Category: Madhya Pradesh

  • MP: विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय की नेता प्रतिपक्ष पर असंसदीय टिप्पणी, भड़की कांग्रेस

    MP: विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय की नेता प्रतिपक्ष पर असंसदीय टिप्पणी, भड़की कांग्रेस


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Assembly) में गुरुवार को संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) द्वारा की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद उस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने अफसोस जताया और मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने माफी मांगी। दरअसल विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी, इसी दौरान विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar.) के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे यह पूरा हंगामा खड़ा हो गया।


    सिंघार ने अदाणी का नाम लेकर सरकार पर लगाया आरोप

    चर्चा में हिस्सा लेते हुए सिंघार ने सिंगरौली में सरकार और अदाणी के बीच हुए करार का मुद्दा उठाया और दावा किया कि सरकार बिजली खरीद के नाम पर 25 साल में अदाणी की कंपनी को एक से सवा लाख करोड़ रुपए देने की तैयारी में है। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई और कहा कि जो व्यक्ति सदन में मौजूद नहीं है, उसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए जबकि विजयवर्गीय ने सिंघार पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।


    विजयवर्गीय ने सिंघार के लिए किया आपत्तिजन शब्द का इस्तेमाल

    सिंघार ने कहा कि वह हर बात प्रमाण के साथ करते हैं और जरूरत पड़ने पर प्रमाण दे सकते हैं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला और इसी दौरान विजयवर्गीय ने सिंघार के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर दिया। इसके बाद, विपक्षी कांग्रेस के सदस्य हंगामा करते हुए विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग करने लगे। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से हंगामा और नारेबाजी की गई।


    स्पीकर तोमर बोले- गुस्सा नहीं आना चाहिए लेकिन आज आ गया

    हंगामा बढ़ता देख तोमर ने सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी। बाद में जब सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा की एक गौरवशाली परंपरा रही है लेकिन आज असहज स्थिति बन गई, जिसका कि उन्हें अफसोस है। तोमर ने कहा, ‘गुस्सा आना नहीं चाहिए लेकिन आज आ गया, दोनों पक्षों की तरफ से। उसके कारण असहज स्थिति बनी। मुझे इसका रंज है इसके लिए पक्ष और प्रतिपक्ष जिम्मेदार हैं।’


    सीएम यादव ने जाने-अनजाने में निकले शब्द के लिए मांगी माफी

    तोमर ने कहा, ‘संसदीय कार्य मंत्री बहुत अनुभवी हैं फिर भी आज सीमा कैसे टूट गई यह हम सभी के लिए चिंता का विषय है।’ इसके बाद, विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से विवाद का पटाक्षेप करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि जाने-अनजाने में कुछ शब्द निकले हैं, इसके लिए वह सदन से माफी मांगते हैं।


    सिंघार ने भी खेद व्यक्त कर मामले का पटाक्षेप किया

    सिंघार ने कहा मुख्यमंत्री ने जो भाव दिखाया, वह उसका सम्मान करते हैं और संसदीय मर्यादा का ध्यान रखते हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर मेरी ओर से कुछ हुआ है तो मैं भी खेद व्यक्त करता हूं।’


    विजयवर्गीय ने अपने व्यवहार पर जताई नाखुशी

    इस बीच, विजयवर्गीय ने कहा कि करीब 37 साल का उनका राजनीतिक अनुभव रहा है लेकिन आज के अपने व्यवहार से वह खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग अगर संसदीय मर्यादाओं का पालन नहीं करेंगे तो बाकी सदस्य कैसे करेंगे। उन्होंने कहा कि आज पता नहीं कैसे यह सब हो गया। विजयवर्गीय ने कहा, ‘उमंग के हाव-भाव थोड़े अलग थे… मैं उमंग को प्यार करता हूं… मैं अपने व्यवहार से दुखी हूं।’


    विजयवर्गीय बोले- किसी ज्योतिष से पूछना पड़ेगा

    वहीं विधानसभा की कार्यवाही खत्म होने के बाद मीडियाकर्मियों ने जब उनसे उनके गुस्से को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि ‘कभी-कभी आ जाता है’। वहीं एक अन्य मीडियाकर्मी ने जब उनसे पूछा कि ऐसा नहीं लगता कि पिछले एक-डेढ़ महीने से आपकी जुबान पर शनि बैठा हुआ है, तो विजयवर्गीय ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा- ‘किसी ज्योतिष से पूछूंगा यार।’


