Category: Madhya Pradesh

  • ईरान संकट: खामेनेई की मौत के बीच भोपाल में शिया समुदाय ने दी श्रद्धांजलि, जोहर नमाज़ के बाद विशेष कार्यक्रम

    ईरान संकट: खामेनेई की मौत के बीच भोपाल में शिया समुदाय ने दी श्रद्धांजलि, जोहर नमाज़ के बाद विशेष कार्यक्रम


    भोपाल। भोपाल के शिया समुदाय ने आज शिया मस्जिद में जोहर की नमाज़ के बाद सम्मान और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर लोगों ने भाग लिया। इस सभा में ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके जीवन, संघर्ष और योगदान पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम शांतिपूर्वक आयोजित किया गया और आयोजकों ने समुदाय के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।

    क्या हुआ — घटना और पुष्टि:
    28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों और राज्य‑स्तरीय घोषणाओं में आ चुकी है। संयुक्त आक्रमण में कई वरिष्ठ अधिकारियों व सैन्य नेतृत्व को भी निशाना बनाया गया था। ईरानी सरकारी मीडिया ने खामेनेई की मौत की पुष्टि की और 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।

    खामेनेई का राजनीतिक व धार्मिक सफर
    खामेनेई ने 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद तेजी से राजनीतिक उभरते हुए नेतृत्व में खुद को स्थापित किया।
    1981‑88 के दौरान उन्होंने राजनीतिक भूमिकाएँ निभाईं और 1989 में ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) बने।
    इस पद पर रहते हुए उन्होंने देश की राजनीतिक, सैन्य और धार्मिक नीतियों को 35 से अधिक वर्षों तक नियंत्रित किया।
    ईरानी शासन व्यवस्था के मुताबिक सुप्रीम लीडर के पद के लिए ‘अयातुल्ला’ का धार्मिक दर्जा आवश्यक है, जो बताता है कि यह पद सिर्फ एक उच्च धार्मिक नेता को ही मिल सकता है।

    अमेरिका और इजरायल का संघर्ष
    अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर पिछले कुछ महीनों से लगातार दबाव बनाया था, विशेष रूप से परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल विकास और मध्य पूर्व में प्रभाव विस्तार के मद्देनजर। ईरान पर यह हमला उस तनाव का हिस्सा माना जा रहा है जिसने क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

    क्या आगे हो सकता है?
    खामेनेई की मौत न केवल ईरान की आंतरिक राजनीति में विघटन का संकेत है, बल्कि इससे मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव भी आने की आशंका जताई जा रही है। संभावित नेतृत्व संकट और विद्रोही आंदोलन दोनों ही इस क्षेत्र में बढ़ सकती हैं।

  • भोपाल में होली मेला: ऑर्गेनिक गुलाल, महुआ के लड्डू और रोजगार का रंगीन संगम

    भोपाल में होली मेला: ऑर्गेनिक गुलाल, महुआ के लड्डू और रोजगार का रंगीन संगम

    नई दिल्ली। भोपाल में होली के अवसर पर डीबी मॉल के पास भोपाल हाट में 21 फरवरी से 2 मार्च तक आयोजित होली मेला अपने आप में खास रहा। इस मेले का उद्देश्य आजिविका समूहों की महिलाओं को बाजार उपलब्ध कराना, उनके हाथों से बने उत्पादों को पहचान दिलाना और लोगों को शुद्ध, घरेलू सामान उपलब्ध कराना है।

    15 से 20 जिलों की दीदियां आईं
    भोपाल, भिंड, मुरैना, इंदौर, सीहोर, सागर, सीधी, बालाघाट, शहडोल, अनूपपुर, सिंगरौली, सतना, दमोह, छतरपुर, निवाड़ी, धार, झाबुआ, मंदसौर, खरगोन, बैतूल, विदिशा और बुरहानपुर से आजीविका दीदियां अपने उत्पाद बेचने आईं।

    ऑर्गेनिक गुलाल और पारंपरिक व्यंजन

    बालाघाट की दीदियों ने ऑर्गेनिक गुलाल बनाया: अरारोट और पलाश के फूल सुखाकर, हल्दी, बेसन और चुकंदर जैसी प्राकृतिक सामग्री से रंग तैयार किया गया।
    सीधी से महुआ के लड्डू: जोड़ों के दर्द, कमजोरी और सांस की तकलीफ में मददगार।
    अनूपपुर के कोदो बिस्किट: किसानों से सीधे लेकर, बिना मिलावट के हाथों से तैयार।
    शुद्ध मसाले, खोया और पारंपरिक गुजिया भी उपलब्ध।

    रंगों के साथ रोजगार का उत्सव
    यह मेला केवल खरीद-बिक्री का केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता और हुनर का प्रदर्शन है। आजीविका मार्ट के माध्यम से महिलाओं को अपनी कला और मेहनत दिखाने का मंच मिला।धर्मेंद्र सेठ ने बताया कि मेला इस लिहाज से खास है कि घर का बना शुद्ध सामान लोगों को मिल रहा है, जिससे भरोसे के साथ खरीदारी संभव हो रही है।होली के रंगों के साथ यह मेला आजीविका का संगम न केवल त्योहार को खास बना रहा है, बल्कि ग्रामीण बहनों की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

  • कूनो नदी में 10 घड़ियाल और कछुए करेंगे आज सुबह प्राकृतिक आवास में प्रवेश, CM मोहन यादव करेंगे उद्धार अभियान का शुभारंभ

    कूनो नदी में 10 घड़ियाल और कछुए करेंगे आज सुबह प्राकृतिक आवास में प्रवेश, CM मोहन यादव करेंगे उद्धार अभियान का शुभारंभ


    मध्यप्रदेश के मोहन यादव आज 1 मार्च 2026 को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में वन्यजीव संरक्षण अभियान के तहत घड़ियाल और कछुए छोड़ने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर करीब एक बजे हेलीकॉप्टर से कूनो पहुंचेंगे। यहां कूनो नदी में 10 घड़ियालों और कुछ कछुओं को प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। यह पहल राज्य सरकार की वन्यजीव संरक्षण नीति का हिस्सा है और इसका उद्देश्य कूनो नेशनल पार्क में जैव विविधता को मजबूत करना तथा नदी पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित बनाए रखना है।

    बताया गया है कि यह कार्यक्रम पहले 28 फरवरी को प्रस्तावित था, लेकिन उस दिन मुख्यमंत्री उपस्थित नहीं हो सके थे। उस समय बोत्सवाना से लाए गए नौ चीतों को कूनो में छोड़ने की योजना थी, जिसमें केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने भाग लिया। आज का कार्यक्रम पुनर्निर्धारित रूप से घड़ियाल और कछुए संरक्षण अभियान को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है।

    सीएम के आगमन को देखते हुए कूनो क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि किसी भी स्तर पर सुरक्षा में कोई चूक न हो।

    विशेषज्ञों के अनुसार घड़ियाल और कछुए नदी पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण घटक हैं। इनकी उपस्थिति से जलाशयों का प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। इस तरह के संरक्षण प्रयास लुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा में मदद करते हैं और क्षेत्र को इको-टूरिज्म के रूप में पहचान दिलाने में भी सहायक होते हैं।

    कूनो में लगभग एक घंटे का प्रवास पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव हेलीकॉप्टर से अशोकनगर के लिए रवाना होंगे। यह कार्यक्रम न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि राज्य में जैव विविधता और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रतीक भी माना जा रहा है।

  • MP Morning News: सीएम ग्वालियर-श्योपुर दौरे पर, बसों की हड़ताल रद्द, कूनो पहुंचे 9 नए चीते और मार्च में खुलेंगे सभी बिजली बिल केंद्र

    MP Morning News: सीएम ग्वालियर-श्योपुर दौरे पर, बसों की हड़ताल रद्द, कूनो पहुंचे 9 नए चीते और मार्च में खुलेंगे सभी बिजली बिल केंद्र


    भोपाल। मध्य प्रदेश की सुबह की ताज़ा खबरों में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दौरे से लेकर बसों की हड़ताल रद्द होने और कूनो नेशनल पार्क में नए चीते के आगमन तक की जानकारी शामिल है। साथ ही मार्च में सभी छुट्टियों में बिजली बिल भुगतान केंद्र खुले रहेंगे।

