Category: Madhya Pradesh

  • बीजेपी में नकद चंदा बंद, सहयोग निधि अब केवल ऑनलाइन चेक से 15 मार्च तक अभियान

    बीजेपी में नकद चंदा बंद, सहयोग निधि अब केवल ऑनलाइन चेक से 15 मार्च तक अभियान


    भोपाल । मध्यप्रदेश बीजेपी में अब से नकद चंदा बंद किया जा रहा है। पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि अब से सहयोग निधि केवल ऑनलाइन और चेक के माध्यम से ही जमा होगी। यह नई व्यवस्था कल से शुरू हो रहे सहयोग निधि अभियान के साथ लागू होगी। बीजेपी के प्रदेश स्तर पर आज बड़ी बैठक हुई, जिसमें क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, संभागीय प्रभारी और जिला प्रभारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में यह तय किया गया कि पार्टी को मिलने वाली सहयोग निधि में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए नकद चंदा पूरी तरह बंद किया जाएगा।

    अभियान कल से शुरू हो रहा है और यह 15 मार्च तक चलेगा। इस दौरान जिला स्तर पर पार्टी के बैंक खाते में कोई राशि जमा नहीं होगी। सभी योगदान सीधे प्रदेश स्तर के खाते में आएंगे और बाद में उन्हें जिलों को भेजा जाएगा। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि 20,000 रुपए या इससे अधिक की राशि बिना PAN नंबर के स्वीकार नहीं की जाएगी। चेक से चंदा देने वालों की सूची तैयार की जाएगी, जिसमें नाम-पता, बैंक का नाम-पता और चेक-बुक नंबर जैसी जानकारी दर्ज होगी।

    यह अभियान पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि से शुरू हो रहा है। इससे पहले पिछले साल स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की शताब्दी वर्ष पर समर्पण निधि का अभियान चलाया गया था, जिसमें करीब 100 करोड़ से अधिक राशि जुटाई गई थी। बीजेपी का यह कदम पार्टी की वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ाने और नकदी प्रवाह को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, इससे फंडिंग के स्रोतों की स्पष्टता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

    केंद्र और प्रदेश स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय समय की मांग माना जा रहा है। साथ ही, चुनावी साल में वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।अब यह देखना होगा कि इस अभियान के तहत कितनी सहयोग निधि जुटती है और पार्टी के लिए यह नया तरीका कितना प्रभावी साबित होता है।

  • मऊगंज से बीजेपी विधायक का लंबा सस्पेंस: एक माह से गायब प्रदीप पटेल, ‘गैंग से डर’ की बात पर सियासत गरम, विपक्ष ने कहा शर्मनाक

    मऊगंज से बीजेपी विधायक का लंबा सस्पेंस: एक माह से गायब प्रदीप पटेल, ‘गैंग से डर’ की बात पर सियासत गरम, विपक्ष ने कहा शर्मनाक


    भोपाल । मऊगंज से बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल का एक माह से गायब रहना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इस दौरान उनके न मिलने की वजह के रूप में एक गैंग से डर की बातें सामने आईं। मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है और कांग्रेस ने इसे राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था और सत्ता की अक्षमता बताया है।

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इस मामले को गंभीर बताया और कहा कि प्रदेश में पहले लाडली बहन जैसी घटनाएँ हो रही थीं अब बीजेपी के विधायक भी गायब हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदीप पटेल मूसा गैंग से डरकर गायब हुए हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मध्य प्रदेश में कितनी गैंगें चल रही हैं और माफियाओं का राज है। कांग्रेस ने इसे नया माफिया कहकर सरकार पर हमला किया।

    पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार अपने ही विधायक को ढूंढ नहीं पा रही जबकि कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आम जनता पहले से ही परेशान है और अब विधायक भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला विधानसभा में उठाया जाएगा और सड़कों पर भी आवाज़ उठेगी। उनका कहना था कि बीजेपी का विधायक गायब है और सरकार उसे खोज नहीं पा रही इससे शर्मनाक स्थिति और कुछ नहीं हो सकती।

