Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर में दूषित पानी से मौतों का मामला हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी दोषियों पर कार्रवाई के संकेत

    इंदौर में दूषित पानी से मौतों का मामला हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी दोषियों पर कार्रवाई के संकेत


    इंदौर । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने मंगलवार को दूषित पेयजल के कारण होने वाली मौतों और बीमारियों को लेकर गंभीर टिप्पणी की। कोर्ट ने यह कहा कि इस घटना ने इंदौर की छवि को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया है। जो शहर देश का सबसे स्वच्छ माना जाता था आज वही दूषित पानी के कारण पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वच्छ पेयजल सिर्फ इंदौर के लिए नहीं बल्कि पूरे राज्य का मौलिक अधिकार है और इसे किसी भी स्थिति में नकारा नहीं जा सकता।

    कोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम को निर्देश दिया कि इस मामले में जवाब दाखिल कर स्थिति की रिपोर्ट पेश करें। इसके साथ ही यह भी कहा कि अगर भविष्य में दोषी अधिकारियों के खिलाफ सिविल और क्रिमिनल जिम्मेदारी तय करनी पड़ी तो अदालत इसमें कोई संकोच नहीं करेगी। यदि पीड़ितों को मुआवजा कम दिया गया है तो अदालत उचित निर्देश भी जारी करेगी।

    उधर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ता मंगलवार को भागीरथपुरा पहुंचे। पुलिस की तगड़ी सुरक्षा के बीच कांग्रेसी नेता वहां मृतकों के परिजनों से मिले और सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। पटवारी ने इंदौर के प्रभारी मंत्री महापौर और अन्य नेताओं से इस्तीफा भी मांगा।

    अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है और 110 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। बीमार होने वाले 421 लोगों में से 311 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है जबकि 15 मरीज आईसीयू में हैं। अस्पतालों में उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सामने आए हैं।

    कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पहले से की गई शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जिससे यह संकट उत्पन्न हुआ। याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट में बताया कि 2022 में महापौर द्वारा नई पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव पारित किया गया था लेकिन फंड न मिलने के कारण इस काम में देरी हो रही है। इसके अलावा 2017-18 में किए गए पानी के 60 सैंपल टेस्ट में से 59 पीने योग्य नहीं पाए गए थे लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम को 15 जनवरी को एक नई स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार में स्वच्छ पेयजल का अधिकार शामिल है और इसे नज़रअंदाज़ करना गंभीर मामला है।

    अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी जिसमें मुख्य सचिव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले से जुड़े मुद्दों को सात श्रेणियों में बांटा गया है जिनमें प्रभावित लोगों के लिए तत्काल निर्देश सुधारात्मक उपाय जिम्मेदारी तय करना अनुशासनात्मक कार्रवाई मुआवजा स्थानीय निकायों को निर्देश और जन-जागरूकता और पारदर्शिता शामिल हैं।

  • भोपाल में जल्द शुरू होगी वर्चुअल ऑटोप्सी बिना चीरफाड़ के पोस्टमॉर्टम की दिशा में बड़ा कदम

    भोपाल में जल्द शुरू होगी वर्चुअल ऑटोप्सी बिना चीरफाड़ के पोस्टमॉर्टम की दिशा में बड़ा कदम


    भोपाल । भोपाल में जल्द ही एक नई और आधुनिक तकनीक की शुरुआत होने जा रही है जो पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल सकती है। एम्स भोपाल में वर्चुअल ऑटोप्सी शुरू करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार से मंजूरी प्राप्त कर चुका है और अब इसे वित्त मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। अगर यह परियोजना मंजूर हो जाती है तो एम्स भोपाल मध्य प्रदेश का पहला अस्पताल होगा जहां यह तकनीक लागू की जाएगी।

