Category: Madhya Pradesh

  • शहडोल में रेलकर्मी पर खूनी हमला: ड्यूटी पर तैनात पूर्व सैनिक को बदमाशों ने चाकू से गोदा सुरक्षा व्यवस्था पर ,उठे सवाल

    शहडोल में रेलकर्मी पर खूनी हमला: ड्यूटी पर तैनात पूर्व सैनिक को बदमाशों ने चाकू से गोदा सुरक्षा व्यवस्था पर ,उठे सवाल


    शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहां रेलवे इंजीनियरिंग डिपो में अपनी ड्यूटी निभा रहे एक कर्मचारी पर अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। घायल कर्मचारी प्रह्लाद शर्मा 57 वर्ष एक पूर्व सैनिक हैं जो वर्तमान में रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग में TM-3 के पद पर कार्यरत हैं। इस घटना ने रेलवे परिसर और सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया है।

    घटना की जानकारी के अनुसार प्रह्लाद शर्मा की तैनाती PWI स्टोर डिपो में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे की नाइट शिफ्ट में थी। रात करीब 2:30 से 3:00 बजे के बीच जब सन्नाटा पसरा हुआ था तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवक डिपो परिसर के भीतर घुस आए। दोनों आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखे थे। ड्यूटी पर सतर्क प्रह्लाद शर्मा ने जब उनसे आने का कारण और नाम-पता पूछा तो बदमाशों ने सहयोग करने के बजाय उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग और गाली-गलौज शुरू कर दी।

    विवाद इतना बढ़ा कि बदमाशों ने पूर्व सैनिक पर हमला बोल दिया। उन्होंने प्रह्लाद शर्मा को पकड़कर जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से उनकी बेरहमी से पिटाई की। क्रूरता की हद पार करते हुए एक आरोपी ने चाकू निकाला और प्रह्लाद के दाहिने घुटने पर एक के बाद एक तीन वार किए। जब बदमाश ने चौथा वार करने की कोशिश की तो उसे रोकने के प्रयास में प्रह्लाद शर्मा का बायां हाथ गंभीर रूप से कट गया और मौके पर ही अत्यधिक खून बहने लगा। वारदात को अंजाम देकर आरोपी अपनी बाइक से अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

    लहूलुहान हालत में घायल कर्मचारी काफी देर तक दर्द से चीखते रहे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक राहगीर की नजर उन पर पड़ी जिसने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल RPF को सूचित किया। मौके पर पहुंची RPF की टीम ने तत्काल प्रह्लाद शर्मा को शहडोल के देवांता हॉस्पिटल ले जाकर ICU वार्ड में भर्ती कराया जहां उनकी स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है।

    कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात बदमाशों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 , 121,1 ,110 और 3, 5 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब डिपो परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हेलमेट पहने हमलावरों की पहचान की जा सके। रेलवे जैसे अति-सुरक्षित क्षेत्र में एक सरकारी कर्मचारी और पूर्व सैनिक पर इस तरह का हमला क्षेत्र में चर्चा और आक्रोश का विषय बना हुआ है।

  • मध्य प्रदेश पुलिस में पहली बार ट्रेड आरक्षक कैडर ने महाकाल के दरबार में लगाई ‘वर्दी अपमान’ की अर्जी, GD में मर्ज न होने पर बवाल

    मध्य प्रदेश पुलिस में पहली बार ट्रेड आरक्षक कैडर ने महाकाल के दरबार में लगाई ‘वर्दी अपमान’ की अर्जी, GD में मर्ज न होने पर बवाल


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश पुलिस के ट्रेड आरक्षक कैडर (कुक, नाई, धोबी, मोची, स्वीपर, स्वीपर आदि) के लगभग 5500 पुलिसकर्मियों ने अब तक के सबसे बड़े कदम में उज्जैन के महाकाल मंदिर में जाकर जनरल ड्यूटी (GD) में मर्ज करने की मांग की है। यह मांग खास इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इन पुलिसकर्मियों ने पहली बार सरकारी आदेशों के खिलाफ सामूहिक रूप से विरोध जताया है।
    ट्रेड आरक्षक कैडर के पुलिसकर्मी बताते हैं कि वे कम से कम 7 साल सेवा के बाद फील्ड में काम करने के पात्र हो जाते हैं, लेकिन 2012 में जारी डीजीपी नंदन दुबे के आदेश (जी.ओ.पी-57/93 को बंद करना) के बाद से उनका GD में मर्ज रोक दिया गया। परिणाम यह हुआ कि प्रमोशन के बाद भी उन्हें वही ट्रेड के कामकुक, नाई, धोबी, मोची, स्वीपरके ही काम करने पड़ रहे हैं।

    वहीं, पड़ोसी राज्यों में इसी कैडर को GD में मर्ज कर बल की कमी पूरी की जा रही है। ट्रेड आरक्षकों का कहना है कि अफसरों के घरों में काम करना उनकी गरिमा और वर्दी का अपमान है। कई पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जो सब-इंस्पेक्टर स्तर तक प्रमोशन पा चुके हैं, लेकिन अभी भी उन्हें अफसरों की निजी सेवा में ही लगे रहना पड़ता है।

    इस विरोध का सबसे बड़ा पहलू यह है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे नहीं, बल्कि बाबा महाकाल के दरबार में अर्जी देकर अपनी गुहार लगाई है। ट्रेड आरक्षकों ने महाकाल को पत्र में लिखा कि उनकी वर्दी “अपमान से झुकी हुई” है और वे चाहते हैं कि सरकार 12 साल से रुके GD मर्ज को फिर से लागू करे।

    इसी बीच खरगोन में एक और पुलिस विवाद सामने आया है, जिसमें रिजर्व इंस्पेक्टर (आरआई) पर कॉन्स्टेबल की पिटाई करने का आरोप लगा है। मामला 23 अगस्त का है, जब एक पालतू कुत्ता गुम हो गया था और आरआई इस बात से नाराज हो गए। पीड़ित कॉन्स्टेबल राहुल चौहान ने आरोप लगाया कि आरआई और उनकी पत्नी ने जातिसूचक अपशब्द कहे और बेल्ट से पिटाई की।

  • खूबसूरत लड़की दिखे तो रेप हो सकता है”: कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान से सियासी तूफान , BJP ने बताया महिला और दलित-विरोधी सोच

    खूबसूरत लड़की दिखे तो रेप हो सकता है”: कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के बयान से सियासी तूफान , BJP ने बताया महिला और दलित-विरोधी सोच


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी को लेकर घमासान मच गया है। भांडेर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एक आपत्तिजनक और विवादित बयान ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में बल्कि समाज के हर वर्ग में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। धर्मग्रंथों महिलाओं और विशेषकर अनुसूचित जाति-जनजाति समाज को लेकर दिए गए उनके बयान को भाजपा ने महिला-विरोधी और दलित-विरोधी मानसिकता का खुला प्रदर्शन करार दिया है।

    एक इंटरव्यू के दौरान विधायक फूल सिंह बरैया ने बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को लेकर ऐसी “थ्योरी” रखी जिसे लेकर चौतरफा निंदा हो रही है। उन्होंने कहा कि “अगर कोई खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है और रेप हो सकता है।” यहीं नहीं उन्होंने यह भी दावा किया कि एससी-एसटी और ओबीसी समाज में खूबसूरत लड़कियां नहीं होतीं और कुछ धर्मग्रंथों में यह लिखा है कि यदि अनुसूचित जाति की महिला के साथ सहवास किया जाए तो उसे काशी तीर्थ के समान पुण्य मिलता है। बरैया ने ‘रुद्रयामल तंत्र’ नामक पुस्तक का हवाला देते हुए यह तर्क दिया कि इसी सोच के कारण एससी-एसटी समाज की महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनाएं होती हैं।

    विधायक यहीं नहीं रुके। उन्होंने यह भी कहा कि बलात्कार कोई अकेला व्यक्ति नहीं करता बल्कि चार-पांच लोग मिलकर करते हैं और आरोपियों के दिमाग में यह रहता है कि उन्हें “पुण्य” मिलेगा। इसी मानसिकता के कारण चार महीने और दस महीने की बच्चियों तक के साथ रेप जैसी घटनाएं हो रही हैं। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।

    भाजपा ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि फूल सिंह बरैया का बयान कोई जुबानी फिसलन नहीं बल्कि बीमार विकृत और आपराधिक सोच का सार्वजनिक प्रदर्शन है। उन्होंने लिखा कि महिलाओं को “खूबसूरती” के तराजू पर तौलना और एससी-एसटी समाज की महिलाओं के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को “तीर्थ फल” बताना स्त्री-द्वेष दलित-विरोध और मानवता पर सीधा हमला है।

    आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस नेतृत्व को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब राहुल गांधी मध्यप्रदेश आ रहे हैं तो देश जानना चाहता है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है और क्या यही “संविधान बचाओ” का पाखंड है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से तत्काल माफी और विधायक के निष्कासन की मांग की। फिलहाल इस बयान ने कांग्रेस को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है जबकि भाजपा इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाकर लगातार हमलावर है। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी बयान की निंदा करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है।

  • यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पर CM मोहन यादव का अहम दौरा: 85 एकड़ जमीन का भविष्य तय करने के लिए बैठक, गैस पीड़ितों की भी होगी बात

    यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पर CM मोहन यादव का अहम दौरा: 85 एकड़ जमीन का भविष्य तय करने के लिए बैठक, गैस पीड़ितों की भी होगी बात


    भोपाल। भोपाल के जेपी नगर स्थित यूनियन कार्बाइड (यूका) फैक्ट्री पर शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निरीक्षण किया और गैस राहत से जुड़े अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। यह दौरा इसी बात का संकेत माना जा रहा है कि फैक्ट्री के 85 एकड़ जमीन के उपयोग को लेकर जल्द ही निर्णय लिया जा सकता है। शुक्रवार को जिला प्रशासन और गैस राहत विभाग की टीम जमीन से जुड़े फाइलों की जांच में जुटी रही, जबकि पुलिस विभाग ने डीआरपी लाइन के लिए भी जमीन मांगने का प्रस्ताव रखा है।
    इस सबके बीच यह सवाल उभरकर सामने आया है कि उस जमीन का सही उपयोग क्या होगाक्या उसे विकास के कामों में लाया जाएगा या फिर गैस पीड़ितों की सुविधाओं के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।

    इस दौरान गैस पीड़ित संगठनों ने भी मुख्यमंत्री से मिलने की संभावना जताई। गैस पीड़ित संगठन ‘रचना ढिंगरा’ ने बताया कि वे 2-3 अहम मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं। इनमें सबसे बड़ी मांग यह है कि कई महिलाओं को एक हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन अभी तक नहीं मिल रही है। साथ ही गैस पीड़ितों के पुनर्वास और स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर बनाई गई राज्य स्तरीय समिति की बैठक पिछले 11 साल से नहीं हुई है।

    संगठन का कहना है कि इन मुद्दों पर तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए, क्योंकि पीड़ितों की हालत आज भी बेहद नाजुक है और उन्हें समय-समय पर सहायता की जरूरत रहती है।

    यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के 40 साल बाद हटाए गए जहरीले कचरे की याद भी ताजा है। पिछले साल जनवरी में फैक्ट्री से 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा हटाया गया था। यह कचरा 12 कंटेनरों में उच्च सुरक्षा के बीच पीथमपुर ले जाया गया था, जहां लंबे विरोध प्रदर्शन के बाद इसे जलाया गया था।

    हालांकि गैस पीड़ित संगठन अभी भी दावा करते हैं कि फैक्ट्री परिसर में हजारों टन कचरा दफन है, जिसके कारण आसपास के 42 बस्तियों का भूजल प्रदूषित हो चुका है। यह स्थिति आज भी लोगों की सेहत के लिए खतरा बनी हुई है और इसी कारण इलाके में पुनर्वास और पर्यावरण सुरक्षा की मांग लगातार उठती रहती है।

    भोपाल गैस त्रासदी 2-3 दिसंबर 1984 की रात की घटना थी, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में गिना जाता है। उस रात यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के प्लांट CK में टैंक नंबर 610 से मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) गैस लीक हुई, जिससे हजारों लोग प्रभावित और मारे गए।

    उस रात की भयावहता का वर्णन आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैलाशों की संख्या इतनी अधिक थी कि उन्हें उठाने के लिए वाहन कम पड़ गए, और धुंध इतनी गहरी थी कि पहचानना भी मुश्किल हो गया।

    याद रहे कि यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड ने 1969 में प्लांट स्थापित किया था। 1978 में अल्फा नेफ्थॉल और 1979 में MIC उत्पादन की यूनिट शुरू हुई थी। MIC अत्यंत खतरनाक रसायन था और अमेरिका में इसे कड़ी सुरक्षा के साथ एक-एक लीटर की बोतलों में भेजा जाता था, जबकि भारत में इसे बड़े स्टील कंटेनरों में लाया जाता था। 2 दिसंबर की रात टैंक की सफाई के दौरान पानी का रिसाव MIC टैंक में चला गया और ‘रन अवे रिएक्शन’ की वजह से टैंक फट गया, जिससे गैस फैली। इस त्रासदी में शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार 3828 लोग तत्काल मारे गए, जबकि बाद में मौतों और प्रभावितों की संख्या कई गुना बढ़ती गई।

    अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की इस बैठक और निरीक्षण के बाद 85 एकड़ जमीन का उपयोग किस दिशा में होगाक्या यह जमीन पीड़ितों की सुविधा, पर्यावरण सुरक्षा और स्मृति स्थल के रूप में सुरक्षित रखी जाएगी या फिर विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग की जाएगी। साथ ही गैस पीड़ितों की लंबित मांगों पर भी सरकार की क्या कार्रवाई होती है, यह अगले कुछ दिनों में स्पष्ट हो जाएगा।
  • भोपाल से दिल्ली तक हंगामा: ‘रेप हो सकता है’ वाले बयान पर BJP ने कांग्रेस को घेरा, माफी की मांग

    भोपाल से दिल्ली तक हंगामा: ‘रेप हो सकता है’ वाले बयान पर BJP ने कांग्रेस को घेरा, माफी की मांग


    नई दिल्ली। भोपाल से दिल्ली तक राजनीतिक गलियारों में चर्चा का नया मुद्दा बन गया है कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कथित तौर पर कहा कि “खूबसूरत लड़की दिखे तो दिमाग विचलित हो सकता है, रेप हो सकता है”, जिससे महिलाओं के सम्मान और समाज की संवेदनशीलता को ठेस पहुंची है। इस बयान की चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई और राजनीतिक दलों ने इसे गंभीर मुद्दा बनाकर कांग्रेस पर हमला करना शुरू कर दिया।
    BJP ने इसे केवल बयान नहीं, बल्कि अपराध को सामान्य करने वाली विकृत मानसिकता बताया है।

    BJP मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने इस बयान को जुबान की फिसलन मानने से इनकार किया और कहा कि यह सोच स्त्री-विरोधी और दलित-विरोधी है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को ‘खूबसूरती’ के पैमाने पर तौलकर उनके खिलाफ अपराध को सामान्य भाषा में जोड़ना समाज के लिए खतरनाक संकेत है। BJP का कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि समाज की सोच और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा है।

    इसके साथ ही BJP ने कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने कहा कि राहुल गांधी के मध्यप्रदेश दौरे से पहले इस तरह का बयान सामने आना चिंताजनक है और देश जानना चाहता है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है। BJP ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से भी इस मामले पर स्पष्टीकरण की मांग की है।

    BJP ने साफ कहा है कि अब कांग्रेस की चुप्पी स्वीकार नहीं की जाएगी। पार्टी ने दो विकल्प दिए हैंया तो फूल सिंह बरैया से सार्वजनिक माफी दिलाई जाए और उन्हें पार्टी से बाहर किया जाए, या फिर कांग्रेस को यह स्वीकार करना होगा कि वह महिला विरोधी और दलित विरोधी सोच के साथ खड़ी है।

    BJP नेताओं का कहना है कि महिलाओं के सम्मान पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता और नारी देवी को कभी भी ‘प्रयोग की वस्तु’ नहीं बनने दिया जाएगा।

    अब यह देखना बाकी है कि कांग्रेस इस विवाद पर क्या रुख अपनाती हैक्या वह माफी और कार्रवाई के साथ स्थिति को नियंत्रित करती है, या चुप्पी और तर्क-वितर्क के बीच यह मुद्दा और भी बड़ा बन जाएगा।

  • महाकाल की शरण में टीम इंडिया: निर्णायक मैच से पहले विराट कोहली और कुलदीप यादव ने की भस्म आरती , बाबा महाकाल से मांगी जीत की कामना

    महाकाल की शरण में टीम इंडिया: निर्णायक मैच से पहले विराट कोहली और कुलदीप यादव ने की भस्म आरती , बाबा महाकाल से मांगी जीत की कामना


    उज्जैन । न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर में होने वाले निर्णायक वनडे मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के सितारे आध्यात्मिक ऊर्जा लेने उज्जैन पहुंचे। टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और स्पिनर कुलदीप यादव ने शुक्रवार तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव के दर्शन किए और अलौकिक मानी जाने वाली भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। दोनों खिलाड़ी सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे और लगभग दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर ध्यान और आराधना में लीन रहे। भस्म आरती के दौरान विराट कोहली पूरी तरह पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। उनके मस्तक पर त्रिपुण्ड सुशोभित था और वे पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं की नजरें भी एक पल के लिए विराट और कुलदीप पर ठहर गईं। हालांकि दोनों खिलाड़ियों ने पूरी सादगी और श्रद्धा के साथ बाबा महाकाल के दर्शन किए और किसी तरह की औपचारिकता से दूर रहे।

    दर्शन के बाद कुलदीप यादव ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि उन्होंने खेल और जीवन दोनों में सफलता के लिए भगवान महाकाल से आशीर्वाद मांगा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की आध्यात्मिक अनुभूति खिलाड़ियों को मानसिक शांति और आत्मविश्वास देती है जो मैदान पर बेहतर प्रदर्शन में मददगार होती है। विराट कोहली ने भले ही कोई बयान नहीं दिया लेकिन उनका शांत और ध्यानमग्न चेहरा यह साफ बयां कर रहा था कि वे इस निर्णायक मुकाबले को लेकर पूरी तरह केंद्रित हैं।गौरतलब है कि इससे पहले भी भारतीय टीम के कई खिलाड़ी बड़े मुकाबलों से पहले महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाते रहे हैं। हाल ही में टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर और विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल भी उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। क्रिकेट और आस्था का यह संगम उज्जैन में अक्सर देखने को मिलता है जहां खिलाड़ी मैदान पर उतरने से पहले आध्यात्मिक बल लेने आते हैं।

    इंदौर में खेला जाने वाला यह एकदिवसीय मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही वनडे सीरीज का आखिरी और निर्णायक मैच है। दोनों टीमें अब तक एक-एक मैच जीतकर बराबरी पर हैं ऐसे में यह मुकाबला सीरीज का फैसला करेगा। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को टीम इंडिया से जीत की पूरी उम्मीद है वहीं विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी से एक बड़ी पारी की आस भी लगाई जा रही है।अब सबकी नजरें रविवार को होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हैं। महाकाल के आशीर्वाद के साथ टीम इंडिया मैदान में उतरेगी और करोड़ों प्रशंसक दुआ कर रहे हैं कि बाबा महाकाल की कृपा से जीत भारतीय टीम के हिस्से आए और देशभर में एक बार फिर जश्न का माहौल बने।

  • MP में शीतलहर का प्रकोप: मंदसौर में 2.5°C तक गिरा पारा 5 जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट; अगले 2-3 दिन और बढ़ेगी ठंड

    MP में शीतलहर का प्रकोप: मंदसौर में 2.5°C तक गिरा पारा 5 जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट; अगले 2-3 दिन और बढ़ेगी ठंड


    भोपाल । मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित कर दी है। उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं और साफ आसमान के कारण प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार गिरता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि रात के साथ-साथ दिन में भी ठिठुरन बनी हुई है। प्रदेश में इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान मंदसौर में दर्ज किया गया जहां न्यूनतम पारा गिरकर 2.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मंदसौर के अलावा शहडोल अनूपपुर उमरिया कटनी मैहर सहित कई जिलों में न्यूनतम तापमान 3 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। ठंड का असर सिर्फ ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है बल्कि भोपाल इंदौर ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहर भी इसकी चपेट में हैं। इन शहरों में रात का तापमान तेजी से गिरा है और दिन में भी ठंडक बनी हुई है जिससे लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहा। ग्वालियर-चंबल सागर और रीवा संभाग में कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखा गया जहां विजिबिलिटी काफी कम हो गई। इससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ और सुबह के समय वाहनों की रफ्तार थमी रही। कई जगह स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने शहडोल अनूपपुर उमरिया कटनी और मैहर जिलों में कोल्ड वेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बुजुर्गों बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाने के लिए घरों में ही रहने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक ठंड से सर्दी खांसी बुखार और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों तक ठंड और तेज पड़ सकती है। रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है जबकि ठंडी हवाओं के कारण दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे बना रहेगा। हालांकि राहत की उम्मीद भी दिखाई दे रही है। 19 जनवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की संभावना है जिसके प्रभाव से 20 और 21 जनवरी के बाद प्रदेश में बादल छा सकते हैं और कुछ इलाकों में हल्की बारिश या मावठा हो सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बादलों और बारिश के चलते तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और ठंड से कुछ हद तक राहत मिलेगी। फिलहाल प्रदेश में शीतलहर का असर जारी है और लोगों को अगले कुछ दिन और कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा।

  • MP Morning News: सड़कों की बड़ी सौगात से लेकर राहुल गांधी का इंदौर दौरा , BJP का ‘सहयोग सेल’ और यूनियन कार्बाइड प्रांगण में CM का निरीक्षण

    MP Morning News: सड़कों की बड़ी सौगात से लेकर राहुल गांधी का इंदौर दौरा , BJP का ‘सहयोग सेल’ और यूनियन कार्बाइड प्रांगण में CM का निरीक्षण


    भोपाल । मध्यप्रदेश के लिए आज शनिवार 17 जनवरी का दिन विकास राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से बेहद अहम रहने वाला है। एक ओर प्रदेश को हजारों करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है तो वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी का इंदौर दौरा भाजपा का नया संगठनात्मक प्रयोग और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यूनियन कार्बाइड प्रांगण भ्रमण सुर्खियों में रहेगा।

    प्रदेश को आज केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की ओर से बड़ी सौगात मिलने जा रही है। विदिशा में आयोजित कार्यक्रम में वे 4 400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित एवं प्रस्तावित 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। करीब 181 किलोमीटर लंबी इन परियोजनाओं से मध्य भारत और बुंदेलखंड क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी। भोपाल–विदिशा–सागर–राहतगढ़–ब्यावरा जैसे प्रमुख मार्गों पर यातायात पहले से कहीं अधिक सुगम होगा। चार-लेन चौड़ीकरण से यात्रा समय घटेगा ईंधन की बचत होगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। ब्लैक स्पॉट सुधार अंडरपास और ज्यामितीय सुधार जैसे कार्य सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाएंगे।

    राजनीतिक मोर्चे पर भाजपा संगठन आज एक नई पहल की शुरुआत कर रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर ‘सहयोग सेल’ की स्थापना की जा रही है। इसका उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की समस्याओं को समयबद्ध तरीके से सुलझाना है। यदि किसी जिले में समस्या का समाधान नहीं होता है तो मामला सीधे प्रदेश संगठन तक पहुंचेगा। इस सेल में प्रदेश और जिला स्तर पर संयोजक नियुक्त किए जाएंगे। रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों को भी इससे जोड़ने पर विचार किया जा रहा है ताकि प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिल सके। साथ ही जिला कार्यालयों में पदाधिकारियों के बैठने के दिन भी तय कर दिए गए हैं जिससे कार्यकर्ताओं को सीधा संवाद का मौका मिल सके।

    वहीं कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज इंदौर दौरे पर रहेंगे। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई त्रासदी ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। दर्जनों मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के बाद राहुल गांधी स्वयं पीड़ितों से मिलने आ रहे हैं। वे बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों और बाद में भागीरथपुरा में प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त करेंगे। करीब तीन घंटे के इस दौरे को कांग्रेस एक बड़े राजनीतिक और मानवीय संदेश के रूप में देख रही है। प्रशासनिक स्तर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सुबह लगभग 11 बजे यूनियन कार्बाइड प्रांगण का भ्रमण करेंगे। न्यायालय के निर्देश के बाद यूनियन कार्बाइड के ज़हरीले कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वहां स्थिति की समीक्षा करेंगे। 1984 की गैस त्रासदी जिसे मानव इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदाओं में गिना जाता है आज भी भोपाल के लिए एक संवेदनशील अध्याय है और सरकार इसे लेकर सतर्क दिखाई दे रही है।

  • MP: बिजली कर्मियों का अजीब कारनामा… रात ढाई बजे कनेक्शन काटने पहुंचे, महिला ने चोर समझ मारे पत्थर

    MP: बिजली कर्मियों का अजीब कारनामा… रात ढाई बजे कनेक्शन काटने पहुंचे, महिला ने चोर समझ मारे पत्थर


    भिण्ड।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के भिंड जिले (Bhind district) के लहार में बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों का एक अनूठा कारनामा (Unique feat) सामने आया है। ये कर्मचारी गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे (Around 2:30 AM) एक महिला के घर कनेक्शन काटने पहुंच गए। रात के सन्नाटे में अचानक गेट खटकाने से महिला घबरा गई। जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो कर्मचारी दीवार फांदकर छत पर चढ़ने की कोशिश करने लगे। ऐसे में बदमाशों का हमला समझकर महिला ने बचाव में ईंट-पत्थर फेंक दिए, जिससे सरकारी वाहन का कांच टूट गया। इसके बाद बिजली कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए। उधर कर्मचारियों के इतनी रात को महिला के घर पहुंचने के पीछे जो वजह सामने आई है, वह और भी हैरान करने वाली है। दरअसल ये कर्मचारी उस अजीबोगरीब फरमान के बाद इतनी रात को वहां पहुंचे थे, जिसके अनुसार टारगेट पूरा करने का दबाव बनाते हुए उन्हें रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक कनेक्शन काटने के आदेश दिए गए हैं।


    बच्चों के साथ रहने वाली महिला डरी

    प्राप्त जानकारी के अनुसार बिजली घर इलाके की निवासी पूनम बघेल अपने घर में 16 वर्षीय बेटी और एक बेटे के साथ अकेली रहती हैं। उनके पति गुजरात के अहमदाबाद में निजी नौकरी करते हैं। 15 जनवरी की रात करीब ढाई बजे गली के बाहर एक वाहन आकर रुका। वाहन से चार-पांच युवक उतरे और सीधे पूनम बघेल के घर की कुंडी खटकाने लगे। तेज आवाज से महिला की नींद खुल गई, युवकों ने खुद को बिजली विभाग का बताते हुए दरवाजा खोलने को कहा। महिला ने इतनी रात में दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया और कहा कि वह उन्हें नहीं जानती। इस पर कर्मचारियों ने कहा सीढ़ी लाओ छत पर चढ़ते हैं। यह सुनकर महिला और अधिक डर गई। आशंका में महिला छत पर चढ़ गई और बचाव में ईंट-पत्थर फेंकने लगी। छत से पथराव होता देख बिजली कर्मचारी जान बचाकर भाग खड़े हुए। इस दौरान कुछ ईंट-पत्थर सरकारी वाहन पर लगे जिससे उसका कांच टूट गया।

    कर्मचारियों ने की मामले को दबाने की कोशिश
    रात की घटना के बाद कर्मचारियों ने जेई नवीन शुक्ला के कहने पर मामले को दबा लिया और किसी को जानकारी नहीं दी। जब वाहन सरकारी कार्यालय पहुंचा और टूटा कांच दिखाई दिया, तब कर्मचारियों से सवाल किए गए। इसके बाद रात की घटना सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही उप महाप्रबंधक लक्ष्मी सोनवानी भड़क गईं और महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।


    रिपोर्ट लिखाने पहुंचे तो उल्टा पुलिस ने दागे सवाल

    शुक्रवार दोपहर में पुलिस थाने में शिकायत दी गई। जब मामला लहार थाना टीआई शिवसिंह यादव के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने सवाल किया कि रात ढाई बजे बकायादार के घर कौन जाता है। पुलिस के सवालों पर बिजली कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद पुलिस ने महिला को भी थाने बुलाया। महिला ने पुलिस को बताया कि वह घर में अकेली रहती है। रात में कुछ लोग नशे जैसी हालत में उसके घर की कुंडी खटका रहे थे और जबरन छत पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। डर के कारण उसने आत्मरक्षा में ईंट-पत्थर फेंके। महिला ने इस पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत भी पुलिस को दी है।


    कर्मचारियों पर टारगेट पूरा करने का दबाव

    इसी बीच सूत्रों के अनुसार उप महाप्रबंधक लक्ष्मी सोनवानी ने मार्च क्लोजिंग के नाम पर बिजली कर्मचारियों पर टारगेट पूरा करने का दबाव बना रखा है। इसके तहत रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक कनेक्शन काटने के आदेश दिए गए हैं। कर्मचारियों के अनुसार, रात की टीम का नेतृत्व जेई करते हैं और कई बार कर्मचारी नशे की हालत में ड्यूटी पर रहते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि आदेश न मानने पर कार्रवाई की धमकी दी जाती है, जिससे वे भयभीत हैं।

    जिले के महाप्रबंधक अमरेश शुक्ला ने बताया कि रात में टीम पर हमला हुआ और वाहन क्षतिग्रस्त हुआ है। आवेदन थाने में दिया गया है और पूरे मामले की जानकारी भिण्ड एसपी को देकर निष्पक्ष जांच का आग्रह किया गया है। लहार थाना टीआई शिवसिंह यादव का कहना है कि दोनों पक्षों से आवेदन मिले हैं। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: छिंदवाड़ा में खौफनाक वारदात… मां ने पिता के लिए रो रही बच्ची का गला घोंटा

    MP: छिंदवाड़ा में खौफनाक वारदात… मां ने पिता के लिए रो रही बच्ची का गला घोंटा


    छिंदवाड़ा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा जिले (Chhindwara district) के चांद थाना क्षेत्र के परसगांव में रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां ने गुस्से में आकर अपनी ढाई साल की मासूम बेटी (Innocent Daughter) की गला घोंटकर हत्या कर दी। मिली जानकारी के अनुसार मृत बच्ची के पिता रामदास चौरिया ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी ढाई साल की बेटी की अज्ञात कारणों से मौत हो गई है। पिता ने बताया कि करीब 3 बजकर 25 मिनिट पर जब वह घर लौटे तो बेटी को अचेत अवस्था में मिली। उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को बुलाया और बच्ची को स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    बेटी की मौत पर संदेह जताते हुए पिता थाने पहुंचे। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि बच्ची की मौत गला घोंटने से हुई है। इसके बाद पुलिस का शक बच्ची की मां संगीता चौरिया पर गया।पुलिस ने सख्ती से संगीता चौरिया से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी मां को किसी प्रकार की मानसिक बीमारी या अन्य परेशानी नहीं थी।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मां ने बतया की बच्ची पूरी तरह सामान्य थी और खाना खाकर घर पर मौजूद थी। इसी दौरान पिता ट्रैक्टर में हवा भरवाने के लिए बच्ची को साथ ले गए। हवा भरवाने के बाद वह बच्ची को घर छोड़कर अपने काम पर निकल गए। पिता के जाते ही बच्ची रोने लगी। बच्ची को शांत कराने की कोशिश की लेकिन लगातार पिता के लिए रोने से वह गुस्से में आ गई। इसी दौरान उसने कान में बांधने वाले रूमाल से बच्ची का गला घोंट दिया और बाद में हाथ से भी गला दबाया, जिससे मासूम की मौत हो गई।

    चांद थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक ललित बैरागी ने बताया कि घटना दोपहर 3 बजे से 3:25 बजे के बीच की है। जांच में सामने आया कि घटना के समय घर में मां के अलावा कोई और मौजूद नहीं था। उस दौरान किसी के आने-जाने के सबूत भी नहीं मिले। पुलिस ने 13 जनवरी 2026 को आरोपी मां संगीता चौरिया के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जिला जेल छिंदवाड़ा भेज दिया गया है।