Category: Madhya Pradesh

  • सीहोर में 61 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी, इछावर में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना

    सीहोर में 61 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी, इछावर में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना


    मध्यप्रदेश । सीहोर जिले में सोमवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दिलाई। सुबह से तेज धूप और उमस के कारण लोग परेशान थे, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। देखते ही देखते आसमान में घने काले बादल छा गए और दिन के समय ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। इसके बाद तेज हवाओं के साथ आंधी का दौर शुरू हुआ, जिसने पूरे जिले में धूल का गुबार उड़ा दिया।

    मौसम विभाग के अनुसार जिले में करीब 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं सड़कों पर दृश्यता भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। हालांकि आंधी के बाद शुरू हुई बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया और वातावरण में ठंडक घुल गई।

    जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश का असर अलग-अलग देखने को मिला। सबसे अधिक वर्षा इछावर क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां 0.91 इंच बारिश हुई। इसके अलावा श्यामपुर में 0.18 इंच, भैरूंदा में 0.16 इंच और सीहोर मुख्यालय पर 0.09 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। जिला मुख्यालय पर बारिश का दौर अपेक्षाकृत कम रहा और अधिकांश क्षेत्रों में बूंदाबांदी देखने को मिली, लेकिन इससे भी लोगों को राहत महसूस हुई।

    तेज बारिश और हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही गर्मी और उमस से लोग परेशान थे। दोपहर बाद मौसम में आए इस बदलाव ने न केवल तापमान कम किया, बल्कि वातावरण को भी काफी हद तक शीतल बना दिया। बाजारों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने मौसम के इस बदलाव का स्वागत किया।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर बाद वायुमंडल में अचानक हुए बदलाव और नमी की उपलब्धता के कारण घने बादलों का निर्माण हुआ, जिससे तेज आंधी और बारिश की स्थिति बनी। विशेषज्ञों के अनुसार मालवा और मध्य प्रदेश के मध्य क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां आगामी दिनों में भी जारी रह सकती हैं।

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान जिले के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। ऐसे में किसानों और आम नागरिकों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    बारिश के बाद जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों को भी इससे लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर हो रही प्री-मानसून गतिविधियां खरीफ फसलों की तैयारी के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार कर सकती हैं।

  • मोहनिया टनल में युवक का खतरनाक स्टंट वायरल: चलती बाइक पर खड़ा होकर दौड़ाया वाहन, पुलिस जांच में जुटी

    मोहनिया टनल में युवक का खतरनाक स्टंट वायरल: चलती बाइक पर खड़ा होकर दौड़ाया वाहन, पुलिस जांच में जुटी


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले के रीवा-सीधी मार्ग पर स्थित Mohaniya Tunnel में एक बाइक सवार युवक का खतरनाक स्टंट चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में युवक चलती बाइक पर खड़ा होकर तेज रफ्तार से वाहन चलाता नजर आ रहा है। यह स्टंट प्रदेश की सबसे लंबी टनलों में से एक मानी जाने वाली मोहनिया टनल के भीतर किया गया, जहां भारी वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है।

    सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक बाइक की सीट से उठकर वाहन पर खड़ा हो जाता है और संतुलन बनाते हुए तेज गति से आगे बढ़ता है। इसी दौरान वह टनल के भीतर चल रहे ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों के नजदीक से गुजरता दिखाई देता है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की हरकतें न केवल स्टंट करने वाले व्यक्ति के लिए बल्कि अन्य वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।

    टनल जैसे सीमित और नियंत्रित यातायात वाले मार्ग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस प्रकार की स्टंटबाजी से सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी होती है और दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

    स्थानीय नागरिकों का दावा है कि रीवा-सीधी मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी इस तरह के स्टंट के मामले सामने आते रहे हैं। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए कुछ युवक अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

    वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग भी सक्रिय हो गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया। साथ ही बाइक सवार युवक की पहचान के लिए तकनीकी और अन्य माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है।

