Category: Madhya Pradesh

  • "परीक्षा पे चर्चा": लेसन प्लान विद्यार्थियों के साथ पूर्व से ही साझा करें : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

    "परीक्षा पे चर्चा": लेसन प्लान विद्यार्थियों के साथ पूर्व से ही साझा करें : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी


    भोपाल ! प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में विद्याथिर्यों से संवाद कर परीक्षा से जुड़े तनाव और शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट विद्यालय, जबलपुर के छात्र श्री आयुष तिवारी ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से प्रश्न किया कि कई बार वे शिक्षकों की पढ़ाने की गति से तालमेल नहीं बिठा पाते हैं, उसे कैसे मैच करें? इस पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विद्यार्थियों को समझाते हुए शिक्षकों से भी आग्रह किया कि अपने अध्‍यापन की स्‍पीड विद्यार्थियों के सीखने की गति के अनुरूप रखें। लेसन प्‍लान विद्याथिर्यों के साथ पूर्व से ही साझा करें। विद्यार्थी वह चेप्‍टर पहले से पढें, अध्‍ययन करें जो शिक्षक भविष्‍य में कक्षा में पढाने वाले हैं। उन्‍होंने कहा कि शिक्षकों की गति से सामंजस्‍य बैठाने का सबसे अच्‍छा तरीका यह है कि पहले अपने को जोड़ो, फिर मन को जोड़ो। उसके बाद पढाई के विषय शुरू करो। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मन को जोड़ने का अर्थ है, विषय की तमाम जानकारियां जुटाना और जोड़ने का अर्थ है, एकाग्रता बनाए रखना। इससे आपकी समझ मजबूत होगी और आप एक कदम आगे चलेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विद्यार्थियों के साथ आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में तनावमुक्त जीवन, समय प्रबंधन, अनुशासन, जीवन कौशल एवं व्यवसायिक विकास के महत्वपूर्ण मंत्र दिए। इसके साथ ही उन्‍होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

    2018 से लगातार हो रहा आयोजन

    प्रधानमंत्री श्री मोदी वर्ष 2018 से परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान परीक्षाओं के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष यह कार्यक्रम का 9 वां संस्करण था। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश भर से आये विद्यार्थियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर किया गया।

    जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता- शिक्षा मंत्री श्री सिंह

    परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में स्‍कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा कन्या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री श्री मोदी के परीक्षा मंत्र सुने। मंत्री श्री सिंह ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से प्रधानमंत्री के द्वारा दिए गए सूत्रों और विचारों को आत्‍मसात कर परीक्षाओं की तैयारी करने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुशासन को मजबूत करने और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता। समय अनुशासन सिखाता है और अनुशासन के साथ जिया गया जीवन ही सफलता की सच्ची पहचान है। जब तक असंभव को करने का प्रयास नहीं किया जाएगा, तब तक असाधारण उपलब्धियां संभव नहीं हैं।

    शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय भोपाल में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम

    परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का भोपाल के शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम हुआ। यहां पर स्‍कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल ने विशिष्‍ट जनों, वरिष्‍ठ अधिकारी, अभिभावक और विद्यार्थियों के साथ सजीव प्रसारण में सहभागिता की। संचालक लोक शिक्षण श्री केके द्व‍िवेदी सहि‍त कार्यक्रम के नोडल अधिकारी संयुक्‍त संचालक श्री एच.एन. नेमा भी उपस्थित रहे।

    प्रदेश में राज्य शैक्षिक अनुसंधान, प्रशिक्षण परिषद (SCERTS), सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों (DIETS) और प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्‍त विद्यालयों में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को समारोह पर्वूक आयोजित किया गया। उक्‍त कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में विद्यार्थियों ने उत्‍साहपूर्वक सहभागिता की। प्रदेश के स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा स्‍थापित की गई थी।

    9 फरवरी को होगा अगला प्रसारण

    परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का अगला प्रसारण 9 फरवरी 2026 को होगा। जिसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी देश के विभिन्‍न अंचलों के विद्यार्थियों के साथ चर्चा करेंगे। यह कार्यक्रम विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर सुबह 10 बजे से प्रसारित किया जायेगा। प्रदेश के विद्यालयों में उक्‍त कार्यक्रम के सजीव प्रसारण की व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

  • ग्वालियर में सात गांवों में ओलावृष्टि से 250 हैक्टेयर फसल बर्बाद, सर्वे टीम ने पहुंचकर किया नुकसान का आकलन

    ग्वालियर में सात गांवों में ओलावृष्टि से 250 हैक्टेयर फसल बर्बाद, सर्वे टीम ने पहुंचकर किया नुकसान का आकलन


    ग्वालियर चीनोर क्षेत्र के सात गांवों में दो और तीन फरवरी की रात हुई ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने के लिए सात दल गठित किए हैं इन दलों में राजस्व विभाग कृषि विभाग और पंचायत के कर्मचारी शामिल हैं

    गुरुवार तक सर्वे दलों ने सात सौ से अधिक किसानों के खेतों का दौरा किया और लगभग 250 हैक्टेयर फसल प्रभावित पाई गई फिलहाल खेतों में गेहूं और सरसों की फसल पकी नहीं है बालियां ही निकल रही हैं ऐसे में क्राप कटिंग विधि से नुकसान का आकलन नहीं किया जा सकता इसलिए टीम नेत्रांकन विधि से फसल में दिख रहे नुकसान का आंकलन कर रही है

    सर्वे में खेत-दर-खेत जाकर नुकसान का मापन किया जाता है टीम रैंडम रूप से कुछ हिस्से चुनती है और वहां पौधों की स्थिति देखकर नुकसान तय करती है यदि नुकसान 33 प्रतिशत या उससे अधिक होता है तो किसान मुआवजे का हकदार बनता है कम नुकसान होने पर शासन की ओर से राहत राशि नहीं मिलती

    ओलावृष्टि से सबसे अधिक प्रभावित गांव कछौआ रहा अकेले यहां चार सौ किसानों के खेतों का सर्वे किया गया अन्य छह गांवों में प्रभावित किसानों की संख्या 300 थी कुल मिलाकर सात सौ किसानों के खेतों तक सर्वे दल पहुंच चुके हैं चीनोर तहसील के अन्य प्रभावित गांवों में बड़की सराय सिकरौदा भौरी खुर्दपार्क जुझारपुर और कछौआ शामिल हैं

    कलेक्टर सहित प्रशासन के अफसर भी मैदान में उतर गए थे और सर्वे दलों को नुकसान का आकलन करने के आदेश दिए गए राजस्व विभाग के अफसरों के मुताबिक ओलावृष्टि से फसल नुकसान की सही स्थिति दो से तीन दिन में सामने आएगी सर्वे अंत में पंचनामा तैयार किया जाता है जिसमें किसान का नाम खसरा नंबर फसल का नाम ओलावृष्टि का समय तीव्रता कुल रकबा और क्षतिग्रस्त हिस्से का विवरण दर्ज किया जाता है सर्वे के दौरान पशु हानि होने पर उसका भी विवरण लिखा जाता है ताकि पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिया जा सके

  • ओंकारेश्वर में ब्लड डोनेशन यूनिट शुरू रक्तदाताओं को वीआईपी दर्शन पास मिलेगा..

    ओंकारेश्वर में ब्लड डोनेशन यूनिट शुरू रक्तदाताओं को वीआईपी दर्शन पास मिलेगा..


    खंडवा जिले में ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट और रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से एक ब्लड डोनेशन यूनिट शुरू की जा रही है इस यूनिट के माध्यम से जो भी श्रद्धालु रक्तदान करेगा उसे ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में वीआईपी एंट्री पास दिया जाएगा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि एक महीने के भीतर यह व्यवस्था शुरू की जाए काशी विश्वनाथ तिरुपति बालाजी और शिर्डी में पहले से इस तरह की व्यवस्था चल रही है

    कलेक्टर ने कहा कि रक्तदान करने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र दिए जाएं जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ अनिरुद्ध कौशल को निर्देश दिए गए कि ब्लड बैंक में आने वाले रक्तदाताओं को फल ताजा रस स्मृति चिन्ह और कैरी बैग चाबी का छल्ला जैसे प्रोत्साहन दिए जाएं इसके साथ ही रक्तदान शिविरों का प्रचार-प्रसार किया जाए और रक्तदाताओं को चार माह बाद रिमाइंडर भेजने की सुविधा भी लागू की जाए

    वहीं इंदौर के विजयनगर क्षेत्र में 2 फरवरी को 20 वर्षीय नवविवाहिता मोनिका पटेल ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली पुलिस ने मामले की जांच पूरी होने के बाद पति रितेश पटेल और सास राधा पटेल को आरोपी बनाया है पुलिस ने मृतका के परिजनों के आरोप और एसीपी पराग सैनी की जांच रिपोर्ट के आधार पर दहेज प्रताड़ना धारा 498 ए और आत्महत्या के लिए उकसाने धारा 306 के तहत प्रकरण दर्ज किया है

    जांच में सामने आया कि विवाह के बाद मोनिका को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था पिता हीरालाल चौहान ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही मोनिका को ससुराल में परेशान किया जा रहा था बड़ी बेटी ने बताया कि मोनिका मानसिक तनाव में थी और लगातार परेशान की जा रही थी रितेश पटेल ने प्रारंभिक बयान में कहा कि घटना के समय वह घर पर नहीं था और आत्महत्या से पहले सिलाई के कपड़े को लेकर कहासुनी हुई थी

    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है जल्द ही आरोपियों से पूछताछ की जाएगी यह प्रकरण दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को उजागर करता है जबकि ओंकारेश्वर में रक्तदान पहल समाज में लोगों को स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए प्रेरित करेगी और श्रद्धालुओं को उनकी सेवा के लिए सम्मान प्रदान करेगी

  • MP Board Exam: शिक्षक और कर्मचारी परीक्षा ड्यूटी से नहीं हट सकते, कार्रवाई का खतरा

    MP Board Exam: शिक्षक और कर्मचारी परीक्षा ड्यूटी से नहीं हट सकते, कार्रवाई का खतरा


    मध्य प्रदेश बोर्ड की हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होने जा रही है। राज्यपाल के गजट नोटिफिकेशन और बोर्ड के आदेशों के अनुसार परीक्षा कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाओं को एक फरवरी से 30 अप्रैल तक अति आवश्यक सेवाओं के दायरे में लाया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि इस अवधि के दौरान परीक्षा से जुड़े किसी भी कर्मचारी की भूमिका को अनिवार्य माना जाएगा।

    बोर्ड ने परीक्षा गाइडलाइन जारी करते समय ही सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की सेवा को आवश्यक सेवा घोषित कर दिया था। यानी ड्यूटी लगने के बाद यदि कोई कर्मचारी ड्यूटी से इनकार करता है या अपनी जगह उपस्थित नहीं होता है तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम सुनिश्चित करता है कि परीक्षा समय पर सुचारू रूप से आयोजित हो और किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।

    शिक्षक स्वास्थ्य या अन्य निजी कारणों का हवाला देकर ड्यूटी से नाम हटवाते हैं या मौके पर नहीं पहुंचते, लेकिन इस बार कोई बहाना नहीं चलेगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी को ड्यूटी से छूट चाहिए तो उसे वैध प्रमाण देना होगा। ऐसा न करने पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षकों, केंद्राध्यक्षों और सहायक केंद्राध्यक्षों की उपस्थिति शत-प्रतिशत अनिवार्य होगी। संवेदनशील और अति-संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या व्यवधान न हो। बोर्ड अधिकारियों ने कहा है कि इस बार परीक्षा की निगरानी और सुरक्षा कड़ी होगी और सभी कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी।परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों और शिक्षकों को समय पर सूचना दी जा चुकी है। बोर्ड ने यह भी चेतावनी दी है कि ड्यूटी से गैरहाजिरी या अवहेलना करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए यह कदम अनिवार्य और महत्वपूर्ण है।

  • इंदौर में नवविवाहिता की मौत: पति और सास पर दहेज हत्या का केस दर्ज

    इंदौर में नवविवाहिता की मौत: पति और सास पर दहेज हत्या का केस दर्ज


    इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के विजयनगर क्षेत्र से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है जहाँ कल्प कामधेनू नगर में रहने वाली 20 वर्षीय नवविवाहिता मोनिका पटेल ने ससुराल की प्रताड़ना से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। पुलिस की गहन जांच और एसीपी पराग सैनी की रिपोर्ट के बाद इस मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। पुलिस ने मृतका के पति रितेश पटेल और सास राधा पटेल के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

    घटना की शुरुआत 2 फरवरी को हुई जब मोनिका ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली थी। पुलिस ने शुरुआती मर्ग कायम कर जब मामले की परतें खोलना शुरू कीं तो प्रताड़ना की एक दर्दनाक कहानी सामने आई। एसीपी की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि विवाह के महज कुछ महीनों के भीतर ही मोनिका को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। घरेलू विवाद और ससुराल पक्ष के कठोर व्यवहार ने मोनिका को इस कदर तोड़ दिया था कि उसने अपनी उम्र के 20वें साल में ही दुनिया को अलविदा कहना बेहतर समझा।

    जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाले दिन पति-पत्नी के बीच सिलाई के कपड़े लाने को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी। मोनिका सिलाई का काम करके घर में सहयोग करती थी जबकि उसका पति रितेश रेपिडो बाइक चालक है। हालांकि पति ने पुलिस को दिए बयान में खुद को बेगुनाह बताते हुए घटना के समय घर पर न होने का दावा किया था लेकिन परिजनों के आरोपों ने सच्चाई की दिशा बदल दी।

    मृतका के पिता हीरालाल चौहान ने पुलिस को बताया कि करीब दस महीने पहले मोनिका अचानक लापता हुई थी जिसकी शिकायत खजराना थाने में की गई थी। बाद में पता चला कि उसने रितेश से प्रेम विवाह कर लिया है। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे प्रताड़ित किया जाने लगा था। मोनिका की बड़ी बहन ने भी उसके मानसिक तनाव में होने की पुष्टि की थी। परिजनों ने समाज के लोगों के साथ मिलकर पहले भी पुलिस से न्याय की गुहार लगाई थी। वर्तमान में विजयनगर पुलिस ने सभी साक्ष्यों को आधार बनाकर आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है और जल्द ही गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।

  • मुरैना महिला एसआई को हाईकोर्ट से झटका, एडवोकेट सुसाइड केस में अग्रिम जमानत खारिज

    मुरैना महिला एसआई को हाईकोर्ट से झटका, एडवोकेट सुसाइड केस में अग्रिम जमानत खारिज


    ग्वालियर। हाईकोर्ट ने मुरैना की महिला सब इंस्पेक्टर प्रीति जादौन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामला एडवोकेट मृत्युंजय सिंह चौहान की आत्महत्या से जुड़ा है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया मामले में केवल निजी तनाव नहीं बल्कि धमकी और पद के दुरुपयोग के गंभीर संकेत मिलते हैं। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी एक सेवारत पुलिस अधिकारी है और उससे कानून के पालन की अपेक्षा अधिक रहती है।

    हाईकोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया कि घटना के कुछ ही दिनों बाद मृतक द्वारा आत्महत्या करना अभियोजन पक्ष के तर्क को मजबूत करता है। कोर्ट ने यह भी देखा कि गवाहों को प्रभावित करने और कथित घटनास्थल से हथियार की बरामदगी न होने के कारण हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।मामला मुरैना के सिविल लाइन थाने में पदस्थ एसआई प्रीति जादौन और उनके मंगेतर ग्वालियर निवासी एडवोकेट मृत्युंजय सिंह चौहान से जुड़ा है। 14-15 दिसंबर 2025 की रात मृत्युंजय ने गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी 15 दिसंबर को सामने आई थी।

    पुलिस जांच में सामने आया कि 12 दिसंबर को मृतक मुरैना पुलिस लाइन स्थित प्रीति जादौन के सरकारी क्वार्टर पहुंचे थे। वहां मृतक ने एक आवेदन लिखा जिसे जांच एजेंसियां अघोषित सुसाइड नोट मान रही हैं। आवेदन में आरोप था कि महिला एसआई और क्वार्टर में मौजूद आरक्षक अराफात खान ने उनके साथ मारपीट की। मृतक ने इस घटना की शिकायत सिविल लाइन और सिटी कोतवाली थाने में दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उल्टे महिला एसआई के प्रभाव के चलते उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई।

    हाईकोर्ट में बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मामला निजी संबंधों में तनाव का है और मृतक ने जबरन सरकारी आवास में प्रवेश किया। हालांकि शासकीय अधिवक्ता ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन, ऑडियो वीडियो साक्ष्य और मृतक की मां के बयान को आधार बनाकर आरोपों की पुष्टि की। कोर्ट ने इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।

    इस बीच, ग्वालियर पुलिस द्वारा की गई दबिश के दौरान एसआई प्रीति जादौन और आरक्षक अराफात खान अपने आवास से अनुपस्थित पाए गए। पुलिस की तलाश जारी है और मामला न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • 400 करोड़ का आधुनिक डुमना एयरपोर्ट, लेकिन जबलपुर में उड़ानों की कमी बनी चुनौती..

    400 करोड़ का आधुनिक डुमना एयरपोर्ट, लेकिन जबलपुर में उड़ानों की कमी बनी चुनौती..


    जबलपुर :डुमना एयरपोर्ट का विस्तार और आधुनिकीकरण पर केंद्र सरकार ने करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए हैं उम्मीद जताई गई थी कि इससे जबलपुर को देश के बड़े शहरों से सीधी और नियमित हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी लेकिन हालात इसके उलट हैं अत्याधुनिक टर्मिनल और लंबा रनवे होने के बावजूद उड़ानों की संख्या अपेक्षाकृत कम बनी हुई है

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 में विस्तारित एयरपोर्ट का लोकार्पण किया था और यात्रियों ने इससे नई उम्मीदें लगाईं लेकिन आज भी कई अहम रूट्स पर फ्लाइट न होने के कारण लोग ट्रेन या सड़क मार्ग पर निर्भर हैं इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है

    क्षमता बढ़ी है लेकिन कनेक्टिविटी अभी भी कम है विस्तार से पहले डुमना एयरपोर्ट का रनवे लगभग 1998 मीटर लंबा था जिसे अब बढ़ाकर 2750 मीटर कर दिया गया है टर्मिनल की क्षमता भी 150 यात्रियों से बढ़ाकर 800 यात्रियों तक पहुंचाई गई है अब एयरबस ए-320 जैसे बड़े विमान उतर सकते हैं इसके बावजूद उड़ानों की संख्या में अपेक्षित इजाफा नहीं हुआ

    दूसरे शहरों से तुलना में जबलपुर पिछड़ गया है इंदौर से जहां 20 से ज्यादा शहरों के लिए 40-50 उड़ानें संचालित हो रही हैं वहीं भोपाल से भी दर्जनों फ्लाइट्स उपलब्ध हैं लेकिन संभागीय मुख्यालय होने के बावजूद जबलपुर में सीमित उड़ानें यात्रियों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही हैंभोपाल और प्रयागराज के लिए सीधी उड़ानों की चर्चाएं पिछले वर्ष से जारी हैं और इन रूट्स पर मांग काफी अधिक है लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ इससे व्यापारियों छात्रों और धार्मिक यात्रियों को नुकसान हो रहा है

    एयरपोर्ट विस्तार से पहले दिल्ली मुंबई हैदराबाद इंदौर बेंगलुरु और पुणे के लिए रोजाना चार से आठ विमानों की आवाजाही थी लेकिन अब उड़ानों की संख्या छह से बढ़कर केवल सात तक ही सीमित है फिलहाल जबलपुर से दिल्ली मुंबई हैदराबाद इंदौर बेंगलुरु बिलासपुर और जगदलपुर के लिए फ्लाइट्स संचालित हो रही हैंएयरपोर्ट डायरेक्टर राजीव रत्न पांडे का कहना है कि एयरपोर्ट में अतिरिक्त उड़ानों को संभालने की पूरी क्षमता है लेकिन नए रूट शुरू करने के लिए शासन स्तर पर निर्णय लेना जरूरी है यात्रियों की बढ़ती उम्मीदों और एयरपोर्ट की क्षमताओं के बीच यह संतुलन अभी तक नहीं बन पाया है

  • एमपी में ठंड का असर तेज, तापमान 10 डिग्री से नीचे, 8 फरवरी से बदलेगा मौसम

    एमपी में ठंड का असर तेज, तापमान 10 डिग्री से नीचे, 8 फरवरी से बदलेगा मौसम

    भोपाल । वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम का असर कम होने के कारण मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ गई है। उत्तरी हवाओं के प्रभाव से दिन में ठिठुरन अधिक हो गई है और रात का तापमान कई शहरों में 10 डिग्री से नीचे चला गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, एक सप्ताह से प्रदेश में ओले और बारिश का दौर वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से जारी था, जो गुरुवार को थम गया। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार-गुरुवार की रात ग्वालियर समेत आठ शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। वहीं 30 से अधिक जिलों में कहीं हल्का तो कहीं घना कोहरा देखा गया।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में सबसे ठंडा राजगढ़ रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री रहा। इसके अलावा रीवा 7.2, खजुराहो 8.2, दतिया 8.4, दमोह और सतना 9.6 और पचमढ़ी में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में भोपाल और उज्जैन का तापमान 13 डिग्री, इंदौर 13.2 और जबलपुर 13.5 डिग्री था। ग्वालियर में पारा 9 डिग्री दर्ज किया गया। कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के समय में बदलाव आया, विशेषकर मालवा, सचखंड और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों पर असर पड़ा।

    आज सुबह हल्का कोहरा

    मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में हल्का से मध्यम कोहरा रहा। ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के जिलों में इसका असर देखा गया।

    अगले दो दिन का मौसम

    7 फरवरी हल्का कोहरा, बारिश की संभावना नहीं, लेकिन ठंड का असर जारी। 8 फरवरी कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा, बारिश का अलर्ट नहीं।पश्चिमी हिमालय में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, जिसका असर फिर से प्रदेश में दिखेगा। 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना है।

  • मध्यप्रदेश बना आस्था, पर्यटन और रोज़गार का पावरहाउस: 900 करोड़ से 20 धार्मिक-सांस्कृतिक लोक

    मध्यप्रदेश बना आस्था, पर्यटन और रोज़गार का पावरहाउस: 900 करोड़ से 20 धार्मिक-सांस्कृतिक लोक

    मध्यप्रदेश। प्रधानमंत्री
    श्री नरेन्द्र मोदी के
    विकास भी, विरासत भीके कालजयी मंत्र को ध्येय वाक्य मानकर
    मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक
    पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जिस सांस्कृतिक पुनर्जागरण का शंखनाद
    उज्जैन में
    श्री महाकाल लोकके लोकार्पण के साथ किया था, वह यात्रा अब
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एक विराट जन-अभियान का रूप ले चुकी है।
    प्रदेश की पावन धरा पर लगभग
    900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 20 ‘लोकोंका निर्माण किया
    जा रहा है
    , जो आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी गौरवशाली परंपराओं का जीवंत
    साक्ष्य बनेंगे

    धार्मिक एवं
    सांस्कृतिक वैभव की इस अविरल यात्रा में वर्तमान में
    580 करोड़ रुपये से
    अधिक की लागत से
    17 महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोक पर तीव्र गति से कार्य
    संचालित है। सागर में
    संत रविदास लोक‘ 101 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। यह हमारी
    सामाजिक समरसता का प्रतीक है। सीहोर जिले के सलकनपुर में
    देवी लोक
    और ओरछा
    में
    श्रीरामराजा
    लोक
    जैसे
    भव्य प्रकल्प अपनी पूर्णता के करीब हैं। सरकार की संकल्प शक्ति का ही परिणाम है कि
    मंदसौर में
    भगवान पशुपतिनाथ लोक परिसरका कार्य पूर्ण कर उसे जनता को समर्पित किया जा
    चुका है। साथ ही भोपाल में
    वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप लोक‘, जानापाव में भगवान परशुराम
    लोक
    और
    महेश्वर में
    देवी अहिल्या संग्रहालयजैसे प्रकल्पों ने पूर्ण होकर प्रदेश के
    सांस्कृतिक मानचित्र को और अधिक समृद्ध किया है।

    जन-आस्था का
    सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने
    315 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भविष्य में 3 नए लोक और 2 अन्य लोक के
    द्वितीय चरण को भी मूर्त रूप दिया जायेगा।
    श्री महाकाल लोक
    की
    भव्यता को प्रेरणा मानकर अब ओंकारेश्वर में
    ममलेश्वर लोक
    का
    निर्माण
    , बैतूल
    में ताप्ती उद्गम स्थल में
    ताप्ती लोकऔर मैहर में माँ शारदा लोक
    का
    निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। महेश्वर में
    110 करोड़ रुपये की
    लागत से बनने वाला
    देवी अहिल्या लोकऔर अमरकंटक में माँ नर्मदा लोक
    के
    द्वितीय चरण का निर्माण सनातन संस्कृति के प्रति अटूट श्रद्धा का परिचायक है।

    मुख्यमंत्री डॉ.
    यादव ने कहा कि प्रदेश में निर्मित हो रहे धार्मिक और सांस्कृतिक
    लोककेवल पत्थर और
    ईंटों के निर्माण मात्र नहीं हैं
    , अपितु ये मध्यप्रदेश के विकास के नए ग्रोथ इंजन
    सिद्ध
    होंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी के
    वोकल फॉर लोकलके विज़न को
    आत्मसात करते हुए ये स्थल पर्यटन के वैश्विक केंद्रों के रूप में उभरेंगे
    , जिससे स्थानीय
    स्तर पर रोज़गार के अभूतपूर्व अवसर सृजित होंगे। हस्त शिल्पियों से लेकर सेवा
    क्षेत्र तक
    , इन लोकों का विकास हर वर्ग के लिए आर्थिक समृद्धि का नया द्वार
    खोलेगा। आस्था का यह महायज्ञ जहाँ एक ओर हमारी जड़ों को सींच रहा है
    , वहीं दूसरी ओर
    प्रदेश को आधुनिकता और आत्मनिर्भरता के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

  • 6 फरवरी को देशभर में राष्ट्रीय आयोजन, मध्यप्रदेश के सभी स्कूलों में होगा सीधा प्रसारण

    6 फरवरी को देशभर में राष्ट्रीय आयोजन, मध्यप्रदेश के सभी स्कूलों में होगा सीधा प्रसारण


    मध्यप्रदेश । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 फरवरी को देशभर के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के तहत संवाद करेंगे। यह आयोजन विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से मुक्त करने और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। परीक्षा पे चर्चा का यह राष्ट्रीय आयोजन शुक्रवार को आयोजित होगा और इसका सीधा प्रसारण देशभर में किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश में भी इस कार्यक्रम को विशेष रूप से आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश के सभी शासकीय अशासकीय और शासन से अनुदान प्राप्त विद्यालयों में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम राजधानी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित किया जाएगा जिसमें विशिष्ट जन वरिष्ठ अधिकारी और अभिभावक विद्यार्थियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह इस अवसर पर नरसिंहपुर जिले के चावरपाठा विकासखंड के ग्राम तेंदूखेड़ा स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच उपस्थित रहेंगे और कार्यक्रम के सजीव प्रसारण में सहभागिता करेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2018 से लगातार परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं। यह कार्यक्रम इस वर्ष अपने नौवें संस्करण में प्रवेश कर चुका है। कार्यक्रम 6 फरवरी को प्रातः 10 बजे नई दिल्ली से आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए सवालों के उत्तर देंगे और परीक्षा से जुड़े मानसिक दबाव चिंता और तनाव से निपटने के उपाय साझा करेंगे।

    कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन के विभिन्न चैनलों डीडी नेशनल डीडी न्यूज डीडी इंडिया ऑल इंडिया रेडियो के सभी चैनलों पीएमओ वेबसाइट mygov.in यूट्यूब एमओई फेसबुक लाइव स्वयंप्रभा चैनल दीक्षा चैनल के साथ साथ विभिन्न रेडियो चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे नेटफ्लिक्स जियो हॉटस्टार और अमेजन प्राइम वीडियो पर भी किया जाएगा। अन्य निजी चैनलों द्वारा भी कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा।

    प्रदेश में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में सहभागिता के लिए एक दिसंबर से ग्यारह जनवरी तक ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा दी गई थी। इस दौरान मध्यप्रदेश से कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के 22 लाख 95 हजार से अधिक विद्यार्थियों 1 लाख 28 हजार से अधिक शिक्षकों और 17 हजार से अधिक अभिभावकों सहित कुल 24 लाख 41 हजार 390 लोगों ने पंजीयन कर सहभागिता दर्ज कराई।

    स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों और प्रदेश के सभी विद्यालयों में कार्यक्रम को समारोहपूर्वक आयोजित किया जाएगा। विद्यालयों में टीवी प्रसारण के साथ साथ इंटरनेट आधारित उपकरणों जैसे कंप्यूटर और लैपटॉप पर भी कार्यक्रम देखने की व्यवस्था की जा रही है। कार्यक्रम के सुचारू आयोजन को लेकर सभी कलेक्टरों और मैदानी अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।