Category: Madhya Pradesh

  • एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, खजुराहो 46.8 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 22 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार

    एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, खजुराहो 46.8 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 22 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार


    भोपाल। मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिला। छतरपुर जिले के खजुराहो में अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। वहीं नौगांव में पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया। प्रदेश के 22 शहरों में पहली बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में तापमान 44 डिग्री पहुंचने से सड़कों तक पर गर्मी का असर दिखाई दिया।

    मौसम विभाग के अनुसार, मई महीने में पहली बार पूरा मध्य प्रदेश भीषण गर्मी से तपता नजर आया। खजुराहो में यह अब तक का दूसरा सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ था। इंदौर में 44.3 डिग्री, ग्वालियर में 43.7 डिग्री, उज्जैन में 44 डिग्री और जबलपुर में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में इस बार पिछले साल की तुलना में अधिक गर्मी महसूस की गई।

    प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी छतरपुर जिले में दर्ज हुई, जहां खजुराहो और नौगांव दोनों सबसे गर्म शहर रहे। इसके अलावा राजगढ़ में 45.5 डिग्री, रतलाम में 45.4 डिग्री, खंडवा में 45.1 डिग्री तथा शाजापुर, श्योपुर और मुरैना में 45 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। दमोह और सतना में 44.8 डिग्री, सागर में 44.7 डिग्री, गुना और रीवा में 44.5 डिग्री, रायसेन में 44.4 डिग्री, खरगोन में 44.2 डिग्री तथा धार में 44.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। टीकमगढ़ और मंडला में पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है।

    मंगलवार के लिए मौसम विभाग ने भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में तीव्र लू का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तापमान 45 डिग्री या उससे अधिक रहने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, धार, खरगोन, खंडवा, देवास, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, शिवपुरी, मुरैना सहित कई जिलों में हीट वेव की चेतावनी जारी की गई है।

    जबलपुर, झाबुआ, आलीराजपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, शहडोल, रीवा और सिंगरौली समेत कई जिलों में लू का अलर्ट नहीं है, लेकिन यहां भी तेज गर्मी का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा।

  • महाकाल भस्म आरती के नाम पर 42 हजार की ठगी: गूगल से नंबर लेकर संपर्क किया, सागर के युवक पर केस दर्ज

    महाकाल भस्म आरती के नाम पर 42 हजार की ठगी: गूगल से नंबर लेकर संपर्क किया, सागर के युवक पर केस दर्ज



    उज्जैन। उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन और भस्म आरती के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामले में गुजरात से आई दो महिलाओं से विशेष दर्शन और नंदी हॉल में बैठाकर भस्म आरती कराने का झांसा देकर 42 हजार रुपए ठग लिए गए। महाकाल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    गूगल सर्च से मिला नंबर, खुद को बताया मंदिर से जुड़ा व्यक्ति
    गुजरात निवासी वीणा धनेरिया ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मित्र अल्पना पटेल के साथ 15 मई को बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने उज्जैन आई थीं। आरती बुकिंग के लिए उन्होंने इंटरनेट पर सर्च किया, जहां उन्हें पंडित दीपक मिश्रा नाम से एक मोबाइल नंबर मिला।

    महिलाओं का आरोप है कि फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को मंदिर से जुड़ा बताया और नंदी हॉल में बैठाकर विशेष दर्शन कराने का भरोसा दिया। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग किश्तों में ऑनलाइन कुल 42 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए।

    पैसे लेने के बाद करता रहा बहाने
    महिलाओं के मुताबिक आरोपी लगातार बुकिंग कन्फर्म होने की बात कहता रहा। बाद में 16 मई की शाम उसने फोन कर बताया कि बुकिंग नहीं हो पाई है और वह रकम वापस कर देगा।

    संदेह होने पर जब दोनों महिलाएं मंदिर के आधिकारिक काउंटर पहुंचीं, तब उन्हें पता चला कि इस तरह की कोई प्रक्रिया नहीं होती और मंदिर में इस नाम का कोई अधिकृत पुजारी भी नहीं है। इसके बाद उन्होंने महाकाल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपी सागर का निवासी, पुलिस तलाश में जुटी
    महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सागर जिले का रहने वाला है और उज्जैन के विभिन्न मंदिरों में पूजन-पाठ का काम करता है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
    इससे पहले 13 मई को महाराष्ट्र के पुणे निवासी मानव गायकवाड़ ने भी ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि आशुतोष शर्मा नामक व्यक्ति ने नंदी हॉल में दर्शन कराने के नाम पर उनसे और उनके दोस्तों से 5 हजार रुपए ले लिए थे, लेकिन दर्शन नहीं कराए।

