Category: Madhya Pradesh

  • तेलंगाना में ATM कटिंग के तीन बदमाश ग्वालियर में गिरफ्तार, मेहरा टोल पर घेराबंदी

    तेलंगाना में ATM कटिंग के तीन बदमाश ग्वालियर में गिरफ्तार, मेहरा टोल पर घेराबंदी


    ग्वालियर में तेलंगाना पुलिस की सूचना पर एक समय पर कार्रवाई करते हुए एटीएम कटिंग के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी मेहरा टोल प्लाजा पर घेराबंदी के दौरान दबोचे गए, जब वे मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे थे। तीनों आरोपियों को जल्द ही तेलंगाना पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा। ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि तेलंगाना पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। सूचना में बताया गया था कि एटीएम कटिंग में शामिल यह गिरोह उत्तर भारत की ओर भाग रहा है। बुधवार देर रात मेहरा टोल बैरियर पर नाकाबंदी की गई और कुछ ही देर बाद संदिग्ध बोलेरो कार को रोका गया। कार में सवार तीनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार किया गया।

    आरोपी और गिरोह की जानकारी
    पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई: 26 वर्षीय वाजिव, पुत्र अब्दुल गफूर, बड़ागांव, हरियाणा 40 वर्षीय अब्दुल्ला, पुत्र मजीद खान, वादिली गांव, हरियाणा  23 वर्षीय आमिर, पुत्र रशीद अंसारी, अलवल, हैदराबाद, तेलंगानातीनों अलग-अलग राज्यों के निवासी हैं और संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे।

    बरामदगी और पूछताछ

    तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से एटीएम कटिंग में इस्तेमाल होने वाले कटर, ब्लेड, पेजकश, टॉमी, चाबियां और अन्य औजार बरामद किए गए। इसके अलावा, वारदात में प्रयुक्त बोलेरो कार भी जब्त की गई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने तेलंगाना में कई एटीएम कटिंग की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह खास तौर पर सर्दियों के मौसम का फायदा उठाता था। रात में आवाज कम सुनाई देने और लोगों की आवाजाही कम होने के कारण आरोपी एटीएम कटिंग की योजना बनाते थे। वारदात के बाद वे तुरंत राज्य बदल लेते थे, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी कठिन हो जाती थी।

    कार्रवाई और आगे की योजना

    ग्वालियर पुलिस ने गिरफ्तारी की सूचना तुरंत तेलंगाना पुलिस को दी। तेलंगाना पुलिस की टीम ग्वालियर के लिए रवाना हो गई है और गुरुवार रात तक पहुंचने की संभावना है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर तेलंगाना ले जाया जाएगा।पुलिस का मानना है कि समय पर की गई इस कार्रवाई से ग्वालियर और आसपास के इलाकों में संभावित एटीएम कटिंग की कई वारदातें टल गई हैं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी पिछली गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

    प्रशासन और सुरक्षा संदेश

    इस गिरफ्तारी से यह साबित होता है कि अंतरराज्यीय समन्वय और समय पर सूचना साझा करना अपराध नियंत्रण में कितना अहम है। ग्वालियर पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते अपराध को रोका जा सके।
  • खेत में मवेशी घुसाने का विरोध करने पर महिला की पीट-पीटकर हत्या कटनी के बरही में तनाव

    खेत में मवेशी घुसाने का विरोध करने पर महिला की पीट-पीटकर हत्या कटनी के बरही में तनाव


    कटनी । मध्य प्रदेश के कटनी जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ के बरही थाना क्षेत्र स्थित ग्राम धवैया में महज फसल चराने के विवाद को लेकर एक दबंग युवक ने महिला पर लाठियों से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतका की पहचान धवैया निवासी कलावती कुशवाहा पति भोला प्रसाद कुशवाहा के रूप में हुई है। गुरुवार देर रात जिला अस्पताल में उपचार के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया जिसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    विवाद की जड़ फसल और मवेशी

    घटनाक्रम के अनुसार यह पूरा विवाद 29 दिसंबर को शुरू हुआ था। कलावती कुशवाहा के खेत में गेहूं की फसल लगी हुई थी। आरोप है कि गांव के ही रज्जन पाठक ने जानबूझकर अपने मवेशी महिला के खेत में घुसा दिए। जब महिला ने अपनी मेहनत से उगाई फसल को उजड़ते देख विरोध किया और मवेशियों को बाहर निकालने को कहा तो आरोपी रज्जन आक्रोशित हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने आव देखा न ताव और अपने पास रखी लाठी से कलावती पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार आरोपी ने महिला के सिर और पीठ पर ताबड़तोड़ वार किए जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। हमले के बाद आरोपी ने जाते-जाते महिला को जान से मारने की धमकी भी दी।

    पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

    घटना के तुरंत बाद घायल महिला थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक उपचार के लिए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरही ले जाया गया जहाँ से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया और घटना के बाद आरोपी पर मामूली धाराओं के तहत केस दर्ज किया। परिजनों का कहना है कि जब महिला की हालत बिगड़ने लगी और मामला तूल पकड़ने लगा तब जाकर पुलिस ने दो दिन बाद हत्या के प्रयास धारा 307 का मामला जोड़ा। अब महिला की मौत के बाद पुलिस पर दबाव है कि इसे हत्या धारा 302 के मामले में तब्दील किया जाए।

    आरोपी हिरासत में गांव में मातम

    गुरुवार की रात महिला की मौत की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बरही थाना पुलिस सक्रियता दिखाते हुए आरोपी रज्जन पाठक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट के आधार पर मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। यह घटना ग्रामीण अंचलों में बढ़ते विवादों और कानून व्यवस्था के प्रति अपराधियों के निडर रवैये को दर्शाती है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पीड़िता के परिवार को न्याय मिल सके।

  • इंदौर में दूषित पानी से 15वीं मौत, पेयजल लाइन में सीवेज मिलने की पुष्टि; NHRC ने मांगी रिपोर्ट

    इंदौर में दूषित पानी से 15वीं मौत, पेयजल लाइन में सीवेज मिलने की पुष्टि; NHRC ने मांगी रिपोर्ट


    इंदौर /मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैली बीमारी ने एक और जान ले ली है। गुरुवार को 68 वर्षीय गीताबाई की मौत के साथ ही इस जल त्रासदी में मृतकों की संख्या 15 हो गई। अब तक 16 बच्चों सहित 201 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि सभी मौतें और बीमारियां दूषित पानी पीने के कारण हुई हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी CMHO डॉ. माधव हसानी ने बताया कि जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पानी में बैक्टीरियल संक्रमण था। मरीजों में डायरिया, उल्टी और तेज बुखार जैसे लक्षण पाए गए, जो पानी से फैलने वाली बीमारियों के संकेत हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि विस्तृत रिपोर्ट और कल्चर टेस्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे संक्रमण के सटीक कारणों का पता चलेगा।

    राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्वीकार किया कि भागीरथपुरा में पेयजल लाइन में सीवेज का पानी मिला। पाइपलाइन पुलिस चौकी के पास से गुजर रही है, जहां से लीकेज की आशंका सबसे अधिक है। शौचालय के नीचे से गुजर रही जल आपूर्ति लाइन में सीवेज के मिलने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है और प्रभावित इलाके में टैंकरों से साफ पानी सप्लाई किया जा रहा है।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग NHRC ने इस गंभीर जनस्वास्थ्य संकट पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में मौतों के कारण, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और पीड़ितों को दी गई सहायता का ब्यौरा मांगा गया है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में आज दोपहर 12 बजे के बाद सुनवाई होने की संभावना है। जबलपुर स्थित हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ऑनलाइन सुनवाई करेगी। कोर्ट ने राज्य सरकार से अब तक की कार्रवाई और स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रेनेज के पानी में शिगेला, साल्मोनेला, हैजा कोलेरा और ई. कोलाई जैसे घातक बैक्टीरिया पाए जा सकते हैं। यदि यह पानी पेयजल लाइन में मिल जाए, तो यह अत्यंत विषैला हो जाता है और जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी है।

    इंदौर की यह घटना प्रशासनिक लापरवाही और शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर चिंता पैदा करती है। पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत, संक्रमित क्षेत्र में पानी की सप्लाई और लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए गए हैं। अब इस त्रासदी की आगे की कार्रवाई NHRC रिपोर्ट और अदालत के निर्देशों पर निर्भर करेगी।भागीरथपुरा जल संकट ने यह साबित कर दिया है कि शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था में निगरानी और नियमित निरीक्षण न होने पर छोटे-छोटे लीकेज भी बड़े जनस्वास्थ्य संकट में बदल सकते हैं। प्रशासन और सरकार दोनों के लिए यह चेतावनी है कि शहरों में जल सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

  • इंदौर में दूषित पानी से 15 मौतें राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर बोला हमला

    इंदौर में दूषित पानी से 15 मौतें राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर बोला हमला


    इंदौर । इंदौर में गंदा पानी पीने से हुए मौतों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के सेवन से अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 338 नए मरीजों में से 32 की हालत गंभीर है। गंदे पानी की लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया। इस पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में आम आदमी को पानी नहीं बल्कि जहर दिया गया है। उनका कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ है और अब भी कार्रवाई नहीं हो रही है।

    राहुल गांधी ने ट्विटर पर इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि “इंदौर में पानी नहीं जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में था। घर-घर मातम है गरीब बेबस हैं लेकिन भाजपा के नेता घमंड में चूर हैं। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है उन्हें सांत्वना मिलनी चाहिए थी लेकिन सरकार ने घमंड परोस दिया।” उन्होंने यह भी पूछा कि गंदा पानी प्रशासन ने क्यों नहीं रोका और सीवर पानी पीने का कारण क्या था। राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “क्यों नहीं कार्रवाई की गई।

    इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बयान दिया था जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के बाहर प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दूषित पानी की आपूर्ति पर सरकार से जवाबदेही की मांग की। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।

    राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार प्रशासन और नेतृत्व इस घटना के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने मध्य प्रदेश को कुप्रशासन का एपिसेंटर बताया और कहा कि यहां लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं जिनमें गरीबों की जान जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर हमेशा की तरह खामोश रहते हैं जब गरीब मरते हैं। इस घटना के बाद से जनता में गुस्सा और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश फैल गया है और इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और प्रदर्शनों का दौर जारी है।

  • मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक

    मध्यप्रदेश में छोटे दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दिशा निर्देशों के अनुसार मध्यप्रदेश शासन श्रम विभाग द्वारा मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। यह संशोधन राज्य में इज ऑफ डुईंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों पर अनुपालन का अनावश्यक भार कम करने के उद्देश्य से किया गया है। संशोधन के अंतर्गत अब ऐसी दुकानें एवं संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके यहाँ श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा। इससे अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक लगेगी।

    श्रम विभाग के अपर सचिव श्री बसंत कुर्रे ने बताया है कि इस निर्णय से छोटे दुकानदारों एवं उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही दुकानदारों में स्व-अनुपालन की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। व्यापार एवं रोजगार सृजन के लिए अनुकूल वातावरण विकसित होगा। इससे समय, संसाधन एवं लागत की बचत होगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा छोटे दुकानदारों के प्रति संवेदनशीलता बरती जा रही है।

    श्रम विभाग ने सभी दुकानदारों, व्यापार संघों एवं उद्यमियों से अपेक्षा की है कि वे श्रम कानूनों का स्वेच्छा से पालन करें और इस सकारात्मक सुधार का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें।

  • मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की देंगे सौगात

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की देंगे सौगात

    भोपाल ! मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन जिले के खाचरौद में 74.35 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विभिन्‍न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इसमें 48.51 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और 25.84 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खाचरौद में 35.40 करोड़ की लागत से निर्मित सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण करेंगे। साथ ही खाचरौद में 9 करोड़ 10 लाख रूपये की लागत से बनने वाले संयुक्त तहसील कार्यालय भवन का भूमि-पूजन करेंगे।
  • मंत्रालय में नववर्ष 2026 के प्रथम कार्य दिवस पर सामूहिक राष्ट्र-गीत और राष्ट्र-गान का आयोजन, राज्य मंत्री कृष्णा गौर शामिल

