Category: Madhya Pradesh

  • ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन से पहले सजा भोपाल, विदेशी मेहमानों के स्वागत में VIP रोड और भोज सेतु संवारने की तैयारी

    ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन से पहले सजा भोपाल, विदेशी मेहमानों के स्वागत में VIP रोड और भोज सेतु संवारने की तैयारी

    मध्य प्रदेश  की राजधानी भोपाल 5 अगस्त से शुरू होने वाले ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है। चार दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए शहर में व्यापक स्तर पर सौंदर्यीकरण और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सम्मेलन 8 अगस्त तक चलेगा, जिसमें ब्रिक्स देशों के साथ कई अन्य मित्र देशों के संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, प्रतिनिधिमंडल और कलाकार भाग लेंगे। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए शहर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है, जिससे राजधानी का स्वरूप एक बार फिर बड़े वैश्विक आयोजन जैसा दिखाई दे रहा है।

    सम्मेलन के मद्देनजर एयरपोर्ट से लेकर आयोजन स्थल तक प्रमुख मार्गों को आकर्षक बनाया जा रहा है। एयरपोर्ट रोड, गांधी नगर, वीआईपी रोड, भोज सेतु, पॉलीटेक्निक चौराहा और पंडित कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर तक डिवाइडरों पर रंगरोगन किया जा रहा है। सड़क किनारे सफाई, पौधों की देखरेख और सौंदर्यीकरण के साथ शहर की समग्र छवि को बेहतर बनाने का कार्य तेजी से जारी है।

    भोज सेतु इस तैयारी का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। यहां दोनों ओर मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को दर्शाने वाली आकर्षक पेंटिंग बनाई जा रही हैं। इन कलाकृतियों के माध्यम से प्रदेश की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन स्थलों की झलक प्रस्तुत की जा रही है, ताकि विदेशी प्रतिनिधियों को मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराया जा सके।

    इस सम्मेलन का मुख्य विषय भारतीय दर्शन की भावना ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ पर आधारित है, जिसमें वैश्विक समरसता, सांस्कृतिक संवाद और पारस्परिक सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा। आयोजन में ब्राजील, इथियोपिया, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका, क्यूबा, थाईलैंड, बेलारूस सहित कई देशों के संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे। इनके अलावा विभिन्न देशों के दूतावासों से जुड़े अधिकारी और सांस्कृतिक विशेषज्ञ भी सम्मेलन में शामिल होंगे।

    सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के कलाकार अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देंगे। मिस्र का राष्ट्रीय लोक नृत्य दल, इंडोनेशिया के गायन और नृत्य कलाकार, रूस के लोक वाद्ययंत्र ऑर्केस्ट्रा, दक्षिण अफ्रीका का संगीत समूह तथा ब्राजील के कलाकार संगीत, मार्शल आर्ट, एक्रोबेटिक्स और लोक संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां देंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विरासत और कलात्मक परंपराओं का परिचय मिलेगा।

    प्रशासन ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सुरक्षा, यातायात, आतिथ्य और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। आयोजन स्थल के आसपास विशेष निगरानी, साफ-सफाई और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि विदेशी मेहमानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर भी आवश्यक सुधार कार्य तेज गति से पूरे किए जा रहे हैं।

    ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 केवल एक अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर भी माना जा रहा है। राजधानी भोपाल इस आयोजन के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक समृद्धि, आतिथ्य परंपरा और आधुनिक व्यवस्थाओं का परिचय दुनिया के सामने रखेगा। सम्मेलन से प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होने के साथ-साथ सांस्कृतिक सहयोग और पर्यटन को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

  • पंचायत सचिव के घर देर रात हथियारबंद बदमाशों का धावा, गुना में करोड़ों के जेवर और नकदी लूटकर फरार

    पंचायत सचिव के घर देर रात हथियारबंद बदमाशों का धावा, गुना में करोड़ों के जेवर और नकदी लूटकर फरार

    मध्य प्रदेश: के गुना जिले में देर रात हुई एक बड़ी डकैती की वारदात ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम चक चुरेला में हथियारबंद बदमाशों ने पंचायत सचिव के घर को निशाना बनाया और परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर भारी मात्रा में जेवरात, नकदी तथा अन्य सामान लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में व्यापक अभियान चला रही है।

    जानकारी के अनुसार, घटना रात करीब दो बजे की बताई जा रही है। उस समय परिवार के सभी सदस्य घर में मौजूद थे। इसी दौरान करीब 10 से 12 हथियारबंद बदमाश जबरन घर में घुस आए। बदमाशों ने हथियारों के बल पर पूरे परिवार को अपने कब्जे में ले लिया, जिससे कोई भी व्यक्ति उनका विरोध या बाहर जाकर मदद नहीं मांग सका। इसके बाद आरोपियों ने पूरे घर की तलाशी ली और कीमती सामान समेटना शुरू कर दिया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बदमाश घर से लगभग 2 किलोग्राम सोना, 1 किलोग्राम चांदी, करीब 12 लाख रुपये नकद, एक तिजोरी और एक मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से निकल गए। पुलिस को आशंका है कि इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है। शुरुआती स्तर पर पारदी गिरोह की संलिप्तता की संभावना भी जांच के दायरे में रखी गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    घटना की सूचना मिलते ही फतेहगढ़ थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। पुलिस के साथ फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) और डॉग स्क्वाड की टीमों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान फिंगरप्रिंट और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए गए, ताकि आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सके। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

    पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती का मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद जिले के विभिन्न इलाकों में नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच की जा रही है। आसपास के थाना क्षेत्रों को भी अलर्ट कर दिया गया है और संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध सभी सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

    इस बड़ी वारदात के बाद चक चुरेला और आसपास के गांवों के लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर डकैती की इस वारदात का खुलासा करने में जुटी हुई हैं।

  • दतिया उपचुनाव: 8वें राउंड तक कांग्रेस ने भाजपा को पछाड़ा, घनश्याम सिंह 6,583 वोट से आगे

    दतिया उपचुनाव: 8वें राउंड तक कांग्रेस ने भाजपा को पछाड़ा, घनश्याम सिंह 6,583 वोट से आगे


    दतिया। मध्य प्रदेश की चर्चित दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है। आठवें राउंड की गिनती पूरी होने तक कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने मुकाबले में मजबूत बढ़त बना ली है। वह भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी से 6,583 मतों से आगे चल रहे हैं। अब तक 15 में से आठ राउंड की मतगणना पूरी हो चुकी है, जबकि सात राउंड की गिनती शेष है।

    आठवें राउंड तक यह रही स्थिति
    आठवें राउंड में कांग्रेस को 6,828, भाजपा को 3,540 और आजाद समाज पार्टी (आसपा) को 1,303 वोट मिले। इसके साथ ही कुल मतों का आंकड़ा इस प्रकार है—
    घनश्याम सिंह (कांग्रेस): 38,264 वोट
    आशुतोष तिवारी (भाजपा): 31,681 वोट
    दामोदर यादव (आसपा): 11,754 वोट
    कांग्रेस ने इस चरण तक 6,583 वोटों की बढ़त बना ली है।

    पहले राउंड में भाजपा आगे, फिर कांग्रेस ने पलटी बाजी
    सुबह 8 बजे शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में मतगणना शुरू हुई। पहले राउंड में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने 909 वोटों की बढ़त बनाई थी। हालांकि दूसरे, तीसरे और चौथे राउंड में कांग्रेस ने लगातार बढ़त हासिल कर मुकाबले का रुख बदल दिया। पांचवें राउंड में भाजपा ने कुछ अंतर कम किया, लेकिन छठे, सातवें और आठवें राउंड में कांग्रेस ने बढ़त लगातार बढ़ाते हुए निर्णायक स्थिति बना ली।

    नेता प्रतिपक्ष ने किया जीत का दावा
    मतगणना के बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया कि दतिया की जनता का रुझान कांग्रेस के पक्ष में है और पार्टी की जीत तय है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल कांग्रेस और भाजपा के बीच नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र के खिलाफ भी लड़ा गया। सिंघार ने यह भी कहा कि दतिया उपचुनाव का परिणाम 2028 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाला साबित होगा।

    दोनों दलों को जीत का भरोसा
    कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने दावा किया कि उनकी जीत का अंतर 12 से 15 हजार वोट तक पहुंच सकता है। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयासों के दम पर भाजपा ही जीत दर्ज करेगी।

    कड़ी सुरक्षा के बीच जारी मतगणना
    दतिया विधानसभा उपचुनाव में 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था। मतगणना के लिए 21 टेबल लगाई गई हैं और करीब 350 अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मतगणना केंद्र को छावनी में तब्दील किया गया है और केवल अधिकृत पासधारकों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।

  • रिमोट के बटन को लेकर शुरू हुई मामूली तकरार ने लिया खूनी रूप, भोपाल में सिर पर वार लगने से पति अस्पताल में भर्ती

    रिमोट के बटन को लेकर शुरू हुई मामूली तकरार ने लिया खूनी रूप, भोपाल में सिर पर वार लगने से पति अस्पताल में भर्ती

     मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में घरेलू विवाद का एक अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। टेलीविजन पर मनपसंद चैनल देखने और रिमोट कंट्रोल को लेकर पति-पत्नी के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। तैश में आई पत्नी ने घर में रखे धारदार हंसिए से पति पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    मिली जानकारी के अनुसार यह घटना भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र की है। पीड़ित व्यक्ति पेशे से मजदूर है और अपने परिवार के साथ रहता है। घटना वाले दिन वह काम निपटाकर घर पर टीवी देख रहा था। इसी दौरान उसने रिमोट लेकर अपनी पसंद का चैनल लगा दिया। इस बात पर पत्नी की उससे कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच तकरार इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर महिला ने पास रखा हंसिया उठाकर पति के सिर और चेहरे पर वार कर दिया।

    अचानक हुए हमले में पति लहूलुहान होकर गिर पड़ा। चीख-पुकार और शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव किया। स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल पति को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल भी तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया।

    छोला मंदिर पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायल पति के बयान दर्ज किए और आरोपी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पड़ताल में टीवी का चैनल बदलने को लेकर हुआ विवाद ही हमले की मुख्य वजह सामने आया है। दंपती के दो बच्चे हैं और पड़ोसियों के अनुसार उनके बीच अक्सर छोटी-छोटी बातों को लेकर आपस में कहासुनी होती रहती थी।

    इस घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपी महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

  • Gen-Z आंदोलन पर धीरेंद्र शास्त्री का संदेश, विरोध करें, लेकिन गाली-गलौज नहीं, संवाद और मर्यादा रहे

    Gen-Z आंदोलन पर धीरेंद्र शास्त्री का संदेश, विरोध करें, लेकिन गाली-गलौज नहीं, संवाद और मर्यादा रहे


    कटनी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर एवं कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल में चर्चा में रहे Gen-Z आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और विरोध जताने का अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान अपशब्दों और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

    कटनी के कुठला क्षेत्र में अपने शिष्यों द्वारा निर्मित ‘बागेश्वर बालाजी’ मठ के कार्यक्रम में पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री ने युवाओं से भारतीय संस्कृति और मर्यादा के अनुरूप संवाद करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में समसामयिक मुद्दों पर भी अपने विचार रखे।

    ‘विरोध हो, लेकिन मर्यादा के साथ’
    धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी के परिवार या मां-बहन के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग भारतीय संस्कृति और सभ्यता के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि असहमति व्यक्त करते समय भी भाषा और व्यवहार की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।

    युवाओं से संवाद का रास्ता अपनाने की अपील
    उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। ऐसे में युवाओं को विवाद और कटुता के बजाय संवाद, शांति और संयम का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी बात प्रेमपूर्ण और शालीन भाषा में रखें।

    सावन और कांवड़ यात्रा पर भी दी सलाह
    धीरेंद्र शास्त्री ने सावन माह और कांवड़ यात्रा का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं से भगवान शिव की भक्ति पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के नाम पर ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए जिससे किसी की भावनाएं आहत हों या समाज में विवाद की स्थिति पैदा हो।

    संयम और संस्कार पर दिया जोर
    उन्होंने कांवड़ यात्रियों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आचरण ऐसा होना चाहिए जिससे धर्म और समाज की गरिमा बनी रहे। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति, संस्कार, आपसी प्रेम और सामाजिक सद्भाव में निहित है, जिसे हर हाल में सुरक्षित रखना चाहिए।

  • MP में बारिश 15% कम, 42 जिलों में औसत से कम गिरा पानी, 5 अगस्त से फिर बदलेगा मौसम

    MP में बारिश 15% कम, 42 जिलों में औसत से कम गिरा पानी, 5 अगस्त से फिर बदलेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार अभी भी सामान्य से पीछे चल रही है। प्रदेश में अब तक औसतन 15.8 इंच (401.9 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 18.5 इंच (470.5 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। राजधानी भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत 42 जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 19 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है। रविवार को केवल सीहोर जिले में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि अधिकांश जिलों में हल्की बारिश होने से वर्षा के आंकड़ों में खास सुधार नहीं हुआ।

    42 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम
    अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां औसत से अधिक वर्षा हो चुकी है।

    सिस्टम सक्रिय, लेकिन असर कमजोर
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ और दो अन्य मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, लेकिन उनकी तीव्रता कम होने के कारण पिछले दो दिनों से भारी बारिश का दौर थम गया है। अगले दो दिन भी अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि कहीं भी भारी वर्षा का अलर्ट नहीं है।

    5 अगस्त से फिर तेज बारिश के आसार
    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 4 अगस्त से नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 5 अगस्त से मध्य प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी जिलों में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है।

  • मप्रः सावन में उज्जैन, ओंकारेश्वर एवं महेश्वर स्थित होटलों में विशेष फलाहारी थाली की व्यवस्था

    मप्रः सावन में उज्जैन, ओंकारेश्वर एवं महेश्वर स्थित होटलों में विशेष फलाहारी थाली की व्यवस्था


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपी टूरिज्म) द्वारा पवित्र श्रावण (सावन) माह के अवसर पर श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए उज्जैन, ओंकारेश्वर एवं महेश्वर स्थित अपने होटल एवं पर्यटन इकाइयों में विशेष फलाहारी भोजन की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु निर्धारित समय पर पौष्टिक एवं स्वादिष्ट फलाहारी व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे।

    मप्र टूरिज्म के मैनेजर श्याम तिवारी ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि उज्जैन शहर के तीन इकाई जिसमें सम्राट विक्रमादित्य द हेरिटेज होटल, शिप्रा रेजिडेंसी, होटल उज्जैनी शामिल है। इसी प्रकार खरगोन में नर्मदा रिसोर्ट महेश्वर और खंडवा जिले के टेम्पल व्यू ओंकारेश्वर सहित कुल पांच स्थानों पर कावड़ यात्रियों (श्रद्धालु) के लिए फलाहारी की व्यवस्था उपलब्ध करायी जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि एमपी टूरिज्म की इन इकाइयों में फलाहारी नाश्ता प्रातः 8 बजे से 10 बजे तक, फलाहारी दोपहर का भोजन (लंच) दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक तथा फलाहारी रात्रि भोजन (डिनर) शाम 7 बजे से रात्रि 10:30 बजे तक उपलब्ध रहेगा। फलाहारी लंच थाली में भगर उपमा, साबूदाना वड़ा, आलू जीरा, सिंघाड़े की पुड़ी, तली हुई मूंगफली, फलाहारी चिप्स, हरी एवं लाल चटनी, दो प्रकार के मौसमी फल तथा लौकी का हलवा परोसा जाएगा। वहीं फलाहारी डिनर थाली में पतली ग्रेवी वाली आलू की सब्जी, कुट्टू की पुड़ी, साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा, तली हुई मूंगफली, फलाहारी नमकीन, हरी एवं लाल चटनी, सांवा की खीर तथा दो प्रकार के मौसमी फल शामिल रहेंगे।

    एमपी टूरिज्म ने कावड़ यात्रियों (श्रद्धालु) से अपील की है कि वे सावन माह में धार्मिक एवं आध्यात्मिक यात्रा के दौरान उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर स्थित एमपी टूरिज्म की इकाइयों में उपलब्ध विशेष फलाहारी का लाभ प्राप्त करें।

  • मप्रः दतिया उपचुनाव के नतीजों से पहले कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती 6 साल के लिए निष्कासित

    मप्रः दतिया उपचुनाव के नतीजों से पहले कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती 6 साल के लिए निष्कासित


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से ठीक पहले कांग्रेस आलाकमान ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। इस संबंध में रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी द्वारा आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।

    उपचुनाव के नतीजों के ठीक मुहाने पर पूर्व विधायक पर की गई इस अनुशासनात्मक कार्रवाई से पार्टी के आंतरिक घटनाक्रम और स्थानीय समीकरणों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। दतिया उपचुनाव के लिए मतों की गिनती 3 अगस्त को होगी। मतगणना से ठीक 24 घंटे पहले पार्टी द्वारा अपने ही वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक को बाहर का रास्ता दिखाने के इस फैसले को राजनीतिक दृष्टि से काफी संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    दरअसल, कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह लगातार राजेंद्र भारती पर चुनाव में भीतरघात और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगा रहे थे। हाल के दिनों में दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप खुले तौर पर सामने आए थे।

    राजेंद्र भारती दतिया की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। वे तीन बार विधायक रह चुके हैं और वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर पूरे प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गए थे। उनके पिता स्वर्गीय श्याम सुंदर श्याम भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक रहे थे, जिससे दतिया में भारती परिवार का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है।

    हालांकि, इसी वर्ष एक पुराने सहकारी बैंक धोखाधड़ी मामले में विशेष अदालत से तीन वर्ष की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। इसी कारण दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराया गया। बाद में दोषसिद्धि पर रोक पाने की उनकी कोशिशों के बीच मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा, लेकिन वे चुनाव नहीं लड़ सके।

    उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया। मतदान के बाद घनश्याम सिंह ने राजेंद्र भारती पर भाजपा के साथ मिलकर भीतरघात करने और कांग्रेस प्रत्याशी को हराने की कोशिश करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों के बाद पार्टी में अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग तेज हो गई थी। अब मतगणना से पहले कांग्रेस ने राजेंद्र भारती को छह साल के लिए निष्कासित कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।

  • पानी की टंकी में मिली डिकंपोज बॉडी, फिनाइल डालने की सलाह पड़ी भारी; फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने बताया क्यों है खतरनाक

    पानी की टंकी में मिली डिकंपोज बॉडी, फिनाइल डालने की सलाह पड़ी भारी; फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने बताया क्यों है खतरनाक


    इंदौर इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र स्थित जबरन कॉलोनी में एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां एक व्यक्ति का सड़ा-गला शव उसके घर की पानी की टंकी से बरामद किया गया। कई दिनों तक लापता रहने के बाद जब घर से तेज दुर्गंध आने लगी तो पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच के बाद टंकी से शव बाहर निकलवाया। प्रारंभिक जांच में पानी में डूबने से मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 45 वर्षीय ओमप्रकाश उर्फ पप्पू मालवीय के रूप में हुई है। वह पेशे से पुताई का काम करता था और जबरन कॉलोनी में अकेले रहता था। परिजनों ने बताया कि उसकी पत्नी और बेटी कई वर्ष पहले उसे छोड़कर चली गई थीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह शराब पीने का आदी भी था।

    बताया जा रहा है कि रविवार के बाद से ओमप्रकाश किसी को दिखाई नहीं दिया। पहले लोगों ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद उसके घर से तेज बदबू आने लगी। जब लोगों ने घर का गेट खोलकर देखा तो पानी की टंकी से दुर्गंध आ रही थी। सूचना मिलते ही रावजी बाजार थाना पुलिस, एफएसएल टीम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    करीब सात फीट गहरी और साढ़े तीन फीट चौड़ी पानी की टंकी में लगभग डेढ़ फीट पानी भरा हुआ था। उसी में ओमप्रकाश का शव डूबा मिला। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव पूरी तरह डिकंपोज हो चुका था और शरीर की चमड़ी भी निकलने लगी थी। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई थी। संकरी टंकी से शव निकालना भी बेहद मुश्किल साबित हुआ। इसके लिए मौके पर मौजूद टीम को फर्श का हिस्सा तोड़ना पड़ा, तब जाकर शव को बाहर निकाला जा सका।

    शव निकालने के दौरान एक दिलचस्प लेकिन महत्वपूर्ण स्थिति भी सामने आई। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बदबू कम करने के लिए पानी की टंकी में फिनाइल डालने की सलाह दी। यहां तक कि कुछ लोग फिनाइल की बोतल भी ले आए थे, लेकिन पुलिस ने तत्काल उन्हें रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का रासायनिक पदार्थ डालने से जांच प्रभावित हो सकती है और पोस्टमार्टम के दौरान भी यह गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

    इस पूरे मामले पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी पुलिस के फैसले को सही बताया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. बी.के. सिंह के अनुसार, डिकंपोज शव वाले पानी में फिनाइल या कोई अन्य केमिकल मिलाने से वह शव के हर हिस्से तक पहुंच जाता है। इससे पोस्टमार्टम के दौरान मिलने वाले महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य और निष्कर्ष प्रभावित हो सकते हैं, जिससे मौत के कारणों का सही आकलन करना कठिन हो जाता है।

    उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में शव भले ही अत्यधिक सड़ चुका हो और दुर्गंध असहनीय हो, फिर भी वैज्ञानिक जांच की शुद्धता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डॉक्टर कई बार दो से तीन जोड़ी दस्ताने पहनकर पोस्टमार्टम करते हैं, ताकि आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए जांच पूरी की जा सके।

    फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह हादसा था, आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • वीर सपूत को इंदौर का सलाम, मेजर हमजा आरिफ को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, हर आंख हुई नम

    वीर सपूत को इंदौर का सलाम, मेजर हमजा आरिफ को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, हर आंख हुई नम


    इंदौर  इंदौर ने रविवार को अपने वीर सपूत मेजर हमजा आरिफ को पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। एक महीने पहले जिस घर में शादी की खुशियां और शहनाइयों की गूंज थी, वहीं अब मातम पसरा हुआ था। तिरंगे में लिपटे मेजर हमजा आरिफ का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके घर पहुंचा, परिजनों का दर्द और पूरे शहर की भावनाएं एक साथ उमड़ पड़ीं। पत्नी ज्योति अरोरा की आंखों से बहते आंसू, माता-पिता की खामोशी और सेना की अंतिम सलामी ने हर मौजूद व्यक्ति को भावुक कर दिया।

    रविवार सुबह सैफी नगर में मेजर हमजा आरिफ की जनाजे की नमाज अदा की गई। इसके बाद भारतीय सेना के वाहन में तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर अंतिम यात्रा के लिए रवाना हुआ। अंतिम यात्रा सैफी नगर से माणिकबाग पुल, कलेक्टर चौराहा, राजबाड़ा और सदर बाजार होते हुए इमली बाजार स्थित शिया दाऊदी बोहरा कब्रिस्तान पहुंची। पूरे रास्ते शहरवासियों ने अपने वीर अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कई लोगों ने घरों और दुकानों के बाहर खड़े होकर हाथ जोड़कर नमन किया, जबकि अनेक लोगों ने सैल्यूट कर सम्मान व्यक्त किया।

    राजबाड़ा पर अंतिम यात्रा के पहुंचते ही वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। “भारत माता की जय” और “मेजर हमजा आरिफ अमर रहें” के नारों के बीच हजारों लोगों ने अपने वीर सपूत को अंतिम सलाम किया। शहरवासियों की भीड़ इस बात की गवाह बनी कि देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिक के प्रति समाज में कितना सम्मान और आदर है।

    कब्रिस्तान में भारतीय सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया और अपने साथी अधिकारी को अंतिम सलामी अर्पित की। इसके बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में शहरवासी, समाजजन, रिश्तेदार और मित्र भी मौजूद रहे।

    अंतिम विदाई का सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब मेजर हमजा आरिफ की पत्नी ज्योति अरोरा अपने पति को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। कांपते हाथों से उन्होंने तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को नमन किया, लेकिन अपने आंसुओं को रोक नहीं सकीं। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सेना के अधिकारियों ने वह तिरंगा उन्हें सौंपा जिसमें मेजर हमजा आरिफ लिपटकर अपने घर लौटे थे। उन्होंने उस तिरंगे को सीने से लगाकर अपने जीवनसाथी को अंतिम विदाई दी। वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

    परिजनों ने बताया कि मेजर हमजा आरिफ का विवाह महज एक महीने पहले ही हुआ था। शादी के बाद वह कुछ दिनों की छुट्टी बिताकर अपनी ड्यूटी पर लौट गए थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि नई जिंदगी की शुरुआत के कुछ ही दिनों बाद वह तिरंगे में लिपटकर अपने घर वापस आएंगे।

    गौरतलब है कि गुरुवार देर रात राजस्थान के जैसलमेर जिले में ड्यूटी से लौटते समय सेना के वाहन के सामने अचानक एक ऊंट आ गया। टक्कर के बाद वाहन अनियंत्रित होकर कई बार पलट गया। हादसे में 31 वर्षीय मेजर हमजा आरिफ का मौके पर ही निधन हो गया, जबकि उनके साथ मौजूद दो लेफ्टिनेंट गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का सैन्य अस्पताल में उपचार जारी है। नौ वर्षों तक भारतीय सेना में सेवाएं देने वाले मेजर हमजा आरिफ अपने पीछे माता-पिता, पत्नी और तीन बहनों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका बलिदान केवल उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे इंदौर और देश के लिए गर्व और भावनाओं का विषय बन गया है।