Category: Madhya Pradesh

  • नर्मदापुरम में शर्मनाक स्वास्थ्य व्यवस्था: एंबुलेंस नहीं चली, ग्रामीणों ने खुद धक्का दिया, घायल की मौत

    नर्मदापुरम में शर्मनाक स्वास्थ्य व्यवस्था: एंबुलेंस नहीं चली, ग्रामीणों ने खुद धक्का दिया, घायल की मौत


    नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के माखननगर में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर विफलता उजागर हुई है। सोमवार रात माखननगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गंभीर रूप से घायल राजेश मालवीय को रेफर करते समय इमरजेंसी एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई। ग्रामीणों ने आक्रोश में आकर खुद गाड़ी को धक्का दिया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और घायल ने दम तोड़ दिया।

    जानकारी के अनुसार ग्राम माना के पास दो बाइकों की आमने सामने भिड़ंत हुई जिसमें राजेश मालवीय और एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। तत्काल 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया लेकिन गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। परिजन निजी वाहन से घायलों को लगभग 10 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।

    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें नर्मदापुरम जिला अस्पताल रेफर किया। जब परिजनों ने एंबुलेंस से ले जाने को कहा तो अस्पताल स्टाफ ने गाड़ी खराब होने का बहाना दिया। इसके बाद ग्रामीण भड़क गए और अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। तनाव बढ़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची।

    भारी दबाव के बाद एंबुलेंस में घायलों को रखा गया लेकिन वाहन स्टार्ट नहीं हुआ। अंततः ग्रामीणों ने खुद गाड़ी को धक्का दिया जिससे एंबुलेंस रवाना हो सकी। इस देरी के दौरान राजेश मालवीय की मौत हो गई।

    हैरानी की बात यह है कि यह एंबुलेंस विधायक निधि से दान की गई थी। 108 एंबुलेंस के जिला प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि वाहन उनके विभाग का नहीं है और इसकी देखरेख बीएमओ BMO माखननगर की जिम्मेदारी है।  स्थानीय लोगों का आरोप है कि एंबुलेंस में अक्सर डीजल नहीं होता या बैटरी खराब रहती है।इस घटना ने प्रशासन की लापरवाही उजागर कर दी है और एक परिवार का चिराग बुझा दिया। गंभीर घायल को समय पर उचित इलाज नहीं मिलना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर कमियों को सामने लाता है।

  • इंदौर में फिर सुर्खियों में शिलोम जेम्स, मारपीट मकी का नया केस दर्ज; टी-20 जीत के जश्न में हुआ विवाद

    इंदौर में फिर सुर्खियों में शिलोम जेम्स, मारपीट मकी का नया केस दर्ज; टी-20 जीत के जश्न में हुआ विवाद


    इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ा आरोपी एक बार फिर विवादों में आ गया है। साक्ष्य छुपाने के मामले में पहले से आरोपी शिलोम जेम्स के खिलाफ अब मारपीट और धमकाने का एक और मामला दर्ज किया गया है। लसूड़िया थाना पुलिस ने जांच के बाद शिलोम जेम्स और उसके साथी विकास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

    पुलिस के अनुसार 8 मार्च को आईसीसी टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारत की जीत के बाद कॉलोनी में जश्न का माहौल था। इसी दौरान पटाखे फोड़ने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने झगड़े का रूप ले लिया और मामला मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि शिलोम जेम्स और उसके साथी ने पड़ोसियों के साथ न केवल मारपीट की बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।

    इस घटना ने इसलिए भी ज्यादा ध्यान खींचा है क्योंकि शिलोम जेम्स पहले से ही राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी रह चुका है। जांच के दौरान सामने आया था कि उसने मुख्य आरोपियों की मदद की थी और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी। इस मामले में उसकी भूमिका को लेकर पहले ही पुलिस कार्रवाई कर चुकी है।