    मंत्रालय में नववर्ष 2026 के प्रथम कार्य दिवस पर सामूहिक राष्ट्र-गीत और राष्ट्र-गान का आयोजन, राज्य मंत्री कृष्णा गौर शामिल


    भोपाल। वर्ष 2026 के जनवरी माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर गुरूवार सुबह मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्र-गीत वंदे मातरम एवं राष्ट्र-गान जन-गण-मन का सामूहिक गायन आयोजित किया गया। इस अवसर पर पुलिस बैंड ने मधुर धुनें प्रस्तुत की, जिसने कार्यक्रम के माहौल को और भी उत्साही बना दिया।इस कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु, अर्द्धघुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीमती कृष्णा गौर शामिल हुईं। श्रीमती गौर ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए सभी से देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना बनाए रखने का संदेश दिया।

    मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने भी इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को नववर्ष की बधाई दी और कहा कि नए वर्ष की शुरुआत राष्ट्रभक्ति और अनुशासन के साथ करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कर्मचारियों को आगामी वर्ष में बेहतर प्रशासनिक कार्य और सेवाओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, श्री मनु श्रीवास्तव, श्री के.सी. गुप्ता, श्री संजय कुमार शुक्ला सहित मंत्रालय वल्लभ भवन, सतपुड़ा-विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी ने मिलकर राष्ट्र-गीत और राष्ट्र-गान का सामूहिक गायन किया, जिससे एकजुटता और राष्ट्रीय गौरव की भावना बढ़ी।

    मंत्रालय ने बताया कि इस प्रकार का कार्यक्रम केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों में राष्ट्रीय जिम्मेदारी, अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता को बढ़ावा देने का प्रयास है। उपस्थित कर्मचारियों और अधिकारियों ने कार्यक्रम की सराहना की और इसे नए साल की सकारात्मक शुरुआत बताया।इस अवसर ने यह संदेश दिया कि देशभक्ति, सामूहिक सहभागिता और प्रशासनिक अनुशासन के माध्यम से नववर्ष की शुरुआत न केवल उत्साहपूर्ण हो सकती है, बल्कि यह कार्य संस्कृति को भी सुदृढ़ करता है।

  • एम.पी. ट्रांसको की 2025 में ऐतिहासिक उपलब्धियां: ऊर्जा मंत्री तोमर ने साझा की रिपोर्ट

    एम.पी. ट्रांसको की 2025 में ऐतिहासिक उपलब्धियां: ऊर्जा मंत्री तोमर ने साझा की रिपोर्ट

    नई दिल्ली। वर्ष 2025 में ऊर्जा क्षेत्र में एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको ने कैलेंडर वर्ष 2025 में प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क पारेषण प्रणाली के अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण विस्तारीकरण एवं विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण कार्य किया है। विशेष रूप से 220 के.व्ही. ट्रांसमिशन लाइनों की ड्रोन पेट्रोलिंग में मिली सफलता के बाद अब प्रदेश में 400 के.व्ही. एवं 132 के.व्ही. के 23000 ट्रांसमिशन टावरों की ड्रोन पेट्रोलिंग भी की जा रही है। मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में अग्रणी है जो ट्रांसमिशन टावरों की पेट्रोलिंग ड्रोन के माध्यम से प्रारंभ करा रहे हैं।

    ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी हुई 82985 एम.व्ही.ए.

