Category: Madhya Pradesh

  • टी-20 विश्वकप में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत पर मध्य प्रदेश में जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी

    टी-20 विश्वकप में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की जीत पर मध्य प्रदेश में जश्न, जमकर हुई आतिशबाजी


    भोपाल।
    टी-20 विश्वकप के सुपर 8 मैच में वेस्ट इंडीज के खिलाफ भारत की शानदार जीत पर मध्य प्रदेश में क्रिकेट प्रेमियों ने जमकर जश्न मनाया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और गुना समेत कई दूसरे शहरों में क्रिकेट फैंस ने बड़ी स्क्रीन पर मैच देखा और भारतीय टीम की जीत का जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आए। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई।

    भारतीय क्रिकेट टीम ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर खेले गए टी-20 विश्व कप में सुपर-8 के आखिरी मुकाबले में वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन ने नाबाद 97 रन की मैच विनिंग पारी खेली। इस जीत के बाद मध्य प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और गुना समेत कई शहरों में भारत की जीत का जश्न मनाया। प्रमुख चौराहों पर देर रात तक सड़कों पर उत्सव का माहौल बना रहा।

    क्रिकेट प्रेमी डीजे की धुनों पर थिरकते नजर आए, कई जगह आतिशबाजी की गई। भोपाल के बड़वाले महादेव मंदिर में देशभक्ति गीतों के बीच जीत का उत्सव मनाया गया। क्रिकेट प्रेमी एक-दूसरे को बधाई देते दिखे, तिरंगा लहराया गया और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल गूंज उठा। अब सभी की नजरें सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं।

    भारत की जीत का जश्न इंदौर में भी देखने को मिल रहा है। इंदौर में बच्चे भी जश्न मना रहे हैं। हालांकि, इंदौर के राजवाड़ा पर माहौल नॉर्मल है। पिछली बार भारत की जीत के बाद भीड़ को कंट्रोल करना मुश्किल हो गया था। लाइट बंद करके हालात को कंट्रोल किया गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए आज पुलिस यहां किसी को रुकने नहीं दे रही है। युवा भी माहौल देखकर सीधे निकलते जा रहे हैं।

    भोपाल में युवा तिरंगा लेकर सड़कों पर जश्न मनाते नजर आए। भारत माता की जय के नारे लगाते हुए बड़ी स्क्रीन, पटाखे, ढोल-नगाड़े बजाकर डांस कर रहे हैं। देशभक्ति के गाने गाकर और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर जश्न मना रहे हैं। प्रमुख चौराहों पर देर रात तक उत्साह का माहौल नजर आ रहा है। वहीं, उज्जैन के टावर चौक पर क्रिकेट फैंस देर रात तक भारत की जीत का जश्न मना रहे हैं। सड़क पर आतिशबाजी कर रहे हैं।

