Category: Madhya Pradesh

  • सलकनपुर मंदिर परिसर में सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं सभी व्यवस्थाएं

    सलकनपुर मंदिर परिसर में सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं सभी व्यवस्थाएं

    सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित विजयासन देवी मंदिर में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सलकनपुर आगमन हो रहा है। श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना एवं दर्शन में किसी तरह की कोई परेशानी न हो, इसके लिए कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देशानुसार प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

    मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पार्किंग, पेयजल, साफ-सफाई तथा पर्याप्त बिजली की व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के सुगम आगमन एवं निर्गमन के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके साथ ही मेला स्थल पर दुकानों को व्यवस्थित ढंग से लगाया गया है, जिससे किसी प्रकार की असुविधा न हो। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए भी पर्याप्त संख्या में पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

    जनसम्पर्क अधिकारी देवेन्द्र ओगारे ने शुक्रवार को बताया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ कैंप लगाया गया हैं। जिससे श्रद्धालुओं को चिकित्सा की आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रूप से मेडिकल सहायता प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही इमरजेंसी सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में कोई परेशानी न हो, इसके लिए मुख्य स्थानों पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। इसके साथ ही मंदिर परिसर में कन्ट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जिससे ड्यूटी के दौरान सभी अधिकारी-कर्मचारी सतत संपर्क में हैं और पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे हैं।

  • भोजशाला विवाद में तीन पक्षों की जंग, हिंदू मुस्लिम के बाद जैन समाज की एंट्री, हाईकोर्ट में 2 अप्रैल को सुनवाई

    भोजशाला विवाद में तीन पक्षों की जंग, हिंदू मुस्लिम के बाद जैन समाज की एंट्री, हाईकोर्ट में 2 अप्रैल को सुनवाई


    मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर चल रहा विवाद एक नए और अहम मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले में अब जैन समुदाय की एंट्री ने पूरे प्रकरण को और अधिक जटिल बना दिया है। इंदौर स्थित हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस संबंध में दायर एक नई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार समेत सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

    इस नई याचिका में दावा किया गया है कि भोजशाला परिसर के भीतर प्राचीन जैन मंदिर और गुरुकुल के अवशेष मौजूद हैं। याचिकाकर्ता दिल्ली के सामाजिक कार्यकर्ता सलेक चंद जैन हैं, जिन्होंने मांग की है कि जैन समुदाय को भी इस स्थान पर पूजा-अर्चना का अधिकार दिया जाए। उनका कहना है कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर इस स्थल का जैन धर्म से भी गहरा संबंध हो सकता है।

    यह पूरा परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई द्वारा संरक्षित है, और इसके धार्मिक स्वरूप को लेकर पहले से ही हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। अब जैन समुदाय के इस दावे के जुड़ने से मामला और अधिक संवेदनशील और बहुस्तरीय हो गया है।

    भोजशाला विवाद नया नहीं है। हिंदू पक्ष इसे देवी सरस्वती का प्राचीन मंदिर मानता है और यहां पूजा-अर्चना के अधिकार की मांग करता है। वहीं मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है और अपने धार्मिक अधिकारों की रक्षा की बात करता है। यह स्थल 11वीं शताब्दी का बताया जाता है, जिसके ऐतिहासिक स्वरूप को लेकर विभिन्न मत मौजूद हैं। अब तक इस मामले से जुड़ी कई याचिकाएं पहले से ही हाईकोर्ट में लंबित हैं।

    अब जैन समुदाय के दावे के बाद इस विवाद में एक और आयाम जुड़ गया है, जिससे यह मामला और भी जटिल हो गया है। अदालत के समक्ष अब तीन अलग-अलग पक्ष अपने-अपने दावे प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया की अहमियत और बढ़ गई है।

    हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए उनसे विस्तृत जवाब मांगा है। आने वाली सुनवाई में यह तय करने की कोशिश की जाएगी कि इस ऐतिहासिक स्थल का वास्तविक स्वरूप क्या है और किन-किन समुदायों को यहां धार्मिक गतिविधियां करने का अधिकार मिल सकता है।

    यह मामला केवल एक स्थल का विवाद नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा संवेदनशील विषय बन चुका है। अब सभी की नजरें 2 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस बहुचर्चित मामले में आगे की दिशा तय हो सकती है

  • राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस पर फार्मा अन्वेषण 2026 में दिखी नवाचार की दमदार झलक

    राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस पर फार्मा अन्वेषण 2026 में दिखी नवाचार की दमदार झलक

    इंदौर में सेज यूनिवर्सिटी के इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज द्वारा फार्मा अन्वेषण 2026 का भव्य और सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अनुदान से 20 मार्च 2026 को संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने शिक्षा अनुसंधान और उद्योग के बीच समन्वय को एक नई दिशा प्रदान की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण आयोजन बना दिया।

    इस कार्यक्रम में चार सौ से अधिक विद्यार्थियों और लगभग दो सौ शिक्षकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों की भारी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को लेकर गहरी रुचि और उत्साह है। पूरे आयोजन में सीखने और सृजन की ऊर्जा का वातावरण बना रहा।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ मोंटू पटेल उपस्थित रहे। उनके साथ फाइनेंस चेयरमैन डॉ विभु साहनी। मध्यप्रदेश स्टेट फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष डॉ संजय जैन। सेंट्रल मेंबर डॉ नीरज उपमन्यु। सेंट्रल मेंबर डॉ शैलेश जैन। तथा सेज यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डॉ प्रशांत जैन की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया।

    राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनोवेटिव प्रोडक्ट प्रस्तुतियाँ। रिसर्च पोस्टर प्रदर्शन। और पेटेंट आधारित प्रोजेक्ट्स ने छात्रों की प्रतिभा को उजागर करने का अवसर दिया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं पर काम करने और उनके समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया गया।

    कार्यक्रम के दौरान पैनल चर्चा और विशेषज्ञों के मुख्य वक्तव्यों ने सभी प्रतिभागियों को गहराई से सोचने और नए विचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच संवाद सत्रों ने विद्यार्थियों को यह समझने में मदद की कि तकनीकी हस्तांतरण कैसे किया जाता है और नियामक प्रक्रियाएँ किस प्रकार कार्य करती हैं। साथ ही कौशल विकास और उभरते करियर अवसरों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

    कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण उद्घाटन सत्र में प्राप्त वर्चुअल संदेश रहा। जिसमें मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का संदेश शामिल था। इस संदेश ने विद्यार्थियों और आयोजकों का उत्साह और बढ़ा दिया।

    समापन समारोह में सभी विजेताओं को सम्मानित किया गया। उनके नवाचार और प्रयासों की सराहना की गई। इस अवसर पर आयोजन से जुड़े सभी लोगों ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष और प्रसन्नता व्यक्त की। चांसलर इंजीनियर संजीव अग्रवाल ने भी इस आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया और इसे शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

    फार्मा अन्वेषण 2026 ने यह सिद्ध किया कि यदि शिक्षा संस्थान और उद्योग मिलकर कार्य करें तो नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति संभव है। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए सीखने का मंच बना बल्कि फार्मेसी शिक्षा के भविष्य के लिए एक मजबूत आधार भी साबित हुआ।

  • सागर में सनसनीखेज मामला, चलती कार में आग से पत्नी की मौत, डॉक्टर पति पर उठे सवाल, भाई ने जताई हत्या की आशंका

    सागर में सनसनीखेज मामला, चलती कार में आग से पत्नी की मौत, डॉक्टर पति पर उठे सवाल, भाई ने जताई हत्या की आशंका


    मध्यप्रदेश के सागर जिले में शनिवार तड़के एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। गढ़ाकोटा रोड पर चलती कार में अचानक आग लग गई, जिसमें सवार एक महिला की जलकर मौत हो गई, जबकि उनके डॉक्टर पति सुरक्षित बच निकले। यह घटना सुबह करीब चार बजे के आसपास हुई, जब दोनों पति-पत्नी इलाज के सिलसिले में सागर की ओर जा रहे थे।

    कार में सवार डॉक्टर नीलेश कुर्मी और उनकी पत्नी सीमा कुर्मी इस हादसे का शिकार हुए। बताया जा रहा है कि गाड़ी एक सीएनजी कार थी, जिसमें अचानक आग लगने से स्थिति बेकाबू हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि महिला को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वह कार के अंदर ही जल गईं। वहीं, डॉक्टर पति किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और महिला की जान जा चुकी थी। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं, ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    इस बीच मृतका के भाई लोकेश पटेल ने इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि अगर यह एक सामान्य दुर्घटना होती, तो घटनास्थल पर स्पष्ट निशान दिखाई देते, लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं मिला। उन्होंने आशंका जताई कि या तो उनकी बहन को पहले ही बेहोश किया गया या फिर उन्हें मृत अवस्था में कार में बैठाया गया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    लोकेश ने यह भी बताया कि घटना से पहले उन्हें डॉक्टर नीलेश का फोन आया था, जिसमें उन्होंने बताया कि सीमा को हार्ट अटैक आया है और वे उसे अस्पताल लेकर जा रहे हैं। कुछ समय बाद फिर से फोन आया और बताया गया कि रास्ते में दुर्घटना हो गई और कार में आग लग गई, जिसमें सीमा की मौत हो गई। इस बदलते बयान ने भी मामले को और संदिग्ध बना दिया है।

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने की बात भी सामने आई है, जो जांच के दायरे में एक अहम बिंदु बन गया है। पुलिस अब दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।

    फिलहाल पुलिस हर एंगल से इस घटना की पड़ताल कर रही है, जिसमें हादसा, तकनीकी खराबी या किसी साजिश की संभावना शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस रहस्यमयी मौत को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं।

  • सुरक्षा के नए युग की शुरुआत छतरपुर में 1.86 करोड़ का कंट्रोल रूम बना निगरानी का मजबूत आधार

    सुरक्षा के नए युग की शुरुआत छतरपुर में 1.86 करोड़ का कंट्रोल रूम बना निगरानी का मजबूत आधार


    छतरपुर में पुलिस व्यवस्था को और अधिक सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस लाइन परिसर में तैयार किए गए अत्याधुनिक कंट्रोल रूम का शुभारंभ सागर रेंज की आईजी हिमानी खन्ना ने किया। इस अवसर पर डीआईजी विजय खत्री की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। उद्घाटन के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने फीता काटकर इस नई सुविधा की शुरुआत की और इसे पुलिसिंग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। कार्यक्रम में एसपी अगम जैन और एएसपी आदित्य पटले सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

    करीब 1.86 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह आधुनिक दो मंजिला भवन पुलिस हाउसिंग के माध्यम से विकसित किया गया है। इस भवन को विशेष रूप से आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है ताकि पुलिस कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बन सके। इसमें कुल 9 कमरे बनाए गए हैं जिनमें विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों को संचालित किया जाएगा। भवन में अत्याधुनिक संचार व्यवस्था स्थापित की गई है जिससे जिले के विभिन्न थानों के बीच तेज और बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा।

    नए कंट्रोल रूम की सबसे बड़ी खासियत इसका उन्नत सीसीटीवी मॉनिटरिंग सिस्टम है। इसके माध्यम से शहर के प्रमुख क्षेत्रों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। इससे न केवल अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी बल्कि किसी भी घटना की स्थिति में पुलिस तुरंत और प्रभावी कार्रवाई कर सकेगी। हाईटेक तकनीक के उपयोग से पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।

    आईजी हिमानी खन्ना ने इस अवसर पर कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस यह कंट्रोल रूम पुलिसिंग को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि इससे न केवल सूचनाओं का बेहतर प्रबंधन होगा बल्कि घटनाओं पर त्वरित और सटीक कार्रवाई भी संभव होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की सुविधाएं पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करेंगी।

    कंट्रोल रूम के शुरू होने से शहर की सुरक्षा व्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ गया है। अब पुलिस को शहर के विभिन्न हिस्सों की वास्तविक समय में जानकारी मिल सकेगी जिससे अपराधियों पर नकेल कसना और भी आसान होगा। यह पहल न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करेगी बल्कि नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

    इस आधुनिक कंट्रोल रूम के माध्यम से छतरपुर पुलिस अब पहले से अधिक सतर्क सक्रिय और तकनीकी रूप से सक्षम हो गई है। इससे शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलेगी और पुलिसिंग का स्तर और अधिक प्रभावशाली होगा। यह परियोजना भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकती है।

  • सिवनी में टोल प्लाजा पर हिंसा, निहंग सिखों का हमला, कर्मचारियों से मारपीट और मोबाइल लूट, मचा हड़कंप

    सिवनी में टोल प्लाजा पर हिंसा, निहंग सिखों का हमला, कर्मचारियों से मारपीट और मोबाइल लूट, मचा हड़कंप


    सिवनी /मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में एक टोल प्लाजा पर हुई हिंसक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। यह मामला लखनादौन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मड़ई टोल प्लाजा का है, जहां शुक्रवार दोपहर कुछ निहंग सिखों द्वारा जमकर हंगामा किया गया। इस घटना में टोल कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और एक कर्मचारी का मोबाइल फोन छीनकर आरोपी मौके से फरार हो गए। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है।

    जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब टोल प्लाजा पर तीन वाहन बिना टोल दिए बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। मौके पर मौजूद टोल कर्मचारियों ने जब वाहनों को रोकने का प्रयास किया, तो विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते बात गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आरोपियों ने कर्मचारियों पर हमला कर दिया।

    बताया जा रहा है कि इस घटना में टोल प्लाजा के शिफ्ट इंचार्ज मुनेश सिंह बघेल गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि निहंगों ने उन्हें तलवार की मूठ और डंडों से पीटा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हमले के दौरान आरोपियों ने उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया और मौके से फरार हो गए। इस पूरी घटना ने वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों और यात्रियों को भी भयभीत कर दिया।

    घटना के बाद टोल प्लाजा प्रबंधन ने तत्काल लखनादौन थाना में शिकायत दर्ज कराई। टोल प्लाजा के मैनेजर अमित कुमार गुप्ता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।

    पुलिस ने शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों की पहचान की जा रही है और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी पंजाब से नांदेड़ की ओर जा रहे थे। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार ऐसी घटनाएं सामने आने से कर्मचारियों में डर का माहौल बन रहा है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दी जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • भोपाल-इंदौर हाईवे पर भीषण हादसा TUV पलटी 5 छात्र घायल जांच जारी

    भोपाल-इंदौर हाईवे पर भीषण हादसा TUV पलटी 5 छात्र घायल जांच जारी

    भोपाल-इंदौर :शनिवार की सुबह मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में भोपाल-इंदौर हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। यह हादसा उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार TUV वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया और उसमें सवार पांच छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि सभी छात्र एक निजी कॉलेज में पढ़ाई करते हैं और रोजाना की तरह कॉलेज जा रहे थे। लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने उनकी यात्रा को दर्दनाक घटना में बदल दिया।

    हादसा सुबह करीब 10 बजे सीहोर और आष्टा के बीच स्थित भाड़ा खेड़ी जंक्शन के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन काफी तेज गति में चल रहा था। अचानक ड्राइवर का नियंत्रण वाहन पर से हट गया और गाड़ी सड़क पर अनियंत्रित होकर पलट गई। पलटते ही जोरदार आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत गाड़ी के अंदर फंसे छात्रों और चालक को बाहर निकालने का प्रयास किया। कुछ छात्र गाड़ी के अंदर बुरी तरह फंसे हुए थे, जिन्हें निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना में कुछ छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य को हल्की चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी घायलों को तत्काल सीहोर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार बताया जा रहा है, लेकिन एक और संभावना यह भी जताई जा रही है कि गाड़ी का टायर अचानक फट गया, जिसके कारण ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और यह दुर्घटना हो गई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।

    पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने क्रेन की मदद से वाहन को हटाकर यातायात को सुचारू किया। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद वे अस्पताल पहुंचने लगे। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन की फिटनेस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार और वाहन की खराब स्थिति सड़क हादसों का बड़ा कारण बन रही है।

    फिलहाल, सभी घायलों का इलाज जारी है और पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस हादसे ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सड़क पर जरा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए हर वाहन चालक को पूरी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाना चाहिए।

  • MP Weather Update बारिश और ओलों ने मचाई तबाही 72 घंटे से जारी सिस्टम से बिगड़ा हालात

    MP Weather Update बारिश और ओलों ने मचाई तबाही 72 घंटे से जारी सिस्टम से बिगड़ा हालात

    मध्यप्रदेश में पिछले 72 घंटों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ा हुआ है जहां साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की जा रही है राजधानी भोपाल इंदौर ग्वालियर जबलपुर और उज्जैन सहित लगभग 42 जिलों में मौसम का असर देखा गया है जिससे जनजीवन के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है

    मौसम विभाग के अनुसार 18 मार्च को सक्रिय हुआ सिस्टम अभी भी प्रभावी बना हुआ है और इसके कारण लगातार मौसम में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि ने खासकर खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है गेहूं केला पपीता और संतरा जैसी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित बताई जा रही हैं जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है

    प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का असर देखने को मिला है जहां पिछले 24 घंटों में 100 से अधिक कस्बों और शहरों में वर्षा दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ाडोंगरी में दर्ज की गई इसके अलावा बड़वानी बैतूल भोपाल और दमोह सहित कई स्थानों पर आधे इंच से अधिक बारिश हुई है वहीं अलीराजपुर झाबुआ खंडवा छिंदवाड़ा और अन्य जिलों में ओलावृष्टि की सूचना भी सामने आई है

    शनिवार को मौसम विभाग ने टीकमगढ़ छतरपुर पन्ना सतना रीवा सिंगरौली मैहर कटनी उमरिया शहडोल डिंडोरी और अनूपपुर सहित कई जिलों के लिए तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है पूर्वी जिलों पर इस सिस्टम का अधिक असर पड़ने की संभावना जताई गई है जिससे वहां स्थिति और गंभीर हो सकती है

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तीन ट्रफ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण प्रदेश में यह अस्थिरता बनी हुई है और यह सिस्टम आगे बढ़ने के साथ असर दिखाता रहेगा हालांकि 22 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा लेकिन इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कमजोर रहेगा जिससे बारिश की तीव्रता कम हो सकती है

    वहीं 26 मार्च के आसपास एक और नया सिस्टम सक्रिय होने की संभावना जताई गई है जिससे प्रदेश में फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है इस लगातार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि कटाई के समय हो रही यह बारिश और ओलावृष्टि फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है मध्यप्रदेश में मौसम का यह दौर किसानों और आम लोगों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके

  • साउथ तुकोगंज में दहशत लॉरेंस नाम पर 15 करोड़ की फिरौती और जान से मारने की धमकी

    साउथ तुकोगंज में दहशत लॉरेंस नाम पर 15 करोड़ की फिरौती और जान से मारने की धमकी


    इंदौर के साउथ तुकोगंज इलाके में एक रियल एस्टेट कारोबारी को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है कारोबारी संजय जैन से 15 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है

    पीड़ित के अनुसार उन्हें सबसे पहले एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आया जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को गैंग का सदस्य बताया और पहचान की पुष्टि करने की कोशिश की जब संजय जैन ने इनकार किया तो आरोपी ने खुद को ‘हैरी बॉक्सर’ बताते हुए धमकी दी और कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे

    कॉल के बाद भी धमकियों का सिलसिला जारी रहा और उसी नंबर से व्हाट्सएप पर वॉइस मैसेज और वीडियो कॉल आने लगे इसके अलावा एक अन्य नंबर से भी संपर्क करने की कोशिश की गई जिस पर धार्मिक तस्वीर लगी हुई थी वॉइस मैसेज में साफ तौर पर कहा गया कि रकम नहीं देने पर हत्या कर दी जाएगी

    शुरुआत में आरोपी ने 10 करोड़ रुपये की मांग की थी जिसे बाद में बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये कर दिया गया धमकी देने वाले ने कारोबारी के परिवार और उनके करीबियों के बारे में भी जानकारी होने का दावा किया जिससे यह मामला और गंभीर हो गया

    धमकी देने वाले ने यह भी कहा कि उसे कारोबारी की लोकेशन उनके आने जाने के रास्तों और व्यापार से जुड़ी जानकारी भी है इन बातों से पीड़ित और उनका परिवार पूरी तरह दहशत में आ गया है

    कारोबारी ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कॉल की लोकेशन और आरोपी की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं पुलिस साइबर सेल की मदद से अंतरराष्ट्रीय कॉल्स और व्हाट्सएप नंबरों की जांच कर रही है

    इस घटना ने एक बार फिर संगठित अपराध और डिजिटल माध्यम से हो रही धमकियों की गंभीरता को उजागर किया है पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस तरह के मामलों को लेकर सतर्क हो गई हैं ताकि ऐसे गिरोहों पर लगाम लगाई जा सके और व्यापारियों को सुरक्षा प्रदान की जा सके

  • शिक्षा व्यवस्था से लेकर अपराध तक जबलपुर में कई मोर्चों पर कार्रवाई और धोखाधड़ी के मामले उजागर

    शिक्षा व्यवस्था से लेकर अपराध तक जबलपुर में कई मोर्चों पर कार्रवाई और धोखाधड़ी के मामले उजागर

    जबलपुर में एक साथ कई अलग अलग घटनाओं ने प्रशासन और आम लोगों को सतर्क कर दिया है जहां एक ओर शिक्षा विभाग ने मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर सख्त रुख अपनाया है वहीं दूसरी ओर ठगी और धोखाधड़ी के मामले भी सामने आए हैं

    शिक्षा विभाग की ओर से 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने पर 400 से अधिक प्राचार्यों और शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है जिला शिक्षा अधिकारी ने उन शिक्षकों से जवाब मांगा है जो निर्धारित समय पर मूल्यांकन केंद्रों पर उपस्थित नहीं हुए 22 फरवरी से शुरू हुए इस कार्य में करीब 441 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए जिनमें पीएम श्री और मॉडल स्कूलों के शिक्षक भी शामिल हैं यदि इन नोटिसों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है तो निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है इस सख्ती से शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया गया है

    दूसरी ओर शहर में धोखाधड़ी के मामलों ने भी चिंता बढ़ा दी है कोतवाली थाना क्षेत्र में एक ज्वेलर्स पर 35 लाख रुपये की ठगी का आरोप सामने आया है आरोपी ने चांदी में मुनाफे का झांसा देकर निवेश के नाम पर यह रकम ली पीड़ित मनोज पांडे की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है इस मामले में आरोपी विनोद सोनी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है

    इसी तरह संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में एक और गंभीर मामला सामने आया है जहां एक सहकर्मी युवती को शादी का झांसा देकर आरोपी ने उससे 17 लाख रुपये ऐंठ लिए पीड़िता के अनुसार आरोपी ने न केवल पैसे लिए बल्कि शादी के नाम पर शारीरिक संबंध भी बनाए बाद में शादी से इनकार कर दिया और जब पीड़िता ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने उसे ब्लॉक कर दिया इतना ही नहीं दिए गए चेक भी बाउंस करा दिए गए जिससे मामला और गंभीर हो गया

    इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहर में एक तरफ जहां शिक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बरती जा रही है वहीं दूसरी तरफ धोखाधड़ी और अपराध के मामलों पर भी पुलिस सक्रिय हो गई है प्रशासन अब ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रख रहा है ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके और आम जनता को सुरक्षित माहौल मिल सके