Category: Madhya Pradesh

  • बिजली सप्लाई शुरू होते ही हादसा: देवास में ट्रांसफार्मर फटा, मचा हड़कंप

    बिजली सप्लाई शुरू होते ही हादसा: देवास में ट्रांसफार्मर फटा, मचा हड़कंप


    मध्यप्रदेश । देवास के मेढ़की रोड स्थित चाणक्यपुरी क्षेत्र में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब राम मंदिर के पास लगे ट्रांसफार्मर में अचानक आग भड़क उठी। घटना इतनी तेज थी कि कुछ ही पलों में पूरा ट्रांसफार्मर आग की लपटों में घिर गया और लगातार जोरदार धमाकों की आवाजें आने लगीं। करीब 30 सेकंड तक एक के बाद एक ब्लास्ट होते रहे, जिससे आसपास के लोग दहशत में आ गए और लोग घरों व दुकानों से बाहर निकल आए।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब कुछ देर पहले ही इलाके में बिजली विभाग द्वारा मेंटेनेंस का काम पूरा किया गया था। मेंटेनेंस के बाद जैसे ही बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लगभग 10 मिनट के भीतर ही ट्रांसफार्मर (डीपी) में अचानक चिंगारी उठी और आग फैल गई। आग ने तेजी से नीचे लगे केबलों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग की शुरुआत ट्रांसफार्मर के निचले हिस्से से हुई और कुछ ही सेकंड में पूरे सिस्टम में फैल गई। लगातार धमाकों के कारण लोग सुरक्षित दूरी पर हट गए और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए प्रशासन को तुरंत सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने बिजली कंपनी को अलर्ट किया, जिसके बाद तत्काल इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। इसके कुछ ही समय बाद नगर निगम की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का कार्य शुरू किया।

    करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रांसफार्मर और बिजली के केबल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

  • गर्मी में प्रदर्शन के बीच बिगड़ी तबीयत, सीएमएचओ के बयान से बढ़ा मामला

    गर्मी में प्रदर्शन के बीच बिगड़ी तबीयत, सीएमएचओ के बयान से बढ़ा मामला


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब आशा और उषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान एक महिला कार्यकर्ता अचानक बेहोश होकर गिर गई। प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन सौंपने आई महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेजा गया।

    यह प्रदर्शन आशा और उषा कार्यकर्ता महिला संगठन के बैनर तले अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किया जा रहा था। बड़ी संख्या में महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन से बातचीत की कोशिश की। प्रशासन की ओर से एडीएम और जिला पंचायत सीईओ ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन कार्यकर्ता कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ी रहीं।

    संगठन की जिला अध्यक्ष शशि राय ने बताया कि यह आंदोलन प्रदेश स्तरीय निर्देशों के तहत किया गया है। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा घोषित बढ़ी हुई राशि का एरियर सहित भुगतान और हर महीने समय पर भुगतान की मांग भी प्रमुख है।

    प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग रखी है कि उन्हें हर महीने 5 तारीख तक नियमित भुगतान की गारंटी दी जाए और भुगतान की स्पष्ट स्लिप उपलब्ध कराई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

    इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने बीमा और सेवानिवृत्ति लाभ को लेकर भी मांगें रखी हैं। उनका कहना है कि ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में घायल होने पर कम से कम 1 लाख रुपये और मृत्यु की स्थिति में परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता दी जानी चाहिए। साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि देने की मांग भी उठाई गई है।

    इसी बीच प्रदर्शन के दौरान एक महिला कार्यकर्ता की तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत उसे संभाला और अस्पताल भेजा।

    इस घटना पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. ओपी अनुरागी ने बयान देते हुए कहा कि भीषण गर्मी और अधिक देर तक शोर-शराबे के कारण महिला को चक्कर आया होगा। हालांकि इस बयान के बाद संगठन के बीच असंतोष और बहस की स्थिति भी देखी जा रही है।

    फिलहाल महिला का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और प्रशासन पूरे मामले की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं।

  • उज्जैन में डॉग बाइट का बढ़ता खतरा: 4 महीने में 2439 लोग शिकार

    उज्जैन में डॉग बाइट का बढ़ता खतरा: 4 महीने में 2439 लोग शिकार


    मध्यप्रदेश । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामले में सभा मंडप के पास काम कर रही एक महिला कर्मचारी पर कुत्ते ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और चिंता का माहौल है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला कर्मचारी मंदिर परिसर में अपने कार्य में लगी हुई थी, तभी अचानक एक आवारा कुत्ता वहां पहुंचा और उस पर हमला कर दिया। हमले के बाद महिला दर्द से तड़पने लगी और आसपास मौजूद लोग उसकी मदद के लिए दौड़े। घटना के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

    महाकाल मंदिर ही नहीं, पूरे उज्जैन शहर में आवारा कुत्तों की समस्या गंभीर होती जा रही है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, काल भैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम और कई कॉलोनियों में कुत्तों के झुंड लगातार लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक दोनों ही इन हमलों से परेशान हैं।

    आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच उज्जैन में 2439 लोगों को कुत्तों ने काटा है। इसके अलावा 192 लोग बिल्ली, बंदर और घोड़े के हमलों में घायल हुए हैं। यह स्थिति शहर में पशु नियंत्रण व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाती है।

    मंदिर परिसर में पिछले दो वर्षों में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में दिल्ली से आई एक महिला श्रद्धालु भी कुत्तों के हमले में घायल हुई थी, जिसे तुरंत मंदिर अस्पताल में उपचार दिया गया था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में आधा दर्जन से अधिक आवारा कुत्ते लगातार घूमते रहते हैं और कई बार श्रद्धालुओं पर हमला कर चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

    इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं।

    फिलहाल प्रशासन और नगर निकाय पर सवाल उठ रहे हैं कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद स्थायी नियंत्रण व्यवस्था क्यों नहीं बनाई जा रही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग तेज हो गई है।

  • एमपी सरकार की नई पहल: स्कूल छोड़ चुके बच्चे फिर से शुरू कर सकेंगे पढ़ाई

    एमपी सरकार की नई पहल: स्कूल छोड़ चुके बच्चे फिर से शुरू कर सकेंगे पढ़ाई


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर से पढ़ाई से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘शिक्षा घर योजना’ को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को दोबारा शिक्षा से जोड़ना है, जिन्होंने किसी कारणवश अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी।

    यह निर्णय हाल ही में मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया, जहां मौजूदा योजनाओं की प्रगति और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत खासतौर पर कक्षा 8 या उससे ऊपर पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा प्रणाली में शामिल किया जाएगा।

    सरकार का मानना है कि प्रदेश में अब भी कई क्षेत्रों में ड्रॉपआउट दर चिंता का विषय बनी हुई है। आर्थिक कठिनाइयों, सामाजिक परिस्थितियों या अन्य कारणों से कई छात्र स्कूल छोड़ देते हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होता है। ‘शिक्षा घर योजना’ के जरिए ऐसे छात्रों की पहचान कर उन्हें फिर से स्कूलों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

    योजना के तहत शिक्षा विभाग गांव-गांव और शहरों में ऐसे बच्चों का सर्वे करेगा जो पढ़ाई छोड़ चुके हैं। इसके बाद उन्हें नजदीकी स्कूलों, ओपन स्कूलिंग सिस्टम या अन्य वैकल्पिक शिक्षा कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। इससे छात्रों को अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी करने का अवसर मिलेगा और वे आगे बेहतर करियर की ओर बढ़ सकेंगे।

    बैठक में मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात कही। उनका कहना है कि इससे छात्रों को भारतीय इतिहास और संस्कृति की बेहतर समझ मिलेगी और उनमें राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

    इसके अलावा बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग की 14 प्रमुख योजनाओं को जारी रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर और प्रभावी ढंग से किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    साथ ही, स्कूल भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आंशिक रूप से जर्जर भवनों की तत्काल मरम्मत के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का फोकस सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर है, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

