Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल में महिला कार रैली: साहस और आत्मविश्वास की चलती-फिरती मिसाल

    भोपाल में महिला कार रैली: साहस और आत्मविश्वास की चलती-फिरती मिसाल


    भोपाल। शनिवार दोपहर बंसल प्लाज़ा से तिरंगा झंडा लहराया गया, और यह केवल एक कार रैली की शुरुआत नहीं थी बल्कि पहियों पर सवार एक क्रांति थी। एग्रोहा क्लब द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की भव्य रैली नारी तू नारायणी ने शहर की सड़कों को महिलाओं के साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक बना दिया। इस आयोजन ने भोपाल की महिलाओं को अपनी ताकत और संभावनाओं का अहसास कराया।

    दोपहर 3 बजे रैली शुरू हुई और पूरा माहौल उत्साह और ऊर्जा से भर गया। सड़कों पर गूंजते नारों और रंग-बिरंगी कारों ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाएं अब अपनी राह खुद तय कर रही हैं। “नारी तू नारायणी” केवल नारा नहीं बल्कि आंदोलन बनकर सड़कों पर उतर आया।

    इस रैली में हर महिला ने किसी प्रसिद्ध महिला व्यक्तित्व का रूप धारण किया और अपनी कार को उसी थीम पर सजाया। रैली एक चलती-फिरती प्रदर्शनी बन गई जिसमें इतिहास और प्रेरणा का संगम दिखाई दिया। कुछ महिलाओं ने रानी लक्ष्मीबाई का रूप धारण किया, हाथ में तलवार लिए और साहस का परिचय दिया। कुछ प्रतिभागियों ने भारत महिला क्रिकेट टीम की जर्सी पहनकर उनकी उपलब्धियों को सलाम किया, तो कुछ महिलाओं ने अंतरिक्ष यात्री बनकर उन भारतीय बेटियों को याद दिलाया जिन्होंने आसमान से भी आगे जाकर इतिहास रचा।

    कारों पर प्रेरक संदेश और महान महिलाओं की तस्वीरें सजाई गईं जिनमें शामिल थीं – द्रौपदी मुर्मू भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति, निर्मला सीतारमण देश की वित्त मंत्री, लता मंगेशकर जिनकी आवाज करोड़ों दिलों की धड़कन बनी, सुधा मूर्ति समाजसेवा और शिक्षा की प्रेरक हस्ती, किरण बेदी भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी, सुष्मिता सेन मिस यूनिवर्स का ताज जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली।

    कारों पर लिखे संदेश भी उतने ही प्रेरक थे-गांव की पगडंडियों से देश की अगुवाई तक, Each One Teach One, नारी शक्ति का यह कारवां छुएगा आसमान।

    पूरे आयोजन में नई पीढ़ी की ऊर्जा स्पष्ट दिखाई दी। महिलाएं कारों से हाथ हिलातीं, नारे लगातीं और मुस्कुराते हुए आगे बढ़ती रहीं। हर सजी हुई कार साहस, आत्मविश्वास और सपनों की कहानी कह रही थी। यह वही पीढ़ी है जो दंगल और मैरी कॉम जैसी कहानियां देखकर बड़ी हुई और अब अपनी जगह खुद बना रही है।

    दिन का सबसे प्रेरक संदेश तब आया जब एक प्रतिभागी, अंतरिक्ष यात्री की पोशाक में, बोली -महिलाएं सिर्फ घर से बाहर ही नहीं निकल सकतीं, वे अंतरिक्ष तक भी पहुंच सकती हैं। आज महिला दिवस पर हम उन बेटियों को सलाम करते हैं जिन्होंने अपने सपनों के लिए सब कुछ दे दिया – कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स। उनका साहस और समर्पण हमें हमेशा प्रेरित करेगा।

