Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल सुसाइड मिस्ट्री: बीटेक छात्र की मौत में बड़ा खुलासा, रिश्तेदार पर ₹1.30 लाख हड़पने और प्रताड़ना का आरोप

    भोपाल सुसाइड मिस्ट्री: बीटेक छात्र की मौत में बड़ा खुलासा, रिश्तेदार पर ₹1.30 लाख हड़पने और प्रताड़ना का आरोप



    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक इंजीनियरिंग छात्र द्वारा वीडियो कॉल पर सुसाइड किए जाने के सनसनीखेज मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। मृतक छात्र के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके ही एक करीबी रिश्तेदार ने करियर बनाने के नाम पर छात्र से भारी रकम ऐंठी और फिर उसे मौत के मुहाने तक धकेल दिया।

    शनिवार सुबह अशोका गार्डन स्थित किराए के कमरे में बीटेक थर्ड ईयर के छात्र मोहम्मद इफ्तिखार (21) ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। चौंकाने वाली बात यह है कि सुसाइड के वक्त वह अपनी एक दोस्त से वीडियो कॉल पर बात कर रहा था।

    सूचना मिलते ही जब दोस्त कमरे पर पहुँचे, तो दरवाजा अंदर से बंद था। गेट तोड़कर अंदर जाने पर इफ्तिखार का शव फंदे से लटका मिला और मोबाइल दीवार के सहारे टिका हुआ था, जिससे अंदेशा है कि उसने पूरी वारदात को लाइव दिखाया।

    परिजनों का गंभीर आरोप 
    रविवार को पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के पिता मोहम्मद नवाब अली ने मीडिया के सामने टूटते हुए बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि:

    सर्टिफिकेट के नाम पर ठगी: एक रिश्तेदार ने डिग्री और सर्टिफिकेट दिलाने का झांसा देकर इफ्तिखार से 1.30 लाख रुपये हड़प लिए थे।

    धमकी और तनाव: जब इफ्तिखार ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी रिश्तेदार उसे डराने-धमकाने लगा।इसी आर्थिक ठगी और मानसिक प्रताड़ना के कारण छात्र गहरे तनाव में था, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने घटनास्थल से छात्र का मोबाइल जब्त कर लिया है। पैटर्न लॉक खुलने के बाद कॉल रिकॉर्ड्स और वीडियो चैट की फॉरेंसिक जांच की जाएगी।

    पुलिस अब छात्र की उस दोस्त का बयान दर्ज करने की तैयारी में है, जिससे वह आखिरी वक्त पर बात कर रहा था। पुलिस का कहना है कि “रिश्तेदार” वाले एंगल और रुपयों के लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है।

  • भोपाल में खाद्य मंत्री ने मिलावट का किया लाइव निरीक्षण: पीली हल्दी लाल हुई, गोविंद राजपूत बोले- हर उपभोक्ता बने जिद्दी

    भोपाल में खाद्य मंत्री ने मिलावट का किया लाइव निरीक्षण: पीली हल्दी लाल हुई, गोविंद राजपूत बोले- हर उपभोक्ता बने जिद्दी



    नई दिल्ली। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने सभागार में लगी विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में विभिन्न खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट और उसकी पहचान के तरीके दर्शाए गए थे।

    मंत्री ने अपनी आंखों के सामने हल्दी का नमूना केमिकल में डालते ही पीले रंग से लाल रंग में बदलते देखा, जिसे देखकर वे चौंक गए। इस घटना को अपने मुख्य संबोधन में भी उन्होंने शामिल किया और जनता से अपील की कि वे अपने हक के लिए जागरूक और “जिद्दी उपभोक्ता” बनें। मंत्री ने उदाहरण देते हुए प्रख्यात दानवीर और विधिवेत्ता डॉ. हरिसिंह गौर की बहादुरी की ओर इशारा किया, जिन्होंने भ्रष्टाचार और प्रशासनिक गड़बड़ियों के खिलाफ सख्ती से लड़ाई लड़ी।

    मंत्री ने नापतौल में होने वाली अनियमितताओं की भी ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि 2 किलो और आधा किलो के बांट का वजन बराबर दिखाने वाले तराजू में गड़बड़ी पाई गई। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे खरीदारी करते समय तराजू और पैकेजिंग का ध्यान रखें।

    इस अवसर पर मंत्री ने 2019 के नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि अब शिकायत करना आसान है। उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल हो सकते हैं। अधिनियम में उपभोक्ताओं के छह प्रमुख अधिकार शामिल हैं: चुनने का अधिकार, जानकारी का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, समस्याओं का निराकरण और उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार।

    राज्य और जिला उपभोक्ता आयोगों में शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया में तेजी आई है। वर्ष 2025–26 में राज्य उपभोक्ता आयोग ने करीब 3 हजार मामलों का निपटारा किया, जबकि जिला आयोगों में 14 हजार से अधिक मामलों का समाधान हो चुका है। ऑनलाइन माध्यम से शिकायतें भी बढ़ी हैं; दिसंबर 2020 से अब तक राज्य आयोग में 7,500+ और जिला आयोगों में 26,000+ शिकायतें दर्ज की गई हैं।

    कार्यक्रम में स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों और छात्रों को भी सम्मानित किया गया। कटनी की संस्था अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन को प्रथम पुरस्कार (1,11,000 रुपये) मिला, जबकि ग्वालियर की प्राकृतिक चिकित्सालय महाविद्यालय समिति को द्वितीय पुरस्कार (51,000 रुपये) प्रदान किया गया। छात्राओं के लिए आयोजित निबंध और पोस्टर प्रतियोगिता में उज्जैन, छतरपुर और इंदौर की छात्राओं ने प्रमुख स्थान प्राप्त किए।

    मंत्री राजपूत ने अंत में चेतावनी दी कि अनुचित व्यापारिक प्रथाओं और मिलावटखोरी पर नकेल तभी कसी जा सकती है जब उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और सतर्क रहें, शिकायत करने में हिचकिचाएं नहीं।

    इस कार्यक्रम ने उपभोक्ताओं को खाद्य सुरक्षा, अधिकारों और जागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया, साथ ही डिजिटल माध्यम और नई तकनीकों के जरिए शिकायत और सुनवाई को और सुलभ बनाया।

  • भोपाल में मनाई गई मां कर्मा देवी की 1010वीं जयंती, निकली भव्य शोभायात्रा

    भोपाल में मनाई गई मां कर्मा देवी की 1010वीं जयंती, निकली भव्य शोभायात्रा


    नई दिल्ली। साहू समाज की आराध्य देवी मां कर्मा देवी की 1010वीं जयंती राजधानी में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। जयंती के अवसर पर लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां सुबह मां कर्मा देवी का पुष्प श्रृंगार और महाआरती संपन्न हुई। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण था और समाज के पदाधिकारी, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    मध्य प्रदेश तैलिक साहू सभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी विवेक साहू ने बताया कि महाआरती में प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश साहू, महासचिव अनिल कुमार साहू, डॉ. प्रकाश सेठ, हरिशंकर साहू, मदनलाल साहू, जिला अध्यक्ष रविंद्र साहू सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान महिलाएं और युवाओं ने भक्ति गीत और धार्मिक भजन प्रस्तुत किए, जिससे पूरे मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल बना।

    जयंती के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो मंगलवारा, जैन मंदिर रोड, इतवारा, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, सराफा चौक, लखेरापुरा, भवानी चौक, सोमवारा, चौकी इमामबाड़ा और छोटे भैया कॉर्नर होते हुए पुनः मंदिर परिसर में समाप्त हुई। मार्ग में श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

    शोभायात्रा में घोड़ा-बग्गी, दुल्दुल घोड़ी, आकर्षक धार्मिक झांकियां और कलश धारण की महिलाएं शामिल थीं। इसके साथ ही महाकाल भक्त मंडल के सैकड़ों युवा मां कर्मा देवी के जयकारों के साथ यात्रा में शामिल होकर भक्ति और उत्साह का वातावरण बनाते रहे।

    शोभायात्रा के समापन के बाद मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही समाज के प्रतिभाशाली व्यक्तियों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई, जिससे सभी ने सामूहिक रूप से धार्मिक और सामाजिक उल्लास का अनुभव किया।

    इसके अतिरिक्त, छोला विश्राम घाट स्थित मां कर्मा देवी की प्रतिमा पर भी समाजजनों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर आरती की गई और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर सुदामा प्रसाद साहू, हिम्मत साहू, रमेश साहू, मदनलाल साहू, भगवानदास साहू, विवेक साहू, प्रीतम साहू, विनोद साहू, राकेश साहू, जितेंद्र साहू, सुनील साहू और निक्की साहू सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

    इस कार्यक्रम ने भोपाल में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक प्रस्तुत किया। भक्ति, उत्साह और श्रद्धा के इस संगम ने जयंती समारोह को यादगार बना दिया।

  • भोपाल निगम में फर्जी बिलिंग के आरोप पर लोकायुक्त का सेंट्रल वर्कशॉप में छापा

    भोपाल निगम में फर्जी बिलिंग के आरोप पर लोकायुक्त का सेंट्रल वर्कशॉप में छापा



    भोपाल भोपाल नगर निगम में फर्जी बिलिंग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के चलते रविवार सुबह लोकायुक्त की टीम ने सेंट्रल वर्कशॉप स्थित नगर निगम कार्यालय में छापेमारी की। यह कार्यवाही सुबह 9 बजे शुरू हुई और अभी भी जारी है। नगर निगम की यह वर्कशॉप गाड़ियों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य मैकेनिकल कार्यों के लिए जानी जाती है।

    लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को निगम के फतेहगढ़ डाटा सेंटर पर कार्रवाई करते हुए पिछले 10 वर्षों के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त किए थे। प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के सबूत मिले, जिसके आधार पर सेंट्रल वर्कशॉप में यह छापेमारी की गई। जांच टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन-किन फर्मों और व्यक्तियों की संलिप्तता रही।

    11 मार्च को अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत नवंबर 2025 में लोकायुक्त को प्राप्त हुई थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर कोर्ट से सर्च वारंट लेकर कार्रवाई की गई।

    लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर के अनुसार, शिकायत में आरोप है कि SAP सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी बिल तैयार किए गए। इन बिलों के माध्यम से परिचितों और रिश्तेदारों की फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया, जबकि असल में संबंधित काम या तो किया ही नहीं गया या विभागों को इसकी जानकारी नहीं थी।

    जांच में यह भी सामने आया कि नगर निगम के जलकार्य विभाग, सामान्य प्रशासन और सेंट्रल वर्कशॉप के नाम पर गाड़ियों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य काम दिखाए गए, लेकिन कई मामलों में वास्तव में काम नहीं हुआ था। डिजिटल डाटा और दस्तावेजों की जांच से अब यह पता लगाया जाएगा कि किन कार्यों के नाम पर भुगतान किया गया और वास्तविकता क्या थी।

    अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर का कहना है कि लेखा शाखा में बिल सीधे पास नहीं किए जाते। बिल संबंधित विभागों से सत्यापन के बाद आते हैं और फंड की उपलब्धता के अनुसार नगर निगम आयुक्त से चर्चा के बाद भुगतान किया जाता है। उनका यह बयान यह दर्शाता है कि भुगतान प्रक्रिया में कई स्तरों पर सत्यापन होता है, लेकिन कथित फर्जी बिलिंग के मामले ने प्रणाली में संभावित गड़बड़ियों को उजागर किया है।

    लोकायुक्त टीम का कहना है कि जब्त SAP सॉफ्टवेयर का डेटा और अन्य डिजिटल दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले में और फर्मों और कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है। यह कार्रवाई भोपाल नगर निगम में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

  • इंदौर में सनातन प्रीमियर लीग का फाइनल दिन, संतों और क्रिकेटरों के बीच मैच

    इंदौर में सनातन प्रीमियर लीग का फाइनल दिन, संतों और क्रिकेटरों के बीच मैच



    नई दिल्ली। नेहरू स्टेडियम में रविवार को सनातन प्रीमियर लीग (एसपीएल) सीजन-1 का आखिरी दिन रोमांचक होने वाला है। 12 मार्च से चल रहे इस क्रिकेट टूर्नामेंट का समापन विशेष फ्रेंडली मैच के साथ होगा, जिसमें संतों और पेशेवर क्रिकेटरों के बीच खेल का आयोजन किया गया है। इस मैच का उद्देश्य न केवल खेल भावना का प्रदर्शन है, बल्कि खिलाड़ियों और संतों के बीच आध्यात्मिक और मानसिक सामंजस्य को भी बढ़ावा देना है।

    इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित संत उपस्थित रहेंगे, जिनमें जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, चिन्मयानंद बापूजी, पं. प्रदीप मिश्रा, इंद्रेश उपाध्याय महाराज, देवकीनंदन ठाकुर महाराज, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य महाराज, संत त्रिलोचन दर्शनदास और अर्पित दास महाराज शामिल हैं। वहीं क्रिकेट जगत से प्रमुख खिलाड़ी जैसे सुरेश रैना, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, मोहित शर्मा और चेतन शर्मा भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे।

    फाइनल मुकाबले से पहले संतों और खिलाड़ियों के बीच वॉर्म-अप यूनिटी मैच खेला जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह सत्र खिलाड़ियों को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

    एसपीएल में कुल आठ टीमों ने भाग लिया और सभी मैच टी-10 फॉर्मेट में खेले गए। लीग के दौरान कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। शनिवार को मध्यप्रदेश ने राजस्थान को 5 विकेट से हराया, जबकि उत्तराखंड ने दिल्ली को भी 5 विकेट से मात दी। तीसरे मैच में साउथ डीसीआर ने गुजरात को 25 रन से हराया और चौथे मुकाबले में महाराष्ट्र ने उत्तर प्रदेश को 23 रन से पराजित किया।

    आज चार महत्वपूर्ण मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच दोपहर 2 बजे शुरू होगा। इसके बाद शाम 4 बजे मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच दूसरा मुकाबला होगा। शाम 6 बजे संतों और खिलाड़ियों का वॉर्म-अप यूनिटी मैच खेला जाएगा। फाइनल मुकाबला रात 8 बजे से होगा, जो इस सीजन का सर्वोच्च रोमांच प्रदान करेगा।

    एसपीएल के आयोजन में देवकीनंदन ठाकुर का मार्गदर्शन रहा। उन्होंने कहा कि यह लीग नई प्रतिभाओं को निखारने और संत समाज को खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल करने का अद्भुत मंच है। इस दौरान बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी मौजूद रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही खेल और आध्यात्मिक मूल्य दोनों को बढ़ावा देती हैं।

    नेहरू स्टेडियम में खेल का माहौल उत्साहपूर्ण और अनुशासित है। खिलाड़ियों और संतों के बीच यह प्रतियोगिता दर्शकों के लिए खेल, मनोरंजन और आध्यात्मिक एकता का अनूठा संगम पेश करेगी। इस आयोजन से इंदौर का खेल और सांस्कृतिक माहौल भी समृद्ध होगा।

  • हरदा के भुआणा का गणगौर उत्सव राष्ट्रीय मंच पर, 21 मार्च को दूरदर्शन पर होगा प्रसारण

    हरदा के भुआणा का गणगौर उत्सव राष्ट्रीय मंच पर, 21 मार्च को दूरदर्शन पर होगा प्रसारण

    हरदा जिले के भुआणा क्षेत्र में गणगौर महोत्सव की धूम 9 दिनों तक देखने को मिलती है। इस दौरान गांवों में कन्याएं और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य और पूजा के माध्यम से माता गौरा की आराधना करती हैं। मालवा, निमाड़ और भुआणा क्षेत्र की साझा संस्कृति की झलक इस उत्सव में स्पष्ट रूप से देखने को मिलती है।

    इस वर्ष भुआणा के कलाकारों ने अपनी कला के दम पर जिले को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वर प्रभा संगीत कला अकादमी को राष्ट्रीय चैनल दूरदर्शन से प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया। कलाकारों ने गणगौर उत्सव और निमाड़ी संस्कृति पर आधारित अपनी प्रस्तुति की रिकॉर्डिंग कराई, जिसे 21 मार्च को दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल पर प्रसारित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से पूरे देश के दर्शक भुआणा क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं और उत्सव की धूम को देख सकेंगे।

    स्वर प्रभा संगीत कला अकादमी की गायिका मिशा शर्मा अपने मंडल ‘मां कात्यायनी शक्ति गणगौर मंडल’ के साथ दूरदर्शन के स्टूडियो पहुंचीं। मंडल के कलाकारों ने पारंपरिक गणगौर गीतों और लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। रिकॉर्डिंग के दौरान कलाकारों ने निमाड़ की लोक संस्कृति और गणगौर उत्सव की परंपराओं को जीवंत रूप में मंच पर प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति से क्षेत्र की लोक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।

    कार्यक्रम में नृत्य प्रस्तुति देने वालों में प्रियांशी, भूमी, पूजा, साधना रानी, पायल, लक्ष्मी, हर्षा, दुर्गा और मीनाक्षी शामिल रहीं। गायन में मिशा शर्मा और सुमित शर्मा ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। संगीत में ढोलक पर मयंक मालवीय, तबले पर सान्निध्य गंगराड़े और ऑक्टोपैड पर दिव्यांश शर्मा ने संगत देकर प्रस्तुति को और आकर्षक बनाया।

    भुआणा क्षेत्र की गणगौर परंपरा और निमाड़ी संस्कृति को पहले भी कई मंचों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाया जा चुका है। स्वर प्रभा संगीत कला अकादमी के सुमित शर्मा लगातार अपने विद्यार्थियों को तैयार कर बड़े मंचों पर प्रस्तुति का अवसर दिला रहे हैं। इस बार दूरदर्शन पर होने वाला प्रसारण हरदा और भुआणा क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत होगी। साथ ही आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी लोक परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी। गणगौर महोत्सव के माध्यम से भुआणा का यह सांस्कृतिक रंग न केवल जिले बल्कि पूरे देश के दर्शकों तक पहुंच रहा है।

    भुआणा का गणगौर उत्सव अब सिर्फ स्थानीय या क्षेत्रीय ही नहीं रह गया, बल्कि राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने में सफल हो रहा है। 21 मार्च को प्रसारित यह कार्यक्रम इस क्षेत्र की कला और संस्कृति की गौरवपूर्ण छवि को और मजबूती देगा।

  • एमएस रोड पर बाइक टकराने के बाद बीच सड़क पर हाथापाई, पुलिस ने दोनों युवकों को किया बंद

    एमएस रोड पर बाइक टकराने के बाद बीच सड़क पर हाथापाई, पुलिस ने दोनों युवकों को किया बंद

    नई दिल्ली। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एमएस रोड पर शनिवार को बाइक दुर्घटना के बाद दो युवकों के बीच हाथापाई की घटना सामने आई। यह विवाद अस्पताल के सामने मोड़ पर हुआ, जहां दोनों युवकों के कपड़े तक फट गए। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर विवाद को शांत कराया, जबकि पुलिस ने धारा 151 के तहत दोनों युवकों को हिरासत में लेकर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।

    जानकारी के अनुसार, हिमांशु नामक युवक अपनी बाइक पर गैस सिलेंडर लेकर घर जा रहा था। इसी दौरान एमएस रोड पर सामने से आ रहे वंश नामक युवक की बाइक से उसकी टक्कर हो गई। टक्कर के तुरंत बाद दोनों युवकों के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज शुरू हो गई।

    बहस देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई और दोनों युवकों ने सड़क पर आपस में मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान दोनों के कपड़े फट गए और आसपास खड़े लोग दंग रह गए। स्थानीय लोगों ने स्थिति को संभालते हुए दोनों को अलग किया और विवाद को नियंत्रित करने की कोशिश की।

    मामले की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। टीआई अमित भदौरिया ने बताया कि दोनों युवक शांत होने के बजाय झगड़े में लगे रहे। उन्होंने कहा, “बाइक भिड़ने से दोनों युवकों के बीच मारपीट हुई, लेकिन जब दोनों शांत नहीं हुए तो धारा 151 के तहत उन्हें बंद किया गया।”

    इस घटना ने सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता को भी उजागर किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क पर किसी भी टकराव को तुरंत शांत न किया जाए तो यह बड़े विवाद या दुर्घटना का रूप ले सकता है।

    स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि हस्तक्षेप न किया जाता तो यह झगड़ा और बढ़ सकता था और आम जनता के लिए भी खतरा बन सकता था। वहीं, पुलिस ने चेतावनी दी कि सड़क पर सार्वजनिक जगहों पर किसी भी प्रकार के हिंसक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    हिमांशु और वंश दोनों ही युवकों के लिए यह अनुभव एक सबक साबित हुआ। पुलिस का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सड़क पर सावधानी और संयम जरूरी है। बाइक चलाते समय यातायात नियमों का पालन न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए, बल्कि अन्य राहगीरों और पड़ोसियों की सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है।

    इस घटना ने यह भी संकेत दिया कि स्थानीय लोगों की जागरूकता और त्वरित हस्तक्षेप विवादों को गंभीर रूप लेने से रोक सकता है। शहर में कोतवाली पुलिस ने आने वाले समय में ऐसी घटनाओं पर कड़ी निगरानी बनाए रखने का संकल्प लिया है

  • भिंड विवाद: TI नशे में पकड़े गए, कर्नल ने एसपी से सख्त कार्रवाई की मांग की

    भिंड विवाद: TI नशे में पकड़े गए, कर्नल ने एसपी से सख्त कार्रवाई की मांग की



    नई दिल्ली। मिहोना थाना प्रभारी टीआई विजय केन और रिटायर्ड सूबेदार मेज़र राकेश सिंह कुशवाहा के बीच विवाद अब तूल पकड़ चुका है। यह मामला तब सामने आया जब आर्मी के पूर्व जवान और वर्तमान पुलिस अधिकारी के बीच कथित दुर्व्यवहार की खबर आर्मी अधिकारियों तक पहुंची। शनिवार को ग्वालियर से आर्मी के डिप्टी कमांडेंट कर्नल विशाल मिहोना थाने पहुंचे और पुलिस जवानों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

    कर्नल ने थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों से विवाद के विवरण के साथ कुछ जवानों के बयान भी दर्ज किए। इसके बाद कर्नल ने सीधे टीआई विजय केन के आवास का दौरा किया। वहां उन्होंने पाया कि टीआई नशे की हालत में थे और ठीक से संवाद करने की स्थिति में नहीं थे। कर्नल ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता बताया और कहा कि ड्यूटी के दौरान शराब पीना किसी भी अधिकारी के लिए स्वीकार्य नहीं है।

    इस गंभीर मामले को लेकर कर्नल ने भिंड के एसपी असित यादव से करीब 35 मिनट तक मुलाकात की और सख्त कार्रवाई की मांग की। कर्नल ने स्पष्ट कहा कि आर्मी के पूर्व जवान के साथ दुर्व्यवहार और ड्यूटी के दौरान शराब पीने जैसी घटनाओं को गंभीरता से लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस मामले की रिपोर्ट आर्मी के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी और पुलिस की कार्रवाई पर निगरानी रखी जाएगी।

    एसपी असित यादव ने बताया कि टीआई विजय केन को फिलहाल लाइन अटैच कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले भी टीआई के शराब पीने की शिकायतें आ चुकी हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    मिहोना थाना में इस विवाद ने स्थानीय प्रशासन और आर्मी अधिकारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। कर्नल विशाल ने कहा कि आर्मी के किसी भी पूर्व जवान के साथ दुर्व्यवहार को नज़रअंदाज नहीं किया जाएगा और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। कर्नल की मांग है कि पुलिस विभाग भी ऐसे मामलों में अनुशासनहीन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करे।

    किसी भी संगठन में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। यह मामला यह साबित करता है कि चाहे कोई अधिकारी कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो, उसके कार्यों की निगरानी की जाती है और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्थानीय प्रशासन और आर्मी दोनों मिलकर इस मामले की निष्पक्ष जांच कर रहे हैं।

    इस विवाद ने यह भी उजागर किया है कि शराब और ड्यूटी का मेल किसी भी विभाग में गंभीर परिणाम ला सकता है। मिहोना थाना और भिंड जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल, टीआई को लाइन अटैच किया गया है, रिटायर्ड सूबेदार मेजर राकेश सिंह कुशवाहा अपनी बात प्रशासन के सामने रख चुके हैं, और पूरे मामले की निगरानी आर्मी द्वारा की जा रही है।

    स्थानीय लोग और आर्मी अधिकारी इस मामले की निष्पक्षता और उचित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। यह घटना पुलिस विभाग के लिए भी एक चेतावनी है कि अनुशासनहीनता के मामलों में कोई छूट नहीं होगी और हर अधिकारी अपने कर्तव्य के प्रति जिम्मेदार रहेगा।

  • उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे: किसानों की जीत, मुआवजे की लड़ाई जारी

    उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे: किसानों की जीत, मुआवजे की लड़ाई जारी


    नई दिल्ली। उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना को अब नॉर्मल हाईवे के रूप में स्वीकृति मिल गई है। यह फैसला प्रभावित 62 गांवों के करीब 400 किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। शनिवार देर रात किसानों ने भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर इस निर्णय के लिए उनका आभार जताया।

    किसानों ने मुख्यमंत्री से अपनी दो प्रमुख मांगों पर चर्चा की। पहली मांग थी कि हाईवे को एक्सेस कंट्रोल रोड के बजाय नॉर्मल हाईवे के रूप में बनाया जाए ताकि गांवों की कनेक्टिविटी और आवागमन प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने इस मांग को स्वीकार कर किसानों को संतोष दिया।

    दूसरी और सबसे महत्वपूर्ण मांग थी भूमि अधिग्रहण के लिए वास्तविक बाजार मूल्य पर मुआवजा देने की। किसानों का आरोप है कि जिला प्रशासन द्वारा तय मुआवजा दरें बेहद कम हैं। 2024–25 की गाइडलाइन के अनुसार केवल 1,700 रुपये से 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, उज्जैन–इंदौर ग्रीनफील्ड रोड परियोजना में किसानों को कई जगह 45 लाख रुपये प्रति बीघा तक का मुआवजा मिला था। इसके मुकाबले उज्जैन–जावरा परियोजना में केवल 2–4 लाख रुपये प्रति बीघा का प्रस्ताव है, जिसे किसान अन्यायपूर्ण मान रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उचित मुआवजा दिया जाएगा और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने किसानों से संयम और भरोसा बनाए रखने की अपील भी की।

    इस निर्णय से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की राहत की स्थिति है, लेकिन मुआवजे को लेकर संघर्ष अभी जारी है।

  • दतिया में मासूमियत का कत्ल: प्रेम में मिला धोखा तो 14 वर्षीय किशोरी ने चुन ली मौत, प्रेमी पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज

    दतिया में मासूमियत का कत्ल: प्रेम में मिला धोखा तो 14 वर्षीय किशोरी ने चुन ली मौत, प्रेमी पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है जहाँ एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी की खुदकुशी के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बड़ोनी थाना क्षेत्र के जौन्हार गांव में हुई इस त्रासदी ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया बल्कि समाज में फैल रहे डिजिटल प्रेम और उसके घातक परिणामों को भी उजागर किया है। शनिवार रात पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद मृतका के प्रेमी युवक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

    शादी से इनकार बना मौत की वजह

    पुलिस जांच और कॉल डिटेल्स से जो सच निकलकर सामने आया है वह बेहद विचलित करने वाला है। जानकारी के अनुसार जौन्हार निवासी इस नाबालिग किशोरी का जिगना क्षेत्र के रहने वाले नीरज पाल नामक युवक से पिछले करीब दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। किशोरी उस पर अटूट विश्वास करती थी और उससे विवाह करना चाहती थी। लेकिन जब किशोरी ने शादी का प्रस्ताव रखा तो नीरज पाल ने अपनी असलियत दिखाते हुए उसे ठुकरा दिया। आरोपी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उसकी सगाई कहीं और हो चुकी है और वह उससे शादी नहीं कर सकता। धोखे और उपेक्षा के इसी सदमे को मासूम किशोरी बर्दाश्त नहीं कर पाई।

    मोबाइल कॉल डिटेल और FSL रिपोर्ट ने खोले राज

    यह घटना 26 दिसंबर की है जब किशोरी अपने ही घर के कमरे में पंखे के फंदे से लटकी पाई गई थी। शुरुआत में यह केवल आत्महत्या का मामला लग रहा था लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक जांच ने कहानी बदल दी। पुलिस ने मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई जिससे नीरज पाल के साथ उसके लंबे संबंधों की पुष्टि हुई। सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट से मिला। एफएसएल रिपोर्ट में पीड़िता की वैजाइनल स्लाइड में पुरुष डीएनए मिलने की पुष्टि हुई जिससे यह साबित हो गया कि आत्महत्या से पहले किशोरी के साथ शारीरिक संबंध बनाए गए थे।

    कानूनी शिकंजे में आरोपी नीरज पाल

    इन पुख्ता वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बड़ोनी थाना पुलिस ने नीरज पाल को इस मौत का जिम्मेदार माना है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने न केवल एक नाबालिग का शारीरिक शोषण किया बल्कि उसे मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया कि उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं सहित पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश तेज कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए अपराधी कितना भी बचने की कोशिश करे वह बच नहीं सकता।