    फिलहाल, शिक्षा विभाग ‘शिक्षा घर योजना’ के मॉडल को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है और उम्मीद की जा रही है कि इसे जल्द ही पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। यह योजना शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है।

  • 60 लाख की चोरी मामले में नया मोड़: बयान बदलने का दबाव, धमकी का आरोप

    60 लाख की चोरी मामले में नया मोड़: बयान बदलने का दबाव, धमकी का आरोप


    मध्यप्रदेश । इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में सामने आए 60 लाख रुपए की बड़ी चोरी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। अब इस केस में पीड़िता को अदालत में बयान बदलने के लिए धमकाने और दबाव बनाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामले में शिकायत दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    यह मामला कुम्हार खाड़ी निवासी मनीषा यादव से जुड़ा है, जिनके घर 7 फरवरी 2026 को चोरी की वारदात हुई थी। उस समय परिवार घर पर नहीं था और 9 फरवरी को लौटने पर उन्हें घर का ताला टूटा मिला। जांच में सामने आया कि घर से सोने के जेवर और नकदी समेत करीब 60 लाख रुपए का कीमती सामान चोरी हो गया था।

    पुलिस जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें तीन से अधिक संदिग्ध युवक दिखाई दिए। इनकी पहचान में महिला के रिश्तेदार भी शामिल पाए गए, जिनमें जेठ का बेटा रोहित उर्फ गोलू और उसके कुछ साथी आरोपी बनाए गए। पुलिस ने इन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, हालांकि बाद में वे जमानत पर बाहर आ गए।

    अब पीड़िता मनीषा यादव ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने दोबारा उसे डराने-धमकाने की कोशिश की है ताकि वह कोर्ट में अपना बयान बदल दे। महिला का कहना है कि 19 मई 2026 की दोपहर करीब 4 बजे आरोपी रोहित उर्फ गोलू अपने साथी प्रदुम्य के साथ उसके घर आया और पहले दर्ज कराए गए चोरी के केस में समझौता करने और बयान बदलने का दबाव बनाने लगा।

    महिला के अनुसार, जब उसने इसका विरोध किया तो दोनों आरोपियों ने उसके और उसके पति के साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद पीड़िता ने सीधे थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और सुरक्षा की मांग की।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, चोरी के मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन अब धमकी और गवाह को प्रभावित करने के आरोपों की अलग से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या यह मामला गवाह को डराकर केस कमजोर करने की कोशिश का हिस्सा है।

    इस पूरे मामले में अब दोहरी जांच चल रही है एक चोरी की वारदात की और दूसरी गवाह को धमकाने और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि सबूतों और बयानों के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पीड़िता और उसका परिवार दहशत में है और उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। यह मामला अब सिर्फ चोरी का नहीं बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है।

  • शिवपुरी में महिला का बच्चों संग प्रदर्शन: माधव चौक पर पेट्रोल छिड़ककर बैठी

    शिवपुरी में महिला का बच्चों संग प्रदर्शन: माधव चौक पर पेट्रोल छिड़ककर बैठी


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के माधव चौक पर गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ अचानक सड़क पर पहुंची और खुद पर पेट्रोल छिड़ककर धरना प्रदर्शन करने लगी। महिला ने इस दौरान भीम आर्मी नेता ठाकुरलाल जाटव और उनके साथियों पर मारपीट, छेड़छाड़ और जमीन विवाद से जुड़े गंभीर आरोप लगाए। घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को समझाइश देकर थाने ले गई।

    महिला ने बताया कि वह देहात थाना क्षेत्र के रायश्री गांव की रहने वाली है। उसके अनुसार पति ने उसे छोड़कर दूसरी महिला के साथ रहना शुरू कर दिया, जिसके बाद वह अपने तीन बच्चों के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर हो गई। महिला ने आरोप लगाया कि परिवार के कुछ सदस्यों ने मिलकर उसकी संपत्ति और जमीन से उसे वंचित कर दिया, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई।

    महिला का यह भी कहना है कि भीम आर्मी नेता ठाकुरलाल जाटव और उनके परिवार के सदस्यों ने न केवल उसकी जमीन का सौदा करवाया बल्कि उसका हिस्सा भी नहीं दिया। इसी विवाद को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। महिला ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं भी हुईं।

    पीड़िता ने दावा किया कि उसने पहले भी थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी से परेशान होकर उसने गुरुवार को बच्चों के साथ माधव चौक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और न्याय की मांग की।

    वहीं दूसरी ओर आरोपी पक्ष के भीम आर्मी नेता ठाकुरलाल जाटव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि महिला का बेटा उनके रिश्तेदार की दुकान में चोरी का प्रयास करते हुए पकड़ा गया था। इसी विवाद को दबाने के लिए उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामला पूरी तरह संपत्ति और पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है।

    पुलिस के अनुसार यह मामला दो परिवारों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा है। देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल जरूर बना, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति नियंत्रण में आ गई। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

  • सेवा का अनोखा उदाहरण: यात्रियों को मुफ्त शीतल पेयजल उपलब्ध करा रही समिति

    सेवा का अनोखा उदाहरण: यात्रियों को मुफ्त शीतल पेयजल उपलब्ध करा रही समिति


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसी तपती गर्मी के बीच शाजापुर रेलवे स्टेशन पर मानवता और सेवा की मिसाल देखने को मिल रही है, जहां गिरिराज धरण समिति यात्रियों की प्यास बुझाने का सराहनीय कार्य कर रही है।

    समिति के सदस्य रेलवे स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को नि:शुल्क शीतल पेयजल उपलब्ध करा रहे हैं। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही समिति के कार्यकर्ता सक्रिय हो जाते हैं और यात्रियों की खाली बोतलों में ठंडा पानी भरते हैं। कई सदस्य सीधे यात्रियों को पानी पिलाते भी नजर आते हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में यह सेवा यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।

    समिति के सदस्यों के अनुसार, इस सेवा कार्य की शुरुआत एक व्यक्तिगत अनुभव से हुई थी। कुछ वर्ष पहले समिति के सदस्य लोकल ट्रेन से गिरिराज धरण यात्रा पर गए थे। यात्रा के दौरान उन्हें कई रेलवे स्टेशनों पर पीने का पानी नहीं मिल पाया, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी अनुभव ने उन्हें प्रेरित किया कि गर्मी के मौसम में रेलवे स्टेशन पर जरूरतमंद यात्रियों के लिए जलसेवा शुरू की जाए।

    शुरुआत में यह पहल केवल चार लोगों ने मिलकर शुरू की थी, लेकिन समय के साथ इसमें लोगों का जुड़ाव बढ़ता गया। आज समिति में 30 से अधिक सदस्य शामिल हैं। इनमें शासकीय कर्मचारी, व्यापारी और शहर के प्रतिष्ठित परिवारों के लोग भी शामिल हैं, जो स्वेच्छा से इस सेवा में योगदान दे रहे हैं।

    समिति विशेष रूप से ट्रेन के जनरल कोच में सफर करने वाले यात्रियों को प्राथमिकता देती है। सदस्यों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर यात्री अक्सर पानी की बोतल खरीदने में सक्षम नहीं होते, इसलिए उनकी जरूरत को ध्यान में रखते हुए उन्हें पहले पानी उपलब्ध कराया जाता है।

    रेलवे स्टेशन पर यह दृश्य लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्री और ट्रेन में सफर कर रहे लोग समिति के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं। कई यात्रियों ने कहा कि इस भीषण गर्मी में ठंडा पानी मिलना किसी राहत से कम नहीं है।

    भीषण गर्मी के बीच जहां लोग अपने घरों से निकलने से बच रहे हैं, वहीं गिरिराज धरण समिति के सदस्य रोजाना रेलवे स्टेशन पहुंचकर सेवा कार्य में जुटे हुए हैं। उनका यह प्रयास न केवल सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि छोटे-छोटे प्रयास भी लोगों को बड़ी राहत दे सकते हैं।