    अब ताजा मामले के सामने आने के बाद पुलिस शिलोम जेम्स के आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने में जुट गई है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि गंभीर अपराधों में नाम आने के बावजूद आरोपी किस तरह खुलेआम विवादों में शामिल हो रहे हैं।

    लसूड़िया थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे। कुल मिलाकर एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों ने शिलोम जेम्स की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और पुलिस अब उसके खिलाफ हर पहलू से जांच कर रही है।

  • भोपाल में नकली डेयरी उत्पादों का बड़ा खुलासा, मिल्क मैजिक ब्रांड से जुड़े किशन मोदी गिरफ्तार, 20 करोड़ से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला

    भोपाल में नकली डेयरी उत्पादों का बड़ा खुलासा, मिल्क मैजिक ब्रांड से जुड़े किशन मोदी गिरफ्तार, 20 करोड़ से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मिलावटी डेयरी उत्पादों के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ है। जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालक किशन मोदी को प्रवर्तन निदेशालय ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई PMLA 2002 के तहत की गई है।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी कंपनी मिल्क मैजिक ब्रांड के तहत मिलावटी डेयरी उत्पादों का निर्माण और निर्यात कर रही थी। आरोप है कि असली मिल्क फैट की जगह पाम ऑयल और अन्य हानिकारक रसायनों का उपयोग कर नकली डेयरी प्रोडक्ट्स तैयार किए जा रहे थे। इतना ही नहीं इन उत्पादों को असली और गुणवत्तापूर्ण दिखाने के लिए फर्जी लैब परीक्षण रिपोर्ट का सहारा लिया गया।

    ED के अनुसार इन मिलावटी उत्पादों का निर्यात कई विदेशी देशों में किया गया जिनमें बहराइन हांगकांग सिंगापुर ओमान कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं। इस अवैध कारोबार के जरिए कंपनी ने करीब 20.59 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित की जिसे एजेंसी ने अपराध की आय माना है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए ED ने 14 मार्च 2026 को आरोपी किशन मोदी को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय भोपाल के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने आगे की पूछताछ और जांच के लिए उन्हें 18 मार्च 2026 तक ED की रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान एजेंसी आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क सहयोगियों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।

    प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कंपनी लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के सहारे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपने उत्पाद भेज रही थी। इससे न केवल उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ हुआ बल्कि देश की खाद्य निर्यात साख पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर लगाम लगाई जा सके। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।

  • जबलपुर में नाले से मिला बम का खोल, खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से जुड़ाव की आशंका, इलाके में सनसनी

    जबलपुर में नाले से मिला बम का खोल, खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से जुड़ाव की आशंका, इलाके में सनसनी


    जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब नाले की सफाई के दौरान एक घातक बम का खोल कवर बरामद हुआ। यह बम कवर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में निर्मित होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस बम स्क्वॉड और संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय स्तर पर चल रहे सफाई अभियान के दौरान मजदूरों को नाले में संदिग्ध धातु वस्तु दिखाई दी। करीब से देखने पर वह बम का खोल निकला जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने सतर्कता बरतते हुए बम के खोल को अपने कब्जे में ले लिया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जांच प्रक्रिया शुरू की।

    इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया प्रबंधन को पत्र लिखकर बम के खोल के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है। प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि यह खोल भारतीय सेना के उपयोग में आने वाले गोला-बारूद का हिस्सा हो सकता है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    इस घटना ने दो साल पहले हुए एक भीषण हादसे की यादें भी ताजा कर दी हैं। इसी क्षेत्र में स्थित एक स्क्रैप गोदाम में विस्फोट हुआ था जिसमें भारी नुकसान हुआ था। उस मामले में अवैध रूप से गोला-बारूद से जुड़े सामान के भंडारण और कारोबार की आशंका सामने आई थी। अब ताजा बरामदगी के बाद उसी कड़ी को फिर से जोड़ा जा रहा है।

    सूत्रों के मुताबिक इस बम के खोल का संबंध इलाके के हिस्ट्रीशीटर शमीम कबाड़ी से भी हो सकता है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है।

    गौरतलब है कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में भारतीय सेना के लिए अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक गोला-बारूद तैयार किया जाता है। ऐसे में फैक्ट्री से जुड़े किसी भी सामग्री का बाहर मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    फिलहाल पुलिस और बम निरोधक दस्ता पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहा है। आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चलाया जा सकता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और इस तरह की सामग्री तो नहीं फेंकी गई है।

  • चूड़ियां सिंदूर के साथ मैदान में उतरीं महिलाएं, नरसिंहपुर का सिंदूर कप बना सशक्तिकरण की मिसाल

    चूड़ियां सिंदूर के साथ मैदान में उतरीं महिलाएं, नरसिंहपुर का सिंदूर कप बना सशक्तिकरण की मिसाल


    नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में खेल और महिला सशक्तिकरण का एक अनोखा संगम देखने को मिला जब स्टेडियम ग्राउंड में गृहणियों और कामकाजी महिलाओं ने क्रिकेट के मैदान पर अपने जज्बे का शानदार प्रदर्शन किया। हाथों में चूड़ियां माथे पर सिंदूर और दिल में जीत का जुनून लिए इन महिलाओं ने सिंदूर कप के जरिए यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी दायरे की मोहताज नहीं होती।

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम की महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में शानदार सफलता से प्रेरित होकर आयोजित इस टूर्नामेंट ने जिले में नई ऊर्जा भर दी। आमतौर पर घर परिवार की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने वाली महिलाओं ने जब बल्ला और गेंद थामी तो मैदान पर चौके छक्कों की बारिश होने लगी और दर्शक भी आश्चर्यचकित रह गए।

    स्टेडियम मैदान पर आयोजित सिंदूर कप में जिले की छह विवाहित महिला टीमों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं। एक ओर महिला पुलिसकर्मियों की टीम थी तो दूसरी ओर शिक्षिकाएं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं मैदान में उतरीं। सभी टीमों ने पूरे जोश और खेल भावना के साथ मुकाबला किया।

    दो दिनों तक चले इस रोमांचक टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला पुलिस इलेवन और शिक्षा विभाग की टीम के बीच खेला गया। मैच के दौरान कभी शिक्षिकाओं की बल्लेबाजी हावी नजर आई तो कभी महिला पुलिसकर्मियों की सटीक गेंदबाजी ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया। अंततः कड़े संघर्ष के बाद पुलिस इलेवन टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंदूर कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

    इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकालकर खेल स्वास्थ्य और आत्मविश्वास से जोड़ना था। टूर्नामेंट के दौरान महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। वे पूरे जोश के साथ खेलते हुए अपने बचपन के दिनों को फिर से जीती नजर आईं।

    सिंदूर कप न केवल एक खेल प्रतियोगिता रहा बल्कि यह महिलाओं के आत्मबल सामूहिकता और सामाजिक भागीदारी का भी प्रतीक बनकर उभरा। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि अगर अवसर मिले तो महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।

  • शहडोल में बेलगाम खनन माफिया, दफ्तर तक कर रहे रेकी; एक साल में 222 केस, 70 लाख से अधिक जुर्माना वसूला

    शहडोल में बेलगाम खनन माफिया, दफ्तर तक कर रहे रेकी; एक साल में 222 केस, 70 लाख से अधिक जुर्माना वसूला


    भोपाल। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए मध्यप्रदेश से बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य पुलिस विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की दिशा में सरकार ने तेज़ी दिखाई है। इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय की चयन एवं भर्ती शाखा ने करीब 10 हजार पदों पर भर्ती का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।

    प्रस्तावित भर्ती में सबसे अधिक पद आरक्षक कांस्टेबल के होंगे। जानकारी के अनुसार कुल 10 हजार पदों में से लगभग 7500 पद आरक्षकों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा 1 हजार पद ड्राइवर के और करीब 1200 पद मिनिस्ट्रियल स्टाफ के शामिल किए गए हैं। यह भर्ती न केवल पुलिस बल को मजबूत करेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों को भी गति प्रदान करेगी।

    दरअसल, मध्यप्रदेश पुलिस में लंबे समय से पदों की कमी बनी हुई है। वर्तमान में केवल आरक्षक वर्ग में ही करीब 13 हजार पद खाली बताए जा रहे हैं। ऐसे में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए इन पदों को भरना बेहद जरूरी हो गया है। यही कारण है कि सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है।

    सूत्रों के अनुसार, हर साल बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी रिटायर होते हैं, जिससे विभाग में लगातार रिक्तियां बढ़ती जा रही हैं। अनुमान है कि हर वर्ष लगभग 11 से 12 हजार पुलिसकर्मी सेवा निवृत्त हो जाते हैं। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही 22 हजार पदों पर भर्ती का ऐलान किया था। अब उसी योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से भर्तियां की जा रही हैं।

    वहीं, वर्ष 2025 की पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया फिलहाल जारी है और उम्मीदवारों के फिजिकल टेस्ट लिए जा रहे हैं। इसके बाद लिखित परीक्षा और अन्य प्रक्रियाओं के जरिए चयन किया जाएगा। इस बीच नई भर्ती की तैयारी से उन युवाओं में भी उत्साह बढ़ गया है जो लंबे समय से पुलिस विभाग में नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में भर्ती होने से न केवल बेरोजगारी कम होगी, बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था भी अधिक सुदृढ़ होगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पुलिस बल की उपस्थिति बढ़ने से अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश पुलिस में प्रस्तावित यह बंपर भर्ती युवाओं के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकती है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार की मंजूरी और भर्ती प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।

  • गौरीघाट की नर्मदा महाआरती में बड़ा बदलाव गंगा आरती मॉडल से बनेगी पारदर्शी फंडिंग व्यवस्था

    गौरीघाट की नर्मदा महाआरती में बड़ा बदलाव गंगा आरती मॉडल से बनेगी पारदर्शी फंडिंग व्यवस्था

    जबलपुर के गौरीघाट में होने वाली प्रसिद्ध नर्मदा महाआरती की व्यवस्था में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है प्रशासन अब इसकी वित्तीय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में सक्रिय हो गया है हाल ही में मिली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे

    प्रशासन का साफ कहना है कि धार्मिक गतिविधियों में किसी तरह का अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा लेकिन यदि फंडिंग और प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है उद्देश्य यह है कि महाआरती से जुड़ी आर्थिक व्यवस्था पारदर्शी हो और आम लोगों का विश्वास मजबूत बना रहे

    इस सुधार प्रक्रिया में वाराणसी की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती को मॉडल के रूप में अपनाने की योजना बनाई जा रही है वाराणसी में गंगा आरती का संचालन मुख्य रूप से दान स्थानीय समितियों और श्रद्धालुओं के स्वैच्छिक योगदान से होता है इसके अलावा विशेष अवसरों और VIP बैठने की व्यवस्था के लिए शुल्क भी लिया जाता है जिससे आयोजन के लिए आवश्यक धन जुटाया जाता है

    वाराणसी के दशाश्वमेघ घाट पर होने वाली आरती में चंदा और बुकिंग की सुव्यवस्थित प्रणाली है जिसे स्थानीय समितियां और पुजारी मिलकर संचालित करते हैं वहीं गंगा सेवा निधि जैसी संस्थाएं पूरे आयोजन के प्रबंधन और वित्तीय संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं जरूरत पड़ने पर घाटों के विकास के लिए सरकारी सहयोग भी लिया जाता है

    इसी व्यवस्था से प्रेरणा लेते हुए जबलपुर में भी नर्मदा महाआरती के लिए एक संगठित और जवाबदेह तंत्र तैयार करने की योजना है जिससे दान राशि का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश खत्म हो

    नर्मदा महाआरती का इतिहास भी काफी दिलचस्प है वर्ष 2012 में इसकी शुरुआत हुई थी जब स्थानीय निवासी सुधीर अग्रवाल और उनकी नर्मदा भक्त मंडली ने 28 जनवरी को पहली बार आरती का आयोजन किया था बाद में 3 फरवरी को इसे भव्य रूप दिया गया शुरुआती आयोजन के दौरान बारिश होने जैसी घटनाएं भी हुईं लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह ने इसे एक बड़े धार्मिक आयोजन में बदल दिया

    हालांकि हाल के दिनों में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उठे सवालों पर महाआरती की व्यवस्था देख रहे ओंकार दुबे ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है उनका कहना है कि पूरी व्यवस्था ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ संचालित की जा रही है और जो भी धनराशि प्राप्त होती है उसका बड़ा हिस्सा दैनिक और विशेष आयोजनों में खर्च हो जाता है

    अब देखना यह होगा कि प्रशासन की जांच और प्रस्तावित सुधारों के बाद नर्मदा महाआरती का प्रबंधन किस तरह से नया स्वरूप लेता है लेकिन इतना तय है कि पारदर्शिता बढ़ने से श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा और यह आयोजन और भी व्यवस्थित रूप में सामने आएगा

  • मध्यप्रदेश पुलिस में बंपर भर्ती की तैयारी, 10 हजार पदों पर जल्द शुरू होगी प्रक्रिया

    मध्यप्रदेश पुलिस में बंपर भर्ती की तैयारी, 10 हजार पदों पर जल्द शुरू होगी प्रक्रिया


    भोपाल। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए मध्यप्रदेश से बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य पुलिस विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की दिशा में सरकार ने तेज़ी दिखाई है। इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय की चयन एवं भर्ती शाखा ने करीब 10 हजार पदों पर भर्ती का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।

    प्रस्तावित भर्ती में सबसे अधिक पद आरक्षक कांस्टेबल के होंगे। जानकारी के अनुसार कुल 10 हजार पदों में से लगभग 7500 पद आरक्षकों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा 1 हजार पद ड्राइवर के और करीब 1200 पद मिनिस्ट्रियल स्टाफ के शामिल किए गए हैं। यह भर्ती न केवल पुलिस बल को मजबूत करेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों को भी गति प्रदान करेगी।

    दरअसल, मध्यप्रदेश पुलिस में लंबे समय से पदों की कमी बनी हुई है। वर्तमान में केवल आरक्षक वर्ग में ही करीब 13 हजार पद खाली बताए जा रहे हैं। ऐसे में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए इन पदों को भरना बेहद जरूरी हो गया है। यही कारण है कि सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है।

    सूत्रों के अनुसार, हर साल बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी रिटायर होते हैं, जिससे विभाग में लगातार रिक्तियां बढ़ती जा रही हैं। अनुमान है कि हर वर्ष लगभग 11 से 12 हजार पुलिसकर्मी सेवा निवृत्त हो जाते हैं। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही 22 हजार पदों पर भर्ती का ऐलान किया था। अब उसी योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से भर्तियां की जा रही हैं।

    वहीं, वर्ष 2025 की पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया फिलहाल जारी है और उम्मीदवारों के फिजिकल टेस्ट लिए जा रहे हैं। इसके बाद लिखित परीक्षा और अन्य प्रक्रियाओं के जरिए चयन किया जाएगा। इस बीच नई भर्ती की तैयारी से उन युवाओं में भी उत्साह बढ़ गया है जो लंबे समय से पुलिस विभाग में नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में भर्ती होने से न केवल बेरोजगारी कम होगी, बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था भी अधिक सुदृढ़ होगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पुलिस बल की उपस्थिति बढ़ने से अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश पुलिस में प्रस्तावित यह बंपर भर्ती युवाओं के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकती है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार की मंजूरी और भर्ती प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।

  • MP: भोपाल में MP नगर स्थित सरकारी दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

    MP: भोपाल में MP नगर स्थित सरकारी दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के व्यस्त इलाके एमपी नगर स्थित नापतौल विभाग के दफ्तर (Metrology Department Office) में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ईमेल के जरिए विभाग को बम से उड़ाने की धमकी दी गई. ईमेल में दावा किया गया था कि दफ्तर के भीतर साइनाइड गैस के 16 सिलेंडर रखे गए हैं.