    सिंघार बोले- मैं अपनी ‘औकात’ में ही हूं

    बाद में सिंघार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संविधान की फोटो के साथ एक पोस्ट करते हुए विजयवर्गीय पर निशाना साधा और कहा कि ‘माननीय कैलाश विजयवर्गीय जी, मैं अपनी औकात में हूँ।’ उन्होंने कहा, ‘मेरी औकात मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के सवालों को आपकी अहंकारी सत्ता के सामने मुखरता से रखने की है। मेरी इसी औकात ने आपको इतना बौना बना दिया कि आपके अंदर का असली चेहरा बाहर आ गया, मेरी इसी औकात ने आपको भगीरथपुरा पर बहस करने पर मजबूर किया।’

    उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय द्वारा इस्तेमाल किए गए अपशब्द केवल उमंग सिंघार या किसी एक नेता प्रतिपक्ष के लिए नहीं थे, यह मध्यप्रदेश की 7.5 करोड़ जनता का अपमान है। उन्होंने कहा, ‘जनता को कीड़े-मकोड़े समझने की मानसिकता रखने वाले मंत्री विजयवर्गीय ने असल में अपने अहंकार का परिचय दिया है…।’ उन्होंने कहा, ‘सत्ता का मद इतना चढ़ गया है कि जनप्रतिनिधि खुद को जनता से ऊपर समझने लगे हैं।’


    पटवारी ने कहा- कांग्रेस पुतले जलाकर विरोध करेगी

    कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय के व्यवहार को सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा करार दिया और कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘नए भारत’ का नया परिचय है। उन्होंने घोषणा की‌ कि कांग्रेस विजयवर्गीय के पुतले जलाकर इसका विरोध करेगी। पटवारी की इस घोषणा के कुछ ही देर बाद राजधानी भोपाल में युवक कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने विजयवर्गीय के आवास के बाहर उनका एक पोस्टर जलाया।

  • MP में मौसम ने बदली करवट, प्रदेश के आधे हिस्से में आंधी-बारिश और कई जिलों में ओले गिरे

    MP में मौसम ने बदली करवट, प्रदेश के आधे हिस्से में आंधी-बारिश और कई जिलों में ओले गिरे


    भोपाल। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मध्य प्रदेश के आधे हिस्से में जोरदार आंधी-बारिश और कई जिलों में ओले गिरे। खासकर उज्जैन, मंदसौर और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिन के लिए फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन 23-24 फरवरी को प्रदेश में फिर से बारिश का अलर्ट रहने की संभावना है।

    पिछले दो दिन का हाल

    प्रदेश में पिछले दो दिन से तेज आंधी और बारिश का दौर जारी रहा। उज्जैन के घट्टिया, महिदपुर और उन्हेल जैसे ग्रामीण इलाकों में फसलें गिर गईं, जिससे दानों को नुकसान हुआ। प्रशासन ने प्रभावित गांवों में सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    बारिश का फैलाव
    पिछले 24 घंटे में 25 जिलों के करीब 80 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। इनमें धार, श्योपुर, शिवपुरी, इंदौर, आगर-मालवा, उज्जैन, राजगढ़, खरगोन, मुरैना, सीहोर, दतिया, ग्वालियर, भोपाल, गुना, रतलाम, बड़वानी, मंदसौर, शाजापुर, देवास, विदिशा, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर शामिल हैं। श्योपुर के नालछा में सबसे ज्यादा 1 इंच बारिश दर्ज हुई, जबकि श्योपुर में आंधी की रफ्तार 63 किलोमीटर प्रति घंटे रही। भोपाल और सीहोर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।

    मौसम क्यों बदल रहा है

    मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात और प्रदेश में सक्रिय टर्फ सिस्टम के चलते बुधवार और गुरुवार को बारिश और ओले गिरे। गुरुवार को प्रदेश में एक और टर्फ और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बनी रही। उत्तर से आने वाली सर्द हवाओं ने दिन के तापमान में गिरावट का कारण बना।