    दूसरी ओर डिप्टी सीएम और विंध्य क्षेत्र के नेता राजेंद्र शुक्ल ने इस खबर को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रदीप पटेल सक्रिय विधायक हैं और जनता की समस्याओं के लिए संघर्ष करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में किसी भी तरह की जानकारी नहीं है और गैंग की खबरों में कोई वास्तविकता नहीं है। राजेंद्र शुक्ल ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं है और यह सारी बातें अफवाहें हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि विधायक लगातार काम कर रहे हैं और उनकी स्थिति सामान्य है।

    मामले को लेकर सियासत और आरोप-प्रत्यारोप तेज होते जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है और सरकार को अपने ही विधायक की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। वहीं सरकार की ओर से इसे निराधार बताते हुए मामला शांतिपूर्ण रूप से टाला जा रहा है। अब यह देखना बाकी है कि विधायक की असल स्थिति क्या है और प्रशासन इस मामले में कब तक स्पष्टता देगा।

  • MP में 12वीं बोर्ड परीक्षा शुरू, 7 लाख छात्रों ने पहले दिन अंग्रेजी परीक्षा दी 3856 केंद्रों पर सख्त निगरानी

    MP में 12वीं बोर्ड परीक्षा शुरू, 7 लाख छात्रों ने पहले दिन अंग्रेजी परीक्षा दी 3856 केंद्रों पर सख्त निगरानी

    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में 12वीं बोर्ड परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गईं। पहले दिन यानी सोमवार को 12वीं के छात्रों ने अंग्रेजी का पेपर दिया। इस साल लगभग 7 लाख विद्यार्थी 12वीं की फाइनल परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रदेशभर में कुल 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। भोपाल में 104 केंद्रों पर 2600 के करीब छात्र परीक्षा दे चुके हैं। परीक्षा सुबह 9 से 12 बजे तक आयोजित की जा रही है।

    परीक्षा को शांतिपूर्ण नकलमुक्त और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। नकल रोकने के लिए इस बार फ्लाइंग स्क्वॉड सीसीटीवी निगरानी और थानों से प्रश्न-पत्र निकालने तक वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है।

    परीक्षा खत्म होने के बाद कई विद्यार्थियों ने पेपर को आसान और सामान्य स्तर का बताया। जलज शर्मा ने कहा कि आज का एग्जाम बहुत अच्छा रहा जबकि उन्नति ने बताया कि पेपर वैसा ही आया जैसा उन्होंने सोचा था। वंश ठाकुर ने भी कहा कि पेपर आसान था और उम्मीद के अनुसार ही रहा।

    प्रदेश में इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा में कुल 16 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हो रहे हैं। इनमें 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं की परीक्षा देंगे जबकि लगभग 7 लाख छात्र 12वीं बोर्ड परीक्षा में बैठ रहे हैं।

    सभी जिलों में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं। इनमें से दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर काम करेंगे। हर स्क्वॉड में तीन सदस्य होंगे जो पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी होंगे ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    नकल रोकने के लिए संवेदनशील केंद्रों पर तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। इन कैमरों की निगरानी भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधे की जाएगी। इसके अलावा प्रश्न-पत्र निकालने के दौरान थानों से वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती भी की गई है।

    माध्यमिक शिक्षा मंडल ने स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि नोटिस बोर्ड मॉर्निंग असेंबली और अभिभावक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए परीक्षा संबंधी सूचना तुरंत साझा करें। शिक्षकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं कि कोई भी छात्र पुरानी तारीखों के भरोसे परीक्षा से वंचित न रहे।

    इसके अलावा बोर्ड ने हर जिले में पांच-पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष मॉनिटरिंग के लिए चुना है। इन केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी सक्रिय रहेंगे जिनमें शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।

  • नवग्रह शक्तिपीठ कलश यात्रा में भगदड़, एक महिला की मौत; आयोजन में लापरवाही का आरोप

    नवग्रह शक्तिपीठ कलश यात्रा में भगदड़, एक महिला की मौत; आयोजन में लापरवाही का आरोप


    ग्वालियरडबरा । ग्वालियर के डबरा शहर में नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई, लेकिन यह भव्य आयोजन एक दुखद हादसे में बदल गया। स्टेडियम ग्राउंड से शुरू हुई कलश यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजर रही थी, जिसमें हजारों महिलाएं एक ही रंग की साड़ियों में शामिल थीं। भीड़भाड़ और उत्साह के बीच अचानक एक संकरे मार्ग या चौराहे पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की हुई और कई गिर पड़ीं।

    हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 5 महिलाएं घायल हो गईं। घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है।

    मृतक महिला के परिजन मौके पर पहुंचकर आयोजकों और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी और भीड़ नियंत्रण के उपाय न के बराबर थे। साथ ही आपातकालीन सुविधाओं की कमी और आयोजन स्थल पर समुचित व्यवस्था न होने का आरोप भी लगाया।

    यह आयोजन पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में आयोजक समिति द्वारा किया जा रहा है। 10 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस 11 दिवसीय महोत्सव में धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर धाम), प्रदीप मिश्रा और कुमार विश्वास जैसे संत-कवि शामिल होंगे। आयोजक समिति ने घटना पर दुख जताया है और मृतक के परिवार को सहायता देने की बात कही है।

    कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह यादव पहले ही आयोजन की तैयारियों का जायजा ले चुके थे, लेकिन आज की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं।इस दुखद घटना ने महोत्सव की शुरुआत को ही झकझोर दिया है और लोगों के बीच सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा दी है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, विधानसभा में पुष्पांजलि अर्पित

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, विधानसभा में पुष्पांजलि अर्पित


    भोपाल । मध्यप्रदेश विधानसभा भवन में बुधवार को एक भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। विधानसभा परिसर में स्थापित उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और उनके जीवन एवं कार्यों को याद किया गया। इस मौके पर विधायक एवं पूर्व प्रोटेम स्पीकर श्री रामेश्वर शर्मा, पूर्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, पूर्व विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता और स्व. श्री शुक्ला के परिवारजन भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 10 फरवरी 1930 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जन्मे राजेंद्र प्रसाद शुक्ला ने लोकतंत्र की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 1985 से 1990 तक वे मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे और इसके बाद राज्य सरकार में विधि-विधायी एवं सामान्य प्रशासन मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ क्षेत्र में पदयात्राओं के माध्यम से जन जागरण का कार्य किया और एक लोकप्रिय जन नेता के रूप में पहचाने गए।

    छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद, स्व. शुक्ला ने 14 दिसंबर 2000 से 19 दिसंबर 2003 तक छत्तीसगढ़ के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष के रूप में सेवाएँ दीं। उनके नेतृत्व में विधानसभा की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती को नई दिशा मिली। उन्होंने ‘असंसदीय अभिव्यक्तियां’ नामक पुस्तक की संकल्पना की, जो विधायी कामकाज पर एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन गई। इसके अलावा उन्होंने संसदीय मामलों सहित कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं, जो विधि और संसदीय इतिहास के लिए अमूल्य स्रोत हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर की सराहना की और कहा कि प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा विधानसभा अध्यक्ष जैसे व्यक्तित्वों की जयंती और पुण्यतिथि पर विधानसभा भवन में उन्हें स्मरण करने की परंपरा स्थापित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। इस प्रकार यह कार्यक्रम न केवल स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ला को श्रद्धांजलि देने का अवसर था, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और विधायी परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूती देने वाला आयोजन साबित हुआ।

  • मां नर्मदा की उद्गम स्थली में नई प्रतिमा 11 फरवरी को वैदिक मंत्रों के साथ होगी विराजित

    मां नर्मदा की उद्गम स्थली में नई प्रतिमा 11 फरवरी को वैदिक मंत्रों के साथ होगी विराजित

    अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में प्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक स्थित श्री नर्मदा मंदिर में एक धार्मिक आयोजन में नर्मदा उद्गम कुंड में पुरानी प्रतिमा के स्थान पर मां नर्मदा की नई प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठित श्री कल्याण सेवा आश्रम, अमरकंटक के सौजन्य से 11 फरवरी को वैदिक मंत्रों के साथ किया जाएगा। जिसका सोमवार को विधिवत संकल्प लिया गया। मां नर्मदा की नवीन भव्य प्रतिमा की स्थापना से अमरकंटक की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा और अधिक बढ़ेगी।


    श्री कल्याण सेवा आश्रम के प्रबंध न्यासी, परम पूज्य श्री हिमाद्री मुनि महाराज ने बताया कि 11 फरवरी बुधवार को प्रातः 11 बजे मां नर्मदा की ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित भव्य प्रतिमा को श्री नर्मदा मंदिर के उद्गम स्थल पर स्थित पुरानी प्रतिमा को बदल कर नयी प्रतिमा विधिवत रूप से विराजित किया जाएगा। मां नर्मदा की इस नवीन प्रतिमा की स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा का पावन कार्य में श्री नर्मदा मंदिर अमरकंटक के विद्वान पुजारी पंडित कामता प्रसाद द्विवेदी, पंडित उमेश द्विवेदी सहित अन्य आचार्यगण द्वारा सम्पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार, शास्त्रोक्त विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न कराया जाएगा।


    परम तपस्वी एवं संत शिरोमणि बाबा कल्याण दास जी महाराज के दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन में सोमवार को विधिवत संकल्प लिया गया। इस अवसर पर श्री कल्याण सेवा आश्रम अमरकंटक से पूज्य जगदीश आनंद जी महाराज,स्वामी हर स्वरूप जी महाराज,स्वामी धर्मानंद जी महाराज,स्वामी सुंदरानंद जी महाराज,विनोद कारकी रुपेश द्विवेदी उत्तम द्विवेदी एवं अन्य पुजारी उपस्थित रहें।

  • महाशिवरात्रि पर पशुपतिनाथ मंदिर में बंटेगी फरियाली खिचड़ी

    महाशिवरात्रि पर पशुपतिनाथ मंदिर में बंटेगी फरियाली खिचड़ी

    मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर में श्री कृष्ण कामधेनु सामाजिक एवं धार्मिक लोक न्यास द्वारा प्रतिवषार्नुसार इस वर्ष भी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भव्य आयोजनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। सोमवार को आयोजन की तैयारियों को लेकर न्यास के सदस्यों ने पशुपतिनाथ मंदिर परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया है।


    संस्था ने बताया कि आगामी 15 फरवरी, रविवार को भूतभावन भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में विशेष आयोजन होंगे। प्रात: 11 बजे भगवान की राजभोग आरती और दर्शन के पश्चात, न्यास द्वारा भगवान पशुपतिनाथ को फरियाली खिचड़ी का नैवेद्य अर्पित किया जाएगां। इसके तुरंत बाद मंदिर परिसर में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और शिवभक्तों के लिए प्रसाद वितरण का शुभारंभ होगा। इस वर्ष आयोजन को और अधिक भव्य और प्रकाशमय बनाने के लिए न्यास द्वारा विशेष पहल की जा रही है। संध्या 7 बजे से मंदिर क्षेत्र के आकाश में स्काय लालटेन उड़ाए जाएंगे। सैकड़ों की संख्या में हवा में तैरते ये दीपक पूरे मंदिर क्षेत्र को अलौकिक आभा प्रदान करेंगे, जो भक्तों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा।


    न्यास का उद्देश्य धर्म और सेवा के माध्यम से भक्तों को जोड़ना है। खिचड़ी वितरण के साथ-साथ इस बार आकाश दीपों का यह दृश्य अत्यंत मनमोहक होगा। पशुपतिनाथ मंदिर परिसर स्थित आराधना हॉल में होंगी लोक गायन-भक्ति गायन एवं नृत्य नाटिका की प्रस्तुति
    संस्कृति विभाग, म.प्र. शासन द्वारा मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर परिसर स्थित आराधना हॉल में शिव-सत्य की कला अभिव्यक्तियों पर एकाग्र महादेव महोत्सवका आयोजन 15 फरवरी, 2026 को सायं 6.30 बजे से किया जाएगा। समारोह में लोक गायन, शिव केंद्रित नृत्य नाटिका एवं भक्ति गायन की प्रस्तुतियाँ संयोजित की जाएंगी। यह आयोजन जिला प्रशासन, मंदसौर के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव में पहली प्रस्तुति इंदौर के मुकेश चौहान एवं साथी कलाकारों के लोक गायन की होगी। इसके पश्चात देवास के प्रफुल्ल सिंह गहलोत एवं साथी कलाकार शिव केंद्रित नृत्य नाटिका पेश करेंगे। अंतिम सभा में भोपाल के अखिलेश तिवारी एवं साथी कलाकार भगवान शिव पर केंद्रित भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगे।

  • कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव 14 फरवरी से, छह दिन पहले ही पहुंचने लगे श्रद्धालु

    कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव 14 फरवरी से, छह दिन पहले ही पहुंचने लगे श्रद्धालु

    सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन 14 फरवरी से 20 फरवरी तक किया जाएगा। इस मौके पर देश और विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के अलावा प्रसिद्ध संतों और कथा वाचकों का समागम किया जाएगा। महोत्सव में आगामी 20 फरवरी को प्रसिद्ध आचार्य कौशिक महाराज धाम पर पहुंचेंगे।


    सोमवार को कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा स्थल पर पहुंचकर यहां पर आने वाले श्रद्धालु से चर्चा की। आगामी 14 फरवरी से होने वाले महोत्सव के लिए छह दिन पहले ही श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचने लगे है। यहां पर नियमित रूप से निशुल्क भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला और पंडित विनय मिश्रा आदि ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया।


    आचार्य कौशिक महाराज अपनी ओजस्वी वाणी में 18 महापुराणों जैसे शिव महापुराण, श्रीमद्भागवत, गरुड़ पुराण, पद्म पुराण, स्कंद पुराण आदि की कथाओं के माध्यम से मानव जीवन को दोषमुक्त, भक्तिपूर्ण और ज्ञानवर्धक बनाने का संदेश देते हैं। वे कथाओं में भगवान की लीलाओं, जीवन में संतोष, और सत्य के मार्ग पर चलने की शिक्षा देते हैं।


    गौरतलब है कि विगत कई सालों से होने वाले ऐतिहासिक रुद्राक्ष महोत्सव में लाखों की संख्या में देश और विदेश के श्रद्धालु शामिल होते है। भव्य आयोजन को लेकर एक लाख 80 हजार स्कावयर फीट का भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 10 एकड़ में भोजन शाला का निर्माण किया जा रहा है।


    शिव महापुराण एवं सत्संग: महोत्सव के दौरान शिव तत्व और सनातन धर्म की महिमा पर विशेष सत्संग सत्र आयोजित होंगे। लाखों रुद्राक्ष से मंदिर परिसर में भव्य शिवलिंग का निर्माण किया जाएगा। जिसका नियमित रूप से लाखों श्रद्धालुओं के मध्य अभिषेक किया जाएगा।


    दो महान विभूतियों का महामिलन:

    विट्ठलेश सेवा समिति के जनसंपर्क प्रभारी मनोज दीक्षित ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि 17 फरवरी का दिन कुबेरेश्वर धाम के इतिहास में अविस्मरणीय होगा। इस दिन कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक ही मंच पर उपस्थित रहेंगे। देश के इन दो सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक व्यक्तित्वों का मिलन सनातन संस्कृति की एकजुटता और वैचारिक शक्ति का परिचायक होगा। इसके अलावा कथा वाचक पंडित देवकीनंद ठाकुर 19 फरवरी को शामिल होंगे।


    उन्होंने स्पष्ट किया कि महोत्सव के दौरान रुद्राक्ष का वितरण नहीं किया जाएगा, बल्कि पूरा कार्यक्रम महादेव की आराधना और संतों के सानिध्य पर केंद्रित रहेगा। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए समिति द्वारा आवास, पेयजल और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं ताकि भक्तों को सुलभ दर्शन और सत्संग का लाभमिल सके। समिति समस्त धर्मप्रेमी जनता से इस गौरवशाली और भक्तिमय अवसर पर सादर पधारने की अपील की है।

  • उज्जैन में महाशिवरात्रि पर पुलिस बनाएगी सुरक्षा घेरा

    उज्जैन में महाशिवरात्रि पर पुलिस बनाएगी सुरक्षा घेरा

    उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर जिला पुलिस एवं प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां जारी है। जहां पुलिस विभाग द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष घेरा बनाया जाएगा वहीं यातायात थाना पुलिस द्वारा अलग से ट्रेफिक प्लान बनाया गया है।


    महाशिवरात्रि महापर्व को लेकर उज्जैन में पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। 15 और 16 फरवरी को महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए देशभर से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। इस भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और जाम से बचने के लिए उज्जैन यातायात पुलिस ने विस्तृत डायवर्सन और पार्किंग प्लान जारी किया है। शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जबकि बाहरी क्षेत्रों में बड़े पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां से श्रद्धालुओं को शटल बसों के माध्यम से मंदिर के नजदीक पहुंचाया जाएगा।


    यह रहेगी यातायात व्यवस्था


    – बडनगर से आने वाले वाहन मोहनपुरा ब्रिज के नीचे से मुरलीपुरा चौराहा होते हुए मुरलीपुरा कृषि उपार्जन केंद्र (क्र.10) में पार्क होंगे।
    – नागदा की ओर से आने वाले वाहन साडू माता की बावड़ी और कुत्ता बावड़ी टर्निंग से रातडय़िा रोड होकर राठौर क्षत्रीय तेली समाज मैदान (क्र.9) में पार्क किए जाएंगे।
    * आगर से आने वाले वाहनों को मकोडय़िा आम चौराहा से खाकचैक, जाट धर्मशाला और जूना सोमवारिया होते हुए कार्तिक मेला ग्राउंड (क्र.8) भेजा जाएगा।
    * आगर से आने वाली बसों और बड़े वाहनों को चौपाल सागर से उन्हेल नाका, साडू माता की बावड़ी होते हुए राठौर क्षत्रीय तेली समाज मैदान (क्र.9) में पार्क कराया जाएगा।
    * मक्सी, देवास, भोपाल और इंदौर की ओर से आने वाले वाहनों को पांड्याखेड़ी और पाइप फैक्ट्री मार्ग से मन्नत गार्डन एवं इंपीरियल होटल के पीछे स्थित पार्किंग (क्र.3) में खड़ा कराया जाएगा। यहां से श्रद्धालुओं को सवारी बसों से कर्कराज पार्किंग तक ले जाया जाएगा, जहां से वे पैदल दर्शन के लिए जा सकेंगे।

    भारी वाहनों के लिए विशेष डायवर्सन
    * इंदौर से नागदा, आगर और मक्सी की ओर जाने वाले भारी वाहनों को तपोभूमि से बडनगर बायपास होकर डायवर्ट किया जाएगा।
    * मक्सी से देवास और इंदौर जाने वाले भारी वाहनों को पांड्याखेड़ी चौराहा, शैफी, मारुति शोरूम और नरवर बायपास होते हुए इंदौर की ओर भेजा जाएगा।
    * नागदा और उन्हेल की ओर से आने वाले भारी वाहनों को मोहनपुरा ब्रिज से धर्म बडला होते हुए बदनावर फोरलेन से इंदौर, देवास और भोपाल की ओर डायवर्ट किया जाएगा।


    शहर में ये मार्ग रहेंगे पूरी तरह प्रतिबंधित
    14 फरवरी की शाम 4 बजे से हरिफाटक टी से महाकाल घाटी चौराहा की ओर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। इसके अलावा हरिफाटक टी से इंटरप्रिटेशन सेंटर, जंतर-मंतर से जयसिंहपुरा और चारधाम पार्किंग, शंकराचार्य चौराहा से नृसिंह घाट और दानीगेट, भूखी माता टर्निंग से नृसिंह घाट, दौलतगंज से लोहा पुल, कंठाल चौराहा से छत्री चौक, तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग, दानीगेट से गणगौर दरवाजा, केडी गेट से टंकी चौराहा और भार्गव तिराहे से कमरी मार्ग की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।


    पार्किंग व्यवस्था: शहर के बाहर बने बड़े केंद्र
    प्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कॉलेज खेल मैदान, इंपीरियल गार्डन, मन्नत गार्डन, हरिफाटक ओवरब्रिज के नीचे, कर्कराज पार्किंग, गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि, कार्तिक मेला ग्राउंड, राठौर छत्री ग्राउंड और कृषि उपार्जन केंद्र को प्रमुख पार्किंग स्थल बनाया गया है।
    इंदौर रोड से आने वाले वाहनों के लिए प्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कॉलेज खेल मैदान और शनि मंदिर मैदान को रिजर्व पार्किंग के रूप में रखा गया है। वहीं मक्सी, बडनगर, नागदा और आगर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड, दुर्गादास राठौर छत्री, गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि और कृषि उपार्जन केंद्र में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।


    दोपहिया वाहनों के लिए अलग व्यवस्था
    इंदौर, देवास और मक्सी रोड से आने वाले दोपहिया वाहन कचरा घर, जंतर-मंतर और लालपुल टर्निंग होते हुए कर्कराज पार्किंग में खड़े किए जाएंगे। बडनगर और नागदा की ओर से आने वाले दोपहिया वाहन क्षत्रीय तेली समाज के पास स्थित मैदान और गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि पर पार्क होंगे।


    पार्किंग से बाहर निकलने के तय मार्ग
    कर्कराज पार्किंग में खड़े वाहन लालपुल टर्निंग, चिंतामण ब्रिज और सिंहस्थ बायपास के जरिए इंदौर, भोपाल, देवास, नागदा और आगर की ओर जा सकेंगे।
    हरिफाटक होटल के पीछे की पार्किंग से वाहन वांकणकर ब्रिज, दाउदखेड़ी और सिंहस्थ बायपास होकर बाहर निकलेंगे। वहीं हरिफाटक ब्रिज के नीचे खड़े वीआईपी वाहन नीलगंगा चौराहा, शास्त्री नगर और नानाखेड़ा चौराहा होकर अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।

  • मध्‍य प्रदेश में फिर लौटेगी ठंड, फरवरी में जारी रहेगा मौसम में उतार-चढ़ाव

    मध्‍य प्रदेश में फिर लौटेगी ठंड, फरवरी में जारी रहेगा मौसम में उतार-चढ़ाव


    भोपाल। मध्य प्रदेश में फिलहाल अगले दो दिन तक कड़ाके की ठंड से राहत रहेगी। इस दौरान तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। हालांकि, यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। पहाड़ी इलाकों से गुजर रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कमजोर पड़ने और बर्फ पिघलने के बाद प्रदेश में एक बार फिर उत्तर से सर्द हवाएं चलेंगी, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी।


    मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी महीने में मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहेगा। अभी बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश के आसार बने हुए हैं। इसका असर यह होगा कि मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों तक दिन के तापमान में इजाफा होगा। बीते सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिनभर तेज धूप खिली रही, जिससे अधिकतम तापमान बढ़ा। हालांकि रात और अलसुबह ठंड का असर बना रहेगा, भले ही पारे में हल्की बढ़ोतरी हो।

    क्यों बदलेगा मौसम?
    मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा सिस्टम के गुजरने और पहाड़ों की बर्फ पिघलने के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और ठंड का असर बढ़ेगा। इस दौरान उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं भी प्रदेश को प्रभावित करेंगी। इससे पहले प्रदेश में 11 फरवरी को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होगी। दिन में तेज धूप खिली रहेगी। जबकि 12 फरवरी को तापमान 3 से 4 डिग्री बढ़ोत्‍तरी की संभावना है। ठंड का असर मुख्य रूप से रात और अलसुबह रहेगा।

    13 शहरों में 10 डिग्री से नीचे पहुंचा पारा
    सोमवार रात प्रदेश के 13 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। सबसे ठंडा क्षेत्र कटनी का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री रहा। शहडोल के कल्याणपुर और खजुराहो में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4, अमरकंटक में 7.8, दतिया में 8.1, रीवा में 8.3, राजगढ़ में 8.6, उमरिया में 8.8, शिवपुरी में 9, मंडला में 9.4, मलाजखंड में 9.5 और नौगांव में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में भोपाल का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर 11.2, ग्वालियर 10.6, उज्जैन 12.4 और जबलपुर 11.4 डिग्री सेल्सियस रहा।