Category: Madhya Pradesh

  • MP: गुना के चौचौड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला… कांस्टेबल को बंधक बनाकर पीटा

    MP: गुना के चौचौड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला… कांस्टेबल को बंधक बनाकर पीटा


    गुना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पुलिस टीम (Police team) पर हमला करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस पर लाठी डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। भीड़ ने पहले एक कांस्टेबल को बंधक बनाकर पीटा। उसे छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम पर भी ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान एक ASI गंभीर रूप से घायल हो गया।

    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना जिले (Guna district) के चांचौड़ा थाना क्षेत्र के पेंची गांव में ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस पर लाठी डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। भीड़ ने पहले एक कांस्टेबल को बंधक बनाया, जिसे छुड़ाने पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला करदिया। इस दौरान एक ASI गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं कॉन्स्टेबल भी घायल हुआ।

    घटना की पृष्ठभूमि 28 दिसंबर को दर्ज एक युवती की गुमशुदगी से जुड़ी है। मोहम्मदपुर निवासी लोधा समाज की युवती एक मीना समाज के युवक के साथ लापता हो गई थी। दोनों ने 1 जनवरी को प्रेम विवाह कर लिया था। सोमवार को इसी मामले को लेकर ग्रामीण और समाजबंधु बीनागंज चौकी पहुंचे और युवती को परिवार के सुपुर्द करने की मांग करने लगे।

    युवती के बालिग होने के कारण पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए। युवती ने युवक के साथ रहने और अपनी सुरक्षा की मांग की। इसके बाद पुलिस ने उसे वन-स्टॉप सेंटर भेज दिया। यह फैसला होने के बाद ग्रामीण चौकी से लौट गए। पेंची गांव पहुंचने के बाद कुछ लोगों ने एनएच-46 पर चक्काजाम की कोशिश शुरू कर दी। इसी दौरान युवक के घर में आग लगाने की धमकियां भी दी गईं, जिससे तनाव और बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर एक कांस्टेबल मौके पर पहुंचा, लेकिन भीड़ ने उसे घेर लिया और बंधक बनाकर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी।

    कांस्टेबल को छुड़ाने चौकी प्रभारी के साथ पुलिस और एसएएफ के आधा दर्जन जवान गांव पहुंचे। इसी दौरान खेतों और घरों की आड़ से आई भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव और लाठियों से हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल गांव में तैनात किया गया है। घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • MP: शिवपुरी में रोड शो के दौरान चोटिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन

    MP: शिवपुरी में रोड शो के दौरान चोटिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन


    शिवपुरी।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के पुत्र और एमपीसीए अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया (Mahaaryaman Scindia) शिवपुरी दौरे (Shivpuri Tour) के दौरान मामूली रूप से चोटिल हो गए। स्टेडियम में लोगों का अभिवादन करते समय गाड़ी में अचानक ब्रेक लगने से उनके सीने में चोट आई जिसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचे। वहां उनका इलाज हुआ। अपने दौरे के दौरान उन्होंने महिला क्रिकेट खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खुद भी क्रिकेट खेली। महाआर्यमन ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में क्रिकेट को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए तीन स्तरीय रणनीति साझा की जिसमें स्काउटिंग बेहतर बनाने, एकेडमी विकसित करने और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए डेटा कलेक्शन पर जोर दिया गया है।


    सीने में लगी चोट

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया जब शिवपुरी के स्टेडियम में लोगों को अभिवादन कर रहे थे तभी गाड़ी में अचानक ब्रेक लगाने से उन्हें मामूली चोट आई। सीने में चोट से दर्द की शिकायत के बाद महाआर्यमन सिंधिया जिला अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने सीटी स्कैन कराकर प्राथमिक उपचार लिया।


    भव्य रोड शो में हुए शामिल

    महाआर्यमन सिंधिया पहली बार शिवपुरी दौरे पर है। उनका दूसरा दिन रहा एमपीसीए अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला शिवपुरी आगमन रहा। इससे पहले रविवार शाम को शिवपुरी पहुंचने पर वह भव्य रोड शो में शामिल हुए। इस रोड शो में बड़ी संख्या में सिंधिया समर्थक मौजूद रहे।


