Category: Madhya Pradesh

  • एक लाख करोड़ के बजट से संवरेगा मध्य प्रदेश के किसान का जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    एक लाख करोड़ के बजट से संवरेगा मध्य प्रदेश के किसान का जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी के कल्या

    Chief Minister

    ण के लिए काम कर रही है। किसान कल्याण के लिए इस साल बजट में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि प्रस्तावित है। किसान कल्याण वर्ष में कृषि आधारित व्यापार गतिविधियां बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं, जिससे किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को सागर जिले के गढ़ाकोटा के ऐतिहासिक रहस मेले के शुभारंभ एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों के राशि अंतरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सागर जिले के रहली क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देते हुए फूड पार्क स्थापित किया जाएगा। इससे क्षेत्र के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती आल्हा-ऊदल जैसे वीरों की धरती है। सागर जिले का रहस मेला ऐतिहासिक है। उन्होंने रहस मेले के 217 साल पुराने गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए और उनके शौर्य को प्रणाम करते हुए कहा -“बड़े लडैया महोबा वाले, जिन की मार सही ना जाये। एक को मारे दोई मर जावे, तीजा खौफ खाये मर जाये।।”- ऐसी वीरता और पराक्रम का लोहा मनवाने वाले मातृभूमि पर सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान योद्धाओं की भूमि को कोटिशः नमन।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परमात्मा ने ऋतुओं और मौसम के साथ मेलों का अद्भुत संबंध बनाया है। जब धान और सोयाबीन कटे तो दीवाली और गेहूं की फसल आने पर होली मनाई जाती है। बुंदेलखंड की धरती पर आकर मन आनंदित हो जाता है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार पशुपालन और दूध उत्पादन बढ़ाने को प्राथमिकता दे रही है। बजट 2026-27 में नई यशोदा योजना की शुरुआत की गई है। अब हमारे स्कूलों में 8वीं तक के विद्यार्थियों को ट्रेटा पैक दूध नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश की बहनों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपये की राशि मिल रही है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए संकल्पित है। रहली में सूक्ष्म औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कमेटी गठित की जाए। यहां पारम्परिक बीड़ी उद्योग के साथ हस्त शिल्प कलाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की माह जनवरी पेड इन फरवरी 2026 की राशि हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक से अंतरित की। इस पेंशन योजनाओं में प्रति हितग्राही प्रतिमाह 600 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री ने 32.78 लाख से अधिक हितग्राहियों के खाते में 196.72 करोड़ की राशि ट्रांसफर की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रहली विधासभा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती देते हुए खेजरा-शाहपुर-मोकलपुर फ्लाईओवर के निर्माण की स्वीकृति दी। उन्होंने रहली एवं गढ़ाकोटा कृषि उपज मंडी के उन्नयन के लिए 5-5 करोड़ रुपये एवं शाहपुर उपमंडी के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज का सही दाम और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें, इसके साथ ही उन्होंने रहली रमखरिया, सिमरिया नायक बहेरिया मढ़ि (लगभग 22 किलोमीटर) मार्ग के उन्नयन और चौड़ीकरण की भी घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में बीड़ी उद्योग और तेंदूपत्ता संग्रहण केवल व्यापार नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की जीविका रहा है। यहां बीड़ी, तेंदूपत्ते और हस्तकला आधारित लघु इकाइयों को मिलेगा प्रोत्साहन दिया जाएगा। बीड़ी बनाने वाले एवं तेंदूपत्ता का संग्रहण करने वाले व्यक्तियों के उन्नयन के लिए सांसद, विधायक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि एक कमेटी बनाकर लिये गये निर्णय अनुसार कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स एवं स्टेडियम कॉम्प्लेक्स का निर्माण होगा। इसी प्रकार ढाना में शासकीय महाविद्यालय में वाणिज्य संकाय और इतिहास के नए विषय खोलने को भी मंजूरी दी।

    उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा के लिए सरकार के खजाने में कोई कमी नहीं है। रहली क्षेत्र के विद्यार्थियों को भव्य सांदीपनि विद्यालय की सौगात मिली है। अब बच्चों को गणवेश, किताबें, साइकिलें नि:शुल्क वितरित की जा रही हैं। स्कूल टॉपर को स्कूटी दी जाती है। प्रदेश के सांदीपनि विद्यालय प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ रहे हैं।

    प्रमुख घोषणाएं

    – गढ़ाकोटा और रहली में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनेगा।
    – महाविद्यालय में वाणिज्य और इतिहास के नए संकाय की कक्षाएं शुरू होंगी।
    – क्षेत्र में नया फ्लाई-ओवर और सड़कों का उन्नयन किया जाएगा।
    – गढ़ाकोटा और रहली कृषि उपज मंडी में विकास कार्यों के लिए 5-5 करोड़ की राशि मिलेगी।
    – शाहपुरा कृषि उपज मंडी के विकास कार्यों के लिए भी एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
    – सोनार नदी के माध्यम से सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

    कार्यक्रम में पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि रहस मेले की शुरुआत 217 साल पहले बुंदेलखंड के तत्कालीन शासक मर्दन सिंह जूदेव के राज्यारोहण के उपलक्ष में हुई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा भी वर्ष 1990 में यहां पधारे थे। मेला परंपरागत रूप से हर वर्ष भव्यता के साथ आयोजित हो रहा है। रहली-गढ़ाकोटा क्षेत्र पहले काफी पिछड़ा था, लेकिन 2003 में राज्य और उसके बाद वर्ष 2014 में केंद्र में हमारी सरकार बनने के बाद यहां विकास की गति तेज हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विशेष आशीर्वाद से रहली क्षेत्र की जरूरी आवश्यकताएं पूर्ण हुई हैं। क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं को विस्तार देने की जरूरत है। भार्गव ने लव-कुश धाम निर्माण और राज्य के भीतर नदी जोड़ो प्रकल्प के तहत बुंदेलखंड में मां नर्मदा को सोनार नदी से जोड़ने का सुझाव दिया।

  • आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स और टीएसीसी की बड़ी पार्टनरशिप, देवास में बनेगा ऑनसाइट नाइट्रोजन प्लांट

    आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स और टीएसीसी की बड़ी पार्टनरशिप, देवास में बनेगा ऑनसाइट नाइट्रोजन प्लांट


    भोपाल/ देवास!
     भारत की अग्रणी औद्योगिक और चिकित्सीय गैस निर्माण कंपनियों में से एक आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (आईनॉक्सएपी) ने टीएसीसी लिमिटेड (द एडवांस्ड कार्बन्स कंपनी) के साथ लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप की है। यह पार्टनरशिप मध्य प्रदेश के देवास में टीएसीसी की प्रस्तावित ग्रीनफील्ड निर्माण इकाई के लिए नाइट्रोजन की आपूर्ति हेतु की गई है, जहां लिथियम-आयन बैटरी ग्रेड ग्रेफाइट एनोड सामग्री का उत्पादन किया जाएगा। आईनॉक्सएपी इस परियोजना के तहत एक समर्पित ऑनसाइट नाइट्रोजन संयंत्र की स्थापना करेगा, जिसे बिल्ड, ओन और ऑपरेट मॉडल पर संचालित किया जाएगा। इस संयंत्र के माध्यम से टीएसीसी की निर्माण आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर, सुरक्षित और उच्च शुद्धता वाली नाइट्रोजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

     आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स के बिज़नेस डेवलपमेंट एंड स्ट्रैटेजी हेड, दिगंत शर्मा ने कहा, टीएसीसी एडवांस्ड कार्बन मटीरियल्स के क्षेत्र में सबसे आगे है और यह पार्टनरशिप सस्टेनेबिलिटी और महत्वाकांक्षा के बीच मजबूत तालमेल को दर्शाती है। यह लॉन्ग टर्म एग्रीमेंट हाई-परफॉर्मेंस मटीरियल्स के उत्पादन को संभव बनाने में हमारी विशेषज्ञता और ऑपरेशनल क्षमताओं को और मज़बूत करता है, जो भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एनर्जी स्टोरेज और व्यापक क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन के लिए बेहद अहम हैं। आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स में हम इस पार्टनरशिप को एक स्ट्रैटेजिक कदम के रूप में देखते हैं, जो भविष्य के लिए तैयार और मजबूत इंडस्ट्रियल वैल्यू चेन बनाने की दिशा में है।” टीएसीसी, जो एडवांस्ड कार्बन मटीरियल्स के क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में से एक है, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स के लिए बैटरी-ग्रेड सिंथेटिक ग्रेफाइट एनोड मटीरियल्स विकसित करने में विशेषज्ञ है। इसके साथ ही कंपनी ग्रेफीन आधारित उत्पादों पर भी काम कर रही है, जो कंस्ट्रक्शन, टेक्सटाइल्स, पेंट्स और अन्य औद्योगिक उपयोगों में नई संभावनाएं खोलते हैं। नाइट्रोजन की सुनिश्चित आपूर्ति से प्रोसेस की कार्यक्षमता और प्रोडक्ट की गुणवत्ता बेहतर होगी, जिससे बड़े स्तर पर अपनाए जा सकने वाले और पर्यावरण के लिए बेहतर समाधानों पर टीएसीसी का फोकस और मजबूत होगा।

    टीएसीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, अंकुर खेतान ने कहा, “बैटरी-ग्रेड ग्रेफाइट का मैन्युफैक्चरिंग बेहद सटीकता, शुद्धता और भरोसेमंद प्रोसेस की मांग करता है। आईनॉक्सएपी के साथ हमारी पार्टनरशिप हमें हाई-प्योरिटी नाइट्रोजन की भरोसेमंद सप्लाई सुनिश्चित करती है, जो बड़े पैमाने पर ग्लोबल स्टैंडर्ड्स हासिल करने के लिए बेहद ज़रूरी है। साथ मिलकर हमारा लक्ष्य भारत के एडवांस्ड मटीरियल्स इकोसिस्टम को मजबूत करना और देश की क्लीन एनर्जी व इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की महत्वाकांक्षाओं को सपोर्ट करना है।” इस पार्टनरशिप के साथ, आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स भविष्य के लिए तैयार इंडस्ट्रियल गैस इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने में अपनी स्थिति को और मजबूत करने का लक्ष्य रखता है, साथ ही सप्लाई की विश्वसनीयता, सेफ्टी और कंप्लायंस के मामले में नए मानक स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह सहयोग भारत को अधिक स्वच्छ और मजबूत ऊर्जा भविष्य की ओर ले जाने की आईनॉक्सएपी की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाता है। आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स और टीएसीसी मिलकर सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ की मजबूत नींव रख रहे हैं और ऐसी टेक्नोलॉजीज़ को आगे बढ़ा रहे हैं, जो भारत के ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम को आकार देने में अहम भूमिका निभाएंगी।


  • MP में गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन तेज, 4.42 लाख से अधिक किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन; 7 मार्च अंतिम तिथि

    MP में गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन तेज, 4.42 लाख से अधिक किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन; 7 मार्च अंतिम तिथि


    मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य सरकार द्वारा किसानों के पंजीयन की सुविधा पहले से अधिक सरल और सुगम बनाए जाने का दावा किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार अब तक 4 लाख 42 हजार 288 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए अपना पंजीयन करा लिया है। किसानों को 7 मार्च तक पंजीयन कराने का अवसर दिया गया है।

    इस वर्ष केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र स्थापित किए हैं, ताकि किसानों को रजिस्ट्रेशन के लिए दूर-दराज न जाना पड़े और प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    संभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो उज्जैन संभाग में सर्वाधिक 1,48,905 किसानों ने पंजीयन कराया है। भोपाल संभाग में 1,09,134 किसान, इंदौर संभाग में 54,587 किसान और जबलपुर संभाग में 39,885 किसान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इसके अलावा नर्मदापुरम में 34,181, सागर में 25,398, रीवा में 13,260, ग्वालियर में 9,695, चंबल में 4,692 और शहडोल संभाग में 2,551 किसानों ने पंजीयन कराया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेशभर में किसान खरीदी व्यवस्था को लेकर सक्रिय हैं।

    किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन की दोहरी व्यवस्था की गई है। नि:शुल्क पंजीयन ग्राम पंचायतों के सुविधा केंद्रों, जनपद पंचायत कार्यालयों, तहसील कार्यालयों और सहकारी समितियों में किया जा सकता है। वहीं सशुल्क पंजीयन के लिए एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर CSC, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे की सुविधा उपलब्ध है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं।

    खाद्य मंत्री ने बताया कि जिन किसानों के मोबाइल नंबर पिछले रबी और खरीफ सीजन से उपलब्ध हैं, उन्हें पंजीयन संबंधी जानकारी SMS के माध्यम से भेजी जा रही है। इसके साथ ही गांवों में डोंडी पिटवाकर, ग्राम पंचायत सूचना पटल पर सूचना चस्पा कर तथा समितियों और मंडियों में बैनर लगाकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि कोई भी किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।

    राज्य सरकार का कहना है कि इस बार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। पंजीयन से लेकर खरीदी और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके और किसी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

    किसानों से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि 7 मार्च से पहले अपना पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने में किसी प्रकार की बाधा न आए।

  • स्व से सृष्टि तक मंगल ही हमारा संकल्प, सेवा ही हमारा परम धर्म: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    स्व से सृष्टि तक मंगल ही हमारा संकल्प, सेवा ही हमारा परम धर्म: मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार को राजस्थान के भीलवाड़ा में आयोजित सनातन मंगल महोत्सव, संत समागम एवं दीक्षा महोत्सव में शामिल हुए। यह कार्यक्रम हरिशेवा उदासीन आश्रम में महामण्डलेश्वर स्वामी हंसरामजी महाराज की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जहां मुख्यमंत्री ने संतों, विद्वतजनों और श्रद्धालुओं को एकजुट कर भारतीय संस्कृति के मूल्यों पर आधारित संदेश दिया।

    भीलवाड़ा में स्व से सृष्टि तक मंगल ही हमारा संकल्प, सेवा ही हमारा परम धर्म के मूल मंत्र के साथ डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति ही वह महान संस्कृति है, जो सबके मंगल की कामना करती है। उनका कहना था कि वसुधैव कुटुंबकम् के सिद्धांत से प्रेरणा लेकर हमें केवल मानव नहीं, पृथ्वी के सभी प्राणियों, पेड़ पौधों और समस्त सृष्टि के कल्याण के लिए जीना चाहिए। यही जीवन का उच्चतम लक्ष्य एवं परम सेवा धर्म है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति की जड़ें सेवा, समर्पण, विश्व बंधुत्व और सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय जैसी परोपकारी भावनाओं में निहित हैं। वे बोले कि जीवमात्र की सेवा ही श्रीहरि की सेवा है और सम्पूर्ण मानवता की सेवा धर्म है। उन्होंने यह भी बताया कि रा से राजस्थान और म से मध्यप्रदेश मिलकर राम की महिमा को आगे बढ़ा रहे हैं।

    डॉ. यादव ने संतों की समाज में भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि संतों के उपदेश नैतिक मूल्यों, करुणा, सद्भाव और समरसता को बढ़ावा देते हैं। पूज्य हंसरामजी महाराज ने धर्म, भक्ति, सेवा, सत्य तथा अहिंसा को जीवन में जीने का संदेश दिया है और हजारों असहायों को आश्रम के माध्यम से सहारा दिया है।

    कार्यक्रम में तीन युवा संतों ईशानराम जी महाराज, केशवराम जी महाराज और सुमज्ञराम जी महाराज को दीक्षा दी गई, जिनका मुख्यमंत्री ने माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ में देश विदेश के सभी साधु संतों का स्वागत किया जाएगा और उनकी आशीष रूपी ऊर्जा से देश को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है।

    राजस्थान सरकार के सहकारिता राज्यमंत्री गौतम कुमार दक ने भी मुख्यमंत्री का सम्मान किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सामाजिक समरसता और धार्मिक पुनरुद्धार पर जोर दिया कार्यक्रम में सांसद दामोदर अग्रवाल, साधु संत, महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर, महंत और बड़ी संख्या में धर्म श्रद्धालु मौजूद रहे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि


    भोपाल । मोहन यादव ने स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने सावरकर को प्रखर राष्ट्रभक्त, समाज सुधारक और दूरदर्शी चिंतक बताते हुए कहा कि उनका जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्रसेवा का अनुपम उदाहरण है।

    डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए वीर सावरकर ने जो संघर्ष किया वह भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने अदम्य साहस और अटूट संकल्प का परिचय दिया। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज सुधार, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना के लिए सावरकर का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सावरकर के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

    डॉ. यादव ने अंत में कहा कि वीर सावरकर का जीवन युगों युगों तक देशवासियों विशेषकर युवाओं को प्रेरित करता रहेगा और उनका त्याग सदैव श्रद्धा के साथ याद किया जाएगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर वायुसेना के शौर्य को किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर वायुसेना के शौर्य को किया नमन


    भोपाल । मोहन यादव ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की 7वीं वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना के अद्वितीय साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हमारे वीर जवानों ने जिस बहादुरी और संकल्प का परिचय दिया, वह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि भारत के शूरवीर सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में भी अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए मातृभूमि की गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखा। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना का पराक्रम केवल सैन्य शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकजुटता, दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान का भी प्रतीक है।

    उन्होंने आगे कहा कि देश के जवानों का साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है। राष्ट्र की सुरक्षा में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश को अपने वीर सपूतों पर सदैव गर्व रहेगा।

    डॉ. यादव ने इस अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान देशवासियों के लिए अमिट स्मृति है और राष्ट्र उनकी वीरता को सदैव याद रखेगा।

  • नई परिवहन नीति के विरोध में बस ऑपरेटर्स की हड़ताल, होली भीड़ के लिए स्पेशल ट्रेनें घोषित

    नई परिवहन नीति के विरोध में बस ऑपरेटर्स की हड़ताल, होली भीड़ के लिए स्पेशल ट्रेनें घोषित


    मध्यप्रदेश में होली के त्योहार से पहले यात्रियों के लिए राहत और चिंता दोनों तरह की खबरें सामने आई हैं। एक ओर जहां रेलवे ने बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए भोपाल मंडल से चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की है, वहीं दूसरी ओर नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च को बस ऑपरेटरों ने हड़ताल का ऐलान किया है। इससे यात्रियों को यात्रा योजना बनाने में सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    जानकारी के अनुसार, नई परिवहन नीति के विरोध में प्रदेश के बस ऑपरेटर्स 2 मार्च को बस सेवा बंद रखेंगे। कई बसों पर हड़ताल संबंधी पर्चे भी चिपकाए गए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से 2 मार्च को बस संचालन ठप रखने की बात कही गई है। होली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले बस सेवा बंद होने की स्थिति में यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्वाभाविक रूप से बस सेवा प्रभावित होने पर यात्रियों का रुख रेलवे की ओर बढ़ेगा, जिससे ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की संभावना है।

    इसी को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष ट्रेनों की घोषणा की है। भोपाल मंडल से रीवा, भोपाल और दानापुर के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। गाड़ी संख्या 02192/02191 एक-एक ट्रिप 28 फरवरी 2026 को संचालित करेगी। वहीं गाड़ी संख्या 02186/02185 नंबर की स्पेशल ट्रेन 2 और 3 मार्च 2026 को दो-दो ट्रिप चलेगी।

    इसके अलावा भोपाल-रीवा स्पेशल ट्रेन (01704/01703) 5 मार्च 2026 को एक ट्रिप करेगी। वहीं रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल ट्रेन (01667/01668) 27 फरवरी और 2 मार्च को रवाना होगी। वापसी में यह ट्रेन 28 फरवरी और 3 मार्च को चलेगी। रेलवे के इस फैसले से त्योहार के दौरान घर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    हालांकि बस हड़ताल और ट्रेनों में बढ़ती भीड़ की संभावना को देखते हुए यात्रियों को समय रहते टिकट बुक कराने और वैकल्पिक यात्रा योजना तैयार रखने की सलाह दी जा रही है। विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को रेलवे की वेबसाइट या अधिकृत काउंटर से अपडेट लेते रहना चाहिए।

    होली के अवसर पर हर वर्ष यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि देखी जाती है। ऐसे में बस सेवा बंद रहने और ट्रेनों में अतिरिक्त भीड़ के चलते यात्रा प्रबंधन प्रशासन के लिए भी चुनौती बन सकता है। फिलहाल रेलवे की ओर से की गई अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था को राहत भरा कदम माना जा रहा है, जबकि बस ऑपरेटरों की हड़ताल से परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ना तय है।

  • इंदौर में 'ग्रीन गोल्ड डे': दिनेश सहारा फाउंडेशन ने 1000 पौधों का किया रोपण, वॉकाथॉन से बढ़ाई पर्यावरण जागरूकता

    इंदौर में 'ग्रीन गोल्ड डे': दिनेश सहारा फाउंडेशन ने 1000 पौधों का किया रोपण, वॉकाथॉन से बढ़ाई पर्यावरण जागरूकता


    इंदौर में दिनेश सहारा फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘ग्रीन गोल्ड डे’ का आयोजन पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के संदेश को लेकर किया गया। यह कार्यक्रम न केवल प्रकृति के प्रति लोगों की जिम्मेदारी को उजागर करता है, बल्कि सनातन मूल्यों और आध्यात्मिक जागरूकता को भी बढ़ावा देता है। इस खास मौके पर शहर के नागरिकों, युवाओं और समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और हरित भविष्य के प्रति अपने संकल्प का प्रदर्शन किया।

    कार्यक्रम की शुरुआत पितृ पर्वत पर वृक्षारोपण अभियान से हुई। यहां स्वयंसेवकों और प्रकृति प्रेमियों ने मिलकर 1,000 से अधिक पौधे लगाए। वृक्षारोपण के साथ ही गौ सेवा का आयोजन भी किया गया, जो न केवल पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी इसकी अहमियत है। डॉ. दिनेश सहारा के साथ उनके परिवार के सदस्य सुरेश सहारा, नितेश सहारा और मनीष सहारा सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे और इस पुनीत कार्य में हिस्सा लिया।

    शाम के समय ‘ग्रीन गोल्ड वॉकाथॉन’ का आयोजन किया गया, जो 3 किलोमीटर लंबी पदयात्रा थी। इस वॉकाथॉन में इंदौर के युवा, परिवार और बुजुर्ग भाग लेने के लिए उमड़े। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों में स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करना था। डॉ. दिनेश सहारा ने इस दौरान संदेश दिया कि पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।

    कार्यक्रम में समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। इसमें रंजन नेगी, सुरेश एमजी, प्रियंशु कुमाथ, सुधींद्र मोहन शर्मा, डॉ. जगदीश यादव और पुनीत पांडे जैसे नाम शामिल थे। कार्यक्रम का समापन Walk to Heal, Sing to Feel थीम पर आधारित भजन क्लबिंग के साथ हुआ। सुरम्य भजनों ने उपस्थित लोगों को भक्ति और आत्मचिंतन के गहरे भाव से जोड़ा।

    अपने संबोधन में डॉ. दिनेश सहारा ने कहा कि हरा रंग केवल एक रंग नहीं, बल्कि जीवन की डोर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वृक्षारोपण, गौ सेवा और सामूहिक भजन ईश्वर और प्रकृति से जुड़ने के सरल माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सच्चा उत्सव सेवा और जीवन के संरक्षण में निहित है। डॉ. सहारा ने सभी से सतत विकास और आध्यात्मिक जागरूकता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

    ‘ग्रीन गोल्ड डे’ का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा और आध्यात्मिक जागरूकता को जोड़ने का अनूठा प्रयास माना जा रहा है। इंदौर के नागरिकों और युवा स्वयंसेवकों ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेकर एक संदेश दिया कि प्रकृति और समाज के प्रति जिम्मेदारी केवल एक दिन की नहीं बल्कि सतत प्रयासों से निभाई जा सकती है।

  • वल्लभ, विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में GAD टीम की सख्त कार्रवाई, समय से न आने वाले अधिकारियों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

    वल्लभ, विंध्याचल और सतपुड़ा भवन में GAD टीम की सख्त कार्रवाई, समय से न आने वाले अधिकारियों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई


    मध्यप्रदेश के तीन प्रमुख सरकारी भवन-वल्लभ भवन, विंध्याचल भवन और सतपुड़ा भवन—में कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यालयीन समयपालन की जांच के लिए GAD की विशेष टीम तैनात की गई है। यह कदम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आदेश पर लिया गया है, जो कार्यालयीन समय प्रबंधन को लेकर सख्त रवैया अपना रहे हैं। जानकारी के अनुसार, टीम का उद्देश्य समय से कार्यालय में न पहुँचने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान करना और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

    मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिया है कि गुरुवार सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक तीनों भवनों में सभी कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और किसी भी प्रकार की अनधिकृत अनुपस्थिति का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाए। इस प्रक्रिया में GAD की टीम हर कार्यालय में तैनात रहेगी और समयपालन की स्थिति का विस्तृत ब्यौरा तैयार करेगी।

    सुरक्षा और प्रशासनिक दक्षता के लिहाज से यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले ही अधिकारियों को समय से कार्यालय आने की हिदायत दी थी। उनका कहना है कि पांच दिन के कार्य सप्ताह के बावजूद कई अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं पहुँचते, जिससे प्रशासनिक काम प्रभावित होता है। इस कारण उन्होंने सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी कार्यालय समय पालन करें और कार्य सुचारू रूप से चले।

    यह निरीक्षण ऐसे समय पर किया जा रहा है जब मुख्यमंत्री राज्य के बाहर हैं। वे वर्तमान में राजस्थान और छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं। आज सीएम भीलवाड़ा में उद्योगपतियों से मुलाकात कर निवेश संभावनाओं पर चर्चा करेंगे, इसके बाद वे अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे और शाम को रायपुर लौटेंगे। इस दौरे के दौरान सचिवालयों में GAD टीम की तैनाती से यह संदेश स्पष्ट होता है कि समयपालन और प्रशासनिक अनुशासन को सख्ती से लागू किया जाएगा, भले ही मुख्यमंत्री दौरे पर हों।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अधिकारियों में समय पालन की भावना मजबूत होगी और कार्यालयीन कार्यों में बाधा कम होगी। वहीं, यह भी देखा जा रहा है कि ऐसे निरीक्षण से कर्मचारियों और अधिकारियों में जवाबदेही बढ़ती है और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आती है। GAD की टीम आने-जाने का पूरा रिकॉर्ड तैयार करेगी और अनाधिकृत अनुपस्थिति पाए जाने पर प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

    इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यों में सुचारू संचालन सुनिश्चित करना और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में कोई कमी न रहने देना है। समयपालन और अनुशासन पर यह सख्त रुख मंत्रालयों में एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

  • सेवाधाम आश्रम में 51 दिन में 11 बच्चों की मौत, 50 से अधिक की हालत गंभीर; हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

    सेवाधाम आश्रम में 51 दिन में 11 बच्चों की मौत, 50 से अधिक की हालत गंभीर; हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान


    उज्जैन । अंबोदिया स्थित अंकित सेवाधाम आश्रम में बीते डेढ़ माह के भीतर 11 बच्चों की मौत ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। 20 नवंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 के बीच हुई इन मौतों में अधिकांश बच्चे बहु-दिव्यांग थे और 10 से 18 वर्ष की आयु वर्ग में आते थे। बच्चों को गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल उज्जैन लाया गया था लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान बचाई नहीं जा सकी।

    इस मामले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास प्रमुख सचिव आयुक्त कलेक्टर उज्जैन जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी और आश्रम अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। अदालत ने आश्रम की निरीक्षण रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।

    शासकीय चरक अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार दिसंबर 2025 में 8 और जनवरी 2026 में 2 बच्चों की मौत हुई। सभी मामलों में पोस्टमॉर्टम शासकीय चरक भवन अस्पताल में थाना भैरवगढ़ पुलिस की मौजूदगी में कराया गया। अस्पताल के आरएमओ डॉ. चिन्मय चिंचोलेकर ने बताया कि अधिकांश बच्चों में एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियां पाई गईं और कुछ को मृत अवस्था में लाया गया जबकि कुछ की इलाज के दौरान मौत हुई।

    अंकित सेवाधाम आश्रम में वर्तमान में लगभग 250 निराश्रित और दिव्यांग बच्चे रह रहे हैं जिनमें से 50 से अधिक की हालत गंभीर बताई जा रही है। आश्रम संचालक सुधीर भाई गोयल ने कहा कि आश्रम में आने वाले अधिकांश बच्चे पहले से ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित होते हैं। कई बच्चे स्वयं चलने-उठने या भोजन करने में असमर्थ हैं।

    करीब 1.5 साल पहले इंदौर के युग पुरुष धाम आश्रम में बच्चों की मौत और बीमारी के मामलों के बाद प्रशासन ने उस आश्रम की मान्यता रद्द कर दी थी। इसके बाद वहां रह रहे 86 दिव्यांग बच्चों को उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में शिफ्ट किया गया जिनमें अधिकांश मृतक भी शामिल थे।

    सुधीर भाई गोयल ने कहा कि मृतक बच्चे पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। उनमें सांस लेने में कठिनाई खून की कमी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं थीं। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों का इलाज पहले से ही विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा था और उनकी गंभीर स्थिति के कारण उन्हें आश्रम में रखा गया।

    मामले की संवेदनशीलता और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए हाईकोर्ट ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अदालत के नोटिस के बाद आश्रम और संबंधित स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी और कड़ी करने की संभावना जताई जा रही है।