Category: Madhya Pradesh

  • मंडला में मासूम की नादानी बनी आफत: खेल-खेल में पानी में मिलाया कीटनाशक, एक ही परिवार के 10 लोग अस्पताल पहुँचे

    मंडला में मासूम की नादानी बनी आफत: खेल-खेल में पानी में मिलाया कीटनाशक, एक ही परिवार के 10 लोग अस्पताल पहुँचे


    मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहाँ एक 4 वर्षीय बच्ची की छोटी सी गलती ने पूरे परिवार को अस्पताल पहुँचा दिया। घर में रखे पानी में बच्ची ने अनजाने में कीटनाशक जहर मिला दिया जिसे पीने के बाद परिवार के 10 सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सभी को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया।

    ऐसे हुआ कांड

    जानकारी के अनुसार बागली गांव के एक परिवार में बच्चे घर के भीतर खेल रहे थे। इसी दौरान 4 साल की बच्ची ने पास ही रखा कीटनाशक उठाया और पीने के पानी के बर्तन में मिला दिया। परिवार के सदस्यों को इस बात की भनक तक नहीं लगी और उन्होंने वही पानी पी लिया। पानी पीने के कुछ ही देर बाद एक-एक कर सभी को चक्कर आने लगे उल्टियां शुरू हो गई और कुछ लोग बेहोश होने लगे।

    मरीजों में 5 बच्चे और 3 महिलाएं शामिल

    जैसे ही स्थिति बिगड़ी पड़ोसियों की मदद से सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया। बीमार होने वालों में परिवार के 5 बच्चे 3 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। अस्पताल के डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इमरजेंसी इलाज शुरू किया।

    डॉक्टरों ने दी राहत की खबर

    जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार सभी मरीजों का समय पर प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया था। राहत की बात यह है कि अब सभी 10 सदस्यों की हालत स्थिर और सामान्य बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि यदि इलाज में थोड़ी भी देरी होती तो परिणाम घातक हो सकते थे।स घटना ने एक बार फिर घरों में रखे जहरीले रसायनों और कीटनाशकों को बच्चों की पहुँच से दूर रखने की जरूरत को रेखांकित किया है।

  • मोहन कैबिनेट का ऐतिहासिक निर्णय: 25 हजार विस्थापित आदिवासियों के पट्टों की होगी फ्री रजिस्ट्री; सिंचाई और संबल जैसी योजनाओं को 2031 तक विस्तार

    मोहन कैबिनेट का ऐतिहासिक निर्णय: 25 हजार विस्थापित आदिवासियों के पट्टों की होगी फ्री रजिस्ट्री; सिंचाई और संबल जैसी योजनाओं को 2031 तक विस्तार


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के आदिवासी समाज और किसानों के लिए बड़ी सौगातों का पिटारा खोला गया है। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि सरकार ने सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित हजारों परिवारों के हक में एक बड़ा मानवीय फैसला लिया है।

    विस्थापितों को मुफ्त मालिकाना हक

    सरदार सरोवर परियोजना के कारण विस्थापित हुए 25,602 आदिवासी परिवारों को पूर्व में आवासीय पट्टे तो दिए गए थे, लेकिन उनकी रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। अब सरकार ने इन सभी पट्टों की निःशुल्क रजिस्ट्री कराने का निर्णय लिया है। इस फैसले से हजारों परिवारों को उनके घर का कानूनी स्वामित्व बिना किसी आर्थिक बोझ के मिल सकेगा।

     सिंचाई और बुनियादी ढांचे को मजबूती
    कैबिनेट ने प्रदेश की कृषि क्षमता बढ़ाने के लिए दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी दी है:धनवाही सिंचाई परियोजना और बरही सिंचाई परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
    इन परियोजनाओं से हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिससे स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि होगी।

    योजनाओं का विस्तार 2026 से 2031 तक

    सरकार ने कई फ्लैगशिप योजनाओं को अगले 5 सालों के लिए निरंतर जारी रखने का फैसला किया है। वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रहने वाली प्रमुख योजनाएं हैं संबल योजना गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच। महिला एवं शिशु कल्याण: महिला पीड़ित सहायता योजना और किशोर कल्याण निधि। आर्थिक विकास: उद्यम योजना और पशु विकास योजना। वित्तीय भार: इन योजनाओं की निरंतरता से सरकार पर 15,009 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।

    प्रशासनिक सुधार और अन्य चर्चाएं

    राज्य समाज कल्याण बोर्ड: बोर्ड को भंग कर इसके कर्मचारियों का संविलियन महिला एवं बाल विकास विभाग में करने की स्वीकृति दी गई है। भावांतर योजना: कैबिनेट में बताया गया कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने भावांतर योजना को पूर्णतः लागू कर 2 माह के भीतर किसानों को भुगतान सुनिश्चित किया। धार्मिक और पर्यटन विकास: 29 जनवरी को मंदसौर में ‘पशुपतिनाथ लोक’ के लोकार्पण और भोपाल में हुए ‘पुष्प महोत्सव’ की सफलता पर भी चर्चा हुई।

  • नगर पालिका कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए भारतीय मजदूर संघ ने मध्य प्रदेश कर्मचारी महासंघ की स्थापना की

    नगर पालिका कर्मचारियों की लंबित मांगों के समाधान के लिए भारतीय मजदूर संघ ने मध्य प्रदेश कर्मचारी महासंघ की स्थापना की


    इंदौर नगर पालिका निगम कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के साथ शासन स्तर पर सशक्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए भारतीय मजदूर संघ ने प्रदेश स्तर पर मध्य प्रदेश नगर पालिका निगम कर्मचारी महासंघ की स्थापना की नगर निगम कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जाते रहे किंतु निगम प्रशासन द्वारा उनका निराकरण न कर सीधे शासन स्तर पर भेज दिया जाता रहा शासन स्तर पर भी इन मांगों के समाधान में अत्यधिक विलंब या असफलता के कारण कर्मचारियों में असंतोष और निराशा बनी रही

    इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए महासंघ की स्थापना की गई ताकि नगर पालिका निगम कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जा सके और उनकी आवाज को सशक्त मंच प्रदान किया जा सके महासंघ का प्रथम त्रिवार्षिक प्रदेश अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ प्रदेश अधिवेशन में अखिल भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एम पी सिंह क्षेत्रीय संगठन मंत्री सुनील किरवाई प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अरविंद मिश्रा और इंदौर धार संभाग प्रमुख मुरारी राठौर की उपस्थिति में संगठनात्मक दायित्वों का गठन किया गया

    इस अवसर पर महासंघ में केदार यादव को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष और सुनील बंसल को संगठन मंत्री के पद पर नियुक्त किया गया नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त किया और आश्वस्त किया कि वे नगर पालिका निगम कर्मचारियों की जायज मांगों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए शासन और प्रशासन स्तर पर सतत संघर्ष करेंगे

    महासंघ के माध्यम से कर्मचारियों की समस्याओं को एकजुट होकर मजबूती से उठाया जाएगा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हितों को संरक्षित करने और उनकी आवाज को मजबूती से उठाने के लिए महासंघ निरंतर सक्रिय रहेगा तथा प्रशासन और शासन दोनों स्तरों पर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करेगा

    महासंघ की स्थापना से कर्मचारियों में उत्साह और आशा की भावना पैदा हुई है कर्मचारियों ने विश्वास जताया कि उनके समस्याओं का समाधान अब मजबूती से और त्वरित तरीके से होगा महासंघ की यह पहल नगर निगम कर्मचारियों के लिए निर्णायक कदम माना जा रहा है जिससे उनकी लंबित मांगों को शासन स्तर पर प्राथमिकता के साथ देखा जाएगा

    केदार यादव और सुनील बंसल ने कहा कि संगठन कर्मचारियों के हितों के लिए प्रतिबद्ध रहेगा और उनकी समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक और कानूनी सभी उपाय किए जाएंगे उन्होंने महासंघ के माध्यम से कर्मचारियों को एकजुट करके उनके अधिकारों की सुरक्षा करने का संकल्प लियामध्य प्रदेश नगर पालिका निगम कर्मचारी महासंघ का यह गठन कर्मचारियों के लिए नए अवसर और सुरक्षा का संकेत है और यह कर्मचारियों के संघर्ष को एक नई दिशा देगा

  • उज्जैन महाकाल भस्म आरती: फाल्गुन कृष्ण द्वितीया पर 4 बजे खुले कपाट, दिव्य श्रृंगार और भस्म अर्पण से मंदिर गूंजा

    उज्जैन महाकाल भस्म आरती: फाल्गुन कृष्ण द्वितीया पर 4 बजे खुले कपाट, दिव्य श्रृंगार और भस्म अर्पण से मंदिर गूंजा


    उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि मंगलवार तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खुले और भस्म आरती का भव्य श्रृंगार आरंभ हुआ। इस विशेष अवसर पर महाकाल का दिव्य श्रृंगार मनोहारी रूप में किया गया, जिससे पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल छा गया।

    कपाट खुलते ही पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का विधिवत पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक कर भव्य पूजा-अर्चना की गई। भगवान महाकाल का चंदन का त्रिपुंड, त्रिनेत्र और भांग से राजा स्वरूप में मनमोहक श्रृंगार किया गया, जिससे दर्शनार्थियों की श्रद्धा और बढ़ गई।

    भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंककर भस्म रमाई गई। उसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और पुष्पों की माला अर्पित की गई। आभूषणों से सुगंधित पुष्पों से भगवान का अलंकरण किया गया, जिससे मंदिर में भक्तों का आस्था का रंग और भी गहरा हो गया।

    अल सुबह भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। भक्तों ने नंदी महाराज का दर्शन कर उनके कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान श्रद्धालु बाबा महाकाल की जयकारे लगाते रहे और पूरा मंदिर “जय महाकाल” के नारे से गूंज उठा।

  • MP Morning News: मोहन कैबिनेट की बैठक आज, बजट पर सीएम का फोकस, SIR को लेकर थाने जाएगी कांग्रेस, भोपाल में बिजली कटौती, चैंबर चुनाव परिणाम घोषित

    MP Morning News: मोहन कैबिनेट की बैठक आज, बजट पर सीएम का फोकस, SIR को लेकर थाने जाएगी कांग्रेस, भोपाल में बिजली कटौती, चैंबर चुनाव परिणाम घोषित


    भोपाल । मध्य प्रदेश में आज मंगलवार को राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज रहेगी। प्रदेश सरकार की अहम मोहन कैबिनेट बैठक आज मंत्रालय में आयोजित होगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और फैसले लिए जाने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज केंद्र सरकार के बजट की खूबियों को लेकर आयोजित कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 12 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे, जहां बजट को लेकर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वे दोपहर 12:45 बजे मंत्रालय पहुंचेंगे और दोपहर 1 बजे कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

    SIR को लेकर कांग्रेस का विरोध

    आज मध्य प्रदेश कांग्रेस SIR स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन)को लेकर थाने पहुंचेगी। राजधानी भोपाल के टीटी नगर थाने में कांग्रेस नेता आवेदन देंगे। कांग्रेस का आरोप है कि फॉर्म-7 के माध्यम से उनके समर्थक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    भोपाल में आज बिजली कटौती

    राजधानी भोपाल में आज भी कई इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक दुर्गेश विहार, चाणक्यपुरी, जेके रोड, गीत गणेश, आदित्य परिसर, मिनाल, छत्रसाल, नैनागिरी, बालाजी नगर, नरेला शंकरी और राज सम्राट कॉलोनी में बिजली नहीं रहेगी। सुबह 10 से शाम 4 बजे तक आईबीडी रॉयल, आदित्य ग्रीन नीव और शिव आंगन परिसर प्रभावित रहेंगे। सुबह 10 से शाम 5 बजे तक गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में बिजली गुल रहेगी। वहीं सुबह 10:30 से दोपहर 2:30 बजे तक पुलिस रेडियो कॉलोनी, 48 क्वार्टर, न्यू पुलिस क्वार्टर, सीएसडी कॉलोनी, प्रेमपुरा, नया गांव, वन विहार, गौतम नगर, नेहरू नगर, आकृति गार्डन और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।

    भोपाल चैंबर चुनाव का रिजल्ट

    भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज BCCI के अध्यक्ष पद के चुनाव का परिणाम घोषित कर दिया गया है। गोविंद गोयल ने 193 मतों से जीत दर्ज की है। उन्हें 1999 मतों में से 1085 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी तेलकुल पाल सिंह पाली को 894 वोट प्राप्त हुए।

    निर्वाचित पदाधिकारी

    अध्यक्ष गोविंद गोयल ,महामंत्री ललित तांतेड़, उपाध्यक्ष कमल पंजवानी, आदित्य जैन, प्रदीप अग्रवाल वीनस, अरविंद जैन, सुपारी ,मंत्री अजय देवनानी अज्जू, सुनील जैन, संजीव जैनकोषाध्यक्ष प्रदीप सेवानी,सह-कोषाध्यक्ष गोपाल सोनी ,अतिरिक्त कोषाध्यक्ष अजय गुप्ता

    अन्य प्रमुख गतिविधि

    भोपाल के जनजातीय संग्रहालय में आज भी शलाका चित्र प्रदर्शनी दोपहर 12 बजे से दर्शकों के लिए खुली रहेगी।

  • MP Weather Alert: आंधी-बारिश, ओले और कोहरे का कहर, आज 20 जिलों में अलर्ट; तीन दिन बिगड़ा रहेगा मौसम

    MP Weather Alert: आंधी-बारिश, ओले और कोहरे का कहर, आज 20 जिलों में अलर्ट; तीन दिन बिगड़ा रहेगा मौसम


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश, ओलावृष्टि और कोहरे का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आज राज्य के करीब 20 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और मावठा गिरने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही अगले तीन दिनों तक कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी दी गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में बारिश और ओले गिर रहे हैं। वहीं 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसके चलते 10 फरवरी तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का दौर दोबारा शुरू हो सकता है।

    आज यानी मंगलवार को ग्वालियर, राजगढ़, रीवा, विदिशा, गुना, मुरैना, भिंड, आगर मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, सागर, दमोह, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। इनमें से कई जिलों में सुबह के समय मध्यम कोहरा भी देखा गया, जिससे दृश्यता प्रभावित रही।

    आने वाले तीन दिनों के मौसम की बात करें तो 4 फरवरी बुधवार को ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सतना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और पन्ना जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहेगा।5 फरवरी गुरुवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, राजगढ़, मऊगंज, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, दतिया, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में कोहरे का असर देखने को मिलेगा।

    वहीं 6 फरवरी शुक्रवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, शिवपुरी, श्योपुर, सिंगरौली, सतना, सीधी, अशोकनगर, मऊगंज, मुरैना, भिंड, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में कोहरा छाए रहने की संभावना है।लगातार बदलते मौसम के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है, वहीं लोगों को भी ठंड, कोहरे और बारिश से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने सुबह और रात के समय सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

  • Bhopal Crime News: दुष्कर्म आरोपी की कोर्ट में पेशी पर हंगामा, वकीलों ने की पिटाई; कमला पार्क में नाबालिग पर चाकू से हमला

    Bhopal Crime News: दुष्कर्म आरोपी की कोर्ट में पेशी पर हंगामा, वकीलों ने की पिटाई; कमला पार्क में नाबालिग पर चाकू से हमला


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े दो गंभीर मामले सामने आए, जिससे शहर में हड़कंप मच गया। पहला मामला कोहेफिजा इलाके का है, जहां 11वीं कक्षा की छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी की कोर्ट में पेशी के दौरान जमकर हंगामा हुआ। वहीं दूसरी घटना श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र के कमला पार्क रेत घाट के पास की है, जहां एक नाबालिग युवक पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।

    कोहेफिजा थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म के मामले में पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करने पहुंची थी। जैसे ही आरोपी को कोर्ट परिसर में लाया गया, वहां मौजूद वकीलों ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस और वकीलों के बीच तीखी बहस के बाद झूमा-झटकी भी हुई। आरोप है कि आरोपी ने कार में 11वीं की छात्रा के साथ दुष्कर्म किया था और धर्म परिवर्तन के साथ अश्लील वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल भी किया था। घटना के दौरान हुए हंगामे और मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने किसी तरह हालात को संभालते हुए आरोपी को दो दिन की रिमांड पर लिया है।

    इधर, शहर के श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र अंतर्गत कमला पार्क रेत घाट के पास एक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां 17 वर्षीय नाबालिग युवक पर बदमाशों ने चाकू से हमला कर दिया। युवक पर धारदार हथियार से हाथ और पीठ पर वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले में युवक के पीठ और हाथ के पंजे में गहरी चोटें आई हैं।

    घायल युवक को तत्काल हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर कोर्ट परिसर में आरोपी के साथ मारपीट, तो दूसरी ओर सार्वजनिक स्थान पर नाबालिग पर जानलेवा हमला इन दोनों मामलों ने पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ा दी है।

  • MP के इस जिले को मिली रोप-वे और म्यूजियम का तोहफा, शिवराज ने दी बड़ी खुशखबरी!

    MP के इस जिले को मिली रोप-वे और म्यूजियम का तोहफा, शिवराज ने दी बड़ी खुशखबरी!


    रायसेन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र (Vidisha-Raisen Parliamentary Constituency) में सोमवार को चल रहे सांसद खेल महोत्सव (MP Sports Festival) का समापन हुआ, और इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने रायसेन को एक महत्वपूर्ण सौगात दी। शिवराज ने घोषणा की कि उन्हें भारत सरकार से रायसेन के किले तक रोप-वे बनाने की अनुमति मिल गई है। इसके अलावा, किले के भीतर एक भव्य म्यूजियम भी बनेगा, जिसमें रायसेन के इतिहास और धरोहर को प्रदर्शित किया जाएगा।


    किले तक पहुँचने का आसान रास्ता मिलेगा: रोप-वे का निर्माण होगा

    रायसेन का किला एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जिससे वहां पहुंचना हमेशा ही चुनौतीपूर्ण रहा है। अब रोप-वे के निर्माण से श्रद्धालु और पर्यटक आसानी से किले तक पहुँच सकेंगे। शिवराज ने इस बारे में रायसेन के विधायक प्रभुराम चौधरी को भारत सरकार से प्राप्त आदेश की कॉपी भी सौंपी। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि किले तक रोप-वे निर्माण के साथ-साथ वहां एक शानदार म्यूजियम भी स्थापित किया जाएगा, जो इलाके के समृद्ध इतिहास को संजोएगा। म्यूजियम में रायसेन की ऐतिहासिक धरोहर और संस्कृति की झलक मिल सकेगी, जो न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक आकर्षण का केंद्र बनेगा।


    रायसेन में होगा किसान कुंभ और मेला

    कार्यक्रम के दौरान, शिवराज सिंह चौहान ने यह भी घोषणा की कि अप्रैल महीने में 12, 13 और 14 तारीख को रायसेन में ‘किसान कुंभ’ और किसानों का मेला आयोजित किया जाएगा। इसमें किसानों को खेती से जुड़ी नई तकनीकों और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी जाएगी। शिवराज ने कहा, “रायसेन अब सिर्फ ऐतिहासिक नहीं, बल्कि एक आदर्श जिले के रूप में भी विकसित होगा।”

    शिवराज ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, “रायसेन के लोग, आपकी मुस्कान ही मेरी जिंदगी है। मैं वचन देता हूँ कि आपकी खुशियों के लिए मामा कोई कसर नहीं छोड़ेगा।” उनका यह वक्तव्य कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के लिए उत्साहवर्धक था, और उन्होंने रायसेन के विकास की दिशा में और भी योजनाएं बनाने की बात की।


    प्रभुराम चौधरी ने दी रायसेन के विकास की दिशा में नई दिशा

    कार्यक्रम के दौरान रायसेन के विधायक और पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी ने सोशल मीडिया पर खुशी व्यक्त करते हुए लिखा, “रायसेन के मेरे प्रिय भाई-बहनों, आज हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रयासों से हमें रायसेन किले में रोप-वे निर्माण की अनुमति मिली है। अब श्रद्धालु और पर्यटक रोप-वे के माध्यम से किले तक पहुंच सकेंगे। इसके साथ ही, किले में एक भव्य म्यूजियम भी बनेगा, जिससे रायसेन की समृद्ध विरासत को नई पहचान मिलेगी। हम अपने जिले के विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

    रायसेन किला: ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक
    रायसेन का किला मध्य प्रदेश के प्रमुख किलों में से एक है, और यह राजधानी भोपाल से लगभग 40 किलोमीटर दूर एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। किले का निर्माण 11वीं शताब्दी में हुआ था, और यह पहले हिंदू राजाओं का गढ़ हुआ करता था। बाद में इस किले पर अफगान और मुग़ल शासकों का भी अधिकार रहा। किले में हिंदू और मुग़ल वास्तुकला का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। किले के अंदर कई महत्वपूर्ण स्थल हैं जैसे बादल महल, रानी महल, जलाशय, मंदिर और हजरत पीर फतेह उल्लाह शाह बाबा की दरगाह, जहां हर साल उर्स के मौके पर हजारों श्रद्धालु आते हैं।

    किले तक रोप-वे बनने से, न केवल किले तक पहुंचना आसान होगा, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। किले में बने म्यूजियम से रायसेन की ऐतिहासिक विरासत को एक नई पहचान मिलेगी, जो पर्यटकों को आकर्षित करेगी और स्थानीय संस्कृति को संजोने में मदद करेगी।


    समारोह में भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की उपस्थिति

    मध्य प्रदेश में सांसद खेल महोत्सव के समापन समारोह में भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर रविंद्र जडेजा भी मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने इस अवसर पर एक रोड शो में हिस्सा लिया और खेल महोत्सव में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को संबोधित किया। इस कार्यक्रम ने क्षेत्रीय खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


    नए विकास की दिशा में शिवराज की पहल

    शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर जोर दिया कि रायसेन में और भी विकास योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिनसे जिले का समग्र विकास होगा। उन्होंने यह भी कहा कि रायसेन अब हिंदुस्तान के आदर्श जिलों में शामिल होगा, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और किसानों के लिए योजनाएं संचालित की जाएंगी। कुल मिलाकर, रायसेन को रोप-वे और म्यूजियम जैसी महत्वपूर्ण सौगातें मिल रही हैं, जो न केवल जिले के विकास को गति देंगी, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित करेंगी।

  • अनूपपुर में मवेशियों की रहस्यमयी मौत से हड़कंप: दो दिनों में 12 पशु मरे, फूड प्वाइजनिंग की आशंका

    अनूपपुर में मवेशियों की रहस्यमयी मौत से हड़कंप: दो दिनों में 12 पशु मरे, फूड प्वाइजनिंग की आशंका


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में मवेशियों की अचानक हो रही मौतों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बीते दो दिनों में 10 से 12 मवेशियों की रहस्यमयी बीमारी से मौत हो चुकी है। यह मामला कोतमा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत दूल्ही बांध के मुसवा झोरखी गांव का बताया जा रहा है जहां एक के बाद एक पशुओं की मौत ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।

    ग्रामीणों के अनुसार बीमार मवेशियों में अचानक लार गिरना पेट फूलना सांस लेने में तकलीफ और कमजोरी जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं। हालत इतनी तेजी से बिगड़ रही है कि कुछ मवेशियों की कुछ ही घंटों के भीतर मौत हो जा रही है। बीमारी के तेजी से फैलने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने एहतियातन अपने मवेशियों को बांधकर रखना शुरू कर दिया है ताकि संक्रमण अन्य पशुओं तक न पहुंचे।

    मामले की जानकारी मिलते ही पशु चिकित्सा विभाग की चलित टीम गांव पहुंची और बीमार व स्वस्थ मवेशियों के ब्लड सैंपल लेकर जांच शुरू की। साथ ही एहतियात के तौर पर टीकाकरण का कार्य भी किया जा रहा है। बिजुरी के पशु चिकित्सक डॉ. गुप्ता ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला फूड प्वाइजनिंग से जुड़ा हो सकता है हालांकि बीमारी की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और लैब जांच आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    इस बीच ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर ही निगवानी क्षेत्र के पशु चिकित्सक डॉ. पांडे को सूचना देकर टीकाकरण की मांग की थी लेकिन ब्लॉक पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण दो दिनों में 12 मवेशियों की जान चली गई।

    ग्रामीणों ने बताया कि जब मामले की शिकायत कलेक्टर तक पहुंचाई गई तब जाकर पशु चिकित्सा विभाग हरकत में आया और टीम को गांव भेजा गया। फिलहाल गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है और पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर चिंतित हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद बीमारी के कारणों पर स्थिति साफ हो सकेगी। तब तक एहतियात बरतने और मवेशियों को खुले में चरने से रोकने की सलाह दी गई है।

  • एमपी सरकार फिर लेगी 5200 करोड़ का कर्ज: 2026 में दूसरी बार ऋण, चालू वित्तीय वर्ष में आंकड़ा 62,300 करोड़ पहुंचा

    एमपी सरकार फिर लेगी 5200 करोड़ का कर्ज: 2026 में दूसरी बार ऋण, चालू वित्तीय वर्ष में आंकड़ा 62,300 करोड़ पहुंचा


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर बड़ा कर्ज लेने जा रही है। वर्ष 2026 में यह सरकार का दूसरा ऋण होगा। आगामी 7 फरवरी को राज्य सरकार को 5200 करोड़ रुपये का कर्ज मिलेगा। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में लिया गया कुल ऋण बढ़कर 62300 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। इससे पहले सरकार इस वित्तीय वर्ष में 57100 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है।

    सरकारी जानकारी के अनुसार 5200 करोड़ रुपये के इस ऋण को तीन अलग-अलग किस्तों में लिया जा रहा है। पहली किस्त के तहत 1200 करोड़ रुपये का कर्ज 7 वर्ष की अवधि के लिए होगा जिसकी ब्याज सहित भुगतान की अंतिम तिथि 4 फरवरी 2033 तय की गई है। दूसरी किस्त में 2000 करोड़ रुपये का कर्ज 17 वर्ष की अवधि के लिए लिया जा रहा है जिसे 4 फरवरी 2043 तक चुकाया जाएगा। वहीं तीसरी किस्त में 2000 करोड़ रुपये का ऋण 22 वर्षों की अवधि के लिए लिया गया है जिसका भुगतान ब्याज सहित किया जाएगा।

    बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा लिया जा रहा यह कर्ज विकास कार्यों योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    अगर पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 की बात करें तो सरकार लगभग हर महीने बाजार से ऋण लेती नजर आई है। 7 मई 2025 को 5000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया। इसके बाद 4 जून को 4500 करोड़ 8 जुलाई को 4800 करोड़ और 30 जुलाई को 4300 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया। अगस्त महीने में भी सरकार ने दो बार कर्ज लिया—5 अगस्त को 4000 करोड़ और 26 अगस्त को 4800 करोड़ रुपये।

    सितंबर में 9 तारीख को 4000 करोड़ 23 सितंबर को 3000 करोड़ और 30 सितंबर को फिर 3000 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया। इसके बाद 28 अक्टूबर को 5200 करोड़ 11 नवंबर को 4000 करोड़ 2 दिसंबर को 3000 करोड़ और 30 दिसंबर 2025 को 3500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया। लगातार बढ़ते कर्ज के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इन पैसों का उपयोग किस तरह करती है और आने वाले समय में राज्य की आर्थिक सेहत को संतुलित रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।