Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर में वाहन ठगी गिरोह पर कार्रवाई: संजय कालरा का करीबी ऑटो डीलर गिरफ्तार

    इंदौर में वाहन ठगी गिरोह पर कार्रवाई: संजय कालरा का करीबी ऑटो डीलर गिरफ्तार


    इंदौरइंदौर में हाईप्रोफाइल वाहन ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात आरोपी संजय कालरा के नेटवर्क से जुड़े ऑटो डील संचालक शावेज को गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने की। पुलिस के मुताबिक सुदामा नगर निवासी संजय कालरा उर्फ संजय कालरा पुत्र अशोक कालरा के खिलाफ पहले से 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से किराये की गाड़ियों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने का गोरखधंधा चला रहा था।

    जांच में सामने आया है कि कालरा किराये पर महंगी गाड़ियां लेता, उनके कागजात में हेरफेर कर सौदा तय करता और फिर अपने करीबी ऑटो डीलरों के जरिए उन्हें आगे बेच देता था। इसी कड़ी में शावेज की भूमिका सामने आई, जिसने कालरा के कहने पर कई गाड़ियां ठिकाने लगाने में मदद की। पुलिस के अनुसार दूध व्यवसायी राजकुमार की इनोवा कार किराये पर लेकर उसे नागदा निवासी अमन कुरैशी को सौंपा गया था। इस सौदे में शावेज ने 30 हजार रुपये कमीशन लिया।

    जब पुलिस अमन कुरैशी तक पहुंची तो वह फरार मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उसने भी 20 हजार रुपये कमीशन लेकर वाहन को सूरत, गुजरात में बेच दिया। पुलिस ने शावेज को हिरासत में लेकर कोर्ट से रिमांड मांगा है ताकि पूरे नेटवर्क और अन्य संदिग्ध सौदों का खुलासा किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित तरीके से चलाया जा रहा वाहन ठगी गिरोह है और जल्द ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज की जाएगी।

  • उप नेता प्रतिपक्ष पद से हेमंत कटारे का इस्तीफा, परिवार और क्षेत्र को समय देने की कही बात

    उप नेता प्रतिपक्ष पद से हेमंत कटारे का इस्तीफा, परिवार और क्षेत्र को समय देने की कही बात


    नई दिल्ली। हेमंत कटारे ने मध्य प्रदेश की सियासत में बड़ा संदेश देते हुए विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। भिंड जिले की अटेर विधानसभा सीट से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधायक कटारे ने अपने त्यागपत्र में साफ लिखा है कि वे परिवार और क्षेत्र की जनता को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे थे, इसलिए उन्होंने जिम्मेदारी छोड़ने का फैसला किया। उनके इस कदम को व्यक्तिगत और संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

    कटारे लंबे समय से पार्टी संगठन और विधानसभा की सक्रिय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। उप नेता प्रतिपक्ष के रूप में वे सरकार को घेरने और विपक्ष की रणनीति तय करने में प्रमुख चेहरा थे। हालांकि, इस्तीफे के बाद भी उन्होंने विधायक पद और पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

    कांग्रेस की ओर से भी स्पष्ट कर दिया गया है कि यह निर्णय व्यक्तिगत कारणों से लिया गया है और हेमंत कटारे पार्टी में पूरी तरह सक्रिय रहेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि वे संगठन और क्षेत्रीय राजनीति में पहले की तरह सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।

    राजनीतिक गलियारों में इस इस्तीफे को लेकर चर्चा तेज है, लेकिन फिलहाल इसे किसी अंदरूनी खींचतान से जोड़कर नहीं देखा जा रहा। माना जा रहा है कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में नई जिम्मेदारियों का बंटवारा भी देखने को मिल सकता है।

  • रानी अवंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी ने 39 दिन पूर्व हासिल किया 508.08 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य

    रानी अवंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी ने 39 दिन पूर्व हासिल किया 508.08 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य


    भोपाल! ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के रानी अवंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी ने शुक्रवार को सुबह 7.45 बजे वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्ष‍िक लक्ष्य 508.08 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन को 39 दिनों पूर्व हासिल करने में सफलता पाई है। नब्बे मेगावाट स्थापित क्षमता के बरगी जल विद्युत गृह का इस दौरान प्लांट अवेलेबिलिटी फेक्टर (पीएएफ) 93 फीसदी रहा। जल विद्युत गृह का फोर्सड् आउटेज मात्र 0.81 फीसदी व प्लान्ड (नियोजित) आउटेज 4.47 फीसदी रहा। बरगी जल विद्युत गृह ने यह सफलता तकनीकी दक्षता, कुशल संचालन व सुदृढ़ अनुरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए हासिल की।