  • आपसी सौहार्द और प्रेम पूर्वक त्यौहार मनाएं सभी नागिरक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    आपसी सौहार्द और प्रेम पूर्वक त्यौहार मनाएं सभी नागिरक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि त्यौहार सामाजिक सद्भाव का प्रतीक हैं। प्रदेश के सभी नागरिक आपसी सौहार्द और प्रेम पूर्वक त्यौहार मनाएं, इसके लिए मैदानी पुलिस अधिकारी और अमले को अतिरिक्त सजगता, सतर्कता और मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभानी होगी, ताकि कहीं भी, किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार शाम को आगामी सभी त्यौहारों से पहले प्रदेश में शांति और सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस कमिश्नर ऑफिस, भोपाल में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने निर्देश दिए कि त्यौहारों के चलते विशेष निगरानी और ऐहतियात बरती जाए। पुलिस सूचना-तंत्र को और भी अधिक सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से अपने कर्तव्यों का पालन करें, जिससे किसी भी नागरिक को असुविधा न हो।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विस्तृत समीक्षा की। इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, डीजीपी कैलाश मकवाना, एडीजी इंटेलीजेंस ए. साईं मनोहर सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। प्रदेश के सभी रेंज आईजी, डीआईजी, पुलिस कमिश्नर्स और पुलिस अधीक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़कर अपने-अपने क्षेत्रों की व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्राधिकार में कानून-व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखें और इस संबंध में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नागरिक बिना किसी बाधा के अपने-अपने पर्व आनंदपूर्वक मनाएं। शासन-प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ उनकी सुरक्षा में तत्पर होकर तैनात है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के समय बेहद सतर्क रहें। हर घटना-दुर्घटना पर बारीक नजर बनाएं रखें। जनता में सुरक्षा का विश्वास कायम करें। समाज के अच्छे और प्रभावशाली लोगों को शांति समिति में लेकर आए। उन्होंने कहा कि सभी एसपी अपने पुलिस कंट्रोल रूम और मॉनिटरिंग सिस्टम को और भी अधिक बेहतर बनाएं। हर हाल में सुव्यवस्था बनी रहे, यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी दिनों में वे प्रदेश के पुलिस थानों और कार्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे। पुलिस थानों के कार्य-व्यवहार और पब्लिक फीडबैक के आधार पर उनकी ग्रेडिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षकों को अतिरिक्त सजगता और सतर्कता बरतने की हिदायत देते हुए कहा कि कानून- व्यवस्था के संबंध में जो भी कार्रवाई हो, वह पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में परीक्षाएं चल रही हैं। इसलिए सभी परीक्षा केन्द्रों और हॉस्टल्स पर निगरानी रखें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस विभाग को प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सब पुलिस की समर्पित कार्यवाही और निष्ठा से ही संभव हो सका है। उन्होंने कहा की पुलिस अधिकारी सुनिश्चितकरें कि होलिका दहन गैर विवादित स्थलों पर ही हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि त्योहारों के चलते अधिक संख्या में यात्रियों के आवागमन के कारण बस ऑपरेटर्स द्वारा यात्रियों से अधिक किराया वसूल करने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसी स्थिति पर रोक लगाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि त्यौहारों के दौरान विशेष संवेदनशीलता का परिचय दिया जाना चाहिए। किसी भी जगह किसी भी प्रकार की घटना या दुर्घटना पर पुलिस का क्विक रिस्पांस होना चाहिए। छोटी से छोटी घटना को संज्ञान में लें। शुष्क दिवस के प्रावधान का पूरी कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये। सभी पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में व्यवस्थाओं में और अधिक कसावट लायें। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में सभी मैदानी पुलिस अधिकारियों ने त्यौहारों के मद्देनजर की गई तैयारियों की जानकारी दी। सभी ने कहा कि शांति समिति की बैठकें कर सभी से लगातार बातचीत की जा रही है।

  • मध्य प्रदेश में होली पर तीन मार्च के साथ चार मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश

    मध्य प्रदेश में होली पर तीन मार्च के साथ चार मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में इस वर्ष होली के त्यौहार पर दो दिन अवकाश रहेगा। खग्रास चंद्रग्रहण के कारण रंगों का उत्सव 3 मार्च की बजाय 4 मार्च को मनाया जाएगा। राज्य सरकार ने 3 मार्च के साथ 4 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

    सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा रविवार को जारी आदेश में कहा गया है कि होली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में 4 मार्च को भी निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट्स एक्ट-1881 के अधीन सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। राज्य शासन द्वारा होली के पावन पर्व पर पूर्व में 3 मार्च को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जा चुका है।

    इधर प्रदेश में होली की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रदेश के हजारों स्थानों पर सोमवार को होलिका दहन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस बार होली का मुख्य दिन कुछ अलग रहेगा, क्योंकि तीन मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान सूतक काल लागू रहता है और इस अवधि में उत्सव नहीं मनाया जाता है, इसलिए इस साल होली का रंगोत्सव दहन के दूसरे दिन के बजाए चार मार्च बुधवार को तीसरे दिन मनाया जाएगा।

    इस बार होली उत्सव की शुरुआत दो मार्च की रात से होगी, जब पूरे राज्य में होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद रंग उत्सव चार मार्च को मनाया जाएगा। प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी जिलों में होली समारोह को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

    होली का पर्व धार्मिक रीति-रिवाज और खगोलीय स्थितियों को ध्यान में रखते हुए मनाया जाता है। जनता को रंगों और खुशियों के साथ-साथ सावधानी और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है। यह बदलाव इस पर्व को सुरक्षित और आनंददायक बनाने के लिए किया गया है।

  • मध्य प्रदेश पुलिस को डिजिटल गवर्नेंस में मिला राष्ट्रीय सम्मान

    मध्य प्रदेश पुलिस को डिजिटल गवर्नेंस में मिला राष्ट्रीय सम्मान


    भोपाल।
    डिजिटल गवर्नेंस, तकनीक आधारित पुलिसिंग एवं नागरिक सेवा वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए मध्य प्रदेश पुलिस को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ‘आईटी इंप्लीमेंटेशन फार गवर्नेंस एंड पब्लिक सर्विस डिलेवरी’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

    यह सम्मान रविवार को आयोजित प्रौद्योगिकी सभा पुरस्कार समारोह में सूचना प्रौद्योगिकी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार आधारित प्रशासनिक सुधार तथा नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देने हेतु प्रदान किया गया। मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) जयदीप प्रसाद ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। समारोह में यह सम्मान एक्सप्रेस कंप्यूटर के एडिटर आरपी श्रीकांत द्वारा प्रदान किया गया।

    डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के माध्यम से सेवा वितरण में सुधार

    पुलिस मुख्यालय द्वारा जानकारी दी गई कि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी को पुलिस कार्यप्रणाली के विभिन्न आयामों में समाहित करते हुए नागरिक सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ, जवाबदेह एवं समयबद्ध बनाया गया है। राज्य में विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को पुलिस सेवाओं तक आसान एवं त्वरित पहुंच सुनिश्चित की गई है। ऑनलाइन नागरिक पोर्टल, डिजिटल शिकायत पंजीकरण प्रणाली, विभिन्न सत्यापन सेवाएं तथा अन्य नागरिक उन्मुख सुविधाओं के माध्यम से सेवा वितरण प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाया गया है, जिससे आमजन को त्वरित एवं विश्वसनीय सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।

    तकनीक आधारित प्रशासनिक दक्षता एवं पारदर्शिता

    बताया गया कि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, डेटा इंटीग्रेशन एवं तकनीक आधारित मॉनिटरिंग तंत्र के माध्यम से पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। डेटा आधारित विश्लेषण प्रणाली ने अपराध विश्लेषण, सूचना प्रबंधन तथा निर्णय प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक एवं परिणामोन्मुख बनाया है। इन पहलों से सेवा प्रदाय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है, जवाबदेही सुनिश्चित हुई है तथा नागरिकों एवं पुलिस के बीच विश्वास और सहभागिता को मजबूती मिली है।

    सुशासन एवं नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में पहल

    मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अपनाया गया डिजिटल गवर्नेंस मॉडल प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, सेवा वितरण की गति में वृद्धि तथा नागरिक सुविधा को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। तकनीक आधारित समाधान न केवल पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार कर रहे हैं, बल्कि शासन प्रणाली को अधिक उत्तरदायी एवं पारदर्शी बनाने में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ संसाधनों के बेहतर प्रबंधन एवं कार्यप्रणाली के मानकीकरण को भी बढ़ावा मिला है।

    राष्ट्रीय स्तर पर नवाचारों की मान्यता

    Technology Sabha Awards देशभर में शासन एवं सार्वजनिक सेवा वितरण में सूचना प्रौद्योगिकी के उत्कृष्ट उपयोग को सम्मानित करने वाला प्रतिष्ठित मंच है। इस मंच पर मध्यप्रदेश पुलिस को प्राप्त यह सम्मान राज्य में लागू डिजिटल पहलों की प्रभावशीलता, नवाचार क्षमता एवं सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाण है।

    स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में निरंतर प्रयास

    मध्य प्रदेश पुलिस तकनीकी नवाचारों के माध्यम से “स्मार्ट पुलिसिंग”, ई-गवर्नेंस तथा नागरिक-केंद्रित सेवा मॉडल को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। डिजिटल नवाचारों के माध्यम से पुलिस सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी एवं जनोन्मुख बनाते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप पुलिसिंग प्रणाली विकसित की जा रही है। यह सम्मान सम्पूर्ण मध्य प्रदेश पुलिस परिवार के सामूहिक प्रयास, नवाचार भावना एवं जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। मध्य प्रदेश पुलिस भविष्य में भी तकनीकी उत्कृष्टता एवं नागरिक हित सर्वोपरि के सिद्धांतों के साथ सेवा प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध रहेगी।

  • वन विभाग का हड़कंप: खैर लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा, तस्कर पथराव करके भाग निकले

    वन विभाग का हड़कंप: खैर लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा, तस्कर पथराव करके भाग निकले



    नई दिल्ली। ग्वालियर के पहाड़गढ़ क्षेत्र में खैर (खेर) की अवैध लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए वन विभाग ने रात्रि गश्त के दौरान बड़ी कार्रवाई की। 28 फरवरी की मध्यरात्रि, सुमावली क्षेत्र के विरुगा गांव के पास वन विभाग की टीम ने खैर की लकड़ी से भरे एक ट्रक (क्रमांक HR 55/AL/3852) को पकड़ने का प्रयास किया।

    जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक और तस्कर वन विभाग की टीम को देखकर ट्रक की रफ्तार बढ़ाकर भागने लगे। वन विभाग की टीम ने उनका पीछा किया और ट्रक को रोकने के लिए लकड़ी से उस पर पथराव करना पड़ा। इस घबराहट में तस्कर ट्रक को बीच रास्ते में छोड़कर अंधेरे में भाग निकले।

    वन विभाग ने ट्रक को जौरा वन क्षेत्र कार्यालय में जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया है। यह क्षेत्र लंबे समय से खैर की लकड़ी की तस्करी के लिए जाना जाता है और वन विभाग ने इससे पहले भी कई बार तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है।

    जौरा रेंजर आर. प्रजापति ने बताया कि पहाड़गढ़ के जंगलों में खैर की लकड़ी की भारी तस्करी हो रही है और अपराधी अक्सर वन विभाग की नाक के नीचे भी अवैध कार्य करते हैं। उन्होंने कहा, “हमारी टीम ने ट्रक को रोकने के लिए रात्रि में कार्रवाई की, ट्रक तस्करों को छोड़कर भागना पड़ा। ट्रक जब्त कर लिया गया है और कार्रवाई जारी है।”

    वन विभाग की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि जंगलों में अवैध लकड़ी तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आने वाले समय में भी टीम सतर्क रहेगी।

  • सूदखोरी का 'खूनी' जाल: नर्मदापुरम में व्यापारी के सुसाइड के 30 दिन बाद पिता-पुत्र समेत 3 पर FIR

    सूदखोरी का 'खूनी' जाल: नर्मदापुरम में व्यापारी के सुसाइड के 30 दिन बाद पिता-पुत्र समेत 3 पर FIR


    नर्मदापुरम (सोहागपुर)। कर्ज की किश्तें तो खत्म हो गईं, लेकिन सूदखोरों की भूख शांत नहीं हुई; अंततः एक हंसता-खेलता कारोबारी सिस्टम प्रताड़ना की बलि चढ़ गया। सोहागपुर के रेडीमेड कपड़ा व्यापारी कैलाश आसवानी आत्महत्या मामले में पुलिस ने एक महीने की लंबी जांच के बाद बड़ी कार्रवाई की है। सुसाइड नोट और पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने तीन रसूखदार व्यापारियों के खिलाफ ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ (Abetment to Suicide) का संगीन मामला दर्ज किया है।
     
    अपमान की वो आग जिसने जान ले ली
    कैलाश आसवानी अपने रेडीमेड कपड़ों के व्यवसाय को विस्तार देने के लिए कुछ स्थानीय व्यापारियों के संपर्क में आए थे। पुलिस जांच के अनुसार: सोहागपुर के व्यापारी छबलदास तोलानी, उनका पुत्र हितेश तोलानी और इटारसी का व्यापारी वीरेंद्र जैन।

    प्रताड़ना की इंतहा:

    कैलाश लगातार ब्याज और मूल राशि चुका रहे थे, लेकिन आरोपी उनसे ‘मनमाना और अवैध’ ब्याज मांग रहे थे। पैसा न दे पाने की स्थिति में उन्हें सार्वजनिक जगहों पर बेइज्जत किया जाता था। इसी सामाजिक अपमान और मानसिक दबाव ने कैलाश को भीतर से तोड़ दिया।

    लॉज के कमरा नंबर 107 में खौफनाक अंत
    बीते 28 जनवरी को कैलाश बिना किसी को बताए घर से निकले और माखननगर स्थित ‘राधे-राधे लॉज’ पहुँच गए। अगले दिन जब उन्होंने दरवाजा नहीं खोला, तो होटल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस पहुँची। कमरे के अंदर का दृश्य विचलित करने वाला था; बिस्तर पर कैलाश का निर्जीव शरीर पड़ा था और पास ही सल्फास की खाली डिब्बी मिली। उनके पास से बरामद एक भावुक सुसाइड नोट ने उन चेहरों को बेनकाब कर दिया, जो उनकी मौत की पटकथा लिख रहे थे।

    पुलिस की कार्रवाई: 30 दिन बाद कसा शिकंजा
    थाना प्रभारी उषा मरावी के नेतृत्व में पुलिस ने एक महीने तक सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग और गवाहों के बयानों का बारीकी से मिलान किया।शनिवार रात पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

    आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि इन सूदखोरों ने और कितने व्यापारियों को अपनी गिरफ्त में ले रखा है।यह घटना एक कड़वा सबक है कि अवैध ब्याजखोरी का धंधा केवल पैसा नहीं, बल्कि इंसान का मानसिक सुकून और अंततः उसकी सांसें भी छीन लेता है। 30 दिन बाद हुई यह कानूनी कार्रवाई पीड़ित परिवार के लिए इंसाफ की पहली किरण है।

  • इश्क का 'खूनी' स्टेटस: 350 KM स्कूटी चलाकर प्रेमिका के पास पहुँचा युवक, सीने में गोली मार कर दी जान

    इश्क का 'खूनी' स्टेटस: 350 KM स्कूटी चलाकर प्रेमिका के पास पहुँचा युवक, सीने में गोली मार कर दी जान


    उज्जैन।  जो इल्ज़ाम बाकी रह जाए, मेरे कफ़न पर लिख देना और कल खेल खत्म मेरा सोशल मीडिया पर ये आखिरी शब्द लिखकर बैतूल के एक युवक ने मौत का ऐसा खौफनाक रास्ता चुना जिसने सबको सुन्न कर दिया। उज्जैन की बंगाली कॉलोनी में शनिवार शाम 21 साल के निखिल आहके ने अपनी प्रेमिका के जीजा के घर पहुँचकर खुद को गोली मार ली। यह आत्महत्या एकतरफा जुनून और टूटते रिश्तों के बीच छिपे मानसिक अवसाद की गवाही दे रही है।

    बैतूल से उज्जैन: मौत का लंबा सफर
    निखिल मूल रूप से बैतूल जिले के सारणी का रहने वाला था। वह घर का इकलौता बेटा था, जिसके पिता की मौत पहले ही एक हादसे में हो चुकी थी।

    फरवरी से लापता: निखिल फरवरी में काम का बहाना बनाकर घर से निकला था। उसने परिवार के सभी सदस्यों को ब्लॉक कर दिया था ताकि कोई उसकी लोकेशन न जान सके।

    350 KM की यात्रा: अपनी प्रेमिका से मिलने की जिद में वह स्कूटी चलाकर करीब 350 किलोमीटर दूर उज्जैन पहुँचा। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से दोनों के बीच बातचीत बंद थी, जिससे निखिल गहरे तनाव में था।

    वारदात: पलक झपकते ही खत्म हो गई जिंदगी
    शनिवार शाम जब निखिल अपनी प्रेमिका के रिश्तेदार के घर पहुँचा, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि उसके पास हथियार है। घर के अंदर जाते ही उसने अचानक अपनी छाती पर बंदूक तानी और ट्रिगर दबा दिया। गोली चलने की गूँज सुनते ही इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुँची पुलिस को युवक का शव और उसके आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट मिले, जो उसने सुसाइड से ठीक पहले अपलोड किए थे।

    तबाही के पीछे का सच: इकलौता बेटा और बेबस माँ
    निखिल की मौत ने उसके परिवार को सड़क पर ला खड़ा किया है। घर की आर्थिक स्थिति पहले ही ठीक नहीं थी; दादी की पेंशन और परिजनों की मेहनत से घर चलता था। इकलौते बेटे की इस सनक भरी मौत ने उसकी माँ को पूरी तरह तोड़ दिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि युवक के पास अवैध हथियार कहाँ से आया और क्या उसे उकसाने में किसी और की भी भूमिका थी।

    पुलिस की जांच और CCTV
    नीलगंगा थाना पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे CCTV फुटेज कब्जे में लिए हैं, जिसमें निखिल की आखिरी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। पुलिस उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाल रही है ताकि इस आत्मघाती कदम के पीछे की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

    यह घटना याद दिलाती है कि रिश्तों का टूटना दुखद हो सकता है, लेकिन अपनी जान लेना समाधान नहीं; निखिल ने 350 KM का सफर अपनी मोहब्बत पाने के लिए तय किया था, पर अंत में उसने अपने परिवार को कभी न खत्म होने वाला दर्द दे दिया।

  • ग्वालियर में कोहरे की मार खत्म, बरौनी मेल और सुमावली मेमू फिर पटरी पर, यात्रियों को बड़ी राहत

    ग्वालियर में कोहरे की मार खत्म, बरौनी मेल और सुमावली मेमू फिर पटरी पर, यात्रियों को बड़ी राहत


    नई दिल्ली। कोहरा हटते ही ग्वालियर रूट पर ट्रेनों की रफ्तार लौटी, बरौनी मेल और सुमावली मेमू पुराने शेड्यूल पर सर्दियों में घने कोहरे के कारण प्रभावित हुई रेल सेवाएं अब पटरी पर लौट आई हैं। मौसम सामान्य होते ही रेलवे प्रशासन ने ग्वालियर से संचालित कई ट्रेनों के अस्थायी रूप से कम किए गए फेरे बहाल कर दिए हैं।
    इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। कोहरे के चलते बरौनी मेल के फेरे सप्ताह में दो दिन सोमवार और गुरुवार के लिए कम कर दिए गए थे। इस कारण यह ट्रेन ग्वालियर से केवल पांच दिन ही संचालित हो रही थी। अब रेलवे ने इसे फिर से नियमित शेड्यूल पर चलाने का निर्णय लिया है। ग्वालियर से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए बरौनी मेल अहम कड़ी है। बरौनी के लिए यह एकमात्र सीधी ट्रेन मानी जाती है, जिससे हजारों यात्री नियमित सफर करते हैं। फेरे कम होने से यात्रियों को या तो वैकल्पिक ट्रेनों का सहारा लेना पड़ रहा था या यात्रा स्थगित करनी पड़ रही थी।
    इसी तरह ग्वालियर-सुमावली रूट पर चलने वाली मेमू ट्रेन का एक फेरा भी अस्थायी रूप से घटाया गया था। इस ट्रेन से रोजाना करीब एक हजार यात्री सफर करते हैं। फेरा कम होने के कारण अन्य ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई थी और यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। अब इस मेमू का पूरा संचालन भी पूर्ववत कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। सभी संबंधित ट्रेनों को निर्धारित समय और आवृत्ति के अनुसार चलाया जा रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन का समय एक बार अवश्य जांच लें। रेलवे को उम्मीद है कि ट्रेनों के फेरे बहाल होने से न केवल यात्रियों की परेशानी कम होगी, बल्कि राजस्व में भी वृद्धि होगी।
  • ग्वालियर में ट्रक ने कार को घसीटते हुए पहुंचाया सड़कों पर हड़कंप, चार लोग सुरक्षित

    ग्वालियर में ट्रक ने कार को घसीटते हुए पहुंचाया सड़कों पर हड़कंप, चार लोग सुरक्षित


    ग्वालियर । ग्वालियर के एनएच-44 पर बझेरा से कल्याणी तिराहे के बीच सोमवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि एक ट्रक ने कार को जोरदार टक्कर मारने के बाद लगभग एक किलोमीटर तक घसीटा।

    कार में चार लोग सवार थे और भाग्यवश सभी सुरक्षित हैं। हालांकि घटना के दौरान हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने पूरी घटना का वीडियो बनाया जो इंटरनेट और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    इस हादसे ने एनएच-44 पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वाहन चालकों और राहगीरों के लिए यह घटना चेतावनी की तरह है कि हाईवे पर वाहन चालकों की सतर्कता और सुरक्षा मानकों का पालन कितना आवश्यक है।

    स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी घटनास्थल का मुआयना कर रहे हैं और ट्रक ड्राइवर की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हैं। पुलिस ने यात्रियों और आम लोगों से अपील की है कि वे हाईवे पर सावधानी बरतें और तेज गति से वाहन चलाने से बचें।

    वायरल वीडियो में ट्रक और कार के बीच टक्कर का पूरा घटनाक्रम दिखाई दे रहा है जिससे सुरक्षा उपायों और हाईवे पर निगरानी की कमी पर सवाल उठते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए हाईवे पर नियमित चेकिंग स्पीड लिमिट का पालन और बेहतर सड़क सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।

    यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि सड़क सुरक्षा में थोड़ी भी लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। कार सवार चारों लोग घायल नहीं हुए लेकिन इस घटना ने हाईवे पर सतर्कता और नियमों का पालन करने की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।

  • ग्वालियर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: डबरा में 1 करोड़ की सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त

    ग्वालियर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: डबरा में 1 करोड़ की सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त


    ग्वालियर । ग्वालियर जिले में सरकारी जमीनों पर कब्जा हटाने की मुहिम तेज हो गई है। इसी क्रम में रविवार को जिला प्रशासन ने डबरा के ग्राम सहराई में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग एक करोड़ रुपए मूल्य की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। कार्रवाई कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर की गई। राजस्व विभाग की टीम ने ग्राम सहराई में खसरा नंबर 127 और 320 पर स्थित कुल 1.07 हेक्टेयर जमीन को कब्जे से मुक्त कराया।
    जानकारी के अनुसार कुछ किसानों ने इस सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था और जेसीबी मशीन की मदद से मेड़ बनाकर सीमांकन कर लिया था। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी से बनाई गई मेड़ को हटवाया और जमीन को पुनः शासकीय नियंत्रण में लिया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल तैनात रहा। डबरा नगर पालिका का अमला भी मौके पर मौजूद रहा।
    अतिक्रमण हटाने के बाद मुक्त कराई गई भूमि को विधिवत रूप से डबरा नगर पालिका को सौंप दिया गया। प्रशासन के अनुसार इस जमीन का अनुमानित बाजार मूल्य करीब एक करोड़ रुपए है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार की मंशा के अनुरूप जिलेभर में शासकीय भूमि की सुरक्षा और अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।