    श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन की अपील
    श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भस्म आरती और विशेष दर्शन की बुकिंग केवल आधिकारिक माध्यम से ही करें।

    भस्म आरती की बुकिंग केवल अधिकृत वेबसाइट से करें

    तत्काल बुकिंग एक दिन पहले सुबह 8 बजे उपलब्ध होती है

    भस्म आरती शुल्क 200 रुपए प्रति व्यक्ति निर्धारित है

    सामान्य दर्शन सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक निशुल्क हैं

    प्रोटोकॉल दर्शन के लिए अधिकृत काउंटर से टिकट लें

    सोशल मीडिया, गूगल नंबर या अनजान व्यक्तियों पर भरोसा न करें

    मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या मंदिर प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी है।

  • ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: पिता बोले- ‘दामाद नशे का आदी’, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग

    ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: पिता बोले- ‘दामाद नशे का आदी’, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग



    भोपाल । भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब नया मोड़ आ गया है। नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने अपनी बेटी की मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनका दामाद नशे का बेहद आदी था और उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार ने अब दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम कराने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    ‘हमारी बेटी ड्रग्स एडिक्ट नहीं थी’
    ट्विशा के पिता ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना झेल रही थी, जबकि असल में उनका दामाद ही नशीले पदार्थों का आदी था। परिवार का आरोप है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।नवनिधि शर्मा ने कहा कि उनकी बेटी की छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि दामाद के खिलाफ नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में भी जांच होनी चाहिए।

    12 मई को ससुराल में मिला था शव
    ट्विशा शर्मा का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटका मिला था। पुलिस जांच में सामने आया कि ट्विशा और उसके पति समर्थ की मुलाकात साल 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। दोनों ने दिसंबर 2025 में शादी की थी।

    परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ महीनों बाद ही ट्विशा को प्रताड़ित किया जाने लगा था। परिजनों का कहना है कि ट्विशा भोपाल छोड़कर नोएडा वापस आना चाहती थी और वह लगातार अपने परिवार से संपर्क में थी।

    दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग
    ट्विशा के पिता ने कहा कि उन्हें मौजूदा जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने मांग की कि शव को दिल्ली AIIMS भेजा जाए, ताकि स्वतंत्र मेडिकल जांच हो सके और मौत की असली वजह सामने आए।उन्होंने कहा कि शव खराब होने से पहले सच्चाई सामने आना जरूरी है। परिवार ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच एजेंसी से मामले की जांच कराने की मांग भी उठाई है।

    अग्रिम जमानत पर उठाए सवाल
    ट्विशा के पिता ने रिटायर्ड जज सास को मिली अग्रिम जमानत पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद गिरफ्तारी की मांग की गई थी, लेकिन उसी दिन अग्रिम जमानत मिल जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यदि केवल उम्र और सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर अग्रिम जमानत दी जा रही है, तो यह कानून की भावना के खिलाफ है। परिवार ने इसे “खतरनाक मिसाल” बताया।

    पुलिस जांच और SIT की कार्रवाई
    भोपाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। एसआईटी प्रमुख रजनीश कश्यप ने कहा कि मामले में तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच जारी है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें बनाई गई हैं।

    पुलिस दहेज प्रताड़ना, शारीरिक हिंसा और मौत के बाद सबूत मिटाने के आरोपों की भी जांच कर रही है। पति की अग्रिम जमानत पर सुनवाई 18 मई को होनी है।

    परिवार का आरोप- मौत की जानकारी भी समय पर नहीं दी गई
    ट्विशा के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को समय पर यह नहीं बताया कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि परिवार को यह भी जानकारी नहीं दी गई कि शव को AIIMS ले जाया जा रहा है।

  • ग्वालियर में नाबालिग बेटे को लेकर पड़ोसी विवाद, मारपीट का VIDEO वायरल; दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत

    ग्वालियर में नाबालिग बेटे को लेकर पड़ोसी विवाद, मारपीट का VIDEO वायरल; दोनों पक्षों ने थाने में दी शिकायत



