Category: Madhya Pradesh

  • शहडोल के धनपुरी का देश में डंका: दिल्ली में सम्मानित हुईं CMO पूजा बुनकर, डिकार्बनाइजेशन में नगर परिषद ने पेश की मिसाल

    शहडोल के धनपुरी का देश में डंका: दिल्ली में सम्मानित हुईं CMO पूजा बुनकर, डिकार्बनाइजेशन में नगर परिषद ने पेश की मिसाल


    शहडोल । पर्यावरण संरक्षण और ग्लोबल वार्मिंग जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच मध्यप्रदेश के शहडोल जिले की एक छोटी सी नगर परिषद ने देश के सामने बड़ी नजीर पेश की है। नई दिल्ली में आयोजित ‘डिकार्बनाइजेशन भारतीय शहर संवाद एवं विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला’ में धनपुरी नगर परिषद को शून्य कार्बन उत्सर्जन की दिशा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। अखिल भारतीय स्थानीय स्वशासन संस्थान द्वारा आयोजित इस गरिमामयी समारोह में धनपुरी की मुख्य नगरपालिका अधिकारी CMO पूजा बुनकर को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है।

    महानगरों को पीछे छोड़ धनपुरी ने किया कमाल अक्सर माना जाता है कि कार्बन उत्सर्जन कम करने और डिकार्बनाइजेशन जैसे जटिल लक्ष्य केवल बड़े महानगरों तक सीमित हैं। लेकिन धनपुरी नगर परिषद ने इस धारणा को तोड़ दिया है। कार्यशाला में मौजूद देशभर के शहरी विकास विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के बीच धनपुरी द्वारा किए गए नवाचारों की जमकर सराहना की गई। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के भारतीय प्रमुख एवं वरिष्ठ सलाहकार हितेश वैद्य ने धनपुरी के प्रयासों को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि यदि धनपुरी जैसा छोटा शहर संकल्प ले सकता है, तो यह वैश्विक स्तर पर एक मिसाल है। यह साबित करता है कि पर्यावरण बचाने की इच्छाशक्ति भौगोलिक सीमाओं की मोहताज नहीं होती।

    शून्य कार्बन उत्सर्जन का बड़ा संकल्प राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने के बाद CMO पूजा बुनकर ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह उपलब्धि नगर परिषद की पूरी टीम और नागरिकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने संकल्प लिया कि धनपुरी नगर परिषद शत-प्रतिशत शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर काम करेगी। पूजा बुनकर ने बताया कि दिल्ली में प्राप्त तकनीकी प्रशिक्षण और नीतिगत ज्ञान का उपयोग कर धनपुरी को मध्यप्रदेश की पहली ‘डिकार्बनाइजेशन सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा।

    विकास और पर्यावरण का संतुलन नगर विकेंद्रीकरण पहल के तहत धनपुरी ने कचरा प्रबंधन, ऊर्जा की बचत और हरियाली बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में जो मॉडल पेश किया है, उसकी गूंज अब राष्ट्रीय राजधानी तक पहुँच गई है। इस उपलब्धि पर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर है। जानकारों का मानना है कि ऐसे प्रयास न केवल प्रदूषण कम करने में सहायक होंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सतत और स्वस्थ शहरी जीवन की नींव रखेंगे।

  • सोशल मीडिया की दोस्ती ने किया मानसिक बेहाल: बैतूल में हाईटेंशन टावर पर चढ़ा युवक, पुलिस ने बचाई जान

    सोशल मीडिया की दोस्ती ने किया मानसिक बेहाल: बैतूल में हाईटेंशन टावर पर चढ़ा युवक, पुलिस ने बचाई जान


    बैतूल मुलताई । सोशल मीडिया की आभासी दुनिया कभी-कभी हकीकत में जानलेवा साबित हो सकती है। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ ‘हेलो ऐप’ पर हुई एक दोस्ती एक युवक के लिए जी का जंजाल बन गई। इस दोस्ती से उपजे मानसिक तनाव के कारण युवक ने आत्महत्या की नीयत से एक हाईटेंशन विद्युत टावर पर चढ़कर पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और घंटों चली काउंसलिंग के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

    खुद कॉल कर दी टावर पर चढ़ने की सूचना घटना देर रात की है, जब ज्ञान मंदिर क्षेत्र के पास स्थित एक विशाल हाईटेंशन टावर पर युवक को चढ़ते देखा गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि युवक ने टावर पर चढ़ने के बाद खुद ही डायल 112 पर कॉल किया और पुलिस को बताया कि वह अपनी जीवनलीला समाप्त करने जा रहा है। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम और स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। अंधेरी रात होने के कारण युवक की सटीक लोकेशन ढूंढना मुश्किल था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी की मदद से युवक को काफी ऊंचाई पर चिन्हित किया।

    2 घंटे चला ‘हाई वोल्टेज’ ड्रामा टावर पर चढ़ा युवक बेहद भावुक और मानसिक रूप से परेशान था। पुलिस टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सीधे ऊपर चढ़ने के बजाय नीचे से ही युवक से फोन पर बातचीत जारी रखी। करीब दो घंटे तक पुलिसकर्मी उसे समझाते रहे और उसकी बातों को सुनकर उसे ढांढस बंधाया। इस मानसिक काउंसलिंग का सकारात्मक असर हुआ और युवक का इरादा बदल गया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस की टीम उसे सुरक्षित नीचे उतारने में कामयाब रही।

    हेलो ऐप से शुरू हुई थी परेशानी पूछताछ में युवक की पहचान 27 वर्षीय अरविंद वाघने (पिता यशवंत), निवासी नागपुर के रूप में हुई है। अरविंद मुलताई के एक ढाबे पर अचारी रसोइया का काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले ‘हेलो ऐप’ के माध्यम से उसकी एक व्यक्ति से दोस्ती हुई थी। इस दोस्ती के बाद कुछ ऐसी परिस्थितियां बनीं कि वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा। युवक का कहना था कि वह इस उलझन से इतना तंग आ चुका था कि उसे मौत ही एकमात्र रास्ता नजर आ रही थी।
    पुलिस ने युवक को सुरक्षित बचाकर उसके परिजनों को सूचित कर दिया है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है ताकि वह दोबारा ऐसा आत्मघाती कदम न उठाए। यह घटना सोशल मीडिया के बढ़ते खतरों और उनसे होने वाले मानसिक आघात की ओर एक गंभीर इशारा करती है।

  • भोपाल स्लॉटर हाउस विवाद: कांग्रेस का भाजपा पर तीखा प्रहार, पीसी शर्मा ने 'हिंदू हृदय सम्राटों' की चुप्पी पर उठाए सवाल

    भोपाल स्लॉटर हाउस विवाद: कांग्रेस का भाजपा पर तीखा प्रहार, पीसी शर्मा ने 'हिंदू हृदय सम्राटों' की चुप्पी पर उठाए सवाल


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के नगर निगम स्लॉटर हाउस में कथित तौर पर गौमांस मिलने का मामला अब एक बड़े राजनीतिक संग्राम में तब्दील हो गया है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने इस मामले में भाजपा के हिंदूवादी दावों पर कड़ा प्रहार करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया है।

    पीसी शर्मा ने मीडिया से चर्चा के दौरान तीखे लहजे में कहा कि जो भाजपा नेता खुद को ‘हिंदू हृदय सम्राट’ कहलाना पसंद करते हैं, वे आज इस गंभीर मामले पर खामोश क्यों हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति दोहरे मापदंडों पर टिकी है। शर्मा ने कहा एक तरफ माइनॉरिटी और मुस्लिम समाज से हर छोटी बात पर नफरत जताई जाती है, लेकिन जब पैसे लेने की बात आती है, तो वहां कोई परहेज नहीं दिखता। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसकी शह पर नगर निगम के स्लॉटर हाउस में इस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही थीं?

    कांग्रेस नेता ने इस पूरे प्रकरण में उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की है कि भोपाल की महापौर, नगर निगम आयुक्त और एमआईसी मेयर-इन-काउंसिल के सदस्यों की भूमिका की बारीकी से जांच होनी चाहिए। शर्मा ने मांग उठाई कि इन सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। मध्यप्रदेश में ‘बुलडोजर न्याय’ का जिक्र करते हुए पूर्व मंत्री ने सरकार को उन्हीं के अंदाज में घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गायों की हत्या के मामले में भाजपा सरकार का एक्शन कहीं नजर नहीं आ रहा है। शर्मा ने मांग की कि जिन लोगों ने इस स्लॉटर हाउस की अनुमति दी है और जो इसके संचालन के लिए जिम्मेदार हैं, उनके घरों पर भी सरकार को बुलडोजर चलाना चाहिए। उन्होंने वर्तमान सांसद और पूर्व महापौर द्वारा उठाए गए सवालों का हवाला देते हुए कहा कि जब भाजपा के अपने ही लोग सवाल उठा रहे हैं, तो मुख्यमंत्री को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

    केवल भोपाल ही नहीं, पीसी शर्मा ने इंदौर में हुई हालिया हिंसक घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चाहे भोपाल में गौ माता की हत्या का मामला हो या इंदौर में कानून-व्यवस्था की विफलता के कारण हो रही नागरिकों की हत्याएं, सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन बनी हुई है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा केवल चुनावी लाभ के लिए हिंदुत्व का कार्ड खेलती है, लेकिन जब वास्तविक रूप से आस्था और कानून के संरक्षण की बात आती है, तो वह पीछे हट जाती है। फिलहाल, राजधानी का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। कांग्रेस इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़क तक ले जाने की तैयारी में है, वहीं भाजपा की ओर से इस पर रक्षात्मक रुख देखने को मिल रहा है। जनता की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार इस मामले में कोई कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करती है या यह मुद्दा भी केवल सियासी बयानबाजी की भेंट चढ़ जाएगा।

  • MP में कांग्रेस विधायक के विवादित बयान से सियासी तूफान, शिवराज चौहान बोले- बेटियां देवी स्वरूप, ऐसी सोच शर्मनाक

    MP में कांग्रेस विधायक के विवादित बयान से सियासी तूफान, शिवराज चौहान बोले- बेटियां देवी स्वरूप, ऐसी सोच शर्मनाक


    भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया द्वारा लड़कियों को लेकर दिए गए विवादित बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी हलचल मचा दी है। उनके बयान को लेकर चौतरफा विरोध शुरू हो गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे शर्मनाक और अस्वीकार्य बताया।

    शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बेटियां उनके लिए केवल संतान नहीं, बल्कि देवी का स्वरूप हैं।

    उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की सोच समाज को गलत दिशा में ले जाती है और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को बढ़ावा देने का काम करती है।

    दरअसल, कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने एक सार्वजनिक बयान में कहा था कि “अगर खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है और रेप जैसी घटनाएं हो सकती हैं।” इस बयान के सामने आने के बाद विपक्ष, महिला संगठनों और आम लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि इस तरह के बयान अपराधियों को मानसिक रूप से ठहराने का प्रयास हैं।

    बेटियां मां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का रूप” शिवराज
    भोपाल में मीडिया से बातचीत करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारी संस्कृति में बेटियों को मां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का स्वरूप माना गया है। उन्होंने कहा कि बेटियों को जाति, धर्म या किसी भी वर्ग में बांटना गलत है। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा क्या अब बेटियों को भी बांटने की कोशिश की जाएगी?

    उन्होंने यह भी कहा कि बेटियां पूजा के लिए हैं, उन पर टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान केवल सरकार नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

    दुष्कर्म पीड़िता को आर्थिक सहायता का ऐलान
    शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में अपने संसदीय क्षेत्र में हुई एक मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया।

    उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को शर्मसार करती हैं। उन्होंने बताया कि पीड़िता के खाते में तत्काल 10 लाख रुपये जमा किए जाएंगे और उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। साथ ही, पीड़िता के बालिग होने पर उसे 28 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी, ताकि उसका भविष्य सुरक्षित हो सके।

    बीजेपी का कांग्रेस पर तीखा हमला
    इस मामले में बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस विधायक पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक का बयान बेहद चौंकाने वाला है और इसमें रेप जैसी जघन्य घटना को धार्मिक संदर्भों से जोड़ने की कोशिश की गई है।

    पूनावाला ने कांग्रेस नेता प्रियंका वाड्रा से सवाल किया कि क्या वह इस तरह के बयान से सहमत हैं।

    महिला सुरक्षा पर फिर तेज हुई बहस
    फूल सिंह बरैया का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर संवेदनशीलता चरम पर है। इस बयान ने एक बार फिर महिला सुरक्षा, नेताओं की जिम्मेदारी और समाज की सोच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    इस पूरे विवाद ने साफ कर दिया है कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर समाज किसी भी तरह की असंवेदनशील टिप्पणी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। शिवराज सिंह चौहान ने दो टूक कहा कि बेटियां सिर्फ परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी हैं और उनके सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

  • राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी पर सरकार को घेरा, बोले– लोग पानी पीकर मर रहे, यही अर्बन मॉडल

    राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी पर सरकार को घेरा, बोले– लोग पानी पीकर मर रहे, यही अर्बन मॉडल


    इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और बीमारियों को लेकर शुक्रवार को सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि लोग पानी पीकर मर रहे हैं और इसे ही स्मार्ट सिटी और अर्बन मॉडल बताया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही है और इसे पूरे मामले की जवाबदेही लेनी होगी। शनिवार को इंदौर पहुंचे राहुल गांधी ने सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल का दौरा किया, जहां उन्होंने दूषित पानी से प्रभावित मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। वहां उन्होंने रोगियों की हालत और उनके परिवारों की समस्याओं को बारीकी से समझा और अस्पताल प्रशासन से स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद वे भागीरथपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने दूषित पानी के कारण अपनी जान गंवाने वाली गीता बाई और जीवनलाल के परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त की।

    राहुल गांधी ने दोनों परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में चेक भी प्रदान किए। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ इंदौर या मध्यप्रदेश का नहीं है, बल्कि पूरे देश में शहरी जल आपूर्ति प्रणाली की कमजोरी का उदाहरण है। उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई करने और लोगों को सुरक्षित पीने के पानी की गारंटी देने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि जल संकट और दूषित पानी की आपूर्ति जैसी समस्याओं को अर्बन मॉडल और स्मार्ट सिटी की उपलब्धियों के नाम पर छुपाया जा रहा है। उनका कहना था कि जनता की जान से खेलना स्वीकार्य नहीं है और इस मुद्दे पर सभी स्तरों पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

    राहुल गांधी के इस दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने भी उनसे मिलकर अपने अनुभव साझा किए और मांग की कि सरकार ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि इंदौर का मामला चेतावनी है कि शहरों में जल प्रबंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा को गंभीरता से लिया जाए। राहुल गांधी की यह पहल लोगों के बीच संवेदनशीलता और तत्काल कार्रवाई की मांग को उजागर करती है। उनका यह दौरा केवल समर्थन और सहानुभूति दिखाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने वास्तविक मदद और आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत मिली।

  • उज्जैन में पहली बार विंध्य हर्बल वन मेला, 12 से 16 फरवरी तक दशहरा मैदान में आयोजित

    उज्जैन में पहली बार विंध्य हर्बल वन मेला, 12 से 16 फरवरी तक दशहरा मैदान में आयोजित


    उज्जैन । महाकाल की नगरी उज्जैन में पहली बार विंध्य हर्बल वन मेला आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार यह पांच दिवसीय मेला 12 से 16 फरवरी 2026 तक दशहरा मैदान में चलेगा। मेले का शुभारंभ 12 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कर कमलों द्वारा होने की संभावना है। वन विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस मेले का उद्देश्य आमजन को वन, पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण, आयुर्वेद एवं पारंपरिक ज्ञान, वनोपज आधारित हर्बल उत्पादों, आयुष, स्वास्थ्य, जैव विविधता और जनजातीय संस्कृति से जोड़ना है। मेले में प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से हर्बल उत्पाद, आयुर्वेदिक औषधियां, वनोपज आधारित हस्तशिल्प कृतियां और आंचलिक व्यंजन प्रदर्शित किए जाएंगे।

    मेला केवल उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता को भी बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान आमजन को विभिन्न जड़ी-बूटियों और वनोपज के बारे में जानकारी दी जाएगी और उन्हें खरीदने का अवसर भी मिलेगा। मेले में आने वाले पर्यटक और नागरिक वन और पर्यावरण से जुड़े कार्यशालाओं और लाइव डेमोंस्ट्रेशन में भाग लेकर नई जानकारियां हासिल कर सकेंगे। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मेले में देशभर से हर्बल उत्पाद और पारंपरिक ज्ञान की विविधता पेश की जाएगी। यह मेला न केवल व्यापारियों और कारीगरों के लिए अवसर प्रदान करेगा, बल्कि आमजन के लिए भी वन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने का एक अनूठा मंच बनेगा। साथ ही, इस मेले में युवा और छात्र पर्यावरणीय शिक्षा और आयुर्वेदिक ज्ञान के महत्व को समझने का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

    उज्जैन की यह पहल महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर आयोजित की जा रही है, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य पर केंद्रित गतिविधियों का भी संयोजन होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस मेला से जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। पांच दिवसीय मेले में आने वाले नागरिक हर्बल उत्पादों की खरीदारी के साथ-साथ आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित कार्यशालाओं में भाग लेकर अपनी स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ा सकेंगे। वन और पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह मेला एक विशेष अनुभव प्रदान करेगा, जो वन्य जीवन और जैव विविधता के महत्व को सीधे तौर पर समझने का अवसर देगा।

  • बैतूल में खेत में करंट से ग्रामीण की मौत, आरोपी गिरफ्तार

    बैतूल में खेत में करंट से ग्रामीण की मौत, आरोपी गिरफ्तार


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में खेत में अवैध रूप से बिजली का करंट फैलाने से एक ग्रामीण की मौत का मामला सामने आया। पुलिस ने इस हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 4 सितंबर 2025 की है, जब ग्राम झाडेगांव निवासी सदन पन्द्राम जंगल में अपने मवेशी चराने गया था। इसी दौरान पास के खेत में लगे नंगे तार की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के भाई शिवलाल पन्द्राम की शिकायत पर कोतवाली थाना में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने मृतक के परिवार के बयान, घटनास्थल निरीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच शुरू की। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम भोगीतेड़ा निवासी शिवचरण उपासे ने अपने खेत की मेढ़ पर खूंटी गाड़कर नंगे तार में करंट प्रवाहित कर रखा था। पुलिस के अनुसार, यह तार जानबूझकर लगाया गया था, जिससे हादसा घटित हुआ।

    कोतवाली पुलिस ने आरोपी शिवचरण उपासे के खिलाफ अपराध क्रमांक 37/25 के तहत धारा 105 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को पकड़कर पूछताछ की जा रही है और इस घटना में उसकी भूमिका की पुष्टि की जा रही है। पुलिस ने मृतक के परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया है। इस हादसे ने इलाके में सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई खेतों में नंगे तार लगाकर करंट फैलाने की घटनाएं होती रहती हैं, जिससे लोगों और मवेशियों के जीवन को खतरा रहता है। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की लापरवाही और जानलेवा गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद पुलिस ने इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की हिदायत दी है। इसके अलावा मृतक परिवार को मुआवजा और कानूनी सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को कानून के अनुसार कठोर सजा दिलाने के लिए पूरी तरह से जांच जारी रहेगी। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध बिजली प्रयोग न केवल गैरकानूनी है बल्कि मानव जीवन के लिए भी घातक साबित हो सकता है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें, ताकि भविष्य में किसी और अनहोनी की घटना को रोका जा सके।

  • बैतूल में घर में सेंधमारी का खुलासा: तीन आरोपी गिरफ्तार, 1.11 लाख रुपये का माल बरामद

    बैतूल में घर में सेंधमारी का खुलासा: तीन आरोपी गिरफ्तार, 1.11 लाख रुपये का माल बरामद


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में घर में सेंधमारी का मामला पुलिस के लिए चुनौती बन गया था, लेकिन थाना बैतूल बाजार की टीम ने सटीक जांच के बाद इसे सफलता पूर्वक सुलझा लिया। शनिवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और 1.11 लाख रुपये मूल्य का चोरी का माल बरामद किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में की गई जानकारी के अनुसार, फरियादी अमित चौहान ने 27 अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि पूजा के लिए घर से बाहर गए समय अज्ञात अपराधियों ने उनके घर का ताला तोड़कर चोरी की। चोरी में सोने-चांदी के जेवरात और नकदी शामिल थे। इस शिकायत के बाद थाना बैतूल बाजार में अपराध क्रमांक 423/25 के तहत मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने तुरंत विवेचना शुरू की।

    पुलिस ने प्रारंभिक जांच में आसपास के संदिग्धों और अपराधियों की पहचान की। सीसीटीवी फुटेज, पूछताछ और गहन निगरानी के बाद टीम ने तीन आरोपियों का पता लगाया। इनमें से एक आरोपी ने पहले भी छोटे-मोटे चोरी के मामलों में नाम जुड़ा हुआ था। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके कब्जे से चोरी की गई संपत्ति बरामद की। बरामद माल में नकद राशि, सोने-चांदी के आभूषण और कुछ अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल थीं। आरोपियों से पूछताछ में पुलिस ने जानकारी प्राप्त की कि यह चोरी एक योजनाबद्ध गतिविधि के तहत की गई थी और उन्होंने इसे बाजार में बेचने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की सक्रियता और त्वरित गिरफ्तारी के कारण चोरी का अधिकांश माल सुरक्षित लौटाया जा सका।

    पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क और तत्पर है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों की सुरक्षा को और मजबूत करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ चोरी और संबंधित अपराधों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और मामले की जांच जारी है। घटना ने यह स्पष्ट किया कि बैतूल पुलिस चोरी और अपराध के मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना की है। यह गिरफ्तारी अन्य अपराधियों के लिए एक चेतावनी के रूप में कार्य करेगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में समुदाय का सहयोग भी महत्वपूर्ण है और जनता को जागरूक रहना चाहिए। इस प्रकार बैतूल पुलिस ने न केवल चोरी का मामला सुलझाया बल्कि चोरी की गई संपत्ति को भी सुरक्षित बरामद कर जिले में कानून और व्यवस्था की मिसाल कायम की।

  • राहुल गांधी इंदौर में दूषित पानी पीड़ितों से मिले, परिवारों को चेक देकर दी राहत कहा-स्मार्ट सिटी’ में भी लोग पानी पीकर मर रहे

    राहुल गांधी इंदौर में दूषित पानी पीड़ितों से मिले, परिवारों को चेक देकर दी राहत कहा-स्मार्ट सिटी’ में भी लोग पानी पीकर मर रहे

    नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर दौरे पर हैं और उन्होंने सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल का दौरा किया, जहां वे दूषित जल से प्रभावित मरीजों से मिले। इसके बाद वे भागीरथपुरा इलाके पहुंचे, जो शहर के उन हिस्सों में से है जहाँ दूषित पानी के कारण लोगों की सेहत बुरी तरह प्रभावित हुई है। राहुल गांधी पैदल ही प्रभावित इलाके में गए और वहां के पीड़ित परिवारों से बातचीत की।

    भागीरथपुरा में उन्होंने गीता बाई के परिवार से मुलाकात की और उसके बाद जीवनलाल के घर भी गए।

    इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये के चेक देने का ऐलान किया। वहीं, प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार 50 हजार रुपये का चेक देंगे। राहुल गांधी के साथ इस दौरे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और अजय सिंह भी मौजूद रहे।

    भागीरथपुरा में मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि इन परिवारों में कई लोगों की मौत हुई है और कई बीमार हुए हैं। उन्होंने इस घटना को “स्मार्ट सिटी” की विफलता करार दिया और कहा कि यह नया मॉडल है जहाँ पीने का साफ पानी नहीं है। राहुल ने कहा कि लोगों को डराया जा रहा है और सभी परिवारों को दूषित पानी पीने के बाद बीमारी हुई है।

    उन्होंने साफ कहा कि इंदौर में साफ पानी नहीं मिल रहा, और इससे लोग मर रहे हैं।

    राहुल ने सरकार पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि यह समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग शहरों में यही हाल है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही और जहां भी यह काम करवाया गया है, उसके लिए किसी न किसी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। राहुल ने कहा कि पीड़ितों ने जो इलाज कराया और जिनकी मौत हुई, उनके लिए सरकार को मुआवजा देना चाहिए।

    रहवासियों के अनुसार, शहर में जो टंकी है, वह सिर्फ “सिंबल” बनकर रह गई है। राहुल ने कहा कि उन्हें बताया गया कि साफ पानी अभी भी नहीं मिल रहा है।

    टंकी पर बैन लगा दिया गया है, लेकिन कुछ ही दिनों में यह बैन हटाकर फिर वही पानी दिया जाएगा। राहुल ने कहा कि लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी करे और साफ पानी उपलब्ध करवाए।

    जब पत्रकारों ने राहुल से सवाल किया कि क्या वे राजनीति करने आए हैं, तो उन्होंने कहा कि वे यहां “मदद करने” आए हैं। राहुल ने कहा कि वे विपक्ष के नेता हैं और लोगों के मुद्दे उठाने और उनकी मदद करने के लिए आए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर देश में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है, तो उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे उनकी मदद करें। राहुल ने कहा कि वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और सरकार को साफ पानी उपलब्ध कराना चाहिए।
    इस दौरे से एक बार फिर सवाल उठता है कि इंदौर में पानी की समस्या कितनी गंभीर है और सरकार इस पर कब तक प्रभावी कार्रवाई करेगी।

  • भोपाल में ‘सोना–कैश’ मामले की बड़ी अपडेट: आयकर विभाग ने पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के स्कूल को किया अटैच, मां-आदि को नोटिस

    भोपाल में ‘सोना–कैश’ मामले की बड़ी अपडेट: आयकर विभाग ने पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के स्कूल को किया अटैच, मां-आदि को नोटिस


    भोपाल । भोपाल के मेंडोरी इलाके में दिसंबर 2024 में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद से भरी इनोवा कार के कांड में नया मोड़ आया है। आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई (BPU) ने अब इस मामले से जुड़े पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा की एक बड़ी संपत्ति पर कार्रवाई की है। बीपीयू ने शाहपुरा, भोपाल में बने एक स्कूल भवन को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है।

    आयकर विभाग के अनुसार यह स्कूल भवन “राजमाता (भारतमाता) शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति” नामक ट्रस्ट के नाम पर पंजीकृत है, जिसकी लागत लगभग 7.5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस ट्रस्ट में सौरभ शर्मा की मां उमा शर्मा, उनके सहयोगी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल ट्रस्टी के रूप में दर्ज हैं। जांच में यह सामने आया कि ट्रस्ट केवल बेनामी (नाममात्र) है और वास्तविक मालिक सौरभ शर्मा ही है।

    बेनामी घोषित, नोटिस जारी
    बीपीयू की जांच में यह स्कूल भवन बेनामी संपत्ति पाया गया और इसे बेनामी लेन-देन निषेध अधिनियम (PBPT Act), 1988 के तहत धारा 24(3) के अंतर्गत अटैच किया गया। साथ ही बेनामीदारों और वास्तविक स्वामी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

    सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट ने इस स्कूल के संचालन के लिए किसी प्रमुख स्कूल श्रृंखला से फ्रेंचाइजी भी ली थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह संपत्ति केवल “नाम का स्कूल” नहीं, बल्कि व्यावसायिक तौर पर भी चलाया जा रहा था। आयकर विभाग अब स्कूल निर्माण में लगाए गए धन के स्रोत और ट्रस्ट की अन्य गतिविधियों की भी जांच कर रहा है।

    आयकर विभाग ने यह भी बताया है कि यह कार्रवाई सोना–कैश इनोवा मामले से जुड़ी अन्य संपत्तियों पर चल रहे सिलसिले की अगली कड़ी है।

    इससे पहले भी सौरभ शर्मा और उनके सहयोगियों से जुड़े कई अचल संपत्ति और बेनामी कारोबार PBPT अधिनियम के तहत जब्त किए जा चुके हैं।

    52 किलो सोना और 11 करोड़ नकद वाली इनोवा
    याद दिला दें कि 18-19 दिसंबर 2024 की मध्यरात्रि में भोपाल के मेंडोरी गांव में ग्वालियर आरटीओ से रजिस्टर्ड इनोवा कार लावारिस हालत में मिली थी। कार चेतन सिंह गौर के नाम पर रजिस्टर्ड थी। जांच में वाहन से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए थे।

    बाद में आयकर विभाग ने यह निष्कर्ष निकाला था कि यह संपत्ति असल में पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा की थी, जिसे रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम पर छिपाकर रखा गया था।

    ED भी कर रहा जांच
    इसी मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने सौरभ शर्मा के ठिकानों से मिले ट्रांसफर-पोस्टिंग के दस्तावेज की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि ईडी इस मामले में कुछ नेताओं और अफसरों से भी पूछताछ कर सकती है और इसके लिए दिल्ली मुख्यालय से मशविरा मांगा गया है।