Category: Madhya Pradesh

  • रात के सन्नाटे में लाल कार का आतंक, नशे में चालक ने चार लोगों और कई वाहनों को टक्कर मारी

    रात के सन्नाटे में लाल कार का आतंक, नशे में चालक ने चार लोगों और कई वाहनों को टक्कर मारी


    जबलपुर /मध्य प्रदेश के जबलपुर में देर रात एक तेज रफ्तार लाल कार ने इनकम टैक्स चौराहे पर दहशत मचा दी। घटना में एक पुलिसकर्मी, एक युवती, एक युवक और एक नाबालिग बच्चा घायल हो गए, जबकि 10 से ज्यादा दोपहिया और चारपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रात करीब देर समय ओमती थाना क्षेत्र के इनकम टैक्स चौराहे पर अचानक लाल रंग की कार बेकाबू हो गई और सड़क पर मौजूद लोगों और वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और यह पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरे और एक अन्य कार के डैशबोर्ड कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे कार तेज गति से लोगों और वाहनों को टक्कर मारती हुई आगे बढ़ती रही।

    घायलों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक नशे में था। उसने पहले एक वाहन को जोरदार टक्कर मारी, जिसके बाद कार पूरी तरह अनियंत्रित हो गई। इसके बाद चार लोग-एक पुलिसकर्मी, एक युवती, एक युवक और एक नाबालिग-साथ ही आसपास खड़ी गाड़ियां भी टक्कर की चपेट में आ गईं।

    इस घटना में लगभग 10 से ज्यादा दोपहिया और चारपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। सड़क पर बिखरे टूटी गाड़ियां और घायल लोग घटना की गंभीरता को बयां कर रहे थे।

    सूचना मिलते ही ओमती थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाल कार को अपने कब्जे में लिया और चालक अनुराग सोनी को गिरफ्तार कर लिया। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    यह घटना एक बार फिर तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने के खतरों को उजागर करती है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और सड़क पर नियमों का पालन करने की अपील की है। साथ ही पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी लापरवाही की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर ध्यान न देना कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकता है, और यह हादसा इसका एक भयावह उदाहरण है। जनता और वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

  • राजनीतिक तनाव बढ़ा इंदौर में: कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा घेराव, पत्थरबाजी में पुलिसकर्मी समेत कई घायल

    राजनीतिक तनाव बढ़ा इंदौर में: कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा घेराव, पत्थरबाजी में पुलिसकर्मी समेत कई घायल


    मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में रविवार को राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया जब पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। भाजपा युवा मोर्चा द्वारा कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने की घोषणा के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया। पुलिस प्रशासन ने संभावित विवाद को देखते हुए पहले ही भारी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग कर दी थी। दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता भी कार्यालय परिसर के बाहर बड़ी संख्या में जमा हो गए।

    शुरुआती नारेबाजी के बीच माहौल धीरे-धीरे गरमाता गया और देखते ही देखते स्थिति पत्थरबाजी में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में हालात नियंत्रण से बाहर हो गए। दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए और हाथापाई और पत्थरबाजी शुरू हो गई।

    इस दौरान कई लोग घायल हुए, जबकि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी इसकी चपेट में आए। सब इंस्पेक्टर राम सिंह बघेल को सीधे पत्थर लगने से गंभीर चोट आई, जबकि आरक्षक जगमोहन भी घायल हुए। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भीड़ को तितर-बितर किया। घायल पुलिसकर्मियों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि प्रदर्शन के लिए कोई विधिवत अनुमति नहीं ली गई थी। मामले में शासकीय कार्य में बाधा, बिना अनुमति प्रदर्शन और कानून व्यवस्था भंग करने से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

    पुलिस अब घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स की मदद से पत्थरबाजी में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों।

    पुलिस प्रशासन ने राजनीतिक दलों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी।