    फरवरी में लगातार बदलता मौसम
    फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले और बारिश हुई थी, जिससे फसलें प्रभावित हुईं। 18 और 19 फरवरी को तीसरी बार बारिश दर्ज की गई। अब चौथी बार भी बारिश की संभावना है।

    तापमान का हाल
    बारिश के चलते दिन का तापमान गिरा। गुरुवार को ठंडी हवाओं के चलते लोग गर्म कपड़ों में नजर आए। रात का तापमान बढ़ा और भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में यह 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। खजुराहो और कल्याणपुर में 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया।

    अगले दो दिन का मौसम

    21 फरवरी: बारिश का कोई अलर्ट नहीं। दिन में धूप खिल सकती है।
    22 फरवरी: मौसम साफ रहेगा, फिलहाल कोई बारिश की चेतावनी नहीं।

  • राजधानी में दहशत: पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 12:15 बजे विस्फोट का दावा; परिसर खाली

    राजधानी में दहशत: पीपुल्स यूनिवर्सिटी को बम धमकी, 12:15 बजे विस्फोट का दावा; परिसर खाली



    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी को गुरुवार सुबह एक धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। यूनिवर्सिटी के डीन को भेजे गए मेल में दावा किया गया था कि मेडिकल कॉलेज परिसर में साइनाइड गैस युक्त बम लगाए गए हैं, जो दोपहर 12:15 बजे विस्फोट करेंगे। ईमेल में सुबह 11 बजे तक डॉक्टरों, छात्रों और स्टाफ को परिसर खाली कराने की चेतावनी भी दी गई थी।
    सूचना मिलते ही यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने तुरंत पुलिस प्रशासन को अवगत कराया। एहतियात के तौर पर क्लासरूम, ओपीडी, हॉस्टल और प्रशासनिक भवनों से छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ ही देर में पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए और पूरे परिसर की सघन तलाशी शुरू की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरा ईमेल यूनिवर्सिटी की आधिकारिक मेल आईडी पर भेजा गया था। संदेश में विस्फोट का समय स्पष्ट रूप से उल्लेखित था। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए हर संभावित स्थान की जांच की। हालांकि निर्धारित समय तक किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। मामले की तकनीकी जांच साइबर सेल को सौंप दी गई है।
    ईमेल किस आईडी से भेजा गया, उसका सर्वर लोकेशन क्या है और क्या इसमें किसी संगठित समूह की भूमिका हैइन सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर इसे शरारत या फर्जी धमकी की आशंका से भी जोड़ा जा रहा है, लेकिन अधिकारी किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रहे। धमकी की खबर फैलते ही यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में चिंता देखी गई। हालांकि पुलिस ने आश्वस्त किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी।
    यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिसर खाली कराया गया और पुलिस के सहयोग से व्यापक जांच कराई गई। फिलहाल कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन ईमेल भेजने वाले की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीपुल्स यूनिवर्सिटी को मिली बम धमकी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की सतर्कता की परीक्षा ले ली। समय रहते प्रशासनिक कार्रवाई से बड़ा खतरा टल गया। अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती हैधमकी देने वाले तक पहुंचकर सच्चाई सामने लाना।
  • MP विधानसभा बजट सत्र: अदाणी विवाद और भागीरथपुरा मौत कांड पर हंगामा, नेता प्रतिपक्ष ने इस्तीफे की मांग की

    MP विधानसभा बजट सत्र: अदाणी विवाद और भागीरथपुरा मौत कांड पर हंगामा, नेता प्रतिपक्ष ने इस्तीफे की मांग की


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का गुरुवार को चौथा दिन विवादों के कारण सुर्खियों में रहा। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बीच तीखी बहस हुई। सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार और अदाणी के बीच समझौता हुआ है, जिसके तहत बिजली खरीद के नाम पर अगले 25 साल में 1 लाख से सवा लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

    जब सिंघार ने यह दावा किया, मंत्री विजयवर्गीय ने सबूत मांगते हुए कहा, “इसका सबूत दें।” नेता प्रतिपक्ष ने जवाब दिया कि उनके पास सबूत हैं और वे दिखा देंगे। इस दौरान दोनों के बीच तनातनी बढ़ गई और मंत्री विजयवर्गीय ने उन्हें “औकात में रहने” की चेतावनी दी। इससे सदन में हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

    प्रदर्शन और हंगामा
    कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। उमंग सिंघार ने बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक बताते हुए इसे “ख्याली पुलाव” करार दिया। सदन में प्रश्न पूछने के दौरान भी शोर-शराबा जारी रहा, जिसके कारण अध्यक्ष ने कार्यवाही पाँच मिनट के लिए स्थगित कर दी।

    भागीरथपुरा मौत कांड पर सवाल
    इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ। सिंघार ने संबंधित मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की।

    डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि 21 से 29 दिसंबर के बीच डायरिया फैलने के बाद स्थिति गंभीर हुई और 22 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की राहत दी गई। सिंघार ने मृतकों की संख्या 35 बताते हुए सभी को मुआवजा देने और मंत्रियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और एक आईएएस अधिकारी को निलंबित किया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के राहत कार्यों का भी उल्लेख किया गया। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने भी सरकार का पक्ष रखा, लेकिन इस्तीफे की मांग और विवाद के बीच सदन में हंगामा जारी रहा।

    MP विधानसभा बजट सत्र में अदाणी बिजली सौदे और भागीरथपुरा मौत कांड को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष ने मंत्री इस्तीफे की मांग की, जबकि सरकार ने राहत कार्य और कार्रवाई का हवाला दिया। विवाद के बीच सदन की कार्यवाही कई बार बाधित रही।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किया नमन

    भोपाल । मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हिन्दवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने अभूतपूर्व पराक्रम, अद्वितीय शौर्य और उत्कृष्ट युद्ध कौशल से अखंड भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने मां भारती के स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन राष्ट्रभक्ति, संगठन क्षमता और सुशासन का अद्वितीय उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी युवाओं को साहस, नेतृत्व और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है।

    उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि शिवाजी महाराज के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ में होंगे शामिल, वैश्विक टेक कंपनियों से करेंगे वन-टू-वन चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ में होंगे शामिल, वैश्विक टेक कंपनियों से करेंगे वन-टू-वन चर्चा


    भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार 20 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। समिट में वे उच्च-स्तरीय पैनल चर्चा में शामिल होकर राज्य स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई के उपयोग से आर्थिक विकास को गति देने, डिजिटल सुशासन को मजबूत बनाने और अत्याधुनिक अवसंरचना विकसित करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे। इन बैठकों में एआई कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा संरचना, क्लाउड इकोसिस्टम, जनरेटिव एआई एकीकरण और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर चर्चा होगी। साथ ही एडवांस्ड सेमीकंडक्टर एक्सीलरेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर विकास और सॉवरेन एआई मॉडलिंग जैसे अत्याधुनिक विषयों पर भी मंथन किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री टियर-2 शहरों से उभर रहे स्टार्ट-अप्स और नवप्रवर्तकों से भी मुलाकात करेंगे। वे एआई आधारित समाधानों पर काम कर रहे युवा उद्यमियों के नवाचारों की जानकारी लेकर उन्हें प्रोत्साहित करेंगे। इससे राज्य में तकनीकी नवाचार और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

    समिट में मध्यप्रदेश का विशेष पवेलियन हॉल-4, प्रथम तल, बूथ संख्या 4F-32 और 4F-34 में AI सशक्त भारत के लिए सक्षम शासन थीम पर स्थापित किया गया है। इस पवेलियन में 14 एआई स्टार्ट-अप, IIT Indore, आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन सहित शैक्षणिक संस्थान और चार प्रमुख शासकीय विभाग भाग ले रहे हैं। यहां शासन में लागू किए जा चुके एआई समाधानों को प्रदर्शित किया जा रहा है, जो पारदर्शिता बढ़ाने, समयबद्ध सेवा वितरण और डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को सशक्त बनाने में सहायक हैं।

    मध्यप्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, एमपीएसईडीसी के सहयोग से, इस राष्ट्रीय मंच पर राज्य की योजनाबद्ध और लक्ष्य-आधारित एआई पहलों को प्रस्तुत कर रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि एआई तकनीक के प्रभावी उपयोग से मध्यप्रदेश आर्थिक प्रगति, निवेश आकर्षण और सुशासन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।

  • निगम की पोल खोलते हुए इंदौर की महिला ने सीधे महापौर से पूछा: जनता के लिए काम कब होगा?

