Category: Madhya Pradesh

  • मुरैना में खाद संकट गहराया, टोकन व्यवस्था के बीच घंटों लाइन में इंतजार को मजबूर किसान

    मुरैना में खाद संकट गहराया, टोकन व्यवस्था के बीच घंटों लाइन में इंतजार को मजबूर किसान

    मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। गल्ला मंडी स्थित वितरण केंद्र पर बड़ी संख्या में किसान खाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन सीमित उपलब्धता और टोकन प्रणाली के कारण उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

    किसानों का कहना है कि उनकी फसल खेतों में तैयार खड़ी है और समय पर खाद नहीं मिलने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। उनका आरोप है कि खाद प्राप्त करने के लिए पहले पंजीकरण कराना पड़ता है, उसके बाद टोकन मिलने का इंतजार करना होता है और निर्धारित तिथि पर भी घंटों लंबी कतार में खड़े रहने के बावजूद कई बार खाद नहीं मिल पाती। इस पूरी प्रक्रिया ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

    ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई किसानों का कहना है कि उन्हें अपने गांव से काफी दूर स्थित गोदामों के लिए टोकन आवंटित किए जा रहे हैं। ऐसे में उन्हें बार-बार लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और आर्थिक दोनों तरह का अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। कई किसान लगातार कई दिनों तक वितरण केंद्रों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

    वितरण केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। किसानों का कहना है कि कई घंटे इंतजार करने के बाद भी सभी को खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे खेती के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक उर्वरक समय पर नहीं मिलने की चिंता लगातार बढ़ रही है। किसानों का मानना है कि वितरण व्यवस्था में सुधार किए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं होगा।

    प्रदेश सरकार समय-समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होने का दावा करती रही है, लेकिन मुरैना के वितरण केंद्रों पर दिखाई दे रही स्थिति अलग तस्वीर पेश कर रही है। बड़ी संख्या में किसानों की भीड़, सीमित वितरण और लंबा इंतजार यह संकेत दे रहे हैं कि जमीनी स्तर पर व्यवस्था अभी भी पूरी तरह सुचारु नहीं हो सकी है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर खाद नहीं मिली तो इसका सीधा असर फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर पड़ेगा।

    कुछ किसानों ने खाद की कालाबाजारी और वितरण में अनियमितताओं की आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि प्रशासन को वितरण प्रक्रिया की नियमित निगरानी करनी चाहिए ताकि सभी पात्र किसानों को निर्धारित समय पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही ई-टोकन प्रणाली को अधिक प्रभावी और सरल बनाने की भी मांग उठ रही है।

    हाल के समय में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों का असंतोष सामने आता रहा है। इससे पहले भी उर्वरक वितरण व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन देखने को मिले थे। किसानों का कहना है कि खेती के सबसे महत्वपूर्ण समय में यदि खाद की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हुई तो इसका व्यापक असर कृषि उत्पादन पर पड़ सकता है।

    फिलहाल मुरैना में प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने सबसे बड़ी चुनौती किसानों तक समय पर खाद पहुंचाने और वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाने की है। किसान उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा और टोकन प्रणाली में आवश्यक सुधार कर उनकी परेशानियों को कम किया जाएगा।

  • माइग्रेन के इलाज के बीच होटल में मिला महिला का शव, आत्महत्या के कारणों की तलाश में जुटी पुलिस

    माइग्रेन के इलाज के बीच होटल में मिला महिला का शव, आत्महत्या के कारणों की तलाश में जुटी पुलिस


    मध्य प्रदेश:
    के इंदौर शहर में इलाज के लिए आई एक महिला की होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने जहर सेवन कर आत्महत्या की आशंका जताई है। हालांकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और महिला के मोबाइल सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, खंडवा निवासी 26 वर्षीय महिला माइग्रेन की समस्या से लंबे समय से परेशान थी और उपचार के लिए समय-समय पर इंदौर आती रहती थी। इसी सिलसिले में वह इस बार भी इंदौर पहुंची और विजय नगर क्षेत्र स्थित एक होटल में कमरा लेकर ठहरी थी। दिनभर इलाज के बाद वह अपने कमरे में लौट गई थी।