    38 वर्ष पुराने जल विद्युत गृह ने 12 हजार घंटे से अधिक किया विद्युत उत्पादन

    38 वर्ष पुराने बरगी जल विद्युत गृह की दोनों उत्पादन यूनिट ने सामूहिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 12130 घंटे संचालन दर्ज कर निर्धारित उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान बरगी जल विद्युत गृह की प्रथम यूनिट ने 254.89 मिलियन यूनिट व द्वितीय यूनिट ने 253.19 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया।

    पिछले वित्तीय वर्ष में भी बरगी ने हासिल किया था लक्ष्य-रानी

    अवंती बाई सागर जल विद्युत गृह बरगी की 45 मेगावाट की प्रथम यूनिट 3 जून 1988 और 45 मेगावाट की द्वितीय यूनिट 29 नवम्बर 1988 को क्रि‍याशील हुई थी। बरगी जल विद्युत गृह ने इससे पूर्व पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी विद्युत नियामक आयोग के निर्धारित वार्ष‍िक लक्ष्य 508 मिलियन यूनिट की तुलना में 509 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया था।

    लक्ष्य को समयपूर्व प्राप्त करना हमारी कार्यसंस्कृति का परिचायक

    प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने रानी अवंती बाई सागर जल विद्युत गृह द्वारा 39 दिन पूर्व ही वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्ष‍िक लक्ष्य को हासिल करने की सफलता पर अभियंताओं व कार्मिकों बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान में हम अपने अभियंताओं और कार्मिकों की प्रतिबद्धता, दक्षता और टीम भावना के बल पर सकारात्मक विकास पथ पर अग्रसर हैं। प्रत्येक लक्ष्य को समयपूर्व प्राप्त करना हमारी कार्यसंस्कृति का परिचायक बनता जा रहा है और हम सभी गर्व के साथ इन उपलब्धियों को साकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता सुविचारित निर्णय प्रक्रिया, समयबद्ध तकनीकी हस्तक्षेप, प्रभावी अनुरक्षण रणनीति और अभियंताओं व ठेका श्रमिकों के समन्वित प्रयासों से संभव हो पायी है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव दतिया को देंगे 532 करोड़ रूपये के विकास की सौगातें

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव दतिया को देंगे 532 करोड़ रूपये के विकास की सौगातें


    भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 फरवरी को दतिया जिले की तहसील सेवढ़ा में आयोजित कार्यक्रम में 532 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे। इसमें मुख्य रूप से सिंध नदी पर नव निर्मित सेतु का लोकार्पण शामिल हैं। साथ ही सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बसई सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सनकुआ धाम के समीप स्थित द्वारिकाधीश मंदिर में पूजन-अर्चन भी करेंगे।

    कृषि उपज मंडी प्रांगण सेवढ़ा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 299.32 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 53 विकास कार्यों का लोकार्पण और 233.24 करोड़ रुपये की लागत के 21 कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास करेंगे। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ वितरित करेंगे।

  • तकनीक तभी सार्थक जब वह मानव हित में हो, हम एआई को सुशासन और सबके विकास के लिए अपनाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    तकनीक तभी सार्थक जब वह मानव हित में हो, हम एआई को सुशासन और सबके विकास के लिए अपनाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कोई भी नई तकनीक तभी सार्थक है, जब वह मानवता के हित में अवसरों से भरपूर और कारगर हो। हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को नवाचार के साथ सबके विकास, सामाजिक समरसता, सुशासन और देश-प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साधन के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल परिवर्तनों को अपनाकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में एआई कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन उद्योग और प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी, निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और आम नागरिक तक योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय एकता और सामूहिक संकल्प का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा। हम सब एकजुट होकर एआई के माध्यम से भारत को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। एआई तकनीक हमारे लिए अवसर भी है और जिम्मेदारी भी। शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्टेट एआई मिशन लांच करेगा, जो शासन प्रणाली, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों को तकनीक आधारित रूप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के समापन सत्र में सहभागिता की। उन्होंने भारत मंडपम् स्थित भोपाल मीडिया सेंटर में नेशनल मीडिया करेस्पांडेंट्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और इसके इस्तेमाल पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एआई से निर्भय होकर देश के हित में काम करने पर जोर दिया है। हमारी सरकार प्रदेश की समृद्धि के लिए सभी चुनौतियों से उबरकर तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें मध्यप्रदेश भी अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश, भारत का 5वां बड़ा राज्य है। राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में एआई की मदद से सही समय पर बीमारियों की पहचान और उनका निदान एवं सुदूर अंचलों तक बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश में नए-नए उद्योग स्थापित करने के लिए हमारे पास पर्याप्त भूमि और पानी उपलब्ध है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई को “नये जमाने की नई वैज्ञानिक विधा” बताते हुए इसके जिम्मेदारीपूर्ण और मानवीय उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई तकनीकी प्रगति के माध्यम के साथ मानव जीवन की गुणवत्ता सुधारने का सशक्त साधन भी है। भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र के लिए यह आवश्यक है कि एआई का विकास और उपयोग भारतीय मानवीय मूल्यों के संरक्षण के साथ हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में प्रतिभा, संसाधन और दृष्टि, तीनों का अद्वितीय संगम मौजूद है। सही दिशा में एआई का उपयोग कर हम अपने देश को वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी भूमिका में ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य इसकी तकनीकी श्रेष्ठता, नैतिकता, पारदर्शिता और समावेशिता में निहित है। यह हम पर है कि हम इसका उपयोग किस तरह, किस दिशा में और किस लक्ष्य के लिए कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रदेश देश के मध्य में स्थित है। हमारे पास पर्याप्त लैंड बैंक है। प्रदेश में एआई आधारित एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस डेटा सेंटर की स्थापना के लिए हमने बड़े निवेशकों और कम्पनियों को भी आमंत्रित किया है। एआई के जरिए प्रदेश के तकनीकी विकास और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को गति मिलेगी। प्रदेश के नागरिकों के कल्याण के लिए हम हर सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। किसानों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका क्रांतिकारी सिद्ध होगी। किसानों के लिए फसलों में होने वाली बीमारियों की सही समय पर जांच और उपचार करने से उत्पादन में लाभ मिलेगा। बहुफसलीय खेती को बढ़ाने, किसानों को बिजली-पानी और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और आवागमन सुगम बनाने सहित हर सेक्टर में एआई का भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के बड़े और छोटे शहरों में आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। हमारे युवाओं में टैलेंट की कमी नहीं है। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। एआई के माध्यम से भी लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में एआई सेक्टर के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट सपोर्ट, इंडस्ट्री में उपयोग, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़कर इंडस्ट्री रिसर्च सेंटर को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए हम आगे बढ़ेंगे। एआई स्टार्ट-अप को सरकार के साथ काम करने का अवसर देने के लिए भी हम काम कर रहे हैं। एमएसएमई में नए शोध को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मध्यप्रदेश बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर नई संभावनाओं की ओर देख रहा है। इस सेक्टर में भी एआई के उपयोग को भविष्य में प्रोत्साहन दिया जाएगा। मध्यप्रदेश शासन ने स्पोर्ट्स, एग्रीकल्चर, इंडस्ट्री, एजुकेशन और टूरिज्म में एआई का लाभ लेने के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ एमओयू किए हैं। प्रदेश सरकार ने राज्य में काम करने के लिए कंपनियों को आमंत्रण भी दिया है। मध्यप्रदेश भविष्य में एआई सेक्टर में बड़ी भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश भविष्य में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी शक्ति के साथ कार्य कर रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा राज्य कृषि क्षेत्र में समृद्ध होता जा रहा है। मध्यप्रदेश गेहूं और धान उत्पादन में अग्रणी है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए फल उद्यान, बागवानी फसलों और जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग हमारे सभी किसानों को एआई का भरपूर लाभ दिलाने में मदद करेगा। प्रदेश सरकार कृषि उत्पादन सहित हर सेक्टर में एआई के उपयोग के लिए तैयार है। एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर में भी एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य में सिकल सेल एनीमिया से लड़ने में भी एआई का लाभ लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के प्रदेश में सबसे पहले लागू की गई है। इसमें नवाचार किए जा रहे हैं। सांदीपनि विद्यालय और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज के माध्यम से एआई को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के प्रोत्साहन में भी एआई का लाभ लिया जाएगा। वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होना है। इसके समुचित प्रबंधन में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। होमस्टे की कनेक्टिविटी में भी पर्यटकों को एआई के जरिए लाभ दिलाया जाएगा।

    मध्यप्रदेश में बनेगा एआई का पूरा ईको सिस्टम

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एआई का पूरा नया ईको सिस्टम तैयार किया जाएगा। इस ईको सिस्टम के 5 मुख्य हिस्से होंगे। पहला कम्प्यूटर इंफ्रॉस्ट्रक्चर- इसमें साझा जीपीयू और डेटा सेंटर होगा। दूसरा टैलेंट डेवलपमेंट- इसमें कॉलेजों में एआई की पढ़ाई और इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन किया जाएगा। तीसरा स्टार्ट-अप सपोर्ट- इसमें फंडिंग, मेंटरशिप और इन्क्यूबेशन की सुविधा दी जाएगी। चौथा इंडस्ट्री में उपयोग- इसके तहत एआई अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। पांचवां रिसर्च एंड इनोवेशन- इसमें इंडस्ट्री से जुड़े रिसर्च सेंटर्स और नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सिर्फ एआई का उपयोग ही नहीं करेंगे, बल्कि एआई बनाने की क्षमता भी विकसित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हम भोपाल और इंदौर में एआई फोकस्ड एक्सेलरेटर शुरू करेंगे। हम मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रोनिक डेवलपमेंट कार्पोरेशन के जरिए एआई गवर्नेंस सैंड बाक्स शुरू करेंगे। इसके लिए सरकार एक मजबूत प्लेट फार्म उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम अपनी इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट पॉलिसी में अब एआई आधारित तकनीकी को भी जोड़ रहे हैं। इससे हमारी उत्पादन क्षमता 15 से 20 प्रतिशत बढ़ सकती है, विशेषकर टेक्सटाइल, फार्मा, माइनिंग और ऑटो सेक्टर में। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई के विकास के लिए हम मध्यप्रदेश नवकरणीय ऊर्जा सेक्टर में सोलर आधारित सोलर सेंटर, हाईब्रिड ऊर्जा मॉडल और ग्रीन डेटा सेंटर को प्रोत्साहन देंगे। इससे डिजिटल विकास और पर्यावरण का संरक्षण दोनों परस्पर साथ-साथ चलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई भविष्य में मध्यप्रदेश अर्थव्यवस्था का बड़ा विकास इंजन बनेगा। अगले 5 सालों में हम 500 से अधिक एआई स्टार्ट-अप के जरिए 50 हजार से अधिक नए रोजगार सृजन का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेंगे। हम प्रदेश के प्रमुख उद्योगों में एआई का अधिकतम उपयोग और एआई सेवाओं के निर्यात के लिए भी सभी जरूरी कदम उठाएंगे।

    वैश्विक टेक कंपनियों से किया वन-टू-वन संवाद

    एआई समिट में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न अग्रणी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ताओं के साथ वन-टू-वन संवाद किया की। एनवीडिया की उपाध्यक्ष (ग्लोबल एआई इनिशिएटिव्स) सुश्री कैलिस्टा रेडमंड से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप की स्थापना, स्टार्टअप्स को सब्सिडी दरों पर जीपीयू उपलब्ध कराने, स्थानीय साझेदारों को सशक्त बनाने के लिए सहयोग तंत्र विकसित करने और तकनीकी टूल्स, संसाधन और लाइब्रेरी उपलब्ध कराने पर चर्चा की। साथ ही एलएलएम मॉडल, सॉवरेन एआई की दिशा में सहयोग और एनवीडिया के फ्लैगशिप कार्यक्रम में आमंत्रण पर भी विचार-विमर्श किया गया। एनवीडिया अमेरिका स्थित एक वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी है, जो जीपीयू, एआई कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर समाधान तथा उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अग्रणी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेनस्पार्क एआई के वैश्विक जीटीएम प्रमुख श्री ब्रेनो मेलो से वन-टू-वन बैठक कर राज्य में समाधान प्रदाता के रूप में उनकी भूमिका, उपलब्ध तकनीकी समाधानों के उपयोग और एमओयू के अनुरूप पायलट प्रोग्राम प्रारंभ करने पर चर्चा की।

    सर्वम एआई के सह-संस्थापक डॉ. प्रत्युष कुमार से वन-टू-वन बैठक में फुल-स्टैक सॉवरेन एआई मॉडल विकसित करने, स्टार्टअप्स और डेवलपर्स के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर चर्चा की। सर्वम एआई बेंगलुरु स्थित एक भारतीय एआई स्टार्टअप है, जो भारतीय भाषाओं के लिए सॉवरेन जनरेटिव एआई प्लेटफॉर्म और बड़े भाषा मॉडल विकसित करता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने के-जन एआई की सुश्री श्रुति वर्मा से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में क्षमता निर्माण, गेम जैम आयोजन, गेम डेवलपमेंट और एआई में अपस्किलिंग, मध्यप्रदेश के अटल प्रोजेक्ट से कनेक्टिविटी और इंदौर में स्टूडियो स्थापना के विषय पर चर्चा की। के-जन एआई बेंगलुरु स्थित एआई-सक्षम गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म है।

