Category: Madhya Pradesh

  • एमपी में बिगड़ा मौसम का मिजाज, 42 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, 6 अप्रैल तक रहेगा असर

    एमपी में बिगड़ा मौसम का मिजाज, 42 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, 6 अप्रैल तक रहेगा असर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में आंधी बारिश और ओलावृष्टि का मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है। शुक्रवार सुबह से भोपाल सहित कई जिलों में बादल छाए हुए हैं। इससे पहले गुरुवार को 15 से अधिक जिलों में कहीं बारिश तो कहीं तेज आंधी देखने को मिली।

    मौसम केंद्र भोपाल ने शुक्रवार को 42 जिलों में आंधी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। अलीराजपुर धार बड़वानी खरगोन खंडवा बुरहानपुर नरसिंहपुर छिंदवाड़ा और सिवनी में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं भोपाल इंदौर उज्जैन जबलपुर सहित कई अन्य जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है।

    मौसम विभाग के मुताबिक यह स्थिति अगले चार दिनों यानी 6 अप्रैल तक बनी रहेगी। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है जबकि अन्य इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटा की गति से आंधी चलने का अनुमान है।

    गुरुवार शाम भोपाल में तेज आंधी चली जिससे शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। रात में बारिश भी हुई जो सुबह तक रुक-रुक कर जारी रही। सीहोर में खराब मौसम के कारण ‘पंचायत’ वेब सीरीज की शूटिंग प्रभावित हुई। महोडिया गांव में चल रही शूटिंग के दौरान तेज हवा और बारिश से टेंट और अन्य सामान उड़ गए साथ ही भोजन भी खराब हो गया। हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

    सागर में दिनभर मौसम बदलता रहा और शाम को हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। वहीं धार जिले के ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि हुई जिससे जोबट रोड ओलों से ढक गई। मऊगंज के भलुहा गांव में खेत में काम कर रही 42 वर्षीय महिला की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और दो ट्रफ सक्रिय हैं जिससे यह मौसम बना हुआ है। 7 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी प्रभाव डालेगा जिसके चलते 10 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    इसके बाद मौसम साफ होगा और गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तापमान तेजी से बढ़ेगा। महीने के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर धार खरगोन बड़वानी और नौगांव-खजुराहो जैसे इलाकों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दक्षिणी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में गर्म हवाओं के कारण भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है।

  • जीतू पटवारी आधी रात को विधानसभा पहुंचे, बोले-BJP के इशारे पर हो रही MLA की सदस्यता खत्म करने की साजिश

    जीतू पटवारी आधी रात को विधानसभा पहुंचे, बोले-BJP के इशारे पर हो रही MLA की सदस्यता खत्म करने की साजिश


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी (Madhya Pradesh Congress President Jitu Patwari) गुरुवार देर रात करीब 10 बजे अचानक विधानसभा सचिवालय (Assembly Secretariat) पहुंच गए. उनके यहां पहुंचने से हड़कंप मच गया. जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती (Congress MLA Rajendra Bharti) की सदस्यता समाप्त करने के लिए साजिशन रात में विधानसभा सचिवालय खोला गया है।

    दरअसल जीतू पटवारी ने एक वीडियो जारी किया है. जिसमें वो रात करीब 10 बजे मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचे और विधानसभा के मुख्य सचिव के कमरे में चले गए. कमरे में विधानसभा के मुख्य सचिव के सामने पूर्व विधायक पीसी शर्मा (PC Sharma) पहले से ही बैठे हुए थे. जाते ही जीतू पटवारी विधानसभा के मुख्य सचिव से पूछते नज़र आ रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी के विधायक के पास तो कोर्ट का स्टे है और इस वक्त रात में विधानसभा सचिवालय खोलने का क्या औचित्य है?

    हालांकि यह बातचीत ज़्यादा लंबी नहीं चली क्योंकि विधानसभा के मुख्य सचिव थोड़ी देर बाद ही कार से रवाना हो गए. इसके बाद जीतू पटवारी विधानसभा से बाहर निकले और आरोप लगाया कि ‘कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए बीजेपी के इशारे पर रात को विधानसभा सचिवालय खोला गया।


    जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर लगाया ये आरोप

    जीतू पटवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि ‘ मोहन सरकार की हठधर्मिता एवं अलोकतांत्रिक रवैये पर जब प्रदेश कांग्रेस ने आपत्ति उठाई तो पूरा तंत्र निरुत्तर हो गया. स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के रूप में कार्यरत विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों और अधिकारियों का यह रवैया अस्वीकार्य है. हम बीजेपी की इस राजनीतिक गुंडागर्दी और विधानसभा सचिवालय के दुरुपयोग की कड़ी निंदा करते हैं. कांग्रेस राजनीतिक दुर्भावना की इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेगी।

  • MP: भोपाल में बंसल वन मॉल के बाहर नशे में धुत युवकों ने मचाया उत्पात…

    MP: भोपाल में बंसल वन मॉल के बाहर नशे में धुत युवकों ने मचाया उत्पात…


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में देर रात की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर कटघरे में है. बुधवार रात करीब 1:30 बजे बंसल वन मॉल (Bansal One Mall) के बाहर नशे में धुत कुछ युवकों ने जमकर उत्पात मचाया. सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे 4-5 लड़के एक लाल रंग की कार को घेरते हैं और उसमें बैठे दो युवकों को कॉलर पकड़कर बाहर घसीट लेते हैं.

    चश्मदीदों के अनुसार, यह हाई-वोल्टेज ड्रामा करीब 10 मिनट तक चलता रहा. हमलावर युवकों ने कार सवारों को जमीन पर पटककर लात, घूंसों और थप्पड़ों से जमकर पीटा. इस दौरान मौके पर मौजूद कुछ लड़कियां बीच-बचाव करने की कोशिश करती रहीं, लेकिन हमलावर पूरी तरह बेकाबू थे. इस हंगामे की वजह से रात के समय भी सड़क पर 20 मिनट तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।


    विवाद की वजह

    शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत पार्किंग को लेकर हुई कहासुनी से हुई थी, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया. हमलावरों ने कार सवार युवकों पर छेड़खानी का भी आरोप लगाया है. हालांकि, मारपीट का तरीका इतना बर्बर था कि घायल युवकों को गंभीर चोटें आई हैं।

    हैरान करने वाली बात यह है कि जहां यह वारदात हुई, वहां से जीआरपी थाना महज कुछ मीटर की दूरी पर है, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार होने में कामयाब रहे.


    पुलिस का पक्ष

    स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज कर ली है. पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है.

    भोपाल में बढ़ता ‘पब कल्चर’
    बता दें कि हाल ही में एमपी नगर जोन-1 में एक पब के बाहर नशे में धुत युवतियों के बीच मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ था. बार-बार सामने आ रही ऐसी तस्वीरें राजधानी की रात्रिकालीन सुरक्षा और युवाओं में बढ़ते नशे के चलन की ओर इशारा कर रही हैं.

  • सीएम मोहन यादव करेंगे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन, उज्जैन बनेगा ग्लोबल टाइम सेंटर

    सीएम मोहन यादव करेंगे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन, उज्जैन बनेगा ग्लोबल टाइम सेंटर


    भोपाल । मध्यप्रदेश के उज्जैन में 3 अप्रैल से एक ऐतिहासिक और अंतर्राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होने जा रहा है, जहां विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। यह सम्मेलन 3 से 5 अप्रैल तक उज्जैन के समीप डोंगला डिजिटल प्लेनेटेरियम परिसर में आयोजित होगा।

    इस अवसर पर उज्जैन में नव-निर्मित साइंस सेंटर का भी लोकार्पण किया जाएगा, जो आधुनिक वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से बने इस साइंस सेंटर में साइंस गैलरी, आउटडोर साइंस पार्क, इनोवेशन हॉल और हेरिटेज आधारित प्रदर्शनी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

    सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन सहित देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और विचारक शामिल होंगे।

    उज्जैन, जिसे बाबा महाकाल और सम्राट विक्रमादित्य की नगरी के रूप में जाना जाता है, प्राचीन काल से खगोल विज्ञान और काल गणना का प्रमुख केंद्र रहा है। यही कारण है कि इस सम्मेलन में भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक स्पेस टेक्नोलॉजी के समन्वय पर विशेष चर्चा की जाएगी।

    तीन दिवसीय इस आयोजन में वैज्ञानिक, खगोलविद, शोधार्थी और नीति-निर्माता एक मंच पर आकर अंतरिक्ष विज्ञान, एस्ट्रोफिजिक्स, कॉस्मोलॉजी और स्पेस इकोनॉमी जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। इसके साथ ही यूएवी तकनीक, सैटेलाइट निर्माण, रिमोट कंट्रोल सिस्टम और टेलीस्कोप से आकाशीय अध्ययन जैसी गतिविधियों पर कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।

    सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण उज्जैन-डोंगला को वैश्विक मेरिडियन के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा है। डोंगला, जहां से कर्क रेखा गुजरती है, प्राचीन काल से खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रहा है। राज्य सरकार उज्जैन को फिर से वैश्विक टाइम स्केल सेंटर के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

    इस आयोजन में ISRO, CSIR, DRDO और नीति आयोग जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ भी भाग लेंगे। इसके अलावा टेक्नोलॉजी एक्सपो, स्टार्ट-अप कॉन्फ्रेंस, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस आयोजन का हिस्सा होंगे।

    उज्जैन का यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई दिशा देगा, बल्कि युवाओं में नवाचार और तकनीकी कौशल को भी प्रोत्साहित करेगा। साथ ही, यह आयोजन आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को भी नई गति देने में सहायक साबित होगा। इस प्रकार ‘महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम’ सम्मेलन उज्जैन को एक बार फिर वैश्विक वैज्ञानिक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

  • मध्‍य प्रदेश के धार भोजशाला विवाद पर 6 अप्रैल से रोजाना होगी हाईकोर्ट में सुनवाई

    मध्‍य प्रदेश के धार भोजशाला विवाद पर 6 अप्रैल से रोजाना होगी हाईकोर्ट में सुनवाई


    भोपाल । मध्‍य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला विवाद मामले की उच्च न्यायालय में 6 अप्रैल से रोजाना सुनवाई होगी। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच आगामी सोमवार को दोपहर 2.30 बजे से सभी याचिकाओं को एक साथ सुनवाई करेगी।

    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान कहा कि पहले याचिकाकर्ताओं के तर्क सुने जाएंगे, उसके बाद आपत्ति जताने वाले पक्ष को दलील रखने का मौका मिलेगा। इस दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वकील विष्णु शंकर जैन और विनय जोशी मौजूद रहे, जबकि मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी की ओर से एडवोकेट सलमान खुर्शीद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

    गौरतलब है कि बुधवार को उच्‍चतम न्‍यायालय ने स्पष्ट किया था कि इस विवाद का अंतिम निर्णय अब उच्‍च न्‍यायालय ही करेगी। उच्‍च न्‍यायालय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट, वीडियोग्राफी और पक्षकारों की आपत्तियों पर अंतिम सुनवाई करेगी। एएसआई की सर्वे रिपोर्ट सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जा चुकी है और कई पक्षों ने इस पर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

    बता दें कि उच्‍च न्‍यायालय में पहले ही एएसआई सर्वे रिपोर्ट पेश की जा चुकी है। एएसआई की रिपोर्ट में परिसर के ऐतिहासिक स्वरूप, स्थापत्य और शिलालेखों से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। 10वीं से 13वीं शताब्दी के दौरान राजा भोज और राजा अर्जुन वर्मन द्वारा कराए गए निर्माण और सांस्कृतिक कार्यों के प्रमाण मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, परिसर में कुल 106 स्तंभ मिले हैं जिन पर विभिन्न प्रकार की नक्काशी है। इसके अलावा 32 शिलालेख पाए गए हैं। इनमें राजा भोज के समय के शिलालेख और अर्जुन वर्मन के राजगुरु मदन द्वारा रचित ‘पारिजलमंजरी नाटिका’ और ‘विजयश्री’ नाटक के पहले दो अंकों का उल्लेख है।

    कुछ शिलालेखों में 14वीं शताब्दी में मालवा में मुसलमानों के आगमन और मुस्लिम शासन की स्थापना का जिक्र भी है। 1389 ईस्वी में दिलावर खान (मूल नाम हुसैन) को दिल्ली से मालवा प्रांत का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने धार में स्वतंत्रता की घोषणा कर 1401 ईस्वी में शाही उपाधि धारण की। इन ऐतिहासिक और कानूनी तथ्यों को लेकर उच्‍च न्‍यायालय में अब विस्तृत बहस की संभावना है। मुस्लिम पक्ष एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर आपत्तियां रखेगा और सभी याचिकाओं पर एक साथ दलीलें सुनी जाएंगी।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल, रीवा में मेगा जल योजना से बदलेगी ग्रामीण तस्वीर

    मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल, रीवा में मेगा जल योजना से बदलेगी ग्रामीण तस्वीर


    भोपाल। मध्यप्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी दिशा में रीवा संभाग में एक महत्वाकांक्षी जल प्रदाय योजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत लगभग 2319.43 करोड़ रुपये की लागत से रीवा समूह जल प्रदाय परियोजना विकसित की जा रही है। इस परियोजना का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश जल निगम की परियोजना इकाई द्वारा किया जा रहा है, जिसमें अब एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है।

    परियोजना के अंतर्गत जल शोधन संयंत्र तक रॉ वाटर सफलतापूर्वक पहुंचा दिया गया है, जिससे अब अगले चरणों में तेजी आने की संभावना है। यह किसी भी जल योजना के लिए एक अहम पड़ाव माना जाता है, क्योंकि इसके बाद पानी के शोधन और वितरण का कार्य तेज गति से किया जा सकता है।

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उइके के मार्गदर्शन में इस योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। योजना के तहत रीवा जिले के 677 गांवों और मऊगंज जिले के 936 गांवों को जोड़ा जा रहा है। इस प्रकार कुल 1613 गांवों को इस परियोजना से लाभ मिलेगा।

    योजना के पूर्ण होने पर लगभग 1.29 लाख ग्रामीण परिवारों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उन क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही जल संकट की समस्या का समाधान संभव होगा, जहां लोग अब तक स्वच्छ पानी के लिए संघर्ष कर रहे थे।

    इस परियोजना में केवल पानी की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और निरंतर आपूर्ति पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आधुनिक जल शोधन संयंत्रों और मजबूत वितरण नेटवर्क के माध्यम से घर-घर तक नल के जरिए पानी पहुंचाने की योजना बनाई गई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बड़ी जल योजनाएं ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। स्वच्छ पेयजल मिलने से न केवल लोगों की दैनिक जीवनशैली सुधरती है, बल्कि जल जनित बीमारियों में भी कमी आती है।

    सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर ग्रामीण घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचे और लोगों को पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना न पड़े। रीवा संभाग की यह योजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में विकास और स्वास्थ्य के नए मानक स्थापित कर सकती है।

    इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल जल संकट से राहत मिलेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन स्तर में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। यह योजना प्रदेश में जल प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं के विकास का एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आ रही है।

  • बैतूल में बहू की मारपीट से वृद्ध सास की मौत, डेढ़ महीने बाद आरोपी गिरफ्तार

    बैतूल में बहू की मारपीट से वृद्ध सास की मौत, डेढ़ महीने बाद आरोपी गिरफ्तार


    बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद ने एक गंभीर रूप ले लिया, जिसमें एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 19 फरवरी 2026 की है। शिकायतकर्ता शारदा (55), निवासी ग्राम पिपरिया, ने थाना मुलताई में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सुबह लगभग 9 बजे आरोपी रश्मि चिकाने उनके घर के सामने आई और बिना किसी कारण लकड़ी से उनके सिर पर हमला कर दिया।

    शिकायत में बताया गया कि रश्मि चिकाने ने इससे पहले अपनी सास, 82 वर्षीय प्रमिला बाई चिकाने, के साथ भी मारपीट की थी। इस हमले में वृद्ध महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के समय बीचबचाव करने पहुंचे दिनेश पाठेकर और कलश पाठेकर को भी चोटें आईं। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए मुलताई अस्पताल ले जाया गया।

    पुलिस ने बताया कि शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई थी। डेढ़ महीने की जांच और प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी रश्मि चिकाने को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

    स्थानीय लोगों और परिजनों ने इस घटना को घरेलू हिंसा का गंभीर उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि वृद्ध और असहाय लोगों के साथ मारपीट और हिंसा अत्यंत दुखद है और समाज में ऐसे मामलों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। पुलिस ने भी स्पष्ट किया कि घरेलू हिंसा को गंभीरता से लिया जाएगा और आरोपी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू विवाद अक्सर छोटे मुद्दों से शुरू होते हैं, लेकिन यदि समय रहते समाधान नहीं किया जाए तो ये जानलेवा स्थिति में बदल सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर समाज में वृद्धों की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता की आवश्यकता को उजागर किया है।

    मुलताई पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी थी और घटना के डेढ़ महीने बाद आरोपी की गिरफ्तारी ने पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद दी है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी घरेलू हिंसा या उत्पीड़न की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

    इस घटना ने यह भी दर्शाया कि वृद्ध महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के खिलाफ कड़े कानूनों का पालन सुनिश्चित करना कितना आवश्यक है। बैतूल पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    घटना के बाद परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजन मांग कर रहे हैं कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन सतर्क रहें।

  • शिवपुरी झांसी लिंक रोड पर हनुमान जयंती के अवसर पर मेले की धूम

    शिवपुरी झांसी लिंक रोड पर हनुमान जयंती के अवसर पर मेले की धूम


    शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर माधव टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे घने जंगलों में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर आज विशाल मेला लगा। यह मेला प्रत्येक वर्ष हनुमान जयंती के दिन आयोजित किया जाता है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के शहरों से भी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या इसमे शामिल होती है।

    मंदिर शिवपुरी झांसी लिंक रोड पर स्थित है और इसकी पीछे की ओर सीधे माधव टाइगर रिजर्व का घना जंगल फैला हुआ है। इस प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थल पर मेले का आयोजन हर साल प्राचीन परंपराओं के अनुसार होता आया है। स्थानीय ग्रामीण इस अवसर को बड़े उत्साह से मनाते हैं और दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु भी इस पर्व में शामिल होते हैं।

    हनुमान जयंती के मौके पर मंदिर के प्रांगण में श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों ने हनुमान जी की प्रतिमा पर फूल, फल और अन्य धार्मिक सामग्री अर्पित की। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की कतारें लगी रही। मेले में पूजा-पाठ के अलावा भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचन भी आयोजित किए गए।

    मेला केवल धार्मिक महत्व का ही नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। आसपास के ग्रामीण इस मेले में अपनी स्थानीय हस्तकला, खाद्य और अन्य सामान की दुकानें लगाते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है। बच्चों और युवाओं के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद की गतिविधियां भी आयोजित की गईं।

    इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मंदिर और मेले के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में नियंत्रण बनाए रखने के लिए ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मेला प्राचीन काल से चल रहा है और इसे लेकर विशेष श्रद्धा भाव रखा जाता है। श्रद्धालु हनुमान जी के आशीर्वाद प्राप्त करने और अपने परिवार के सुख-शांति के लिए दूर-दूर से यहां आते हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण यह मेला जिले का एक प्रमुख पर्व बन गया है।

    भक्तों ने बताया कि जंगल की पृष्ठभूमि में स्थित यह मंदिर और मेला का माहौल अत्यंत रमणीय और आध्यात्मिक अनुभव देता है। साथ ही यह आयोजन लोगों को एकजुट होने और धार्मिक चेतना बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करता है।

    इस प्रकार शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व के पास स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती के अवसर पर लगने वाला यह विशाल मेला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक समरसता का अद्वितीय उदाहरण बन गया है।

  • इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में परीक्षा के दौरान लैब में घुसकर तोड़फोड़, 4 छात्र गिरफ्तार

    इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में परीक्षा के दौरान लैब में घुसकर तोड़फोड़, 4 छात्र गिरफ्तार


    इंदौर । इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में एमएससी परीक्षा के दौरान छात्रों द्वारा हंगामा और तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। परीक्षा के बीच कुछ छात्र अचानक लैब में घुस आए और जमकर उत्पात मचाया, जिससे पूरे कॉलेज में अफरा-तफरी फैल गई। यह घटना बुधवार की है, जबकि इसका सीसीटीवी फुटेज गुरुवार को सामने आया।

    परीक्षा के दौरान लैब में घुसकर किया हंगामा

    भंवरकुआ थाना पुलिस के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 1 बजे लैब क्रमांक-1 में एमएससी प्रथम वर्ष की सीसीई परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान कुछ आरोपी छात्र अचानक लैब में घुस आए और वहां मौजूद छात्रों व स्टाफ के सामने हंगामा करने लगे। आरोपियों ने प्रयोगशाला के उपकरणों में तोड़फोड़ की, जिससे परीक्षा बाधित हो गई और छात्र-छात्राओं में डर का माहौल बन गया।

    CCTV में कैद हुई पूरी घटना

    कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और कॉलेज प्रबंधन ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

    घटना के बाद कॉलेज की प्राचार्या की शिकायत पर भंवरकुआ पुलिस ने विकेंद्र सिंह, लोकपाल, चमनदीप, अभय गुर्जर सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।

    चार छात्र गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी को शांति भंग करने के आरोप में धारा 151 के तहत जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, घटना में शामिल अन्य छात्रों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

    गिरफ्तार छात्रों के नाम

    विकेंद्र प्रताप सिंह (22) – एमएससी छात्र
    अभिषेक (23) – एमएससी छात्र
    अनुज दुबे (19) – बीएससी छात्र
    देवेश मंसारे (19) – बीएससी छात्र

  • हनुमान जन्मोत्सव पर मध्यप्रदेश में भक्ति की धूम, सोने-चांदी का शृंगार, छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण

    हनुमान जन्मोत्सव पर मध्यप्रदेश में भक्ति की धूम, सोने-चांदी का शृंगार, छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण


    भोपाल । आज हनुमान जन्मोत्सव पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में शोभायात्राएं, भंडारे और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर सहित प्रमुख शहरों के हनुमान मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर जारी है।

    प्रमुख मंदिरों में विशेष आयोजन
    भोपाल के खेड़ापति हनुमान मंदिर, इंदौर के पितरेश्वर और रणजीत हनुमान मंदिर, उज्जैन के गेबी हनुमान, जबलपुर के अर्जी वाले हनुमान और ग्वालियर के मंशापूर्ण हनुमान मंदिर में भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। सभी स्थानों पर विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।

    सोने-चांदी से हुआ भव्य शृंगार

    ग्वालियर में रोकड़िया महाराज को करीब 1 लाख रुपए कीमत की चांदी की पोशाक पहनाई गई। वहीं रतलाम के श्री बरबड़ हनुमान मंदिर और श्री मेहंदी कुई बालाजी मंदिर में सोने से आकर्षक शृंगार किया गया। धानमंडी स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में बालाजी को 60 ग्राम केसर और सोने के वर्क से सजाया गया।

    छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण

    छतरपुर में 171 क्विंटल अष्टधातु से बनी 51 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। इस विशाल प्रतिमा को बनाने में करीब 7 वर्षों का समय लगा, जो अब श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।

    शुभ योग में मनाया जा रहा प्राकट्य दिवस

    धार्मिक मान्यता के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को हनुमानजी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस बार यह तिथि हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग में आई है, जो अत्यंत शुभ मानी जा रही है। इस अवसर पर श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए हनुमानजी की कृपा प्राप्त करने में जुटे हैं।

    गरगज हनुमान मंदिर की विशेष मान्यता
    ग्वालियर के बहोड़ापुर स्थित 400-500 वर्ष पुराने गरगज हनुमान मंदिर में विशेष आयोजन हो रहे हैं। मान्यता है कि यहां लगातार पांच मंगलवार दर्शन करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सुबह से यहां भजन-कीर्तन और दर्शन का सिलसिला जारी है।

    इंदौर में केसरिया महल थीम की सजावट

    इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर में इस बार केसरिया महल थीम पर भव्य सजावट की गई है। मंदिर को फूलों और केसरिया पर्दों से सजाया गया है, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

    आगर मालवा में कन्या भोज और विशेष सजावट
    आगर मालवा के गोपाल मंदिर स्थित वीर हनुमान का आकर्षक शृंगार किया गया। यहां गन्नों से पंडाल सजाया गया और बच्चियों द्वारा रंगोली बनाई गई। 511 से अधिक कन्याओं को भोजन कराया गया। शाम 7:30 बजे महाआरती का आयोजन होगा।

    अनूपपुर में रामायण पाठ और भंडारे
    अनूपपुर जिले में सुबह से रामायण पाठ, हवन-पूजन और भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं। कोतमा, जैतहरी, अमरकंटक और बिजुरी सहित कई क्षेत्रों में मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद आरती की गई और शाम को शोभायात्रा निकाली जाएगी।

    सीहोर और भोपाल में उमड़े श्रद्धालु

    सीहोर के हनुमान फाटक मंदिर, मठ मंदिर और पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। भोपाल के खटलापुरा हनुमान मंदिर में विशेष पूजा, सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की।

    छिंदवाड़ा की 101 फीट प्रतिमा आकर्षण का केंद्र
    छिंदवाड़ा के सिमरिया में स्थित 101 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यह विशाल प्रतिमा क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।