    मध्यप्रदेश में इस वर्ष एम.पी. ट्रांसको ने अपने नेटवर्क में 2211 एम.व्ही.ए. क्षमता की अतिरिक्त वृद्धि की जिससे प्रदेश में कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 82985 एम.व्ही.ए. की हो गई है। इस वर्ष 33 नये पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किये गये जिससे एम.पी. ट्रांसको के ऊर्जीकृत पावर ट्रांसफार्मर की संख्या बढकर 1036 हो गई है।

    724 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों का हुआ निर्माण

    इस वर्ष कंपनी ट्रांसमिशन लाइनों की लंबाई बढ़कर 42857 सर्किट कि.मी. की हो गई है जो प्रदेश के 417 अति उच्चदाब सबस्टेशनों में विद्युत पारेषण करती है। इस वर्ष प्रदेश में 724 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण कर ऊर्जीकृत किया गया।

    पहली बार 19849 मेगावाट की डिमांड को किया हैंडल

    एम.पी. ट्रांसको के सिस्टम ने प्रदेश में पहली बार 19849 मेगावाट विद्युत डिमांड बिना किसी व्यवधान के हैंडल करने में सफलता प्राप्त की। वर्ष के अंतिम दिन 31 दिसम्बर 2025 को प्रदेश में आज तक की अधिकतम 19849 मेगावाट डिमांड दर्ज की गई।

    ट्रांसमिशन सिस्टम में नई टेक्नोलॉजी का हुआ समावेश

    एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश के अपने ट्रांसमिशन सिस्टम में नई तकनीकों का समावेश किया है। मुख्यालय जबलपुर में स्वदेशी तकनीक से निर्मित स्काडा सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा मेट्रो इंदौर के लिये कम्पोजिट ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण भी किया गया है। प्रदेश के पुराने तीन 132 के.व्ही. सबस्टेशन को रिमोट से संचालित करने के कार्य का पहला चरण पूरा कर लिया गया है।

    मध्यप्रदेश को मिला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड

    दिसम्बर माह में मध्यप्रदेश ने विद्युत ट्रांसमिशन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एम.पी. ट्रांसको को वेस्टर्न रीजन में सबसे कम ट्रांसमिशन लॉस दर्ज करने के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पावर लाइन ट्रांसटेक इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

    प्रोटेक्शन सेल हुआ 100 प्रतिशत डिजीटल

    भारत सरकार के डिजीटल इंडिया विजन के तहत कंपनी के प्रोटेक्शन सेल ने इस वर्ष पूरी तरह डिजीटल स्वरूप ले लिया है प्रदेश में 42857 सर्किट कि.मी. ट्रांसमिशन लाइनों 417 एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशन के 1000 से अधिक पावर ट्रांसफार्मर की हर पल निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले प्रोटेक्शन सेल का समूचा कार्य पूर्णतः डिजीटल हो रहा है।

  • ग्वालियर में नए साल की सुबह ‘दूध अभियान’: शराब छोड़, सेहत से की नववर्ष की शुरुआत

    ग्वालियर में नए साल की सुबह ‘दूध अभियान’: शराब छोड़, सेहत से की नववर्ष की शुरुआत

    ग्वालियर। नए साल 2026 की शुरुआत शहर में कुछ अलग अंदाज में हुई। इंदरगंज चौराहे पर आयोजित दूध अभियान में लोगों ने शराब छोड़कर दूध पीकर नववर्ष का स्वागत किया। एसोसिएशन ऑफ ग्वालियर यूथ सोसाइटी और यातायात पुलिस के संयुक्त प्रयास से यह अनोखा अभियान चलाया गया।सुबह-सुबह पंडाल पर 2 क्विंटल केसरिया दूध तैयार कर निशुल्क वितरण किया गया। राहगीरों, वाहन चालकों, युवाओं और बुजुर्गों ने रुककर दूध पिया और अभियान का समर्थन किया। एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल ने खुद लोगों को दूध दिया और नशामुक्त नववर्ष का संदेश फैलाया। पंडाल के आसपास बड़े-बड़े बैनरों और साउंड सिस्टम के जरिए संदेश दिया गया-दारू से नहीं, दूध से करें नववर्ष की शुरुआत।