    गूगल प्ले के निदेशक श्री कुणाल सोनी से गेमिंग स्टार्टअप्स एवं विद्यार्थियों को सहयोग, एआई स्किलिंग और प्रशिक्षण, अपस्किलिंग, प्रमाणन एवं पाठ्यक्रम विकास, गेमिंग पार्टनरशिप और एक्सेलरेटर कार्यक्रमों पर चर्चा की। इंदौर और भोपाल में गूगल प्ले इवेंट आयोजित करने, कंटेंट एक्सपोर्ट और पब्लिशिंग सपोर्ट प्रदान करने और उज्जैन सिंहस्थ 2028 के अवसर पर संभावित सहयोग पर भी विचार किया गया। गूगल प्ले वैश्विक डिजिटल ऐप एवं गेम वितरण प्लेटफ़ॉर्म है।

    सबमर टेक्नोलॉजीज (भारत) के अध्यक्ष श्री देव त्यागी के साथ कम जल उपयोग वाली इमर्सिव कूलिंग तकनीक, बिजली खपत में 40 प्रतिशत तक कमी, सतत एआई डेटा सेंटरों के विकास पर चर्चा की। सबमर टेक्नोलॉजीज, बार्सिलोना (स्पेन) स्थित वैश्विक डेटा सेंटर टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो लिक्विड इमर्शन कूलिंग समाधान विकसित करती है।

    इनविसिड एआई के संस्थापक एवं मुख्य कार्यवाही अधिकारी श्री कबीर जैन से फिजिक्स-आधारित एआई समाधान विकसित करने, मध्यप्रदेश के डेटा सेंटरों के उन्नयन और रूपांतरण, डिजिटल ट्विन सिमुलेशन, ऊर्जा खपत प्रबंधन और प्रदेश में 8 मेगावाट तक विद्युत उत्पादन वृद्धि की संभावनाओं पर चर्चा की। इनविसिड एआई अमेरिका स्थित उन्नत फिजिक्स-इन्फॉर्म्ड एआई कंपनी है, जो इंजीनियरिंग और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्मार्ट समाधान विकसित करती है।

    विभिन्न कंपनियों के साथ हुए एओयू

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के माध्यम से राज्य के एआई मिशन के प्रमुख स्तंभों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए 3 महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। इन एमओयू में जेनस्पार्क एआई इंक. के साथ एआई इन्फॉस्ट्रक्चर के अनुकूलन, सृजनात्मक एआई आधारित शासन समाधानों के विकास और नवाचार परीक्षण मंच की स्थापना पर सहमति बनी। इनविसिड एआई कंपनी के साथ राज्य डेटा केंद्र में एआई संचालित डिजिटल प्रतिरूप (डिजिटल ट्विन) की तैनाती के लिए सहयोग किया जाएगा। वहीं सर्वम एआई (एक्सोनवाइज प्रा. लि.) के साथ सॉवरेन एआई अवसंरचना के निर्माण और एआई-सक्षम सार्वजनिक सेवाओं के विकास के लिए सहभागिता सुनिश्चित की गई है।इसके अतिरिक्त, सबमर टेक्नोलॉजीज़ एस.एल. को ऊर्जा-कुशल, द्रव-शीतित एवं एआई-तत्पर डेटा केंद्र अवसंरचना के विकास तथा भविष्य में एक गीगावाट तक एआई-अनुकूलित क्षमता निर्माण के उद्देश्य से आशय पत्र जारी किया गया।

    गूगल पेवेलियन का किया आवलोकन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गूगल पेवेलियन का अवलोकन किया। उन्होंने कंट्री डायरेक्टर श्री आशीष वाटल एवं कंपनी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय संवाद किया। एआई, संवर्धित वास्तविकता (एआर) और आभासी वास्तविकता (वीआर) सहित मानचित्र-आधारित प्रौद्योगिकियों के माध्यम से मध्यप्रदेश में पर्यटन नवाचार को सुदृढ़ करने की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। चर्चा में पुरातात्विक एवं धरोहर स्थलों के सजीव आभासी भ्रमण, व्यक्तिगत यात्रा अनुभवों का सृजन, वास्तविक समय यात्री सहभागिता, एआई-संचालित गंतव्य विश्लेषण और सतत पर्यटन विकास जैसे विषय प्रमुख रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई-संचालित क्रिकेट इंस्टॉलेशन का भी अनुभव किया, जहाँ वास्तविक समय विश्लेषण के माध्यम से खेल प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन सुधार में एआई की उपयोगिता का प्रदर्शन किया गया।

    म.प्र. पेवेलियन का किया भ्रमण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश पवेलियन का भ्रमण कर अवलोकन किया। पेवेलियन में विभिन्न नवप्रवर्तनशील उद्यमों एवं प्रतिष्ठित संस्थानों के अत्याधुनिक एआई समाधान का अवलोकन किया। इनमें कॉमनिफाई वेंचर्स, रिमोट फिज़ियोस, आस्कगैलोर डिजिटल इंडिया प्रा. लि., ग्रेडिन एआई, ट्रायोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ प्रा. लि., आरएसईएनएल एआई फिल्म्स, क्वासी इंटेलिजेंस प्रा. लि., यंगोवेटर, नोवोसएज (एग्रीदूत), एनयूएआईजी इन्फोटेक प्रा. लि., प्लांटिक्स, ज़ैंगोह, आईआईटी इंदौर दृष्टि साइबर-भौतिक प्रणाली फाउंडेशन और आईआईटी इंदौर शामिल रहे।इन संस्थानों द्वारा संचार प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवाएँ, कृषि नवाचार, औद्योगिक स्वचालन, रोबोटिक्स, सृजनात्मक एआई तथा संप्रभु शासन मंचों से संबंधित उन्नत एआई आधारित समाधान प्रस्तुत किए गए। इनमें राज्य की तकनीकी क्षमता और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया।

    म.प्र. पेवेलियन में शासकीय विभागों ने भी अपने एआई अनुप्रयोगों का प्रदर्शन किया, जिनमें नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय द्वारा एमपी शहरी लॉकर, भौगोलिक सूचना प्रणाली गरुड़ प्रयोगशाला, एआई सक्षम वित्तीय प्रवाह प्रबंधन प्रणाली और ई-नगर पालिका एकीकरण; पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा एआई आधारित जिला प्रदर्शन विश्लेषण प्रणाली,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा तपेदिक जोखिम पूर्वानुमान, एआई आधारित जाँच एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सहायता और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा होलोग्राफिक एवं सजीव डिजिटल पर्यटन अनुभव शामिल रहे।

    प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री एम. सेलवेंद्रम, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क श्री मनीष सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री इलैया राजा टी. एवं मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री चंद्रमौली शुक्ला भी उपस्थित थे।

  • मैहर में पुतला दहन के दौरान हादसा, यातायात प्रभारी झुलसे, जांच के निर्देश

    मैहर में पुतला दहन के दौरान हादसा, यातायात प्रभारी झुलसे, जांच के निर्देश

    मैहर। मध्‍यप्रदेश के मैहर शहर के अलाउद्दीन तिराहे पर कांग्रेस द्वारा शुक्रवार को आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ड्यूटी पर तैनात यातायात प्रभारी विक्रम पाठक की वर्दी में आग लगने से वे झुलस गए। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार इंडियन नेशनल कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रदेश के भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, राजेंद्र शुक्ला, विजय शाह और कैलाश विजयवर्गीय के विरोध में पुतला दहन कर रहे थे। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

    बताया जा रहा है कि पुतले पर ज्वलनशील पदार्थ डालने के दौरान कुछ छींटे यातायात प्रभारी की वर्दी पर भी पड़ गए, जिससे अचानक आग भड़क उठी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत आग पर काबू पाया और घायल अधिकारी को सिविल अस्पताल पहुंचाया।

    सूत्रों के मुताबिक अधिकारी के शरीर के कई हिस्से झुलस गए हैं। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।

    हादसे के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उपाय किए हैं।

  • उमरिया में आवारा कुत्ते का हमला: 6 माह का मासूम गंभीर रूप से घायल, जिला अस्पताल में भर्ती

    उमरिया में आवारा कुत्ते का हमला: 6 माह का मासूम गंभीर रूप से घायल, जिला अस्पताल में भर्ती

    उमरिया। मध्‍य प्रदेश के उमरिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस चौकी बिलासपुर के ग्राम बिलासपुर में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। घर के आंगन में खेल रहे छह माह के मासूम पर आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
    जानकारी के अनुसार ग्राम बिलासपुर निवासी अनिल कोल का छह माह का पुत्र आर्यन घर के आंगन में खेल रहा था, जबकि उसकी मां घरेलू कार्यों में व्यस्त थी। इसी दौरान एक स्ट्रीट डॉग घर के भीतर घुस आया और बच्चे पर झपट पड़ा। बच्चे के रोने की आवाज सुनते ही मां और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे तथा किसी तरह कुत्ते को भगाकर मासूम को छुड़ाया, लेकिन तब तक वह बुरी तरह जख्मी हो चुका था।

    घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई, जिसके जरिए बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

    जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी ने बताया कि बिलासपुर से लाए गए छह माह के बच्चे को आवारा कुत्ते ने काटा है। बच्चे को कई जगह चोटें आई हैं और उसका उपचार जारी है।

    फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    घटना के बाद क्षेत्र सहित पूरे जिले में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव-मोहल्लों में स्ट्रीट डॉग और सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों की समस्या लगातार बढ़ रही है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, जनपद एवं नगरीय निकाय से इस समस्या पर ठोस कार्रवाई की मांग की है।

  • भिंड के कोंहार गांव में ब्राह्मण-क्षत्रिय समेत समाज के लोग जाटव समाज का सामूहिक बहिष्कार कर दिया; मामला एससी-एसटी एक्ट की FIR विरोध से जुड़ा

    भिंड के कोंहार गांव में ब्राह्मण-क्षत्रिय समेत समाज के लोग जाटव समाज का सामूहिक बहिष्कार कर दिया; मामला एससी-एसटी एक्ट की FIR विरोध से जुड़ा


    भिंड । मध्य प्रदेश जिले के कोंहार गांव में शुक्रवार सुबह एक सर्व समाज बैठक में ब्राह्मण क्षत्रिय तथा अन्य समाजों के ग्रामीणों ने जाटव समाज का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। यह कदम 17 फरवरी को दर्ज हुई एससी-एसटी एक्ट अंतर्गत FIR और कथित रूप से कुछआपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में उठाया गया है। बैठक में उपस्थित लोगों ने एक साथ शपथ ली कि वे अब जाटव समाज के साथ कोई सामाजिक मेल-जोल नहीं रखेंगे जिसमें घर-आना-जाना किसी प्रकार का सामाजिक संबंध और खेतों-कामकाज से जुड़े संपर्क भी शामिल है।

    स्थानीय हनुमान मंदिर परिसर में सुबह करीब 10:30 बजे से 11:00 बजे तक चली बैठक में ब्राह्मण-क्षत्रिय समाज के अलावा अन्य जाति-समुदाय के लोग भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जाटव समाज के कुछ लोग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर चुके हैं और ब्राह्मण-क्षत्रिय समाज तथा मन्वाद को लेकर विरोध जताया है जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ा है।

    ग्रामीणों ने बैठक के दौरान सामूहिक शपथ ली जिसमें उन्होंने कहा कि वे जाटव समाज के लोगों के साथ सभी सामाजिक और पारिवारिक संपर्क समाप्त करेंगे। इस शपथ के तहत शामिल है उनके घरों में आना-जाना बंद करना रिश्तेदारी तथा सामाजिक कार्यक्रमों में भाग न लेना तथा खेती-बाड़ी या कामकाज से जुड़े किसी भी संपर्क को तोड़ देना।

    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह विरोध 17 फरवरी को दर्ज एससी-एसटी एक्ट FIR के खिलाफ आयोजित किया गया है जिसे वे एकतरफा कार्रवाई और गांव के सामाजिक वातावरण को प्रभावित करने वाला मानते हैं। उन्होंने प्रशासन से भी मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो आगे भी सामूहिक निर्णय लिए जा सकते हैं।

    स्याह-गहरे सामाजिक तनाव के बीच यह घटना उस प्रकार की दूसरी बार सामने आई है जब गाँव में सार्वजनिक विरोध और शपथ कार्यक्रम हुआ है। इससे पहले भी किसी विवाद के बाद स्थानीय समाज ने जाटव समुदाय के खिलाफ बहिष्कार का बड़ा फैसला लिया था लेकिन प्रशासन की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। हालांकि रिपोर्टों से यह स्पष्ट है कि एसे सामाजिक बहिष्कार के निर्णय का कानूनी और सामाजिक प्रभाव स्थानीय समुदाय के जीवन पर गहरा असर डाल सकता है और इसे लेकर स्थानीय अधिकारियों तथा पुलिस की निगाह बनी हुई है।

  • मुरैना के जिला अस्पताल के प्रतीक्षालय में अज्ञात अधेड़ का शव मिला, जेब से तीन रोटी-दो हरी मिर्च तथा नमक

    मुरैना के जिला अस्पताल के प्रतीक्षालय में अज्ञात अधेड़ का शव मिला, जेब से तीन रोटी-दो हरी मिर्च तथा नमक


    मुरैना मध्यप्रदेशजिले के डिस्ट्रिक्ट अस्पताल के महिला मेडिकल वार्ड के बाहर बनाए गए प्रतीक्षालय में एक अज्ञात अधेड़ व्यक्ति का शव मिलने से अस्पताल परिसर में सनसनी फैल गई। यह शव गुरुवार शाम लगभग 7 बजे तब मिला जब भर्ती मरीजों के अटेंडर खाने के लिए प्रतीक्षालय आए और वहाँ पड़े शव को देखा। सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस और अस्पताल प्रशासन को सूचित किया गया और शव को अस्पताल की मोर्च्यूरी में सुरक्षित रखवाया गया।

    पुलिस ने शव की प्राथमिक तलाशी में मतदान नहीं मिलने के बावजूद उसकी जेब से तीन रोटियाँ, दो हरी मिर्च और थोड़ा नमक बरामद किया है, जो इस मामले को और संदिग्ध बना रहा है। मृतक के कपड़े साफ-सुथरे मिले हैं, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह किसी अच्छे घर से आता हो सकता है। मारे गए व्यक्ति की उम्र लगभग 50-52 वर्ष के बीच लगाई जा रही है।

    पुलिस चौकी प्रभारी हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र शर्मा ने बताया कि शव को नियम के अनुसार तीन दिनों तक मोर्च्यूरी में रखा जाएगा ताकि उसकी पहचान हो सके। निर्धारित समय में अगर कोई परिचित या परिजन सामने नहीं आता है तो कानून के तहत अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

    पहचान कराने में मदद के लिए अस्पताल चौकी, कोतवाली थाना और कंट्रोल रूम के संपर्क नंबर जारी किए गए हैं ताकि कोई भी व्यक्ति जिसे जानकारी हो, वह पुलिस को फोन पर सूचित कर सके। पुलिस लगातार आसपास के सीसीटीवी फुटेज, अस्पताल परिसर के आसपास के लोगों और स्थानीय निवासियों से पूछताछ कर पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पताल सुरक्षा की दृष्टि से यह मामला गंभीर है क्योंकि किसी व्यक्ति का आकस्मिक रूप से प्रतीक्षालय में शव मिलना सामान्य नहीं माना जाता। मृतक कैसे और कब यहाँ पहुँचा, यह भी पुलिस की जांच का हिस्सा है।

    पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि उनका कोई परिचित या परिवार का सदस्य पिछले कुछ दिनों से लापता है और इस विवरण से मिलता-जुलता है तो वह जल्द से जल्द जानकारी साझा करें, जिससे मृतक की पहचान जल्द हो सके और परिवार तक सूचना पहुँचाई जा सके।

  • सीएम ने माफी मांगी तो क्या हो गया यार माफी के बाद भी नहीं बदला कैलाश विजयवर्गीय का तेवर, औकात बयान पर सियासी घमासान

    सीएम ने माफी मांगी तो क्या हो गया यार माफी के बाद भी नहीं बदला कैलाश विजयवर्गीय का तेवर, औकात बयान पर सियासी घमासान


    भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र 2026 के दौरान आज फिर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विवादित बयान चर्चा में रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा माफी मांगने के बाद भी विजयवर्गीय ने अपने तेवर में नरमी नहीं दिखाई और मीडिया से बातचीत में कहा कप्तान है वो तो यार माफी मांगी तो क्या हो गया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    दरअसल बजट सत्र के चौथे दिन भागीरथपुरा दूषित पानी और मौतों के मामले पर जब विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इस बहस के दौरान विजयवर्गीय ने असंसदीय भाषा का उपयोग करते हुए उमंग सिंघार को औकात में रहो कह दिया जिससे सदन में हंगामा हो गया और कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

    हंगामे के बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने खेद जताया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जिससे सदन की गरिमा को बनाए रखने की अपील की गई। हालांकि विजयवर्गीय के तेवर इसके बावजूद नरम नहीं पड़े। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कभी-कभी गुस्सा आ जाता है यार सी प्रतिक्रिया भी दी।

    इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी पलटवार किया और कहा कि वह अपनी औकात जनता की सेवा करने और उनके सवालों को उठाने में ही मानते हैं। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष गंभीर मुद्दों जैसे भागीरथपुरा मौतों या अडानी ग्रुप के साथ समझौते पर चर्चा करता है तो इसका जवाब इस तरह के बयान से नहीं दिया जाना चाहिए।

    वहीं युवा कांग्रेस ने दोषी मंत्री के बयान के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है और आज उनके बंगले के बाहर घेराव कार्यक्रम होगा जिसे देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

    बीजेपी शासन के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। एक बीजेपी विधायक ने कहा कि विपक्ष के लोग मुट्ठी भर हैं और उनका मोर्चा छोटा है जबकि उनकी पार्टी का मोर्चा बड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पहले बदतमीजी की थी और इसलिए पूरा विपक्ष माफी मांगे।

    इस पूरे विवाद ने विधानसभा सत्र को गर्मा‑गर्म बहस और सियासी टकराव का केंद्र बना दिया है। मुख्यमंत्री की माफी के बावजूद मंत्री का बयान सियासी कारवाई और विरोध प्रदर्शन का विषय बन गया है जिससे सदन और बाहर दोनों जगह राजनीति गरमाई हुई है।