    निगम की पोल खोलते हुए इंदौर की महिला ने सीधे महापौर से पूछा: जनता के लिए काम कब होगा?


    इंदौर इंदौर की जनता चौपाल में वार्ड 84 की टीना गौड़ ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव के सामने नगर निगम की फिजूलखर्ची और विकास कार्यों की खामियों पर सीधे सवाल उठाकर पूरे मंच को सन्न कर दिया। महिला ने निगम के कामकाज, सड़क मरम्मत, पार्क और ब्लॉक सुधार, और टैक्स वृद्धि पर निर्भीकता से अपनी बात रखी, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    टीना ने महापौर से सवाल किया कि उनके आने से सिर्फ 10 मिनट पहले ही सड़क का गड्ढा भरा गया, जबकि इससे पहले कई बुजुर्ग गिरकर चोटिल हो चुके थे। उन्होंने पूछा, “क्या सड़क मरम्मत सिर्फ जनप्रतिनिधियों के आने पर होती है? आम जनता के लिए ऐसा क्यों नहीं किया जाता?” यह सवाल महापौर को असहज स्थिति में ला गया।

    महिला ने जनता चौपाल की नियमितता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, “चुनाव के बाद से जनता चौपाल क्यों नहीं हुई और आज क्यों रखी गई?” महापौर ने जवाब दिया, “आपको पता है, मैं कितनी बार द्वारकापुरी आया।” लेकिन टीना ने पलटवार किया, “सर, आप आए, लेकिन जनता से रूबरू मिलने आए थे क्या?” महापौर ने कहा, “तो फिर क्या करने आया था?” टीना ने निर्भीकता से कहा, “आज तो बोलने का पूरा हक है न सर।”

    सिर्फ सड़क ही नहीं, टीना ने पार्क, ब्लॉक और अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, “अगर ब्लॉक और गार्डन पहले अच्छे थे, तो उन्हें क्यों खोदा गया? दीवारें तोड़ने की क्या जरूरत थी? निगम कर्ज में है, फिर भी यह फिजूलखर्ची क्यों?” उनके सवालों ने नगर निगम की प्राथमिकताओं और कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

    टीना ने टैक्स वृद्धि और आम जनता पर इसके प्रभाव को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि 2021 में टैक्स बढ़ाया गया और अब 2% और बढ़ा दिया गया, जिससे गरीब प्रभावित हुए हैं। उन्होंने निवेदन किया कि पार्षद घर-घर जाकर लोगों की समस्याएं सुनें और जनता से रूबरू हों।

    महिला के सीधे और बेबाक सवालों ने महापौर को जवाब देने के लिए मजबूर किया। उनकी बहादुरी और जागरूकता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोग इसे लेकर चर्चा कर रहे हैं।

    टीना गौड़ ने इंदौर की जनता चौपाल में नगर निगम की फिजूलखर्ची और विकास कार्यों की खामियों पर सीधे सवाल उठाकर प्रशासन की पोल खोल दी। यह दिखाता है कि जब नागरिक जागरूक और सशक्त हों, तो प्रशासन जवाबदेह बनता है। जनता की आवाज़ दब नहीं सकती, और ऐसे उदाहरण आम लोगों के लिए प्रेरणादायक बनते हैं।

  • शराब की लत ने छीनी पिता की सांसें: ग्वालियर में रुपयों के लिए कलयुगी बेटे ने बुजुर्ग पिता को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला

    शराब की लत ने छीनी पिता की सांसें: ग्वालियर में रुपयों के लिए कलयुगी बेटे ने बुजुर्ग पिता को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के आरोन गांव में रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक नशेड़ी बेटे ने महज कुछ रुपयों के विवाद में अपने 65 वर्षीय बुजुर्ग पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। शराब के लिए पैसे न मिलने पर बेटे का गुस्सा इस कदर बढ़ा कि उसने अपने ही पिता पर डंडे से तब तक प्रहार किए, जब तक उनकी सांसें नहीं थम गईं। इस जघन्य अपराध के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और आक्रोश पसरा हुआ है।

    रुपयों की मांग और विवाद की शुरुआत

    पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बाबूलाल जाटव 65 पेशे से किसान थे और अपने बेटे रवि जाटव के साथ गांव में ही रहते थे। आरोपी रवि शराब का घोर आदी है और अक्सर नशे की पूर्ति के लिए अपने पिता से पैसों की मांग करता रहता था। मंगलवार शाम को भी रवि ने अपने पिता से कुछ पुराने रुपयों की मांग की। बाबूलाल इस बात से भली-भांति परिचित थे कि रवि इन पैसों का उपयोग केवल शराब पीने में करेगा, इसलिए उन्होंने पैसे देने से सख्त मना कर दिया। पिता का यह इनकार रवि को नागवार गुजरा और वह प्रतिशोध की आग में जलता हुआ घर से बाहर चला गया।

    नशे की हालत में जानलेवा हमला
    देर रात जब रवि शराब के अत्यधिक नशे में धुत होकर घर लौटा, तो उसके सिर पर खून सवार था। उसने कमरे में प्रवेश करते ही फिर से पैसों के लिए विवाद शुरू कर दिया। जब बुजुर्ग पिता अपनी बात पर अडिग रहे और पैसे देने से इनकार किया, तो रवि ने आव देखा न ताव और कमरे में रखा एक मोटा डंडा उठा लिया। उसने निहत्थे और असहाय पिता के सिर, सीने और पेट पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि बाबूलाल के शरीर के संवेदनशील अंगों पर गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े।
    पड़ोसियों की सूचना और पुलिसिया कार्रवाई
    घर के भीतर से आ रही चीख-पुकार और धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को इस खूनी संघर्ष की सूचना दी। जब पुलिस दल आरोन गांव पहुँचा, तो बाबूलाल जाटव मृत अवस्था में पाए गए। शुरुआती जांच में पुलिस ने मर्ग कायम किया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मिले गहरे जख्मों और अंदरूनी चोटों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया।

    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी रवि जाटव की तलाश शुरू की और गांव के पास ही घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रवि ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि पिता द्वारा पैसे न देने पर वह आपा खो बैठा था। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

    वारदात का संक्षिप्त विवरण:विवरणप्रमुख जानकारीघटनास्थलग्राम आरोन, जिला ग्वालियर म.प्र. मृतक का नामबाबूलाल जाटव 65 वर्ष आरोपी का नामरवि जाटव मृतक का पुत्र हथियारलकड़ी का मोटा डंडामुख्य कारणशराब के लिए रुपयों की मांग और विवादपुलिस कार्रवाईआरोपी गिरफ्तार, हत्या का मामला दर्ज

  • घर से निकला है… लौटकर नहीं आना चाहिए दतिया में पत्नी निकली पति की हत्या की मास्टरमाइंड, प्रेम प्रसंग ने ली जान

    घर से निकला है… लौटकर नहीं आना चाहिए दतिया में पत्नी निकली पति की हत्या की मास्टरमाइंड, प्रेम प्रसंग ने ली जान


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया जिले में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गोराघाट थाना क्षेत्र में सिंध नदी पुल के नीचे झाड़ियों में मिले एक अज्ञात युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने दस दिन की गहन जांच के बाद सुलझा लिया है। जो मामला शुरुआत में अंधे कत्ल जैसा प्रतीत हो रहा था, वह दरअसल प्रेम प्रसंग में रची गई एक सुनियोजित साजिश निकला, जिसकी मास्टरमाइंड मृतक की पत्नी ही थी।

    घटना 6 फरवरी की है, जब हाईवे किनारे पुल के नीचे करीब 35 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ। शव की स्थिति संदिग्ध थी और प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। पहचान न होने पर पुलिस ने नियमानुसार शव को दफना दिया। दो दिन बाद परिजन अपने लापता सदस्य की तलाश में दतिया पहुंचे और शव की पहचान झांसी निवासी हंसराज वर्मा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने शव को निकलवाकर परिजनों को सौंप दिया और जांच को नई दिशा मिली।

    पहचान होते ही पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और परिजनों के बयान खंगालने शुरू किए। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी बबीता वर्मा और उसके रिश्ते में लगने वाले देवर हेमंत आर्य के बीच लंबे समय से बातचीत हो रही थी। फोन कॉल्स का सिलसिला धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गया। हंसराज पुराने ऑयल का कारोबार करता था और लेनदेन पत्नी के फोनपे खाते से होता था, जिससे दोनों के बीच संपर्क और गहरा हो गया।

    पूछताछ में सामने आया कि वारदात वाले दिन हंसराज ग्वालियर जाने के लिए घर से निकला था। उसी दौरान बबीता ने अपने प्रेमी हेमंत को फोन कर कथित तौर पर कहा वह घर से निकला है, लौटकर नहीं आना चाहिए, यह तुम्हारी जिम्मेदारी है। यही वह पल था जब साजिश ने अंतिम रूप लिया। हेमंत ने अपने साथी अनिल खटीक को साथ लिया। दोनों ने हंसराज से मुलाकात की, उसे शराब पिलाई और झांसी छोड़ने का बहाना बनाकर बाइक पर साथ ले गए। डबरा और गोराघाट पुल के पास दोबारा शराब पिलाने के बाद सुनसान झाड़ियों में मफलर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव फेंककर फरार हो गए।

    कॉल डिटेल में हत्या से पहले और बाद में बबीता और हेमंत के बीच लगातार संपर्क के सबूत मिले। मोबाइल लोकेशन, रेलवे टिकट और गवाहों के बयानों ने पुलिस को साजिश की हर कड़ी जोड़ने में मदद की। आखिरकार 17 फरवरी को पुलिस ने हेमंत आर्य (33), अनिल खटीक (35) और बबीता वर्मा (32) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त मफलर, शराब की बोतलें, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गईं।

    प्रेम संबंधों की आड़ में रची गई इस खौफनाक साजिश ने न सिर्फ एक व्यक्ति की जान ले ली, बल्कि एक परिवार को भी उजाड़ दिया। दतिया का यह मामला रिश्तों में विश्वासघात और लालच की ऐसी कहानी बन गया है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।

  • MP बजट सत्र: इंदौर भागीरथपुरा कांड पर विपक्ष का हंगामा, डिप्टी सीएम और मंत्री विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग

    MP बजट सत्र: इंदौर भागीरथपुरा कांड पर विपक्ष का हंगामा, डिप्टी सीएम और मंत्री विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग


    भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र गुरुवार को चौथे दिन भी हंगामेदार रहा। कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बजट को आम जनता के लिए “ख्याली पुलाव” बताया और सदन में जोरदार हंगामा किया।

    सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने इंदौर भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर आक्रोश जताया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे हादसा नहीं बल्कि हत्या बताया और संबंधित मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की। इसके बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

    डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि 21 से 29 दिसंबर के बीच डायरिया फैलने के बाद स्थिति गंभीर हुई थी और 22 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की राहत दी गई। इसके बावजूद विपक्ष ने मृतकों की संख्या 35 बताते हुए सभी परिवारों को मुआवजा देने और मंत्रियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार की गंभीर कार्रवाई का उल्लेख किया और आईएएस अधिकारी के निलंबन की जानकारी दी।

    सदन में अन्य मुद्दों पर भी हंगामा हुआ। अनूपपुर में फीस के दुरुपयोग का मामला उठाया गया। विपक्ष के विरोध के बीच डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने सरकार का पक्ष रखा।

    बजट सत्र के पहले तीन दिन भी विवादों और हंगामेदार घटनाओं से भरे रहे। पहले दिन राज्यपाल मंगु भाई पटेल का अभिभाषण और वंदे मातरम् के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया। दूसरे दिन वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया, जिसकी चर्चा 23 फरवरी को होगी। तीसरे दिन 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए के बजट पर भाषण हुआ, जिसमें 8वीं तक टेट्रा पैक दूध फ्री और 15,000 शिक्षकों की भर्ती जैसे ऐलान शामिल थे।

    बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 3,478 प्रश्न, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प और शून्य काल में 83 सवाल विधानसभा में रखे जाएंगे।