Category: Madhya Pradesh

  • वडोदरा-खातीपुरा और बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर के लिए होली स्पेशल ट्रेनें शुरू, यात्रियों के लिए राहत

    वडोदरा-खातीपुरा और बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर के लिए होली स्पेशल ट्रेनें शुरू, यात्रियों के लिए राहत


    नई दिल्ली । होली के रंग और उल्लास के बीच भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और बढ़ती भीड़ को देखते हुए वडोदरा-खातीपुरा और बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर मार्ग पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने का फैसला किया है। मंडल रेलवे की ओर से इस अवसर पर विशेष ट्रेनें चलाकर यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान किया जाएगा।

    वडोदरा से खातीपुरा के लिए 09103 वडोदरा-खातीपुरा स्पेशल ट्रेन प्रत्येक रविवार रात 9.35 बजे वडोदरा से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन दाहोद, रतलाम, मंदसौर, नीमच और चित्तौड़गढ़ होते हुए अगले दिन दोपहर 2.10 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। इसके विपरीत, 09104 खातीपुरा-वडोदरा स्पेशल ट्रेन सोमवार रात 8.55 बजे खातीपुरा से रवाना होकर चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम और दाहोद स्टेशनों से होते हुए मंगलवार सुबह 11.30 बजे वडोदरा पहुंचेगी। वडोदरा-खातीपुरा स्पेशल ट्रेन 1 मार्च से 29 मार्च तक और खातीपुरा-वडोदरा ट्रेन 2 मार्च से 30 मार्च तक चलेगी।

    इन ट्रेनों में सेकंड एसी, थर्ड एसी, थर्ड एसी (इकोनॉमी), स्लीपर क्लास और द्वितीय श्रेणी के सामान्य कोच उपलब्ध होंगे। ट्रेन रूट में गोधरा, दाहोद, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, किशनगढ़ और जयपुर सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकती है, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक कनेक्टिविटी मिलेगी।

    साथ ही, बांद्रा टर्मिनस से गोरखपुर के लिए 09019 स्पेशल ट्रेन 1 मार्च को सुबह 8.35 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर और सीहोर जैसे स्टेशनों से होते हुए सोमवार रात 8.40 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वहीं, गोरखपुर से बांद्रा टर्मिनस के लिए 09020 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल ट्रेन 2 मार्च को सुबह 11.35 बजे गोरखपुर से चलकर सीहोर, शुजालपुर, मक्सी, उज्जैन, नागदा, रतलाम और दाहोद होते हुए बुधवार सुबह 9.45 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी।

    इन स्पेशल ट्रेनों का रूट भी व्यापक है। दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, दहानू रोड, वापी, वलसाड, नवसारी, उधना, सयान, भरूच, वडोदरा, गोधरा, दाहोद, रतलाम, नागदा, उज्जैन, मक्सी, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, मनकापुर, बस्ती और खलीलाबाद सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं।

    रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि यह स्पेशल ट्रेनें होली के दौरान बढ़ी हुई भीड़ और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चलाई जा रही हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि टिकट पहले से बुक कर लें, ताकि यात्रा सुविधाजनक और आरामदायक हो। इन ट्रेनों के संचालन से होली पर्व में यात्रा करने वाले लोगों को लंबी दूरी तय करने में समय और सुविधा दोनों का लाभ मिलेगा।

    यह कदम न केवल यात्रियों के लिए राहत प्रदान करेगा, बल्कि रेलवे ट्रैफिक को भी संतुलित बनाए रखने में मदद करेगा। यात्रियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे सुरक्षित और आरामदायक तरीके से होली की यात्रा का आनंद ले सकें।

  • होली से पहले उज्जैन पुलिस का एक्शन मोड: गुंडा बदमाशों को थाने बुलाकर चेतावनी, हुड़दंग किया तो होगी सख्त कार्रवाई

    होली से पहले उज्जैन पुलिस का एक्शन मोड: गुंडा बदमाशों को थाने बुलाकर चेतावनी, हुड़दंग किया तो होगी सख्त कार्रवाई


    नई दिल्ली। होली और रंगपंचमी को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए उज्जैन पुलिस ने जिलेभर में विशेष अभियान चलाया है। पुलिस ने गुंडा सूची में दर्ज बदमाशों, निगरानी अपराधियों और आदतन उपद्रवियों को थानों में तलब कर कड़ी चेतावनी दी है कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ यह कार्रवाई की गई। त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सक्रिय असामाजिक तत्वों की काउंसलिंग की गई और उन्हें भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहने की हिदायत दी गई।

    स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी व्यक्ति होली या रंगपंचमी के दौरान मारपीट, जबरन रंग डालना, महिला उत्पीड़न, धार्मिक भावनाएं भड़काने, अवैध शराब या नशीले पदार्थों की बिक्री अथवा सेवन, या किसी भी प्रकार की शांति भंग की गतिविधि में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    अभियान के तहत संबंधित आरोपियों से प्रतिबंधात्मक धाराओं में बांड भरवाए गए हैं। साथ ही उनके डोजियर अपडेट किए गए, जिनमें आपराधिक रिकॉर्ड, वर्तमान गतिविधियों और संभावित जोखिम का विवरण दर्ज किया गया। थानों में बुलाए गए लोगों को शांति और सौहार्द बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।

    पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि होली को लेकर पिछले 15 दिनों से लगातार बैठकें की जा रही हैं। सभी आयोजनकर्ताओं से समन्वय स्थापित किया गया है और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। होलिका दहन और अन्य आयोजनों में कोई अव्यवस्था न हो, इसके लिए आयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि महिलाएं और बच्चे भी सुरक्षित माहौल में त्योहार मना सकें, यह पुलिस की प्राथमिकता है। हर थाने में उपद्रवी तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ बाउंडओवर की कार्रवाई की गई है। जिलेभर में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि होली और रंगपंचमी सौहार्द और भाईचारे के साथ संपन्न हो सकें।

  • महाकाल में अब हर आरती सशुल्क! 250 रुपए पास पर मचा बवाल, भक्त बोले- आस्था पर क्यों लगा ‘टिकट’?

    महाकाल में अब हर आरती सशुल्क! 250 रुपए पास पर मचा बवाल, भक्त बोले- आस्था पर क्यों लगा ‘टिकट’?


    उज्जैन  उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में संध्या और शयन आरती के लिए 250 रुपए शुल्क लागू किए जाने के फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब श्रद्धालु इन आरतियों में शामिल तभी हो सकेंगे, जब उनके पास निर्धारित पास होगा। मंदिर समिति ने यह व्यवस्था भस्म आरती की तर्ज पर शुरू की है। समिति का अनुमान है कि इससे प्रतिदिन लगभग 6 लाख रुपए की अतिरिक्त आय होगी, यानी हर महीने करीब 1.80 करोड़ और सालाना लगभग 22 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

    मंदिर प्रशासन का तर्क है कि इस कदम से भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी। आरती की बुकिंग पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है, जिसे पारदर्शिता की दिशा में कदम बताया जा रहा है। हालांकि जिन श्रद्धालुओं को ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी नहीं है या तकनीकी दिक्कतें आती हैं, उनके लिए केवल एक हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है।

    दूसरी ओर, कई श्रद्धालुओं ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि भस्म आरती पहले से सशुल्क है, लेकिन संध्या और शयन आरती में भी शुल्क लागू करना आस्था पर आर्थिक बोझ डालना है। कुछ भक्तों का आरोप है कि 250 रुपए देने वालों को बेहतर स्थान मिलता है, जबकि अन्य श्रद्धालुओं को सीमित या चलित दर्शन तक ही सीमित कर दिया जाता है। इसे वे “आस्था में भेदभाव” बता रहे हैं।

    महाकाल से जुड़े भक्त मंडलों का कहना है कि वर्षों से नियमित रूप से आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को अचानक शुल्क व्यवस्था के कारण असुविधा हो रही है। उनका तर्क है कि मंदिर में सभी भक्त समान हैं और आर्थिक आधार पर भेद नहीं होना चाहिए।

    मंदिर के कुछ पुजारियों ने भी कहा है कि शुल्क लागू करने से पहले उनसे औपचारिक परामर्श नहीं लिया गया। उनका सुझाव है कि यदि शुल्क व्यवस्था लागू की गई है, तो कम से कम 25 प्रतिशत स्थान ऐसे श्रद्धालुओं के लिए ऑफलाइन आरक्षित किए जाएं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पाते।

    राजनीतिक स्तर पर भी इस फैसले पर मतभेद सामने आए हैं। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि जब मंदिर की आय दान और अन्य स्रोतों से पहले ही पर्याप्त है, तो अतिरिक्त शुल्क की आवश्यकता क्यों पड़ी। वहीं महापौर ने कहा कि वे मंदिर समिति के पदेन सदस्य हैं, लेकिन इस निर्णय पर उनसे औपचारिक सहमति या चर्चा नहीं की गई।

    फिलहाल मंदिर प्रशासन अपने निर्णय पर कायम है और इसे व्यवस्था सुधार की दिशा में कदम बता रहा है। दूसरी ओर, श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के चलते यह मुद्दा लगातार तूल पकड़ रहा है। अब देखना होगा कि विरोध के बाद मंदिर समिति इस व्यवस्था में कोई बदलाव करती है या नहीं।

  • ग्वालियर: शराब की लत ने उजाड़ा घर; खटिया पर कूलर रखकर विवाहिता ने लगाई फांसी

    ग्वालियर: शराब की लत ने उजाड़ा घर; खटिया पर कूलर रखकर विवाहिता ने लगाई फांसी



    ग्वालियर मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित जमाहर गांव में एक 28 वर्षीय विवाहिता ने अपने ही घर में मौत को गले लगा लिया। यह आत्महत्या केवल एक हादसा नहीं, बल्कि पति की बेरोजगारी और शराब की लत से उपजे मानसिक टॉर्चर का नतीजा है।

    घटना का वीभत्स मंजर
    शनिवार-रविवार की दरमियानी रात राजकुमारी कुशवाह ने अपनी जीवनलीला समाप्त करने के लिए एक दर्दनाक रास्ता चुना उसने पहले कमरे में रखी खटिया (चारपाई) के ऊपर कूलर रखा।कूलर पर चढ़कर उसने साफी (कपड़े) का फंदा बनाया और पंखे से लटक गई।जब उसकी सास रामबाई कमरे में पहुंची, तो राजकुमारी को फंदे पर लटका देख उनकी चीख निकल गई। परिजनों ने तुरंत फंदा काटकर उसे अस्पताल पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    वजह: शराब, विवाद और बेरोजगारी
    पुलिस की प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों से जो हकीकत सामने आई है, वह बेहद दुखद है:

    पति की लत: मृतका का पति आकाश कुशवाह शराब का आदी था, जिसके कारण घर में आए दिन कलेश होता था।

    आर्थिक तंगी: पति कोई काम नहीं करता था, जिससे घर चलाने और बच्चों के भविष्य को लेकर राजकुमारी गहरे मानसिक तनाव (Depression) में थी।

    घरेलू विवाद: पति के निकम्मेपन और शराबखोरी ने राजकुमारी को इस कदर हताश कर दिया कि उसे मौत ही एकमात्र रास्ता नजर आया।

    पुलिस की कार्रवाई
    पुरानी छावनी थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) का मामला बनता है।

    एक कड़वा सच: यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सवाल है कि जब शराब और बेरोजगारी किसी हंसते-खेलते परिवार को निगलने लगती है, तो उसका सबसे पहला और सबसे गहरा शिकार घर की महिलाएं ही होती हैं।

  • मार्च में 17 दिन मंत्री सुनेंगे जनता की समस्याएं, पांच मंत्रियों की इस महीने कोई ड्यूटी नहीं

    मार्च में 17 दिन मंत्री सुनेंगे जनता की समस्याएं, पांच मंत्रियों की इस महीने कोई ड्यूटी नहीं

    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश बीजेपी कार्यालय में मार्च महीने के लिए मंत्री ड्यूटी का रोस्टर जारी कर दिया गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने शनिवार-रविवार और सरकारी छुट्टियों को छोड़कर रोज़ाना एक मंत्री को कार्यालय में बैठकर आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने का निर्देश दिया है।

    कल यानी 2 मार्च को डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक कार्यालय में रहेंगे।

    मार्च में कुल 17 दिन मंत्रियों की ड्यूटी होगी। लेकिन इस महीने पांच मंत्रियों की एक भी दिन ड्यूटी नहीं लगी है। जिन मंत्रियों की ड्यूटी नहीं है, वे हैं:

    राकेश सिंह (PWD मंत्री)

    विश्वास सारंग (सहकारिता एवं खेल मंत्री)

    लखन पटेल (पशुपालन मंत्री)

    प्रतिमा बागरी (नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री)

    दिलीप अहिरवार (वन राज्यमंत्री)

    छुट्टियों के कारण ड्यूटी नहीं लगेगी:
    1 मार्च (रविवार), 3-5 मार्च (होली), 7 मार्च (शनिवार), 8 मार्च (रविवार), 14-15 मार्च (शनिवार-रविवार), 19 मार्च (गुड़ी पड़वा), 21-22 मार्च (शनिवार-रविवार), 27 मार्च (राम नवमी), 28-29 मार्च (शनिवार-रविवार)।

    मंत्रियों की तारीखवार ड्यूटी (मुख्य विवरण):

    2 मार्च, सोमवार – जगदीश देवड़ा (वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी), गौतम टेटवाल (कौशल विकास एवं रोजगार)

    6 मार्च, शुक्रवार – कुंवर विजय शाह (जनजातीय कार्य, भोपाल गैस त्रासदी राहत), नरेन्द्र शिवाजी पटेल (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा)

    9 मार्च, सोमवार – राजेन्द्र शुक्ल (डिप्टी सीएम, लोक स्वास्थ्य), नारायण सिंह पंवार (मछुआ कल्याण एवं मत्स्य)

    10 मार्च, मंगलवार – प्रहलाद पटेल (पंचायत एवं श्रम), राधा सिंह (पंचायत राज)

    11 मार्च, बुधवार – उदय प्रताप सिंह (परिवहन एवं स्कूल शिक्षा), दिलीप जायसवाल (कुटीर एवं ग्रामोद्योग)

    12 मार्च, गुरुवार – करण सिंह वर्मा (राजस्व)

    13 मार्च, शुक्रवार – संपतिया उईके (PHE)

    16 मार्च, सोमवार – तुलसी सिलावट (जल संसाधन)

    17 मार्च, मंगलवार – एदल सिंह कंसाना (कृषि)

    18 मार्च, बुधवार – निर्मला भूरिया (महिला एवं बाल विकास)

    20 मार्च, शुक्रवार – नारायण सिंह कुशवाह (सामाजिक न्याय)

    23 मार्च, सोमवार – नागर सिंह चौहान (अनुसूचित जाति कल्याण)

    24 मार्च, मंगलवार – प्रद्युम्न सिंह तोमर (ऊर्जा)

    25 मार्च, बुधवार – राकेश शुक्ला (नवकरणीय ऊर्जा)

    26 मार्च, गुरुवार – चेतन्य काश्यप (MSME)

    30 मार्च, सोमवार – कृष्णा गौर (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण)

    31 मार्च, मंगलवार – धर्मेन्द्र सिंह लोधी (पर्यटन एवं संस्कृति)

    इस व्यवस्था से आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को सीधे मंत्री से मिलने और अपनी समस्याएं साझा करने का अवसर मिलेगा।

  • नर्मदापुरम में भीषण सड़क हादसा: IIIT नागपुर के छात्र की मौत, चार गंभीर रूप से घायल

    नर्मदापुरम में भीषण सड़क हादसा: IIIT नागपुर के छात्र की मौत, चार गंभीर रूप से घायल


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में रविवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने लोगों को हिला कर रख दिया। पिपरिया-छिंदवाड़ा स्टेट हाईवे पर मटकुली के पास भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान IIIT नागपुर के छात्र नयन मंडल की कार पलटने से दर्दनाक मौत हो गई। छात्र सवार कार अनियंत्रित होकर पलटी जिससे नयन मंडल काल के गाल में समा गया।

    हादसा मटकुली से लगभग 1 किलोमीटर आगे छिंदवाड़ा रोड पर हुआ। कार में चालक अनय गौर और छात्र सुमेद शबाने अनुज सिंह सुमेद भामरे भी सवार थे। ये सभी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार एक घायल की हालत अत्यंत गंभीर होने के कारण उसे नर्मदापुरम रेफर किया गया। अन्य घायलों को पिपरिया अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।

    सूचना मिलते ही स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह हादसा कार के नियंत्रण खो देने के कारण हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    घायकों में महाराष्ट्र के नांदेड़ मुंबई नासिक और मध्य प्रदेश के इंदौर के छात्र शामिल हैं। सभी छात्र वर्तमान में IIIT नागपुर के हॉस्टल में रह रहे थे और अध्ययन तथा परियोजना कार्य के सिलसिले में यात्रा पर थे।

    यह हादसा न केवल छात्रों के परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गया है बल्कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए भी तत्काल कार्रवाई की स्थिति पैदा कर गया है। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

  • इंदौर में गेर पर सुरक्षा का नया आयाम, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों की एंट्री पर रोक

    इंदौर में गेर पर सुरक्षा का नया आयाम, बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों की एंट्री पर रोक


    इंदौर: 1 मार्च 2026। रंगपंचमी के अवसर पर निकलने वाली गेर को लेकर नगर निगम, पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। शनिवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर शिवम वर्मा, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और अन्य अधिकारियों ने गेर मार्ग का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और बुनियादी ढाँचे पर विशेष ध्यान दिया।

    दौरे के दौरान तय किया गया कि पूरे गेर मार्ग पर पर्याप्त पुलिसबल तैनात किया जाएगा। ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा गेर मार्ग में आने वाली ऊंची इमारतों पर वॉच टावर बनाए जाएंगे ताकि किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि असामाजिक तत्वों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। हुड़दंग करने वाले, महिलाओं के साथ अभद्रता करने वाले या सुरक्षा व्यवस्था में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। महिलाओं के विशेष दस्ते और सादी वर्दी में पुलिसबल भीड़ के बीच तैनात रहेंगे, जिससे नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    सुरक्षा के साथ-साथ वाहन नियमों का भी कड़ाई से पालन होगा। गेर मार्ग में बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। यह कदम आयोजनों में होने वाले दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए उठाया गया है।

    महापौर ने नगर निगम की तैयारियों का जायजा लेते हुए स्वच्छता और बुनियादी ढांचे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गेर के तुरंत बाद शहर की सफाई और स्वच्छता बनाए रखना प्राथमिकता होगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को विशेष संसाधनों के साथ सक्रिय स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आयोजन समाप्त होने के तुरंत बाद मार्गों की सफाई और कचरा प्रबंधन पर कोई कमी न रह जाए।

    निरीक्षण की शुरुआत मल्हारगंज चौराहे से हुई और पूरे मार्ग का दौरा किया गया। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन और पुलिस मिलकर गेर को सुरक्षित, व्यवस्थित और आनंददायक बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन के इन उपायों के साथ इंदौर की गेर इस साल भी नागरिकों के लिए आनंद और उत्साह का प्रतीक बनेगी।

  • वन विभाग में बड़ा फेरबदल: शुभरंजन सेन बने नए पीसीसीएफ हॉफ

    वन विभाग में बड़ा फेरबदल: शुभरंजन सेन बने नए पीसीसीएफ हॉफ


    भोपाल: 1 मार्च 2026। मध्यप्रदेश सरकार ने वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए 1991 बैच के आईएफएस अधिकारी शुभरंजन सेन को नया पीसीसीएफ हॉफ नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल आज से शुरू होगा और वे लगभग दो वर्षों तक इस पद पर रहेंगे। वन भवन से जारी आदेश के अनुसार सेन इससे पहले पीसीसीएफ पद पर कार्यरत थे और अब अप्रैल 2028 तक अपनी सेवानिवृत्ति से पहले विभाग की कमान संभालेंगे।

    इस नियुक्ति के पहले इस पद पर विजय कुमार अंबाड़े तैनात थे, जिनका कार्यकाल फरवरी 2026 में समाप्त हुआ और वे अब सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके सेवानिवृत्ति से पहले ही सरकार ने शुभरंजन सेन को पीसीसीएफ हॉफ बनाने का आदेश जारी कर दिया था। सेन मूल रूप से भुवनेश्वर, उड़ीसा के रहने वाले हैं और उन्होंने लंबे समय तक वाइल्डलाइफ विभाग में सेवाएं दी हैं।

    इस नियुक्ति को खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि शुभरंजन सेन ने विभागीय वरिष्ठता क्रम को पीछे छोड़ते हुए दो वरिष्ठ अफसरों को पीछे छोड़कर यह पद हासिल किया है। वन विभाग में परंपरा रही है कि पीसीसीएफ हॉफ की कमान ग्रेडेशन लिस्ट के अनुसार दी जाती है। पहले चर्चा थी कि इस पद के लिए अंबाड़े के ठीक नीचे मौजूद एचयू खान को चुना जाएगा, जिनकी सेवानिवृत्ति जुलाई 2026 में थी। उनके ठीक नीचे 1990 बैच के आईएफएस अधिकारी विभाष कुमार ठाकुर का नाम था। लेकिन इस बार शुभरंजन सेन ने दोनों को पीछे छोड़ते हुए पद प्राप्त किया।

    वन विभाग में यह नियुक्ति वरिष्ठता के पारंपरिक क्रम को तोड़ने वाली मानी जा रही है। लंबे समय से आईएफएस लॉबी इतनी मजबूत थी कि पीसीसीएफ हॉफ की कमान किसी अधिकारी को सिर्फ एक दिन या एक महीने के लिए मिलती थी। उदाहरण के तौर पर कुछ समय पहले पीसीसीएफ एके जैन को महज एक दिन के लिए यह पद संभालना पड़ा और आदेश उसी दिन दोपहर में जारी हुआ और शाम को वे सेवानिवृत्त हो गए। इस बार शुभरंजन सेन ने सभी को पीछे छोड़कर पद हासिल कर विभाग में अपनी पकड़ और प्रशासनिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया है।

    विशेषज्ञ मानते हैं कि इस नियुक्ति से वन विभाग में रणनीतिक बदलाव की संभावना बढ़ सकती है। शुभरंजन सेन के नेतृत्व में वन्यजीव संरक्षण, प्रशासनिक नीतियों और विभागीय सुधारों में नए आयाम देखने को मिल सकते हैं। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव विभाग के लिए लंबे समय तक लाभकारी साबित हो सकते हैं।

  • बड़ी राहत: सीएम मोहन यादव के आश्वासन के बाद मध्यप्रदेश में टली बस हड़ताल.

    बड़ी राहत: सीएम मोहन यादव के आश्वासन के बाद मध्यप्रदेश में टली बस हड़ताल.


    भोपाल:1 मार्च 2026। मध्यप्रदेश में 2 मार्च से प्रस्तावित बस हड़ताल अब टल गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आश्वासन और मध्यस्थता के बाद बस संचालकों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश के लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य प्रदेश के हर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र तक सुगम, सुरक्षित और निर्बाध परिवहन सेवा सुनिश्चित करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बस ऑपरेटर्स की समस्याओं का समाधान आपसी संवाद और सहयोग से किया जाएगा।

    समत्व भवन में सीएम निवास पर हुई बैठक में मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों और आपत्तियों को सामने रखा। बस संचालकों ने कहा कि हालिया अधिसूचनाओं और निर्देशों से उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और तुरंत संबंधित सूचना और अधिसूचना को होल्ड करने के निर्देश दिए। अब आगे की कार्रवाई केवल दोनों पक्षों के सहमति से ही की जाएगी।

    सीएम ने परिवहन मंत्री को भी निर्देश दिए कि वे बस ऑपरेटर्स के साथ मिलकर व्यावहारिक समस्याओं का समाधान निकालें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार और परिवहन व्यवसायी विरोधी नहीं हैं, बल्कि जनता को बेहतर सेवा देने के लिए सहयोगी हैं। इसलिए निर्णय इस तरह लिए जाएं कि यात्रियों की सुविधा बनी रहे और बस संचालकों का व्यवसाय भी प्रभावित न हो।

    सीएम के आश्वासन और प्रशासनिक समझौते के बाद बस ऑनर्स एसोसिएशन ने घोषणा की कि प्रस्तावित 2 मार्च की हड़ताल अब नहीं होगी। इस कदम से प्रदेश भर में यात्रियों, स्कूल-विश्वविद्यालयों और वाणिज्यिक क्षेत्रों में यात्रा पर कोई व्यवधान नहीं आएगा। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में इसी तरह के मुद्दों पर दोनों पक्ष समय पर चर्चा करेंगे और समाधान निकालेंगे।

    इस निर्णय से न केवल यात्री राहत महसूस कर रहे हैं, बल्कि बस संचालकों को भी उम्मीद है कि उनकी व्यावसायिक समस्याओं का समाधान आपसी संवाद और सहयोग से होगा। सरकार ने यह स्पष्ट किया कि जनता को सुविधा देने के साथ-साथ व्यवसायियों की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाएगा।

    प्रदेश के परिवहन तंत्र के लिए यह बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे यह संदेश गया कि मध्यप्रदेश सरकार और परिवहन व्यवसायी मिलकर संतुलित और व्यवस्थित परिवहन सेवा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं। इस समझौते से यात्रियों और बस संचालकों के बीच विश्वास और सहयोग की स्थिति मजबूत होगी।

  • ग्वालियर बाजार में होली की धूम, स्मोक शॉट और इलेक्ट्रिक पिचकारियों ने बच्चों और युवाओं को किया मंत्रमुग्ध

    ग्वालियर बाजार में होली की धूम, स्मोक शॉट और इलेक्ट्रिक पिचकारियों ने बच्चों और युवाओं को किया मंत्रमुग्ध



    ग्वालियर ग्वालियर में होली का त्योहार करीब आते ही बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। हर्बल रंग, अबीर-गुलाल और नई डिज़ाइन की पिचकारियों की लंबी रेंज दुकानों पर सज चुकी है। ग्राहक परिवार के साथ खरीदारी करने पहुंच रहे हैं और दुकानों पर भीड़ लगातार बढ़ रही है।

    दुकानदार विकास गुप्ता के मुताबिक इस बार बाजार में कई नए और आकर्षक आइटम आए हैं। ग्राहक इन नए कलेक्शन को काफी पसंद कर रहे हैं।

    स्मोक शॉट और इलेक्ट्रिक पिचकारियां इस बार सबसे बड़ा आकर्षण हैं। स्मोक शॉट से रंग आसमान में फैलते हैं, वहीं इलेक्ट्रिक शॉट गन पानी में डालते ही रंगीन पानी भर देती है। इसके अलावा हनुमान जी की गदा, परशुराम का फरसा और भगवान राम के धनुष-बाण की डिजाइन वाली पिचकारियां भी बच्चों और युवाओं में खास लोकप्रिय हो रही हैं।

    बाजार में रंग-बिरंगी ड्रेस की भी मांग बढ़ी है। सफेद शर्ट, कुर्ती, कुर्ता-पायजामा, जयपुरी जूती, पगड़ी और ब्लैक गॉगल की बिक्री में इजाफा हुआ है। छोटे बच्चे रंग-बिरंगे कपड़ों और एक्सेसरीज़ के साथ खरीदारी कर रहे हैं।

    शहर की कई कॉलोनियों और सोसायटियों में होली के दिन सामूहिक कार्यक्रम होंगे। लोग निर्धारित समय पर डीजे और पारंपरिक पकवानों के साथ त्योहार का आनंद लेंगे।

    कलेक्टर रुचिका चौहान ने होली के अवसर पर 4 मार्च को जिले में शासकीय अवकाश घोषित किया है। सभी सरकारी कार्यालय 5 मार्च से फिर से खुलेंगे।