    ग्वालियर । ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र के हनुमान नगर में एक नाबालिग को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला थाने तक पहुंच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, कल्ला खटीक का 17 वर्षीय बेटा कुछ समय के लिए पड़ोस में रहने वाली नेहा के घर चला गया था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उसके माता-पिता उसे वापस लेने नेहा के घर पहुंचे। इसी दौरान नाबालिग के घर लौटने को लेकर असहमति हो गई और विवाद शुरू हो गया।

    बताया जा रहा है कि नाबालिग घर जाने को तैयार नहीं था, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसी बीच कहासुनी बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गई। विवाद के दौरान पड़ोसी महिला ने मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसमें झगड़ा और कथित मारपीट दिखाई दे रही है।

    वीडियो बनाने के बाद महिला नेहा सीधे इंदरगंज थाने पहुंची और कल्ला खटीक व उनकी पत्नी के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को घटना का वीडियो भी सौंपा गया है। वहीं, दूसरी तरफ से भी शिकायत दर्ज कराई गई है।

    इंदरगंज पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। मामले में सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • ग्वालियर में घरेलू विवाद के बाद दर्दनाक हादसा: पत्नी ने फांसी लगाई, इलाज के दौरान मौत

    ग्वालियर में घरेलू विवाद के बाद दर्दनाक हादसा: पत्नी ने फांसी लगाई, इलाज के दौरान मौत



    ग्वालियर। ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित सुरेश नगर सरकारी मल्टी में पति-पत्नी के बीच देर से घर आने को लेकर हुआ विवाद एक दर्दनाक घटना में बदल गया। बहस के बाद पत्नी ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे परिवार में मातम छा गया।

    देर से घर आने पर शुरू हुआ विवाद
    जानकारी के मुताबिक, रविवार रात करीब 11 बजे रामचंद्र आदिवासी घर पहुंचे थे। देर से आने पर पत्नी सोनम ने उनसे सवाल किए, जिसके बाद दोनों के बीच बच्चों के सामने बहस हो गई।

    विवाद इतना बढ़ गया कि रामचंद्र गुस्से में घर से बाहर चले गए। इसी दौरान पत्नी सोनम कमरे में गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

    बच्चों ने दी दर्दनाक सूचना
    कुछ देर बाद बड़ा बेटा ओम रोते हुए बाहर आया और पिता को बताया कि मां पंखे से लटकी हुई है। यह सुनकर पिता तुरंत घर की ओर दौड़े।दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से दीवार तोड़ी और अंदर दाखिल हुए।

    अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
    परिजन सोनम को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने करीब 26 मिनट के इलाज के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद बच्चों और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

    पुलिस ने शुरू की जांच
    घटना की सूचना मिलने पर थाटीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया।थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला घरेलू विवाद का प्रतीत हो रहा है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

    घरेलू विवाद बना जानलेवा
    यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि छोटे-छोटे घरेलू विवाद भी कई बार गंभीर और दुखद परिणाम दे सकते हैं। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

  • काफिला विवाद के बाद नेताओं को CM की सीख: ‘कोई भड़काए तो खुद संभलना होगा’, BJP ने दिखाई सख्ती

    काफिला विवाद के बाद नेताओं को CM की सीख: ‘कोई भड़काए तो खुद संभलना होगा’, BJP ने दिखाई सख्ती



    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में निगम, मंडल, बोर्ड और प्राधिकरणों में नियुक्त नेताओं के काफिला और शक्ति प्रदर्शन विवाद के बाद अब सरकार और संगठन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं। भोपाल में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने साफ संदेश दिया कि नेताओं को खुद अनुशासन में रहना होगा और किसी के उकसावे में आने से बचना होगा।

    CM बोले- सोशल मीडिया की ‘तीसरी आंख’ सब देख रही
    प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया हर गतिविधि पर नजर रखता है। नेताओं को समझदारी और संयम के साथ काम करना होगा।उन्होंने कहा, “अगर कोई आपको उलझाए या भड़काए तो उससे बचना आपको ही है। कोई दूसरा आपका मददगार नहीं होगा। आप खुद जवाबदार हैं।”

    मुख्यमंत्री ने नेताओं को सलाह दी कि शुरुआत के एक-दो महीने काम को समझने और सीखने में लगाएं। नियम-कानून के दायरे में रहकर काम करें और अपने संस्थानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास करें।

    उन्होंने यह भी कहा कि अहंकार से केवल नुकसान होगा। सरकार जब चाहे जिम्मेदारी बदल सकती है, इसलिए पद को सेवा का माध्यम मानकर काम करें।

    हेमंत खंडेलवाल बोले- दुखी मन से करनी पड़ी कार्रवाई
    Hemant Khandelwal ने हालिया विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ घटनाओं की वजह से संगठन को दुखी मन से कार्रवाई करनी पड़ी।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपेक्षा है कि पार्टी के लोग ताकतवर बनें, लेकिन उस ताकत का इस्तेमाल जनता और कार्यकर्ताओं की सेवा के लिए होना चाहिए।

    खंडेलवाल ने कहा कि निगम-मंडलों में नियुक्त सभी लोगों का चयन मेरिट के आधार पर हुआ है और संगठन उनसे अनुशासन तथा जिम्मेदारी की अपेक्षा करता है।

    प्रदेश प्रभारी की चेतावनी- रोज जाएगी रिपोर्ट
    बीजेपी प्रदेश प्रभारी Mahendra Singh ने नेताओं को साफ तौर पर चेतावनी दी कि अब उनके कामकाज और व्यवहार की नियमित मॉनिटरिंग होगी।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तक रोज रिपोर्ट पहुंचेगी कि कौन क्या कर रहा है, उसका व्यवहार कैसा है और परिवार की भूमिका कितनी है। सरकार और संगठन दोनों मिलकर परफॉर्मेंस का मूल्यांकन करेंगे।साथ ही नेताओं को सोशल मीडिया सक्रिय रखने, अनुशासन बनाए रखने और सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने की सलाह भी दी गई।

    18 विभागों के अधिकारियों ने दी ट्रेनिंग
    प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। नेताओं को वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक प्रक्रिया, अधिकार, जिम्मेदारियां और विभागीय समन्वय को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई।

    अधिकारियों ने समझाया कि निगम-मंडलों में काम करते समय सरकारी नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन कैसे करना है ताकि शासन व्यवस्था प्रभावित न हो।

    काफिला और शक्ति प्रदर्शन बना था विवाद की वजह
    हाल ही में कई निगम-मंडल अध्यक्षों द्वारा पदभार ग्रहण करने के दौरान बड़े-बड़े काफिले और वाहन रैलियां निकाली गई थीं। इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीजेपी संगठन को दिल्ली स्तर तक नाराजगी झेलनी पड़ी थी।

    इसके बाद पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह ठाकुर को पद से हटा दिया। वहीं पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को नोटिस जारी कर उनके अधिकार फिलहाल फ्रीज कर दिए गए।

    मंत्रियों और अफसरों से टकराव रोकने की तैयारी
    सरकार नहीं चाहती कि निगम-मंडलों में नियुक्त नेताओं और विभागीय मंत्रियों या अफसरों के बीच अधिकारों को लेकर टकराव की स्थिति बने। इसी वजह से प्रशिक्षण में अधिकारों की सीमा और प्रशासनिक प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।

  • हाईटेंशन लाइन के नीचे शिफ्टिंग का विरोध, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बंगले पहुंचे रहवासी

    हाईटेंशन लाइन के नीचे शिफ्टिंग का विरोध, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बंगले पहुंचे रहवासी


    भोपाल ।
    भोपाल के बावड़ियाकलां स्थित दीपक नगर झुग्गी बस्ती से 35 परिवारों को बाग मुगालिया एक्सटेंशन में शिफ्ट किए जाने का मामला अब विवादों में घिर गया है। नई जगह पर पुनर्वास का विरोध करते हुए सोमवार को स्थानीय रहवासी नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बंगले पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।

    रहवासियों और स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि जिन परिवारों को बाग मुगालिया एक्सटेंशन में बसाया गया है, वह क्षेत्र ग्रीन बेल्ट के अंतर्गत आता है। इसके अलावा वहां से हाईटेंशन बिजली लाइन भी गुजर रही है, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है।

    पर्यावरणविद् उमाशंकर तिवारी ने कहा कि इस तरह की शिफ्टिंग से न केवल हरियाली को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि वहां रहने वाले परिवारों की जिंदगी भी जोखिम में पड़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित और बेहतर स्थान पर पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।

    मामले को लेकर रहवासियों ने भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा से भी शिकायत की है। लोगों का कहना है कि बिना उचित सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था के परिवारों को वहां बसाना सही नहीं है।

    रहवासियों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से अपील की है कि पुनर्वास नीति को मानवीय और सुरक्षित तरीके से लागू किया जाए, ताकि लोगों को मूलभूत सुविधाओं के साथ सुरक्षित आवास मिल सके और शहर की हरियाली भी प्रभावित न हो।

  • ‘मेरी जिंदगी नर्क बन चुकी है… मुझे यहां से ले जाओ’, ट्विशा शर्मा की मां संग चैट आई सामने

    ‘मेरी जिंदगी नर्क बन चुकी है… मुझे यहां से ले जाओ’, ट्विशा शर्मा की मां संग चैट आई सामने



    भोपाल। भोपाल के चर्चित कटारा हिल्स संदिग्ध मौत मामले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा सामने आया है। पूर्व जज की बहू ट्विशा शर्मा और उसकी मां के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सार्वजनिक हुई है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। इन चैट्स में ट्विशा ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को “नर्क” बताते हुए मां से उसे वहां से ले जाने की गुहार लगाई थी।

    जानकारी के मुताबिक, 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने मौत से करीब पांच दिन पहले अपनी मां को कई भावुक मैसेज भेजे थे। चैट में ट्विशा लिखती है— “मेरी जिंदगी नर्क बन चुकी है… ये लोग बहुत क्रूर हैं… समर्थ मुझसे ठीक से बात तक नहीं करता… तुम यहां आओ और मुझे यहां से ले जाओ… ये लोग मुझे जीने नहीं देंगे।”

    इन चैट्स के सामने आने के बाद मृतका का परिवार इसे आत्महत्या नहीं बल्कि प्रताड़ना से जुड़ा मामला बता रहा है। परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ ही महीनों बाद ट्विशा मानसिक रूप से टूट चुकी थी और लगातार दबाव में जी रही थी।

    इधर कोर्ट में आरोपी पक्ष की ओर से भी कई दावे किए गए हैं। ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह ने जमानत आवेदन में आरोप लगाया कि ट्विशा ड्रग एडिक्ट थी और उसे मूड स्विंग्स की समस्या थी। इस पर ट्विशा की मां ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब उनकी बेटी इस दुनिया में नहीं है, इसलिए उसके बारे में कुछ भी कहा जा रहा है।

    मामले में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। परिवार के अनुसार ट्विशा करीब दो महीने की गर्भवती थी और उसके पति समर्थ सिंह ने उसके चरित्र पर सवाल उठाए थे। आरोप है कि समर्थ ने ट्विशा से बच्चे को लेकर आपत्तिजनक सवाल किए थे, जिससे वह मानसिक रूप से और ज्यादा परेशान हो गई थी।

    ट्विशा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने दावा किया है कि समर्थ खुद नशा करता था और जब ट्विशा ने इसका विरोध किया तो उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। परिवार का आरोप है कि आरोपी पक्ष प्रभावशाली होने के कारण पुलिस जांच प्रभावित हो रही है। इसी वजह से परिजन अब मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग कर रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस एसआईटी के जरिए मामले की जांच कर रही है। वहीं ट्विशा की मौत से जुड़े हर नए खुलासे के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

  • कटारा हिल्स केस में नया खुलासा, ट्विशा शर्मा का आखिरी चैट आया सामने, मौत से पहले दोस्त को दी शादी न करने की सलाह

    कटारा हिल्स केस में नया खुलासा, ट्विशा शर्मा का आखिरी चैट आया सामने, मौत से पहले दोस्त को दी शादी न करने की सलाह



    भोपाल। भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में पूर्व जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। अब इस हाई-प्रोफाइल केस में मृतका का आखिरी इंस्टाग्राम चैट सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। ट्विशा ने मौत से पहले अपनी करीबी दोस्त मीनाक्षी को मैसेज कर लिखा था “मैं फंस गई हूं ब्रो… बस तुम मत फंसना। ज्यादा बात नहीं कर सकती, सही समय आने पर फोन करूंगी।”

    ट्विशा के इस मैसेज के जवाब में उसकी दोस्त ने चिंता जताते हुए लिखा था कि वह उसके साथ खड़ी है। हालांकि ट्विशा का वह फोन कभी नहीं आया और अगले ही दिन उसका शव घर की छत पर फंदे से लटका मिला। इस चैट के सामने आने के बाद परिवार ने दावा किया है कि ट्विशा मानसिक दबाव में थी और उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।

    मामले में यह भी सामने आया है कि ट्विशा करीब दो महीने की गर्भवती थी। बताया जा रहा है कि उसने अपनी दोस्त को शादी न करने की सलाह भी दी थी। परिवार का कहना है कि यह चैट साफ संकेत देता है कि ट्विशा किसी गंभीर तनाव और परेशानी से गुजर रही थी।

    घटना के बाद से मृतका का परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के शव को सही तरीके से सुरक्षित नहीं रखा जा रहा। उनका दावा है कि उन्होंने शव को माइनस 4 डिग्री तापमान पर रखने की मांग की थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। परिवार का आरोप है कि सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।

    इसी मांग को लेकर परिवार मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर भी बैठा रहा। परिजनों ने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे।

    परिवार ने पुलिस जांच पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि ट्विशा की सास रिटायर्ड जज होने के कारण मामले में प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि घटना के दो दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई, जबकि मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह अब तक फरार है।

    मृतका के परिवार का यह भी दावा है कि ट्विशा के कान और हाथों पर चोट के निशान थे, जो मामले को संदिग्ध बनाते हैं। परिजन इसे आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं और हत्या की आशंका जता रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने और बाहरी एजेंसी से जांच की मांग की है।

    पुलिस की ओर से मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। टीम में महिला पुलिसकर्मियों समेत कई अधिकारियों को शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।

    ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। उन्होंने साउथ फिल्मों और मॉडलिंग में भी काम किया था। बाद में उन्होंने एमबीए करने के बाद निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी। डेटिंग एप के जरिए उनकी मुलाकात समर्थ सिंह से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने परिवार की सहमति से शादी की थी। अब उनकी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है।

  • स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर-सूरत को टक्कर देने मैदान में उतरा भोपाल, 106 नोडल अफसरों ने संभाला मोर्चा

    स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर-सूरत को टक्कर देने मैदान में उतरा भोपाल, 106 नोडल अफसरों ने संभाला मोर्चा


    नई दिल्ली। स्वच्छ सर्वेक्षण में देश के सबसे साफ शहरों की रेस अब और दिलचस्प हो गई है। इंदौर, सूरत और नवी मुंबई जैसे शहरों को चुनौती देने के लिए भोपाल नगर निगम ने इस बार पूरी ताकत झोंक दी है। राजधानी भोपाल ने सुपर स्वच्छ लीग में एंट्री के बाद अपनी रणनीति को पूरी तरह बदल दिया है और शहर को चमकाने के लिए 106 नोडल अधिकारियों को मैदान में उतार दिया गया है।

    नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन खुद इस अभियान की निगरानी कर रही हैं। उनके निर्देशन में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को युद्ध स्तर पर सुधारने का काम जारी है। खासतौर पर उन इलाकों पर फोकस किया जा रहा है, जहां पहले गंदगी और अव्यवस्था की शिकायतें सबसे ज्यादा आती थीं।

    भोपाल की तंग गलियों, सरकारी क्वार्टर्स के पीछे के हिस्सों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुबह-सुबह सफाई कर्मचारी सड़कों से धूल हटाने, कचरा साफ करने, गड्ढे भरने और दीवारों की पुताई करने में जुटे नजर आ रहे हैं। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि स्वच्छता अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाल ही में गंदगी मिलने पर दो अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया है, जबकि कई अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं।

    निगम का कहना है कि संसाधन सीमित होने के बावजूद टीम पूरी मेहनत से काम कर रही है। अशोका गार्डन, गिन्नोरी, नारायण नगर और बिजली नगर जैसे इलाकों में अब साफ-सफाई का असर दिखाई देने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर कचरा कम हुआ है और दीवारों पर की गई पेंटिंग व सजावट से मोहल्लों की तस्वीर बदल रही है।

    इस बार उत्कृष्ट काम करने वाले सफाई कर्मचारियों और फील्ड वर्कर्स को विशेष सम्मान देने की भी तैयारी है। नगर निगम का लक्ष्य सिर्फ रैंकिंग सुधारना नहीं, बल्कि भोपाल को देश के सबसे स्वच्छ और सुंदर शहरों की सूची में मजबूत पहचान दिलाना है।