    सीएम डॉ मोहन यादव का दौरा

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज रविवार को कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे सुबह 11:00 बजे भोपाल से ग्वालियर के लिए रवाना होंगे। ग्वालियर में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दोपहर 12:50 बजे श्योपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। श्योपुर में घड़ियाल और कछुओं का रिलीज कार्यक्रम होगा। इसके बाद दोपहर 2:40 बजे अशोकनगर में स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे और शाम 4:25 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।

    2 मार्च को बसों की हड़ताल रद्द
    मध्य प्रदेश में 2 मार्च को बसों की हड़ताल नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की बैठक के बाद बस ऑपरेटरों ने हड़ताल रद्द करने का फैसला लिया। परिवहन विभाग से जुड़े विवादित राजपत्र फिलहाल होल्ड पर रहेंगे। इस फैसले के बाद राज्य में बसों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

    चार साल में 56,128 आत्महत्या के मामले

    मध्य प्रदेश में 1 जनवरी 2022 से अब तक 56,128 लोगों ने खुदकुशी की है। डिप्रेशन से जुड़े मामलों में 7,000 से अधिक मौतें हुई हैं। पारिवारिक कलह, नशे की लत, आर्थिक तंगी और कर्ज जैसे कारणों से यह संख्या बढ़ी है। आंकड़े इस प्रकार हैं:

    14% डिप्रेशन से

    11% लंबी बीमारियों से

    9% नशे की लत से

    7% कर्ज/आर्थिक तंगी से

    5% अकेलेपन के कारण

    4% प्रेम प्रसंग में असफलता

    कूनो नेशनल पार्क में 9 नए चीते

    बोत्सवाना से 6 मादा और 3 नर चीते शनिवार को मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। अब देश में चीतों की कुल संख्या 48 हो गई है, जिसमें 45 कूनो में और 3 गांधीसागर में हैं।

    मार्च में सभी छुट्टियों में खुलेंगे बिजली बिल केंद्र

    मार्च में राज्य के सभी अवकाशों पर भी बिजली बिल भुगतान केंद्र खुले रहेंगे। इसमें शनिवार, रविवार और त्योहार जैसे होली 3 मार्च गुड़ी पड़वां 19 मार्च जमात उल विदा ईद उल-फितर 20 मार्च रानी अवंती बाई का बलिदान दिवस, रामनवमीं 27 मार्च और महावीर जयंती 31 मार्च शामिल हैं।मध्य प्रदेश में ये फैसले और कार्यक्रम नागरिकों के लिए राहत और सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिए गए हैं।

  • भोपाल में कलियासोत डैम किनारे से अवैध डेयरियों पर बड़ी कार्रवाई: 9 हटाए गए, बाकी पर भी होगी सख्ती

    भोपाल में कलियासोत डैम किनारे से अवैध डेयरियों पर बड़ी कार्रवाई: 9 हटाए गए, बाकी पर भी होगी सख्ती


    भोपाल । भोपाल के कलियासोत डैम के किनारे अवैध रूप से स्थापित डेयरियों के खिलाफ शनिवार को प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के तहत टीटी नगर तहसीलदार कुणाल राउत की मौजूदगी में राजस्व, नगर निगम और पुलिस की टीम ने जेसीबी की मदद से 9 अवैध डेयरियों को तोड़कर हटाया। यह कार्रवाई डैम के सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों की उल्लंघना के चलते की गई।

    सिरपुर गांव के कलियासोत डैम किनारे कुल 18 अवैध डेयरियां बनी हुई थीं, जिनमें पशु पालन और दुग्ध उत्पादन भी किया जा रहा था। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान डेयरियों के मालिकों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताया, लेकिन अधिकारियों ने एनजीटी के निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई जारी रखी। जेसीबी मशीनों की मदद से एक-एक करके डेयरियां हटाई गईं, जिससे आसपास का क्षेत्र सुरक्षित और नियमों के अनुरूप हो गया।

    तहसीलदार कुणाल राउत ने बताया कि एनजीटी के आदेश के अनुसार सिरपुर गांव में कुल 18 अवैध डेयरियों में से 9 को हटाया गया है और बाकी 9 डेयरियों को भी जल्द ही हटाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भोपाल के बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 50 मीटर के दायरे में 16 मार्च 2022 के बाद बने सभी निर्माण अवैध माने जाएंगे। इस क्षेत्र में अब तक के सर्वे में कुल 153 झुग्गियां और पक्के निर्माण सामने आए हैं, जिनमें कुछ रसूखदारों के आलीशान मकान भी शामिल हैं।

    इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि भोपाल प्रशासन और एनजीटी किसी भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण के प्रति सख्ती से कदम उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों और डेयरियों के मालिकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि कानून के उल्लंघन पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। प्रशासन का कहना है कि डैम के आसपास पर्यावरण और जल सुरक्षा को बनाए रखना प्राथमिकता है, इसलिए आने वाले समय में भी ऐसे किसी निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    सारांश यह है कि भोपाल में कलियासोत डैम के किनारे अवैध डेयरियों के खिलाफ एनजीटी के निर्देश पर प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 9 डेयरियों को हटाया, और बाकी पर भी जल्द ही सख्ती की जाएगी। इस कदम से डैम के आसपास पर्यावरणीय सुरक्षा और कानून की नीतियों का पालन सुनिश्चित होगा।

  • उज्जैन में फाग महोत्सव की धूम, भक्तों ने मंदिरों में गुलाल-फूल से खेली होली, अन्य शहरों से भी उमड़े श्रद्धालु

    उज्जैन में फाग महोत्सव की धूम, भक्तों ने मंदिरों में गुलाल-फूल से खेली होली, अन्य शहरों से भी उमड़े श्रद्धालु


    उज्जैनधर्मनगरी उज्जैन में फाल्गुन मास के आगमन के साथ ही फाग महोत्सव का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। शनिवार को शहर के प्रमुख मंदिरों में भक्तों ने रंग-बिरंगी होली खेलते हुए भगवान के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा दिखाई। नई पेठ स्थित गजलक्ष्मी मंदिर, छत्री चौक का गोपाल मंदिर और खाटू श्याम जी मंदिर में भक्तों ने गुलाल और फूलों से भगवान के चरणों को सजाया और भजन-कीर्तन के मधुर गीतों के बीच पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

    मंदिरों में फाग उत्सव का आयोजन भक्ति, संगीत और रंगों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। मंदिर परिसर में श्रद्धालु अपने परिवार के साथ शामिल होकर भगवान के चरणों में प्रार्थना करते हुए गुलाल उड़ाते और फूलों की होली खेलते नजर आए। भजन-कीर्तन और कीर्तन के बीच भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा की रासलीला का स्मरण करते हुए होली के पारंपरिक उत्सव में भाग लिया।

    इस बार फाग महोत्सव में उज्जैन के अलावा देवास, इंदौर, रतलाम और आसपास के अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर प्रशासन और पुजारियों ने बताया कि फाल्गुन मास में होली का पर्व भगवान श्रीकृष्ण और राधा के साथ गोपियों द्वारा खेली गई होली की परंपरा का प्रतीक है। पुजारी अनिमेश शर्मा ने बताया कि यह उत्सव भक्तों के लिए भक्ति और उल्लास का अवसर होता है और प्रत्येक वर्ष बसंत पंचमी के बाद फाल्गुन मास की शुरुआत से इसे विशेष रूप से मनाया जाता है।

    फाग महोत्सव के दौरान मंदिरों में रंगों के साथ-साथ फूलों और पिचकारियों का भी आनंद लिया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के चरणों में रंगीन गुलाल डालते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया और भक्ति गीतों में सम्मिलित होकर उत्सव का आनंद लिया। मंदिरों में साफ-सफाई और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि बड़े पैमाने पर आए श्रद्धालु सुरक्षित रूप से इस रंगीन महोत्सव में भाग ले सकें।

    इस साल फाग महोत्सव में मंदिरों की सजावट भी आकर्षक थी। मंदिरों में फूलों और रंग-बिरंगी वस्तुओं से विशेष आयोजन किया गया, जिससे भक्तों को न केवल भक्ति का अनुभव मिला बल्कि होली के पारंपरिक रंगों का भी आनंद लेने का अवसर मिला।

    शहरवासियों और मंदिर प्रशासन ने फाग महोत्सव को सफल बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं का ख्याल रखा। श्रद्धालुओं ने बताया कि इस उत्सव के दौरान मंदिरों में रंग और फूलों से होली खेलना भगवान के प्रति उनकी आस्था और प्रेम को दर्शाता है।

    उज्जैन में फाग महोत्सव न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व रखता है बल्कि यह शहर में पर्यटन और सामाजिक मेलजोल को भी बढ़ावा देता है। इस उत्सव ने पूरे शहर को रंगों और खुशियों से सराबोर कर दिया।

  • उज्जैन में चोरी का बड़ा हमला: RSS पदाधिकारी पर हमला, आंख में गंभीर चोट, चेन्नई में मिलेगा इलाज

    उज्जैन में चोरी का बड़ा हमला: RSS पदाधिकारी पर हमला, आंख में गंभीर चोट, चेन्नई में मिलेगा इलाज



    उज्जैन उज्जैन के देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ कॉलोनी में 18 फरवरी की रात लगभग 2 बजे चोरी की नीयत से घुसे छह बदमाशों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारी अर्जुन सिंह पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। बताया गया कि हमलावरों ने उनके चेहरे पर हथियार से वार किया, जिससे उनकी आंख में गंभीर चोट आई। गंभीर स्थिति को देखते हुए उनका ऑपरेशन इंदौर के अस्पताल में किया गया और आगे के बेहतर इलाज के लिए उन्हें चेन्नई रेफर कर दिया गया।

    घटना के दौरान मकान मालिक मनोहर सिंह बाहर गए हुए थे और कॉलोनी निवासी अभिलाष जैन ने बताया कि संदिग्ध आवाज सुनकर आसपास के लोग जाग गए। अर्जुन सिंह मौके पर पहुंचे और बदमाशों को ललकारा, जिससे गुस्साए आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। यह वही मकान है जिसे 2023 में भी चोरों ने निशाना बनाया था।

    पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही नागझिरी थाना क्षेत्र में जाकर आसपास के सीसीटीवी फुटेज जुटाए और मामले की जांच शुरू की। घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें बदमाश सामान उठाते दिख रहे हैं। शनिवार को कॉलोनीवासी एसपी प्रदीप शर्मा से मिले और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। एसपी ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और भरोसा दिलाया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने रहवासियों को निजी सुरक्षा गार्ड बढ़ाने की सलाह दी।

    घटना ने उज्जैन की पार्श्वनाथ कॉलोनी में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और आरोपियों की पहचान के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

  • दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से बैठक: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बजट और प्रशासनिक मुद्दों पर जताई कड़ी अपील

    दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से बैठक: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बजट और प्रशासनिक मुद्दों पर जताई कड़ी अपील

    नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जिसमें दोनों ने राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में राज्य सरकार के बजट संबंधी बकाया राशि को समय पर जारी करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। चालू वित्त वर्ष में केंद्र से प्रदेश को कुल 44,000 करोड़ रुपए मिलने हैं, लेकिन जनवरी तक मात्र 9,500 करोड़ रुपए ही जारी किए जा सके हैं। इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्रियों से आग्रह किया कि बची हुई राशि 31 मार्च से पहले राज्य सरकार को उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रदेश में विकास कार्य और योजनाएं समय पर पूरी हो सकें।

    इसके अलावा मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से सौजन्य भेंट की। इस दौरान प्रदेश में संगठनात्मक सुधार और आगामी नियुक्तियों पर चर्चा हुई। इसी क्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी दिल्ली में मुलाकात की। इस बैठक में नर्मदा परियोजना के वैज्ञानिक अध्ययन और बलिदानी वीरनारी कार्यक्रम के संबंध में भी चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री का यह दिल्ली दौरा वित्तीय और प्रशासनिक मामलों के साथ-साथ संगठनात्मक सुधार और प्रदेश के विकास लक्ष्यों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्रियों और अन्य अधिकारियों से संवाद के जरिए प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बकाया राशि समय पर मिले और विकास योजनाएं बाधा रहित ढंग से लागू हो सकें। इस दौरे में प्रशासनिक मामलों, बजट वितरण और संगठनात्मक स्थिरता के मुद्दों पर फोकस किया गया।

  • उज्जैन दर्शन से लौटते समय नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके ने ससुराल पर लगाया दहेज हत्या का आरोप

    उज्जैन दर्शन से लौटते समय नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके ने ससुराल पर लगाया दहेज हत्या का आरोप

    नई दिल्ली। जबलपुर के कटंगी क्षेत्र के कैमोरी गांव निवासी नवविवाहिता पूजा साहू की मौत ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। पूजा की शादी 6 फरवरी 2026 को गढ़ा फाटक निवासी निखिल साहू से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद पूजा अपने पति और परिवार के साथ उज्जैन दर्शन के लिए गई थी। परिजनों के अनुसार, 20 फरवरी को जब वे वापस लौट रहे थे, तब पूजा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। पति निखिल ने परिवार को एक वीडियो भेजकर बताया कि पूजा की हालत खराब है। लेकिन रास्ते में तेंदूखेड़ा, दमोह के पास पूजा की मौत हो गई।

    मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि पूजा के साथ लगातार दहेज की मांग और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। परिजनों के अनुसार, शादी के समय 10 लाख रुपए की मांग की गई थी, जिसमें केवल 4 लाख रुपए दिए गए। पूजा ने अपनी मौत से पहले अपने मोबाइल के जरिए परिजनों को वीडियो भेजे थे, जिनमें उन्होंने ससुराल वालों के बर्ताव और अपनी व्यथा बताई। ये वीडियो अब पुलिस को साक्ष्य के रूप में सौंपे जा रहे हैं।

    पूजा की मौत के बाद पूरे साहू समाज में आक्रोश फैल गया। समाज के सैकड़ों लोग और मृतका के रिश्तेदार जबलपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह हत्या बीमारी का रूप देने की कोशिश है।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जीरो में मामला दर्ज कर जांच के लिए डायरी दमोह भेज दी है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इस मामले में पूजा की मौत ने परिवार और समाज में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। फिलहाल पुलिस साक्ष्यों और वीडियो की जांच कर रही है ताकि मामले की वास्तविकता सामने आ सके और न्याय सुनिश्चित हो।

  • बैतूल जेल में महिला कैदी ने चूड़ियां निगलकर आत्मघाती प्रयास किया, गम्भीर हालत में भोपाल रेफर

    बैतूल जेल में महिला कैदी ने चूड़ियां निगलकर आत्मघाती प्रयास किया, गम्भीर हालत में भोपाल रेफर

    नई दिल्ली। बैतूल जिला जेल की महिला बैरक में शनिवार सुबह हड़कंप मच गया, जब पति की हत्या के आरोप में बंद 21 वर्षीय कैदी पूनम उईके ने कांच की चूड़ियां पीसकर निगल लीं। घटना के बाद जेल प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति गंभीर होने के कारण उसे भोपाल रेफर कर दिया गया।

    पूनम अपने पति राजू उईके की हत्या के मामले में 18 दिसंबर 2025 से जेल में बंद है। घटना के समय बैरक में 18 अन्य महिला कैदी मौजूद थीं, लेकिन किसी को इसका पता नहीं चला। जेल में कड़ा सुरक्षा नियम होने के बावजूद पूनम के पास चूड़ियां कैसे पहुंचीं, यह एक गंभीर सवाल बन गया है। प्रभारी जेलर योगेश शर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।

    जिला अस्पताल के सिविल सर्जन के अनुसार, पूनम के गले के अंदरूनी हिस्से में कांच के टुकड़ों से गहरे जख्म हुए हैं। इन जख्मों को और गंभीर नुकसान न पहुंचे, इसके लिए महिला को बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है।

    पूनम की पर्सनल लाइफ और आपराधिक रिकॉर्ड काफी जटिल है। वह अपने पति की हत्या में महाराष्ट्र के तीन युवकों के साथ शामिल थी। शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि पूनम ने आत्मग्लानि या मानसिक तनाव के चलते यह कदम उठाया। चर्चा है कि पूनम का जेल में बॉयफ्रेंड भी मौजूद है, और यह घटना किसी दबाव या डिप्रेशन का नतीजा हो सकती है।

    घटना के बाद जेल प्रशासन ने महिला बैरक की निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासन दोनों ही महिला के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं और उसके विस्तृत बयान लेने की तैयारी कर रहे हैं। इस घटना ने न केवल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और कैदियों की सुरक्षा के महत्व को भी उजागर किया है।