Category: Madhya Pradesh

  • ग्वालियर में कार हायर कर गिरवी रखने का खेल, फर्जी अटैचमेंट एग्रीमेंट से 1.5 करोड़ की ठगी

    ग्वालियर में कार हायर कर गिरवी रखने का खेल, फर्जी अटैचमेंट एग्रीमेंट से 1.5 करोड़ की ठगी


    ग्वालियर । ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने सरकारी विभागों में लग्जरी वाहनों के अटैचमेंट के नाम पर फर्जीवाड़ा कर कारें हड़पने वाले 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीए पास है और दो साल पहले तक टिफिन सेंटर चलाता था। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 1.5 करोड़ रुपए कीमत की 17 कारें बरामद की हैं।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी अभय भदौरिया खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड में मैनेजर बताता था। इसी पहचान के जरिए वह ट्रेवल एजेंसियों और वाहन मालिकों पर भरोसा बनाता था। बाद में वह फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनियों और विभागों के नाम पर लग्जरी कारें किराए पर लेता और उन्हें दो से पांच लाख रुपए में अन्य लोगों के पास गिरवी रख देता था।

    आरोपी फर्जी मालिक बनकर दस्तावेज तैयार करता था और 7 सीटर कार के लिए 85 हजार रुपए तक किराया देने का लालच देता था। इस तरीके से उसने अब तक 50 से अधिक कारें ठगने की कोशिश की। पुलिस ने फिलहाल 17 वाहन जब्त किए हैं।

    किराया नहीं मिला तो खुला राज

    शहर के शताब्दीपुरम फेस-1 निवासी भास्कर शर्मा ने सोमवार को क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। भास्कर श्री मधुवन जी ट्रेवल्स के नाम से ट्रेवल एजेंसी चलाते हैं। उन्होंने बताया कि अभय भदौरिया ने खुद को अवंटेक्स इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड का मैनेजर बताकर उनसे 7 सीटर कार के बदले 85 हजार और 5 सीटर कार के बदले 50 हजार रुपए प्रतिमाह देने की बात कही थी।

    भास्कर ने आरोपी को 19 कारें किराए पर दीं, लेकिन न तो कारें किसी सर्विस में लगीं और न ही किराया मिला। शक होने पर जब उन्होंने कंपनी में जाकर जानकारी ली तो पता चला कि वहां अभय भदौरिया नाम का कोई व्यक्ति काम ही नहीं करता। बाद में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फर्जी कागजात बनाकर कारें अन्य लोगों के पास गिरवी रख दी थीं। दबाव बनाने पर कुछ कारें वापस मिलीं। इसी तरह रघुवीर रजक ने भी 20 कारें ठगे जाने की शिकायत की।

    24 घंटे में गिरफ्तारी, 17 वाहन जब्त

    शिकायत दर्ज होते ही क्राइम ब्रांच ने मोबाइल और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। पूछताछ में पहले आरोपी अपनी कहानी पर टिका रहा, लेकिन ट्रेवल एजेंसी संचालक को आमने-सामने लाने पर वह चुप हो गया। पुलिस ने GPS ट्रैकिंग की मदद से 17 कारें बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपए आंकी गई है। आरोपी ने 39 कारों की ठगी की बात स्वीकार की है, जबकि पुलिस को आशंका है कि यह संख्या 50 से ज्यादा हो सकती है। जिनमें मारूति अर्टिगा, टाटा अल्ट्रोज, मारूति सियाज, टोयोटा अर्बन क्रूजर, महिंद्रा बोलेरो, मारूति स्विफ्ट, महिंद्रा स्कॉर्पियो, रेनॉल्ट ट्रायवर, शामिल हैं।

    गिरवी रखने वालों पर भी कार्रवाई संभव
    एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने कारें गिरवी रखीं, वे भी ठगी के शिकार हैं। हालांकि कुछ लोगों ने खुद को कार का मालिक बताकर दस्तावेज पेश किए हैं। ऐसे मामलों में दस्तावेजों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

  • संपत्ति और मुआवजा विवाद पर शहडोल के परिवार में सड़क से थाने तक हाथापाई और गाली-गलौज

    संपत्ति और मुआवजा विवाद पर शहडोल के परिवार में सड़क से थाने तक हाथापाई और गाली-गलौज

    शहडोल / मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में पारिवारिक संपत्ति विवाद अचानक हाईवोल्टेज ड्रामा में बदल गया। बुढ़ार और धनपुरी थाना क्षेत्र के माली मोहल्ला निवासी परिवार के सदस्य सड़क पर आमने-सामने आ गए और थाने तक अपना विवाद लेकर पहुंचे। हाथापाई, झूमा-झपटी और गाली-गलौज के इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    मामले की शुरुआत बुढ़ार थाना क्षेत्र के जैन झरोखा के सामने सड़क पर हुई। माली मोहल्ला के अजय माली की कुछ साल पहले करंट लगने से मौत हो गई थी। उनकी पत्नी सोनम बाद में पुणे चली गई थी। अब सोनम के धनपुरी लौटने पर पति की मृत्यु के बाद मिली मुआवजा राशि और संपत्ति को लेकर देवर विजय और देवरानी के बीच विवाद शुरू हुआ।

    विवाद सड़क तक सीमित नहीं रहा और दोनों पक्ष थाने में पहुंचे। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी संघर्षरत पक्षों को शांत करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन हालात काबू में करना उनके लिए आसान नहीं रहा। पुलिस दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने में जुटी हुई है।

    यह विवाद और उसका वायरल वीडियो जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। परिवारिक संपत्ति और मुआवजा को लेकर शुरू हुआ मामूली झगड़ा हिंसक रूप लेने के बाद थाने तक पहुंच गया।

  • भोपाल रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई 311 कछुए बरामद आरपीएफ वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई के बाद STF ने शुरू की जांच

    भोपाल रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई 311 कछुए बरामद आरपीएफ वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई के बाद STF ने शुरू की जांच

    भोपाल /मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, आरपीएफ और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कछुए तस्करी का मामला पकड़ा है। रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान 311 कछुए बरामद किए गए और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

    भोपाल के बैरागढ़ के संत हिरदाराम रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने बैग चेकिंग के दौरान दो बैगों में कुल 311 कछुए पकड़े। आरोपी अजय सिंह राजपूत पिता रामकुमार रेलवे कोच में अटेंडर का काम करता है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि ढाई हजार रुपए की लालच में वह कछुओं को देवास और इंदौर भेजने के लिए ले जा रहा था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग को जानकारी दी गई। तुरंत स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन विभाग का स्टाफ मौके पर पहुंचा और आरोपी को हिरासत में लिया। आरपीएफ की पूछताछ में यह सामने आया कि रविंद्र कश्यप नामक व्यक्ति ने ढाई हजार रुपए की लालच देकर आरोपी से कछुए तस्करी कराई।

    फिलहाल आरोपी के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 237/23 पंजीबद्ध किया गया है। STF मामले की जांच में जुटी है और आरोपी से विस्तार से पूछताछ की जा रही है। आज उसे माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा।यह मामला वन्यजीव तस्करी और रेलवे सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर चेतावनी माना जा रहा है

  • संघ प्रमुख मोहन भागवत का इंदौर-खरगोन प्रवास कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन लेकर आया

    संघ प्रमुख मोहन भागवत का इंदौर-खरगोन प्रवास कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन लेकर आया


    इंदौर /मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ मोहन भागवत का आगमन हुआ। वे इंदौर रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से खरगोन जिले के कसरावद के लिए रवाना हुए। सरसंघचालक का यह प्रवास संगठन कार्यकर्ताओं और समाज में सक्रिय लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    कसरावद में डॉ मोहन भागवत श्री रामकृष्ण विश्व सद्भावना निकेतन की ओर से आयोजित विचार-प्रेरक कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस आयोजन में सेवा कार्यों से जुड़े कार्यकर्ता और सामाजिक क्षेत्रों में सक्रिय लोग उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्बोधन “मनुष्य निर्माण से राष्ट्र निर्माण” के विषय पर केंद्रित रहेगा।

    इस दौरान डॉ भागवत समाज जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, संगठन शक्ति और सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण जैसे मुद्दों पर मार्गदर्शन देंगे। संघ कार्यकर्ताओं के लिए यह प्रवास विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह सेवा और सामाजिक समरसता के आयामों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।

    कार्यक्रम के जरिए डॉ मोहन भागवत संगठन और समाज के बीच समन्वय बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने का प्रयास करेंगे। यह दौरा संघ के सेवा कार्य और सामाजिक योगदान को बढ़ावा देने में अहम माना जा रहा है।

  • सिस्टम से हारा सरपंच: नरसिंहपुर में पंचायत भवन के अंदर खुद को किया कैद, आत्मदाह की दी चेतावनी।

    सिस्टम से हारा सरपंच: नरसिंहपुर में पंचायत भवन के अंदर खुद को किया कैद, आत्मदाह की दी चेतावनी।


    नरसिंहपुर/ मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने लोकतंत्र के जमीनी स्तर पंचायती राज और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के चीचली जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली सीरेगांव ग्राम पंचायत के सरपंच महेंद्र कुशवाहा ने व्यवस्था से हारकर एक आत्मघाती कदम उठाने का ऐलान किया है। मंगलवार की रात से ही सरपंच ने खुद को पंचायत भवन के एक कमरे में कैद कर लिया है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नहीं सुना गया, तो वे वहीं आत्मदाह कर लेंगे।

    क्या है पूरा मामला?
    सीरेगांव के सरपंच महेंद्र कुशवाहा का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी पंचायत में विकास कार्य कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके अनुसार, ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों और अन्य विकास परियोजनाओं में लगातार बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। सरपंच का कहना है कि उन्होंने ग्राम स्तर की समस्याओं के निराकरण के लिए कई बार जनपद पंचायत से लेकर जिला कलेक्टर तक का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने दर्जनों बार लिखित आवेदन दिए, जनसुनवाई में अपनी बात रखी, लेकिन हर बार उन्हें केवल ‘आश्वासन’ का झुनझुना थमा दिया गया।

    सरपंच का दर्द यह है कि एक चुना हुआ जनप्रतिनिधि होने के बावजूद वे अपने क्षेत्र की जनता की सेवा नहीं कर पा रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।

    वीडियो संदेश और ‘अंतिम फैसला’
    पंचायत भवन में खुद को कैद करने के बाद सरपंच महेंद्र कुशवाहा ने एक वीडियो जारी किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सरपंच काफी भावुक और व्यथित नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं पिछले दो साल से प्रशासन से निवेदन कर रहा हूं कि मुझे काम करने दिया जाए और विकास कार्यों में सहयोग किया जाए, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। पिछले मंगलवार की जनसुनवाई में भी मैंने गुहार लगाई थी, पर मुझे सिर्फ प्रताड़ना मिली।”

    सरपंच ने वीडियो में स्पष्ट रूप से कहा कि यह उनका ‘अंतिम फैसला’ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं हुआ, तो वे पंचायत भवन के भीतर ही खुद को आग लगा लेंगे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि उन्हें कुछ भी होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और स्थानीय प्रशासन की होगी।

    प्रशासनिक अमले में मचा हड़कंप
    जैसे ही सरपंच के कैद होने और आत्मदाह की चेतावनी की खबर फैली, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। एक जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह का चरम कदम उठाना जिले की कानून-व्यवस्था और छवि के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और तहसील स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सरपंच को समझाने-बुझाने का दौर शुरू हुआ।यह घटना केवल एक सरपंच की नाराजगी भर नहीं है, बल्कि यह उस नौकरशाही की तस्वीर पेश करती है जहाँ एक जनप्रतिनिधि को अपनी आवाज सुनाने के लिए मौत को गले लगाने जैसी धमकी देनी पड़ती है। सीरेगांव की जनता अब इस उम्मीद में है कि शासन उनकी पंचायत की समस्याओं पर ध्यान देगा और सरपंच को न्याय मिलेगा, ताकि गांव में विकास के पहिये फिर से घूम सकें। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन सरपंच को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिशों में जुटा है।

  • भोपाल सागर छिंदवाड़ा में बड़ी कार्यकारिणी पर रोक कांग्रेस संगठन के नए फरमान से असमंजस्य

    भोपाल सागर छिंदवाड़ा में बड़ी कार्यकारिणी पर रोक कांग्रेस संगठन के नए फरमान से असमंजस्य


    मध्य प्रदेश /कांग्रेस संगठन में हाल ही में राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के निर्देश के बाद हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस के जिलों की कार्यकारिणी अब छोटी होगी और ज्यादा संख्या में सदस्यों की नियुक्ति पर रोक लगाई गई है। बड़े जिलों में 55 और छोटे जिलों में 35 सदस्य बनाए जाने की गाइडलाइन जारी की गई है।

    राष्ट्रीय महासचिव ने राज्यों की इकाई और जिला अध्यक्षों को पत्र लिखकर यह निर्देश दिए हैं। इस गाइडलाइन को एआईसीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में बैठक में तय किया गया था। इसके साथ ही 15 दिन के भीतर जिलों की कार्यकारिणी बनाने का निर्देश भी दिया गया।

    मध्य प्रदेश में लंबे समय से जम्बो कार्यकारिणी की परंपरा रही है ताकि अलग-अलग गुटों को संतुलित किया जा सके। लेकिन नई गाइडलाइन आने के बाद कई जिलों में असमंजस्य की स्थिति पैदा हो गई है। 30 जनवरी को मध्य प्रदेश कांग्रेस ने तीन जिलों की कार्यकारिणी जारी की थी, जिसमें गाइडलाइन से ज्यादा पदाधिकारी बना दिए गए।

    छिंदवाड़ा जिला कार्यकारिणी में 240 सदस्य बनाए गए हैं जबकि सागर जिले में 150 से ज्यादा पदाधिकारी हैं। छोटे जिले मऊगंज में 40 पदाधिकारी हैं। वहीं भोपाल शहर की सूची में 106 और ग्रामीण क्षेत्र की सूची में 85 सदस्य बनाए गए हैं। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद यह लंबी सूची राष्ट्रीय संगठन के निर्देशों के खिलाफ मानी जा रही है और अब कांग्रेस में असमंजस्य की स्थिति बन गई है।सभी जिलों में जल्द ही नए निर्देश के मुताबिक कार्यकारिणी तैयार करने की तैयारी शुरू हो गई है और संगठन स्तर पर इस पर निगरानी रखी जा रही है।

  • मध्यप्रदेश के राजा रघुवंशी मर्डर केस में बड़ा अपडेट कोर्ट ने बिल्डिंग मालिक और चौकीदार को किया दोषमुक्त

    मध्यप्रदेश के राजा रघुवंशी मर्डर केस में बड़ा अपडेट कोर्ट ने बिल्डिंग मालिक और चौकीदार को किया दोषमुक्त


    इंदौर /मध्यप्रदेश के इंदौर का राजा रघुवंशी हत्याकांड लंबे समय से सुर्खियों में रहा है। अब इस मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। इंदौर की कोर्ट ने बिल्डिंग के मालिक लोकेंद्र और चौकीदार बलवीर को दोषमुक्त कर दिया है। दोनों को पहले राजा की हत्या के बाद सबूत मिटाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। लेकिन विस्तृत जांच में उनके और हत्या के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया।

    मामला तब शुरू हुआ जब राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी शादी के बाद हनीमून के लिए शिलॉन्ग, मेघालय गए थे। वहां राजा की लाश मिली थी। इस हत्याकांड में राजा की पत्नी सोनम ही मास्टरमाइंड निकली। शिलॉन्ग पुलिस ने सोनम के अलावा राज कुशवाह आकाश राजपूत आनंद और विशाल को भी गिरफ्तार किया था।

    सोनम रघुवंशी हत्या के बाद इंदौर आई थी और एक किराए के फ्लैट में रुकी थी। उस फ्लैट की बिल्डिंग का मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर था और चौकीदार बलवीर अहिरवार कार्यरत थे। शुरुआती जांच में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया और आरोप लगाया कि उन्होंने हत्या के बाद कुछ सबूत मिटाने की कोशिश की थी।

    लेकिन कोर्ट में पेश की गई दूसरी चार्जशीट और विस्तृत जांच के बाद साफ हुआ कि बिल्डिंग मालिक और चौकीदार का हत्याकांड से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। इस फैसले के बाद दोनों को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया।राजा रघुवंशी मर्डर केस अब भी सुर्खियों में है क्योंकि इस मामले में प्रमुख आरोपी सोनम रघुवंशी पर केस चल रहा है। इस मामले की जांच और कोर्ट की कार्रवाई पूरे देश की निगाहों में है।

  • मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर, 20 जिलों में छाया घना कोहरा..

    मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर, 20 जिलों में छाया घना कोहरा..


    भोपाल। पिछले चार दिनों से मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात की वजह से ओले और बारिश का सिलसिला चला। मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर और आसपास के 15 से अधिक जिलों में मौसम ने करवट बदली। कुछ जगह हल्की बारिश और ओले गिरे, तो कुछ जगह बस मौसम में बदलाव महसूस हुआ। बुधवार सुबह लगभग 20 जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का असर रहा। हालांकि आज बारिश या ओले का कोई अलर्ट नहीं है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में कोहरा छाया रहा।

    अगले दो दिन का मौसम
    5 फरवरी-ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में घना कोहरा रहेगा। भोपाल, गुना, अशोक नगर, श्योपुर, शिवपुरी, विदिशा, रायसेन, सीहोर, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, देवास और आसपास के जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा।  6 फरवरी-अधिकांश जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।

    मुरैना में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया, जिससे दृश्यता लगभग 50 मीटर रह गई। ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आई; न्यूनतम 9 डिग्री और अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फरवरी में पिछले पांच साल में इतना घना कोहरा कम ही देखा गया। एमपी के हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी घना कोहरा और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट रही। मौसम सुहावना होने के चलते पर्यटक और स्थानीय लोग ठंडक का आनंद ले रहे हैं।

    भोपाल में हल्का कोहरा देखा गया, लेकिन तेज हवाओं की वजह से ठंडक बनी हुई है। सुबह और शाम को ठंडक अधिक महसूस हो रही है। ग्वालियर में मंगलवार की ओलावृष्टि के बाद बुधवार को घने कोहरे ने शहर को ढक लिया। सुबह 7 बजे तक सड़कें सुनसान रहीं और वाहन चालकों को हाई बीम लाइट जलाकर चलना पड़ा। रीवा में भी विजिबिलिटी 100 मीटर तक गिर गई। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 5 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर प्रदेश में नजर आएगा। 10 फरवरी तक मावठा गिरने की संभावना है।

    पिछले दिन मंगलवार को ग्वालियर, मंदसौर, भोपाल, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दतिया, मैहर, कटनी, मऊगंज, शिवपुरी, भिंड, राजगढ़, आगर-मालवा, गुना में मौसम में बदलाव देखा गया। कुछ जगह ओले और आकाशीय बिजली गिरी, तो कुछ जगह बारिश और आंधी रही।

  • MP: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड केस में दो आरोपियों को क्लीनचिट… पुलिस ने चार्जशीट से नाम हटाए

    MP: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड केस में दो आरोपियों को क्लीनचिट… पुलिस ने चार्जशीट से नाम हटाए


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (Indore city) के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी (Transporter Raja Raghuvanshi) की हत्या के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में पहले गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को क्लीनचिट (Two Accused Clean chit) दे दी है और उनके नाम चार्जशीट से हटा दिए हैं। ये आरोपी थे बलवीर अहिरवार (गार्ड) और लोकेंद्र सिंह तोमर (बिल्डिंग मालिक), जिन्हें पहले साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

    पुलिस की जांच में न तो इन आरोपियों के खिलाफ हत्या से जुड़े कोई ठोस प्रमाण मिले और न ही साक्ष्य नष्ट करने के आरोपों की पुष्टि हो सकी। इससे मामले में शिलांग पुलिस की जांच पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जांच में उनकी संलिप्तता न मिलने पर उन्हें क्लीन चिट दे दी गई।


    गिरफ्तारी के बाद किया गया बरी

    शुरुआत में शिलांग पुलिस ने बलवीर और लोकेंद्र को साक्ष्य छुपाने के शक में गिरफ्तार किया था, क्योंकि राजा रघुवंशी की हत्या के बाद मृतक की पत्नी सोनम ने लोकेंद्र की हीरा नगर स्थित बिल्डिंग में ठहरने के लिए कमरे किराए पर लिए थे। ब्रोकर शिलोम जेम्स ने सोनम को छिपने के लिए यह रूम दिलवाया था। हालांकि, विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने इन दोनों की संलिप्तता से इनकार कर दिया।


    पुलिस अधीक्षक का बयान

    ईस्ट खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया, “शुरुआत में उपलब्ध परिस्थितियों और सूचनाओं के आधार पर इन दोनों को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन बाद की जांच और सत्यापन में उनकी कोई भूमिका नहीं पाई गई, इसलिए उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया।”

    अब पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है और तीन आरोपियों में से केवल शिलोम जेम्स के खिलाफ ही कार्रवाई जारी है। बाकी सभी आरोपितों, जिनमें मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और राज कुशवाह भी शामिल हैं, के खिलाफ जांच जारी है और वे न्यायिक हिरासत में हैं।

  • निजी स्कूलों की मनमानी पर 'ब्रेक': 15 फरवरी तक पोर्टल पर ब्यौरा देना अनिवार्य; किताबें और यूनिफॉर्म को लेकर MP सरकार सख्त

    निजी स्कूलों की मनमानी पर 'ब्रेक': 15 फरवरी तक पोर्टल पर ब्यौरा देना अनिवार्य; किताबें और यूनिफॉर्म को लेकर MP सरकार सख्त


    भोपाल। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी निजी स्कूलों को अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है। मध्य प्रदेश निजी विद्यालय फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन अधिनियम-2020 के तहत, अब सभी प्राइवेट स्कूलों को अपनी फीस संरचना किताबों की सूची और यूनिफॉर्म का विवरण 15 फरवरी 2026 तक आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई स्कूल इस समय-सीमा का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ भारी जुर्माना और मान्यता रद्द करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

    शिक्षा विभाग के 5 बड़े नियम अभिभावकों के लिए राहत

    फीस में पारदर्शितास्कूलों को अपनी ट्यूशन फीस के साथ-साथ अन्य सभी चार्जेस पोर्टल पर सार्वजनिक करने होंगे, ताकि अभिभावक पहले से तुलना कर सकें।किताबों की ‘कमीशनखोरी’ पर रोकस्कूल प्रबंधन अब अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। किताबों की सूची सार्वजनिक करनी होगी ताकि वे खुले बाजार से खरीदी जा सकें।यूनिफॉर्म में बदलाव पर पाबंदीविभाग के नियम के अनुसार, कोई भी निजी स्कूल 3 साल से पहले अपनी स्कूल यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेगा। दुकानदारों पर भी नजरयदि किसी विशेष दुकान पर ही स्कूल की सामग्री मिलती है, तो उस दुकानदार का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।फीस वृद्धि की सीमास्कूल बिना अनुमति के सालाना 10% से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते। इससे ज्यादा वृद्धि के लिए जिला समिति की अनुमति अनिवार्य है।

    भोपाल के 150 स्कूलों पर लटकी तलवार

    अकेले भोपाल जिले में करीब 150 निजी स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने अब तक पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट नहीं की है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इन स्कूलों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है। शिक्षा विभाग का यह कदम पारदर्शिता लाने और शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।