    पुलिस का कहना है कि यदि वीडियो की पुष्टि होती है और संबंधित युवक की पहचान हो जाती है तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम और अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सड़क पर स्टंट करना कानून का उल्लंघन है और इससे सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा पहुंचता है।

    यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि सड़कों और हाईवे पर बढ़ती स्टंटबाजी को रोकने के लिए नियमित निगरानी, जागरूकता अभियान और कड़ी कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। प्रशासन ने भी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट से बचने की अपील की है।

  • रीवा सड़क हादसे में 10 वर्षीय बच्ची की मौत: बस की टक्कर से ऑटो सवार 15 लोग हुए थे घायल

    रीवा सड़क हादसे में 10 वर्षीय बच्ची की मौत: बस की टक्कर से ऑटो सवार 15 लोग हुए थे घायल


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले के लौआ क्षेत्र में रविवार शाम हुए सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बस और ऑटो की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हुई 10 वर्षीय बच्ची की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दुर्घटना में कुल 15 लोग घायल हुए थे, जिनमें से अधिकांश का उपचार अभी भी अस्पताल में जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार, रविवार शाम करीब 4:30 बजे एक ऑटो यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहा था। इसी दौरान लौआ क्षेत्र में पीछे से आ रही पूजा बस सर्विस की बस ने ऑटो को टक्कर मार दी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बस की रफ्तार तेज थी और टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ऑटो में सवार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को वाहन से बाहर निकालने में मदद की।

    घटना के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) Sandeep Mishra उसी मार्ग से गुजर रहे थे। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपना वाहन रुकवाया और स्थानीय लोगों तथा पुलिस कर्मियों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य में हिस्सा लिया। उनकी पहल पर घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

    हादसे में गंभीर रूप से घायल नवागांव-सगरा निवासी 10 वर्षीय दीपाली शर्मा (दीपांजलि) को उपचार के लिए रीवा स्थित Sanjay Gandhi Memorial Hospital में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद सिर और शरीर में आई गंभीर चोटों के कारण बच्ची ने सोमवार को दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है।

    पुलिस का कहना है कि बस चालक की भूमिका और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस ने ऑटो को पीछे से टक्कर मारी थी, हालांकि दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच जारी है।

    इस हादसे में घायल अन्य 14 लोगों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। घायलों में बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत में सुधार है, जबकि कुछ का उपचार अभी जारी है।

    लगातार बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में यातायात नियमों के सख्ती से पालन और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग की है। पुलिस ने भी लोगों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

  • झाबुआ में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पुलिस का शिकंजा, 14 बाइक चालकों पर कार्रवाई; 5 वाहन जब्त

    झाबुआ में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पुलिस का शिकंजा, 14 बाइक चालकों पर कार्रवाई; 5 वाहन जब्त


    मध्यप्रदेश । झाबुआ शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ रविवार देर शाम पुलिस ने सख्त अभियान चलाया। सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए गए इस विशेष अभियान में तेज रफ्तार से वाहन चलाने, तीन सवारी बैठाने, बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने तथा नियमों के विपरीत नंबर प्लेट का उपयोग करने वाले बाइक चालकों पर कार्रवाई की गई।

    पुलिस अधीक्षक Devendra Patidar के निर्देश पर यातायात विभाग ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान संचालित किया। यातायात सूबेदार धर्मेंद्र पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रमुख मार्गों के साथ-साथ शहर की आंतरिक गलियों में भी निगरानी रखी, ताकि नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को चिन्हित किया जा सके।

    अभियान के दौरान पुलिस ने ऐसे वाहन चालकों को रोका जो बिना नंबर प्लेट के वाहन चला रहे थे या जिनकी नंबर प्लेट पर निर्धारित मानकों के विपरीत शब्द और प्रतीक अंकित थे। इसके अलावा तेज गति से बाइक चलाने और एक ही वाहन पर तीन लोगों के सवार होने जैसी यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

    यातायात विभाग के अनुसार अभियान के दौरान कुल 14 बाइकों को पकड़ा गया। इनमें से 5 वाहनों को गंभीर नियम उल्लंघन के कारण जब्त कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इन वाहनों को न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही छोड़ा जाएगा। शेष वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई।

    पुलिस ने विभिन्न मामलों में जुर्माना लगाते हुए कुल 5 हजार रुपए की राशि वसूल की। अधिकारियों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया।

    यातायात विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे हेलमेट का उपयोग करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और वाहन से संबंधित सभी दस्तावेज अपने साथ रखें। साथ ही नंबर प्लेट को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने और यातायात नियमों का पालन करने की भी सलाह दी गई है।

    पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

    इस अभियान में यातायात विभाग के कई पुलिसकर्मियों ने भाग लिया और नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • सोमवती अमावस्या पर श्रृंगेश्वर महादेव में उमड़ी आस्था की भीड़, जोखिम भरे नौका विहार ने बढ़ाई चिंता

    सोमवती अमावस्या पर श्रृंगेश्वर महादेव में उमड़ी आस्था की भीड़, जोखिम भरे नौका विहार ने बढ़ाई चिंता


    मध्यप्रदेश । झाबुआ जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल Shringeshwar Mahadev Temple में सोमवती अमावस्या के अवसर पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। धार्मिक मान्यता के अनुसार सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है, जिसके चलते सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर और माही नदी तट पर पहुंचने लगे। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार दिन के पहले पहर में ही 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माही नदी में स्नान कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए।

    सुबह करीब 4 बजे से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। पुरुषोत्तम मास में आई सोमवती अमावस्या के कारण श्रद्धालुओं का उत्साह और भी अधिक दिखाई दिया। नदी तट पर धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और स्नान का क्रम लगातार चलता रहा। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी जिलों और राज्यों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचे।

    हालांकि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ चिंताजनक दृश्य भी सामने आए। माही नदी में नौका विहार के दौरान कई नावों में निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों के बैठने की शिकायतें सामने आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई श्रद्धालु बिना लाइफ जैकेट के ही नावों में यात्रा करते नजर आए। इससे स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने संभावित हादसे की आशंका जताई।

    मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि धार्मिक उत्साह के बीच कई श्रद्धालु सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे थे। प्रशासन द्वारा समय-समय पर सावधानी बरतने की अपील की गई, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण नियमों का पालन सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण बना रहा।

    श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला तड़के से ही सक्रिय था। झकनावदा चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में पुलिस बल और विशेष सुरक्षा दल के जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे। इसके अलावा राजस्व विभाग, ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन के कर्मचारी भी व्यवस्था संभालने में जुटे रहे।

    प्रशासन का मुख्य फोकस भीड़ नियंत्रण, सुगम दर्शन और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने पर था। हालांकि, कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग की कमी और अत्यधिक भीड़ के कारण व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के आवागमन और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का प्रयास लगातार जारी रहा।

    चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीम सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था में लगी हुई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे नौका विहार और अन्य गतिविधियों के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें तथा प्रशासन के निर्देशों का सहयोग करें।

    श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजन और प्रशासनिक प्रयासों की सराहना की, लेकिन साथ ही नावों में क्षमता से अधिक लोगों के बैठने और सुरक्षा उपकरणों की कमी को लेकर चिंता भी व्यक्त की। स्थानीय लोगों का मानना है कि भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों के दौरान नौका संचालन और घाट सुरक्षा के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके।

  • मंदसौर डबल मर्डर केस का खुलासा: कारोबारी दंपती की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को मारी गोली, 5 महीने बाद जांच पूरी

    मंदसौर डबल मर्डर केस का खुलासा: कारोबारी दंपती की हत्या के बाद आरोपी ने खुद को मारी गोली, 5 महीने बाद जांच पूरी


    मध्यप्रदेश । मंदसौर शहर में 31 दिसंबर 2025 की रात हुई सनसनीखेज डबल मर्डर और आत्महत्या की घटना की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। करीब पांच महीने तक चली विस्तृत जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि राजस्थान के निम्बाहेड़ा निवासी सराफा कारोबारी विकास सोनी ने सोना कारोबारी दिलीप जैन और उनकी पत्नी रेखा जैन की हत्या की थी तथा इसके बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

    पुलिस के अनुसार, 31 दिसंबर की रात विकास सोनी स्कूटी से मंदसौर स्थित गोल चौराहा क्षेत्र में दिलीप जैन के घर पहुंचा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उस समय घर में रेखा जैन मौजूद थीं। कुछ देर बाद दिलीप जैन भी घर पहुंच गए। पुलिस जांच में मिले साक्ष्यों के अनुसार, तीनों के बीच सामान्य बातचीत हुई और उन्होंने साथ बैठकर चाय-नाश्ता भी किया।

    जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ समय बाद दिलीप जैन और विकास सोनी के बीच पुराने कारोबारी लेन-देन को लेकर विवाद शुरू हुआ। पुलिस का कहना है कि इसी दौरान कथित रूप से विकास सोनी ने पहले हथियार निकालकर फायर करने की कोशिश की, लेकिन गोली नहीं चली। इसके बाद उसने चाकू से हमला कर दिया।

    फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, दिलीप जैन पर कई बार चाकू से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। शोर सुनकर नीचे पहुंचीं रेखा जैन पर भी आरोपी ने हमला किया। गंभीर चोटों के कारण उनकी भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

    पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद आरोपी कुछ समय तक घर में ही मौजूद रहा और बाद में कथित रूप से अपनी कनपटी पर गोली मार ली। बैलिस्टिक और फॉरेंसिक जांच में यह पुष्टि हुई कि घटनास्थल से बरामद हथियार और गोली का संबंध आरोपी से था। गोली घर की छत में धंसी हुई मिली थी, जिसे जांच के दौरान जब्त किया गया।

    सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच के दौरान घटनास्थल से पिस्टल, चाकू, कारतूस, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, फॉरेंसिक साक्ष्य तथा अन्य सामग्री जब्त की थी। पुलिस ने आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। जांच में आरोपी की आवाजाही स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुई, जबकि किसी अन्य संदिग्ध व्यक्ति की मौजूदगी सामने नहीं आई।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हत्या और आत्महत्या की इस घटना के पीछे मुख्य कारण कारोबारी लेन-देन से जुड़ा विवाद था। हालांकि कथित बकाया राशि और आर्थिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच की गई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका नहीं मिली।

    मामले में दर्ज अपराध की जांच पूरी कर पुलिस ने अपनी अंतिम रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी है। अब अदालत में खात्मा प्रतिवेदन (क्लोजर रिपोर्ट) प्रस्तुत करने की प्रक्रिया चल रही है।

    इस दर्दनाक घटना ने दो परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया। एक ओर जैन दंपती के बच्चे अपने माता-पिता को खो चुके हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी के परिवार पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ा है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्य और वैज्ञानिक जांच इस निष्कर्ष की पुष्टि करते हैं कि यह मामला दोहरी हत्या और उसके बाद आत्महत्या का है।

  • मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने पर मंदसौर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, पुलिस ने पानी की बौछार और बल प्रयोग कर रोका

    मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने पर मंदसौर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, पुलिस ने पानी की बौछार और बल प्रयोग कर रोका


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी Meenakshi Natarajan का नामांकन निरस्त होने के विरोध में सोमवार को मंदसौर में कांग्रेस और युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस ने पानी की बौछार कर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया और बाद में बल प्रयोग भी किया।

    जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय पर एकत्रित हुए थे। यहां से वे रैली के रूप में भाजपा कार्यालय का घेराव करने के लिए निकले। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया में लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की गई है और इसी के विरोध में वे अपना प्रतिरोध दर्ज कराने पहुंचे थे।

    पुलिस प्रशासन ने गांधी चौराहे से बालाजी मंदिर के बीच पहले से ही बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था की थी। जब प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कई प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पर चढ़ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन भीड़ आगे बढ़ने पर अड़ी रही। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फायर ब्रिगेड की मदद से पानी की बौछार की गई। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और विरोध जारी रखा। बाद में पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

    प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घायल होने की भी सूचना है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

    जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने अनावश्यक बल प्रयोग किया। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्यकर्ताओं को जबरन हिरासत में लिया गया।

    वहीं, पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। सीएसपी जितेंद्र भास्कर के अनुसार, भाजपा कार्यालय घेराव के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पानी की बौछार और अन्य आवश्यक कदम उठाए गए।

    पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान 10 से अधिक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। बाद में उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले के विभिन्न थानों से अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

    इस घटना के बाद मंदसौर में राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं ने विरोध प्रदर्शन जारी रखने के संकेत दिए हैं, जबकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ा दी है।

  • 20 सेकंड में कार से उड़ा ₹2.07 लाख का बैग: 150 से ज्यादा CCTV खंगालकर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा

    20 सेकंड में कार से उड़ा ₹2.07 लाख का बैग: 150 से ज्यादा CCTV खंगालकर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा


    मध्यप्रदेश । देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र में कार से 2.07 लाख रुपये से अधिक नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा बैग चोरी होने के चर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, यह चोरी महज 20 सेकंड के भीतर अंजाम दी गई थी और पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कंपनी का ड्राइवर, जिस पर साजिश में शामिल होने का आरोप है, अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

    पुलिस के मुताबिक, इंदौर निवासी रविशंकर पटेल ने सोनकच्छ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। रविशंकर पटेल एल.आर.के. इंटरप्राइजेज कंपनी में सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं। शिकायत में उन्होंने बताया कि 5 जून को वे कंपनी के ड्राइवर रोहित राजपूत के साथ सागर और विदिशा क्षेत्र से कलेक्शन की राशि लेकर इंदौर लौट रहे थे। उनके पास 2,07,650 रुपये नकद और कंपनी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज थे।

    रास्ते में सोनकच्छ स्थित पप्पू एंड पप्पू ढाबे पर दोनों चाय-नाश्ते के लिए रुके। इसी दौरान कार में रखा नकदी और दस्तावेजों से भरा बैग चोरी हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक Puneet Gehlod के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Harinarayan Batham और एसडीओपी Sanjay Singh Bais के मार्गदर्शन में पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत व्यापक जांच अभियान चलाया।

    जांच के दौरान पुलिस ने सोनकच्छ से देवास और इंदौर तक करीब 60 किलोमीटर के दायरे में लगे 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

    पुलिस ने कुलाला निवासी सौरभ राठौर और रायसेन जिले के दिवटिया निवासी आयुष नागर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने कंपनी के ड्राइवर रोहित राजपूत के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि पुलिस द्वारा मामले की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई रकम में से लगभग 1 लाख रुपये नकद, चोरी किया गया बैग तथा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। शेष राशि और अन्य पहलुओं की जांच जारी है। फरार आरोपी रोहित राजपूत की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की योजना कब और कैसे बनाई गई थी।

  • एनएच-46 पर दर्दनाक सड़क हादसा: ईको कार को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, 6 घायल; 3 की हालत गंभीर

    एनएच-46 पर दर्दनाक सड़क हादसा: ईको कार को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, 6 घायल; 3 की हालत गंभीर


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर रविवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में ईको कार में सवार छह लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सभी घायल शिवपुरी जिले के खोड़ गांव के निवासी हैं और एक शादी समारोह से लौट रहे थे।

    पुलिस के अनुसार, खोड़ गांव निवासी विमल आदिवासी (30), अरशान खान (11), जमेदा (52), सफी खान (65), रानो खान (60) और सवाना खान (45) सहित अन्य लोग गुना जिले के म्याना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। समारोह से लौटते समय उनकी ईको कार राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर दैहरदा रोड के पास पहुंची, तभी एक अज्ञात वाहन ने कार को टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी तेज थी कि ईको कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही लुकवासा चौकी पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

    अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। जांच के दौरान तीन लोगों की स्थिति गंभीर पाई गई, जिसके बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों का उपचार स्थानीय स्तर पर जारी है।

    प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि टक्कर मारने वाला वाहन संभवतः पार्सल और कोरियर सामग्री से भरा एक ट्रक था, जो सूरत से मुजफ्फरनगर की ओर जा रहा था। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है और दुर्घटना में शामिल वाहन की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से वाहन की पहचान की जाएगी। वहीं, घायलों के परिजनों को भी हादसे की जानकारी दे दी गई है।

    राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर बढ़ते सड़क हादसों को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

  • सोमवती अमावस्या पर उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब, शिप्रा तट पर कुंभ जैसा नजारा

    सोमवती अमावस्या पर उज्जैन में उमड़ा आस्था का सैलाब, शिप्रा तट पर कुंभ जैसा नजारा


    मध्यप्रदेश । धर्मनगरी उज्जैन में सोमवार को सोमवती अमावस्या के अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। अधिकमास के अंतिम दिन पड़े इस विशेष पर्व ने धार्मिक महत्व को और बढ़ा दिया, जिसके चलते तड़के से ही श्रद्धालुओं का सैलाब शिप्रा नदी के घाटों पर उमड़ पड़ा। Ram Ghat, दत्त अखाड़ा घाट और सोमकुंड पर सुबह से ही स्नान, पूजन और दान-पुण्य का क्रम शुरू हो गया, जिसने पूरे क्षेत्र को कुंभ मेले जैसी भव्यता प्रदान कर दी।

    श्रद्धालुओं ने पवित्र शिप्रा नदी में स्नान कर अपने आराध्य देवों की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। घाटों पर धार्मिक अनुष्ठान, मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ का वातावरण दिनभर बना रहा। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भी इस दुर्लभ अवसर का लाभ उठाया।

    धर्माचार्यों के अनुसार इस बार सोमवती अमावस्या का महत्व इसलिए और बढ़ गया है क्योंकि यह अधिकमास के अंतिम दिन पड़ रही है। धार्मिक मान्यता है कि जब अमावस्या सोमवार के दिन आती है तो उसका पुण्यफल कई गुना बढ़ जाता है। इसके साथ ही अमृत सिद्धि योग और अन्य शुभ संयोगों ने इस दिन को और भी विशेष बना दिया है।

    धार्मिक विद्वानों के अनुसार इस दिन किए गए स्नान, जप, तप, दान और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए धार्मिक कार्यों से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    सोमवती अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने पितरों की शांति और मोक्ष की कामना से तर्पण और श्राद्ध कर्म भी किए। शिप्रा तट पर सुबह से ही पंडितों और श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पितरों के निमित्त किए गए तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य से पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

    उधर, Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple सहित उज्जैन के प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लग गई थीं। श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन कर अपने परिवार और देश की खुशहाली की कामना की। मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए थे।

    ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार दोपहर सूर्य का वृषभ राशि से मिथुन राशि में प्रवेश भी एक विशेष परिवर्तन माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ग्रह-नक्षत्रों के इस परिवर्तन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।

    धर्माचार्यों का कहना है कि अधिकमास में यदि कोई व्यक्ति दान-पुण्य, व्रत या विशेष धार्मिक अनुष्ठान नहीं कर पाया हो तो सोमवती अमावस्या उसके लिए विशेष अवसर लेकर आती है। इस दिन श्रद्धा भाव से किए गए दान और सेवा कार्यों को अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। इसी कारण श्रद्धालुओं ने अन्नदान, वस्त्रदान और अन्य धार्मिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।

    पूरे दिन उज्जैन की धार्मिक गलियों, मंदिरों और घाटों पर श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। शिप्रा तट पर उमड़ी भीड़ और भक्तिभाव से सराबोर वातावरण ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उज्जैन केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है।