    यह घटना इंदौर में राजनीतिक हिंसा की चिंता बढ़ाती है और यह याद दिलाती है कि सड़क और सार्वजनिक जगह पर सुरक्षा का ध्यान रखना कितना जरूरी है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता कभी-कभी हिंसक रूप ले लेती है, इसलिए सभी पक्षों से संयम और कानून का पालन करने की अपील की जा रही है।

  • जबलपुर सांप्रदायिक हिंसा अपडेट: उपद्रवियों पर बरसी पुलिस की लाठी, 5 एफआईआर दर्ज और 60 दंगाइयों को भेजा गया जेल।

    जबलपुर सांप्रदायिक हिंसा अपडेट: उपद्रवियों पर बरसी पुलिस की लाठी, 5 एफआईआर दर्ज और 60 दंगाइयों को भेजा गया जेल।


     जबलपुर/मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा में हुए सांप्रदायिक उपद्रव के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। दुर्गा मंदिर पर पथराव और तोड़फोड़ की घटना से उपजे तनाव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 60 से ज्यादा उपद्रवियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी पल-पल की स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

    सिहोरा हिंसा: पुलिस का कड़ा प्रहार, गिरफ्तारियों का आंकड़ा पहुंचा 60 के पार
    जबलपुर का सिहोरा क्षेत्र बीते कुछ घंटों से सांप्रदायिक तनाव की चपेट में था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उपद्रवियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने अब तक कुल 60 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआत में जहां 49 आरोपियों को जेल भेजा गया था, वहीं ताजा कार्रवाई में 12 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा ले रही है; सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए एक-एक चेहरे की शिनाख्त की जा रही है, ताकि कोई भी दोषी कानून के हाथ से बच न सके।

    इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने अब तक कुल पांच अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। ये मामले मंदिर में तोड़फोड़, पथराव, आगजनी और सार्वजनिक शांति भंग करने की धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं। चश्मदीदों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

    सिहोरा के वार्ड नंबर 5 और आजाद चौक जैसे संवेदनशील इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही पुलिस की कई टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। हालांकि, प्रशासन की मुस्तैदी के चलते अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और बाजार व आवाजाही फिर से पटरी पर लौटने लगी है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की भ्रामक खबर या अफवाह पर विश्वास न करने की पुरजोर अपील की है। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रहेगा।

  • हादसे की राह में अनियंत्रित बस, पिपरिया से छिंदवाड़ा जा रही बस पलटी, चालक गंभीर रूप से घायल

    हादसे की राह में अनियंत्रित बस, पिपरिया से छिंदवाड़ा जा रही बस पलटी, चालक गंभीर रूप से घायल


    होशंगाबाद जिले के पिपरिया से छिंदवाड़ा जा रही बस रविवार 22 फरवरी सुबह करीब दस बजे रेनीखेड़ा गांव के पास पलट गई और हादसे में पंद्रह यात्री घायल हो गए। बस के अनियंत्रित होकर पलटने की जानकारी मिलने पर माहुलझिर थाना पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल तामिया अस्पताल पहुंचाया।

    जानकारी के अनुसार बस पिपरिया से छिंदवाड़ा की ओर आ रही थी और रेनीखेड़ा के पास अचानक चालक ने बस पर नियंत्रण खो दिया। हादसे के समय बस में यात्रियों की संख्या अधिक नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। लेकिन इसके बावजूद पंद्रह यात्रियों को चोटें आई हैं। इनमें से दस से ग्यारह यात्रियों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें पिपरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी अन्य मामूली घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

    बस चालक अमर के सिर में गंभीर चोट आई है और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार चालक की स्थिति गंभीर है और उनकी निगरानी जारी है।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत क्रेन की मदद से पलटी हुई बस को सड़क से हटवाया और यातायात सामान्य किया। साथ ही पुलिस ने केस दर्ज कर हादसे की वजहों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज गति के कारण बस अनियंत्रित हो गई और पलटी।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि बस पलटते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ आए और घायलों की मदद की। कई लोग घायल यात्रियों को तामिया अस्पताल तक पहुंचाने में शामिल हुए। हादसे में गनीमत यह रही कि बस में ज्यादा भीड़ नहीं थी, अन्यथा परिणाम और भी भयावह हो सकता था।