    दफ्तर के सुपरिटेंडेंट श्यामू सोलंकी ने बताया, “ईमेल चेक करते समय सुबह 10:20 बजे मुझे एक मैसेज मिला, जिसमें लिखा था कि विभाग के दफ्तर के अंदर साइनाइड गैस से भरे 16 सिलेंडर रखे गए हैं और वे दोपहर करीब 1 बजे फट जाएंगे.”

    इसके बाद अपने सीनियर अधिकारियों से संपर्क किया और पुलिस को इसकी सूचना दी गई. उन्होंने बताया कि बम निरोधक दस्ते के जवान और खोजी कुत्तों के साथ पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर की तलाशी ली. उन्होंने आगे बताया कि एहतियात के तौर पर दफ्तर को खाली करा लिया गया था.

    सोलंकी ने बताया कि पुलिस को दफ़्तर में कोई सिलेंडर या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली. इससे पहले भी भोपाल में पीपल्स यूनिवर्सिटी और AIIMS को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे, लेकिन वे अलर्ट भी झूठे निकले थे.

    भोपाल सिटी जोन 2 के पुलिस उपायुक्त (DCP) विवेक सिंह ने बताया कि ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए जांच चल रही है. उन्होंने शक जाहिर किया कि पूरे देश में इस तरह के ईमेल भेजने के पीछे किसी गिरोह का हाथ हो सकता है, जो नकली नामों का इस्तेमाल कर रहा है. दोपहर 1:10 बजे से अपना काम फिर से शुरू कर दिया।

  • एमपी में 18 मार्च से बदलेगा मौसम, आधे प्रदेश में आंधी-बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में अलर्ट

    एमपी में 18 मार्च से बदलेगा मौसम, आधे प्रदेश में आंधी-बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में 18 मार्च से मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से अगले तीन दिनों तक राज्य के करीब आधे जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इसका असर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत कई बड़े शहरों में भी देखने को मिलेगा। हालांकि, इससे पहले सोमवार को पूरे प्रदेश में गर्मी का असर बना रहा और मंगलवार को भी तेज गर्मी पड़ने के आसार हैं।

    मौसम विभाग के मुताबिक 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस मध्य प्रदेश के मौसम को भी प्रभावित करेगा। इसके कारण 18, 19 और 20 मार्च के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।मौसम विभाग के मुताबिक 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस मध्य प्रदेश के मौसम को भी प्रभावित करेगा। इसके कारण 18, 19 और 20 मार्च के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मार्च के इस सीजन में पहली बार इतना मजबूत सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इसके असर से 3 से 4 दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं आंधी और बारिश, कहीं गरज-चमक तो कहीं बादल छाए रहने की स्थिति बन सकती है।

    अभी तीन सिस्टम एक्टिव, फिर भी गर्मी का असर

    मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवातीय परिसंचरण) और एक ट्रफ लाइन सक्रिय है, लेकिन इनका खास असर देखने को नहीं मिला। यही वजह है कि सोमवार को प्रदेश के अधिकांश इलाकों में गर्मी बनी रही। खरगोन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, सिवनी, मंडला, टीकमगढ़, सागर और खजुराहो में पारा 37 डिग्री या उससे अधिक रहा। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 35.2 डिग्री, इंदौर में 35 डिग्री, ग्वालियर में 34.1 डिग्री और उज्जैन में 35 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    अप्रैल-मई में बढ़ेगी गर्मी, चल सकती है लू

    मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस साल अप्रैल और मई में गर्मी अपने चरम पर रह सकती है। इन महीनों में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी तेज गर्मी की चपेट में रहेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक इस बार अप्रैल और मई के दौरान हीट वेव यानी लू चलने की भी संभावना है, जो करीब 15 से 20 दिनों तक रह सकती है।