Category: Madhya Pradesh

  • भिंड जिला पंचायत में 18 कर्मचारी गैरहाजिर, सीईओ ने वेतन काटने के दिए निर्देश

    भिंड जिला पंचायत में 18 कर्मचारी गैरहाजिर, सीईओ ने वेतन काटने के दिए निर्देश


    नई दिल्ली। मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय में की गई सर्प्राइज चेकिंग में 18 कर्मचारियों की गैरहाजिरी सामने आई। सुबह करीब 10:35 बजे सीईओ वीरसिंह चौहान ने अचानक कार्यालय का निरीक्षण किया और विभिन्न शाखाओं में कर्मचारियों की उपस्थिति चेक की। इस दौरान अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।

    अनुपस्थित कर्मचारी

    अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में लेखा अधिकारी दिनेश कुमार ओझा, परियोजना अधिकारी नितिन दुबे, लेखपाल देवेंद्र सिंह यादव, सहायक ग्रेड-2 चयन सिंह दोहरे, प्रभारी एसवीएम विनोद सिंह भदौरिया, सहायक ग्रेड-3 सर्वेश वैद्य, डाटा एंट्री ऑपरेटर हर्षित शर्मा, सुरेन्द्र सिंह कुशवाह और भृत्य रुस्तम सिंह शामिल हैं।

    इसके अलावा आजीविका मिशन (एनआरएलएम) कार्यालय में जिला प्रबंधक गब्बर सिंह तोमर, पंकज कुमार सिंह, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में नीरज सिंह भदौरिया, कुलदीप सिंह, जगदीश प्रसाद शाक्य, डाटा एंट्री ऑपरेटर मेघा श्रीवास्तव तथा श्रम विभाग में श्रम निरीक्षक मनीष झा, उप श्रम निरीक्षक प्रमोद मिश्रा और सहायक ग्रेड-3 राघवेन्द्र सिंह तोमर भी अनुपस्थित पाए गए।

    सीईओ ने कड़ी चेतावनी दी

    सीईओ ने कहा कि कार्यालय समय का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को साप्ताहिक उपस्थिति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की अनियमितता मिलने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    संकेत और संदेश

    इस कार्रवाई से स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यदक्षता पर सख्ती से निगरानी कर रहा है। कार्यालय समय और जिम्मेदारी की अनदेखी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • सिवनी मालवा में जनसुनवाई: बुकिंग के बावजूद गैस सिलेंडर नहीं, विधवा ने आर्थिक सहायता की लगाई गुहार

    सिवनी मालवा में जनसुनवाई: बुकिंग के बावजूद गैस सिलेंडर नहीं, विधवा ने आर्थिक सहायता की लगाई गुहार


    नई दिल्ली। मंगलवार सुबह 11 बजे जनपद सभागार में आयोजित जनसुनवाई में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों ने अपनी समस्याओं को लेकर नायब तहसीलदार कीर्ति प्रधान को आवेदन सौंपे। इस अवसर पर कुल 15 शिकायतें दर्ज की गईं।

    आवेदन में सबसे ज्यादा 7 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित थीं। इसके अलावा विद्युत कंपनी की 3, वन विभाग और नगर पालिका की 2-2, तथा पुलिस विभाग की 1 शिकायत शामिल थी।

    गैस सिलेंडर न मिलने की शिकायत

    जनसुनवाई में जीवन सिंह यादव ने गैस एजेंसी की मनमानी के खिलाफ आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि 8 मार्च को गैस बुकिंग कराने के बावजूद रसीद मिलने के बाद भी उन्हें अब तक सिलेंडर नहीं मिला। एजेंसी संचालक ने पहले 4-5 दिन में डिलीवरी का आश्वासन दिया था, लेकिन अब वे किसी दूसरी एजेंसी से टंकी लेने की बात कह रहे हैं। यादव ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की।

    आर्थिक सहायता के लिए भटकती विधवा

    ग्राम नागझिर की अनिता धुर्वे ने भी अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि दो साल पहले मजदूरी के दौरान उनके पति की मौत हो गई थी। शासन की योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए वे कई बार ग्राम पंचायत सचिव के पास आवेदन दे चुकी हैं, लेकिन आज तक उन्हें कोई राशि नहीं मिली। अनिता ने प्रशासन से गुहार लगाई कि उन्हें जल्द से जल्द सहायता राशि दिलाई जाए।