    वर्चुअल ऑटोप्सी जिसे “नॉन-इवेजिव पोस्टमॉर्टम” भी कहा जाता है शव की सर्जिकल कट के बिना जांच करने का एक तरीका है। जापान और अन्य विकसित देशों में इस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसका मुख्य लाभ यह है कि इसमें शव को बिना किसी शारीरिक नुकसान के पूरी तरह से स्कैन किया जाता है। वर्चुअल ऑटोप्सी से प्राप्त रिपोर्ट डिजिटल साक्ष्य के रूप में बेहद मजबूत होती है और इनका उपयोग कानूनी मामलों में भी प्रमाण के तौर पर किया जा सकता है। उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति की मौत नस में ब्लॉकेज के कारण हुई है तो रिपोर्ट में उस नस की 3डी तस्वीर मौजूद होगी जिसमें तीन स्तरों पर ब्लॉकेज की स्थिति दिखाई जाएगी।

    एम्स भोपाल के लिए यह परियोजना इसलिए भी खास है क्योंकि पारंपरिक पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया में शव की चीरफाड़ होती है जो कई बार परिजनों के लिए मानसिक आघात का कारण बन सकती है। विशेष रूप से कुछ धार्मिक और सामाजिक कारणों से परिवार इस प्रक्रिया के खिलाफ होते हैं और ऐसे मामलों में विवाद भी उत्पन्न हो सकता है। वर्चुअल ऑटोप्सी के माध्यम से परिजनों को शव सही अवस्था में सौंपा जा सकेगा और उन्हें किसी तरह की मानसिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    वर्चुअल ऑटोप्सी की प्रक्रिया पारंपरिक पोस्टमॉर्टम से काफी तेज होती है। जहां पारंपरिक प्रक्रिया में कई घंटे लग जाते हैं वहीं वर्चुअल ऑटोप्सी केवल आधे घंटे में पूरी हो सकती है। यह तकनीक विशेष रूप से ट्रॉमा केस सड़क हादसों और संक्रामक बीमारियों से जुड़ी मौतों के मामलों में अत्यधिक प्रभावी मानी जा रही है। कोविड जैसी महामारियों के दौरान यह तकनीक स्वास्थ्यकर्मियों के लिए संक्रमण के खतरे को भी कम करती है।

    वर्तमान में भारत में वर्चुअल ऑटोप्सी का उपयोग कुछ चुनिंदा स्थानों पर किया जा रहा है जैसे कि एम्स दिल्ली और शिलॉन्ग स्थित एनईआईजीआरआईएचएमएस। अब भारत सरकार ने 2026 तक देशभर में 38 वर्चुअल ऑटोप्सी केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इस तकनीक को लागू करने से पूरे देश में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

    सांसद आलोक शर्मा ने इस परियोजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और आशा जताई है कि जल्दी ही इसके लिए फंड जारी किया जाएगा। एम्स भोपाल के लिए यह एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है जो न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश में चिकित्सा विज्ञान में एक नई दिशा की शुरुआत कर सकता है।

  • महाराष्ट्र ले जाते गौवंशों से भरी पिकअप पकड़ी गोरक्षकों की सतर्कता से बचे गौवंश

    महाराष्ट्र ले जाते गौवंशों से भरी पिकअप पकड़ी गोरक्षकों की सतर्कता से बचे गौवंश


    धार ।जानकारी के अनुसार बजरंग दल के गोरक्षक प्रमुख मोहन को यह सूचना मिली थी कि धार जिले की ओर से एक पिकअप वाहन क्रमांक MH-05 DK-0327 में गौवंशों को भरकर महाराष्ट्र ले जाया जा रहा है। जैसे ही यह सूचना गोरक्षकों के पास पहुंची मोहन ने तुरंत अपने साथियों प्रदीप मनीष और शुभम के साथ पिकअप वाहन को पकड़ने की योजना बनाई। वे रात करीब एक बजे धार फाटा स्थित नागौरी ढाबे के पास सिरसोदिया धामनोद पहुंचे और पिकअप वाहन को रुकवाया।

    गोरक्षकों ने वाहन की तलाशी ली और पाया कि उसमें कई गौवंशों को बुरी तरह से ठूस-ठूसकर भरा गया था। तस्करों ने गौवंशों को बिना किसी सुविधाजनक व्यवस्था के वाहन में लाकर उन्हें महाराष्ट्र ले जाने की कोशिश की थी। गोरक्षकों की सतर्कता से यह तस्करी नाकाम हो गई और गौवंशों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

    इस कार्रवाई से साबित होता है कि गोरक्षकों की सजगता और समाज की जागरूकता से ऐसी अवैध गतिविधियों पर काबू पाया जा सकता है। पुलिस और प्रशासन को सूचित कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है जबकि गौवंशों को सुरक्षित और उचित देखभाल के लिए एक गोशाला भेज दिया गया है।

    यह घटना यह भी दर्शाती है कि तस्करी के मामले में समाज के विभिन्न हिस्सों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। गोरक्षकों की सतर्कता से ना केवल गौवंशों की जान बची बल्कि तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का मार्ग भी प्रशस्त हुआ।

  • डिजिटल अरेस्ट का खौफनाक जाल बैतूल में बुजुर्ग से लाखों की ठगी

    डिजिटल अरेस्ट का खौफनाक जाल बैतूल में बुजुर्ग से लाखों की ठगी


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में साइबर अपराधियों ने एक नया ठगी का तरीका अपनाया, जिसे डिजिटल अरेस्ट का नाम दिया गया है। अपराधियों ने खुद को दिल्ली पुलिस अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग से 23.50 लाख रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया। यह घटना बुजुर्ग व्यक्ति बसंत कुमार मैदमवार 80 के साथ हुई, जो एसबीआई बैंक से हेड कैशियर पद से सेवानिवृत्त हैं।

    सूत्रों के मुताबिक, 27 नवंबर 2025 को फरियादी को एक व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई, जिसमें स्क्रीन पर “दिल्ली पुलिस” लिखा हुआ था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने उन्हें बताया कि उनके आधार कार्ड का उपयोग करके दिल्ली में एक सिम कार्ड लिया गया है जिसे ब्लैकमेलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल किया गया है। ठगों ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और उन्हें डिजिटल अरेस्ट” किया जाएगा।

    डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी और बार-बार वीडियो कॉल्स से भयभीत हो गए बुजुर्ग बसंत कुमार से ठगों ने उनके बैंक खातों की “जांच” के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवा लिए। फरियादी ने कई बार अपने बैंक खातों से रकम ट्रांसफर की, और इस प्रक्रिया में कुल 23.50 लाख रुपये की ठगी हो गई। जब दो दिसंबर को बसंत कुमार गोल्ड लोन लेने के लिए बैंक पहुंचे, तब बैंक प्रबंधक ने इस मामले को साइबर ठगी का मामला बताया। इसके बाद, उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिससे मामला पुलिस के संज्ञान में आया।

    यह ठगी का तरीका साइबर अपराधियों की बढ़ती चालाकी और तकनीकी ज्ञान को दर्शाता है। वीडियो कॉल और फर्जी पुलिस अधिकारियों के द्वारा बनाई गई डर की स्थिति का फायदा उठाकर बुजुर्गों और अन्य असुरक्षित लोगों को ठगना अब सामान्य होता जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, और साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई है। यह घटना एक चेतावनी है, खासकर उन लोगों के लिए जो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अधिक सक्रिय नहीं होते। ऐसे अपराधियों से बचने के लिए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है और कभी भी किसी भी अज्ञात कॉल या मैसेज पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

  • आज भोपाल में इन इलाकों में रहेगी बिजली कटौती साथ ही जानें शहर में क्या-क्या खास है

    आज भोपाल में इन इलाकों में रहेगी बिजली कटौती साथ ही जानें शहर में क्या-क्या खास है


    भोपाल । आज भोपाल शहर के कई इलाकों में बिजली कटौती की जाएगी। बिजली के कनेक्शन में आने वाले बदलावों से कुछ इलाकों में आज सुबह से लेकर दोपहर तक बिजली नहीं रहेगी। प्रभावित इलाकों में यह कटौती होगी ।

    सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक

    अब्बास नगर नई बस्ती सेक्टर-5 महावीर बस्ती और आसपास के क्षेत्र
    सुबह 10 से शाम 4 बजे तक ,
    प्रगति परिसर MLA रेस्ट हाउस खजूरी गुर्जर अपार्टमेंट साईं स्पर्श-2 पलक विहार 11 मील और आसपास
    सुबह 11 से दोपहर 230
    बजे तक दानिशकुंज-1 व 2 फाइन कैंपस हरे-कृष्ण होम्स और आसपास
    दोपहर 12 से 2 बजे तक
    लेबर कॉलोनी अंजता कॉम्प्लेक्स अप्सरा कॉम्प्लेक्स रविदास नगर शांति नगर भारत नगर कर्मवीर नगर भवानी नगर सहित आसपास के इलाके
    नए साल से ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव भोपाल रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर बैरागढ़ से चलने वाली 26 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। अब रिजर्वेशन चार्ट 10 घंटे पहले जारी होगा।
    प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं ।
    22145 भोपाल–रीवा एक्सप्रेस रात 1105 की बजाय 1100 बजे
    19324 भोपाल–डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस शाम 500 की बजाय 510 बजे
    14814 भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस शाम 455 की बजाय 440 बजे
    12185 रानी कमलापति–रीवा एक्सप्रेस रात 1000 की बजाय 955 बजे
    22172 रानी कमलापति–पुणे एक्सप्रेस दोपहर 350 की बजाय 340 बजे
    01665 रानी कमलापति–अगरतला स्पेशल दोपहर 340 की बजाय 320 बजे

    आज के खास आयोजनों की जानकारी

    धोती-कुर्ता में क्रिकेट संस्कृत में कमेंट्री, स्थान अंकुर खेल मैदान शिवाजी नगर वेदिक ब्राह्मणों का अनोखा क्रिकेट टूर्नामेंट जिसमें खिलाड़ी धोती-कुर्ता पहनकर खेलेंगे और संस्कृत में कमेंट्री की जाएगी। आयोजन महर्षि मैत्री मैच श्रृंखला-6 5 से 9 जनवरी

    शलाका आर्ट एग्जीबिशन

    स्थान जनजातीय संग्रहालय श्यामला हिल्स समय दोपहर 12 बजे से गोंड जनजाति की पारंपरिक शलाका चित्रकला की झलक प्रवेश निःशुल्क गायों के साथ वेलनेस तनाव और चिंता दूर करने वाला टूर स्थान वृंदावन आश्रम गौशाला कोलुआ कलां रोड सुबह का गाइडेड टूर शुल्क ₹249 आलोक नामा , सपनों का सफर स्थान ,रवींद्र भवन राजभवन रोड कविता और भावनाओं से सजी साहित्यिक शाम टिकट ₹249 खिलाओ और खेलो ,बच्चों के लिए फार्म फन डे स्थान, वृंदावन आश्रम गौशाला बच्चों के लिए फीडिंग गेम्स और ग्रामीण अनुभव शुल्क ₹249

    भर्ती की जानकारी

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका के 4767 पद आवेदन MP Online के जरिए

    अंतिम तिथि 10 जनवरी

    MPESB में 474 पदों पर सीधी भर्ती मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य संस्थान और विभागीय कार्यालय अंतिम तिथि 7 जनवरी 2026 संशोधन की आखिरी तारीख 12 जनवरी 2026खिलाओ और खेलो – बच्चों के लिए फार्म फन डे

  • भोपाल पासपोर्ट कार्यालय में नाबालिग का फर्जी आवेदन पकड़ा गया उम्र छिपाने पर पासपोर्ट आवेदन खारिज

    भोपाल पासपोर्ट कार्यालय में नाबालिग का फर्जी आवेदन पकड़ा गया उम्र छिपाने पर पासपोर्ट आवेदन खारिज


    भोपाल । भोपाल में एक नाबालिग द्वारा पासपोर्ट आवेदन में उम्र छिपाने का मामला सामने आया है। विदेश यात्रा की जल्दी में आवेदक ने जानबूझकर अपनी जन्मतिथि में बदलाव किया था ताकि वह वयस्क दिखे और पासपोर्ट प्राप्त कर सके। भोपाल क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय RPO की दस्तावेज सत्यापन में यह मामला सामने आया। जांच के दौरान आवेदक की वास्तविक उम्र 16 वर्ष पाई गई और जन्मतिथि में हेरफेर करने की पुष्टि हुई जिसके बाद आवेदन तुरंत निरस्त कर दिया गया।

    यह मामला तब उजागर हुआ जब पासपोर्ट आवेदन की प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को आवेदक की उम्र संबंधित दस्तावेजों में असंगति दिखाई दी। इसके बाद अधिकारियों ने आवेदक से स्कूल प्रमाण पत्र और शैक्षणिक रिकॉर्ड मांगे जिनसे यह साफ हो गया कि जन्मतिथि जानबूझकर बदली गई थी। दस्तावेज़ों में ये बदलाव यह सुनिश्चित करने के लिए किए गए थे कि आवेदक वयस्क दिखे और उसकी विदेश यात्रा की प्रक्रिया पूरी हो सके।

    पासपोर्ट कार्यालय ने नाबालिग होने की पुष्टि होते ही आवेदन को खारिज कर दिया क्योंकि नाबालिगों के लिए पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया में माता-पिता या अभिभावक की उपस्थिति और सहमति अनिवार्य होती है। बिना इन दस्तावेजों के आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    मामला सामने आने के बाद किशोरी ने पुलिस को सूचना न देने की विनती की लेकिन अधिकारियों ने उसे सख्त चेतावनी दी और भविष्य में ऐसी गलती न करने की सलाह दी। साथ ही उसे निर्देश दिए गए कि वह स्कूल की मार्कशीट और आधार कार्ड में जन्मतिथि को सही करवाए। इसके बाद पासपोर्ट कार्यालय ने मामले की फाइल औपचारिक रूप से बंद कर दी।

    इसके अलावा एक और मामला सामने आया जिसमें एक आवेदक ने अदालत में चल रहे मामले की जानकारी छिपाई थी। पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट में यह तथ्य उजागर होने पर आवेदक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। आवेदक ने अदालत से अनापत्ति प्रमाण पत्र NOC प्राप्त कर प्रस्तुत किया जिसके बाद उसकी आवेदन प्रक्रिया को फिर से आगे बढ़ाया गया।

    भोपाल क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी गलत जानकारी या महत्वपूर्ण विवरण छिपाने पर पासपोर्ट आवेदन को तुरंत निरस्त किया जा सकता है। साथ ही ऐसे मामलों का असर भविष्य में पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। अधिकारियों ने सभी आवेदकों से अपील की है कि वे पासपोर्ट आवेदन करते समय सही और प्रमाणिक दस्तावेजों के साथ पूरी जानकारी प्रस्तुत करें। यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि पासपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गलत जानकारी भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है और आवेदन रद्द होने के साथ ही गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

  • इंदौर में बुजुर्गों को एटीएम ठगी का शिकार बनाने वाला गिरोह गिरफ्तार 40 हजार रुपये की चोरी

    इंदौर में बुजुर्गों को एटीएम ठगी का शिकार बनाने वाला गिरोह गिरफ्तार 40 हजार रुपये की चोरी


    इंदौर । इंदौर शहर में बुजुर्गों को एटीएम ठगी का शिकार बनाने वाला एक गिरोह पकड़ा गया है। विजयनगर थाना क्षेत्र में इस गिरोह के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है जिसमें 86 वर्षीय बुजुर्ग का एटीएम कार्ड बदलकर आरोपियों ने खाते से 40 हजार रुपये की चोरी की। ये ठगी 2 जनवरी को हुई थी जब बुजुर्ग जगदीश पाल भमोरी स्थित स्टेट बैंक के एटीएम पर बैलेंस चेक करने पहुंचे थे।

    ठगी के आरोपी दो युवक थे जिन्होंने बुजुर्ग से बातचीत करने के दौरान उनका पिन नंबर देख लिया और एटीएम कार्ड बदल दिया। आरोपियों में से एक युवक ने बुजुर्ग को यह कहकर गुमराह किया कि एटीएम मशीन से पैसे नहीं निकल रहे हैं। इसके बाद बुजुर्ग बिना किसी शक के घर लौट गए। कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर लगातार बैंक ट्रांजैक्शन के मैसेज आने लगे जिससे ठगी का खुलासा हुआ।

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 40 हजार रुपये निकाल लिए। जब पीड़ित ने अपना कार्ड चेक किया तो वह किसी कैलाश नामक व्यक्ति के नाम का निकला। इसके बाद बुजुर्ग ने विजयनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई और सोमवार को एफआईआर दर्ज की गई।

    इसी दिन परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की ठगी की वारदात हुई थी जिसमें कलेक्टर कार्यालय से सेवानिवृत्त अधिकारी राजेश जोशी को निशाना बनाया गया था। इस मामले में भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था रोहित भदौरिया निवासी भिंड हर्षवर्धन चौहान और अंकित परिहार दोनों निवासी मैनपुरी। पुलिस ने इनके कब्जे से एक बाइक भी बरामद की। पुलिस अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि विजयनगर में बुजुर्ग के साथ हुई ठगी में भी वही तीनों आरोपी शामिल थे।

    दोनों घटनाओं का तरीका और समय एक जैसा होने से यह गिरोह की भूमिका पुख्ता हुई है। पुलिस जांच में अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने शहर के अन्य इलाकों में भी इस तरह की ठगी की है या नहीं।पुलिस ने नागरिकों विशेषकर बुजुर्गों से अपील की है कि वे एटीएम पर किसी अनजान व्यक्ति से मदद न लें और अपना पिन नंबर किसी को न बताएं। यह मामला एटीएम ठगी के बढ़ते मामलों और सुरक्षा में सतर्कता की आवश्यकता को उजागर करता है।

  • मध्यप्रदेश में घने कोहरे और शीतलहर का असर ट्रेनें 14 घंटे लेट 24 जिलों में स्कूल बंद

    मध्यप्रदेश में घने कोहरे और शीतलहर का असर ट्रेनें 14 घंटे लेट 24 जिलों में स्कूल बंद


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रभाव देखने को मिल रहा है जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार सुबह राज्य के कई हिस्सों में विजिबिलिटी सिर्फ 20 मीटर तक सिमट गई जिससे यातायात और रेल यात्रा पर बुरा असर पड़ा। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है।

    भोपाल ग्वालियर इंदौर जबलपुर उज्जैन और शहडोल सहित 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहा। इस वजह से सड़क पर वाहन रेंगते नजर आए और तापमान भी काफी नीचे गिर गया। शहडोल में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दतिया में 4.4 डिग्री और राजगढ़-खजुराहो में 5.4 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल का तापमान 6.8 डिग्री ग्वालियर का 6.4 डिग्री और इंदौर का 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

    इस घने कोहरे का सबसे बड़ा असर रेल यातायात पर पड़ा है। उत्तर भारत से आने वाली कई ट्रेनें 10 से 14 घंटे तक लेट रही हैं। श्रीधाम एक्सप्रेस इटारसी 13.5 घंटे की देरी से पहुंची जबकि अगरतला-रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन लगभग 14 घंटे लेट रही। कई अन्य ट्रेनें जैसे मालवा सचखंड कर्नाटक और तमिलनाडु एक्सप्रेस भी 2 से 5 घंटे तक विलंब से चलीं। इस वजह से स्टेशन पर यात्रियों को ठंड में लंबा इंतजार करना पड़ा।

    बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंदौर उज्जैन ग्वालियर जबलपुर रतलाम नीमच मंदसौर शाजापुर सहित 24 जिलों में नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं भोपाल धार सीहोर बड़वानी मुरैना खरगोन और अनूपपुर में स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है और अब स्कूल सुबह 930 या 10 बजे के बाद शुरू होंगे।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाएं और नमी के कारण कोहरा और बढ़ा है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से जनवरी में ठंड का यह दौर और तेज हुआ है। नवंबर और दिसंबर में रिकॉर्ड ठंड के बाद जनवरी में भी राहत की उम्मीद कम है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें अनावश्यक यात्रा से बचें और विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर स्कूलों के बारे में और निर्णय लिया जा सकता है।

  • कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का असर4 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट17 राज्यों में येलो अलर्ट

    कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का असर4 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट17 राज्यों में येलो अलर्ट


    नई दिल्ली । भारत के कई हिस्सों में इस समय कड़ाके की सर्दी और शीतलहर का सामना हो रहा है। मौसम विभाग ने देश के 4 राज्यों में शीतलहर के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी किया हैजबकि 17 राज्यों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। इस कड़ी सर्दी और घने कोहरे ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया हैखासकर उत्तर-पश्चिममध्यपूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में।

    ऑरेंज और येलो अलर्ट

    मौसम विभाग ने बताया कि अगले 4-5 दिनों तक देश के कई हिस्सों में शीतलहर और घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। उत्तर-पश्चिम भारतमध्य भारत और पूर्वी भारत के कई राज्य शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में आ सकते हैं। जिन चार राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया हैवहां तापमान और कोहरे की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। इसके अलावा17 अन्य राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया गया हैजो घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी देता हैजिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

    प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भीड़

    इस बीचउत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे के बीच लाखों श्रद्धालु माघ मेले में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। रेलवे और पुलिस विभाग ने इस भीड़-भाड़ को देखते हुए उच्च सुरक्षा और अलर्ट जारी कर दिया है। घने कोहरे के कारण रेलवे ट्रेनों के समय में बदलाव आ सकता हैऔर यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    सर्दी से बचाव के उपाय

    मौसम विभाग ने सभी नागरिकों को कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए उचित गर्म कपड़े पहन नेधू प में रहने और शरीर को गर्म रखने के उपायों की सलाह दी है। खासकर उन इलाकों में जहां घना कोहरा हैवहां विजिबिलिटी बहुत कम हो सकती हैजिससे सड़क और रेलवे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

    अधिकारियों की तैयारी

    रेलवे और पुलिस विभाग ने शीतलहर और कोहरे के प्रभाव को कम करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। खासकर ट्रेनों की निगरानी और ट्रैफिक मैनेजमेंट में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावास्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित यात्रा करें और जरूरत न होने पर घरों से बाहर न निकलें। देश के विभिन्न हिस्सों में सर्दी और कोहरे के कारण मुश्किलें बढ़ रही हैंऔर सरकार और स्थानीय प्रशासन की तरफ से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नागरिकों को हर संभव सहायता मिल सके।

  • MP: ग्वालियर में BJP पार्षद ने गंदे पानी की आपूर्ति के विरोध में निकाली दंडवत यात्रा, दी ये चेतावनी

    MP: ग्वालियर में BJP पार्षद ने गंदे पानी की आपूर्ति के विरोध में निकाली दंडवत यात्रा, दी ये चेतावनी


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर शहर (Gwalior City) में गंदे पानी की आपूर्ति (Contaminated Water Supply) और विभिन्न अव्यवस्थाओं के विरोध में भाजपा पार्षद बृजेश श्रीवास (BJP councilor Brijesh Shriwas) ने सोमवार को दंडवत यात्रा निकालकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। इस यात्रा का उद्देश्य महापौर और नगर निगम प्रशासन का ध्यान नागरिकों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना था।

    दंडवत यात्रा श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा से शुरू होकर परिषद कार्यालय तक पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में “स्वच्छ पानी दो”, “गंदे पानी से परेशान जनता” और “जल समस्या का समाधान करो” जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं।

    प्रदर्शनकारियों का कहना था कि क्षेत्र में पीने योग्य पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। गंदे और बदबूदार पानी के कारण लोगों को गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। यात्रा के दौरान लगाए गए बैनरों में केवल जल संकट ही नहीं, बल्कि शहर की बदहाल स्थिति को भी दर्शाया गया। इनमें टूटी सड़कें, खराब सफाई व्यवस्था, उफनते सीवर और कॉलोनियों में अंधेरे जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह मार्च नगर सरकार और महापौर को “जगाने” के लिए किया गया है।

    इस मौके पर पार्षद बृजेश श्रीवास ने कहा कि यह आंदोलन जनता की पीड़ा और नाराजगी को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, हालांकि लोगों में गहरी नाराजगी साफ नजर आई।

    महापौर शोभा सिकरवार का कहना था कि यह सब सिर्फ मीडिया में आने की स्टंटबाजी है। इंदौर में जो घटनाक्रम हुआ वहां बीजेपी के महापौर हैं, जो खुद कह रहे हैं कि अधिकारी उनकी सुनते नहीं हैं। जब सत्ता सरकार में होने के बाद भी बीजेपी महापौर की बात नहीं सुनी जाती तो यहां गलती महापौर की कैसे हो सकती है। इस तरह के स्टंट से विपक्ष के पार्षद सिर्फ ध्यान भटकाने का प्रयास करते हैं। यहां सब मिलकर काम कर रहे हैं और समस्या का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं।