Category: Madhya Pradesh

  • हैवानियत की पराकाष्ठा! खेलने के बहाने गोद में उठाया और उजाड़ दी मासूम की दुनिया; दमोह पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

    हैवानियत की पराकाष्ठा! खेलने के बहाने गोद में उठाया और उजाड़ दी मासूम की दुनिया; दमोह पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन


    दमोह: मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जिसने न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि समाज के सुरक्षा दावों पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। नोहटा थाना क्षेत्र के एक शांत गांव में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक नरपिशाच पड़ोसी ने महज 9 माह की मासूम बच्ची को अपनी दरिंदगी का शिकार बना डाला। इस जघन्य कृत्य के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

    घटना के संदर्भ में प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक पीड़ित परिवार का पड़ोसी बताया जा रहा है। वह अक्सर बच्ची के घर आता-जाता था और परिवार का उस पर भरोसा था। वारदात वाले दिन, आरोपी ने मासूम की मां के पास जाकर उसे अपनी गोद में लिया और यह कहकर बाहर ले गया कि वह बच्ची के साथ कुछ देर खेलना चाहता है। मां को अंदाजा भी नहीं था कि जिसे वह अपना पड़ोसी और शुभचिंतक समझ रही है, वह वास्तव में एक भेड़िया है जो उसकी कोख से जन्मी नन्हीं सी जान को नोंचने की ताक में बैठा है।

    आरोपी मासूम को एकांत स्थान पर ले गया और वहां उसके साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। कुछ देर बाद जब बच्ची की चीखें बंद हुईं और उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो आरोपी घबरा गया। वह मरणासन्न हालत में मासूम को उसकी मां के पास छोड़कर मौके से फरार हो गया। बच्ची की नाजुक स्थिति और उसके शरीर पर चोट के निशान देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में मासूम को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति अत्यंत गंभीर बताई है।

    इस बर्बरता की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ सड़कों पर उतर आई और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के साथ-साथ उसे बीच चौराहे पर सख्त सजा देने की मांग करने लगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकASP सुजीत सिंह भदोरिया सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया।

    पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्टPOCSO Act और दुष्कर्म की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और मामले की फास्ट ट्रैक सुनवाई कराकर उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। फिलहाल, पूरा गांव गम और गुस्से में डूबा हुआ है और हर कोई बस यही दुआ कर रहा है कि वह मासूम इस मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकल आए।

  • आधी रात भड़की आग ने मचाया तांडव: ग्वालियर के टेंट गोदाम में 50 लाख राख, 10 फीट तक उठीं लपटें

    आधी रात भड़की आग ने मचाया तांडव: ग्वालियर के टेंट गोदाम में 50 लाख राख, 10 फीट तक उठीं लपटें


    ग्वालियरमध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में शुक्रवार-शनिवार दरमियानी रात भीषण आग की घटना सामने आई। नाका चंद्रवदनी इलाके में स्थित एक टेंट गोदाम में अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। करीब 10 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं, जो दूर सड़क से साफ दिखाई दे रही थीं। धुएं का गुबार पूरे इलाके में फैल गया, जिससे आसपास के रहवासी इलाकों में हड़कंप मच गया।

    घटना हीरा भूमिया मंदिर के पास स्थित टेंट व्यवसायी अवधेश सिंह यादव के गोदाम की बताई जा रही है। अवधेश शादी समारोहों में टेंट और डेकोरेशन का काम करते हैं और उनका पूरा सामान इसी गोदाम में रखा था। बताया गया कि होलिका अष्टक के चलते विवाह समारोह फिलहाल बंद थे, इसलिए अलग-अलग स्थानों से लाया गया सारा टेंट और सजावटी सामान एक ही जगह स्टोर कर दिया गया था।

    रात करीब 2 से 3 बजे के बीच अचानक आग भड़क उठी। जब तक लोगों को जानकारी मिली, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही सात दमकल वाहन मौके पर पहुंचे, लेकिन संकरी गलियों के कारण उन्हें गोदाम तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।

    आग इतनी भीषण थी कि चारों ओर से पानी डालने के बावजूद काबू में नहीं आ रही थी। अंततः दमकल कर्मियों को गोदाम की दीवार तोड़नी पड़ी, ताकि अंदर तक पानी पहुंचाया जा सके। टेंट का कपड़ा, प्लास्टिक और डेकोरेशन में इस्तेमाल होने वाली वायरिंग के कारण आग तेजी से फैलती रही। करीब चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद सुबह लगभग 7 बजे आग पर काबू पाया जा सका।