    देर शाम होटल कर्मचारियों को उस समय संदेह हुआ जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला। कई बार आवाज देने और संपर्क करने की कोशिश के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर होटल प्रबंधन ने मास्टर चाबी की मदद से कमरा खोला। अंदर महिला अचेत अवस्था में बिस्तर पर मिली। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

    पुलिस ने महिला को अस्पताल भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और घटना की सूचना परिजनों को दी गई। परिजन खंडवा से इंदौर पहुंचे, जिनसे पुलिस ने घटना के संबंध में पूछताछ भी की।

    प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने महिला का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसकी कॉल डिटेल, मैसेज तथा अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है, ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि महिला लंबे समय से माइग्रेन की समस्या से परेशान थी और उसका उपचार चल रहा था। हालांकि उन्होंने किसी पारिवारिक विवाद या अन्य कारण की जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस बीमारी, मानसिक स्थिति और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।

    जांच अधिकारी होटल के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रहे हैं। होटल में प्रवेश और निकास से जुड़े रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि महिला के होटल पहुंचने के बाद क्या घटनाक्रम रहा और क्या किसी अन्य व्यक्ति का उससे संपर्क हुआ था।

    पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।

  • दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह विजयी, पटवारी बोले-ये BJP के कुशासन के विरुद्ध शंखनाद

    दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह विजयी, पटवारी बोले-ये BJP के कुशासन के विरुद्ध शंखनाद

    दतिया। मध्‍य प्रदेश के दतिया उपचुनाव के लिए आज यानि सोमवार को मतगणना हुई। सबसे पहले टेबल नंबर 21 पर 451 डाक मतपत्रों की गिनती पूरी की गई। फिर ईवीएम की मतों की गिनती की गई। इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के मुख्य प्रत्याशियों समेत कुल 21 प्रत्याशी मैदान में थे।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दतिया उप चुनाव पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कार्यकर्ताओं की तपस्या की जीत है। हमारा एक-एक कार्यकर्ता मैदान में आखिरी समय तक डाटा रहा।
    दतिया के मतदाताओं ने भाजपा सरकार के कुशासन, भ्रष्टाचार की व्यवस्था, अनुसूचित जाति- जनजाति, पिछड़ वर्ग पर हो रहे अत्याचार, बेरोजगारी को लेकर अपना मत दिया है। किसान की जो उपेक्षा भाजपा सरकार में हो रही है, उसकी नाराजगी भी सामने आई। वहीं, पार्टी नेता राहुल गांधी द्वारा जनहित में उठाए जा रहे मुद्दों का समर्थन भी जनादेश के माध्यम से सामने आया है। मैं दतिया के मतदाताओं को साधुवाद देता हूं जिन्होंने निडरता के साथ लोकतंत्र की रक्षा के लिए मतदान किया। यह एक प्रकार से भाजपा के कुशासन के विरुद्ध शंखनाद है।
  • सतना से किसान कांग्रेस का बड़ा ऐलान, MSP और बिजली समेत मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी

    सतना से किसान कांग्रेस का बड़ा ऐलान, MSP और बिजली समेत मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी

    मध्य प्रदेश : में किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर किसान कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सतना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा और जल्द समाधान नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की मांगों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो संगठन सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगा और विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा।

    किसान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किसानों से जुड़ी कई मांगें उठाईं। उन्होंने भारत-अमेरिका कृषि ट्रेड डील को किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की। उनका कहना था कि कृषि क्षेत्र से जुड़े फैसलों में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और ऐसे समझौतों से पहले किसानों की चिंताओं को ध्यान में रखना जरूरी है।

    उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी को लेकर भी सरकार से ठोस कानून बनाने की मांग की। धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की उपज को तय समर्थन मूल्य से कम कीमत पर खरीदने और बेचने की स्थिति को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने एमएसपी सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को प्रमुख मुद्दा बताया।

    किसान कांग्रेस ने प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर भी सवाल उठाए। संगठन की मांग है कि सरकार किसानों से मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करे, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही खेती के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। किसान कांग्रेस ने कृषि कार्यों के लिए 24 घंटे थ्री-फेज बिजली देने की मांग की।

    इसके अलावा कृषि उपज मंडी और सहकारिता चुनावों को लेकर भी संगठन ने सरकार को घेरा। किसान कांग्रेस का कहना है कि पिछले कई वर्षों से लंबित इन चुनावों को जल्द कराया जाना चाहिए, ताकि किसानों से जुड़े संस्थानों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत हो सके।

    धर्मेंद्र सिंह चौहान ने भाजपा सरकार पर किसानों से किए गए चुनावी वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान धान और गेहूं की खरीदी को लेकर जो घोषणाएं की गई थीं, सरकार अब उनसे पीछे हट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान महंगे डीजल, खाद की बढ़ती कीमतों, बिजली बिल और कर्ज जैसी समस्याओं से परेशान हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को मंडियों में उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और सरकार की नीतियां किसानों की परेशानियां कम करने में सफल नहीं हो रही हैं। किसान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर किसान कल्याण के दावों और जमीनी स्थिति के बीच अंतर होने का आरोप लगाया।

    किसान कांग्रेस ने साफ किया है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन प्रदेशभर में किसानों को एकजुट कर आंदोलन करेगा। इसके तहत राजधानी भोपाल में विधानसभा घेराव की चेतावनी भी दी गई है। फिलहाल किसान कांग्रेस के इस ऐलान के बाद प्रदेश में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

  • उज्जैन पहुंचे CM मोहन यादव, पूर्व मंत्री पारस जैन को दी श्रद्धांजलि; परिवार से मिलकर जताया दुख

    उज्जैन पहुंचे CM मोहन यादव, पूर्व मंत्री पारस जैन को दी श्रद्धांजलि; परिवार से मिलकर जताया दुख

    मध्य प्रदेश: के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सोमवार को उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री पारस जैन के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री हेलीपैड से सीधे पारस जैन के निवास पहुंचे और उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देते हुए दिवंगत नेता के योगदान को याद किया।

    मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में पूर्व मंत्री पारस जैन के निधन के बाद शोक का माहौल है। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे पारस जैन का निधन होने की खबर सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में दुख की लहर फैल गई। उनके निधन को पार्टी के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के उज्जैन पहुंचने पर हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री बिना किसी अन्य कार्यक्रम के सीधे पारस जैन के निवास पहुंचे। वहां उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी और परिवार के लोगों से मिलकर संवेदना व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व मंत्री और उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक पारस जैन का निधन अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि पारस जैन ने अपने राजनीतिक जीवन में जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाई और लंबे समय तक समाज एवं संगठन के लिए कार्य किया।

    मुख्यमंत्री ने दिवंगत नेता को याद करते हुए कहा कि पारस जैन का योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से भी पारस जैन को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री और कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल सहित अन्य नेताओं ने भी पारस जैन को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

    पारस जैन उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके थे और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। भाजपा संगठन में उनकी पहचान एक अनुभवी और जमीन से जुड़े नेता के रूप में रही। लंबे राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई थी।

    उनके निधन के बाद उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दुख व्यक्त किया है। अंतिम यात्रा से पहले मुख्यमंत्री सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके निवास पहुंचकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। पारस जैन के राजनीतिक योगदान और सामाजिक जुड़ाव को याद करते हुए लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं

  • डिवाइडर से टकराई बाइक, स्ट्रीट लाइट बंद होने से दर्दनाक हादसा, रतलाम में दो दोस्तों की मौके पर मौत

    डिवाइडर से टकराई बाइक, स्ट्रीट लाइट बंद होने से दर्दनाक हादसा, रतलाम में दो दोस्तों की मौके पर मौत

     मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो दोस्तों की जान चली गई। हादसा करमदी रोड फोरलेन पर स्थित एचपी पेट्रोल पंप के पास हुआ, जहां अंधेरा होने के कारण उनकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों के सिर में गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, जबकि पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    जानकारी के अनुसार लक्ष्मीनगर निवासी 20 वर्षीय केशव परिहार अपने दोस्त 25 वर्षीय शोएब उर्फ शाहिद के साथ करमदी गांव से बाइक पर सवार होकर रतलाम लौट रहे थे। रात करीब 10 बजे जब वे करमदी फोरलेन पर एचपी पेट्रोल पंप के पास पहुंचे, तब वहां स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं थी। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद सड़क पर काफी खून फैल गया।

    घटना की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल डायल-112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और दोनों घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। सोमवार सुबह दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई।

    मृतक केशव परिहार डेकोरेशन का काम करता था। उसके पिता फूलमंडी क्षेत्र में चाय की दुकान संचालित करते हैं। वहीं शोएब उर्फ शाहिद एक आइसक्रीम पार्लर पर कार्यरत था और उसके पिता शहर में फल का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। दोनों युवकों की असमय मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और मोहल्ले में मातम का माहौल है।

    जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि दोनों दोस्तों के साथ उनका एक अन्य साथी धर्मेंद्र राठौर भी करमदी से निकला था। रास्ते में वह पेट्रोल पंप पर काम करने वाले अपने एक परिचित से मिलने के लिए रुक गया, जबकि केशव और शोएब आगे निकल गए। कुछ ही देर बाद सड़क हादसे की सूचना मिलने पर उसे घटना का पता चला। यदि वह भी उनके साथ आगे बढ़ा होता तो हादसे का शिकार हो सकता था।

    माणकचौक थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे की मुख्य वजह केवल अंधेरा था या फिर तेज रफ्तार अथवा अन्य कोई कारण भी इसमें शामिल था। साथ ही घटनास्थल पर स्ट्रीट लाइट बंद रहने के कारणों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • ग्वालियर में युवक की दर्दनाक मौत से पहले लिखा 5 पन्नों का पत्र, तीन नामों के खुलासे ने बढ़ाए कई सवाल

    ग्वालियर में युवक की दर्दनाक मौत से पहले लिखा 5 पन्नों का पत्र, तीन नामों के खुलासे ने बढ़ाए कई सवाल

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले में कथित लोन ठगी से परेशान एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान जसपाल सिंह यादव के रूप में हुई है, जिसने ट्रेन के सामने छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद पुलिस को मौके से एक विस्तृत सुसाइड नोट मिला है, जिसमें तीन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने नोट को जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाते हुए संबंधित व्यक्तियों की तलाश और पूरे मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, जसपाल सिंह यादव बीते कुछ समय से आर्थिक संकट और कथित धोखाधड़ी के कारण मानसिक तनाव में था। परिजनों ने बताया कि वह शनिवार से लापता था। रविवार देर रात झांसी रोड रेलवे लाइन के पास एक शव मिलने की सूचना मिली, जिसकी सोमवार सुबह पहचान जसपाल सिंह यादव के रूप में हुई। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

    सुसाइड नोट में मृतक ने दावा किया है कि कुछ लोगों ने उसकी करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पर 3.45 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कराने का भरोसा दिलाया था। आरोप है कि इसी भरोसे के आधार पर उससे लगभग 23 लाख रुपये ले लिए गए। कथित तौर पर उसे बैंक का स्वीकृति पत्र भी दिखाया गया, जिससे उसे विश्वास हो गया कि लोन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि, लंबे समय तक कोई कार्यवाही नहीं हुई और बाद में संबंधित लोग पैसे लौटाने से भी बचते रहे।

    मृतक ने अपने पत्र में लिखा है कि फरवरी 2025 से जुलाई 2026 तक उसे लगातार आश्वासन दिए गए, लेकिन न तो लोन मिला और न ही उसकी रकम वापस की गई। उसने यह भी उल्लेख किया कि पैसे जुटाने के लिए उसने अपनी बुलेट मोटरसाइकिल, कार, सोना और अन्य संपत्तियां गिरवी रखीं तथा ऊंची ब्याज दर पर उधार लिया। उसके अनुसार, ब्याज मिलाकर उसकी आर्थिक देनदारी लगभग 35 लाख रुपये तक पहुंच गई थी, जिससे वह पूरी तरह टूट चुका था।

    सुसाइड नोट में तीन व्यक्तियों के नाम, मोबाइल नंबर और उनसे जुड़े अन्य विवरण भी दर्ज किए गए हैं। मृतक ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोगों ने केवल उसके साथ ही नहीं बल्कि अन्य लोगों के साथ भी इसी प्रकार की कथित ठगी की है। पत्र में कुछ स्थानों और परिचितों का भी उल्लेख किया गया है, जहां आरोपियों के छिपे होने की बात कही गई है। पुलिस अब इन सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है।

    अपने अंतिम पत्र में जसपाल सिंह यादव ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी उल्लेख करते हुए अपील की है कि उसके परिवार को न्याय दिलाया जाए और उसके पिता को कथित रूप से फंसी हुई रकम वापस दिलाने में सहायता की जाए। उसने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। हालांकि, पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट को फोरेंसिक परीक्षण सहित अन्य साक्ष्यों के साथ जांच में शामिल किया गया है। पत्र में दर्ज मोबाइल नंबरों, पतों और अन्य जानकारियों के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • श्रावण के पहले सोमवार नरसिंहपुर के शिवालयों में उमड़ी आस्था, मिट्टी के शिवलिंग बनाकर भक्तों ने की विशेष पूजा

    श्रावण के पहले सोमवार नरसिंहपुर के शिवालयों में उमड़ी आस्था, मिट्टी के शिवलिंग बनाकर भक्तों ने की विशेष पूजा

    मध्य प्रदेश: के नरसिंहपुर जिले में श्रावण मास के पहले सोमवार को भगवान शिव की भक्ति का विशेष उत्साह देखने को मिला। जिले के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल जीवन की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजते रहे।

    श्रावण के पहले सोमवार के अवसर पर जिले के कई शिव मंदिरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मिट्टी से शिवलिंग और रुद्री का निर्माण कर पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन महीने में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व होता है और सोमवार के दिन की गई पूजा को विशेष फलदायी माना जाता है।

    इस वर्ष श्रावण का पहला सोमवार उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और सुकर्मा योग के शुभ संयोग में पड़ा। धार्मिक विद्वानों के अनुसार सुकर्मा योग में किए गए जप, तप, दान, पूजा और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस शुभ समय में भगवान शिव की आराधना करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    पहले सोमवार को लेकर जिले के प्रमुख शिवालयों को विशेष रूप से सजाया गया था। मंदिरों में सुबह से पूजा-पाठ का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर शाम तक चलता रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर अपनी श्रद्धा प्रकट की। कई मंदिरों में सामूहिक जलाभिषेक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।

    नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा स्थित डमरूघाटी, परमहंसी गंगा आश्रम स्थित लोधेश्वर मंदिर, महादेव पिपरिया के जबरेश्वर महादेव मंदिर, बरमान घाट के दीपेश्वर महादेव मंदिर सहित कई प्रमुख शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इसके अलावा पुलिस लाइन शिव मंदिर, व्यंकटेश महादेव मंदिर, आजाद वार्ड शिव मंदिर, नृसिंह मंदिर परिसर, सदर मढ़िया शिवलिंग, स्टेशनगंज श्री शिव मंदिर, सांकल रोड तिराहा स्थित ठाकुर बाबू शिव मंदिर, काली मठ और झिरना महादेव मंदिर में भी भक्तों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।

    श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक कर परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और सुख-शांति की प्रार्थना की। कई भक्तों ने सावन सोमवार का व्रत रखा और दिनभर धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। मंदिरों में भजन, मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ के कारण वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

    श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समितियों की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। दर्शन, जलाभिषेक और पूजा के दौरान भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक इंतजाम किए गए। सावन के पहले सोमवार पर जिलेभर में धार्मिक आस्था, भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

  • ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन से पहले सजा भोपाल, विदेशी मेहमानों के स्वागत में VIP रोड और भोज सेतु संवारने की तैयारी

    ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन से पहले सजा भोपाल, विदेशी मेहमानों के स्वागत में VIP रोड और भोज सेतु संवारने की तैयारी

    मध्य प्रदेश  की राजधानी भोपाल 5 अगस्त से शुरू होने वाले ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है। चार दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए शहर में व्यापक स्तर पर सौंदर्यीकरण और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सम्मेलन 8 अगस्त तक चलेगा, जिसमें ब्रिक्स देशों के साथ कई अन्य मित्र देशों के संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, प्रतिनिधिमंडल और कलाकार भाग लेंगे। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए शहर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है, जिससे राजधानी का स्वरूप एक बार फिर बड़े वैश्विक आयोजन जैसा दिखाई दे रहा है।

    सम्मेलन के मद्देनजर एयरपोर्ट से लेकर आयोजन स्थल तक प्रमुख मार्गों को आकर्षक बनाया जा रहा है। एयरपोर्ट रोड, गांधी नगर, वीआईपी रोड, भोज सेतु, पॉलीटेक्निक चौराहा और पंडित कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर तक डिवाइडरों पर रंगरोगन किया जा रहा है। सड़क किनारे सफाई, पौधों की देखरेख और सौंदर्यीकरण के साथ शहर की समग्र छवि को बेहतर बनाने का कार्य तेजी से जारी है।

    भोज सेतु इस तैयारी का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। यहां दोनों ओर मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को दर्शाने वाली आकर्षक पेंटिंग बनाई जा रही हैं। इन कलाकृतियों के माध्यम से प्रदेश की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन स्थलों की झलक प्रस्तुत की जा रही है, ताकि विदेशी प्रतिनिधियों को मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराया जा सके।

    इस सम्मेलन का मुख्य विषय भारतीय दर्शन की भावना ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ पर आधारित है, जिसमें वैश्विक समरसता, सांस्कृतिक संवाद और पारस्परिक सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा। आयोजन में ब्राजील, इथियोपिया, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका, क्यूबा, थाईलैंड, बेलारूस सहित कई देशों के संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे। इनके अलावा विभिन्न देशों के दूतावासों से जुड़े अधिकारी और सांस्कृतिक विशेषज्ञ भी सम्मेलन में शामिल होंगे।

    सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के कलाकार अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देंगे। मिस्र का राष्ट्रीय लोक नृत्य दल, इंडोनेशिया के गायन और नृत्य कलाकार, रूस के लोक वाद्ययंत्र ऑर्केस्ट्रा, दक्षिण अफ्रीका का संगीत समूह तथा ब्राजील के कलाकार संगीत, मार्शल आर्ट, एक्रोबेटिक्स और लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां देंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विरासत और कलात्मक परंपराओं का परिचय मिलेगा।

    प्रशासन ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सुरक्षा, यातायात, आतिथ्य और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। आयोजन स्थल के आसपास विशेष निगरानी, साफ-सफाई और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि विदेशी मेहमानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर भी आवश्यक सुधार कार्य तेज गति से पूरे किए जा रहे हैं।

    ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 केवल एक अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर भी माना जा रहा है। राजधानी भोपाल इस आयोजन के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक समृद्धि, आतिथ्य परंपरा और आधुनिक व्यवस्थाओं का परिचय दुनिया के सामने रखेगा। सम्मेलन से प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होने के साथ-साथ सांस्कृतिक सहयोग और पर्यटन को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

  • पंचायत सचिव के घर देर रात हथियारबंद बदमाशों का धावा, गुना में करोड़ों के जेवर और नकदी लूटकर फरार

    पंचायत सचिव के घर देर रात हथियारबंद बदमाशों का धावा, गुना में करोड़ों के जेवर और नकदी लूटकर फरार

    मध्य प्रदेश: के गुना जिले में देर रात हुई एक बड़ी डकैती की वारदात ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चक चुरेला में हथियारबंद बदमाशों ने पंचायत सचिव के घर को निशाना बनाया और परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर भारी मात्रा में जेवरात, नकदी तथा अन्य सामान लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में व्यापक अभियान चला रही है।

    जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब दो बजे की बताई जा रही है। उस समय परिवार के सभी सदस्य घर में मौजूद थे। इसी दौरान करीब 10 से 12 हथियारबंद बदमाश जबरन घर में घुस आए। बदमाशों ने हथियारों के बल पर पूरे परिवार को अपने कब्जे में ले लिया, जिससे कोई भी व्यक्ति उनका विरोध या बाहर जाकर मदद नहीं मांग सका। इसके बाद आरोपियों ने पूरे घर की तलाशी ली और कीमती सामान समेटना शुरू कर दिया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बदमाश घर से लगभग 2 किलोग्राम सोना, 1 किलोग्राम चांदी, करीब 12 लाख रुपये नकद, एक तिजोरी और एक मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से निकल गए। पुलिस को आशंका है कि इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है। शुरुआती स्तर पर पारदी गिरोह की संलिप्तता की संभावना भी जांच के दायरे में रखी गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    घटना की सूचना मिलते ही फतेहगढ़ थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। पुलिस के साथ फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) और डॉग स्क्वाड की टीमों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान फिंगरप्रिंट और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए गए, ताकि आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सके। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

    पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती का मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद जिले के विभिन्न इलाकों में नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच की जा रही है। आसपास के थाना क्षेत्रों को भी अलर्ट कर दिया गया है और संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध सभी सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

    इस बड़ी वारदात के बाद चक चुरेला और आसपास के गांवों के लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर डकैती की इस वारदात का खुलासा करने में जुटी हुई हैं।