    अधिकारियों को सख्त निर्देश

    नायब तहसीलदार कीर्ति प्रधान ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सौंपा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोगों की समस्याओं को लटकाया न जाए और नियम अनुसार उनका तुरंत निराकरण किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

    इस जनसुनवाई में यह भी स्पष्ट हुआ कि सिवनी मालवा में नागरिकों की समस्याओं का समाधान समय पर न होना उनके जीवन को प्रभावित कर रहा है। विशेष रूप से गैस सिलेंडर और आर्थिक सहायता जैसी मामूली लेकिन आवश्यक सुविधाओं में देरी ने लोगों में असंतोष बढ़ा दिया है।

    नायब तहसीलदार ने कहा कि राजस्व, विद्युत, वन विभाग, नगर पालिका और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आवेदन मिलने के 7 दिन के भीतर कार्रवाई पूरी करें। इसके साथ ही नागरिकों को इस प्रक्रिया के बारे में सूचना देने का भी आदेश दिया गया।

    जनसुनवाई के इस सत्र ने प्रशासन और नागरिकों के बीच एक संवाद का माध्यम स्थापित किया, जिससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।

  • उज्जैन में सीएम बोले- हमारे समय ऐसे बड़े कार्यक्रम नहीं होते थे, कुलगुरु की मांग पर दिए 51 लाख और 5 ड्रोन

    उज्जैन में सीएम बोले- हमारे समय ऐसे बड़े कार्यक्रम नहीं होते थे, कुलगुरु की मांग पर दिए 51 लाख और 5 ड्रोन


    उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके समय में इतने बड़े कार्यक्रम नहीं होते थे। न तो राज्यपाल आते थे और न ही मुख्यमंत्री। आज विद्यार्थियों को सम्मान और गोल्ड मेडल मिलने की परंपरा ने कार्यक्रम को भव्य बना दिया है।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल कर रही थीं। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री मंच पर भाषण दे रहे थे, तभी कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने उन्हें पर्ची भेजी, जिसमें विश्वविद्यालय के कार्यों के लिए 10 लाख रुपए और कृषि अध्ययन शाला के लिए एक ड्रोन मांगा गया था। मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा, “इतने से क्या होता है? मैं आपको 51 लाख रुपए और पांच ड्रोन देता हूँ।”

    दीक्षांत समारोह की विशेष बातें

    समारोह का शुभारंभ राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 103 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, 74 विद्यार्थियों को पीएचडी और 1 विद्यार्थी को डी-लिट की उपाधि प्रदान की गई। मंच पर सांसद अनिल फिरोजिया, निगम अध्यक्ष कलावती यादव, कुलगुरु अर्पण भारद्वाज और कुलसचिव अनिल शर्मा भी उपस्थित थे।

    राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और ग्रुप फोटो सेशन में भी भाग लिया।

    गीता भवन का निर्माण

    शिप्रा विहार वाणिज्यिक परिसर के सामने त्रिवेणी विहार योजना स्थल पर 77 करोड़ रुपए की लागत से गीता भवन बनाया जाएगा। यह भवन एक लाख वर्ग फीट में बनेगा और सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए उपयोग होगा। इस परियोजना में आडिटोरियम 12,700 वर्ग फीट और ई-लाइब्रेरी 3,600 वर्ग फीट में तैयार की जाएगी।

    इसके अलावा उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के तहत विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी समारोह में किया गया, जिसकी कुल लागत 662.46 करोड़ रुपए है।

    सीएम ने घायल छात्र के परिवार से की मुलाकात

    दीक्षांत समारोह के बाद मुख्यमंत्री गुरकीरत सिंह मनोचा के घर पहुंचे, जो कनाडा पढ़ाई के लिए जा रहे थे, और उनके परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने मीडिया से कहा कि गुरकीरत सिंह की कार से हत्या हुई थी और उनकी बॉडी लाने में सरकार सभी खर्च उठाएगी।

    सीएम ने बताया कि भारत सरकार के माध्यम से कनाडा सरकार से संपर्क किया गया है और परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा, ये हमारे राज्य और खासकर हमारे परिवार का मामला है। अंतिम संस्कार सहित जितना भी खर्च आएगा, सरकार वह उठाएगी।

  • उज्जैन-नागदा मार्ग पर कार-ट्रक टक्कर में 2 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल

    उज्जैन-नागदा मार्ग पर कार-ट्रक टक्कर में 2 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल

    नई दिल्ली।  उज्जैन-नागदा मार्ग पर मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे एक भीषण हादसा हुआ, जिसमें तेज रफ्तार स्विफ्ट कार और ट्रक की जोरदार टक्कर में कार में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उन्हेल टोल नाके से लगभग 5 किलोमीटर पहले हुआ।

    जानकारी के अनुसार, कार में आगे की सीट पर बैठे सांवरिया सेठ जा रहे दो युवक जीवन की जंग हार गए। जबकि पीछे बैठे दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को ग्लोबल और अवंति अस्पताल, उज्जैन में भर्ती कराया गया।

    राहगीर ने किया बचाव

    हादसे के समय मौके पर भारी भीड़ थी, लेकिन किसी ने तुरंत मदद नहीं की। वहीं राहगीर नंद कुमार मिश्रा, जो ग्रेसिम कंपनी में इंजीनियर हैं, मौके पर पहुंचे और उन्होंने घायल युवकों की मदद की। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक युवक को CPR देने की कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इसके बाद उन्होंने दो युवकों के शव एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाए और घायल देवेंद्र को अपनी गाड़ी से ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया।

    घायल युवकों की स्थिति

    घायलों में प्रवेश मारोठिया शामिल हैं, जिनके पैर में फ्रैक्चर आया है। वहीं देवेंद्र की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रवेश के अंकल सुनील शर्मा को उनके भाई ने घटना की जानकारी दी। इसके बाद वे तुरंत अस्पताल पहुंचे और घायलों की जानकारी ली।

    हादसे की वजह

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा कार की अधिक रफ्तार और ट्रक के साथ नियंत्रण न होने के कारण हुआ। मार्ग पर मंगलवार सुबह काफी ट्रैफिक था, लगभग 20-25 वाहन खड़े थे।

    प्रशासन की कार्रवाई

    उज्जैन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज कर लिया है। हादसे की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे की मुख्य वजह तेज गति या किसी अन्य चालक की लापरवाही थी।

    इस हादसे ने उज्जैन-नागदा मार्ग पर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन को मार्ग पर सुरक्षा इंतजाम और दुर्घटना रोकने के उपाय तेज करने की जरूरत महसूस हो रही है।

  • ग्वालियर में ‘नो रोड-नो टोल’ आंदोलन में तोड़फोड़, बसपा नेता समेत 2-3 आरोपियों पर केस दर्ज

    ग्वालियर में ‘नो रोड-नो टोल’ आंदोलन में तोड़फोड़, बसपा नेता समेत 2-3 आरोपियों पर केस दर्ज


    नई दिल्ली। ग्वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार को हुए “नो रोड-नो टोल” आंदोलन का वीडियो मंगलवार को सामने आया, जिसमें भीड़ और कुछ नेताओं के टोल प्लाजा में उत्पात करते हुए नजर आ रहे हैं। आंदोलन में शामिल लोगों ने बरैठा टोल के कंट्रोल रूम, कंप्यूटर, CCTV कैमरे और सेंसर डिवाइस को नुकसान पहुंचाया।

    इस मामले में भिंड के बसपा नेता रक्षपाल सिंह राजावत और 2-3 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ महाराजपुरा थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि हंगामे के दौरान पुलिस ने नेता को रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने कहा, “क्या टोल वाले आपको पैसा देते हैं, जो मुझे रोक रहे हो?”

    आंदोलन का कारण

    ग्वालियर-भिंड-इटावा हाईवे लंबे समय से सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर विवादों में रहा है। पिछले वर्षों में इस मार्ग पर सैकड़ों सड़क हादसों में लोगों की मौत हो चुकी है। साधु-संतों ने इस मुद्दे पर आंदोलन शुरू किया, जो अब बड़े पैमाने पर “नो रोड-नो टोल” आंदोलन में बदल गया है।

    सोमवार को आंदोलन के दौरान संत समाज और आम लोग बरैठा टोल पर यज्ञ कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने वाहनों को बिना शुल्क छोड़े जाने के दौरान हंगामा शुरू कर दिया और तोड़फोड़ की।

