकाल की भस्म आरती: आभूषणों से हुआ भव्य श्रृंगार, भक्त हुए भावविभोर

    बाबा महाकाल की भस्म आरती: आभूषणों से हुआ भव्य श्रृंगार, भक्त हुए भावविभोर


    मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान एक बार फिर आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। जैसे ही मंदिर के कपाट खोले गए, पूरे परिसर में मंत्रोच्चार और घंटियों की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा। सबसे पहले सभा मंडप में वीरभद्रजी के कान में स्वस्तिवाचन किया गया और भगवान से अनुमति लेकर चांदी के पट खोले गए।

    इसके बाद गर्भगृह में प्रवेश कर पुजारियों ने भगवान महाकाल का पारंपरिक श्रृंगार उतारा और पंचामृत पूजन की विधि शुरू की। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से भगवान का अभिषेक किया गया, जिसके बाद कर्पूर आरती संपन्न हुई। नंदी हॉल में नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और विधिवत पूजन कर वातावरण को और अधिक पवित्र बनाया गया।

    भस्म आरती के इस विशेष अवसर पर भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार रजत चंद्र, त्रिशूल और मुकुट से किया गया। साथ ही उन्हें रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष माला और सुगंधित पुष्पों से सजाया गया। भांग, चंदन, सूखे मेवे और भस्म अर्पित कर विशेष पूजा संपन्न की गई। इसके बाद भगवान को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस में डूब गया।

    इस अवसर पर महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से परंपरा अनुसार भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं, जिसे श्रद्धालु अत्यंत शुभ और दुर्लभ मानते हैं।

    भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। भक्तों के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। यह दृश्य हर दिन की तरह इस दिन भी श्रद्धा, आस्था और परंपरा की जीवंत मिसाल बन गया।

  • पेट्रोल-डीजल को लेकर हड़कंप: एमपी में बढ़ी खपत, वितरण पर कड़ा नियंत्रण

    पेट्रोल-डीजल को लेकर हड़कंप: एमपी में बढ़ी खपत, वितरण पर कड़ा नियंत्रण


    मध्य प्रदेश । भोपाल समेत पूरे मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत के बीच अब तेल कंपनियों ने अपने सिस्टम को और सख्त कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब यदि किसी पेट्रोल पंप से एक बार में ₹5000 से अधिक का पेट्रोल या ₹10,000 से ज्यादा का डीजल दिया जाता है, तो उसकी पूरी जानकारी दर्ज करनी होगी कि ईंधन किसे और किस उद्देश्य से दिया गया है। इस कदम के बाद प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर निगरानी और तेज हो गई है।

    तेल कंपनियों का कहना है कि प्रदेश में किसी भी तरह की ईंधन की कमी नहीं है, बल्कि कुछ जगहों पर अचानक मांग बढ़ने के कारण पंप अस्थायी रूप से खाली हो रहे हैं। कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह स्थिति “शॉर्टेज” नहीं मानी जाएगी।

    इस पूरे सिस्टम में अब इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम जैसी कंपनियां बड़े ट्रांजैक्शन पर खास नजर रख रही हैं। मप्र पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के अनुसार इंडियन ऑयल ₹10,000 और बीपीसीएल ₹19,000 से अधिक के डीजल वितरण पर विशेष मॉनिटरिंग कर रही हैं। उनका कहना है कि कई भारी वाहनों और टैंकरों की क्षमता ज्यादा होती है, ऐसे में बड़ी मात्रा में ईंधन भरना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन अब हर ट्रांजैक्शन पर पूछताछ हो रही है।

    कंपनियों ने साफ निर्देश दिए हैं कि रिटेल पंपों से औद्योगिक उपयोग के लिए बल्क सप्लाई नहीं दी जाए। इसके साथ ही हर पंप से होने वाली बिक्री पर अब ऑनलाइन निगरानी रखी जा रही है, जिससे हर लेन-देन का रिकॉर्ड सीधे कंपनियों तक पहुंच रहा है।

    वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंप संचालक इस व्यवस्था से नाराज हैं। उनका कहना है कि नियमों का बोझ केवल उन्हीं पर डाला जा रहा है, जबकि कंपनियां एक तरफ सप्लाई पर्याप्त होने का दावा करती हैं और दूसरी तरफ लिमिटेशन लागू कर रही हैं। संचालकों का आरोप है कि कई बार बड़े वाहन एक ही बार में ज्यादा ईंधन भरवाते हैं, जिससे ग्राहकों से विवाद की स्थिति बन जाती है।

    पंप संचालकों ने यह भी बताया कि अब क्रेडिट सिस्टम पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पहले तेल कंपनियां सप्लाई के लिए क्रेडिट देती थीं, लेकिन अब पहले भुगतान और इंडेंट दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि शाम 5 बजे तक भुगतान नहीं होता, तो अगले दिन टैंकर नहीं भेजा जाता। इससे कई जगह सप्लाई प्रभावित हो रही है।

    कई पंप संचालकों का यह भी कहना है कि समय पर टैंकर न मिलने की वजह से कुछ पंप अस्थायी रूप से ड्राय हो रहे हैं। हालांकि कंपनियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है।

    फिलहाल स्थिति यह है कि एक ओर कंपनियां निगरानी और नियंत्रण को जरूरी बता रही हैं, वहीं दूसरी ओर पंप संचालक इसे अतिरिक्त दबाव मान रहे हैं। बढ़ती मांग और सख्त नियमों के बीच सिस्टम की यह खींचतान अब प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है।

  • भोपाल से जबलपुर तक गरमाया केस: समर्थ सिंह की जमानत पर टिकी निगाहें

    भोपाल से जबलपुर तक गरमाया केस: समर्थ सिंह की जमानत पर टिकी निगाहें


    मध्य प्रदेश । भोपाल और जबलपुर से जुड़ा मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब एक बड़े कानूनी और प्रशासनिक मोड़ पर पहुंच गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस संवेदनशील मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने पर अपनी सहमति दे दी है। सरकार का यह कदम मामले में निष्पक्ष और गहराई से जांच सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

    इस पूरे घटनाक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले ही पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया था कि राज्य सरकार हर संभव सहायता करेगी और जरूरत पड़ने पर मामले को केंद्रीय एजेंसी को सौंपा जाएगा। इसी आश्वासन के बाद अब औपचारिक रूप से CBI जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

    मामले की मुख्य पात्र ट्विशा शर्मा की मौत ने पूरे प्रदेश में सवाल खड़े कर दिए थे। उनके परिजनों ने शुरू से ही जांच की निष्पक्षता पर संदेह जताया और लगातार CBI जांच की मांग कर रहे थे। अब सरकार की मंजूरी के बाद यह मांग काफी हद तक पूरी होती दिख रही है।

    उधर, इस केस में एक और बड़ा घटनाक्रम जबलपुर हाईकोर्ट में देखने को मिला, जहां ट्विशा के पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही थी। हालांकि महाधिवक्ता द्वारा केस डायरी पेश करने के लिए अतिरिक्त समय मांगे जाने के कारण सुनवाई को 2:30 बजे के बाद तक के लिए स्थगित कर दिया गया। मामले की सुनवाई वैकेशन बेंच में चल रही है, जिससे इसकी संवेदनशीलता और बढ़ गई है।

    ट्विशा के पिता ने एक बार फिर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जांच को प्रभावित करने की कोशिशें की जा रही हैं। उनका दावा है कि केस से जुड़े कुछ लोग प्रभावशाली पदों पर रहे हैं और वे जांच को दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और कई स्तरों पर निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है।

    दूसरी ओर समर्थ सिंह के वकील ने अदालत में कहा कि दंपती के बीच संबंध सामान्य थे और घरेलू जीवन में किसी बड़े विवाद के संकेत नहीं मिलते। उन्होंने यह भी दलील दी कि शादी के बाद शुरुआती समय में छोटे-छोटे मतभेद सामान्य हैं और इसे आपराधिक एंगल से नहीं देखा जाना चाहिए।

    इस पूरे मामले में अब नजर इस बात पर टिकी है कि CBI जांच औपचारिक रूप से कब शुरू होती है और हाईकोर्ट में जमानत पर क्या निर्णय आता है। राजनीतिक, कानूनी और सामाजिक स्तर पर यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसमें और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

  • डिनर के बाद उल्टी-दस्त से मचा हड़कंप, फूड पॉइजनिंग की आशंका

    डिनर के बाद उल्टी-दस्त से मचा हड़कंप, फूड पॉइजनिंग की आशंका


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में चल रहे एनसीसी ट्रेनिंग कैंप के दौरान बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया, जब एक साथ 50 से अधिक कैडेट्स अचानक बीमार पड़ गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि इनमें से कई छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जबकि 7 कैडेट्स को ICU में रखा गया है।

    यह घटना डुमना रोड स्थित ट्रिपल आईटीडीएम (IIITDM) परिसर में चल रहे 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के दौरान हुई, जहां प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 450 कैडेट्स भाग ले रहे हैं। लगातार 43 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी और तेज लू के बीच चल रही ट्रेनिंग को लेकर पहले से ही चुनौतीपूर्ण हालात बने हुए थे।

    बताया जा रहा है कि गुरुवार रात करीब 8 बजे कैडेट्स ने डिनर किया, जिसमें पनीर की सब्जी भी शामिल थी। इसके कुछ समय बाद ही कई बच्चों को चक्कर, उल्टी-दस्त और कमजोरी की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते दर्जनों कैडेट्स की हालत बिगड़ गई, जिससे कैंप में अफरा-तफरी मच गई।

    घटना के बाद सभी बीमार कैडेट्स को तुरंत जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। कुछ छात्रों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिनका ICU में इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है।

    हालांकि शुरुआती जांच में प्रशासन ने भीषण गर्मी और लू को मुख्य कारण बताया है, लेकिन फूड पॉइजनिंग की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। कुछ कैडेट्स ने खाने के बाद तबीयत बिगड़ने की बात कही है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

    संभागायुक्त ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। वहीं CMHO ने कहा है कि सभी कैडेट्स को तत्काल मेडिकल सुविधा दी जा रही है और ज्यादातर की हालत अब स्थिर है।

    घटना के बाद कई कैडेट्स सहमे और डरे हुए नजर आए, जबकि उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस और प्रशासन की टीम पूरे मामले की जांच में जुट गई है ताकि असली कारणों का पता लगाया जा सके।

  • मध्यप्रदेश में गर्मी का कहर, 44 डिग्री के पार पहुंच सकता है पारा

    मध्यप्रदेश में गर्मी का कहर, 44 डिग्री के पार पहुंच सकता है पारा


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। 22 मई 2026 को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिलेगा। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में तापमान 41 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने के आसार बेहद कम हैं और प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर और मध्य भारत में चल रही गर्म और शुष्क हवाओं का असर मध्यप्रदेश पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड, रीवा, सागर और उज्जैन संभाग में गर्म हवाओं का असर अधिक रहेगा। दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही कम देखने को मिल सकती है।

    राजधानी भोपाल में दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि ग्वालियर, खजुराहो, नौगांव और दतिया जैसे इलाकों में पारा 44 डिग्री तक पहुंच सकता है। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होने से लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विभाग ने ‘वार्म नाइट’ की स्थिति को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है।

    भीषण गर्मी का असर जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। सड़क किनारे ठंडे पेय पदार्थ, गन्ने का रस, छाछ और लस्सी की दुकानों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। वहीं अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और लू से संबंधित मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।

    मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है। बाहर निकलते समय सिर को ढंकने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और लगातार पानी पीते रहने की अपील की गई है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता फिलहाल कमजोर है, जिसके कारण प्रदेश में बारिश की संभावना बेहद कम बनी हुई है। आने वाले तीन-चार दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में 45 डिग्री के करीब तापमान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।

    गर्मी के इस तीखे दौर ने बिजली की मांग भी बढ़ा दी है। एसी, कूलर और पंखों के लगातार इस्तेमाल से कई शहरों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां अपनाने की अपील की है।

  • पन्ना में दर्दनाक मामला: छत पर फंदा लगाने की कोशिश, समय रहते बची जान

    पन्ना में दर्दनाक मामला: छत पर फंदा लगाने की कोशिश, समय रहते बची जान


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के पन्ना जिला अस्पताल परिसर में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक युवक ने बच्चा वार्ड की छत पर चढ़कर फांसी लगाने की कोशिश की। यह घटना देखते ही देखते पूरे अस्पताल में तनाव और हड़कंप का कारण बन गई।

    जानकारी के अनुसार, युवक ने छत पर पहुंचकर तौलिया से फंदा बनाया और उसे गले में डालकर लटक गया। नीचे मौजूद लोगों ने जैसे ही उसे हवा में झूलते देखा, तुरंत शोर मचाया और मदद के लिए दौड़ पड़े। आवाज सुनकर अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड और स्थानीय लोग तुरंत छत की ओर पहुंचे।

    समय रहते गार्डों और नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए फंदा काट दिया और युवक को नीचे सुरक्षित उतार लिया। इस त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई और युवक की जान बच गई।

    अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आलोक गुप्ता ने बताया कि युवक को तत्काल ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है।

    होश में आने के बाद युवक की पहचान छोटी महोड़ निवासी देवीदीन दुबे के रूप में हुई। पूछताछ में उसने बताया कि वह लंबे समय से बेरोजगार है और नौकरी न मिलने के कारण गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन में चला गया था। इसी हताशा में उसने यह आत्मघाती कदम उठाने का निर्णय लिया।

    अस्पताल प्रशासन ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही युवक को मानसिक स्वास्थ्य सहायता देने के लिए काउंसलिंग भी शुरू कर दी गई है।

  • नरसिंहपुर में भीषण सड़क हादसा: दो बाइकों की टक्कर में 4 घायल

    नरसिंहपुर में भीषण सड़क हादसा: दो बाइकों की टक्कर में 4 घायल


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। यह हादसा गोटेगांव-नरसिंहपुर मार्ग पर कमती-इमलिया के पास रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच हुआ, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    जानकारी के अनुसार, तेंदूखेड़ा खमरिया निवासी अजीत ठाकुर (30) अपनी दो बहनों सृष्टि ठाकुर (19) और श्रद्धा ठाकुर (15) के साथ बाइक से भामा गांव की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक कमती-इमलिया के पास पहुंची, सामने से आ रही दूसरी बाइक से जोरदार टक्कर हो गई।

    दुर्घटना में दोनों बाइक पर सवार कुल चार लोग घायल हो गए। दूसरी बाइक पर बेलखेड़ी निवासी अमृतराज (15) सवार था, जो इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। सभी घायलों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से गोटेगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया।

    डॉक्टरों ने अमृतराज की हालत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया। वहीं अन्य तीन घायलों का इलाज गोटेगांव अस्पताल में जारी है। बताया गया कि एक घायल को सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि एक नाबालिग युवती को नाक में गंभीर चोट और रक्तस्राव हुआ है।

    घायल श्रद्धा ठाकुर ने बताया कि वे सामान्य रूप से अपनी दिशा में जा रहे थे, तभी सामने से तेज रफ्तार में आ रही बाइक ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद दोनों ओर के लोग सड़क पर गिर पड़े और चीख-पुकार मच गई।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है।

  • पानी की तलाश में रिहायशी इलाके तक पहुंचा तेंदुआ, मचा हड़कंप

    पानी की तलाश में रिहायशी इलाके तक पहुंचा तेंदुआ, मचा हड़कंप


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेंदुआ खेत में बने निजी कुएं में गिरा हुआ पाया गया। बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी और पानी की तलाश में भटकते हुए यह तेंदुआ जंगल से निकलकर रिहायशी इलाके तक पहुंच गया था।

    यह घटना उस समय सामने आई जब सहजपुरा रोड स्थित खेत के मालिक सरफराज खान सुबह खेत पर पहुंचे। उन्हें कुएं के अंदर से किसी जंगली जानवर की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखने पर उन्होंने पाया कि एक तेंदुआ कुएं के भीतर फंसा हुआ है और बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है।

    कुएं में पानी का स्तर कम होने के कारण तेंदुआ एक सूखे हिस्से पर खड़ा था और लगातार ऊपर चढ़ने का प्रयास कर रहा था। वह कुएं में डाले गए लोहे के पाइपों के सहारे भी बाहर निकलने की कोशिश करता दिखा, लेकिन सफल नहीं हो सका।

    घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सुरक्षा को देखते हुए कुएं के आसपास घेराबंदी कर दी गई और लोगों को दूर रखा गया।

    वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को सूचना दे दी गई है, लेकिन विशेषज्ञ टीम के देर से पहुंचने के कारण बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका। स्थानीय अमला लगातार तेंदुए की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

    वन अधिकारियों का अनुमान है कि भीषण गर्मी के चलते जंगलों में पानी की कमी हो गई है, जिसके कारण वन्यजीव अक्सर रिहायशी इलाकों की ओर भटक रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि यह तेंदुआ भी रात या तड़के पानी की तलाश में खेतों की ओर आया और अनजाने में कुएं में गिर गया।

    फिलहाल वन विभाग की टीम पिंजरे और अन्य जरूरी उपकरणों के साथ मौके पर मौजूद है और रेस्क्यू टीम के आने का इंतजार कर रही है, ताकि तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालकर उसे वापस जंगल में छोड़ा जा सके।

  • देवास हादसे के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज, फैक्ट्री मालिक हिरासत में

    देवास हादसे के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज, फैक्ट्री मालिक हिरासत में


    मध्यप्रदेश । देवास जिले के टोंककलां इलाके में हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। इस केस के मुख्य आरोपी और फैक्ट्री के कथित असली मालिक मुकेश विज को पुलिस ने चीन से भारत लौटते ही दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि वह ग्वांग्झू (चीन) से गुरुवार को ही भारत पहुंचा था, जहां पहले से तैनात पुलिस टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुकेश विज लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था। इसी के आधार पर उसकी पहचान और गिरफ्तारी संभव हो सकी। जांच एजेंसियों को पहले से ही सूचना थी कि वह विदेश में छिपा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स में भी सबसे पहले यह जानकारी सामने आई थी कि वह चीन में मौजूद है।

    यह पूरा मामला 14 मई को हुए उस भीषण धमाके से जुड़ा है, जिसमें टोंककलां स्थित पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ था। इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। शुरुआती जांच में इसे एक सामान्य हादसा माना गया था, लेकिन बाद में परत-दर-परत कई बड़े खुलासे सामने आने लगे।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री का लाइसेंस अनिल मालवीय के नाम पर था, लेकिन असली निवेश और संचालन दिल्ली निवासी मुकेश विज द्वारा किया जा रहा था। बताया गया कि फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री का उपयोग हो रहा था और मजदूरों को अलग-अलग राज्यों से बुलाया गया था।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मुकेश विज का चीन और अन्य स्थानों से मशीनों और पटाखा निर्माण तकनीक से जुड़ा कारोबार था। हादसे के बाद वह भारत से फरार हो गया था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था।

    देवास पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए अब तक 6 दिन के भीतर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें फैक्ट्री संचालक, ठेकेदार और अन्य जुड़े हुए लोग शामिल हैं। उत्तराखंड निवासी एक अन्य आरोपी को भी दिल्ली से पकड़ा गया है।

    इस केस की गंभीरता को देखते हुए एसपी द्वारा 13 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है, जो पूरे नेटवर्क, निवेश और सुरक्षा चूक की जांच कर रही है। साथ ही फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

    फिलहाल मुकेश विज से पूछताछ की तैयारी की जा रही है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि फैक्ट्री में किस तरह से विस्फोटक सामग्री लाई जा रही थी और इतने बड़े पैमाने पर उत्पादन कैसे चल रहा था।

  • देवास हादसा: ट्रांसफार्मर ब्लास्ट और राम मंदिर कार्यक्रम के बीच बना संयोग चर्चा में

    देवास हादसा: ट्रांसफार्मर ब्लास्ट और राम मंदिर कार्यक्रम के बीच बना संयोग चर्चा में

     
    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंककलां इलाके में हुए दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। लेकिन इस हादसे के बीच एक ऐसा संयोग सामने आया है, जिसने ग्रामीणों को हैरान और भावुक दोनों कर दिया है। गांव की लगभग 150 महिलाएं रोजाना इस फैक्ट्री में काम करने जाती थीं, लेकिन जिस दिन यह भीषण हादसा हुआ, उसी दिन अधिकांश महिलाओं ने पहले से ही छुट्टी ले रखी थी।

    ग्रामीणों के अनुसार, उस दिन गांव के राम मंदिर में भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित था। इसी धार्मिक आयोजन के चलते बड़ी संख्या में महिलाओं ने काम पर न जाने का निर्णय लिया था। ठीक उसी दिन सुबह करीब 11:30 बजे फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए।

    घटना के बाद गांव में मातम और सदमे का माहौल है, लेकिन साथ ही कई महिलाएं इसे ईश्वर की कृपा और भगवान राम का आशीर्वाद मान रही हैं। उनका कहना है कि अगर वे उस दिन फैक्ट्री गई होतीं, तो शायद वे भी इस हादसे का शिकार हो सकती थीं।

    गांव की एक महिला सरिता मालवीय ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले ही कंपनी को सूचित कर दिया था कि गांव में धार्मिक कार्यक्रम होने के कारण वह काम पर नहीं आ पाएंगी। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद जो दृश्य सामने आए, उन्हें देखकर दिल दहल गया। जिस जगह वे रोज काम करती थीं, वह पूरी तरह तबाह हो चुकी थी।

    अन्य महिलाओं ने भी बताया कि हादसे के बाद से वे मानसिक रूप से काफी प्रभावित हैं। एक तरफ उन्हें इस बात की राहत है कि वे उस दिन फैक्ट्री में मौजूद नहीं थीं, वहीं दूसरी ओर अपने साथ काम करने वाले मजदूरों की मौत का गहरा दुख भी उन्हें परेशान कर रहा है।

    ग्रामीणों ने बताया कि रोजाना सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं फैक्ट्री के लिए निकलती थीं, लेकिन प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के कारण उस दिन अधिकांश लोग गांव में ही रुक गए। अब गांव में यह हादसा चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है और लोग इसे एक अनहोनी संयोग के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल प्रशासन हादसे की जांच में जुटा हुआ है और फैक्ट्री सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।