    आयोजकों का कहना है कि नए साल पर शराब पीने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाएं, घरेलू हिंसा और स्वास्थ्य समस्याएं सामने आती हैं। युवाओं में नशे की लत चिंता का विषय है। इसी चुनौती के समाधान के लिए यह अभियान शुरू किया गया।दूध वितरण कार्यक्रम में लोगों की लंबी कतारें लग गईं। कई लोगों ने इसे नए साल की सबसे अच्छी और सार्थक शुरुआत बताया। युवाओं ने कहा कि ऐसे अभियान नशे के प्रति सोच बदलने में मददगार हैं। स्थानीय निवासियों ने आयोजन की सराहना की और इसे आगे जारी रखने की मांग की।

    यातायात पुलिस ने भी मौके पर लोगों से नशे में वाहन न चलाने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सुरक्षित जीवनशैली अपनाने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि जश्न वही बेहतर है, जो खुद के साथ दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।ग्वालियर की यह पहल केवल एक आयोजन नहीं बल्कि सार्वजनिक जागरूकता का संदेश है। नए साल की सुबह दूध के माध्यम से लोगों को यह बताया गया कि जश्न और जिम्मेदारी साथ-साथ चल सकते हैं। शहर की इस अनोखी शुरुआत ने साबित कर दिया कि बदलाव छोटे कदमों से ही शुरू होता है।

  • नए साल 2026: भोपाल में 26 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, बिजली कटौती नहीं, कृषि उद्योगों पर सरकार का फोकस

    नए साल 2026: भोपाल में 26 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, बिजली कटौती नहीं, कृषि उद्योगों पर सरकार का फोकस


    भोपाल। नए साल 2026 की शुरुआत मध्यप्रदेश और राजधानी भोपाल के लिए कई महत्वपूर्ण अपडेट के साथ हुई। रेलवे शेड्यूल से लेकर बिजली, सरकारी योजनाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक-ज का दिन आम लोगों के लिए कई मायनों में खास रहा।

    रेलवे अपडेट:

    1 जनवरी से भोपाल, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन से चलने वाली 26 ट्रेनों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। रेलवे ने नया शेड्यूल जारी किया है और अब ट्रेन रिजर्वेशन चार्ट 10 घंटे पहले तैयार होगा।

    कुछ प्रमुख ट्रेनों का नया समय:

    22145 भोपाल-रीवा एक्सप्रेस: रात 11:05 → 11:00

    19324 भोपाल-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस: शाम 5:00 → 5:10

    14814 भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस: शाम 4:55 → 4:40

    12185 रानी कमलापति-रीवा एक्सप्रेस: रात 10:00 → 9:55

    22172 रानी कमलापति-पुणे एक्सप्रेस: दोपहर 3:50 → 3:40

    रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले अपडेटेड टाइमिंग देखने की अपील की है।

    बिजली की राहत:

    भोपालवासियों को नए साल की शुरुआत में बड़ी राहत मिली। आज शहर में कहीं भी बिजली मेंटेनेंस नहीं किया जाएगा, जिससे पूरे दिन निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित रहेगी।

    कृषि आधारित उद्योग वर्ष:

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में सरकार ने 2026 कोकृषि आधारित उद्योग वर्ष घोषित किया है। सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। प्रमुख योजनाओं में शामिल हैं:सिंचाई रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्यकेन-बेतवा परियोजना शुरू पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना पर काम जारी

    मेगा तापी रिचार्ज परियोजना को मंजूरी

    राजनीतिक गतिविधि:

    नए साल से कांग्रेस ने प्रदेशभर में गांव चलो अभियान’ की शुरुआत की। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भोपाल के गांवों से अभियान का आगाज किया। इसका मुख्य फोकस पंचायत स्तर पर संगठन को मजबूत करना है।

    सरकारी भर्ती: 

    मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडलMPESB ने 474 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    अंतिम तिथि: 7 जनवरी 2026संशोधन की अंतिम तिथि: 12 जनवरी 2026

    सांस्कृतिक कार्यक्रम:

    भोपाल में नए साल के अवसर पर शलाका चित्र प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। स्थान: जनजातीय संग्रहालय समय: दोपहर 12 बजे से नए साल 2026 के पहले दिन मध्यप्रदेश और भोपालवासियों के लिए यह दिन परिवहन, ऊर्जा, कृषि और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिहाज से खास रहा।