    तोड़फोड़ और घटना का विवरण

    बरैठा टोल प्लाजा के मैनेजर अमित सिंह राठौर के मुताबिक, घटना दोपहर 1:30 बजे हुई। इस दौरान रक्षपाल सिंह राजावत अपने 2-3 साथियों के साथ आए और गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ियों से टोल क्यों वसूला जा रहा है। चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने कंप्यूटर, कैमरे और सेंसर में तोड़फोड़ की।

    आरोपी और उनका राजनीतिक परिचय

    रक्षपाल सिंह राजावत बहुजन समाज पार्टी से जुड़े नेता हैं। वर्ष 2023 में उन्हें भिंड विधानसभा सीट से पार्टी का टिकट मिला था, लेकिन नामांकन से पहले ही उन्हें बदल दिया गया। वह प्रॉपर्टी और रेत के कारोबार से जुड़े हैं और भिंड के वर्तमान विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के विरोधी के रूप में जाने जाते हैं।

    पुलिस कार्रवाई

    महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि पुलिस आरोपियों की पहचान कर रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है।

    ग्वालियर-भिंड बॉर्डर पर यह आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है और स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि हाईवे चौड़ीकरण की मांग को लेकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

  • मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला आज: केरल को 554 एकड़ जमीन बेचने पर लगेगी मुहर, कई अहम प्रस्ताव भी एजेंडे में

    मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला आज: केरल को 554 एकड़ जमीन बेचने पर लगेगी मुहर, कई अहम प्रस्ताव भी एजेंडे में



    भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज होने वाली कैबिनेट बैठक में एक बड़ा और अहम फैसला लेने जा रही है। बैठक में केरल के वायनाड में स्थित 554.05 एकड़ जमीन को केरल सरकार को सौंपने (बेचने) के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना है। यह जमीन दि प्रोविडेंट इंवेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड (PICL) के अधीन है, जो मध्य प्रदेश सरकार से जुड़ी है।

    यह मामला लंबे समय से विवादों में रहा है। वायनाड स्थित इस बीनाची एस्टेट के लगभग 453.96 एकड़ हिस्से को केरल प्राइवेट फॉरेस्ट एक्ट, 1971 के तहत केरल सरकार ने अपने अधीन ले लिया था, जिसके खिलाफ PICL ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

    लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 3 नवंबर 2023 को केरल हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों को आपसी सहमति से मामला सुलझाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मध्य प्रदेश और केरल के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। अंततः 12 फरवरी 2024 की बैठक में यह तय हुआ कि उचित मुआवजे के आधार पर जमीन केरल सरकार को सौंप दी जाएगी।

    सूत्रों के मुताबिक, जमीन हस्तांतरण के बाद केरल सरकार वहां रह रहे करीब 160 अतिक्रमणकारी परिवारों के पुनर्वास पर भी विचार करेगी। हालांकि मुआवजे की अंतिम राशि अभी तय नहीं हुई है और आवश्यकता पड़ने पर आर्बिट्रेटर नियुक्त किया जा सकता है।

    कैबिनेट में कई अहम प्रस्ताव

    आज मंत्रालय में होने वाली कैबिनेट बैठक में सिर्फ जमीन हस्तांतरण ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया जाएगा।

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण का अनुमोदन

    राजधानी भोपाल में विंध्याचल, सतपुड़ा भवन और शौर्य स्मारक से जुड़े कार्यों को जारी रखने का फैसला

    पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति

    नर्मदा बेसिन परियोजनाओं के लिए अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराने पर चर्चा

    इंदौर मेट्रो परियोजना के लिए एडीबी (ADB) से ऋण लेने का प्रस्ताव

    उज्जैन को मिलेगा 945 करोड़ का एलिवेटेड कॉरिडोर

    कैबिनेट बैठक में लोक निर्माण विभाग से जुड़ा एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसके तहत उज्जैन में 5.32 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 945.20 करोड़ रुपए है।

    यह कॉरिडोर चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) से इंदौर गेट और विकास चौराहा से इंदौर गेट तक विकसित किया जाएगा, जिससे शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।

    किसानों को भी मिलेगा फायदा

    कैबिनेट में रबी सीजन 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले किसानों को बोनस देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है।कुल मिलाकर, आज की कैबिनेट बैठक में जमीन सौदे से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, मेट्रो और किसानों से जुड़े कई बड़े फैसले होने जा रहे हैं, जिनका असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास पर सीधे तौर पर पड़ेगा।

  • फतवा वायरल होने पर बढ़ा विवाद, मुस्लिम त्योहार कमेटी पहुंची थाने; शहर काजी को बदनाम करने की साजिश का आरोप

    फतवा वायरल होने पर बढ़ा विवाद, मुस्लिम त्योहार कमेटी पहुंची थाने; शहर काजी को बदनाम करने की साजिश का आरोप


    नई दिल्ली। राजधानी में सोशल मीडिया पर वायरल हुए फतवे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंगलवार को ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के पदाधिकारी शाहजहांनाबाद थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

    कमेटी ने आरोप लगाया कि यह फतवा सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया पर वायरल कर शहर काजी की छवि धूमिल करने और शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।कमेटी ने आरोप लगाया कि यह फतवा सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया पर वायरल कर शहर काजी की छवि धूमिल करने और शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक, पीरगेट निवासी सैयद सोहेल अली ने 6 मार्च 2026 को दारुल इफ्ता, मसाजिद कमेटी भोपाल से एक बीमारी के आधार पर फतवा मांगा था। इसके जवाब में 10 मार्च को फतवा जारी किया गया, जिस पर मुफ्ती-ए-शहर अब्दुल कलाम, मुफ्ती रईस और मुफ्ती जसीम दाद के हस्ताक्षर हैं।

    कमेटी का कहना है कि यह फतवा मूल रूप से एक व्यक्तिगत दस्तावेज था, लेकिन पिछले एक-दो दिनों से इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।

    कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद दानिश ने कहा कि “फतवा किसी व्यक्ति विशेष के लिए होता है, लेकिन उसे सार्वजनिक कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। यह एक साजिश हो सकती है, जिसका उद्देश्य शहर काजी को पद से हटाना है।”

    वहीं, संरक्षक शमशुल हसन ने मांग की कि फतवा लेने वाले, जारी करने वाले और उसे वायरल करने वाले—तीनों की जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि ईद से ठीक पहले इस तरह की घटना समाज में आक्रोश पैदा कर सकती है।

    कमेटी ने यह भी कहा कि परंपरा के अनुसार ईद पर शहर काजी ही ईदगाह में नमाज अदा कराते हैं, ऐसे में इस समय फतवा वायरल होना कई सवाल खड़े करता है और माहौल बिगड़ने की आशंका बढ़ा रहा है।

    उधर, शाहजहांनाबाद थाना प्रभारी यूपीएस चौहान ने बताया कि कमेटी की शिकायत मिल गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि फतवा सोशल मीडिया पर किसने वायरल किया।

    साथ ही पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि ईद को देखते हुए शहर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

  • मोबाइल चोरी के शक में युवक की चाकू मारकर हत्या, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

    मोबाइल चोरी के शक में युवक की चाकू मारकर हत्या, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप


    नई दिल्ली। अशोकागार्डन थाना क्षेत्र के कैलाश नगर, सेमरा में मोबाइल चोरी के शक में हुई मारपीट में घायल 27 वर्षीय अंकित जोशी की इलाज के दौरान सोमवार रात मौत हो गई। मृतक का पोस्टमार्टम हमीदिया अस्पताल में मंगलवार को किया गया।

    परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी मोहित राव ने अंकित पर झूठा मोबाइल चोरी का आरोप लगाया और उसी बहस के दौरान पीछे से चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी गर्दन की नस कट गई। गंभीर चोट के कारण अंकित 15 दिन तक अस्पताल में इलाज के बाद जिंदगी की जंग हार गया।

    मृतक के भाई शक्ति जोशी ने बताया कि अंकित केवल सच जानने के लिए आरोपी के घर गया था। वहां आरोपी की बहन ने साफ किया कि मोबाइल उसके पास है और अंकित ने चोरी नहीं की। इसके बाद आरोपी की मां से बात करने के दौरान मोहित राव ने पीछे से हमला किया। शांति रखने की कोशिश के बावजूद चाकू लगभग ढाई इंच तक गर्दन में घुस गया, जिससे अंकित का शरीर सुन्न पड़ गया।

    परिजन पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका दावा है कि घटना के समय मौके पर पहुंची 112 डायल पुलिस ने आरोपी को उसके मामा से पैसे लेने के बाद छोड़ दिया। साथ ही एफआईआर में घटना का विवरण गलत लिखा गया और अंकित पर ही चोरी का आरोप दर्शाया गया।

    अशोकागार्डन थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।

  • मध्यप्रदेश में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन; बोनस के साथ समर्थन मूल्य ₹2625 प्रति क्विंटल

    मध्यप्रदेश में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन; बोनस के साथ समर्थन मूल्य ₹2625 प्रति क्विंटल


    भोपाल। मध्यप्रदेश के मध्य प्रदेश में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी का कार्यक्रम जल्द शुरू होने जा रहा है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इंदौर उज्जैन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से होगी जबकि शेष संभागों में यह 7 अप्रैल से शुरू होगी। खरीदी शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि इस वर्ष गेहूँ खरीदी पर किसानों को 40 रुपये अतिरिक्त बोनस भी मिलेगा। इसके साथ प्रदेश में गेहूँ की दर 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है।

    इस रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु कुल 19,04,651 किसानों ने पंजीयन कराया है जो पिछले वर्ष 15,44,000 से अधिक है। जिलेवार पंजीयन की बात करें तो इंदौर में 71,713 उज्जैन में 1,23,281 भोपाल में 37,129 और नर्मदापुर में 71,831 किसानों ने पंजीयन कराया है। अन्य जिलों में भी हजारों किसानों ने अपना पंजीयन कराया है जिससे इस वर्ष खरीदी की तैयारी मजबूत दिखाई दे रही है।

    मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय और केंद्रों पर पहुंचकर अपने गेहूँ का पंजीयन और विक्रय सुनिश्चित करें। राज्य सरकार ने किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस का लाभ सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं। इस कार्यक्रम से मध्यप्रदेश में गेहूँ उत्पादन करने वाले किसानों को अच्छा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है और खरीदी के साथ ही रबी विपणन वर्ष का संचालन सुचारू रूप से होगा।

  • मोनालिसा की शादी बनी विवाद का केंद्र, सुप्रीम कोर्ट वकील नाजिया बोलीं- "प्रॉपर लव जिहाद", शरजील इमाम की पैरोल के बाद आतंकी संगठन एक्टिव

    मोनालिसा की शादी बनी विवाद का केंद्र, सुप्रीम कोर्ट वकील नाजिया बोलीं- "प्रॉपर लव जिहाद", शरजील इमाम की पैरोल के बाद आतंकी संगठन एक्टिव


    नई दिल्ली।
    कुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गई है। सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया इलाही खान ने इसे सामान्य विवाह मानने से इंकार करते हुए इसे “प्रॉपर अप्रोप्रिएट लव जिहाद” बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि शरजील इमाम की अपने भाई की शादी के लिए पैरोल मिलने के बाद आतंकी संगठन सक्रिय हो गए हैं और देश की सुरक्षा एजेंसियों को इस पर तत्काल कदम उठाना चाहिए।

    हिंदू मैरिज एक्ट का उल्लंघन
    नाजिया खान ने कहा कि यह शादी सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं है। इसमें इस्लामिक जिहादी रेडिकल और पीएफआई का हाथ है और हिंदू मैरिज एक्ट 1955 का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक मुसलमान व्यक्ति हिंदू प्रथा के तहत शादी कैसे कर सकता है, जबकि उसने अब तक हिंदुत्व स्वीकार करने का कोई प्रमाण नहीं दिखाया।

    शरजील इमाम की पैरोल के बाद एक्टिव हुए आतंकी संगठन
    नाजिया ने आरोप लगाया कि शरजील इमाम की पैरोल मिलने के बाद लव जिहाद और अन्य रेडिकल गतिविधियों में सक्रियता बढ़ गई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बस्ती में हाल ही में देखे गए लव जिहाद मामलों का हवाला दिया और कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

    मदरसे और कट्टरपंथी गतिविधियां
    वकील ने मदरसों की भी आलोचना की और कहा कि वहाँ से कोई सभ्य नागरिक नहीं निकल रहा, बल्कि केवल लव जिहाद और कट्टरपंथी तत्व सामने आ रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की ताकि मोनालिसा सुरक्षित रहे और इस पूरे मामले में नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

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