Category: Madhya Pradesh

  • सार्वजनिक रास्ता बंद होने पर भड़के ग्रामीण, 200 लोग पहुंचे कलेक्ट्रेट; मार्ग बहाल करने की लगाई गुहार

    सार्वजनिक रास्ता बंद होने पर भड़के ग्रामीण, 200 लोग पहुंचे कलेक्ट्रेट; मार्ग बहाल करने की लगाई गुहार

    रीवा रीवा जिले के ग्राम शाहपुर में सार्वजनिक मार्ग बंद किए जाने का मामला मंगलवार को जनसुनवाई में प्रमुखता से उठाया गया। गांव के करीब 200 ग्रामीण एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए रास्ते को तत्काल बहाल कराने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से उपयोग में आ रहे सार्वजनिक मार्ग को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया है, जिससे पूरे गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    ग्रामीणों के अनुसार ग्राम शाहपुर में अपर पूर्वी नहर सिंचाई विभाग की डगरी टोला सब माइनर क्रमांक-2 के समीप एक मार्ग लंबे समय से आवागमन के लिए उपयोग में था। इस रास्ते का महत्व इसी बात से समझा जा सकता है कि ग्राम पंचायत ने यहां पहले पीसीसी सड़क का निर्माण भी कराया था। लेकिन 14 जून को कथित रूप से दो ट्रक मिट्टी डलवाकर इस मार्ग को बंद कर दिया गया, जिससे गांव के लोगों का आवागमन बाधित हो गया।

    रास्ता बंद होने के बाद ग्रामीणों को अपने दैनिक कार्यों के लिए लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। इसका सबसे अधिक असर किसानों, विद्यार्थियों, मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है। खेतों तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है, जबकि स्कूली बच्चों को भी स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस रास्ते से वे वर्षों से आसानी से आवागमन करते थे, उसके बंद होने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो गई है।

    जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीण कमलेश कुमार प्रजापति ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए कई बार स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और संबंधित पक्षों से संपर्क किया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

    ग्रामीण राजेश प्रजापति ने कहा कि यह मार्ग सार्वजनिक उपयोग का रास्ता रहा है और गांव के अनेक परिवार इसी पर निर्भर हैं। ऐसे में इसे बंद कर देना लोगों के अधिकारों का हनन है। उन्होंने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने और मार्ग को पुनः चालू कराने की मांग की।

    संतोष प्रजापति ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ सकती है।

    ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि नहर विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए तथा मिट्टी डालकर बंद किए गए सार्वजनिक मार्ग को तत्काल बहाल किया जाए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस मुद्दे की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं और वे जल्द राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।

  • सोसाइटी विवाद में पुलिस पर पक्षपात के आरोप: महिला बोली- FIR से आरक्षक का नाम हटाया, न्याय के लिए भटक रहा परिवार

    सोसाइटी विवाद में पुलिस पर पक्षपात के आरोप: महिला बोली- FIR से आरक्षक का नाम हटाया, न्याय के लिए भटक रहा परिवार

     
    इंदौर ; इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र स्थित गुलमार्ग परिसर हाउसिंग सोसाइटी में चल रहा विवाद अब केवल सोसाइटी प्रबंधन और वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोसाइटी की रहवासी सुलोचना शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे के साथ हुई मारपीट के मामले में एक पुलिस आरक्षक को बचाने के लिए एफआईआर में उसका नाम शामिल नहीं किया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि न्याय पाने के लिए वे थाने से लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

    महिला के अनुसार पूरा विवाद सोसाइटी के हैंडओवर, मेंटेनेंस फंड और कथित वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर चल रहा है। उनका आरोप है कि सोसाइटी के फंड से करीब 15 लाख रुपए का गबन किया गया है और कुछ पदाधिकारी चार्ज हस्तांतरण से इसलिए बच रहे हैं ताकि कथित अनियमितताएं उजागर न हों। इसके अलावा नगर निगम की जमीन पर कथित अतिक्रमण और वहां धार्मिक संरचना स्थापित करने को लेकर भी विवाद बना हुआ है।

    पीड़िता का कहना है कि 8 जून की रात सोसाइटी परिसर में विवाद के दौरान उनके बेटे कार्तिक शर्मा ने केवल गाली-गलौज का विरोध किया था। इसके बाद कुछ लोगों ने उस पर लाठियों, लात-घूंसों से हमला कर दिया। परिवार का आरोप है कि हमले में कार्तिक गंभीर रूप से घायल हुआ और उसके गले से सोने की चेन भी गायब हो गई। घटना के बाद परिवार शिकायत लेकर कनाड़िया थाने पहुंचा, लेकिन रातभर इंतजार कराने के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई।

    सबसे गंभीर आरोप यह है कि घटना में शामिल बताए जा रहे कनाड़िया थाने के आरक्षक नारायण जाट का नाम एफआईआर से हटा दिया गया। महिला का कहना है कि उन्होंने पुलिस को कई नाम बताए थे, लेकिन रिपोर्ट में केवल कुछ लोगों के नाम शामिल किए गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस विभाग से जुड़े होने के कारण आरक्षक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

    सुलोचना शर्मा ने थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब वे कार्रवाई की मांग लेकर थाने पहुंचीं तो उन्हें केवल जांच का आश्वासन दिया गया। दूसरी ओर कनाड़िया थाना प्रभारी सहर्ष यादव का कहना है कि मामले में दर्ज शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और जिस आरक्षक पर आरोप लगाए गए हैं, उसकी भूमिका की भी जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि महिला द्वारा बताए गए सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

    उधर, आरक्षक नारायण जाट ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वह घटना के समय मौके पर मौजूद थे, लेकिन किसी प्रकार की मारपीट में शामिल नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी पहले सोसाइटी में सचिव पद पर थीं, जिसके कारण उनका नाम विवाद में घसीटा जा रहा है।

    इस पूरे मामले ने सोसाइटी के रहवासियों के बीच तनाव और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। पीड़ित परिवार ने पुलिस कमिश्नर और नगर निगम आयुक्त से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

  • जॉइंट डायरेक्टर की संपत्तियों पर लोकायुक्त की नजर: सूदखोरी, चेक बाउंस और करोड़ों के निवेश की जांच तेज

    जॉइंट डायरेक्टर की संपत्तियों पर लोकायुक्त की नजर: सूदखोरी, चेक बाउंस और करोड़ों के निवेश की जांच तेज


    इंदौर इंदौर में महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल के खिलाफ चल रही आय से अधिक संपत्ति की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। लोकायुक्त पुलिस की छापामार कार्रवाई के बाद अब ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं, जिनसे जांच का दायरा और बढ़ सकता है। कंडवाल के परिवार के नाम पर करोड़ों रुपए की संपत्तियां, निवेश और व्यवसाय मिलने के साथ-साथ सूदखोरी और चेक बाउंस मामलों को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

    लोकायुक्त पुलिस ने हाल ही में कंडवाल के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान उनकी पत्नी शारदा कंडवाल, पुत्रवधु तनु और हर्षिता के नाम पर कई संपत्तियों और निवेश का पता चला। शुरुआती जांच में इन संपत्तियों का मूल्य करोड़ों रुपए में आंका गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय की तुलना में काफी अधिक हो सकती है।

    जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। जानकारी के अनुसार कंडवाल के पुत्र अभिषेक के नाम से वर्ष 2022 में रमेश मलकानी के खिलाफ चेक बाउंस के छह मामले दर्ज कराए गए थे। ये मामले न्यायालय तक पहुंचे और बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। हालांकि इन मामलों से जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।

    सूत्रों के अनुसार जिन चेकों को लेकर मुकदमे दर्ज हुए थे, वे केसरबाग रोड स्थित एक संपत्ति के सौदे से जुड़े बताए जाते हैं। बाद में समझौते के तहत राशि प्राप्त होने के बाद मामला समाप्त कर दिया गया था। लेकिन जांच एजेंसियां अब यह जानने का प्रयास कर सकती हैं कि उस समय पढ़ाई कर रहे अभिषेक के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई और संपत्ति निवेश के लिए धन का स्रोत क्या था।

    जानकारों का कहना है कि यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि निवेश की राशि वास्तव में लक्ष्मी नारायण कंडवाल द्वारा उपलब्ध कराई गई थी, तो बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर दर्ज संपत्तियों की भी गहन जांच हो सकती है। लोकायुक्त टीम इस बात का भी परीक्षण कर सकती है कि कहीं परिवार के नाम का उपयोग कर संपत्तियां तो नहीं बनाई गईं।

    कंडवाल ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1986 में ग्राम सुनाला के माध्यमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के रूप में की थी। इसके बाद वे विभिन्न पदों पर पदोन्नत होते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग में संयुक्त संचालक के पद तक पहुंचे। नौकरी के दौरान उनकी पदस्थापना नीमच, खरगोन, उज्जैन, जबलपुर, भोपाल, रीवा सहित कई जिलों में रही।

    लोकायुक्त जांच में यह भी सामने आया है कि उनके पुत्र अभिषेक और पवन के नाम पर एक सुपर मार्केट संचालित है, जिसमें लाखों रुपए का निवेश किया गया है। इसके अलावा एक आधुनिक और आलीशान जिम की जानकारी भी सामने आई है, जहां अत्याधुनिक फिटनेस उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन निवेशों और व्यवसायों के वित्तीय स्रोतों की भी जांच की जा रही है।

    लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। सभी संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और वित्तीय लेनदेन का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट राज्य शासन को भेजी जाएगी। साथ ही विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भी पत्र भेजा जा सकता है। इस मामले ने प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है और अब सभी की नजर लोकायुक्त की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

  • शराब पार्टी बनी मौत की वजह: दोस्त ने बोतल और पानी की मोटर से किया हमला, युवक की मौत

    शराब पार्टी बनी मौत की वजह: दोस्त ने बोतल और पानी की मोटर से किया हमला, युवक की मौत


    मध्य प्रदेश; मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक बार फिर शराब के नशे में हुई हिंसक वारदात ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। एरोड्रम थाना क्षेत्र की पंचवटी कॉलोनी में मंगलवार दोपहर शराब पीने के दौरान दो दोस्तों के बीच हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। आरोपी ने पहले शराब की बोतल से हमला किया और फिर पास में रखी पानी भरने की मोटर उठाकर दोस्त के सिर पर दे मारी। गंभीर चोटों के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान जितेन्द्र पुत्र फूलचंद मीणा के रूप में हुई है। वह एक निजी बैंक में कार्यरत था और पंचवटी कॉलोनी क्षेत्र में रहता था। बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर करीब एक बजे जितेन्द्र अपने दोस्त धर्मेंद्र पंवार के साथ बैठकर शराब पी रहा था। दोनों के बीच बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। शुरुआत में यह सामान्य बहस थी, लेकिन कुछ ही देर में मामला हिंसक झड़प में बदल गया।

    प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार विवाद बढ़ने पर धर्मेंद्र ने अपना आपा खो दिया। उसने पहले शराब की बोतल उठाकर जितेन्द्र पर हमला किया। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने पास में रखी पानी भरने वाली मोटर को हथियार बना लिया। आरोपी ने मोटर से जितेन्द्र के सिर पर कई वार किए। सिर में गंभीर चोट लगने से वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।

    घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही एरोड्रम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

    थाना प्रभारी वरेन्द्र कुशवाह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या का कारण आपसी विवाद है, जो शराब पीने के दौरान हुआ था। आरोपी धर्मेंद्र पंवार घटना के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।

    जानकारी के मुताबिक जितेन्द्र का निजी जीवन भी काफी संघर्षपूर्ण रहा था। उसकी पत्नी करीब सात वर्ष पहले उसे छोड़कर चली गई थी और वह अकेले रहकर नौकरी कर रहा था। परिवार और परिचितों के अनुसार वह शांत स्वभाव का व्यक्ति था। उसकी अचानक हुई मौत से परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है।

    यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि नशे की हालत में छोटे-छोटे विवाद भी किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकते हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी।

  • मंदिर ट्रस्टी की बेरहमी से हत्या: शराब पीने से टोका तो चौकीदार ने डंडे से किए 31 वार, गुरुद्वारे में घुसकर भी नहीं छोड़ा

    मंदिर ट्रस्टी की बेरहमी से हत्या: शराब पीने से टोका तो चौकीदार ने डंडे से किए 31 वार, गुरुद्वारे में घुसकर भी नहीं छोड़ा


    इंदौर इंदौर शहर एक बार फिर सनसनीखेज हत्या की घटना से दहल उठा है। अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में स्थित करीब 150 साल पुराने मंदिर के ट्रस्टी कैलाश मोदी (70) की मंदिर के चौकीदार ने बेरहमी से हत्या कर दी। आरोप है कि शराब पीने से रोकने और समझाइश देने पर चौकीदार मुकेश शर्मा इतना गुस्से में आ गया कि उसने बुजुर्ग ट्रस्टी पर डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हैरानी की बात यह है कि जान बचाने के लिए भाग रहे कैलाश मोदी का आरोपी ने पीछा किया और गुरुद्वारे के अंदर घुसकर भी उन पर हमला जारी रखा। पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसने इलाके में दहशत फैला दी है।

    पुलिस के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे मंदिर परिसर में यह खूनी वारदात हुई। बताया जा रहा है कि मंदिर का चौकीदार मुकेश शर्मा लंबे समय से शराब का आदी है और अक्सर नशे की हालत में मंदिर परिसर में विवाद करता था। मंदिर ट्रस्टी कैलाश मोदी उसे कई बार समझा चुके थे और उसके व्यवहार को लेकर लोगों की शिकायतें भी सामने आती रही थीं।

    घटना वाले दिन भी मुकेश नशे की हालत में मंदिर पहुंचा था। जब कैलाश मोदी ने उसे समझाने का प्रयास किया तो वह भड़क गया। उसने पास में रखा डंडा उठा लिया और मोदी पर हमला करने दौड़ा। अपनी जान बचाने के लिए मोदी वहां से भागे, लेकिन आरोपी ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। कुछ दूरी पर उन्हें पकड़कर डंडे से लगातार वार करना शुरू कर दिया।

    गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैलाश मोदी किसी तरह खुद को बचाते हुए पास स्थित गुरुद्वारे तक पहुंच गए। उन्होंने अंदर जाकर गेट बंद करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी वहां भी पहुंच गया। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि आरोपी ने गुरुद्वारे के भीतर उन्हें जमीन पर गिराकर सिर, हाथ और पैरों पर लगातार डंडे बरसाए। जानकारी के मुताबिक आरोपी ने करीब 31 बार हमला किया, जिससे मोदी गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हमले के बाद आरोपी उन्हें लहूलुहान अवस्था में छोड़कर फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन सिर में गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    गुरुद्वारे के वाइस प्रेसिडेंट दिलराज छाबड़ा ने बताया कि घटना के समय सुबह का सत्संग चल रहा था और लाउडस्पीकर की आवाज के कारण किसी को हमले की भनक नहीं लगी। उन्होंने बताया कि कैलाश मोदी लंबे समय से मंदिर की सेवा कर रहे थे और क्षेत्र में उनका सम्मान था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी मुकेश शर्मा के खिलाफ पहले भी शिकायतें की जा चुकी थीं। उसके व्यवहार और नशे की आदत को लेकर प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया था, लेकिन समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं होने से यह दुखद घटना सामने आ गई।

    फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की जांच जारी है। वहीं कैलाश मोदी की हत्या से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

  • इंदौर में दूषित पानी से हड़कंप: सीवरेज मिला पानी पीने से 10 लोग बीमार, निगम की जांच शुरू

    इंदौर में दूषित पानी से हड़कंप: सीवरेज मिला पानी पीने से 10 लोग बीमार, निगम की जांच शुरू


    इंदौर  इंदौर शहर में एक बार फिर दूषित पेयजल की समस्या ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भागीरथपुरा क्षेत्र में सामने आए मामले के बाद अब वार्ड क्रमांक 16 के महावीर नगर में पीने के पानी में सीवरेज मिलने की शिकायत ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दूषित पानी पीने से अब तक करीब 10 लोग बीमार पड़ चुके हैं। प्रभावित लोगों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द और अन्य पेट संबंधी समस्याओं के लक्षण देखे जा रहे हैं।

    स्थानीय रहवासियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से उनके घरों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा था। उन्होंने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से भी की थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण स्थिति गंभीर हो गई। लोगों का आरोप है कि यदि नगर निगम नियमित रूप से जल स्रोतों और पाइपलाइन की निगरानी करता तो इतनी बड़ी समस्या पैदा नहीं होती।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने रहवासियों से चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली और पानी की सप्लाई व्यवस्था तथा बोरवेल की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान यह आशंका जताई जा रही है कि इलाके के एकमात्र बोरवेल में सीवरेज का पानी मिल जाने से पूरा जल स्रोत दूषित हो गया, जिसके कारण गंदा पानी सीधे घरों तक पहुंचा।

    क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि पानी से तेज दुर्गंध आ रही थी और उसका रंग भी सामान्य नहीं था। कई परिवारों ने पानी का उपयोग बंद कर दिया, जबकि कुछ लोग अनजाने में उसी पानी का सेवन करते रहे, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। बीमार लोगों का स्थानीय स्तर पर उपचार कराया जा रहा है और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी भी बढ़ा दी गई है।

    नगर निगम ने पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही दूषित पानी के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और समस्या के स्थायी समाधान के लिए तकनीकी टीम को लगाया गया है।

    इस बीच नगर निगम के साथ-साथ एक एनजीओ की टीम भी मौके पर पहुंची है। टीम घर-घर जाकर जानकारी जुटा रही है कि कितने लोग बीमार हुए हैं और दूषित पानी का स्रोत कहां से आया। वहीं वार्ड की पार्षद सोनाली मुकेश धारकर भी मौके पर पहुंचीं और रहवासियों की समस्याएं सुनीं। जोनल अधिकारियों ने दावा किया है कि निगम की टीम लगातार काम कर रही है और जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के मौसम में जल स्रोतों के दूषित होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नागरिकों को सावधानी बरतते हुए पानी को उबालकर या फिल्टर करके ही पीना चाहिए। फिलहाल महावीर नगर के लोग सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • भोपाल के रेस्टोरेंट में सेंडविच से निकली मरी हुई मक्खी, ग्राहक ने की शिकायत; फूड सेफ्टी विभाग करेगा जांच

    भोपाल के रेस्टोरेंट में सेंडविच से निकली मरी हुई मक्खी, ग्राहक ने की शिकायत; फूड सेफ्टी विभाग करेगा जांच


    भोपाल  राजधानी भोपाल में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक चिंताजनक मामला सामने आया है। शहर के प्लेटिनम प्लाजा स्थित एक रेस्टोरेंट में परोसे गए चीज सेंडविच में मरी हुई मक्खी मिलने की शिकायत ने ग्राहकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। मामले की शिकायत फूड सेफ्टी विभाग तक पहुंच चुकी है और विभाग द्वारा जांच की तैयारी की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार अशोका गार्डन निवासी शोभा अहिरवार 15 जून को दोपहर करीब 12:30 बजे प्लेटिनम प्लाजा स्थित शर्मा चाइनिज फास्ट फूड रेस्टोरेंट पहुंची थीं। यहां उन्होंने चीज सेंडविच ऑर्डर किया। शोभा का आरोप है कि सेंडविच खाते समय उन्हें उसमें कोई कीड़ा दिखाई दिया। जब उन्होंने उसे ध्यान से देखा तो वह मरी हुई मक्खी निकली। इस घटना के बाद उन्होंने तत्काल रेस्टोरेंट के कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी।

    ग्राहक का कहना है कि खाने जैसी संवेदनशील चीज में इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद रेस्टोरेंट प्रबंधन ने मामले को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत फूड एंड सेफ्टी विभाग को ई-मेल के माध्यम से भेजी और कार्रवाई की मांग की।

    शोभा अहिरवार ने बताया कि उन्होंने सेंडविच के लिए 219 रुपए का भुगतान किया था। हालांकि उनका कहना है कि मुद्दा पैसों का नहीं बल्कि खाद्य गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य का है। उन्होंने सेंडविच में मिली मक्खी के फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड किए, जिन्हें शिकायत के साथ विभाग को उपलब्ध कराया गया है।

    दूसरी ओर, मामले पर रेस्टोरेंट की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। बिल पर दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर कैशियर सौरभ भीमरे ने बताया कि सोमवार को ग्राहक की शिकायत प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्री तैयार करने के दौरान साफ-सफाई और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है। उनके अनुसार मक्खी सेंडविच तक कैसे पहुंची, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है। हालांकि ग्राहक की शिकायत को गंभीरता से सुना गया और उनकी बात पर ध्यान दिया गया है।

    अब इस पूरे मामले में फूड सेफ्टी विभाग की भूमिका अहम हो गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी। जांच के दौरान रेस्टोरेंट की स्वच्छता व्यवस्था, खाद्य सामग्री के रखरखाव, किचन की स्थिति और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की पड़ताल की जा सकती है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।

    यह घटना एक बार फिर खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और गुणवत्ता नियंत्रण की आवश्यकता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाने-पीने की वस्तुओं में इस प्रकार की गड़बड़ी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे मामलों में त्वरित जांच और प्रभावी कार्रवाई से ही लोगों का भरोसा कायम रखा जा सकता है। फिलहाल सभी की नजरें फूड सेफ्टी विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी।

  • नशे में धुत क्रेटा चालक का कहर, सड़क किनारे खड़े युवक को मारी टक्कर; हालत गंभीर

    नशे में धुत क्रेटा चालक का कहर, सड़क किनारे खड़े युवक को मारी टक्कर; हालत गंभीर


    मंडीदीप मंडीदीप शहर में एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का मामला सामने आया है। सोमवार देर रात एक कथित रूप से नशे में धुत कार चालक ने सड़क किनारे खड़े युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है।

    जानकारी के अनुसार रायल पार्क सिटी, मंडीदीप निवासी योगेश विश्वकर्मा ने थाना पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई है। योगेश एक निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 15 जून की रात करीब 10:30 बजे वह अपने मित्र नवमीत भट्ट के साथ कॉलोनी के गेट के पास खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक सफेद रंग की क्रेटा कार तेज रफ्तार में वहां पहुंची।

    शिकायत के अनुसार कार चालक की पहचान धर्मेन्द्र सिंह राजपूत के रूप में हुई है। आरोप है कि चालक शराब के नशे में था और मौके पर पहुंचते ही गाली-गलौज करने लगा। स्थिति को बिगड़ता देख नवमीत भट्ट ने अपने मित्र योगेश को पीछे खींचकर सुरक्षित करने का प्रयास किया, लेकिन तभी आरोपी ने अचानक तेज गति से कार आगे बढ़ा दी और नवमीत को सीधी टक्कर मार दी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि नवमीत कई फीट दूर जाकर गिरा। हादसे में उसके सिर के पीछे गंभीर चोट आई, वहीं बाएं कान में गहरी चोट लगने से खून बहने लगा। इसके अलावा हाथ, पैर और कमर में भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद आरोपी चालक कार लेकर मौके से फरार हो गया।

    हादसे के समय आसपास मौजूद कई लोगों ने पूरी घटना देखी। इनमें योगेश विश्वकर्मा की पत्नी बबली विश्वकर्मा, पंकज ढोंगरे, चिंटू सिंह सहित अन्य स्थानीय नागरिक शामिल हैं। घटना के बाद लोगों ने तत्काल मदद करते हुए घायल नवमीत को आरोग्य अस्पताल, मंडीदीप पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके की जानकारी जुटाई और फरियादी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी चालक शराब के नशे में वाहन चला रहा था। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

    यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और नशे में वाहन चलाने की गंभीर समस्या को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शराब के नशे में वाहन चलाना न केवल चालक बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के जीवन को भी खतरे में डाल देता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति शराब के नशे में वाहन चलाता दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।

    फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। स्थानीय लोगों ने भी दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

  • ट्विशा शर्मा केस में CBI ने बढ़ाई न्यायिक हिरासत की मांग, दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अब भी इंतजार

    ट्विशा शर्मा केस में CBI ने बढ़ाई न्यायिक हिरासत की मांग, दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अब भी इंतजार


    भोपाल:  भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को अदालत में महत्वपूर्ण आवेदन प्रस्तुत करते हुए आरोपी समर्थ सिंह और उनकी मां, सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ाने की मांग की। मामले की सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने फिलहाल किसी भी आरोपी की पुलिस रिमांड नहीं मांगी और केवल न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया।

    सुनवाई के दौरान ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता शुभांग दीक्षित ने बताया कि सीबीआई ने अदालत को अवगत कराया है कि मामले से जुड़ी दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक एजेंसी को प्राप्त नहीं हुई है। यह रिपोर्ट जांच के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे मौत की परिस्थितियों और कारणों को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर प्रकाश पड़ सकता है। ऐसे में रिपोर्ट का इंतजार जांच एजेंसी के साथ-साथ मृतका के परिजनों और आम जनता को भी है।

    अदालत में हुई सुनवाई के दौरान दोनों आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। दोनों वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं और वर्चुअल माध्यम से न्यायालयीन कार्यवाही में शामिल हुए। सीबीआई की ओर से न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग के बाद अदालत ने पक्षों की दलीलें सुनीं। अब इस मामले में अंतिम निर्णय अदालत द्वारा सुनाया जाएगा।

    ट्विशा शर्मा की मौत का मामला शुरुआत से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच एजेंसी लगातार मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है और अब तक कई अहम साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा चुका है। हालांकि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अभाव में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचना अभी बाकी माना जा रहा है।

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट किसी भी संदिग्ध मौत के मामले में बेहद अहम दस्तावेज होती है। यह रिपोर्ट न केवल मौत के कारणों की पुष्टि करती है, बल्कि जांच की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही वजह है कि अदालत और जांच एजेंसी दोनों इस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

    फिलहाल मामले की अगली सुनवाई और अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने की स्थिति में सीबीआई को जांच आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। वहीं दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच में नए खुलासे होने की भी संभावना जताई जा रही है। ट्विशा शर्मा केस प्रदेश के चर्चित मामलों में शामिल हो चुका है और हर सुनवाई के साथ लोगों की उत्सुकता बढ़ती जा रही है।

  • राख’ में भोपाल के प्रसन्न सोनी का दमदार अभिनय, जटिल किरदार ने खींचा ध्यान

    राख’ में भोपाल के प्रसन्न सोनी का दमदार अभिनय, जटिल किरदार ने खींचा ध्यान


    नई दिल्ली अमेजन प्राइम वीडियो की नई क्राइम-थ्रिलर वेब सीरीज ‘राख’ लगातार चर्चा में बनी हुई है। वर्ष 1978 की पृष्ठभूमि पर आधारित इस सीरीज में एक पुराने अपराध और उससे जुड़े रहस्यों की परतें धीरे-धीरे खोली जाती हैं। इस सीरीज में बॉलीवुड अभिनेता अली फज़ल मुख्य भूमिका में नजर आते हैं, जबकि सोनाली बेंद्रे, आमिर बशीर और राकेश बेदी जैसे अनुभवी कलाकार भी अहम किरदार निभा रहे हैं। इसी मजबूत स्टारकास्ट के बीच भोपाल के युवा रंगकर्मी प्रसन्न सोनी ने भी अपनी अलग पहचान बनाई है।
    ‘धनीराम’ का चुनौतीपूर्ण किरदार और गहरी मनोस्थिति

    प्रसन्न सोनी ने इस सीरीज में ‘धनीराम’ का किरदार निभाया है, जो कई परतों वाला और मनोवैज्ञानिक रूप से बेहद जटिल है। यह किरदार अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर समाज के सामने सामान्य जीवन जीता है और भीतर ही भीतर संघर्षों से जूझता रहता है।  धनीराम समलैंगिक है, लेकिन सामाजिक दबावों के चलते वह अपनी सच्चाई छिपाकर पत्नी के साथ एक पारंपरिक वैवाहिक जीवन भी जीता है। इस दोहरे जीवन को पर्दे पर उतारना प्रसन्न के लिए एक बड़ी अभिनय चुनौती थी। सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि इस सीरीज में धनीराम की पत्नी का किरदार प्रसन्न की वास्तविक जीवन पत्नी भारती ने निभाया है। भारती, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) से प्रशिक्षित अभिनेत्री हैं और पहले भी फिल्मों व रंगमंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं।

    अली फज़ल के साथ काम और अभिनय का अनुभव

    प्रसन्न सोनी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में उन्हें अली फज़ल जैसे बड़े कलाकार के साथ स्क्रीन साझा करने का मौका मिला, जो उनके लिए सीखने का एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि ‘धनीराम’ जैसे किरदार को निभाने के लिए भावनात्मक गहराई और मानसिक स्तर पर तैयारी बेहद जरूरी थी।

    राष्ट्रीय सम्मान की ओर बढ़ता सफर

    हाल ही में प्रसन्न सोनी को वर्ष 2024 के लिए प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह सम्मान संगीत नाटक अकादमी द्वारा देशभर के युवा कलाकारों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए दिया जाता है। इसके अलावा भोपाल के तबला वादक रामेंद्र सिंह सोलंकी को भी इस पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है, जिससे मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत हुई है।

    रंगमंच से वेब सीरीज तक का सफर

    प्रसन्न सोनी लंबे समय से रंगमंच से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अभिनय, लेखन और निर्देशन के क्षेत्र में लगातार काम करते हुए सामाजिक विषयों और मानवीय संवेदनाओं को मंच पर जीवंत किया है। उनकी यही निरंतर साधना उन्हें राष्ट्रीय पहचान तक लेकर आई है। ‘राख’ में मिला यह किरदार उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो रहा है, जो उन्हें आने वाले समय में और बड़े प्रोजेक्ट्स की ओर ले जा सकता है।