    खेली क्रिकेट

    दौरे के दूसरे दिन महाआर्यमन सिंधिया श्रीमंत माधवराव सिंधिया खेल परिसर पहुंचे। उन्होंने शिवपुरी में आयोजित 69वीं महिला अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग ले रहीं खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने महिला खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेल को लेकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने क्रिकेट खेला और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।

    सूबे कैसे मजबूत होगी क्रिकेट? बताया प्लान
    महाआर्यमन सिंधिया ने बताया कि मध्य प्रदेश में क्रिकेट को मजबूत करने के लिए तीन स्तरीय रणनीति तैयार की गई है। पहले चरण में डिविजन और जिला स्तर के टूर्नामेंट्स कराए जाएंगे और स्काउटिंग सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा। दूसरे चरण में हर डिविजन में मजबूत क्रिकेट एकेडमी और कोचिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि स्थानीय प्रतिभाओं पर निरंतर नजर रखी जा सके। तीसरे चरण में खिलाड़ियों के प्रदर्शन से जुड़ा डेटा कलेक्शन किया जाएगा, जिसमें रन, विकेट, फील्डिंग और ऐतिहासिक रिकॉर्ड शामिल होंगे ताकि चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सके।

  • ग्वालियर व्यापार मेले में आरटीओ टैक्स छूट में देरी कारोबारियों और खरीदारों का उत्साह टूटा

    ग्वालियर व्यापार मेले में आरटीओ टैक्स छूट में देरी कारोबारियों और खरीदारों का उत्साह टूटा


    ग्वालियर । ग्वालियर का ऐतिहासिक व्यापार मेला जिसे शहर की शान कहा जाता है इस बार कुछ अलग ही स्थिति का सामना कर रहा है। मेला तो शुरू हो गया लेकिन ऑटोमोबाइल सेक्टर में उस उत्साह का अभाव है जो हर साल होता था। 25 दिसंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा मेले का भव्य उद्घाटन किया गया था लेकिन इसके बाद भी आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट की घोषणा नहीं हो पाई है।उम्मीद थी कि मेले के उद्घाटन के बाद यह छूट तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी जिससे शोरूम्स पर वाहनों की बिक्री तेज हो जाएगी। लेकिन शासन स्तर पर हो रही देरी के कारण न केवल कारोबारियों बल्कि ग्राहकों का भी उत्साह ठंडा पड़ चुका है।

    पिछली बार की तुलना में देरी जारी

    ग्वालियर व्यापार मेले में आरटीओ टैक्स छूट मिलने में देरी का सिलसिला पिछले तीन वर्षों से जारी है। 2022-23 में आरटीओ टैक्स छूट का नोटिफिकेशन मेले के दो दिन पहले ही आया था लेकिन 2023-24 और 2024-25 के दौरान भी यही स्थिति रही जब छूट मकर संक्रांति के आसपास ही लागू हो पाई।अब जबकि मेला 2025-26 के लिए शुरू हो चुका है और इसे शुरू हुए 10 दिन हो गए हैं फिर भी आरटीओ टैक्स छूट का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। इसका सीधा असर शोरूम्स की बिक्री पर पड़ा है।

    शोरूम्स पर सजी गाड़ियां लेकिन बिक्री ठप

    मेले में इस बार सैकड़ों लोग अपनी पसंदीदा कारों और दोपहिया वाहनों की बुकिंग कर चुके हैं लेकिन सभी लोग आरटीओ टैक्स में छूट का इंतजार कर रहे हैं। बिना टैक्स छूट के अधिकांश लोग गाड़ी की डिलीवरी लेने को तैयार नहीं हैं जिससे शोरूम्स की बिक्री का पहिया पूरी तरह से थम गया है।

    व्यापारी और ग्राहक दोनों की उम्मीदें

    व्यापारियों का कहना है कि उन्हें इस साल बिक्री में अच्छी उम्मीदें थीं क्योंकि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार मेले में आटोमोबाइल सेक्टर का आकर्षण ज्यादा था। लेकिन अब तक छूट का नोटिफिकेशन न आने से उनके कारोबार पर गंभीर असर पड़ा है। ग्राहकों का कहना है कि वे छूट के बाद ही गाड़ी की डिलीवरी लेने के लिए तैयार हैं क्योंकि यह उन्हें एक अच्छा लाभ प्रदान करेगा।

    क्या है आरटीओ टैक्स में छूट

    आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट से ग्राहकों को अपनी गाड़ी खरीदने में काफी राहत मिलती है। यह छूट ग्वालियर व्यापार मेला में आमतौर पर हर साल दी जाती है लेकिन इस बार शासन स्तर पर देरी के कारण व्यापारियों और ग्राहकों दोनों का भरोसा डगमगा गया है।ग्वालियर व्यापार मेले में टैक्स छूट मिलने के बाद व्यवसायिक गतिविधियां तेज हो जाती हैं और मेले का उत्साह भी दोगुना हो जाता है। लेकिन इस बार की देरी ने इसे प्रभावित किया है और कारोबारियों को अब उम्मीद है कि शीघ्र ही नोटिफिकेशन जारी होगा।

  • इंदौर में गंदा पानी फैलाता है GBS महामारी, जानें इसका इलाज और बचाव के उपाय

    इंदौर में गंदा पानी फैलाता है GBS महामारी, जानें इसका इलाज और बचाव के उपाय


    इंदौर । इंदौर का भागीरथपुरा इलाका इस समय गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहा है। दूषित पानी के कारण शुरू हुई उल्टी और दस्त की समस्या अब एक खतरनाक न्यूरोलॉजिकल बीमारी गुइलेन-बैरे सिंड्रोम में बदल चुकी है। यह बीमारी चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए भी चिंता का कारण बन गई है क्योंकि इसके इलाज में न सिर्फ जटिलता है बल्कि खर्च भी बहुत ज्यादा है।
    इंदौर त्रासदी के आंकड़े
    अब तक इंदौर प्रशासन ने इस बीमारी से 6 मौतों की पुष्टि की है जबकि स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक यह आंकड़ा 16 तक पहुंच चुका है। लगभग 200 लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं और 150 से ज्यादा मरीजों का इलाज जारी है। इन मरीजों में से कई को वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत है।
    गुइलेन-बैरे सिंड्रोम GBS क्या है
    चिकित्सकों के मुताबिक गुइलेन-बैरे सिंड्रोम एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थिति है जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम अपनी ही नसों पर हमला करता है। इसका कारण दूषित पानी से पेट में संक्रमण होना होता है जिससे शुरुआत में उल्टी-दस्त होते हैं। इसके बाद मरीजों को हाथ-पैर में झुनझुनी सुन्नपन और कमजोरी महसूस होती है और स्थिति गंभीर होने पर पैरालिसिस लकवा और सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।यदि समय पर इलाज न मिले तो 10% मामलों में यह बीमारी घातक साबित हो सकती है।

    इलाज और खर्च
    GBS का इलाज बेहद महंगा है। एक इंजेक्शन की कीमत लगभग ₹30000 तक होती है और गंभीर मामलों में इलाज का कुल खर्च ₹10 लाख से ₹15 लाख तक पहुंच सकता है। कई मरीजों को 10 या उससे ज्यादा इंजेक्शन और वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत होती है। हालांकि राहत की बात यह है कि अगर इलाज समय पर शुरू किया जाए तो 70% मरीज पूरी तरह से ठीक हो सकते हैं।
    प्रशासन की अपील और बचाव के उपाय
    स्वास्थ्य विभाग ने इस बीमारी के फैलने के कारण दूषित पानी को जिम्मेदार ठहराया है। विशेषज्ञों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे पानी उबालकर पियें और खाने-पीने की चीजों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति को यदि हाथ-पैर में कमजोरी झुनझुनी या सुन्नपन महसूस हो तो उसे सामान्य कमजोरी न समझते हुए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
    बचाव के उपाय
    पानी उबालकर पिएं दूषित पानी से बचने के लिए यह सबसे प्रभावी तरीका है।स्वच्छता का ध्यान रखें व्यक्तिगत स्वच्छता और खाने-पीने की चीजों की सफाई पर विशेष ध्यान दें। सावधानी रखें यदि शरीर में कमजोरी या झुनझुनी महसूस हो तो इसे सामान्य न समझें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इस महामारी से बचाव के लिए प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है और स्थानीय लोग भी जल्द ही इससे उबरने के उपायों को अपनाने के लिए तैयार हैं।

  • उज्जैन में बाबा महाकाल का भांग और भस्म से अलौकिक शृंगार दर्शन कर गदगद हुए श्रद्धालु

    उज्जैन में बाबा महाकाल का भांग और भस्म से अलौकिक शृंगार दर्शन कर गदगद हुए श्रद्धालु


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में माघ मास की कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर सोमवार सुबह भस्म आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी तांता लगा जो रातभर लाइन में लगे रहे ताकि वे बाबा महाकाल के दर्शन कर सकें। ब्रह्म मुहूर्त में बाबा महाकाल का विशेष शृंगार किया गया जिसमें भांग और भस्म से सजावट की गई।

    विशेष शृंगार और भस्म आरती का महत्व

    बाबा महाकाल का शृंगार भांग और भस्म से किया गया जो भगवान शिव का प्रिय अलंकार मानी जाती है। यह शृंगार जीवन और मृत्यु के चक्र और निराकार स्वरूप का प्रतीक है। मंदिर के गर्भगृह में सुबह करीब 4 बजे बाबा महाकाल का विशेष शृंगार किया गया। उनका मस्तक चंद्रमा और कमल से सजाया गया जो श्रद्धालुओं के लिए एक अलौकिक दृश्य था। यह देखकर भक्त गदगद हो गए और जय श्री महाकाल के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।
    धार्मिक मान्यता के अनुसार भस्म श्मशान से लाई गई ताजी चिता की राख से बनाई जाती है जिसमें गोहरी पीपल पलाश शमी और बेल की लकड़ियों की राख भी मिलाई जाती है। इस शृंगार के बाद भक्तों को पवित्रता और मोक्ष की प्राप्ति होती है। भस्म आरती की यह परंपरा सदियों पुरानी है और हर दिन हजारों भक्त इस आरती में भाग लेने के लिए मंदिर पहुंचते हैं।

    भस्म आरती की पारंपरिक प्रक्रिया

    महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती दुनिया में अपनी तरह की एकमात्र आरती मानी जाती है। यह आरती ब्रह्म मुहूर्त में सुबह करीब 4 बजे शुरू होती है। इस दौरान भगवान शिव का शृंगार और आरती भस्म से की जाती है। आरती के समय शंखनाद ढोल-नगाड़ों और मंत्रोच्चार के बीच भस्म चढ़ाई जाती है। इसके बाद पंचामृत अभिषेक और अन्य अलंकारों से बाबा महाकाल को सजाया जाता है।इस आरती में भक्तों की आस्था और श्रद्धा का कोई जवाब नहीं होता। कई भक्तों का मानना है कि भस्म आरती में भाग लेने से उन्हें अपने जीवन के संकटों से मुक्ति मिलती है और वे सुख-समृद्धि के साथ-साथ मोक्ष भी प्राप्त करते हैं।

    महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भस्म आरती के समय महाकाल निराकार स्वरूप में होते हैं इस कारण महिलाओं को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होती। हालांकि विशेष व्यवस्था के तहत महिलाएं बाहर से दर्शन कर सकती हैं। इसके अलावा महिलाएं सिर पर घूंघट या ओढ़नी डालकर ही मंदिर परिसर में प्रवेश करती हैं ताकि वे श्रद्धा और सम्मान के साथ पूजा-अर्चना कर सकें।

    श्रद्धालुओं की श्रद्धा और उत्साह

    देर रात से ही बाबा महाकाल के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगना शुरू हो गया था। उज्जैन का महाकाल मंदिर हमेशा श्रद्धालुओं से भरा रहता है और इस विशेष दिन पर तो भक्तों की भीड़ और भी अधिक थी। श्रद्धालु इस अवसर को अत्यंत पवित्र मानते हुए बाबा महाकाल के दर्शन करके अपार आशीर्वाद प्राप्त करने की उम्मीद में आते हैं।

    सदियों पुरानी परंपरा

    महाकाल की भस्म आरती एक ऐसी परंपरा है जो सदियों से चली आ रही है और आज भी इसका महत्व उतना ही है। यह धार्मिक आयोजन न केवल श्रद्धालुओं के लिए पुण्य का अवसर है बल्कि यह उज्जैन के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव का प्रतीक भी है। भक्त यहां आकर अपने जीवन के सारे दुखों से मुक्त होकर संतुष्ट महसूस करते हैं।

  • सागर में निगमायुक्त ने जलस्रोतों की गुणवत्ता जांच करवाई कुएं और हैंडपंप का जल पीने योग्य नहीं

    सागर में निगमायुक्त ने जलस्रोतों की गुणवत्ता जांच करवाई कुएं और हैंडपंप का जल पीने योग्य नहीं


    सागर । सागर नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने सोमवार को नगर निगम टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड सीवर प्रोजेक्ट और एमपीयूडीसी के अधिकारियों के साथ नगर के जलस्रोतों की जांच की। इस दौरान वे जवाहरगंज भीतर बाजार स्थित शीतला माता मंदिर के पास पहुंचे जहां पानी की गुणवत्ता की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि इन जलस्रोतों में बड़ी मात्रा में अम्लीय गंदा पानी मिल चुका था जो पीने के लिए सुरक्षित नहीं है।

    अधिकांश नागरिक इन कुओं और हैंडपंप का पानी पीने के लिए उपयोग कर रहे थे। इसलिए निगमायुक्त ने तत्काल कदम उठाते हुए इन कुओं और हैंडपंपों पर लाल रंग से यह चेतावनी लिखवाने का आदेश दिया कि इस जल का उपयोग न करें यह पीने योग्य नहीं है। निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जलस्रोत गुणवत्ता में सही न पाए जाएं उन पर इस तरह की चेतावनी तत्काल लिखवाई जाए। उन्होंने कहा जब तक इन जलस्रोतों का पानी वैज्ञानिक तरीके से टेस्ट न हो जाए तब तक इन्हें पीने योग्य नहीं माना जाएगा।

    स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता

    राजकुमार खत्री ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्तमान में टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड द्वारा राजघाट जलप्रदाय योजना के तहत प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। इस जल की नियमित गुणवत्ता जांच कराई जा रही है और मानकों के अनुरूप पाए जाने पर ही इसकी आपूर्ति की जा रही है।

    नागरिकों से अपील

    नगर निगम आयुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे तब तक कुओं और हैंडपंप के पानी का उपयोग पेयजल के रूप में न करें जब तक उसकी गुणवत्ता जांच पूरी न हो जाए।

  • अमरकंटक में शीतलहर का प्रकोप बर्फ से ढकी वादियां शिमला-मनाली जैसा नजारा

    अमरकंटक में शीतलहर का प्रकोप बर्फ से ढकी वादियां शिमला-मनाली जैसा नजारा


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अमरकंटक में सोमवार सुबह तापमान में आई गिरावट ने क्षेत्र को बर्फीला बना दिया। सतपुड़ा और विंध्य की पहाड़ियों पर समुद्र तल से 1048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरकंटक में नर्मदा नदी तट मैदानों और खुले स्थानों पर पाला जम गया और घास पर ओस बर्फ की तरह दिखने लगी। तापमान शून्य डिग्री के करीब पहुंचते ही पूरा क्षेत्र शीतलहर और घना कोल्ड स्नैप से ढक गया जिससे यह स्थान शिमला और मनाली जैसे पहाड़ी क्षेत्रों का रूप धारण कर चुका था।

    शून्य डिग्री के पास पहुंचा तापमान

    मौसम विभाग के मुताबिक अमरकंटक का न्यूनतम तापमान एक बार फिर शून्य डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। नववर्ष के बाद तीन दिनों तक काले बादल छाए रहे जिससे ठंड में थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन जैसे ही बादल छंटे ठंड का असर जबरदस्त रूप से बढ़ गया। इसका असर यह रहा कि घास-फूस पत्तियों और वाहनों की छतों पर बर्फ की मोटी परत जम गई।

    सफेद चादर में ढकी अमरकंटक

    रामघाट माई की बगिया जमुना दादर कपिलधारा और अन्य क्षेत्रों में सुबह बर्फ का नजारा कुछ इस प्रकार था कि अमरकंटक की वादियां शिमला कुल्लू और मनाली जैसी लग रही थीं। पूरी नगरी बर्फ की सफेद चादर में ढकी हुई नजर आ रही थी जिससे प्रकृति का अनोखा सौंदर्य सामने आ रहा था।

    श्रद्धालुओं की अटूट आस्था

    कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद अमरकंटक में श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और पर्यटक मां नर्मदा के पावन जल में डुबकी लगाने के लिए आए। ठंडी हवाओं के बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी नहीं आई और वे स्नान व दर्शन करने में व्यस्त रहे।

    पर्यटकों का विशेष आकर्षण

    अमरकंटक का बर्फ से ढका नजारा ठंडी हवाएं और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां आने वाले पर्यटक इस बर्फीले मौसम और प्राकृतिक नजारों से अभिभूत नजर आ रहे हैं। अमरकंटक की ठंड और बर्फीली हवाएं इन दिनों एक विशेष अनुभव बन चुकी हैं और यह स्थान पर्यटकों के लिए एक अद्वितीय गंतव्य बन गया है।

  • भोपाल में 1.16 लाख वोटरों की अग्निपरीक्षा आज से मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान जारी

    भोपाल में 1.16 लाख वोटरों की अग्निपरीक्षा आज से मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान जारी


    भोपाल । भोपाल में मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान के तहत 116925 वोटर्स की पहचान की जा चुकी है जिनका डिजिटल नक्शे में कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसका मतलब है कि ये मतदाता निर्वाचन आयोग के मानचित्र पर लापता हैं। सोमवार से इन वोटरों की नागरिकता और मतदान अधिकारों की सुनवाई शुरू हो रही है जिससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी योग्य मतदाता वोट देने से वंचित न रहे।

    भोपाल के सभी 85 वार्ड कार्यालयों तहसील और नजूल दफ्तरों में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी सोमवार से इन नो-मैपिंग मतदाताओं की दलीलें सुनेंगे। अब तक जिला निर्वाचन कार्यालय 50000 से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस भेज चुका है और बीएलओ बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर भी नोटिस वितरित कर रहे हैं।

    इस प्रक्रिया के अंतर्गत 4.38 लाख फर्जी या अपात्र मतदाताओं के नाम सूची से काटे जा चुके हैं और अब ये वोटर अपनी सुनवाई में भाग न लेने पर चुनाव के दिन पोलिंग बूथ पर अपना नाम नहीं पाएंगे। इस बीच दो लाख नए मतदाताओं को जोड़ने का अनुमान है और फार्म-6 का वितरण जारी है।

    सुनवाई में जाने के लिए जरूरी दस्तावेज

    यदि आपको नोटिस मिला है तो अपनी नागरिकता और उम्र प्रमाणित करने के लिए आपको कुछ दस्तावेज साथ लाने होंगे जैसे,आधार कार्ड या पासपोर्ट,निवास प्रमाण पत्र बिजली बिल या राशन कार्ड,आयु प्रमाण पत्र,जारी किया गया नोटिस ।

    नो-मैपिंग की समस्या का कारण

    वोटर आईडी अपडेट न कराने के कारण कई लोग नो-मैपिंग समस्या का सामना कर रहे हैं खासकर वे लोग जिनका घर बदल चुका है। उप निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने कहा “यह सुनवाई आपके डिजिटल रूप से सुरक्षित होने का एक मौका है और यह लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है। अगर आप नोटिस मिलने के बाद भी सुनवाई में नहीं जाते तो आप मतदान से बाहर हो सकते हैं। मतदान के दिन अपनी पहचान और लोकतांत्रिक अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है।

  • इंदौर भागीरथपुरा कांड के खिलाफ कांग्रेस की न्याय यात्रा 11 जनवरी को जुटेंगे सभी विधायक

    इंदौर भागीरथपुरा कांड के खिलाफ कांग्रेस की न्याय यात्रा 11 जनवरी को जुटेंगे सभी विधायक


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण हुई मौतों के खिलाफ कांग्रेस ने अब एक निरंतर आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा नहीं होता कांग्रेस का यह आंदोलन जारी रहेगा। पटवारी ने विजयवर्गीय को घटनाओं का सरगना बताते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस उन्हें जवाबदेह ठहराने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।

    शनिवार को भागीरथपुरा में कांग्रेस नेताओं को पुलिस द्वारा रोके जाने के मामले में पटवारी ने मुख्यमंत्री और मंत्री के रवैये की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन का रवैया पूरी तरह से पक्षपाती और अव्यवस्थित है। इसके अलावा कांग्रेस ने 11 जनवरी को न्याय यात्रा निकालने का निर्णय लिया है जो बड़ा गणपति मंदिर से शुरू होकर राजवाड़ा तक जाएगी। इस यात्रा में प्रदेश भर के प्रमुख कांग्रेस नेता और सभी विधायक शामिल होंगे।

    कांग्रेस की बैठक रविवार को गांधी भवन में आयोजित की गई जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तय की गई। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस की इंदौर प्रभारी उषा नायडू पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा और जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

    आंदोलन को और तेज करने के लिए कांग्रेस ने 6 जनवरी को इंदौर के सभी 85 वार्डों में प्रमुख चौराहों पर मोमबत्तियां जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का निर्णय लिया है। इसके बाद 7 जनवरी को महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ता मंत्री विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगते हुए विरोध प्रदर्शन करेंगी।कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती।

  • विदिशा में डकैती: चौकीदार पर पत्थर बरसाकर बदमाशों ने 29 लाख रुपये की 12 किलो चांदी लूटी

    विदिशा में डकैती: चौकीदार पर पत्थर बरसाकर बदमाशों ने 29 लाख रुपये की 12 किलो चांदी लूटी


    विदिशा । मध्य प्रदेश के विदिशा में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को एक बड़ी डकैती की घटना सामने आई है। खरीफाटक रोड पर स्थित अरिहंत ज्वेलर्स की दुकान पर आठ से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर 29 लाख रुपये से ज्यादा कीमत की 12 किलो चांदी लूट ली। इस डकैती में बदमाशों ने सबसे पहले वहां तैनात चौकीदारों पर पत्थर फेंके और फिर दुकान का शटर उखाड़कर अंदर रखी सोने और चांदी की ज्वेलरी चुरा ली।

    सीसीटीवी फुटेज के अनुसार यह घटना रात के ढाई बजे के आसपास हुई थी। बदमाशों ने बाउंड्रीवाल कूदकर दुकान तक पहुंचने का रास्ता बनाया। यहां तक कि उन्होंने दुकान के पीछे की बाउंड्री को तोड़ दिया और तारफेंसिंग हटा दी। घटना के दौरान चौकीदार अतरसिंह विश्वकर्मा और अमित शर्मा को बदमाशों ने पत्थरों से हमला किया और उन्हें करीब 500 मीटर तक खदेड़ा।

    सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने बताया कि इस घटना के बाद पुलिस ने आठ टीमों का गठन किया है। इनमें से कुछ टीमों को आसपास के जिलों में भेजा गया है और कुछ तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस को शक है कि बदमाश चार पहिया वाहन का इस्तेमाल कर फरार हुए हो सकते हैं और वह अन्य जिलों से आए हो सकते हैं।

    एसपी ने बताया कि व्यापारियों को पहले ही सतर्क किया गया था कि वे अपनी दुकानों में ज्यादा ज्वेलरी न रखें। इस घटना के बाद व्यापारियों में दहशत फैल गई है और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही बदमाशों को पकड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।