Category: Madhya Pradesh
-

MP Weather : मध्य प्रदेश में 4 दिन बदला रहेगा मौसम, 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
भोपाल। मध्य प्रदेश में बुधवार से आंधी और बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है, जिससे अगले चार दिनों तक मौसम में बदलाव बना रहेगा। तेज गर्मी से राहत मिलेगी और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं आंधी तो कहीं बारिश देखने को मिल सकती है। गरज-चमक के साथ बादल छाने की भी संभावना है। बुधवार को ग्वालियर सहित 13 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 21 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी मौसम के बदलने के आसार हैं।मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मध्य प्रदेश तक पहुंच रहा है। इसके चलते 19 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को प्रदेश के पश्चिम-उत्तरी हिस्से में पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहे, जबकि दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में भी एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव देखा गया। इसी वजह से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुछ जिलों में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।तापमान की बात करें तो खरगोन में सबसे ज्यादा 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो में 38.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 38 डिग्री, रायसेन में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.2 डिग्री और खंडवा में 37.1 डिग्री तापमान रहा। प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 36.1 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं भोपाल में 35.2 डिग्री, इंदौर में 34.9 डिग्री और उज्जैन व ग्वालियर में 35.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।मार्च के साथ ही गर्मी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है और पहले पखवाड़े में तेज गर्मी का असर देखने को मिला। हालांकि अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इस सीजन में पहली बार इतना मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है, जिसका असर 4 से 5 दिनों तक पूरे प्रदेश में बना रहेगा। इस दौरान कहीं बारिश, कहीं आंधी और कहीं बादल छाए रहने की स्थिति रहेगी।इस सिस्टम के गुजरने के बाद 22 मार्च से फिर से तेज गर्मी लौटने की संभावना है। मार्च के अंतिम सप्ताह में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में दिन गर्म और रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहती हैं, साथ ही बारिश का भी ट्रेंड बना रहता है।भोपाल, इंदौर और उज्जैन में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि रात का तापमान 14 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। नर्मदापुरम में पहले ही लगातार तीन दिनों से तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया जा चुका है। वहीं, अप्रैल और मई में 15 से 20 दिनों तक हीट वेव यानी लू चलने की संभावना जताई गई है। -

इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग ब्लास्ट से मकान में लगी आग, छह लोगों की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल
इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में बंगाली चौराहा के पास बुधवार सुबह करीब 4 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। पुगलिया परिवार के मकान में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिससे छह लोग जिंदा जल गए और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
कैसे हुआ हादसा?पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुगलिया परिवार के घर के बाहर रात में इलेक्ट्रिक कार चार्ज की जा रही थी। सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ और कार ने आग पकड़ ली। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया और घर के भीतर फैल गई। घर में लगभग दस से अधिक गैस सिलेंडर और ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी। आग की चपेट में आते ही सिलेंडरों में विस्फोट शुरू हो गए। कम से कम चार सिलेंडर एक-के-बाद-एक फटने से तेज धमाकों ने पूरे इलाके को दहला दिया और मकान का एक हिस्सा ढह गया।
हादसे के समय घर में पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, जिसके कारण कई सदस्य और रिश्तेदार मौजूद थे। अधिकांश लोग सो रहे थे, इसलिए बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। बिजली कटने के कारण घर में लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक भी काम नहीं कर पाए, जिससे लोग अंदर फंस गए।
राहत और बचाव अभियानसूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक आग पूरे मकान को अपनी चपेट में ले चुकी थी। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इंदौर के पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
मृतक और घायलइस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें मनोज जैन पुगलिया (65 वर्ष), सिमरन (30 वर्ष), विजय सेठिया (65 वर्ष), सुमन सेठिया (60 वर्ष), राशि (12 वर्ष) और छोटू सेठिया (22 वर्ष) शामिल हैं। घायलों में सौरभ (32 वर्ष), सुनीता (58 वर्ष) और सोमिल को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
अधिकारियों की प्रतिक्रियापुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि घर के बाहर चार्जिंग के दौरान विस्फोट हुआ और आग घर में फैल गई। घर में कुछ ज्वलनशील रसायन भी रखे हुए थे। उन्होंने कहा, “इस घटना में छह लोगों की मौत हुई और तीन गंभीर रूप से घायल हैं। यह घर मनोज पुगलिया का था, जो पॉलीमर का व्यवसाय करते थे।”
इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि दमकल और प्रशासन की टीमों ने बचाव अभियान चलाया। आग पर फिलहाल काबू पा लिया गया है, लेकिन बिल्डिंग की दो मंजिलों को खाली कर दिया गया है। तीसरी मंजिल की जांच अभी जारी है।
-

मानवता और सहअस्तित्व भारतीय संस्कृति की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत की प्राचीन संस्कृति के मूल में मानवता, सहअस्तित्व और परस्पर सहयोग का महत्वपूर्ण भाव शामिल है। मानवता, सहअस्तित्व भारतीय संस्कृति की पहचान है।उन्होंने कहा कि स्काउट और गाइड संगठन विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाने की दृष्टि से एक आदर्श संगठन है। इस नाते मध्य प्रदेश में इन युवाओं का एक सप्ताह का वैचारिक आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए भी प्रेरक है। उन्होंने कहा कि बंगाल की खाड़ी से जुड़े सात राष्ट्रों को सहयोग के सूत्र में बांधने के लिए बिम्सटेक एक महत्वपूर्ण मंच है। युवा राष्ट्र के निर्माण में सहभागी होते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार देर शाम अपने निवास स्थित संवाद सभाकक्ष में बिम्सटेक यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में सात देशों के युवा प्रतिनिधि शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागी देशों भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका और थाईलैंड के स्काउट गाइड को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत स्काउट और गाइड संगठन को रचनात्मक प्रकल्पों के संचालन के लिए बधाई दी। उन्होंने देश के दिल मध्य प्रदेश में अन्य देशों और राज्यों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि पड़ोसियों से हमारे आत्मीय और सहज संबंध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल से भी यहां प्रतिनिधि आएं हैं। बंगाल की खाड़ी से बिम्सटेक के देश जुड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दक्षिण एशियाई देशों के लिए आशा, स्थिरता और विकास का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने विदेश मंत्रालय के प्रति यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम के लिए प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सांस्कृतिक धरोहर, पर्यावरण संरक्षण, सतत् विकास और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श के साथ ही ऐसे महत्वपूर्ण विषयों को जीवन के लक्ष्यों में शामिल करने के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा देश अनेक नदियों का मायका है। भारत को मध्य प्रदेश से बड़ी जल राशि प्राप्त होती है। मध्य प्रदेश की नदियां कई राज्यों की नदियों में समाहित होकर उन्हें समृद्ध करती है। मध्य प्रदेश से सम्राट विक्रमादित्य की पहचान भी जुड़ी है, जो दान, वीरता, न्यायप्रियता और सुशासन के प्रतीक थे। उन्होंने अनेक राज्यों और राष्ट्रों में भिन्न-भिन्न नामों से व्यवस्थित शासन संचालन के प्रमाण प्रस्तुत किए। भारत ऐसे ही गौरवशाली व्यक्तित्वों से विश्व में अलग पहचान रखता है।
कार्यक्रम को भारत स्काउट एंड गाइड के नेशनल कमिश्नर मनीष मेहता सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।
-

MP कैबिनेट: गेहूं खरीदी पर बोनस को मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रुपये स्वीकृत
भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार शाम को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिए जाने का निर्णय लिया है।सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने मंत्रालय में मंत्रि-परिषद के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रि-परिषद ने उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी से इंदौर गेट तक 4-लेन एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2-लेन ऐलिवेटेड कॉरीडोर के निर्माण के लिए 945 करोड़ 20 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके साथ रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इसी तरह मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की भी स्वीकृति दी है।
उन्होंने बताया कि निर्णय अनुसार उपार्जित गेहूं में से भारत सरकार द्वारा स्वीकार न की जाने वाली सरप्लस मात्रा का निस्तारण मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा खुली निविदा के माध्यम से किया जाकर इस पर होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। किसानों को बोनस राशि का भुगतान विभागीय मद में बजट प्रावधान कराकर तथा सरप्लस मात्रा के निस्तारण व्यय की प्रतिपूर्ति मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजनांतर्गत आवंटित बजट से किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रुपये की स्वीकृति
मंत्री काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) चौराहा से इंदौर गेट तक 4-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2 लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर लंबाई 5.32 कि.मी. के निर्माण कार्य को विभागीय सूचकांक से मुक्त रखते हुए लागल राशि 945 करोड़ 20 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 और जन भागीदारी अंतर्गत विकास हेतु अनुदान योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 7 करोड़ 38 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। एनडीबी से वित्त पोषण पुल और सड़क निर्माण की योजना की निरंतरता के लिए 50 करोड़ 10 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-6 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1543 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-7 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1,476 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। शासकीय आवास गृह, विश्राम गृहों के रखरखाव और अनुरक्षण के लिये 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 200 करोड़ 35 रुपये की स्वीकृति दी गई है। कार्यालय भवनों के रखरखाव, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अनुरक्षण कार्य एवं शौर्य स्मारक के संचालन और संधारण हेतु 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 300 करोड़ 70 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति
मंत्री काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 228 करोड़ 42 लाख रुपयें, सैंच्य क्षेत्र 7350 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 37 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।
मध्य प्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम को वित्त विभाग के अंतर्गत किए जाने का अनुमोदन दिया गया है। “मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम” को एमएसएमई से वित्त विभाग को आवंटित किये जाने से राज्य पर कोई वित्तीय भार नहीं आयेगा।
पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की मंजूरी
मंत्रि-परिषद द्वारा मध्य प्रदेश कार्य (आवंटन) नियमों की अनुसूची में संशोधन की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम संशोधित कर गौपालन एवं पशुपालन विभाग और संचालनालय, पशुपालन एवं डेयरी का नाम परिवर्तित कर संचालनालय, गौपालन एवं पशुपालन किये जाने का अनुमोदन किया गया है। -

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने शिवपुरी में विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ
शिवपुरी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में श्रीमंत माधवराव सिंधिया सेवा स्वास्थ्य मिशन और रोटरी रीजनल मेडिकल मिशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन किया।इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने दिव्यांगजन किट वितरण शिविर में 5260 दिव्यांगजन भाइयों-बहनों को 22,475 सहायक उपकरण सौंपे और 786 दिव्यांगजनों को स्वयं अपने हाथों से सहायक उपकरण प्रदान किए।
कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा की यह परंपरा नई नहीं है, बल्कि इसकी नींव वर्षों पहले उनके पिता माधवराव सिंधिया ने रखी थी। उन्होंने दूरदराज के ग्रामीण अंचलों तक आधुनिक चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाने के उद्देश्य से बड़े शहरों से डॉक्टरों को गांव-गांव भेजने की परिकल्पना की थी, जो आज एक व्यापक मिशन के रूप में साकार होती दिखाई दे रही है।
‘ज्ञानदाता’ और ‘अन्नदाता’ के बाद सिंधिया ने किया ‘जानदाता’ को नमन
केंद्रीय मंत्री ने चिकित्सक को “जानदाता” की संज्ञा देते हुए कहा कि चिकित्सकों के यह नाम एक दम सही है क्योंकि वे जीवन देने का कार्य करते हैं। जिस प्रकार शिक्षकों को “ज्ञानदाता” और किसानों को “अन्नदाता” के रूप में सम्मान दिया गया है, उसी प्रकार चिकित्सक को “जानदाता” कहकर सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने मंच से कहा कि उनके लिए ये तीनों ही वर्ग इस धरती पर ईश्वर के समान हैं और वे “जानदाता, ज्ञानदाता और अन्नदाता” तीनों को हृदय से प्रणाम करते हैं।
शिवपुरी में लग रहा आधुनिक सुविधाओं के विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर स्वास्थ्य
शिविर का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 17 से 24 मार्च तक लगने जा रहे इस विशाल स्वास्थ्य शिविर में एम्स दिल्ली, एम्स भोपाल और मेदांता जैसे देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों से सैकड़ों विशेषज्ञ चिकित्सक शिवपुरी पहुँचे हैं और विभिन्न आधुनिक मशीनों से सुसज्जित चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इस स्वास्थ्य शिविर में प्रतिदिन 25,000 ओपीडी और 500 से 700 ऑपरेशन की व्यवस्था की गई है। जिस स्तर की चिकित्सा व्यवस्था आज शिवपुरी में स्थापित हुई है, वह शायद आसपास के कई जिलों में भी उपलब्ध नहीं है।
दिव्यांगजनों को वितरित किए जा चुके हैं कुल 7 करोड़ रुपये के सहायक उपकरण
केन्द्रीय मंत्री ने शिवपुरी में दिव्यांगजन किट वितरण शिविर के दौरान दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज का दायित्व है कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान किए जाएँ। उन्होंने बताया कि अशोकनगर में आयोजित शिविर में 1456 दिव्यांगजनों को 5172 उपकरण प्रदान किए गए, जबकि कल गुना में 1929 दिव्यांगजनों को लगभग 8500 उपकरण वितरित किए गए। आज शिवपुरी में 5260 लाभार्थियों के लिए 22,475 सहायक उपकरण, लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से प्रदान किए जा रहे हैं। इस प्रकार पूरे संसदीय क्षेत्र में कुल 8640 दिव्यांगजनों को लगभग 35,884 सहायक उपकरण, लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
786 दिव्यांगजनों से स्वयं मिलकर दिया उपकरण, हेलमेट पहनने की दी सीख
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने शिविर में उपस्थित सभी 786 दिव्यांगजनों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें सहायक उपकरण प्रदान किए। उन्होंने कई लाभार्थियों को स्वयं ट्राइसाइकिल सौंपते हुए उन्हें सम्मानित भी किया। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनने की सलाह दी और मंच से ही यह भी दिखाया कि हेलमेट को किस प्रकार लॉक और अनलॉक किया जाता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी लाभार्थियों को सुरक्षित तरीके से इन उपकरणों का उपयोग करना चाहिए।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके जीवन का उद्देश्य है कि क्षेत्र का प्रत्येक व्यक्ति सशक्त, स्वावलंबी और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” लक्ष्य तभी संभव होगा जब देश का प्रत्येक नागरिक इस यात्रा का सहभागी बने।
यह लोग उपस्थित रहे
ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी प्रद्युम्न सिंह तोमर, शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, कोलारस विधायक महेन्द्र यादव, कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक का अमन सिंह राठौड़, भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव, भूपेंद्र जैन, डॉ.वीरेंद्र गंगवाल, डॉ.अनूप राज चौपड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव, नपा अध्यक्ष गायत्री शर्मा, सांसद प्रतिनिधि राकेश गुप्ता, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य केशव सिंह तोमर, विजय शर्मा, जिला महामंत्री भाजपा लवलेश जैन, योगेंद्र रघुवंशी, के.पी.परमार, जिला मीडिया प्रभारी मुकेश जैन पत्रकार, अशोक ठाकुर, हरवीर सिंह रघुवंशी, सतीश शर्मा, जिला मंत्री भाजपा नीरज तोमर, डॉ रश्मि गुप्ता, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, पूर्व मंत्री सुरेश राठखेड़ा, पूर्व विधायक माखनलाल राठौर, पूर्व नपा अध्यक्ष मुन्ना लाल कुशवाह सहित अधिकारी, कर्मचारीगण, बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं उनके परिजन उपस्थित थे। -

मंडला में जनपद CEO के खिलाफ सरपंचों का प्रदर्शन, 42 जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से की शिकायत; 7 दिन में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
मंडला। मध्यप्रदेश के मंडला जिले में बीजाडांडी जनपद पंचायत क्षेत्र के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने जनपद पंचायत CEO के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जनपद सीईओ बसंती दुबे को पद से हटाने की मांग को लेकर 42 सरपंचों जनपद अध्यक्ष और सदस्यों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।प्रदर्शन कर रहे जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। सरपंचों ने सीईओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हर कार्य में कमीशन की मांग की जाती है और काम समय पर नहीं किए जाते जिससे पंचायतों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जनपद स्तर पर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही है और अधिकारियों द्वारा मनमानी तरीके से कार्य किया जा रहा है। सरपंचों का कहना है कि प्रशासनिक सहयोग के बजाय उन्हें अनावश्यक दबाव का सामना करना पड़ रहा है जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पंचायतों में कोई भी काम सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है और स्थानीय स्तर पर समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इससे पहले भी निवास जनपद क्षेत्र में इसी तरह के आरोपों को लेकर एक अन्य सीईओ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है जिससे यह मुद्दा और गंभीर हो गया है।
इस मामले में जनपद सीईओ की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं शिकायतकर्ताओं में राजेंद्र पुटा मदन सिंह और पुष्पा मरकाम शामिल हैं जिन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पूरे मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि तय समय सीमा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो जिले में बड़ा जनआंदोलन देखने को मिल सकता है।
-

मध्यप्रदेश ने HPV टीकाकरण में देश में पहला स्थान हासिल किया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वास्थ्य टीम को दी बधाई
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की टीम एएनएम आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एचपीवी HPV टीकाकरण अभियान में शानदार प्रदर्शन करने पर बधाई दी है। अभियान के तहत मात्र 15 दिनों में प्रदेश की 1 लाख से अधिक बेटियों को वैक्सीन दी गई जिससे मध्यप्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया।मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू किया गया था ताकि बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित किया जा सके। डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के सफल क्रियान्वयन में स्वास्थ्य विभाग की टीम और स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है।
इस पहल से न केवल बेटियों को गंभीर बीमारी से बचाने में मदद मिलेगी बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता और टीकाकरण के प्रति समुदाय में भी सकारात्मक संदेश जाएगा।
-

बुंदेलखंड के लोक-हृदय में रचे-बसे प्रभु श्रीराम, कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी
सागर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय, सागर में ‘बुंदेलखंड के लोक-हृदय में श्रीराम’ विषय पर सोमवार को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का गरिमामय शुभारंभ हुआ। रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. विनोद मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में देश-दुनिया के प्रख्यात विद्वानों ने श्रीराम के लोक-व्यापी स्वरूप और बुंदेलखंड की संस्कृति में उनके गहरे प्रभाव पर गहन मंथन किया।प्राचार्य का संबोधन और वैचारिक आधार
संगोष्ठी की संरक्षक एवं प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि श्रीराम केवल एक नाम मात्र नहीं, बल्कि नर और नारायण के साक्षात् रूप हैं। उन्होंने भारत को ऋषि-मुनियों की धरा बताते हुए कहा कि श्रीराम का जीवन एक विशाल वटवृक्ष की भांति है, जिसकी छाया में संपूर्ण मानवता पल्लवित होती है। डॉ. गुप्ता ने रेखांकित किया कि बुंदेलखंड में रामलीलाओं के मंचन के माध्यम से रामकथा हर वर्ष जीवंत होती है और यहाँ की लोक-कथाओं व गीतों में राम पूरी तरह रचे-बसे हैं।अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. विनोद मिश्र ने कहा कि पिछले 500 वर्षों से भले ही कई लोगों ने राम की सत्यता को विवादास्पद बनाने की कोशिश की, लेकिन लोक मानस में उनकी जड़ें अत्यंत गहरी हैं। उन्होंने हिंदी और बुंदेली कवियों के योगदान को सराहते हुए कहा कि इन साहित्यकारों ने राम के आदर्शों और सौंदर्य को आधार बनाकर कालजयी साहित्य की रचना की है।
सत्र में आशीर्वचन देते हुए महंत केशव गिरि जी महाराज ने श्रीराम को अखंड ब्रह्मांड के कण-कण का प्राण बताया। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि माता-पिता की सेवा ही सच्ची भक्ति है और अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे नई पीढ़ी को कुसंग और नशे से बचाकर सन्मार्ग पर ले जाएं।
कार्यक्रम में डॉ. नीरज दुबे ने महाविद्यालय के शोधपरक वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा से अधिक संस्कार की आवश्यकता है। वहीं डॉ. शक्ति जैन ने जैन पद्मपुराण में वर्णित श्रीराम की कथा का उल्लेख करते हुए उनके आदर्शों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात विद्वान पं. श्यामसुंदर दुबे ने अपने बीज वक्तव्य में ‘लोक स्मृति’ और ‘लोक उपाख्यान’ पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि लोक स्मृति इतिहास निर्माण में सहायक होती है। जहाँ वाल्मीकि ने रामायण में लोक स्मृतियों के माध्यम से रामचरित का संकेंद्रण किया, वहीं तुलसीदास ने लोक कथाओं और गीतों के माध्यम से राम को जन-जन में स्थापित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राम बुंदेलखंड के हास-परिहास, करुणा, स्नेह और संपत्ति-विपत्ति, हर परिस्थिति में विद्यमान हैं।
उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. अमर कुमार जैन ने किया और आभार डॉ. आशीष द्विवेदी ने व्यक्त किया। संगोष्ठी में रिपोर्टिंग और मीडिया समन्वय का महत्वपूर्ण दायित्व डॉ. रेणु सोलंकी, डॉ. संदीप सबलोक एवं रश्मि दुबे ने संभाली।
अगस्त्य संस्थान भोपाल के अध्यक्ष श्री प्रभु दयाल मिश्र की अध्यक्षता में संगोष्ठी के द्वितीय सत्र में ‘बुंदेलखंड के ऐतिहासिक पटल पर श्रीराम की भूमिका’ विषय पर चर्चा करते हुए नॉर्वे से पधारे मुख्य वक्ता एवं प्रवासी साहित्यकार डॉ. सुरेश चंद्र शुक्ला ने कहा कि भगवान श्रीराम का व्यक्तित्व भौगोलिक सीमाओं से परे है। उन्होंने कहा, “सिर्फ बुंदेलखंड या भारत ही नहीं, बल्कि नॉर्वे समेत दुनिया के कई देशों में श्रीराम के व्यक्तित्व को आत्मसात किया गया है। उनके आदर्श आज भी वैश्विक शांति और मानवीय मूल्यों के लिए पथ-प्रदर्शक हैं।

इस सत्र में डॉ नागेश दुबे डॉ. किरण आर्य तथा डॉ आशीष द्विवेदी ने भी अपने विचार रखते हुए बुंदेलखंड के जनमानस में भगवान श्री राम के विराट स्वरूप पर चर्चा की।इस अवसर पर महाविद्यालय के शोधपरक वातावरण को दर्शाती पांच से अधिक पुस्तकों और पत्रिकाओं का विमोचन किया गया, जिनमें मुख्य रूप से ‘बुंदेलखंड एक दृष्टि – बुंदेली विश्वकोश’, ‘पर्यावरणीय चुनौतियां’, ‘उत्कर्ष’ (ई-जर्नल), और ‘अन्त्योदय न्यूज बुलेटिन’ शामिल रहे। सत्र के द्वितीय सत्र में डॉ हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय से चंदा बैन ने कहा रामचरितमानस के प्रत्येक पात्र में राम समाए हुए हैं।
वरिष्ठ पत्रकार एवं हिन्दुस्थान समाचार के ब्यूरो प्रमुख डॉ. मयंक चतुर्वेदी ने भगवान श्री राम के नाम की वैज्ञानिक व्याख्या करते हुए उनकी सार्थकता को सिद्ध किया। डॉ हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय के प्राध्यापक शशि किरण सिंह ने कहा कि लोक के लिए श्री राम ने अपना संपूर्ण जीवन के सुख वैभव का त्याग किया। टीकाराम त्रिपाठी ने कहा बुंदेलखंड में शपथ के रूप में भी रामदई कहा जाता है जो इस बात का प्रमाण है की राम का जीवन बुंदेलखंड में व्याप्त है। पूर्व अतिरिक्त संचालक डॉ राधास बल्लभ शर्मा ने प्रश्नोत्तरी के माध्यम से अपनी बात कही। कार्यक्रम का संचालन डॉ रेणु सोलंकी तथा आभार डॉ शुचिता अग्रवाल ने किया।कार्यक्रम की अंतिम सत्र में श्री राम के ऊपर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें अशोक मिजाज, डॉ श्याम मनोहर सिरोठिया, पूरन सिंह राजपूत, की विशिष्ट उपस्थिति में आयोजित किया गया। काव्य गोष्ठी का संचालन डॉ शैलेंद्र राजपूत ने किया। यह संगोष्ठी कुल छह सत्रों में आयोजित की जा रही है, जिसमें दूसरे दिन मंगलवार को भी कई महत्वपूर्ण शोध पत्र पढ़े जाएंगे।

