Category: Madhya Pradesh

  • स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने दिया प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन का निर्देश

    स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने दिया प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन का निर्देश


    भोपाल : उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, अधोसंरचना विकास, चिकित्सकीय मैनपावर की उपलब्धता और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में अधोसंरचना विकास, चिकित्सकीय सहायक और चिकित्सकीय मैनपावर की नियुक्ति, स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन से जुड़े प्रस्तावों की गहन समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने इन प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र आगे बढ़ाने और रिमोट लोकेशन में स्थित मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण स्टाफ की नियुक्ति को प्रोत्साहित करने हेतु अतिरिक्त इंसेंटिव प्रस्ताव को कैबिनेट अनुमोदन के लिए शीघ्र भेजने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में योग्य शिक्षण स्टाफ की उपलब्धता गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक में विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर औपचारिकताओं की पूर्ति प्राथमिकता से करने का निर्देश भी दिया गया ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में विलंब न हो।

    सीएम केयर्स के अंतर्गत टर्शरी केयर स्वास्थ्य सुविधाओं में अत्याधुनिक उपकरण और आवश्यक मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रस्तावों को प्राथमिकता से अग्रेषित करने के निर्देश भी उप मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि गंभीर रोगों के उपचार हेतु टर्शरी केयर सेवाओं को और अधिक मजबूत किया जाना आवश्यक है, ताकि नागरिकों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदेश के हर क्षेत्र में उपलब्ध हो सकें।

    उप मुख्यमंत्री ने दमोह, छतरपुर और बुधनी मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए आवश्यक शिक्षण स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए और आगामी शैक्षणिक सत्र में संचालन शुरू करने के लिए प्राथमिकता से सभी औपचारिकताओं को पूरा करने का निर्देश भी दिया। बैठक में केंद्रीय बजट प्रावधानों और उपलब्ध संसाधनों के समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा हुई।बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त श्री धनराज एस, एमडी एमपीपीएचएससीएल श्री मयंक अग्रवाल, एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • नर्मदा परिक्रमा पथ पर आश्रय स्थलों पर होगा व्यापक वृक्षारोपण: मंत्री प्रहलाद पटेल..

    नर्मदा परिक्रमा पथ पर आश्रय स्थलों पर होगा व्यापक वृक्षारोपण: मंत्री प्रहलाद पटेल..


    नई दिल्ली। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने नर्मदा परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आश्रय स्थलों पर व्यापक वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। यह निर्णय राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिया गयाजिसकी अध्यक्षता मंत्री श्री पटेल ने की। बैठक में जीवनदायिनी माँ नर्मदा के जल संरक्षणप्रवाह को अविरल बनाए रखने और नर्मदा से जुड़े समग्र विकास कार्यों पर विशेष चर्चा हुई।

    बैठक में सर्वश्री छोटे सिंहदिनेश जैनश्रीमती हर्षिका सिंहश्री अविप्रसाद और श्री दीपक आर्य उपस्थित रहे। मंत्री श्री पटेल ने अधिकारियों को परिक्रमा पथ पर प्रस्तावित पुलपुलिया और ब्रिज का शीघ्र सर्वेक्षण करने और सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही बैठक में विधानसभा से संबंधित लंबित प्रकरणों की विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। मंत्री ने सभी लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दियाताकि जनहित से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान हो सके।

    मंत्री श्री पटेल ने यह भी कहा कि माँ नर्मदा के संरक्षण और विकास को जनभागीदारी से जोड़ना बेहद आवश्यक है। उन्होंने नर्मदा परिक्रमा पथ के विकासपर्यावरण संरक्षण और आश्रय स्थलों पर वृक्षारोपण की गतिविधियों में स्थानीय जनता और समुदायों को सक्रिय रूप से शामिल करने पर जोर दिया।

    बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयनपर्यावरणीय संरक्षण और जल संरक्षण के उपायों पर विशेष बल दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।इस बैठक से स्पष्ट संदेश गया कि नर्मदा परिक्रमा पथ का विकास केवल भौतिक संरचना तक सीमित नहीं होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षणजल सुरक्षा और जनभागीदारी के माध्यम से इसे समग्र और सतत बनाया जाएगा

  • एक महीने से बीमार महिला की अस्पताल में मौत, परिवार ने दूषित पानी को जिम्मेदार ठहराया

    एक महीने से बीमार महिला की अस्पताल में मौत, परिवार ने दूषित पानी को जिम्मेदार ठहराया


    इंदौर।
    देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार है लेकिन भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल की वजह से लोगों की जान अब भी खतरे में है ताजा जानकारी के अनुसार 65 वर्षीय अनीता कुशवाह नाम की महिला, जो एक महीने से बीमार थीं, अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ गईं परिवार का आरोप है कि दूषित पानी पीने की वजह से उनकी सेहत बिगड़ी थी

    इस घटना के साथ दूषित पानी से जुड़ी मौतों का आंकड़ा बढ़कर 32 हो गया है इस मामले में अब तक 450 से ज्यादा मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं लेकिन तीन मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं जिनमें से दो की हालत गंभीर है और वे आईसीयू में हैंभागीरथपुरा में पानी की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है नगर निगम ने अब तक बस्ती के केवल 30 प्रतिशत हिस्से में नई नर्मदा लाइन बिछाई है जबकि बाकी लोग टैंकरों के भरोसे हैं दूषित पानी के डर से लोग नल या टैंकर का पानी पीने से कतराते हैं जो सक्षम हैं वे बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर पी रहे हैं वहीं कुछ लोग उबला या RO पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं

    इस संकट ने इलाके के लोगों की जिंदगी कठिन बना दी है और स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं नगर निगम और प्रशासन को जल्द ही पूरे इलाके में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था करना आवश्यक हो गया है ताकि और मौतों और बीमारियों को रोका जा सके स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पूरे इलाके में नर्मदा लाइन की आपूर्ति पूरी की जाए और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए जिससे पीने योग्य पानी उपलब्ध हो सके वर्तमान हालात में जनता को टैंकर और बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है

  • MP में फिर बदला मौसम का मिजाज, तीन दिन मावठे की संभावना, 25 जिलों में बारिश का अलर्ट

    MP में फिर बदला मौसम का मिजाज, तीन दिन मावठे की संभावना, 25 जिलों में बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में आगामी तीन दिनों तक मावठा गिरने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को ग्वालियर, रीवा और सागर संभाग समेत कुल 25 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में सुबह के वक्त घना कोहरा भी देखने को मिला।

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 2 से 5 फरवरी के बीच पश्चिम-उत्तरी भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देगा। इसी सिस्टम के कारण 10 फरवरी तक राज्य के कुछ इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। रविवार को भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम बिगड़ा रहा। नीमच और मंदसौर में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि ग्वालियर, धार, मुरैना और उज्जैन सहित कई जिलों में बारिश हुई।

    सोमवार को जिन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, रायसेन और सीहोर सहित कई जिलों में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

    आगे कैसा रहेगा मौसम

    3 फरवरी को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश के आसार जताए गए हैं।
    4 फरवरी को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
    5 फरवरी को आंधी और बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन ठंड के असर में बढ़ोतरी हो सकती है।

    बारिश, कोहरा और तापमान का हाल

    रविवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और घना कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में रात और सुबह के समय बारिश दर्ज की गई। दतिया और खजुराहो में दृश्यता घटकर 50 से 200 मीटर तक रह गई। खजुराहो, राजगढ़ और नौगांव में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया, जबकि भोपाल में सुबह 9 बजे तक कोहरा छाया रहा।

    शाम के समय नीमच और मंदसौर में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे कई गांवों में जमीन पर सफेद चादर जैसी परत जम गई। बारिश के कारण गेहूं की फसलें गिरने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे किसानों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार, दतिया, खजुराहो, ग्वालियर, नौगांव, सतना, रीवा, उज्जैन, श्योपुर, राजगढ़, रतलाम, गुना, दमोह, मंडला, टीकमगढ़ और मलाजखंड में कोहरे का असर अधिक रहा। हालांकि प्रदेश के बड़े शहरों में रात का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।

  • एलपीजी सिलेंडर फटने से होटल में भयंकर धमाका, हड़कंप मचा..

    एलपीजी सिलेंडर फटने से होटल में भयंकर धमाका, हड़कंप मचा..


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में एक होटल में अचानक ब्लास्ट होने से हड़कंप मच गया जानकारी के अनुसार घटना पचमढ़ी थाना क्षेत्र के सिनेरिटी होटल में सुबह करीब 8.30 बजे हुई धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग डर गएघटना में महाराष्ट्र के बुलढाना जिले के एक ही परिवार के चार पर्यटक घायल हो गए वहीं होटल का एक कुक भी आग में झुलस गया सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका इलाज जारी है

    धमाका इतना भयंकर था कि होटल से लगभग 20 मीटर दूर स्थित पांडव रिट्रीट तक इसका असर महसूस किया गया होटल को भी काफी नुकसान हुआ है सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दीबताया जा रहा है कि सिनेरिटी होटल किराये पर चल रहा था इस होटल का मालिक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक संजीव शर्मा हैं जबकि इसे कांग्रेस नेता के भाई तुषार जायसवाल ने किराये पर लेकर संचालन किया था होटल से एक कमर्शियल सिलेंडर भी बरामद हुआ है जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ब्लास्ट शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से हुआ या इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई है पुलिस और फॉरेंसिक टीम दोनों ने होटल के अंदर और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कियाघटना के बाद होटल में ठहरे अन्य पर्यटक भी हड़बड़ाए और होटल परिसर खाली कराया गया स्थानीय प्रशासन ने होटल की सुरक्षा और आसपास के इलाके में सावधानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की दूसरी घटना से बचा जा सके

    इस घटना ने हिल स्टेशन पचमढ़ी में पर्यटकों की सुरक्षा और होटल संचालन में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता पर सवाल खड़ा कर दिया है होटल मालिक और संचालक दोनों पुलिस के संपर्क में हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैंघायलों के स्वास्थ्य की लगातार जानकारी ली जा रही है और अस्पताल में उनके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई है पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों या लापरवाही करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है

  • शीर्षक: उज्जैन: ट्रेन में बच्ची से छेड़छाड़, विरोध करने पर मारपीट; स्टेशन पर भड़का सांप्रदायिक तनाव

    शीर्षक: उज्जैन: ट्रेन में बच्ची से छेड़छाड़, विरोध करने पर मारपीट; स्टेशन पर भड़का सांप्रदायिक तनाव


    उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा रेलवे स्टेशन पर रविवार देर रात एक गंभीर घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया गुजरात के दाहोद जिले से अस्थि विसर्जन के लिए ट्रेन से उज्जैन आ रहे एक परिवार की बच्ची के साथ ट्रेन में कुछ युवकों ने छेड़छाड़ का प्रयास किया जब परिवार ने विरोध किया तो युवकों ने जमकर मारपीट शुरू कर दी

    पीड़ित परिवार के अनुसार महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवकों को बुरी तरह पीटा गया पूरी बोगी में हंगामा मच गया घटना की जानकारी जैसे ही नागदा में स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों को लगी बड़ी संख्या में लोग रेलवे स्टेशन पर जमा हो गए वहीं मुस्लिम समाज के लोग भी बड़ी तादाद में स्टेशन पहुंचे जिससे टकराव की स्थिति बन गई

    स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया सूत्रों के अनुसार मुस्लिम युवकों ने खाचरोद से अपने साथियों को बुला लिया और करीब 50-60 युवक ट्रेन में चढ़कर मारपीट में शामिल हो गए देर रात तक जिले भर से पुलिस बल नागदा पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में रखापीड़ित परिवार ने नागदा जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा के बीच परिवार को निजी वाहन से उज्जैन पहुंचाया परिवार इतना डर गया कि स्टेशन पर कई सदस्य रोने लगे पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश कर रही है

    इस घटना ने इलाके में तनाव का माहौल बना दिया हालांकि फिलहाल पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में रखी हुई है और दोनों समुदायों को शांत रहने की अपील की है स्थानीय प्रशासन ने भी सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सकेइस घटना ने एक बार फिर ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के महत्व को उजागर किया है प्रशासन और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और दोषियों को पकड़ने के प्रयास में जुटी हुई है

  • MP: जबलपुर में सेक्स रैकेट के अड्डे पर पुलिस की रेड…. उज्बेकिस्तान की महिला सहित दो गिरफ्तार

    MP: जबलपुर में सेक्स रैकेट के अड्डे पर पुलिस की रेड…. उज्बेकिस्तान की महिला सहित दो गिरफ्तार


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) में विदेशी महिलाओं (Foreign Women) को बुलाकर देह व्यापार कराए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक उज्बेकिस्तान की महिला (Uzbekistan Women) समेत एक अन्य महिला को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया है कि बाहर से लाई गई युवतियों से देह व्यापार के बदले 5 से 10 हजार रुपये दिलाने की बात कही जाती थी, लेकिन उन्हें महज 2 से 3 हजार रुपये ही दिए जाते थे।

    पुलिस पूछताछ में उज्बेकिस्तान से आई महिला ने बताया कि वह एक दिन पहले ही जबलपुर पहुंची थी। जांच में यह भी सामने आया है कि इस रैकेट का मुख्य आरोपी एक आदतन अपराधी है, जो अपने परिवार के साथ रहकर अलग-अलग किराए के मकानों में यह अवैध धंधा चलाता था। छापेमारी के बाद से आरोपी फरार है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि इस नेटवर्क से जुड़ी करीब 10 अन्य युवतियों को भी देह व्यापार के लिए बुलाया गया था, जिनकी खोजबीन की जा रही है।

    दरअसल, जबलपुर जिले के माढ़ोताल थाना क्षेत्र स्थित ग्रीन सिटी इलाके में बीते कुछ समय से अनैतिक गतिविधियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। बताया जा रहा था कि एक किराए के मकान में देह व्यापार संचालित हो रहा है, जहां देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी लड़कियों को लाया जाता था। इन सूचनाओं के आधार पर एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर सीएसपी आशीष जैन और महिला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।

    पुलिस कार्रवाई में मौके से एक विदेशी महिला और एक अन्य महिला को पकड़ा गया, जो उज्बेकिस्तान की निवासी बताई जा रही है। पूछताछ में महिला ने बताया कि उसे कभी विमान तो कभी ट्रेन के जरिए दिल्ली होते हुए जबलपुर लाया गया। उसने यह भी खुलासा किया कि उज्बेकिस्तान से मुंबई आने के दौरान उसकी पहचान शिव चौधरी नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसने अधिक कमाई का लालच देकर उसे देह व्यापार में शामिल होने के लिए जबलपुर बुलाया।


    पति के इशारों पर पत्नी दूसरे देश से बुलाती थी

    मिली जानकारी के अनुसार प्रिया अपने पति शिवा चौधरी के इशारे पर दूसरे देश से महिलाओं को लाकर यहां रहने वाले अमीर लोगों के सामने परोसा करती थी। पुलिस ने मौके से उज्बेकिस्तान महिला के साथ एक अन्य महिला को पकड़ा है, हालांकि इसका मास्टरमाइंड और गिरोह का सरगना मौके से जरूर फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश में जुटी है। पुलिस हिरासत में महिला ने बताया कि 2011 में उसकी शादी हुई थी। 2023 में पति की मौत के बाद वह मुंबई आ गई, यहां पर उसने दूसरी शादी की, इसी दौरान दिल्ली निवासी प्रिया कौर से सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी दोस्ती हुई, पति की मौत के बाद वह इस गौरखधंधे में उतर आई। महिला का कहना है कि कुछ दिनों पहले शिव चौधरी और उसकी पत्नी सुषमा चौधरी से उसकी दोस्ती हुई, इसके बाद ट्रेन से उसे शुक्रवार को जबलपुर बुलाया गया था।


    किराए पर लिया था मकान

    सीएसपी आशीष जैन ने बताया कि महिला के पति शिव चौधरी ने ग्रीन सिटी में 15 दिन पहले ही किराए पर मकान लिया था। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी शिव चौधरी आदतन अपराधी है, जो कि शहर के कई ठिकानों में किराए के मकान लेकर देह व्यापार का काम किया करता था। पुलिस को शक न हो इसके लिए आरोपी पत्नी और बच्चों को भी रखा करता था। जानकारी के मुताबिक जबलपुर शहर के अलावा जिले के कई अन्य इलाकों में भी इसने देह व्यापार का अड्डा खोल रखा है। फिलहाल आरोपी शिव चौधरी पुलिस गिरफ्त से बाहर है जिसकी तलाश जारी है।


    2 से 5 हजार रुपए देने का वादा

    सीएसपी ने बताया कि भारत के छोटे शहरों में छिपकर देह व्यापार चल रहा है, जहां अच्छी-खासी रकम मिलती है। प्रिया कौर जो कि दिल्ली निवासी है, उसके संपर्क में आने के बाद यह महिला दिल्ली से होते हुए जबलपुर पुहंची, जहां उसे एक दिन के 2 से 5 हजार रुपए देने का वादा किया था। सीएसपी आशीष जैन का कहना है कि अभी तक उज्बेकिस्तान से आई एक महिला को हिरासत में लिया है। करीब 10 लड़कियां जबलपुर शहर लाई गई हैं, वह अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश जारी है। लगातार कार्रवाई जारी है। स्पा सेंटर का लाइसेंस नगर निगम से जारी किया जाता है, अब यह भी देखा जा रहा है कि नगर निगम की टीम किस आधार पर स्पा सेंटर को लाइसेंस दे रही है।

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत

    भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत


    भोपाल। राजधानी के ईटखेड़ी थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक मर्मांतक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। अपने पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने की कोशिश कर रही 6 वर्षीय बच्ची को एक बेकाबू कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल बच्ची ने अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    इलाज कराकर लौट रहे थे घर मृतक बच्ची की पहचान 6 वर्षीय आसिया अली के रूप में हुई है, जो परेवा खेड़ा (पतलोन) की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, आसिया पिछले तीन दिनों से वायरल फीवर (बुखार) से पीड़ित थी। शनिवार रात करीब 10 बजे उसके पिता इकबाल अली उसे हाईवे स्थित एक क्लीनिक पर डॉक्टर को दिखाने ले गए थे। डॉक्टर से दवाई लेने के बाद पिता-पुत्री पैदल ही अपने घर की ओर लौट रहे थे। उन्हें क्या मालूम था कि घर पहुँचने से पहले ही काल उनके सामने खड़ा है।

    एक पल की चूक और मातम में बदली रात हादसा परेवा खेड़ा के पास मुख्य मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिता इकबाल ने बच्ची का हाथ पकड़ रखा था, लेकिन अचानक आसिया ने पिता का हाथ छुड़ाया और सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए दौड़ लगा दी। इसी दौरान अंधेरे में आ रही एक तेज रफ्तार कार ने मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्ची सड़क पर काफी दूर जाकर गिरी और लहूलुहान हो गई।

    ड्राइवर ही लेकर पहुँचा अस्पताल हादसे के बाद कार चालक ने इंसानियत दिखाते हुए भागने के बजाय अपनी ही कार से घायल बच्ची और उसके पिता को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम आसिया को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर ईटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और कार को जब्त कर लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है।

    भोपाल के ईटखेड़ी में पिता के साथ डॉक्टर के पास से लौट रही 6 साल की आसिया की कार की टक्कर से मौत हो गई। सड़क पार करते समय पिता का हाथ छूटने से यह हादसा हुआ। कार चालक बच्ची को अस्पताल ले गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस जांच जारी है।

  • मंदसौर में 'जहरीले' घी की फैक्ट्री सील: केमिकल डालकर बना रहे थे नकली घी, अहमदाबाद के दो जालसाज गिरफ्तार

    मंदसौर में 'जहरीले' घी की फैक्ट्री सील: केमिकल डालकर बना रहे थे नकली घी, अहमदाबाद के दो जालसाज गिरफ्तार


    मंदसौर । जनता की सेहत से खिलवाड़ कर अपनी जेबें भरने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ मंदसौर पुलिस ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। सीतामऊ फाटक क्षेत्र के एक घर में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात दबिश देकर नकली घी बनाने के एक बड़े कारखाने का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद निवासी दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो केमिकल और सोयाबीन तेल के मिश्रण से ‘मौत का घी’ तैयार कर रहे थे।

    केमिकल से आती थी असली घी जैसी खुशबू पुलिस ने जब मौके पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। घर के भीतर बड़े-बड़े बर्तनों में सोयाबीन तेल को उबालकर उसमें घातक केमिकल मिलाया जा रहा था। इस विशेष केमिकल का उपयोग घी में असली खुशबू और दानेदार बनावट लाने के लिए किया जाता था, ताकि आम आदमी असली और नकली में फर्क न कर सके। पुलिस ने मौके से करीब 150 लीटर तैयार नकली घी, भारी मात्रा में सोयाबीन तेल, गैस चूल्हे, बड़े बर्तन और खुशबू फैलाने वाला केमिकल जब्त किया है।

    अहमदाबाद से सीखा ‘मिलावट का हुनर’ गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गोपाल और संजय के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से अहमदाबाद के रहने वाले हैं और वहीं से नकली घी बनाने का यह काला हुनर सीखकर आए थे। आरोपी लंबे समय से मंदसौर में किराए का घर लेकर इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे थे। पूछताछ में सामने आया है कि वे इस नकली घी को सस्ते दामों पर ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों और छोटे दुकानदारों को सप्लाई करते थे, जहाँ लोग कम कीमत के चक्कर में इसे खरीद लेते थे।

    सख्त धाराओं में केस दर्ज, सैंपल लैब भेजे राजस्व पुलिस और खाद्य विभाग की टीम ने बरामद घी के सैंपल लेकर उन्हें प्रयोगशाला के लिए भेज दिया है। फूड सेफ्टी ऑफिसर का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद इसमें और भी गंभीर धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और खाद्य अपमिश्रण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इन्होंने अब तक कितने क्विंटल नकली घी बाजार में खपाया है।

  • माघ पूर्णिमा पर आस्था का सैलाब: कड़ाके की ठंड में नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर गूंजे 'नर्मदे हर' के जयकारे, हजारों श्रद्धालुओं ने किया स्नान

    माघ पूर्णिमा पर आस्था का सैलाब: कड़ाके की ठंड में नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर गूंजे 'नर्मदे हर' के जयकारे, हजारों श्रद्धालुओं ने किया स्नान


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश की संस्कारधानी और मां नर्मदा के पावन तट नर्मदापुरम में आज माघ पूर्णिमा का अद्भुत आध्यात्मिक नजारा देखने को मिला। माघ मास के इस अंतिम और पवित्र दिन पर प्रसिद्ध सेठानी घाट श्रद्धा के सागर में डूबा नजर आया। कड़ाके की ठंड और सुबह की सर्द हवाओं की परवाह न करते हुए, हजारों की संख्या में श्रद्धालु सूर्योदय से पहले ही मां नर्मदा की शरण में पहुँच गए और आस्था की डुबकी लगाई।

    सर्द हवाओं पर भारी पड़ी शिव-भक्ति रविवार तड़के से ही सेठानी घाट और आसपास के अन्य घाटों पर भक्तों की लंबी कतारें लगने लगी थीं। जैसे ही भोर की पहली किरण ने नर्मदा के जल को छुआ, पूरा वातावरण ‘नर्मदे हर’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। ठिठुरन के बावजूद क्या बच्चे, क्या बूढ़ेहर कोई मां नर्मदा के शीतल जल में पुण्य लाभ अर्जित करने के लिए लालायित दिखा। श्रद्धालुओं ने स्नान के पश्चात सूर्य को अर्घ्य दिया और तट पर स्थित प्राचीन शिवलिंगों का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि की मंगल कामना की।

    दान-पुण्य और मोक्ष की मान्यता शास्त्रों के अनुसार माघ पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक शुद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति के समस्त ज्ञात-अज्ञात पापों का शमन होता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। माताओं और बहनों ने घाट पर दीपदान किया और अन्न-वस्त्र का दान कर पुण्य लाभ कमाया। नर्मदापुरम की इस पावन धरा पर भक्तों का यह अटूट विश्वास दर्शाता है कि भारतीय संस्कृति में आस्था के आगे मौसम की कठोरता भी गौण हो जाती है।

    प्रशासन द्वारा घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। गोताखोरों की टीम और पुलिस बल मुस्तैद रहा ताकि उमड़ती भीड़ के बीच कोई अप्रिय घटना न हो। दान-पुण्य भजन-कीर्तन और जप-तप का यह सिलसिला देर शाम होने वाली महाआरती तक जारी रहने की उम्मीद है।