    रैली के समापन पर बेस्ट ड्रेस्ड पर्सनालिटी, बेस्ट एम्पावरमेंट स्लोगन और बेस्ट डेकोरेटेड कार जैसी श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए। एग्रोहा क्लब की नारी तू नारायणी महिला कार रैली 2026 ने दिखा दिया कि महिला दिवस सिर्फ जश्न नहीं, बल्कि प्रेरणा का माध्यम भी बन सकता है। भोपाल की महिलाओं ने इंतजार नहीं किया, उन्होंने स्टीयरिंग अपने हाथों में ली और नारी शक्ति का संदेश पूरे शहर में फैलाया।
  • ग्वालियर में बाबा अचलनाथ की भव्य रंगपंचमी नगर यात्रा: फूलों और गुलाल से होली, 5 किलो चांदी का दान, श्रद्धालुओं ने किया उत्साहपूर्वक स्वागत

    ग्वालियर में बाबा अचलनाथ की भव्य रंगपंचमी नगर यात्रा: फूलों और गुलाल से होली, 5 किलो चांदी का दान, श्रद्धालुओं ने किया उत्साहपूर्वक स्वागत


    ग्वालियर। रंगपंचमी के अवसर पर बाबा अचलनाथ की नगर यात्रा निकली, पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुआ भव्य चल समारोह। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए बाबा अचलनाथ की सवारी के साथ श्रद्धालु फूलों और गुलाल से होली खेलते नजर आए। यात्रा की शुरुआत अचलेश्वर महादेव मंदिर से हुई और इसमें डीजे और बैंड की धुनों पर लोग नाचते-गाते शामिल हुए।
    नगर भ्रमण सवारी दल बाजार, लोहिया बाजार, दौलतगंज, महाराज बाड़ा और सराफा बाजार से होकर गुजरी।

    शाम करीब 4 बजे बाबा अचलनाथ की सवारी राम मंदिर पहुंची, जहां बाबा ने भगवान राम के साथ रंग और गुलाल से होली खेली। इसके अतिरिक्त, सनातन धर्म मंदिर में चक्रधर भगवान के साथ भी रंगोत्सव का आयोजन किया गया।

    नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह बाबा अचलनाथ का उत्साहपूर्वक स्वागत किया और प्रसादी वितरित की गई।

    इस अवसर पर एक दानदाता ने मंदिर के स्तंभों के लिए 5 किलो चांदी का दान भी किया। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि आज सभी दानपेटियां भी खोली जाएंगी। इस भव्य रंगपंचमी आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं।

  • दिग्विजय सिंह आज कर सकते हैं रिटायरमेंट का ऐलान: शाम 4 बजे भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस, राज्यसभा से पहले ही इनकार

    दिग्विजय सिंह आज कर सकते हैं रिटायरमेंट का ऐलान: शाम 4 बजे भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस, राज्यसभा से पहले ही इनकार



    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज अपने रिटायरमेंट की घोषणा कर सकते हैं। दिग्विजय ने शाम 4 बजे भोपाल स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। तीन दिन पहले उन्होंने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, “मेरा रिटायरमेंट प्लान? शायद, क्यों नहीं…”।

    वीडियो में 62 वर्षीय सिबानंद भंजा और उनकी पत्नी बसबी भंजा को दिखाया गया है, जिन्होंने बैंक की नौकरी से रिटायर होने के बाद एक कार में यात्रा कर पूरे भारत का भ्रमण शुरू किया। दंपति ने अब तक 55 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी कर ली है और होटल के बजाय खुद भोजन बनाकर खाते हैं। दिग्विजय ने इस वीडियो के माध्यम से अपने रिटायरमेंट के अंदाज को दर्शाया।

    राज्यसभा चुनाव को लेकर भी दिग्विजय पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे राज्यसभा की सीट लेने से इनकार कर चुके हैं। जून में उनका दूसरा कार्यकाल पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा जाने का विकल्प छोड़कर एमपी में कांग्रेस की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

    इतिहास पर नजर डालें तो दिग्विजय सिंह 1993 से 2003 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन 2003 में कांग्रेस की हार के बाद उन्होंने 10 साल तक चुनाव न लड़ने का संकल्प लिया। 2014 में वे राज्यसभा सदस्य बने और 2020 में दूसरी बार राज्यसभा सांसद चुने गए।

    आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके रिटायरमेंट और भविष्य की योजनाओं का खुलासा होने की उम्मीद है, जिससे मध्य प्रदेश की राजनीति और कांग्रेस के रणनीतिक बदलाव पर नई बहस शुरू हो सकती है।

  • रीवा एक्सप्रेस में 'खूनी' साजिश: शंकराचार्य पर केस करने वाले आशुतोष महाराज पर हमला, नाक काटने की कोशिश

    रीवा एक्सप्रेस में 'खूनी' साजिश: शंकराचार्य पर केस करने वाले आशुतोष महाराज पर हमला, नाक काटने की कोशिश


    प्रयागराज। गाजियाबाद से प्रयागराज जा रही रीवा एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी (H1) कोच में रविवार सुबह उस वक्त दहशत फैल गई, जब आशुतोष महाराज पर एक अज्ञात हमलावर ने चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना सोची-समझी साजिश का हिस्सा जान पड़ता है कि आरोपी ने सीधे चेहरे और नाक को निशाना बनाया। लहूलुहान हालत में आशुतोष महाराज ने ट्रेन के टॉयलेट में छिपकर अपनी जान बचाई और वहीं से जीआरपी (GRP) को फोन कर खुद के ‘मर्डर’ की साजिश का खुलासा किया।

    वारदात: सुबह 5 बजे, टॉयलेट के पास ‘बॉडी बिल्डर’ का हमला
    आशुतोष महाराज के अनुसार, वे वेस्ट यूपी संयोजक सुधांशु सोम के साथ सफर कर रहे थे। सुबह करीब 5 बजे जब ट्रेन फतेहपुर और सिराथू के बीच थी, तब वे बाथरूम की ओर जा रहे थे। तभी एक ‘नकाबपोश नहीं बल्कि खुले चेहरे’ वाले हट्टे-कट्टे हमलावर ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमलावर ने उनकी नाक काटने की कोशिश की और चेहरे व हाथ पर कई वार किए। आशुतोष ने बताया कि उन्होंने जान बचाने के लिए हमलावर से हाथापाई की और किसी तरह खुद को बाथरूम में लॉक कर लिया। वे तब तक बाहर नहीं आए जब तक जीआरपी की टीम मौके पर नहीं पहुँच गई।

    आरोप: “कोर्ट में सबूत न दे पाऊं, इसलिए रची गई हत्या की साजिश”
    अस्पताल के बेड से आशुतोष महाराज ने सीधे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर उंगली उठाई है। उन्होंने दावा किया कि:

    वजह: पॉक्सो एक्ट के तहत उन्होंने जो एफआईआर दर्ज कराई है, उसके पुख्ता सबूत वे कोर्ट में पेश न कर पाएं, इसलिए यह हमला कराया गया।

    इनाम की घोषणा: उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी नाक काटने के लिए एक लाख रुपये के इनाम का ऐलान किया गया था, जिसमें दिनेश फलाहारी और मुकुंदानंद जैसे नाम शामिल हैं।

    फेसबुक पोस्ट का रहस्य: इस हमले की कथित जिम्मेदारी ‘डॉ. स्वाति अघोरी’ नाम के फेसबुक अकाउंट से ली गई है, जिसमें लिखा गया— “बोला था न हमारे लोगों के हत्थे मत चढ़ना।” पुलिस अब इस अघोरी साधक के प्रोफाइल की सत्यता की जांच कर रही है।

    पलटवार: “यह सब सुरक्षा पाने का बनावटी ड्रामा है”
    वहीं, दूसरी ओर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को ‘मीडिया अटेंशन’ पाने का तरीका बताया है। उन्होंने कहा कि:

    बनावटी हमला: शंकराचार्य के अनुसार, अटेंडेंट का कहना है कि बाथरूम जाने तक वे ठीक थे, फिर अचानक यह हाल कैसे हो गया? यह सब सरकारी सुरक्षा हासिल करने का प्रपंच है।

    रेलवे सुरक्षा पर सवाल: उन्होंने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि क्या अब भारत की ट्रेनें सुरक्षित नहीं रह गई हैं? जीआरपी कहाँ थी?

    ध्यान भटकाने की कोशिश: उन्होंने इसे अपनी धार्मिक यात्रा से लोगों का ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी कोशिश करार दिया।

    वर्तमान स्थिति: मेडिकल जांच और पुलिसिया शिकंजा
    फिलहाल आशुतोष महाराज का प्रयागराज के काल्विन अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने उनके चेहरे के गहरे घावों को देखते हुए CT स्कैन और एक्स-रे कराया है। आशुतोष ने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की है और वे सहारे के बिना चल भी नहीं पा रहे हैं। जीआरपी ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और प्रयागराज सर्किट हाउस से लेकर अस्पताल तक भारी पुलिस बल तैनात है।

    निष्कर्ष
    “चलती ट्रेन के सुरक्षित कोच में इस तरह का हमला न केवल रेलवे सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि धर्म और कानून की इस जंग में ‘नाक’ का सवाल अब जान पर बन आया है। पुलिस के लिए अब दूध का दूध और पानी का पानी करना एक बड़ी चुनौती है।”

  • जबलपुर ग्वारीघाट पर 200 बच्चों की अनोखी क्लास: दिन में दुकान, शाम को पढ़ाई

    जबलपुर ग्वारीघाट पर 200 बच्चों की अनोखी क्लास: दिन में दुकान, शाम को पढ़ाई


    जबलपुर । गुरुवार की शाम करीब 6 बजे जब नर्मदा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ नर्मदा आरती देखने जुटी थी उसी समय घाट किनारे छोटे छोटे बच्चे अपनी दुकानों पर बैठे थे। फूल प्रसाद खिलौने और अन्य सामान बेचते ये बच्चे कंधों पर स्कूल बैग टंगे हुए थे। परंतु जैसे ही शाम की आरती खत्म हुई घाट की सीढ़ियों पर बच्चों की आवाज़ें गूंजने लगीं। भारत माता की जय।

    देखते ही देखते करीब 300 बच्चे घाट की सीढ़ियों पर बैठ गए और वही बच्चे कुछ देर पहले दुकानों पर सामान बेच रहे थे। सामने लगे डिजिटल बोर्ड और छोटे साउंड सिस्टम के माध्यम से पराग भैया बच्चों को पढ़ा रहे थे। माहौल ऐसा था कि घाट पर मौजूद श्रद्धालु भी रुककर इस अनोखी क्लास को देखने लगे। छोटे छोटे बच्चे मैथ्स और विज्ञान के कठिन सवाल हल कर रहे थे।

    पराग भैया बताते हैं कि यह विचार उनकी मां के निधन के बाद आया। 2016 में मां की अस्थियां नर्मदा में विसर्जित करने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि अब उनका परिवार यही बच्चे हैं। शुरुआत सिर्फ 5 बच्चों से हुई थी लेकिन धीरे धीरे संख्या बढ़कर 200 से अधिक हो गई। शुरुआत में बच्चों को पढ़ाने के लिए 10 20 रुपए देने पड़ते थे लेकिन अब बच्चे स्वयं नियमित पढ़ाई के लिए घाट पर आते हैं।

    इस प्रयास में कई लोग मदद कर रहे हैं। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने डिजिटल बोर्ड उपलब्ध कराया वहीं 26 जनवरी को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने 60 बच्चों को टैबलेट दिए जिससे डिजिटल पढ़ाई आसान हो गई।

    इन बच्चों के माता पिता अक्सर नाव चलाते हैं या घाट किनारे दुकाने लगाते हैं। कई बच्चे खुद भी दिनभर 60 70 रुपए तक कमाते हैं। 8वीं कक्षा की परी यादव बताती हैं कि वह दिनभर नारियल प्रसाद बेचती हैं शाम को बैग लेकर पढ़ने आती हैं। पहले पराग भैया उन्हें 20 रुपए देकर पढ़ाते थे अब वह बिना किसी पैसे के नियमित पढ़ाई में शामिल होती हैं।

    तीसरी कक्षा की खुशी खिलौनों की दुकान संभालती है और चौथी कक्षा की आराधना रिमोट कार चलवाती है। फिर भी दोनों शाम को पढ़ाई के लिए घाट पर जुटती हैं। इसी तरह 10वीं की छात्रा सान्या उईके जिसकी फीस न जमा होने के कारण एडमिट कार्ड नहीं मिला था पराग भैया के प्रयास से परीक्षा दे पाने में सफल हुई।

    पराग भैया की पराग ट्यूटोरियल कोचिंग 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए चलती है और आईआईटी नीट की तैयारी भी कराई जाती है। उनका लक्ष्य आगे ऐसा स्कूल खोलने का है जहां बड़े छात्र छोटे छात्रों को पढ़ाएं जिससे परिवारिक सैलरी और शिक्षा का लाभ सीधे छात्रों और उनके परिवार तक पहुंचे। यह अनोखी पहल न केवल बच्चों की शिक्षा के लिए प्रेरक है बल्कि यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी उत्साह अनुशासन और समर्पण से शिक्षा को आगे बढ़ाया जा सकता है।

  • MP में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी: मालवा निमाड़ सबसे गर्म, राजस्थान की रेगिस्तानी हवाओं से बढ़ा तापमान

    MP में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी: मालवा निमाड़ सबसे गर्म, राजस्थान की रेगिस्तानी हवाओं से बढ़ा तापमान


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान अप्रैल जैसा महसूस होने लगा है। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में दिन के समय लू जैसी तपन महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में रविवार को रंगपंचमी के दिन भी तेज धूप और गर्मी का असर बना रहेगा। राजधानी भोपाल के साथ साथ इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन के समय तेज गर्मी महसूस की जा रही है।

    मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाओं का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। इसके साथ ही वातावरण में नमी की मात्रा भी कम हो गई है। यही कारण है कि प्रदेश में मार्च के पहले ही पखवाड़े में गर्मी का असर तेजी से बढ़ गया है।

    शनिवार को प्रदेश के कई शहरों में तापमान 37 से 38 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। सबसे अधिक रतलाम में तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा धार में 38.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.6 डिग्री, Sagar में 37.2 डिग्री और Guna में 37 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 36.5 डिग्री, इंदौर में 36.4 डिग्री, भोपाल में 35.2 डिग्री, ग्वालियर में 35.7 डिग्री और जबलपुर में 34.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी का असर मार्च के दूसरे पखवाड़े के बाद दिखाई देता है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है और शुरुआती दिनों में ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

    तेज गर्मी को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल मौसम केंद्र ने लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप का असर सबसे ज्यादा रहता है। ऐसे में लोगों को जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग ने लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने तथा धूप में निकलते समय सिर और चेहरे को ढंकने की सलाह दी है। साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में प्रदेश का अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले ही पखवाड़े में कई शहरों में पारा 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि वास्तविक हीट वेव यानी लू का दौर अप्रैल और मई में देखने को मिल सकता है, जब प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है।

  • रंगपंचमी पर सबसे पहले महाकाल को चढ़ा रंग, भस्म आरती में केसर जल अर्पित, शिव परिवार को लगाया हर्बल गुलाल

    रंगपंचमी पर सबसे पहले महाकाल को चढ़ा रंग, भस्म आरती में केसर जल अर्पित, शिव परिवार को लगाया हर्बल गुलाल


    उज्जैन। रंगपंचमी के अवसर पर रविवार तड़के विश्व प्रसिद्ध उज्‍जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में परंपरा के अनुसार भगवान महाकाल को सबसे पहले रंग अर्पित कर पर्व की शुरुआत की गई। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती के दौरान भगवान महाकालेश्वर का विशेष पूजन किया गया और उन्हें एक लोटा केसर युक्त जल अर्पित किया गया। इसके बाद भगवान का त्रिपुंड, मुंडमाल और रजत आभूषणों से राजा स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया।
    शिव परिवार को लगाया हर्बल रंग

    रंगपंचमी के मौके पर भस्म आरती के साथ विशेष पूजा-अर्चना की गई। पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का पूजन कर सबसे पहले भगवान महाकाल को रंग अर्पित किया। इस दौरान भगवान महाकाल के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और नंदी को भी हर्बल रंग चढ़ाया गया।

    पूजन के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर मंत्रोच्चार के साथ हरिओम का जल अर्पित किया गया। इसके बाद भगवान का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। कपूर आरती के बाद भगवान के मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुंड लगाकर विशेष श्रृंगार किया गया।

    श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद भगवान को रजत मुकुट, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित कर फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।

    सुरक्षा के चलते रंग लाने पर रोक

    दो साल पहले धुलेंडी के दिन गर्भगृह में आग लगने की घटना को देखते हुए इस बार भी मंदिर में श्रद्धालुओं, पंडे-पुजारियों को रंग लाने की अनुमति नहीं दी गई। दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को सख्त जांच के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया गया।

    पहले हर साल श्रद्धालु रंग-गुलाल लेकर मंदिर पहुंचते थे, जिससे पूरा माहौल ब्रज की होली जैसा दिखाई देता था। इस बार भगवान को अर्पित किया जाने वाला केसर युक्त जल भी मंदिर की कोठार शाखा से ही पुजारियों को उपलब्ध कराया गया।

    मंदिर प्रशासन ने गर्भगृह, नंदी मंडपम, गणेश मंडपम, कार्तिकेय मंडपम और पूरे मंदिर परिसर में रंग या गुलाल ले जाने, उड़ाने या लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। साथ ही किसी भी उपकरण से रंग उड़ाने की भी अनुमति नहीं दी गई है।

    शाम की आरती में भी चढ़ेगा रंग

    संध्या आरती के दौरान भगवान महाकाल को एक लोटा केसर युक्त जल और लगभग 500 ग्राम गुलाल अर्पित किया जाएगा। यह सामग्री मंदिर की कोठार शाखा द्वारा भस्म आरती और शासकीय पुजारियों को उपलब्ध कराई जाएगी।

  • इंदौर में आज पारंपरिक गेर में मिसाइलों से उड़ेगा रंग, टेसू के फूलों से बने गुलाल से सजेगा राजवाड़ा

    इंदौर में आज पारंपरिक गेर में मिसाइलों से उड़ेगा रंग, टेसू के फूलों से बने गुलाल से सजेगा राजवाड़ा


    इंदौर।
    मालवा की सांस्कृतिक राजधानी इंदौर में आज रविवार को रंगों का सबसे बड़ा और भव्य उत्सव देखने को मिलेगा। पारंपरिक गेर के साथ पूरा पश्चिम क्षेत्र रंगों से सराबोर हो जाएगा। लाखों लोग इस अनूठे रंगोत्सव में शामिल होकर गुलाल और रंगों की बौछारों का आनंद लेंगे।

    गेर के साथ ही शहर में फागयात्रा भी निकलेगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। आयोजकों ने इस भव्य आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम के दौरान हजारों किलो गुलाल उड़ाया जाएगा, जिससे शहर का माहौल पूरी तरह रंगमय हो जाएगा।

    70 साल पुरानी परंपरा

    यह परंपरागत गेर राजवाड़ा से निकाली जाती है और इसका इतिहास करीब सात दशक पुराना है। शुरुआत में बड़े कड़ावों में रंग भरकर लोगों को भिगोने की परंपरा थी। समय के साथ यह आयोजन बैलगाड़ियों और ट्रैक्टरों से होते हुए डीजे और आधुनिक तकनीक तक पहुंच गया। अब गेर में रंग बरसाने के लिए विशेष मिसाइल तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे रंग और पानी करीब 200 फीट तक हवा में उछाला जाएगा।

    लाखों लोग बनेंगे रंगोत्सव के साक्षी

    पिछले तीन वर्षों से गेर में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 5 लाख से अधिक रही है। यही वजह है कि यह आयोजन देश के सबसे बड़े रंगोत्सवों में गिना जाने लगा है। इस बार भी लाखों लीटर पानी और हजारों किलो गुलाल उड़ाने की तैयारी की गई है। राजवाड़ा और आसपास के 5 से 6 किलोमीटर क्षेत्र में रंग, गुलाल और पानी की बौछारें देखने को मिलेंगी।

    टेसू के फूलों से बने गुलाल से बनेगा तिरंगा

    इस आयोजन की खास बात यह है कि करीब 8 हजार किलो टेसू के फूलों से तैयार गुलाल का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे राजवाड़ा पर तिरंगा बनाया जाएगा, जो उत्सव का विशेष आकर्षण होगा।

    ढोल-ताशे, झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

    गेर में बैंड, ढोल-ताशे, आकर्षक झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखने को मिलेंगी। गेर और फागयात्रा अपने-अपने तय मार्गों से निकलकर शहरवासियों को रंगों के इस महासागर में डुबो देंगी।

  • मुख्यमंत्री आज रंगपंचमी पर उज्जैन में श्री कृष्ण-सुदामा रंग उत्सव में होंगे शामिल

    मुख्यमंत्री आज रंगपंचमी पर उज्जैन में श्री कृष्ण-सुदामा रंग उत्सव में होंगे शामिल


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रविवार को रंग पंचमी के अवसर पर उज्जैन में आयोजित श्री कृष्ण-सुदामा रंग उत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 09 बजे श्री कृष्ण सुदामा रंग उत्सव गेर (चल समारोह) में सिंधी कॉलोनी से सम्मिलित होकर टॉवर चौराहे तक जाएंगे। टॉवर चौराहे पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन सभी कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री सम्मिलित होंगे। रंग उत्सव कार्यक्रम में सामाजिक संस्थाओं द्वारा स्वागत द्वार, मंच लगाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्र से आने वाली मंडली, झांकियां, फाग उत्सव करने वाले संस्थाओं के द्वारा विशेष आयोजन भी किए जाएंगे। लाइव झांकियां भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित होगी।

  • तेज रफ्तार बनी मौत का कारण: भोपाल में कार फेंसिंग तोड़ खदान में गिरी, 24 साल के ड्राइवर की मौत

    तेज रफ्तार बनी मौत का कारण: भोपाल में कार फेंसिंग तोड़ खदान में गिरी, 24 साल के ड्राइवर की मौत


    भोपाल भोपाल के अयोध्या नगर इलाके में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार कंचन खदान के पास टर्न पर अनियंत्रित होकर फेंसिंग का तार और खंभा तोड़ते हुए सीधे खदान में भरे पानी में जा गिरी। इस हादसे में 24 वर्षीय रोहित माली की मौत हो गई, जबकि उसके साथ कार में सवार दो दोस्त घायल हो गए। सूचना मिलते ही अयोध्या नगर पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

    पुलिस के अनुसार रोहित माली पेशे से ओला कैब चालक था। शनिवार शाम करीब 5:30 बजे वह सवारी छोड़ने के बाद पिपरिया जाहिर पीर इलाके से अपने दो दोस्तों को कार में बैठाकर अयोध्या नगर की ओर लौट रहा था। इसी दौरान अरेड़ी क्रेशर बस्ती के पास कंचन खदान के नजदीक एक टर्न पर कार की रफ्तार ज्यादा होने के कारण वह वाहन को मोड़ नहीं पाया। कार सीधे फेंसिंग तोड़ते हुए खदान में भरे करीब 8 से 10 फीट गहरे पानी में जा गिरी।

    हादसा होते ही आसपास के लोगों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह कार में सवार दोनों युवकों को पानी से बाहर निकाल लिया, लेकिन चालक रोहित माली सीट बेल्ट लगाए होने के कारण कार के अंदर ही फंस गया और बाहर नहीं निकल सका। पुलिस और नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे बाहर निकाला और तुरंत सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

    इसके बाद उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं खदान में डूबी कार को नगर निगम की क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। अयोध्या नगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। रोहित के शव को पोस्टमार्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मोर्चुरी में रखवाया गया है, जहां रविवार को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा।