Category: Madhya Pradesh

  • इंस्टाग्राम पोस्ट से बढ़ा विवाद, RSS शाखा का वीडियो शेयर करने वाले छात्र पर पुलिस ने दर्ज की FIR

    इंस्टाग्राम पोस्ट से बढ़ा विवाद, RSS शाखा का वीडियो शेयर करने वाले छात्र पर पुलिस ने दर्ज की FIR


    इंदौर इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखा का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद पुलिस ने एक छात्र के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि छात्र ने शाखा का वीडियो रिकॉर्ड कर इंस्टाग्राम पर साझा किया और उसके साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी पोस्ट कीं, जिससे संगठन की छवि खराब करने और माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया।

    पुलिस के अनुसार मामला संघ के सदस्य मोहनलाल मालवीय की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत में बताया गया है कि वीणा नगर निवासी छात्र क्षितिज वाने ने आरएसएस की नियमित शाखा का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वीडियो के साथ संगठन के खिलाफ आपत्तिजनक बातें लिखी गईं और धमकी भरे अंदाज में पोस्ट साझा किए गए।

    जानकारी के मुताबिक हीरानगर क्षेत्र के नॉर्थ एवेन्यू स्थित एक खाली मैदान में आरएसएस की शाखा प्रतिदिन संचालित होती है। यहां संघ के सदस्य मोहनलाल मालवीय, दीपक शर्मा, लोकेंद्र कोष्ठी, लालजी प्रतापत, नितिन विश्वकर्मा सहित कई स्वयंसेवक नियमित रूप से शाखा में शामिल होते हैं। शिकायत में कहा गया है कि करीब छह महीने पहले भी संबंधित छात्र शाखा स्थल पर पहुंचा था और वीडियो रिकॉर्ड करते हुए शाखा लगाए जाने पर सवाल उठाए थे। उस समय स्वयंसेवकों ने उसे समझाकर वहां से भेज दिया था।

    संघ के सदस्यों का आरोप है कि हाल ही में छात्र दोबारा शाखा का वीडियो रिकॉर्ड करने पहुंचा और बाद में उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर साझा कर दिया। शिकायत के अनुसार उसने कथित रूप से “आरएसएस देशद्रोही” शीर्षक से पोस्ट भी साझा की, जिसे संगठन के सदस्यों ने आपत्तिजनक बताया। उनका कहना है कि इस तरह की पोस्ट से सामाजिक माहौल खराब हो सकता है और संगठन की छवि प्रभावित होती है।

    घटना के बाद संघ के पदाधिकारियों ने पहले आपस में चर्चा की और फिर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद शनिवार देर रात संघ के सदस्य हीरानगर थाने पहुंचे और कथित वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट तथा अन्य डिजिटल सामग्री पुलिस को सौंपते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर छात्र के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    हीरानगर थाना पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो, पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट, पोस्ट की सामग्री और वीडियो की सत्यता का परीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान सभी पक्षों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के पीछे क्या उद्देश्य था तथा कानून के तहत कौन-कौन सी धाराएं लागू होती हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संवेदनशील विषय से जुड़ी सामग्री सोशल मीडिया पर साझा करते समय जिम्मेदारी और कानून का पूरा ध्यान रखें, ताकि अनावश्यक विवाद और सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा न हो।

  • इंदौर में दर्दनाक हादसा, दोस्तों का इंतजार कर रही युवती को अज्ञात कार ने रौंदा, अस्पताल में तोड़ा दम

    इंदौर में दर्दनाक हादसा, दोस्तों का इंतजार कर रही युवती को अज्ञात कार ने रौंदा, अस्पताल में तोड़ा दम


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक युवती की जिंदगी छीन ली। तेजाजी नगर थाना क्षेत्र के बायपास स्थित अंडरपास के पास दोस्तों का इंतजार कर रही 29 वर्षीय युवती को तेज रफ्तार अज्ञात कार ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल युवती को उसके दोस्त अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन कई घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन और चालक की तलाश शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान महालक्ष्मी नगर निवासी 29 वर्षीय साहिबा पिता मोहम्मद अफसर के रूप में हुई है। मूल रूप से भोपाल की रहने वाली साहिबा पिछले करीब दो वर्षों से इंदौर में रहकर इवेंट मैनेजमेंट से जुड़ा काम कर रही थीं। हादसा शनिवार रात करीब 11 बजे उस समय हुआ, जब वह अपने दोस्तों के साथ भोजन करने के लिए निर्धारित स्थान पर पहुंचने की कोशिश कर रही थीं।

    जानकारी के मुताबिक साहिबा को ढाबे का सही रास्ता नहीं मिल रहा था। उन्होंने अपने दोस्त अंकुर को फोन कर लोकेशन नहीं मिलने की जानकारी दी। इस पर अंकुर ने उन्हें तेजाजी नगर अंडरपास के पास रुकने के लिए कहा और बताया कि वह कुछ ही देर में उन्हें लेने पहुंच रहा है। साहिबा अपनी एक्टिवा लेकर वहीं इंतजार करने लगीं, लेकिन इससे पहले कि उनके दोस्त वहां पहुंचते, एक तेज रफ्तार अज्ञात कार ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।

    हादसे के बाद साहिबा गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं। कुछ देर बाद जब अंकुर ने उन्हें दोबारा फोन किया तो किसी राहगीर ने कॉल रिसीव कर बताया कि उनका एक्सीडेंट हो गया है। सूचना मिलते ही अंकुर और उसका साथी सहज मौके पर पहुंचे और पहले घायल युवती को गौरव अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया।

    एमवाय अस्पताल में चिकित्सकों ने पूरी कोशिश की, लेकिन अत्यधिक चोटों के कारण रविवार तड़के करीब तीन बजे साहिबा ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद दोनों दोस्त अस्पताल में मौजूद रहे, लेकिन मौत की पुष्टि होने के बाद वे शव छोड़कर चले गए। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

    घटना की सूचना मृतका के परिजनों को भी दी गई। बताया जा रहा है कि साहिबा ने हादसे से पहले अपने भाई से भी संपर्क किया था। हालांकि, जानकारी मिलने के बावजूद परिजन रातभर इंदौर नहीं पहुंचे। पुलिस के अनुसार मृतका के भाई ने प्रारंभिक बातचीत में हादसे को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं और दोस्तों पर भी संदेह जताया है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से साहिबा का अपने परिवार से नियमित संपर्क नहीं था।

    तेजाजी नगर थाना पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हादसे के जिम्मेदार वाहन और चालक की पहचान की जा सके। प्रारंभिक जांच में मामला हिट एंड रन का माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • जुलाई की तेज बारिश भी नहीं कर पाई भरपाई, एमपी के ज्यादातर डैम आधे खाली, 43 जिलों में कम बारिश

    जुलाई की तेज बारिश भी नहीं कर पाई भरपाई, एमपी के ज्यादातर डैम आधे खाली, 43 जिलों में कम बारिश


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की रफ्तार उम्मीद के अनुरूप नहीं रही है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में हुई तेज बारिश के बावजूद जून में हुई कमी की भरपाई नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इसका सबसे बड़ा असर जलाशयों और बांधों पर दिखाई दे रहा है, जहां अधिकांश बड़े डैम आधे भी नहीं भर पाए हैं। यदि अगस्त में अच्छी बारिश नहीं हुई तो प्रदेश के कई हिस्सों में जल संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।

    भारतीय मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 15.7 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य वर्षा 18.1 इंच होनी चाहिए थी। यानी करीब 2.4 इंच की कमी बनी हुई है। प्रदेश के 55 जिलों में से 43 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि पांच जिलों में तो 10 इंच से भी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। सबसे कम बारिश मुरैना में केवल 6.3 इंच दर्ज हुई है।

    कम बारिश का असर प्रदेश के प्रमुख जलाशयों पर साफ दिखाई दे रहा है। कोलार, बाणसागर, बरना, कुंडालिया, ओंकारेश्वर, इंदिरा सागर, गांधीसागर और तिघरा जैसे बड़े बांध अभी तक आधे भी नहीं भर पाए हैं। पिछले वर्ष जुलाई के अंत तक अधिकांश जलाशय लगभग भर चुके थे और कई डैमों के गेट भी खोलने पड़े थे, लेकिन इस बार केवल बैतूल स्थित सतपुड़ा डैम के सात गेट ही खोले गए हैं। जलाशयों में पानी कम होने के कारण कई शहरों में नियमित जलापूर्ति भी प्रभावित होने लगी है।

    कृषि क्षेत्र पर भी मानसून की स्थिति का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। शाजापुर के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एस.एस. धाकड़ के अनुसार वर्तमान मौसम सोयाबीन की फसल के लिए अनुकूल है क्योंकि अभी हल्की और मध्यम बारिश फसल के विकास में मददगार है। हालांकि दाना बनने के समय अधिक पानी की आवश्यकता होगी। दूसरी ओर खंडवा, खरगोन और बड़वानी जैसे जिलों में भारी बारिश के कारण खेतों में जलभराव हुआ है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं धान की खेती के लिए अब भी पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है।

    इस वर्ष मानसून भी प्रदेश में सामान्य से नौ दिन देरी से पहुंचा था। 24 जून को इसकी एंट्री हुई और अगले नौ दिनों में पूरे प्रदेश को कवर किया। शुरुआती देरी के कारण जून में वर्षा 30 प्रतिशत तक कम रही। जुलाई के पहले सप्ताह में स्थिति सुधरी और औसत वर्षा सामान्य से आठ प्रतिशत अधिक हो गई थी, लेकिन दूसरे सप्ताह में मानसून कमजोर पड़ गया। तीसरे और चौथे सप्ताह में तेज बारिश जरूर हुई, फिर भी शुरुआती कमी पूरी नहीं हो सकी।

    प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा बालाघाट जिले में करीब 24 इंच दर्ज की गई है, जबकि वर्षा प्रतिशत के लिहाज से बुरहानपुर सबसे आगे है, जहां सामान्य कोटे का लगभग 77 प्रतिशत पानी बरस चुका है। सीहोर, देवास, डिंडौरी और सिवनी जैसे जिलों में भी 20 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई है। दूसरी ओर मुरैना, दतिया, श्योपुर, रीवा और अलीराजपुर जैसे जिलों में बारिश का आंकड़ा 10 इंच से भी नीचे बना हुआ है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त के पहले सप्ताह में भारी बारिश का दौर कुछ समय के लिए थमा है, लेकिन अगले सप्ताह से प्रदेश में फिर सक्रिय मानसून की संभावना है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो जलाशयों में पानी बढ़ने के साथ किसानों और आम लोगों को भी बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि फिलहाल प्रदेश की नजरें अगस्त की बारिश पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यही आने वाले महीनों में पेयजल उपलब्धता, सिंचाई और खरीफ फसलों की स्थिति तय करेगी।

  • मस्जिद में नौकरी का सपना टूटा, 40 कमरों के टॉयलेट साफ कराए, भारतीय दूतावास ने कराई वतन वापसी

    मस्जिद में नौकरी का सपना टूटा, 40 कमरों के टॉयलेट साफ कराए, भारतीय दूतावास ने कराई वतन वापसी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के दीवानगंज निवासी मोहम्मद फैजान बेहतर भविष्य और धार्मिक सेवा का सपना लेकर ओमान गए थे, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उनकी जिंदगी एक दर्दनाक संघर्ष में बदल गई। मस्जिद में इमामत कराने का वादा करने वाले एजेंट ने उन्हें विदेश तो भेज दिया, लेकिन वहां उनसे धार्मिक कार्य की जगह 30 से 40 कमरों वाले सरकारी कार्यालय में टॉयलेट साफ कराने, बर्तन धुलवाने और सफाई का काम कराया गया। कई दिनों तक भूखे रहकर 14 से 15 घंटे मजदूरी करने को मजबूर फैजान आखिरकार भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय की मदद से करीब ढाई महीने बाद अपने घर लौट सके।

    फैजान ने बताया कि जनवरी 2026 में उनकी मुलाकात एक एजेंट से हुई थी। एजेंट ने भरोसा दिलाया कि ओमान की एक मस्जिद में उन्हें इमाम के रूप में नियुक्त किया जाएगा। शुरुआत में 20 हजार रुपए लिए गए और बाद में मेडिकल व अन्य औपचारिकताओं के नाम पर कुल मिलाकर करीब दो लाख रुपए वसूल लिए गए। परिवार ने बड़ी मुश्किल से यह रकम जुटाई और 4 मई 2026 को फैजान ओमान के मस्कट पहुंच गए।

    मस्कट पहुंचने के बाद उन्हें दो-तीन दिन कंपनी के पास रखा गया, लेकिन जल्द ही सच्चाई सामने आ गई। जिस धार्मिक सेवा के लिए उन्हें भेजा गया था, उसकी जगह उन्हें एक मंत्रालय के कार्यालय में सफाई कर्मचारी बना दिया गया। रोजाना दर्जनों कमरों, टॉयलेट, बाथरूम और बर्तनों की सफाई कराई जाती थी। लंबे समय तक लगातार 14 से 15 घंटे काम लेने के बावजूद न तो उन्हें वेतन दिया गया और न ही भोजन की पर्याप्त व्यवस्था की गई।

    फैजान के मुताबिक जब भी उन्होंने वेतन या खाने के लिए पैसे मांगे तो कंपनी हर बार टालती रही। धीरे-धीरे उनके पास मौजूद सारी रकम खत्म हो गई। कई बार लगातार चार-चार दिन तक उन्हें बिना भोजन के रहना पड़ा। ऐसे कठिन समय में कंपनी ने कोई मदद नहीं की, बल्कि वहां रहने वाले कुछ भारतीय नागरिक उनके सहारा बने। मस्कट में रहने वाले नवाब भाई ने उन्हें खाने के लिए पैसे दिए, जबकि मोहम्मद खलील अहमद ने लगभग डेढ़ महीने तक अपने घर में रखकर भोजन और रहने की व्यवस्था की।

    मदद की उम्मीद में फैजान लगातार उस एजेंट से संपर्क करते रहे जिसने उन्हें विदेश भेजा था। शुरुआत में एजेंट हर बार एक-दो दिन इंतजार करने की बात कहकर उन्हें टालता रहा, लेकिन बाद में उसने उनका नंबर ही ब्लॉक कर दिया। जब फैजान ने कंपनी से भारत लौटने की इच्छा जताई तो उनसे 650 ओमानी रियाल जमा कराने की शर्त रख दी गई। इसी दौरान कंपनी ने उनका पासपोर्ट भी अपने कब्जे में ले लिया, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।

    18 जुलाई को यह मामला भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन तक पहुंचा। उन्होंने तुरंत भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय और भारतीय प्रवासी सहायता केंद्र को शिकायत भेजी। शिकायत मिलने के बाद भारतीय दूतावास ने दस्तावेजों की प्रक्रिया शुरू कराई और लेबर कोर्ट से एग्जिट परमिट दिलवाया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 26 जुलाई को उनकी वापसी की मंजूरी मिली। 28 जुलाई की रात फैजान मुंबई पहुंचे और 30 जुलाई को अपने गृह गांव दीवानगंज लौट आए।

    सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन ने बताया कि उन्होंने अब तक विदेशों में फंसे 1500 से अधिक भारतीयों की सुरक्षित वापसी में मदद की है। उनका कहना है कि यदि पीड़ित समय रहते सही दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज कराएं तो भारतीय दूतावास अधिकांश मामलों में प्रभावी कार्रवाई करता है। फैजान की आपबीती विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से सावधान रहने और केवल अधिकृत माध्यमों से ही विदेश जाने की अहम सीख भी देती है।

  • कॉमनवेल्थ में मध्य प्रदेश का दम, यामिनी और अजय बाबू ने जीते रजत पदक, सरकार देगी 25-25 लाख और नौकरी

    कॉमनवेल्थ में मध्य प्रदेश का दम, यामिनी और अजय बाबू ने जीते रजत पदक, सरकार देगी 25-25 लाख और नौकरी


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। जूडो में सागर जिले की किसान परिवार की बेटी यामिनी मौर्य और वेटलिफ्टिंग में अजय बाबू वल्लुरी ने रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर मध्य प्रदेश सरकार ने 25-25 लाख रुपए की पुरस्कार राशि और खेल नीति के तहत सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है और यह सफलता प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

    महिलाओं की 57 किलोग्राम जूडो स्पर्धा में यामिनी मौर्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। स्वर्ण पदक के मुकाबले में उनका सामना इंग्लैंड की असेल्या टोपराक से हुआ, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद रजत पदक जीतकर उन्होंने मध्य प्रदेश और देश का नाम रोशन किया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यामिनी एक सामान्य किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता हरिओम मौर्य खेती करते हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी के सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ी।

    यामिनी के कोच दीपक रजक ने बताया कि उन्होंने पहली बार यामिनी की प्रतिभा को पुराने सदर स्कूल के मैदान में खेलते हुए पहचाना था। उन्होंने परिवार को समझाया कि बेटी में असाधारण क्षमता है और उसे नियमित प्रशिक्षण मिलना चाहिए। शुरुआत में आर्थिक स्थिति और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण परिवार थोड़ा हिचकिचाया, लेकिन बाद में उन्होंने यामिनी का पूरा साथ दिया। लगातार मेहनत और अनुशासन के दम पर यामिनी ने राष्ट्रीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक अपनी पहचान बनाई और अब कॉमनवेल्थ गेम्स का रजत पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

    यामिनी के चाचा श्रीनाथ मौर्य ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन आज उनकी उपलब्धि पूरे परिवार के संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि बेटियों को खेल और शिक्षा में आगे बढ़ने का अवसर मिले तो वे देश के लिए बड़ी सफलताएं हासिल कर सकती हैं। यामिनी की सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है।

    वहीं पुरुषों की 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अजय बाबू वल्लुरी स्वर्ण पदक से केवल एक किलोग्राम दूर रह गए। मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले अजय के पिता भोपाल में पदस्थ हैं और इसी कारण वह लंबे समय से मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अजय ने कुल 330 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 149 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया, जबकि क्लीन एंड जर्क में 181 किलोग्राम वजन उठाकर गेम्स रिकॉर्ड की बराबरी भी की।

    हालांकि अंतिम प्रयास में मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने 184 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बना दिया। उनका कुल स्कोर 331 किलोग्राम पहुंच गया और वे स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे। अजय बाबू महज एक किलोग्राम के अंतर से गोल्ड से चूक गए, लेकिन उनका प्रदर्शन पूरे प्रतियोगिता के दौरान बेहद शानदार रहा।

    दूसरी ओर महिलाओं की 10000 मीटर रेस वॉक में भारत की रवीना गायकवाड़ का अभियान निराशाजनक रहा। रेस वॉकिंग नियमों के उल्लंघन पर उन्हें तीन रेड कार्ड मिलने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया और उनका सफर वहीं समाप्त हो गया।

    मध्य प्रदेश के दो खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। यामिनी और अजय बाबू की सफलता प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें मेहनत के दम पर पूरा करने की प्रेरणा देती रहेगी।

  • गुना जिले में मंगेतर से युवक के सामने गैंगरेप का प्रयास, पहले की मारपीट फि‍र लूटपाट, जाने पूरा मामला

    गुना जिले में मंगेतर से युवक के सामने गैंगरेप का प्रयास, पहले की मारपीट फि‍र लूटपाट, जाने पूरा मामला


    गुना । मध्य प्रदेश के गुना में नेशनल हाइवे-46 पर हुई सनसनीखेज वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है. पुलिस के अनुसार, झारखंड के रहने वाले एक युवक और उसकी मंगेतर के साथ लूटपाट की गई. बदमाश उन्हें सड़क किनारे से जंगल में घसीटकर ले गए और युवती के साथ गैंगरेप का प्रयास किया. विरोध करने पर युवक के साथ मारपीट की गई. युवती के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए.

    पुलिस के मुताबिक, पीड़ित युवक राघौगढ़ स्थित एक प्लांट में इंजीनियर है. वह अपनी मंगेतर के साथ टेकरी मंदिर में दर्शन करने के बाद बाइक से लौट रहा था. नेशनल हाइवे-46 पर बाइक पंचर हो गई. दोनों सड़क किनारे खड़े होकर मदद का इंतजार कर रहे थे. इसी दौरान जंगल में छिपे बैठे 6-7 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया.

    पुलिस का कहना है कि बदमाश दोनों को जंगल की ओर ले गए, युवक के साथ मारपीट की. इसके बाद युवती के साथ गैंगरेप का प्रयास किया. युवती ने विरोध किया और शोर करते हुए मदद के लिए आवाज लगाई. आवाज सुनकर हाइवे से गुजर रहे कुछ लोगों की हलचल बढ़ी, जिससे आरोपी घबरा गए. इसके बाद वे युवती का पर्स और मोबाइल लूटकर मौके से फरार हो गए.

    घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची. दोनों घायलों को अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज कराया गया. पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. शुरुआती जांच के बाद अलग-अलग टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई.

    बदमाशों ने युवक के साथ मारपीट की और युवती के साथ गैंगरेप की कोशिश की. दुपट्टे से युवती के हाथ बांधकर प्राइवेट पार्ट में लकड़ी से चोट पहुंचाई गई. मंगेतर ने विरोध किया तो उसे बुरी तरह से पीटा. इस घटना की सूचना के बाद डायल 112 पुलिस भी पहुंच गई. पुलिस ने दोनों को अस्पताल भेजा. इसके बाद एक टीम जंगल में बदमाशों की सर्चिंग के लिए भेजी गई.

    एसपी हितिका वासल ने बताया कि महिला और पुरुष के साथ लूटपाट की घटना हुई है. बदमाशों ने महिला के साथ गैंगरेप की भी कोशिश की. चीख-पुकार के बाद बदमाश फरार हो गए. पुलिस ने सात में से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. बाकी दो की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है. मैं खुद निजी तौर पर इस मामले की निगरानी कर रही हूं और प्रयास रहेगा कि केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए.

    पुलिस के अनुसार, घटना के बाद युवती गहरे सदमे में है. उसकी काउंसलिंग और मेडिकल हेल्प की व्यवस्था की गई है. पुलिस मौके से मिले सबूतों, फॉरेंसिक जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है.

  • MP में 4-5 अगस्त से फिर शुरू होगा भारी बारिश का दौर, दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय

    MP में 4-5 अगस्त से फिर शुरू होगा भारी बारिश का दौर, दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले दो दिन हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा, लेकिन 4 और 5 अगस्त से एक बार फिर कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से मौसम बदला हुआ है। हालांकि अगले 48 घंटों तक कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, राजस्थान के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया और प्रदेश से गुजर रही मानसून ट्रफ का असर बना हुआ है। इसके चलते भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित अधिकांश जिलों में रविवार और सोमवार को रुक-रुक कर हल्की बारिश हो सकती है। शनिवार को भी खरगोन, रतलाम, भोपाल समेत कई इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई।

    4 और 5 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
    मौसम विभाग ने 4 अगस्त को छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं 5 अगस्त को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।

    43 जिलों में अब भी बारिश सामान्य से कम
    प्रदेश के 43 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, हरदा, झाबुआ, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।

    इन जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
    अब तक भोपाल, बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खंडवा, खरगोन, सीहोर, शहडोल और उमरिया समेत 12 जिलों में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त के पहले सप्ताह में सक्रिय होने वाले नए सिस्टम से प्रदेश में बारिश का आंकड़ा और बेहतर हो सकता है।

  • राम मंदिर चढ़ावा व्यवस्था को लेकर भोपाल में हंगामा, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की

    राम मंदिर चढ़ावा व्यवस्था को लेकर भोपाल में हंगामा, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की


    भोपालभोपाल में शनिवार को राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर संसद परिसर में हुए विपक्ष के प्रदर्शन के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व्यापम चौराहे पर एकत्र हुए और वहां से विरोध मार्च निकालते हुए लिंक रोड की ओर बढ़े। प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और राहुल गांधी के पुतले का दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने पहले से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।

    प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की जिससे कुछ समय के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का मुक्की जैसी स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा और किसी बड़े विवाद की नौबत नहीं आने दी। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

    विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि संसद परिसर में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर जिस प्रकार सांकेतिक प्रदर्शन किया गया उससे करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना था कि भगवान श्रीराम और संत परंपरा से जुड़े प्रतीकों का जिस तरह इस्तेमाल किया गया वह उचित नहीं था और इसी के विरोध में भोपाल में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।

    संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच पहले से चल रही है। उनके अनुसार मामले में विशेष जांच दल जांच कर रहा है और न्यायिक प्रक्रिया भी जारी है। उनका कहना था कि जिन लोगों पर आरोप लगे थे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और इस विषय को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है।

    प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि राम मंदिर और हिंदू आस्था को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। विरोध मार्च के दौरान राहुल गांधी का पुतला जलाया गया और प्रतीकात्मक रूप से विरोध दर्ज कराया गया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने पुतले पर आपत्तिजनक व्यवहार भी किया।

    इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि संसद के मानसून सत्र से जुड़ी है जहां निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में संसद परिसर पहुंचे थे। विपक्षी सांसदों के साथ उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया था। विपक्ष का कहना था कि उनका उद्देश्य केवल पारदर्शिता और जांच की मांग उठाना था जबकि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने इसे धार्मिक आस्था का अपमान बताया।

    मध्य प्रदेश संत समाज के प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि रामलला और संत परंपरा करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है और ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बनाए रखना आवश्यक है।

    दूसरी ओर विपक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि उसका प्रदर्शन कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग से जुड़ा था और इसका उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज बनी हुई है।

    भोपाल में हुआ यह प्रदर्शन एक बार फिर यह संकेत देता है कि धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर देश में बहस लगातार तेज हो रही है। ऐसे मामलों में प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती कानून व्यवस्था बनाए रखने और सभी पक्षों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अवसर देना रहती है।

  • कॉमनवेल्थ गेम्स में मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन, यामिनी और अजय बाबू ने जीते रजत पदक

    कॉमनवेल्थ गेम्स में मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन, यामिनी और अजय बाबू ने जीते रजत पदक

    भोपाल । कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बीच मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। जूडो में सागर की यामिनी मौर्य और वेटलिफ्टिंग में अजय बाबू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

    मंत्री सारंग ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश के दो खिलाड़ियों का कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतना पूरे प्रदेश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि यामिनी मौर्य ने 57 किग्रा जूडो में शानदार संघर्ष और तकनीकी कौशल का परिचय देते हुए रजत पदक हासिल किया, वहीं अजय बाबू ने वेट लिफ्टिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सिल्वर मेडल जीतकर प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है।

    मंत्री सारंग ने कहा कि यह सफलता प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें बड़े मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास देगी। मंत्री सारंग ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी प्रतियोगिताओं में भी मध्यप्रदेश और भारत के खिलाड़ी इसी प्रकार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अधिक से अधिक पदक जीतेंगे।

    वीडियो कॉल पर जूडो खिलाड़ी यामिनी को दी बधाई

    कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो स्पर्धा में रजत पदक जीतकर मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली खिलाड़ी यामिनी मौर्य से मंत्री सारंग ने वीडियो कॉल पर उन्हें शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मंत्री सारंग ने कहा कि यामिनी मौर्य की यह सफलता मध्यप्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने का विश्वास व्यक्त किया।

    खेल नीति के तहत मिलेगा सम्मान और प्रोत्साहन

    मंत्री विश्वास सारंग ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश सरकार की खेल नीति के अनुसार कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाले यामिनी मौर्य और अजय बाबू को 25-25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही खेल नीति के प्रावधानों के अनुरूप दोनों खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी।

    खिलाड़ियों के लिए हरसंभव सहयोग दे रही सरकार
    मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना, आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएं और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसा खेल वातावरण तैयार करना है, जिससे मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रौशन करते रहें।

  • शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप

    शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप


    शिवपुरी:
    मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में शनिवार को बस स्टैंड पर जेबकतरी की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। एक युवक को यात्री की जेब से दो हजार रुपए निकालते हुए लोगों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी पिटाई कर दी, लेकिन अफरातफरी के बीच आरोपी वहां से भागने में सफल रहा। घटना के बाद बस स्टैंड पर कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर यात्रियों को निशाना बना रहा था। जैसे ही उसने एक यात्री की जेब से नकदी निकालने की कोशिश की, आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी पहचान और तलाश में जुटी है।

    इसी बीच शहर में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। लुधावली और फतेहपुर क्षेत्र से सामने आए कुछ वीडियो में कथित तौर पर युवाओं को खुलेआम स्मैक का सेवन और उसकी सप्लाई करते हुए देखा गया है। इन वीडियो के सामने आने के बाद शहर में नशे के नेटवर्क को लेकर बहस तेज हो गई है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिवपुरी में स्मैक का कारोबार लगातार फैल रहा है। उनका कहना है कि नशा करने में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज भी आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे युवाओं के भविष्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। लोगों का यह भी आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद नशे का अवैध कारोबार पूरी तरह नहीं रुक पा रहा है।

    हालांकि पुलिस का कहना है कि स्मैक तस्करों और पेडलरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एडिशनल एसपी आर.डी. प्रजापति के अनुसार, हाल ही में 15 दिन का विशेष अभियान चलाकर नशा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान कानूनी कार्रवाई के साथ लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया।

    इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों का दावा है कि छोटे स्तर पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन कथित मुख्य सरगनाओं तक पुलिस की पहुंच नहीं बन पा रही है। उनका कहना है कि जब तक नशे के पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुश्किल रहेगा।

    पुलिस ने कहा है कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान होती है और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जेबकतरी की घटना में फरार आरोपी की तलाश भी जारी है।