    पुलिस ने चेतावनी दी है कि पिपरिया-छिंदवाड़ा मार्ग पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और तेज गति से बचें। स्थानीय प्रशासन भी हादसे के बाद सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रहा है।

    बस हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा पर ध्यान देना कितना जरूरी है। तेज गति और चालक की लापरवाही कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है। यात्रियों और आम जनता से अपील की गई है कि सड़क पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अनियंत्रित वाहन से बचने के लिए सतर्क रहें।

  • लालच में गवां दी कमाई: रिटायर टीआई के साथ 14 लाख की ठगी, फर्जी ट्रेडिंग ग्रुप ने बनाया शिकार

    लालच में गवां दी कमाई: रिटायर टीआई के साथ 14 लाख की ठगी, फर्जी ट्रेडिंग ग्रुप ने बनाया शिकार


    छिंदवाड़ा । जिले में रिटायर टीआई कोमल दियावार ठगी का शिकार हो गए जब फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर बनाए गए एक ग्रुप ने उनके साथ 14 लाख से अधिक की ठगी कर दी। ठगों ने मोटा मुनाफा दिखाकर उन्हें अपने जाल में फंसाया।

    ठगी का तरीका
    जानकारी के अनुसार ठगों ने एक ट्रेडिंग कंपनी जैसा दिखने वाला ग्रुप बनाया और रिटायर अधिकारी को उसमें शामिल किया। शुरुआत में खाते में अच्छे मुनाफे का लालच दिखाया गया। विश्वास होने के बाद अधिकारी ने अपने 14 लाख रुपए ग्रुप के माध्यम से जमा कर दिए। अचानक ग्रुप बंद होने पर उन्हें ठगी का अंदाजा हुआ और वह कोतवाली थाना पहुंचे।

    पुलिस कार्रवाई

    कोतवाली थाना प्रभारी आशीष धुर्वे ने मीडिया को बताया कि फर्जी ट्रेडिंग कंपनी के माध्यम से रिटायर अधिकारी को धोखा दिया गया। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

    सावधानी की जरूरत

    विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश के लालच में जल्दबाजी करना अक्सर भारी पड़ता है। किसी भी निवेश से पहले कंपनी का सत्यापन आधिकारिक पंजीकरण और विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। यह मामला निवेश के नाम पर बढ़ती ठगी की गंभीर चुनौती को उजागर करता है और लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी देता है।

  • सिंगरौली थाने में दबंगई: बंदूक की नोंक पर अवैध रेत वाहन छुड़ाया, पुलिस देखती रह गई

    सिंगरौली थाने में दबंगई: बंदूक की नोंक पर अवैध रेत वाहन छुड़ाया, पुलिस देखती रह गई


    सिंगरौली । जिले में अवैध रेत माफिया के हौसले अब कानून और पुलिस दोनों को चुनौती देने लगे हैं। ताजा मामला इसी डर को पुष्ट करता है जब चितरंगी थाने में पुलिस की मौजूदगी में हथियारबंद दबंगों ने अवैध रेत से भरे वाहन को बंदूक की नोंक पर छुड़ाकर ले गए।

    घटना का भयावह विवरण

    वन विभाग की टीम ने अवैध रेत से भरे वाहन को जब्त कर थाने में खड़ा किया था। उसी दौरान दर्जनों लोग गाड़ियों से थाने में पहुंचे। हाथों में हथियार और आंखों में दबंगई लिए आरोपियों ने वनकर्मियों को धमकाया गाली गलौज की और बंदूक लहराते हुए वाहन को जब्त कर फरार हो गए। घटना के दौरान पुलिस न केवल रोकने में असमर्थ रही बल्कि पूरे वाक्य के दौरान सिर्फ देखती रही।

    उठ रहे सवाल

    यह घटना सिस्टम और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या थाने में मौजूद पुलिसकर्मी असहाय थे या किसी दबाव में चुप्पी साध ली गई? क्या सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे थे? आरोपियों की पहचान हो चुकी है या नहीं? क्या किसी स्तर पर मिलीभगत हुई थी? ऐसे कई सवाल जिले में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

    माफिया का ताकतवर नेटवर्क

    अवैध रेत उत्खनन सिंगरौली में नई बात नहीं है लेकिन इस बार मामला सीधे कानून को चुनौती देने वाला है। अगर बंदूक की नोंक पर थाने से वाहन छुड़ाया जा सकता है तो यह स्पष्ट संकेत है कि माफिया का नेटवर्क कितना मजबूत और प्रभावित है।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद वनरक्षक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच की बात कही है लेकिन फिलहाल कोई आधिकारिक बयान या गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह घटना न केवल अवैध रेत माफिया की ताकत का उदाहरण है बल्कि स्थानीय प्रशासन और कानून व्यवस्था की सख्ती पर भी सवाल खड़े करती है।

  • नर्मदापुरम के स्कूल में बदमाशों ने आग लगाई, दस्तावेज और फर्नीचर जलकर खाक

    नर्मदापुरम के स्कूल में बदमाशों ने आग लगाई, दस्तावेज और फर्नीचर जलकर खाक


    नर्मदापुरम। जिले के हिरनखेड़ा गांव में रविवार तड़के हड़कंप मच गया जब अज्ञात बदमाशों ने शासकीय माखनलाल चतुर्वेदी हायर सेकेंडरी स्कूल में घुसकर आग लगा दी। आरोपियों ने स्कूल के ऑफिस और रिकॉर्ड रूम को निशाना बनाया। आग इतनी भीषण थी कि स्कूल के महत्वपूर्ण दस्तावेज, फाइलें, सेवा पुस्तिकाएं, कंप्यूटर और फर्नीचर पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

    ग्रामीणों का आक्रोश और सड़क जाम
    घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक लाखों का नुकसान हो चुका था। आक्रोशित ग्रामीणों ने धर्मकुंडी-इटारसी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। उन्होंने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की और साथ ही स्कूल में लाइट और सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने की भी अपील की।

    सुरक्षा व्यवस्था की कमी

    ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में पर्याप्त सुरक्षा और बिजली व्यवस्था नहीं होने के कारण ऐसी घटनाएं होती हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और संदिग्धों की पहचान में जुट गई है। इस मामले की पुष्टि राकेश साहू, संकुल प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हीरानखेड़ा ने की। यह घटना शिक्षा और प्रशासनिक सुरक्षा की अनदेखी का उदाहरण भी सामने लाती है, जबकि ग्रामीण और शिक्षक दोनों ही बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की सुरक्षा के लिए चिंतित हैं।

  • भोपाल में दिव्यांग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ, सीएम डॉ. मोहन ने कहा- वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी

    भोपाल में दिव्यांग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ, सीएम डॉ. मोहन ने कहा- वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी


    भोपाल। राजधानी भोपाल में एक अनूठा और प्रेरक आयोजन शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेहरू नगर स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड में दिव्यांग टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन 5 दिन तक लगातार बिना रुके क्रिकेट खेलेंगे और यह आयोजन वर्ल्ड रिकॉर्ड के आधार पर चल रहा है।

    सीएम ने खिलाड़ियों को किया प्रोत्साहित

    मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी और कहा कि दिव्यांग होने के बावजूद खिलाड़ियों ने चुनौतियों को स्वीकार कर खेल में हिस्सा लिया है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे न्यास के माध्यम से आयोजित किया गया है जिसमें मन की बात कार्यक्रम के तहत दिव्यांग क्रिकेट महोत्सव भी शामिल है। सीएम ने यह भी कहा कि 100 घंटे लगातार क्रिकेट मैच खेला जाएगा जिससे खेलों को बढ़ावा मिलेगा और प्रतिभाओं को पहचान मिलेगी।

    प्रतियोगिता का स्वरूप

    इस टूर्नामेंट में 8 राज्यों की 6 टीमें भाग ले रही हैं। कुल 100 घंटे तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में 25 टी-20 मैच दिन-रात खेले जाएंगे। खिलाड़ियों की मेहनत और जोश को देखते हुए यह आयोजन वर्ल्ड रिकॉर्ड लिंका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया गया है।

    खेल और समर्पण की मिसाल

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी शरीर की सीमाओं के बावजूद खेल के मैदान में पूरी ऊर्जा के साथ भाग ले रहे हैं। यह न केवल खेलों को बढ़ावा देगा बल्कि समाज में दिव्यांग प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का संदेश भी देगा। खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण इस आयोजन को और भी खास बनाता है। यह टूर्नामेंट न केवल क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांचक साबित होगा बल्कि यह यह भी दिखाएगा कि सीमाएँ केवल मानसिक हैं और सही अवसर मिलने पर कोई भी खेल की ऊँचाइयों को छू सकता है।

  • शहडोल में नशे पर बड़ा प्रहार: लेडी ड्रग पेडलर शबनम बी गिरफ्तार, 730 ऑनरेक्स सिरप जब्त

    शहडोल में नशे पर बड़ा प्रहार: लेडी ड्रग पेडलर शबनम बी गिरफ्तार, 730 ऑनरेक्स सिरप जब्त


    शहडोल । शहडोल जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने दुर्गा कॉलोनी स्थित टेक्निकल ग्राउंड के पास रहने वाली कथित लेडी ड्रग पेडलर शबनम बी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 730 नग ऑनरेक्स कफ सिरप जब्त किया है। जब्त सिरप की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है।

    पुलिस के अनुसार आरोपी शबनम बी पहले भी नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त पाई जा चुकी है। लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने सुनियोजित रणनीति बनाकर दबिश दी और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि आरोपी बाहरी राज्यों से नशीली सामग्री मंगाकर जिले में युवाओं के बीच सप्लाई कर रही थी जिससे युवा वर्ग तेजी से नशे की चपेट में आ रहा था।

    कार्रवाई के दौरान एक संगठित गिरोह का खुलासा भी हुआ है। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क में बंटी उसका बेटा और दामाद के अलावा अंतरराज्यीय तस्कर रमेश जायसवाल सहित अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई है। पांच अन्य संदिग्धों की पहचान भी कर ली गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

    कोतवाली थाना प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नशे के खिलाफ यह विशेष अभियान चलाया गया। 730 ऑनरेक्स सिरप के साथ एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया है जबकि पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

    इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले में नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं आमजन ने पुलिस की इस पहल की सराहना की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

  • इंदौर-भोपाल घटनाक्रम पर गरमाई सियासत, PCC चीफ जीतू पटवारी ने CS को लिखा पत्र

    इंदौर-भोपाल घटनाक्रम पर गरमाई सियासत, PCC चीफ जीतू पटवारी ने CS को लिखा पत्र


    भोपाल । भोपाल और इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ हुई मारपीट और पार्टी कार्यालयों पर हुए कथित हमलों को लेकर प्रदेश की सियासत तेज हो गई है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी आपत्ति जताते हुए मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखा है।

    जीतू पटवारी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि भोपाल, इंदौर सहित विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस कार्यालयों पर संगठित रूप से हमला किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं पर जानलेवा हमले का प्रयास किया गया, जबकि पुलिस मौके पर मौजूद होने के बावजूद मूकदर्शक बनी रही। पटवारी ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया है।

    उन्होंने कहा कि पीसीसी कार्यालय पर हुए प्रदर्शन ने गुंडागर्दी का रूप ले लिया। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और कार्यालयों में तोड़फोड़ की कोशिश की गई। उनके अनुसार, यह घटनाएं प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होंगी।

    पत्र में पटवारी ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि किसी भी स्तर पर राजनीतिक संरक्षण या सहमति की भूमिका पाई जाती है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए, ताकि प्रदेश की जनता का कानून व्यवस्था और प्रशासनिक निष्पक्षता पर विश्वास कायम रह सके। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।

    इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस जहां इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रही है, वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।