    घटना में गोदाम में रखा टेंट, सजावटी सामग्री, सीजन के लिए खरीदा गया नया सामान, एक लोडिंग वाहन और एक बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो गए। गोदाम मालिक के अनुसार कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

    सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि आग रिहायशी इलाके तक नहीं फैली। यदि लपटें आसपास के मकानों तक पहुंच जातीं, तो बड़ा हादसा हो सकता था। दमकल कर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा नुकसान टल गया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और फायर विभाग ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के बाद ही आग के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन इस घटना ने घनी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

  • सतना में युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला, घर से गहने लेकर भागा था युवक

    सतना में युवक की हत्या का सनसनीखेज मामला, घर से गहने लेकर भागा था युवक


    सतना । मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक गंभीर घटना ने क्षेत्र में सनसनी मचा दी है। नागौद थाना क्षेत्र के डुडहा के जंगल में मंगलवार को एक युवक का शव रक्तरंजित अवस्था में मिला। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हत्या की आशंका जताई है। बताया जा रहा है कि युवक कुछ समय पहले घर से गहने लेकर भागा था। वहीं, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या युवक की हत्या किसी व्यक्तिगत विवाद, लूटपाट या किसी और कारण से हुई है।

    अधिकारियों ने बताया कि शव की पहचान करने और हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित सुराग जुटाए जा रहे हैं। आसपास के इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की भी छानबीन की जा रही है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर किसी ने घटना के समय कुछ देखा हो या संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी हो तो तत्काल सूचना दें।

    पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है और पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों तक पहुँचने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

    स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और इलाके में सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त टीम तैनात की है। पुलिस ने कहा कि इस तरह की क्रूर घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को जल्द ही कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।

  • सोलापुर से बंधुआ मजदूरी के जाल में फंसे 18 मजदूर बैतूल में हुए मुक्त

    सोलापुर से बंधुआ मजदूरी के जाल में फंसे 18 मजदूर बैतूल में हुए मुक्त


    बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक गंभीर बंधुआ मजदूरी का मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 18 मजदूरों को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से बंधुआ मजदूरी की स्थिति से मुक्त कराया गया। मजदूरों ने बताया कि उन्हें रोजगार का झांसा देकर वहां ले जाया गया और तीन महीने तक जबरन गन्ना कटाई का काम कराया गया। इस दौरान उन्हें ना तो उचित वेतन मिला और ना ही उनकी स्वतंत्रता का सम्मान किया गया।

    मुक्त कराए गए मजदूरों ने ठेकेदार और एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव में रखा गया और काम के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं दी गई। मजदूरों ने यह भी कहा कि बकाया वेतन न मिलने के कारण उनका आर्थिक नुकसान हुआ है और इस मामले में न्याय की आवश्यकता है।

    स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और बकाया मेहनताना मजदूरों को दिलाने के लिए विशेष टीम लगाई गई है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि बंधुआ मजदूरी जैसी अवैध प्रथाओं को प्रशासन बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने सामाजिक और कानूनी मोर्चे पर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मजदूरों को रोजगार का झांसा देकर बंधक बनाना गंभीर अपराध है, जो मानवाधिकारों के उल्लंघन के अंतर्गत आता है। उन्होंने लोगों से जागरूक रहने और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह दी।

    मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई ने यह भी संकेत दिया कि राज्य और केंद्र सरकार बंधुआ मजदूरी जैसे मामलों में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रही है और प्रभावित मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव उपाय कर रही है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। इस प्रकार यह घटना न केवल बैतूल बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में बंधुआ मजदूरी के खिलाफ एक चेतावनी स्वरूप भी है।

  • DAVV गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं पर बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव, आरोपी छात्रा निष्कासित

    DAVV गर्ल्स हॉस्टल में छात्राओं पर बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव, आरोपी छात्रा निष्कासित


    इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कमला नेहरू गर्ल्स हॉस्टल में फर्स्ट ईयर की एक छात्रा पर अन्य छात्राओं विशेषकर जूनियर्स को कॉलेज लाइफ एंजॉय करने के बहाने बॉयफ्रेंड बनाने का मानसिक दबाव डालने का आरोप लगा है। पांच छात्राओं ने लिखित शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद हॉस्टल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी छात्रा को निष्कासित कर दिया।

