Category: Madhya Pradesh

  • सतना में मामूली विवाद में ऑटो चालक पर गोली, जिला अस्पताल में भर्ती

    सतना में मामूली विवाद में ऑटो चालक पर गोली, जिला अस्पताल में भर्ती

    सतना।मध्यप्रदेश के सतना जिले में शनिवार शाम को एक मामूली सड़क विवाद खूनी झगड़े में बदल गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना लगवां थाना क्षेत्र के गहरा नाला के पास हुई। बताया गया है कि एक ऑटो विपरीत दिशा से आ रही बाइक से टकरा गया। इस मामूली टक्कर को लेकर ऑटो चालक और बाइक सवार युवकों के बीच विवाद हो गया।

    मौके पर हुई गोलीबारी
    विवाद इतना बढ़ गया कि बाइक सवारों में से किसी ने ऑटो चालक पर गोली चला दी। घटना में ऑटो चालक मामूली रूप से घायल हुआ। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को अलग किया।

    जिला अस्पताल में भर्ती
    घायल ऑटो चालक को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस की स्थिति
    स्थानीय पुलिस ने बताया कि यह मामूली विवाद अचानक बढ़ गया और गोली चलाने की घटना हुई। मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस CCTV फुटेज और गवाहों के बयान लेने में जुटी हुई है।यह घटना यह याद दिलाती है कि सड़क पर छोटी सी टक्कर भी कभी-कभी गंभीर हिंसक घटनाओं में बदल सकती है, इसलिए सावधानी और शांति बनाए रखना जरूरी है।

  • भोपाल में SC-ST-OBC महासम्मेलन: 20 मांगों का ज्ञापन, सरकार पर आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर हमला

    भोपाल में SC-ST-OBC महासम्मेलन: 20 मांगों का ज्ञापन, सरकार पर आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर हमला



    भोपाल । भोपाल के भेल दशहरा मैदान में रविवार को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (SC-ST-OBC) के संयुक्त मोर्चा का महासम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों लोग शामिल हुए। सम्मेलन में नेताओं ने सामाजिक न्याय, आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और न्याय व्यवस्था में समान अधिकार की मांग को लेकर सरकार पर तीखा विरोध जताया। मंच से कहा गया कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग आज भी शिक्षा, नौकरी, प्रशासन और न्याय व्यवस्था में बराबरी का अधिकार नहीं पा रहे हैं और संविधान में दिए गए अधिकारों का लाभ इन्हें पूरी तरह नहीं मिल रहा है।

    संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री के नाम 20 मांगों का ज्ञापन देने की बात कही।

    इसमें मुख्य रूप से आरक्षण को जनसंख्या के अनुसार बढ़ाने, ओबीसी के 13% रोके गए पद तुरंत भरने, सरकारी सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण, निजी और आउटसोर्स कामों में भी आरक्षण, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, सफाई कर्मचारियों को नियमित करने, न्याय व्यवस्था में ओबीसी-एससी-एसटी का उचित प्रतिनिधित्व, छात्रवृत्ति और छात्रावास बढ़ाने जैसी मांगें शामिल हैं। मोर्चा ने चेतावनी भी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा।

    महासम्मेलन के दौरान पूर्व विधायक और संपूर्ण बुंदेलखंड जन जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरडी प्रजापति ने कथावाचकों धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्ध आचार्य के विवादित बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। प्रजापति ने कहा कि महिलाओं के बारे में “25 साल की लड़कियां” और “100 बार बेचो” जैसे अपमानजनक बयान देना किसी भी धर्म या शास्त्र में स्वीकार्य नहीं है।

    उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विधवा महिला का सिंदूर हटना उसे “खाली प्लॉट” बना देता है और समाज को अपनी बहन-बेटियों को जमीन की तरह ‘खरीदा-बेचा’ जाना चाहिए।

    प्रजापति ने यह भी कहा कि कुछ कथावाचक और धर्मगुरु करोड़ों लोगों की भीड़ जुटाकर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे बयान देने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो और धर्म-शास्त्र का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए कड़ी निगरानी होनी चाहिए।

    अपने संबोधन में प्रजापति ने प्रधानमंत्री और मौजूदा व्यवस्था पर भी तीखा हमला करते हुए कहा कि मेहनत करने वाला वर्ग हाशिए पर है, जबकि धर्म और चंदे के सहारे प्रभावशाली लोग लाभ ले रहे हैं।

    उन्होंने आदिवासी समाज के मुद्दों पर जंगल कटाई और संसाधनों के दोहन को आदिवासी समुदाय के अस्तित्व के लिए खतरा बताया।

    महासम्मेलन में उपस्थित नेताओं ने यह भी कहा कि आदिवासी सलाहकार परिषद को मजबूत किया जाए और PESA कानून पूरी तरह लागू किया जाए। साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर हाईकोर्ट परिसर में स्थापित करने और बाबा साहब के अपमान से जुड़े मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई।

    इस तरह भोपाल में हुए इस महासम्मेलन ने सरकार पर आरक्षण, सामाजिक न्याय और संविधानिक अधिकारों के कार्यान्वयन को लेकर दबाव बढ़ा दिया है, साथ ही कथावाचकों के विवादित बयानों को लेकर सामाजिक स्तर पर भी नया राजनीतिक और सांस्कृतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

  • कोहरे की चादर में दिल्ली: विजिबिलिटी हुई 'शून्य', प्रदूषण ने फिर डराया, राजधानी में GRAP-4 की सख्त पाबंदियां लागू+

    कोहरे की चादर में दिल्ली: विजिबिलिटी हुई 'शून्य', प्रदूषण ने फिर डराया, राजधानी में GRAP-4 की सख्त पाबंदियां लागू+


    नई दिल्ली । देश की राजधानी दिल्ली इस समय दोहरी मार झेल रही है। एक तरफ जहां रविवार सुबह दिल्ली भीषण कोहरे की सफेद चादर में लिपटी नजर आई, वहीं दूसरी तरफ जानलेवा प्रदूषण के चलते प्रशासन को एक बार फिर सबसे सख्त पाबंदियां यानी GRAP-4 लागू करना पड़ा है। मौसम विभाग ने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक के गंभीर श्रेणी में पहुँचने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कोहरे का कहर सफदरजंग में दृश्यता जीरो रविवार की सुबह दिल्ली के लिए बेहद धुंधली रही। शनिवार रात से शुरू हुआ कोहरा सुबह होते-होते इतना घना हो गया कि सफदरजंग जैसे इलाकों में विजिबिलिटी शून्य दर्ज की गई। पालम में दृश्यता 350 मीटर रही, जबकि अक्षरधाम, डीएनडी और बारापुला जैसे प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की दिशा बदलने और नमी के उच्च स्तर 100% के कारण यह स्थिति बनी है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने और केवल बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।

    तापमान का खेल: धूप की गर्मी और सुबह की ठिठुरन दिल्ली के मौसम में अजीब विरोधाभास देखने को मिल रहा है। शनिवार को दिनभर खिली तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक यानी 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, रात और सुबह की गलन बरकरार है, जहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 17 से 20 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में थोड़ी वृद्धि होगी और हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन 23 से 26 जनवरी के बीच एक और शीतलहर दस्तक दे सकती है। प्रदूषण का ‘इमरजेंसी’ लेवल: फिर लागू हुआ GRAP-4 हवा की धीमी गति और पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली की आबोहवा फिर से जहरीली हो गई है। शनिवार रात दिल्ली का औसत AQI 428 तक पहुँच गया। स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग CAQM ने 24 दिन बाद फिर से GRAP-4 लागू करने का निर्णय लिया है।

    GRAP-4 के तहत क्या हैं नई पाबंदियां

    ट्रकों पर बैन: आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर अन्य सभी भारी वाहनों और ट्रकों के दिल्ली प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। निर्माण कार्य ठप: दिल्ली-एनसीआर में सभी तरह के निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। स्कूलों के लिए निर्देश: कक्षा 6वीं, 7वीं, 8वीं और 11वीं के लिए हाइब्रिड मोड ऑनलाइन ऑफलाइन में पढ़ाई के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो-तीन दिनों तक कोहरे और प्रदूषण का यह गठजोड़ दिल्लीवासियों की मुश्किलें बढ़ाए रखेगा। अधिकारियों ने बुजुर्गों और सांस के मरीजों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है।

  • धर्म प्रचार छोड़ने पर साध्वी हर्षा पर हमला, संत समाज से बहिष्कार, सोशल मीडिया पर गालियां और धमकियां!

    धर्म प्रचार छोड़ने पर साध्वी हर्षा पर हमला, संत समाज से बहिष्कार, सोशल मीडिया पर गालियां और धमकियां!



    नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में साध्वी हर्षा रिछारिया ने भारी मन से घोषणा की कि वह धर्म प्रचार का काम छोड़कर वापस अपने पुराने पेशे एंकरिंग में लौट रही हैं। हर्षा का कहना है कि धर्म प्रचार के दौरान उन्हें संत समाज से न सिर्फ स्वीकृति नहीं मिली, बल्कि धमकियां, गंदी-गंदी बातें और धर्म परिवर्तन के ऑफर भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें “धर्म छोड़कर लौट रही” मानकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और दूसरे धर्म के लोगों को भी उनके खिलाफ भड़काया जा रहा है।
    हर्षा ने स्पष्ट किया कि वह सनातनी हैं और हमेशा रहेंगी, लेकिन इस मानसिक उत्पीड़न को वह और बर्दाश्त नहीं कर सकतीं।

    हर्षा रिछारिया का नाम देशभर में तब चर्चा में आया जब 4 जनवरी 2025 को प्रयागराज महाकुंभ में वह निरंजनी अखाड़े की भव्य पेशवाई में संतों के साथ रथ पर सवार दिखाई दीं। उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और लोग उन्हें ‘महाकुंभ की सबसे सुंदर साध्वी’ कहने लगे। लेकिन इसी प्रसिद्धि के साथ विवाद भी जुड़ गया। कुछ धार्मिक गुरुओं ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि यह “धर्म को प्रदर्शन का हिस्सा बनाना” है और इससे समाज में गलत संदेश फैलता है।

    हर्षा ने बताया कि इस लोकप्रियता के बाद उन्हें संत समाज में स्वीकृति नहीं मिली। जब भी वह किसी संत से मिलने जातीं, तो उन्हें घंटों इंतजार कराया जाता। उनके पुराने एंकरिंग पेशे को लेकर उन्हें ‘पाप’ का भाव दिया जाता और उनसे सफाई मांगी जाती।

    हर्षा ने कहा कि उन्हें अपने पुराने पेशे पर गर्व है और वही पेशा उन्हें पहचान देता था, लेकिन धर्म के रास्ते पर आने के बाद उन्हें संदेह, तिरस्कार और भेदभाव का सामना करना पड़ा।

    हर्षा का आरोप है कि कुछ धार्मिक ठेकेदार और संत उनके खिलाफ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। दिसंबर 2025 में माघ मेले में शिविर लगाने के लिए जमीन न मिलने की घटना उन्हें सबसे ज्यादा आहत कर गई। उन्होंने बताया कि शुरुआत में अधिकारियों ने उन्हें जमीन देने का आश्वासन दिया, लेकिन जैसे ही कुछ प्रभावशाली संतों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने अधिकारियों पर दबाव बनाया और जमीन आवंटन की प्रक्रिया रोक दी गई। हर्षा ने कहा कि उन्होंने कभी श्रद्धालुओं से एक पैसा नहीं लिया और सारी व्यवस्था अपने खर्च पर चलाती थीं।

    हर्षा का मानना है कि जब कोई लड़की धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ती है, तो कुछ लोग उसे नीचे गिराने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ उत्पीड़न इसलिए बढ़ा क्योंकि उन्हें “धर्म प्रचार छोड़ने” की बात कहते हुए लोगों को बहस का मौका मिल गया। हर्षा ने यह भी कहा कि उन्हें कुछ लोगों द्वारा धर्म परिवर्तन के ऑफर दिए जा रहे हैं और धमकी भरे संदेश भी मिल रहे हैं।

    अंत में हर्षा ने युवाओं और महिलाओं को सलाह दी कि धर्म से जुड़ने के लिए अपने परिवार और घर के मंदिर तक ही सीमित रहें और किसी के पीछे अंधे होकर न चलें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने सिर्फ धर्म का प्रचार छोड़ा है, सनातन धर्म नहीं। साथ ही कहा कि अगर भविष्य में परिस्थितियां बदलती हैं, तो वह फिर से इस मार्ग पर लौट सकती हैं।

  • धार पुलिस का अलर्ट मोड: बसंत पंचमी और जुमा के बीच शांति बनाए रखने के लिए भारी बल

    धार पुलिस का अलर्ट मोड: बसंत पंचमी और जुमा के बीच शांति बनाए रखने के लिए भारी बल


    नई दिल्ली।  धार जिले में 23 जनवरी, शुक्रवार को बसंत पंचमी और जुमे की नमाज एक ही दिन होने जा रही है, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना इस बार प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

    भोज उत्सव समिति ने बताया कि बसंत पंचमी के दिन भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड हवन-पूजन का आयोजन किया जाएगा। समिति ने स्पष्ट किया है कि यह पूजा बिना किसी रुकावट के संपन्न कराई जाएगी। वहीं, शुक्रवार होने के कारण दोपहर 1 बजे से भोजशाला परिसर में मुस्लिम समुदाय द्वारा जुमे की नमाज अदा की जाएगी। दोनों धर्मों के कार्यक्रमों का एक ही दिन होना प्रशासन के लिए अतिरिक्त सतर्कता का कारण है।

    8 हजार पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

    स्थिति को देखते हुए भोजशाला क्षेत्र, शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरे जिले में लगभग 8 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिसमें जिला पुलिस के साथ-साथ रिजर्व और रिप्लेसमेंट फोर्स भी शामिल हैं। पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि दोनों समुदायों के धार्मिक आयोजन शांति और सुरक्षा के साथ संपन्न हों।

    फ्लैग मार्च से बढ़ाई सतर्कता

    बसंत पंचमी के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने रविवार को फ्लैग मार्च भी निकाला। यह मार्च किला ग्राउंड से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। मार्च में स्थानीय पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), वज्र वाहन और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस ने आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिया और असामाजिक तत्वों को साफ संदेश दिया कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    शांति बनाए रखना चुनौती

    भोजशाला में होने वाले धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन की नजर हर जगह रहेगी। पुलिस ने बताया कि सभी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त फोर्स भी तैनात किया जाएगा। इसके अलावा, शहर के प्रमुख मार्गों पर भी पुलिस लगातार गश्त करेगी, ताकि दोनों समुदाय अपने कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण तरीके से अदा कर सकें।

    आम नागरिकों के लिए संदेश

    पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सहयोग करें और किसी भी असामाजिक गतिविधि या अफवाह को फैलाने से बचें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को तुरंत रोकने के लिए कड़ा कदम उठाया जाएगा। प्रशासन ने यह भी कहा कि बसंत पंचमी और जुमा की नमाज के दौरान पूरे जिले में सख्त निगरानी रहेगी, ताकि हर धार्मिक आयोजन सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

    प्रशासन का मुख्य संदेश

    इस बार प्रशासन का मुख्य संदेश है कि धार जिले में किसी भी तरह की धार्मिक तनाव या अव्यवस्था नहीं बर्दाश्त की जाएगी। बसंत पंचमी और जुमा दोनों ही कार्यक्रमों में आम नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता होगी। साथ ही, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी संवेदनशील स्थानों पर तैनाती बढ़ाई गई है, और किसी भी असामाजिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

    धार जिले में 23 जनवरी को होने वाले इन दोनों कार्यक्रमों पर प्रशासन की यह तैयारी सुरक्षा और शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी को दर्शाती है। जिले में कुल मिलाकर 8 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और रिजर्व फोर्स के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहेंगे, ताकि हर धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

  • प्रेम संबंध छिपाने के लिए मां ने 5 साल के बेटे को दो मंजिल से फेंका, रिकॉर्डिंग-सीसीटीवी से हुआ खुलासा; मां को उम्रकैद, प्रेमी बरी

    प्रेम संबंध छिपाने के लिए मां ने 5 साल के बेटे को दो मंजिल से फेंका, रिकॉर्डिंग-सीसीटीवी से हुआ खुलासा; मां को उम्रकैद, प्रेमी बरी



    ग्वालियर । ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में 28 अप्रैल 2023 को हुई एक दर्दनाक घटना में 5 साल के बच्चे जतिन की मौत का मामला अब न्यायालय तक पहुंचा। आरोप है कि बच्चे की मां ज्योति राठौर ने अपने प्रेमी उदय इंदौलिया के साथ छत पर होने के दौरान अपने बेटे को यह देख लिया कि मां अपने प्रेमी की गोद में है। यह बात उजागर होने के डर से उसने अपने बेटे को दो मंजिल की छत से नीचे फेंक दिया, जिससे बच्चे को गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई।
    घटना के तुरंत बाद परिवार और पुलिस ने इसे एक सामान्य दुर्घटना माना, लेकिन 15 दिन बाद मामले का असली सच सामने आया। बच्चे की मां को पछतावा हुआ और उसने अपने पति ध्यान सिंह को सच बता दिया। इसके बाद पति ने बातचीत की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली और घर में लगे CCTV फुटेज भी प्राप्त किए। इस सबूत के आधार पर उसने थाटीपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

    पुलिस ने जांच के बाद मां ज्योति और उसके प्रेमी उदय को आरोपी बनाया और दोनों के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने पुलिस की ओर से पैरवी की।

    अपर सत्र न्यायालय ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और रिकॉर्डिंग-सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह माना कि यह हत्या का मामला है, न कि दुर्घटना। अदालत ने ज्योति राठौर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

    वहीं, प्रेमी उदय इंदौलिया को पर्याप्त सबूत न होने के कारण अदालत ने बरी कर दिया। घटना की जांच में यह भी सामने आया कि बच्चा सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन मां उसे देखने नहीं आई। बच्चे को बाद में अस्पताल ले जाया गया, जहां 29 अप्रैल को उसकी मौत हो गई।

    इस मामले में पुलिस ने अब तक जांच और सबूतों के आधार पर मां की हत्यारानी हरकत को साबित कर दिया, जबकि प्रेमी की भूमिका साबित नहीं हो सकी।

    अब न्यायालय के आदेश के बाद मां को उम्रकैद की सजा का सामना करना होगा और यह केस परिवार और समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी बन गया है कि प्रेम संबंध छिपाने के लिए किसी भी हद तक जाना कितना खतरनाक हो सकता है।

  • इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में हाई-प्रोफाइल ड्रग पार्टियां: 15000 में एंट्री, युवतियों को पैडलर बनाकर 5 राज्यों में एमडी ड्रग सप्लाई

    इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में हाई-प्रोफाइल ड्रग पार्टियां: 15000 में एंट्री, युवतियों को पैडलर बनाकर 5 राज्यों में एमडी ड्रग सप्लाई


    नई दिल्ली। इंदौर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें भोपाल का अबान शकील मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस ने अबान को इंदौर में ड्रग डिलीवरी के इंतजार के दौरान गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि अबान गोवा, इंदौर, मुंबई, दिल्ली और भोपाल जैसे कई बड़े शहरों में एमडी ड्रग की सप्लाई में सक्रिय था। इस गिरोह में दो युवतियां भी पैडलर के रूप में शामिल थीं, जिन्हें अबान और उसके साथी वैभव उर्फ बाबा शर्मा मोटे कमीशन और ड्रग की फ्री खुराक का लालच देकर तस्करी के काम में जोड़ते थे।
    पुलिस ने अबान की निशानदेही पर दो युवतियों और बाबा शर्मा को भी गिरफ्तार किया है।

    इंदौर पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि अबान और बाबा शर्मा अंतरराज्यीय एमडी तस्कर गिरोह के सदस्य हैं और यह गिरोह चार से पांच राज्यों में ड्रग तस्करी कर रहा था। जांच के दौरान यह तथ्य भी उजागर हुआ कि इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में आरोपी बाबा शर्मा, अलीशा मसीह और नेहा पार्टीज का आयोजन करते थे। इन पार्टियों में एंट्री फीस 10 से 15 हजार रुपए तक ली जाती थी और रईसजादों को ड्रग खपाने का काम किया जाता था।

    पुलिस ने बताया कि अबान अपनी पार्टीज के जरिए युवाओं को आकर्षित करता था और बाद में उन्हें एमडी की खुराक देकर पार्टी कल्चर के नाम पर नशे का आदी बनाता था। इसके बाद वही युवतियां और अन्य सदस्य ड्रग सप्लाई के लिए आगे काम करते थे। गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से गोवा, दिल्ली, इंदौर, भोपाल, मुंबई सहित अन्य शहरों में पार्टीज आयोजित करते रहे हैं।

    अब तक इस मामले में कुल चार गिरफ्तारियां हुई हैं।

    इंदौर पुलिस ने अबान के साथ कनाड़िया, मुंबई और देवास से गिरोह के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी वैभव उर्फ बाबा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह अबान और युवतियों के साथ मिलकर एमडी ड्रग्स की तस्करी करता था।

    पुलिस के मुताबिक, गिरोह गोवा सहित कई राज्यों के पब, बार और क्लबों में एमडी ड्रग की सप्लाई करता था और इसकी कीमत लगभग 10 हजार रुपए प्रति ग्राम थी। पुलिस अभी आरोपी से एमडी ड्रग्स के सोर्स के बारे में पूछताछ कर रही है और उसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभव है।

    इस बीच, अबान शकील का नाम ड्रग तस्करी में फंसने के बाद भोपाल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (बीडीसीए) ने उसे अपनी प्रारंभिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया है। बीडीसीए ने एक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। अबान बीडीसीए का आजीवन सदस्य भी था। पुलिस ने बताया कि अबान कोहेफिजा इलाके में स्थित सैफिया कॉलेज मैदान के पास बने करोड़ों रुपए कीमत के बंगले में रहता था और उसके घर के पोर्च पर लग्जरी कारें खड़ी रहती थीं।
    इस मामले में इंदौर के कनाड़िया थाने में अपराध क्रमांक 37/2025 के तहत धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। अब तक आरोपियों से कुल 15.95 ग्राम एमडी ड्रग्स, बिना नंबर की इको स्पोर्ट्स कार, थार और एक एसयूवी जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि अबान थार जीप से भोपाल-इंदौर के पब और लाउंज में ड्रग सप्लाई करता था और उसके लिए लड़कियां भी पैडलर का काम करती थीं।

    इंदौर क्राइम ब्रांच और कनाड़िया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अबान की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच तेज कर दी है, जिससे जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है।

  • जबलपुर संभाग में वाहन फिटनेस का 'संकट': एक एजेंसी के भरोसे हजारों गाड़ियां, दूर-दराज के जिलों से आना पड़ेगा जबलपुर

    जबलपुर संभाग में वाहन फिटनेस का 'संकट': एक एजेंसी के भरोसे हजारों गाड़ियां, दूर-दराज के जिलों से आना पड़ेगा जबलपुर


    जबलपुर । केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय मोर्थ के एक नए आदेश ने जबलपुर संभाग के हजारों वाहन मालिकों और चालकों की रातों की नींद उड़ा दी है। नए निर्देशों के अनुसार, अब व्यावसायिक और सवारी वाहनों की फिटनेस जांच जिला स्तर पर बंद कर दी गई है। अब संभाग के सभी 8 जिलों के वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए जबलपुर स्थित एकमात्र ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पर निर्भर रहना होगा। इस फैसले ने न केवल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि दूर-दराज के जिलों से आने वाले आवेदकों के लिए यह “जी का जंजाल” बन गया है।

    8 जिलों का बोझ और महज एक टेस्टिंग स्टेशन जबलपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, कटनी, मंडला और डिंडौरी जैसे जिलों के हजारों वाहनों का जिम्मा अब अकेले जबलपुर की एक निजी एजेंसी के भरोसे है। परेशानी की बात यह है कि वर्तमान में शहर में केवल एक ही एटीएस कार्यशील है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या एक ही केंद्र पर संभाग भर के हजारों वाहनों की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच समय पर पूरी हो पाएगी? जानकारों का मानना है कि इस व्यवस्था से भारी भीड़ और काम में देरी होने के कारण भ्रष्टाचार और व्यावहारिक समस्याएं बढ़ना तय है।

    1,000 की फीस और 12,000 का खर्च: वाहन चालकों का फूटा गुस्सा इस नए आदेश का सबसे ज्यादा असर वाहन संचालकों की जेब पर पड़ रहा है। बालाघाट, छिंदवाड़ा और डिंडौरी जैसे जिलों से जबलपुर की दूरी 200 से 210 किलोमीटर तक है। वाहन चालकों का कहना है कि फिटनेस सर्टिफिकेट की निर्धारित सरकारी फीस भले ही महज 1,000 रुपये के आसपास हो, लेकिन लंबी दूरी तय कर जबलपुर आने-जाने का खर्च कमर तोड़ रहा है। ईंधन डीजल , ड्राइवर-खलासी का भत्ता, रास्ते में रुकने का खर्च और एक-दो दिन का समय बर्बाद होने के कारण कुल खर्च 10 से 12 हजार रुपये तक पहुँच रहा है।

    व्यवसाय पर संकट और सुरक्षा के दावे एक तरफ सरकार का तर्क है कि ऑटोमेटेड टेस्टिंग से वाहनों की जांच अधिक सटीक होगी और सड़क हादसों में कमी आएगी, लेकिन दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। वाहन संचालकों का कहना है कि यदि सरकार को यह व्यवस्था लागू ही करनी थी, तो पहले प्रत्येक जिले में एटीएस केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए थे। बिना तैयारी के थोपे गए इस नियम से परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग खासे परेशान हैं। फिलहाल, जबलपुर के एकमात्र एटीएस पर वाहनों का दबाव बढ़ना शुरू हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में आवेदकों की परेशानी और बढ़ने की आशंका है।

  • MP: हरदा में 300 स्टूडेंट्स होस्टल की दीवार फांद DM से मिलने के लिए पैदल ही निकले

    MP: हरदा में 300 स्टूडेंट्स होस्टल की दीवार फांद DM से मिलने के लिए पैदल ही निकले


    हरदा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के हरदा जिले (Harda district) में एकलव्य आवासीय विद्यालय (Eklavya Residential School) के 300 से अधिक स्टूडेंट खराब खाने और सुविधाओं से परेशान होकर शनिवार सुबह हॉस्टल की दीवार फांदकर कलेक्टर (Collector) से मिलने निकल पड़े। कड़ाके की ठंड में वे करीब 40 किलोमीटर दूर कलेक्ट्रेट की ओर पैदल ही चल दिए। जब छात्र लगभग 8 से 9 किलोमीटर पैदल चल चुके थे तब जिला प्रशासन को इसकी खबर मिली। इसके बाद जिलाधिकारी सिद्धार्थ जैन ने हाईवे पर ही छात्रों को रोका और उनकी समस्याओं को सुलझाने का भरोसा देकर उन्हें बसों से वापस स्कूल भेजा।


    डीएम ने बीच में रोका और शिकायतें सुनीं

    अधिकारियों ने बताया कि जब छात्र लगभग 8-9 किलोमीटर पैदल चल चुके थे तब प्रशासन एक्टिव हुआ और जिलाधिकारी सिद्धार्थ जैन ने सोडलपुर के पास नेशनल हाईवे पर ही उन्हें रोक लिया। उन्होंने छात्रों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया और उन्हें बसों के जरिए वापस स्कूल भिजवाया। स्टूडेंट का आरोप है कि स्कूल में काफी समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी है खाने की क्वालिटी बहुत खराब है और वहां साफ-सफाई की हालत भी बहुत बुरी है।


    क्या की शिकायतें?

    छात्रों का आरोप है कि स्कूल में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि वहां न तो खाना अच्छा मिलता है और न ही साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है। छात्रों ने यह भी कहा कि जब वे इन समस्याओं की शिकायत करते हैं तो हॉस्टल की प्रिंसिपल उन्हें मानसिक रूप से परेशान करती हैं। एक छात्र ने पत्रकारों को बताया कि बार-बार शिकायत करने पर भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई तब उन्हें मजबूर होकर यह कदम उठाना पड़ा।


    डीएम ने दिया भरोसा

    स्टूडेंट ने जिलाधिकारी से बातचीत के दौरान प्राचार्य को हटाए जाने की मांग करते हुए नारेबाजी भी की। जिलाधिकारी सिद्धार्थ जैन ने स्टूडेंट को भरोसा दिया कि खाने की गुणवत्ता जांच करने के लिए एक पालक समिति बनाई जाएगी और छात्रों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक ‘संपर्क समिति’ भी गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राचार्य के खिलाफ भी छात्रों की शिकायतें सामने आई हैं। बच्चों की परेशानी को देखते हुए मैं स्वयं मौके पर पहुंचा।


    मामले की होगी जांच

    जिलाधिकारी सिद्धार्थ जैन ने कहा कि छात्रों को समझाकर वापस भेज दिया गया है। पूरे मामले की जांच कर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, कांग्रेस के स्थानीय विधायक अभिजीत शाह ने हास्टल में बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें रसोई में रखी खाद्य सामग्रियों में कई खामियां मिलीं। जब पीने के पानी की टंकी की जांच की गई तो उसके अंदर पेड़ की जड़ें मिलीं। उन्होंने इसका एक वीडियो भी साझा किया। बता दें कि मध्य प्रदेश में 63 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।

  • शहडोल में नेशनल हाईवे पर धू-धू कर जला कोयले से भरा ट्रक: टक्कर के बाद भड़की आग, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान

    शहडोल में नेशनल हाईवे पर धू-धू कर जला कोयले से भरा ट्रक: टक्कर के बाद भड़की आग, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान


    शहडोल । जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे-43 पर शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। धुरवार टोल प्लाजा के पास कोयले से लदे एक ट्रक की टक्कर आगे चल रहे वाहन से हो गई, जिसके तुरंत बाद ट्रक के इंजन में भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते ट्रक का अगला हिस्सा आग के गोले में तब्दील हो गया। गनीमत रही कि चालक ने समय रहते सूझबूझ दिखाई और ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली।

    टक्कर के बाद इंजन में भड़की लपटें जानकारी के अनुसार, कोयला लोड ट्रक बुढ़ार से कटनी की ओर जा रहा था। रात करीब 12 बजे धुरवार टोल प्लाजा के समीप ट्रक अपने आगे चल रहे एक ट्रैक चेसिस वाहन से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक के इंजन में शॉर्ट सर्किट हुआ और अचानक आग लग गई। टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों ने जैसे ही ट्रक से उठती आग की लपटें देखीं, उन्होंने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया।

    मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू सूचना मिलते ही सोहागपुर थाना पुलिस दमकल वाहनों के साथ मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि आग ट्रक के इंजन तक ही सीमित रही और पीछे लदे कोयले तक नहीं पहुँच पाई, अन्यथा एक बड़ा धमाका या भीषण क्षति हो सकती थी। इस अग्निकांड में ट्रक का इंजन पूरी तरह जलकर खाक हो गया है।

    हाइवे पर थमी रफ्तार, लगा लंबा जाम मुख्य हाईवे पर ट्रक में आग लगने और बीच सड़क पर वाहन के खड़े होने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। शहडोल-बुढ़ार हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जाम की स्थिति निर्मित हो गई। पुलिस ने आग बुझने के बाद क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रक को सड़क किनारे करवाया और यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है