    मानवता और सेवा भाव से प्रेरित यह जलसेवा अब शाजापुर में लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुकी है और गर्मी के इस कठिन दौर में यात्रियों को राहत पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी।

  • शाजापुर के काशी नगर में ट्रांसफार्मर में आग, इलाके की बिजली गुल

    शाजापुर के काशी नगर में ट्रांसफार्मर में आग, इलाके की बिजली गुल


    मध्यप्रदेश । शाजापुर जिले के काशी नगर क्षेत्र में बुधवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस लाइन के पास मुख्य मार्ग पर लगे एक ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। रात करीब 10:30 बजे ट्रांसफार्मर से पहले चिंगारियां निकलती दिखाई दीं और देखते ही देखते उसमें भीषण आग भड़क उठी। घटना के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया और लोग घरों से बाहर निकल आए।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली कंपनी और प्रशासन को सूचना दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विद्युत विभाग ने तत्काल इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो सके। इसके बाद कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और ट्रांसफार्मर सुधार का काम शुरू किया।

    घटना के बाद क्षेत्र में देर रात तक बिजली गुल रही, जिससे भीषण गर्मी के बीच लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गर्मी और उमस के कारण लोग घरों में बेचैन नजर आए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि काशी नगर इलाके में ट्रांसफार्मर पर लगातार क्षमता से अधिक लोड डाला जा रहा है, जिसकी वजह से इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं।

    रहवासियों के अनुसार, यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले सोमवार को भी विजयनगर इलाके में एक डीपी जलने की घटना सामने आई थी। लगातार ट्रांसफार्मर जलने से लोगों में बिजली व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि हर बार अस्थायी मरम्मत कर दी जाती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।

    भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली की बढ़ती मांग के कारण ट्रांसफार्मरों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। एसी, कूलर और पंखों के अधिक इस्तेमाल से विद्युत लोड क्षमता से ज्यादा पहुंच रहा है, जिससे ट्रांसफार्मर गर्म होकर फुंक रहे हैं। इसका असर शहर की बिजली व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है।

    स्थानीय लोगों ने बिजली कंपनी से मांग की है कि क्षेत्र में अधिक क्षमता वाले नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएं और पुराने उपकरणों का समय पर रखरखाव किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में और बड़े हादसे हो सकते हैं।

    घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने देर रात तक सुधार कार्य जारी रखा। विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही ट्रांसफार्मर को पूरी तरह ठीक कर बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

    गर्मी के इस मौसम में लगातार सामने आ रही ट्रांसफार्मर जलने की घटनाओं ने बिजली व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में अब लोगों को प्रशासन और बिजली कंपनी से स्थायी समाधान की उम्मीद है, ताकि बार-बार होने वाली इन घटनाओं से राहत मिल सके।

  • प्लॉट दिलाने का झांसा देकर हड़पे लाखों रुपए, पीड़िता पहुंची SP कार्यालय

    प्लॉट दिलाने का झांसा देकर हड़पे लाखों रुपए, पीड़िता पहुंची SP कार्यालय


    मध्यप्रदेश । कटनी जिले में जमीन का सौदा कराने के नाम पर 10 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एनकेजे थाना क्षेत्र की बजरंग कॉलोनी निवासी रेखा पाठक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके परिवार से बड़ी रकम ठग ली गई और बाद में पैसे वापस मांगने पर धमकियां दी जाने लगीं।

    पीड़िता के अनुसार, ग्राम बसाड़ी निवासी सुभाष रजक और रमेश पटेल ने मिलकर पूरे मामले की साजिश रची। शिकायत में बताया गया कि ग्राम मिर्जा स्थित खसरा नंबर 30/2 और 30/3 की जमीन का सौदा 17 जनवरी 2025 को उनके ससुर कमलाकांत पाठक के साथ किया गया था।