    शिकायतकर्ताओं के अनुसार आरोपी छात्रा मोबाइल ऐप्स के जरिए अज्ञात युवकों से वीडियो कॉल करती थी और अन्य छात्राओं को भी उनसे संपर्क करने या बॉयफ्रेंड बनाने के लिए उकसाती थी। वह बार-बार कहती थी कॉलेज लाइफ एंजॉय करो बॉयफ्रेंड बनाओ। जांच में छात्रा के मोबाइल और कमरे से आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात भी सामने आई है।

    हॉस्टल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की है जो पूरे नेटवर्क और संभावित गतिविधियों की छानबीन कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि छात्राओं की सुरक्षा और अनुशासन सर्वोपरि हैं।

    घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कुछ रिपोर्ट्स में आरोपी छात्रा के समुदाय और संभावित जिहाद एजेंडा का भी जिक्र किया गया है हालांकि अभी आधिकारिक जांच जारी है। प्रशासन ने कहा कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर दी शुभकामनाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर दी शुभकामनाएं


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी 1928 को महान वैज्ञानिक डॉ. सी.वी. रमन ने ‘रमन प्रभाव’ की खोज की थी जिसने विश्व विज्ञान जगत को नई दिशा दी।

    डॉ. यादव ने कहा कि इसी ऐतिहासिक उपलब्धि को स्मरण करते हुए 28 फरवरी को देश में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य समाज में विज्ञान के प्रति जागरूकता लाना और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह अवसर विज्ञान के क्षेत्र में समर्पित प्रतिभाओं को विश्व कल्याण के लिए प्रेरित करता रहेगा और नई खोजों और नवाचारों को बढ़ावा देगा।

  • पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने महाकाल की भस्म आरती में लिया आशीर्वाद, नंदी हॉल में किया ध्यान

    पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने महाकाल की भस्म आरती में लिया आशीर्वाद, नंदी हॉल में किया ध्यान


    उज्जैन। भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज तड़के उज्जैन स्थित ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे और भस्म आरती में शामिल हुए। भस्म आरती में बाबा महाकाल के दर्शन लाभ लेने के बाद उन्हें श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।

    इस दौरान पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि भारत में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है जो हमारी वर्षों पुरानी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों का संरक्षण और विकास सराहनीय है।

    धनखड़ ने कहा मैं प्रशासन की सरलता सुगमता और लगनशीलता से बहुत प्रभावित हूं। यहां सभी से समानता का व्यवहार किया जा रहा है। मैं एक स्वच्छ छवि लेकर यहां से जा रहा हूं। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर में आकर अहंकार ईर्ष्या अहम और प्रतिशोध का त्याग होता है।

    इसके बाद पूर्व उपराष्ट्रपति नंदी हॉल में बैठकर ध्यान साधना में लीन हुए। उनका यह दौरा धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है साथ ही यह महाकालेश्वर मंदिर की लोकप्रियता और अनुशासन को भी दर्शाता है।

  • पंधाना थाना पुलिस ने 9 जुआरी पकड़े बाइक और कार समेत लाखों की संपत्ति जब्त

    पंधाना थाना पुलिस ने 9 जुआरी पकड़े बाइक और कार समेत लाखों की संपत्ति जब्त


    खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र में पुलिस ने देर रात अवैध जुआ खेल रहे 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में पुलिस ने नगदी, तीन मोटरसाइकिल और दो कारें जब्त की हैं। कुल जब्त सामग्री की कीमत 3,79,465 रुपए आंकी गई है।

    टीआई दिलीपसिंह देवड़ा को सूचना मिली कि खापरी गांव के बाहर ईंट भट्टे के पास कुछ लोग ताश के पत्तों पर हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति से पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व डीएसपी मुख्यालय के मार्गदर्शन में टीम गठित कर दबिश दी गई।

    पुलिस टीम ने मौके पर पंचों के साथ घेराबंदी कर 9 लोगों को पकड़ा। सभी आरोपी और जब्त सामान विधिवत थाने लाए गए। आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट की धारा 13 के तहत अपराध क्रमांक 81/26 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

    गिरफ्तार आरोपी:

    भूपेंद्र यादव (33), घुघरिया खेड़ी, थाना गोगावा

    दिलावर शाह (48), ग्राम टेमी

    कृष्णा सेन (40), ग्राम बगमार

    योगेंद्र राजावत (24), ग्राम जामली

    जितेंद्र पटेल (30), बगमार

    अक्तर खान (38), पंधाना

    सलीम खान (40), पंधाना

    वसीम (36), सिविल लाइन, खंडवा

    अशफाक खान (42), पंधाना

    मौके से जब्त सामान:

    नगदी: 24,465 रुपए

    52 ताश के पत्ते

    मोटरसाइकिल MP-12-MW-9725 (करीब 20 हजार रुपए)

    मोटरसाइकिल MP-12-MW-6281 (करीब 15 हजार रुपए)

    मोटरसाइकिल MP-12-MW-7690 (करीब 20 हजार रुपए)

    टाटा कार MP-12-ZG-6502 (करीब 1.20 लाख रुपए)

    मारुति सुजुकी आर्टिगा MP-09-WD-8070 (करीब 1.80 लाख रुपए)

    पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई जारी है और बाकी सहयोगियों की पहचान के लिए जांच बढ़ाई जा रही है।

  • दिव्यांगों के 22 हजार खाली पदों पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब अगली सुनवाई 15 अप्रैल

    दिव्यांगों के 22 हजार खाली पदों पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब अगली सुनवाई 15 अप्रैल


    जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिव्यांगों के रिक्त पदों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस डीडी बंसल की एकल पीठ ने शुक्रवार को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला और मध्य प्रदेश वेयरहाउस एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक अनुराग वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने जवाब 15 अप्रैल तक देने का निर्देश दिया है।

    कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से पूछा कि पूर्व आदेश के बावजूद विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के रिक्त पद अब तक क्यों नहीं भरे गए। यह मामला करीब 22 हजार खाली पदों का है। कोर्ट ने 30 जनवरी 2024 को दिए गए आदेशों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

    दरअसल, नरसिंहपुर निवासी दिव्यांग अभ्यर्थी राजेंद्र मेहरा ने याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इससे पहले भी इसी संबंध में याचिका दायर की गई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने रिक्त पद भरने के आदेश दिए थे।

    सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील शिवम त्रिपाठी ने दावा किया कि संबंधित अधिकारी जानबूझकर अदालत के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। उन्होंने इसे अवमानना का मामला बताया। कोर्ट ने प्रमुख सचिव सहित अन्य अधिकारियों को 15 अप्रैल तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

    अगली सुनवाई में हाईकोर्ट इस बात का जायजा लेगा कि कितने पद भरे गए और किन कारणों से अभी तक रिक्त पदों को भरने में देरी हो रही है। यह मामला दिव्यांगों के अधिकारों और सरकारी जवाबदेही की दिशा में अहम माना जा रहा है।

  • खंडवा में बेकाबू ट्रक हादसा: शिक्षक की मौत, घंटों की कोशिश के बाद निकाला शव

    खंडवा में बेकाबू ट्रक हादसा: शिक्षक की मौत, घंटों की कोशिश के बाद निकाला शव


    खंडवा । पिपलोद खास बस स्टैंड के पास मंगलवार तड़के करीब 3 बजे एक भयानक सड़क हादसा हुआ जिसमें शिक्षक सोहन सिंह चौहान की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार ट्रक बस स्टैंड के टर्न पर पहुंचा तो ड्राइवर का स्टेयरिंग नियंत्रण से बाहर हो गया। ट्रक सीधे रोड से उतरते हुए वहां बनी तीन दुकानों और एक पेड़ को तोड़ता हुआ आगे बढ़ा।

    हादसे के समय ट्रक में रखी कपास की गठानें सड़क और फुटपाथ पर बिखर गईं। ट्रक के नीचे दबे शिक्षक का शव कई घंटे की मेहनत के बाद रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार ट्रक डेढ़ तलाई से इंदौर की ओर जा रहा था। हादसे में ट्रक ड्राइवर और क्लीनर को मामूली चोटें आई हैं।

    शिक्षक सोहन सिंह चौहान अपने स्कूल के काम से इंदौर जाने के लिए घर से तड़के 3 बजे निकले थे। बस स्टैंड के मोड़ पर वह एक दुकान के नीचे खड़े होकर बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

    रेस्क्यू टीम ने ट्रक के नीचे फंसे शव को सुरक्षित बाहर निकाला और आसपास बिखरी कपास की गठानें हटाई। हादसे ने इलाके में सन्नाटा और शोक की लहर दौड़ा दी है। अधिकारियों ने कहा कि आगे ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सड़क सुरक्षा और वाहन की गति पर कड़ी नजर रखी जाएगी।