Category: Madhya Pradesh

  • मोनालिसा की शादी को लेकर परिवार की CM से शिकायत, फिल्म निर्देशक बोले- सुनियोजित मामला

    मोनालिसा की शादी को लेकर परिवार की CM से शिकायत, फिल्म निर्देशक बोले- सुनियोजित मामला


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के महेश्वर निवासी मोनालिसा भोंसले के विवाह प्रकरण ने राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज कर दी है। फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने मोनालिसा के परिवार से मुलाकात की और उनकी शादी को “सुनियोजित लव जिहाद” का हिस्सा बताते हुए कार्रवाई की मांग की। मिश्रा ने बताया कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने का समय लेंगे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी उनके सामने रखेंगे।

    मोनालिसा के परिवार का कहना है कि वह अभी नाबालिग हैं। उनके चाचा विजय भोंसले के अनुसार मोनालिसा का जन्म वर्ष 2009 में हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया के दौरान उसके दस्तावेजों में उम्र बढ़ाकर दर्ज कर दी गई, जिससे बाद में शादी को कानूनी दिखाया जा सका। परिवार के एक सदस्य ने यह भी कहा कि फरमान पहले मोनालिसा को बहन कहकर संबोधित करता था और हिंदू प्रतीकों का भी इस्तेमाल करता था।

    मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रवादी सोच वाली सरकार है और उन्हें उम्मीद है कि राज्य नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से देखेगा। मिश्रा ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम युवती को फंसाने का सुनियोजित तरीका है। उन्होंने बताया कि मोनालिसा को उनकी आगामी फिल्म “द डायरी ऑफ मणिपुर” में मुख्य भूमिका के लिए चुना गया था, जिसका विषय धर्म परिवर्तन से जुड़ा है। मिश्रा का कहना है कि इसी कारण उन्हें और उनकी सनातनी विचारधारा को निशाना बनाया गया।

    उन्होंने आगे सवाल उठाया कि यह विवाह वामपंथी शासित राज्य केरल में ही करवाई गई, जबकि कोई अन्य राज्य क्यों नहीं चुना गया। मिश्रा ने कहा कि इस रिश्ते को मोनालिसा और फरहान के बीच सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण बताकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि अगर लड़का हिंदू और लड़की मुस्लिम होती, तो क्या इसे इसी तरह प्रचारित किया जाता।

    मुलाकात के दौरान मोनालिसा का परिवार भावुक नजर आया। उनकी दादी, बुआ, छोटी बहन और अन्य रिश्तेदारों ने इस पूरे विवाद को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। परिवार ने कहा कि इस घटना के कारण उन्हें समाज में अपमान का सामना करना पड़ रहा है।

    फिल्म निर्देशक मिश्रा का कहना है कि अब परिवार को भी स्पष्ट हो गया है कि मोनालिसा का फंसाया जाना किसी संकल्पित स्क्रिप्ट की तरह किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई की उम्मीद जताई।

  • भोपाल मेट्रो ऑरेंज लाइन: भूमिगत कॉरिडोर निर्माण का बड़ा कदम

    भोपाल मेट्रो ऑरेंज लाइन: भूमिगत कॉरिडोर निर्माण का बड़ा कदम


    भोपाल मेट्रो परियोजना ने एक महत्वपूर्ण मोड़ हासिल किया है। शहर के पुराने और घनी आबादी वाले हिस्सों के नीचे बनने वाले भूमिगत कॉरिडोर के लिए टनल बोरिंग मशीन (TBM) का पहला हिस्सा लगभग 15 मीटर की गहराई में उतार दिया गया है। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, मशीन की तकनीकी स्थापना और परीक्षण के बाद मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल की शुरुआत में सुरंग की खुदाई शुरू हो सकती है।

    यह भूमिगत कॉरिडोर भोपाल रेलवे स्टेशन से नादरा बस स्टैंड तक लगभग 3.39 किलोमीटर लंबा होगा। इस हिस्से में मेट्रो ट्रेन के संचालन के लिए दो समानांतर सुरंगें बनाई जाएंगी। इंजीनियरों का कहना है कि यह चरण तकनीकी दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि सुरंग पुराने शहर के व्यस्त और संवेदनशील इलाकों से गुजरने वाली है।

    TBM मशीन को दिसंबर 2025 में बेंगलुरु से भोपाल लाया गया था। मशीन कई हिस्सों में आती है जिन्हें क्रमिक रूप से जमीन के नीचे उतारकर असेंबल किया जाता है। पूरी तरह स्थापित होने के बाद यह मशीन लगभग 19 से 20 मीटर की गहराई पर सुरंग खोदने का काम शुरू करेगी। इसकी तकनीकी क्षमता प्रतिदिन लगभग 15 मीटर तक खुदाई करने की है।

    परियोजना के तहत पुल पातरा और सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में अंडरग्राउंड रैंप भी बनाए जाएंगे, जिससे मेट्रो ट्रेन सतह से भूमिगत स्टेशन तक आसानी से पहुंच सके। यह कार्य मेट्रो परियोजना के पैकेज BH-04 के अंतर्गत किया जा रहा है।

    भोपाल के पुराने शहर में कई इमारतें दशकों पुरानी हैं और कुछ संरचनाएं अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती हैं। निर्माण कार्य के दौरान विशेष सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक भूमिगत तकनीक की मदद से ऊपर की इमारतों और सड़कों पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा और यातायात सामान्य रूप से चलता रहेगा।

    तेजी से बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए मेट्रो परियोजना को शहर के सार्वजनिक परिवहन के लिए अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भूमिगत कॉरिडोर तैयार होने के बाद पुराने भोपाल और नए शहर के बीच आवागमन अधिक तेज और सुगम होगा। इससे ट्रैफिक जाम कम होने और यात्रियों को समय की बचत होने की उम्मीद है।

    मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि आगामी महीनों में सुरंग निर्माण की प्रगति के साथ अन्य चरणों पर भी तेजी से काम किया जाएगा। यदि कार्य तय समय के अनुसार चलता रहा तो आने वाले वर्षों में भोपाल को आधुनिक और बेहतर शहरी परिवहन प्रणाली मिल सकेगी।

    भोपाल मेट्रो की यह प्रगति शहरवासियों के लिए बेहतर और सुविधाजनक आवागमन का संकेत है। भूमिगत तकनीक और सुरक्षित निर्माण पद्धति के संयोजन से यह परियोजना शहरी परिवहन में नए मानक स्थापित करेगी।

  • मंडला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: डीजल चोरी करने वाला गैंग बेनकाब, 360 लीटर डीजल और कार जब्त

    मंडला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: डीजल चोरी करने वाला गैंग बेनकाब, 360 लीटर डीजल और कार जब्त


    मंडला । मंडला पुलिस ने नेशनल हाईवे पर लंबे समय से हो रही डीजल चोरी की घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 360 लीटर चोरी का डीजल और एक कार जब्त की है।

    मंडला के पुलिस अधीक्षक रजत साकलेचा ने बताया कि जबलपुर से रायपुर जाने वाले नेशनल हाईवे पर ट्रकों और डंपरों से डीजल चोरी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। सूचना के अनुसार एक संगठित गिरोह रात के समय हाईवे पर खड़े वाहनों को निशाना बनाकर उनका डीजल निकाल लेता था और उसे कम कीमत पर बेच देता था।

    पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली कि चार संदिग्ध व्यक्ति इलाके में सक्रिय हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कोतवाली और हृदयनगर क्षेत्र से लगभग 360 लीटर डीजल चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के पास से टाटा हैरियर कार भी जब्त की है, जिसका उपयोग चोरी की वारदातों में किया जा रहा था।

    पुलिस के अनुसार इससे पहले नैनपुर क्षेत्र में भी इसी गिरोह से जुड़े 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से तीन आरोपी जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से चोरी की घटनाओं में शामिल हो गए थे। अब पुलिस उनकी जमानत निरस्त कराने की तैयारी कर रही है।

    मंडला पुलिस की इस कार्रवाई को हाईवे पर सक्रिय संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी हाईवे पर चोरी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि अपराधियों में कानून का डर बना रहे और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

  • तानों से टूटा सब्र, कैंसर पीड़ित छोटे भाई ने दोस्त के साथ मिलकर सगे बड़े भाई को उतारा मौत के घाट!

    तानों से टूटा सब्र, कैंसर पीड़ित छोटे भाई ने दोस्त के साथ मिलकर सगे बड़े भाई को उतारा मौत के घाट!


    नई दिल्ली। रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। भिंड जिले में 11 मार्च को हुई किसान कृष्णकांत पाराशर की हत्या का राज फाश करते हुए पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। अपने ही बड़े भाई के तानों से तंग आकर एक कैंसर पीड़ित नाबालिग ने अपने दोस्त के साथ मिलकर मौत की खौफनाक पटकथा लिखी।

    वारदात की जड़:60 लाख का इलाज और कड़वे बोल
    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नाबालिग लंबे समय से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहा है। उसके इलाज के लिए परिवार को अपनी पैतृक संपत्ति बेचनी पड़ी, जिसमें करीब 60 लाख रुपये खर्च हो गए। इसी आर्थिक तंगी और बीमारी के बोझ के चलते फरवरी में उनके पिता का भी निधन हो गया।

    बड़ा भाई कृष्णकांत अक्सर छोटे भाई को यह कहकर प्रताड़ित करता था कि “तेरी बीमारी की वजह से सब बिक गया और पिता भी चले गए।” इन्हीं तानों से आहत होकर छोटे भाई ने भाई को ही रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।

    साजिश: मुंबई से कीमो कराकर लौटा और थाम लिया कट्टा
    नाबालिग 9 मार्च को मुंबई से कीमोथेरेपी कराकर लौटा और अपने दोस्त अरमान खान के साथ मिलकर हत्या की प्लानिंग की। अरमान ने दो देसी कट्टे और कारतूसों का इंतजाम किया। 11 मार्च को साजिश के तहत नाबालिग ने कृष्णकांत को मौसी के घर मिलने के बहाने बुलाया। जामपुरा रेलवे लाइन के पास दोनों भाइयों में बहस हुई, हाथापाई के दौरान नाबालिग का निशाना चूक गया, लेकिन पीछे खड़े दोस्त अरमान ने भागते हुए कृष्णकांत पर फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई: 100 कैमरे और ‘मुंडन’ का खेल
    वारदात के बाद आरोपी मुरैना भाग गए और पहचान छिपाने के लिए अपने सिर मुंडवा लिए। पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव के नेतृत्व में टीम ने 100 से अधिक CCTV कैमरों को खंगाला। जब नाबालिग घर से गायब मिला, तो पुलिस का शक यकीन में बदल गया। रविवार को मुखबिर की सूचना पर फूप कस्बे के पास एक खाली कमरे से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    दोस्ती या पुरानी दुश्मनी?
    सह-आरोपी अरमान खान के पिता की हत्या 20 साल पहले हुई थी, जिसका आरोप कृष्णकांत के चाचा पर था। पुलिस पूछताछ में अरमान ने कहा कि उसने “दोस्ती निभाने” के लिए गोली चलाई, लेकिन पुलिस इसे पुराने पारिवारिक विवाद और बदले की भावना से भी जोड़कर देख रही है।

    एक और सनसनी: आष्टा में जमीन के लिए दो सगे भाई-बहनों का कत्ल
    अभी भिंड का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि सीहोर के आष्टा (धर्मपुरी) से एक और रूह कंपा देने वाली खबर आई। यहाँ जमीन विवाद में एक ताऊ (हरिसिंह मालवीय) ने अपने ही छोटे भाई के दो जवान बच्चों, शीतल (20) और कुलदीप (19) की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को हिरासत में ले लिया है।

  • MP में LPG संकट के बीच राहत: भोपाल-इंदौर समेत प्रमुख शहरों में गैस सप्लाई शुरू, कमर्शियल सिलेंडर भी उपलब्ध

    MP में LPG संकट के बीच राहत: भोपाल-इंदौर समेत प्रमुख शहरों में गैस सप्लाई शुरू, कमर्शियल सिलेंडर भी उपलब्ध


    भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से चल रहे एलपीजी संकट के बीच अब राहत की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। ऑयल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई दोबारा शुरू कर दी है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिली है।

    राजधानी भोपाल में रविवार को लगभग 14 हजार घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग दर्ज की गई, जबकि एक दिन पहले ही करीब 11 हजार सिलेंडरों की डिलीवरी की गई थी। इसके अलावा इंदौर ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी सप्लाई की स्थिति में सुधार देखा जा रहा है।

    राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मंत्रिमंडल की समिति लगातार गैस सप्लाई की स्थिति पर निगरानी रखे हुए है। शुरुआत में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की गई थी, लेकिन अब व्यावसायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई भी बहाल कर दी गई है।

    पिछले सप्ताह गैस संकट के कारण होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर बड़ा असर पड़ा था। कई जगहों पर व्यवसायियों को इंडक्शन चूल्हों और लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेना पड़ा। अब सप्लाई शुरू होने से प्रदेश के करीब 50 हजार से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    अधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी तेज की जा रही है और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त नजर रखी जा रही है। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराकर अनावश्यक बुकिंग न करें और जरूरत के अनुसार ही गैस सिलेंडर बुक करें।

  • हमीदिया अस्पताल फायरिंग कांड: मुख्य आरोपी शादाब पर 30 हजार का इनाम, पुलिस जांच में सामने आई लापरवाही

    हमीदिया अस्पताल फायरिंग कांड: मुख्य आरोपी शादाब पर 30 हजार का इनाम, पुलिस जांच में सामने आई लापरवाही


    भोपाल। राजधानी में हुए हमीदिया अस्पताल फायरिंग कांड में मुख्य आरोपी शादाब गेट की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आरोपी की तलाश में क्राइम ब्रांच सहित चार थानों की पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

    जांच में सामने आया है कि घटना के समय अस्पताल में तैनात तीन पुलिसकर्मियों के पास हथियार नहीं थे। इस गंभीर लापरवाही को लेकर पुलिस विभाग के अंदर जांच शुरू कर दी गई है और कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी शादाब गेट पर 18, अनस पर 1, अल्लू परवेज पर 6 और गुड्डू स्टेशन पर 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस इन सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। इस मामले में फायरिंग में शामिल दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर पूछताछ भी की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत अशोक गार्डन इलाके से हुई थी, जहां बदमाशों ने लालू रईस के बेटे को निशाना बनाकर फायरिंग की थी। घायल को परिजन इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान हमलावर वहां भी पहुंच गए और अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में खुलेआम गोली चला दी।

    बताया जा रहा है कि करीब सवा घंटे के भीतर तीन अलग-अलग जगहों पर फायरिंग की घटनाएं हुईं और हमलावर चार थानों के क्षेत्र से गुजरते हुए फरार हो गए। इस घटना के बाद हमीदिया अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल में पुलिस चौकी होने के बावजूद पर्याप्त पुलिस बल की कमी बताई जा रही है।

    फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में जिम्मेदार पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

  • 19 मार्च से शुरू होगा जल गंगा संवर्धन अभियान, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की पहल: मुख्यमंत्री मोहन यादव

    19 मार्च से शुरू होगा जल गंगा संवर्धन अभियान, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की पहल: मुख्यमंत्री मोहन यादव


    भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि जल है तो कल है का कोई विकल्प नहीं है और पानी की हर बूंद बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है और जल आत्मनिर्भरता से ही प्रदेश को समृद्ध बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार 19 मार्च से ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ शुरू करने जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि यह 100 दिवसीय अभियान भारतीय नववर्ष प्रतिपदा गुढ़ी पड़वा के अवसर पर 19 मार्च को उज्जैन में Shipra River के तट से राज्य स्तरीय रूप में शुरू होगा। यह अभियान 30 जून तक चलेगा जिसमें पूरे प्रदेश में जल संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़े व्यापक कार्य किए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को सामाजिक आंदोलन बनाना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए गांव-गांव में लोगों को वर्षा जल संरक्षण भूजल पुनर्भरण और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा। पंचायतों स्वयंसेवी संगठनों और विभिन्न सरकारी विभागों की साझेदारी से यह अभियान जल संवर्धन की नई मिसाल बनेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तालाब कुएं और बावड़ियों की परंपरा सदियों पुरानी है। सरकार इस परंपरा को आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी के साथ फिर से मजबूत करने का प्रयास कर रही है। अभियान के तहत नई जल संरचनाओं का निर्माण करने के साथ-साथ पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

    उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे श्रमदान कर गांवों में तालाबों और कुओं की सफाई करें घरों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था बनाएं और जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समाज और सरकार मिलकर काम करेंगे तो मध्यप्रदेश जल समृद्ध राज्य बन सकता है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 में शुरू किए गए जल गंगा संवर्धन अभियान के पहले चरण में 2.79 लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण और पुनर्जीवन किया गया था। इनमें तालाब कुएं बावड़ियां नहरें और सूखी नदियों के पुनर्जीवन जैसे कार्य शामिल थे जिससे कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार हुआ और किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी मिला।

    वहीं वर्ष 2025 में अभियान के दूसरे चरण में भी बड़े पैमाने पर कार्य हुए। इस दौरान 72 हजार 647 से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है जबकि 64 हजार 395 जल संरचनाओं पर काम अभी जारी है। इनमें खेत तालाब चेक डैम स्टॉप डैम और अन्य जल संचयन संरचनाएं शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

  • उज्जैन में 27 साल की काली नंद गिरी बनी देश की सबसे कम उम्र की महामंडलेश्वर: श्मशान और कार में करतीं तंत्र साधना, सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स

    उज्जैन में 27 साल की काली नंद गिरी बनी देश की सबसे कम उम्र की महामंडलेश्वर: श्मशान और कार में करतीं तंत्र साधना, सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स


    नई दिल्ली। उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़े की दो दिवसीय बैठक के दौरान चार नए महामंडलेश्वरों का पट्टाभिषेक हुआ। इनमें सबसे चर्चा में रही 27 साल की काली नंद गिरी दिगंबर अघोरी माता, जिन्हें देश की सबसे कम उम्र की महामंडलेश्वर बनने का गौरव प्राप्त हुआ। वे किन्नर अखाड़े की पहली अघोरी महामंडलेश्वर मानी जा रही हैं।

    काली नंद गिरी का जीवन बेहद अद्भुत और साधना से जुड़ा है। उन्होंने बचपन में ही माता-पिता को छोड़कर संन्यास का रास्ता अपनाया। 6 साल की उम्र में तंत्र साधना सीखना शुरू किया और 12 साल की उम्र में काशी चली गईं। बाद में असम के कामाख्या धाम में अपने गुरु से तंत्र साधना का प्रशिक्षण प्राप्त किया। अंतरराष्ट्रीय किन्नर अखाड़े की आचार्य डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के आशीर्वाद से उन्होंने अखाड़े से जुड़कर आध्यात्मिक साधना जारी रखी।

    महामंडलेश्वर बनने के बाद भी उनका जीवन बेहद अनोखा है। पिछले 18 सालों से वे देश-विदेश में भ्रमण करती आई हैं, उनका स्थायी आश्रम नहीं है और उनका निवास मुख्य रूप से श्मशान और अपनी कार में होता है। कार में मां काली का बड़ा चित्र, त्रिशूल और लगभग 70 सिद्ध नरमुंड रखे जाने का दावा किया जाता है।

    काली नंद गिरी 18 भाषाओं की जानकार हैं, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु, तमिल, मलयालम, कन्नड़, गुजराती, उड़िया, पंजाबी, असमिया और मराठी शामिल हैं। देश-विदेश की यात्राओं के दौरान उन्होंने ये भाषाएँ सीखी।

    महामंडलेश्वर बनने के बाद उनका सोशल मीडिया पर भी खासी लोकप्रियता है। उनके दो अकाउंट हैं, जिनमें कुल 60 लाख फॉलोअर्स हैं। वे नियमित रूप से तंत्र साधना से जुड़े वीडियो और अन्य आध्यात्मिक सामग्री साझा करती हैं, जिनके लाखों व्यूज मिलते हैं।

    इस अनोखे जीवन और साधना के कारण काली नंद गिरी दिगंबर अघोरी माता ने न सिर्फ धार्मिक जगत में, बल्कि सोशल मीडिया पर भी लाखों लोगों का ध्यान खींचा है। उनका कहना है कि महामंडलेश्वर बनने के बाद अब वे उज्जैन में अपना स्थायी आश्रम बनाएंगी, ताकि साधना और सेवा कार्य को और विस्तार दे सकें।

  • पहले पहाड़ खत्म कराए, अब पानी बचाने की मुहिम:खंडवा की देशगांव घाटी पर 8 हजार कंटूर ट्रेंच खुदेंगे

    पहले पहाड़ खत्म कराए, अब पानी बचाने की मुहिम:खंडवा की देशगांव घाटी पर 8 हजार कंटूर ट्रेंच खुदेंगे


    खंडवा खंडवा-इंदौर नेशनल हाईवे पर स्थित देशगांव घाटी अब जल संरक्षण की मुहिम का केंद्र बन गई है। छैगांवमाखन जनपद पंचायत ने सैकड़ों एकड़ जमीन पर करीब 8 हजार कंटूर ट्रेंच खोदने की योजना बनाई है। सोमवार को कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने पंडित से विधिवत भूमिपूजन कराया और खुद श्रमदान कर गेंती चलाकर कंटूर ट्रेंच कार्य का शुभारंभ किया।

    खंडवा जिले में ‘गांव का पानी गांव में’ अभियान के तहत ग्राम देशगांव में प्रशासन, ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कंटूर ट्रेंच खुदाई का काम शुरू किया गया। इस दौरान कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने ग्रामीणों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जल संग्रहण की शपथ दिलाई।

    कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, जनपद अध्यक्ष महेंद्र सावनेर, जिला पंचायत सदस्य श्रीराम चौधरी, नानकराम बरवाहे और अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।

    हाईवे पर कारोबारियों ने खत्म कर दी घाटी
    देशगांव घाटी को पहले ही 150 फीट तक खोदकर नेशनल हाईवे का फोरलेन बनाया जा चुका है। एनएचएआई ने पहाड़ी को समतल किया, वहीं कुछ शहर के कारोबारी ने पहाड़ी जमीन खरीदकर उसे पूरी तरह खत्म कर दिया और पेट्रोल पंप खोल दिए। इस प्रक्रिया में खनिज विभाग और शासन को एक रूपए की रॉयल्टी भी नहीं दी गई।

    अब इसी घाटी में जल संरक्षण के लिए कंटूर ट्रेंच खुदाई की जा रही है ताकि भूजल स्तर में सुधार हो और गांवों के पानी की समस्या दूर की जा सके।

  • MP के युवक गुरकीरत सिंह की कनाडा में हत्या, परिवार ने इंसाफ और आर्थिक मदद की लगाई गुहार

    MP के युवक गुरकीरत सिंह की कनाडा में हत्या, परिवार ने इंसाफ और आर्थिक मदद की लगाई गुहार


    उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन निवासी गुरकीरत सिंह मनोचा का 14 मार्च 2026 को कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन ब्रिटिश कोलंबिया में दुखद निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उनकी हत्या हुई है। गुरकीरत लगभग सवा वर्ष पूर्व उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गए थे जहां वे नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट पोस्ट डिग्री डिप्लोमा प्रोग्राम कर रहे थे।

    परिवार के अनुसार 14 मार्च को कॉलेज में कुछ युवकों के बीच विवाद के दौरान गुरकीरत पर हमला किया गया जिससे उनकी मौत हो गई। कनाडा में उनके मित्र ने देर रात इस घटना की जानकारी उनके भाई प्रबकीरत सिंह मनोचा को फोन पर दी।

    गुरकीरत का परिवार उज्जैन में C 86 पार्श्वनाथ सिटी देवास रोड में रहता है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने मुख्यमंत्रीमोहन यादव  को भी जानकारी दी।

    कनाडा पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है। शव की वापसी में लगभग 40 50 लाख रुपये का खर्च अनुमानित है जिसके लिए परिवार ने आर्थिक मदद की भी गुहार लगाई है। परिजन चाहते हैं कि शव जल्द मिले या उन्हें वहां पहुंचने का कोई माध्यम उपलब्ध कराया जाए।

    परिवार के अनुसार हत्या का कारण कॉलेज में चुनावी गुटबाजी थी। मृतक सरल सौम्य और शांत स्वभाव का था। उनके भाई प्रबकीरत ने कहा कि गुरकीरत ने जीवन में कभी विवाद या अपशब्द का प्रयोग नहीं किया।

    उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया भी लगातार परिजनों से संपर्क में हैं और शव की वापसी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रयासरत हैं। परिवार ने प्रदेश और केंद्र सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द शव की वापसी कराई जाए और दोषियों को कड़ी सजा मिले।