    रेखा पाठक का आरोप है कि जिस जमीन का सौदा किया गया, वह वास्तव में श्री निवास राजपूत के नाम दर्ज है। बावजूद इसके, उनकी अनुमति और हस्ताक्षर के बिना ही इकरारनामा तैयार कर लिया गया और 10 लाख रुपए नगद बयाना राशि के रूप में ले लिए गए। पीड़िता का कहना है कि सौदे के समय उन्हें विश्वास दिलाया गया था कि जमीन की रजिस्ट्री जल्द करा दी जाएगी।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इकरारनामा आरोपी रमेश पटेल ने अपनी हैंडराइटिंग में तैयार किया था। दस्तावेज पर आरोपियों और गवाहों के हस्ताक्षर तो हैं, लेकिन वास्तविक भूमिस्वामी के हस्ताक्षर नहीं कराए गए। इसके बावजूद सौदे को वैध बताकर रकम ले ली गई।

    रेखा पाठक ने बताया कि उनके ससुर कमलाकांत पाठक के निधन के बाद जब उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराने या बयाना राशि वापस करने की मांग की, तो आरोपी मुकर गए। इतना ही नहीं, पैसे मांगने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और जान से मारने तथा हाथ-पैर तुड़वाने की धमकी तक दी गई।

    पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए कार्रवाई से बच निकलने की बात कही। इससे परिवार भय और मानसिक तनाव में है। रेखा पाठक ने खुद को अपने दिवंगत ससुर की कानूनी वारिस बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है।

    उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही 10 लाख रुपए की ठगी गई राशि वापस दिलाने की भी अपील की है।

    पुलिस अधिकारियों ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जमीन सौदों में सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।

  • कटनी में गर्मी का कहर: 42 डिग्री पर पहुंचा पारा, दोपहर में सड़कें सूनी

    कटनी में गर्मी का कहर: 42 डिग्री पर पहुंचा पारा, दोपहर में सड़कें सूनी


    मध्यप्रदेश । कटनी जिले में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। गुरुवार को जिले का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक पारा लगातार इसी स्तर पर बना रहा। तेज धूप और झुलसाने वाली गर्म हवाओं के कारण शहर की रफ्तार थमती नजर आई और मुख्य सड़कें तथा बाजार दोपहर के समय लगभग सूने दिखाई दिए।

    आमतौर पर भीड़भाड़ वाले बाजार, चौराहे और व्यावसायिक इलाके भीषण गर्मी के कारण वीरान नजर आए। लोग गर्म हवाओं और तेज धूप से बचने के लिए घरों में ही रहने को मजबूर दिखे। केवल जरूरी कामों के लिए ही लोग बाहर निकल रहे हैं और वे भी सिर, चेहरा तथा पूरा शरीर कपड़ों से ढंककर ही घर से बाहर कदम रख रहे हैं।

    गर्मी के इस दौर में सड़कों के किनारे लगे गन्ने के रस, लस्सी और छाछ के स्टॉल लोगों को कुछ राहत देते नजर आए। दोपहर के समय इन स्टॉलों पर हल्की चहल-पहल दिखाई दी, जहां लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखे।

    लगातार बढ़ती गर्मी और लू को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने लोगों से सावधानी बरतने और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि लोग प्यास न लगने पर भी नियमित रूप से पानी, ओआरएस घोल, नींबू पानी और छाछ का सेवन करते रहें, ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।

    स्वास्थ्य विभाग ने यह भी कहा है कि दोपहर के समय भारी, तला-भुना और अधिक मसालेदार भोजन से बचना चाहिए। इसके स्थान पर हल्का भोजन और मौसमी फलों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार, गर्मी के मौसम में खानपान और दिनचर्या में थोड़ी सावधानी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचा सकती है।

    नागरिकों को विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। यदि किसी जरूरी कार्य से बाहर जाना पड़े तो सूती और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने तथा सिर को टोपी, छतरी या गमछे से ढंककर रखने को कहा गया है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों तक जिले में गर्मी और लू का असर इसी तरह बना रह सकता है। दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी से राहत नहीं मिल रही। प्रशासन ने भी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।

    कटनी में लगातार बढ़ती गर्मी ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में लोगों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी, क्योंकि मौसम का यह तीखा तेवर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा।