

सूत्रों के अनुसार, दोनों छात्र परीक्षा में देर होने के कारण अपनी बाइक तेज रफ्तार से चला रहे थे। तोरगांव मोड़ पर बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई और दोनों सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अंबाह सिविल अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को घटना की सूचना दी।
दुर्घटना में दोनों के सिर में गंभीर चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। इस कारण वे अपनी 12वीं की अंतिम बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाए।
परीक्षकों और स्कूल प्रशासन ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और छात्रों के स्वास्थ्य लाभ के लिए परिवार के संपर्क में हैं। यह घटना एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहन चलाने के खतरों की याद दिलाती है।

इसके बाद गर्भगृह के पट खोलकर भगवान महाकाल का श्रृंगार किया गया। पंचामृत से पूजन और कर्पूर आरती के पश्चात भगवान को भांग, चंदन, सिंदूर और आभूषणों से सजाया गया। इस दिव्य श्रृंगार से महाकाल का स्वरूप अत्यंत आकर्षक और अलौकिक दिखाई दिया।
नंदी हाल में नंदी जी का विधिवत स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। तत्पश्चात भगवान महाकाल का जल से अभिषेक और पंचामृत से विशेष पूजा हुई, जिसमें दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस का उपयोग किया गया। इसके बाद ड्रायफ्रूट, फल और मिठाई का भोग अर्पित कर भस्म अर्पित किया गया।
भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पों की माला धारण कराई गई। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और बाबा महाकाल के दिव्य आशीर्वाद का अनुभव किया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भी भस्म अर्पित की गई।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्म अर्पित करने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। इस आरती को इसलिए अत्यंत विशेष और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। भस्म आरती का यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति का अद्भुत अवसर प्रदान करता है।

वर्षा अपने भाई अंकेश कुशवाह के साथ परीक्षा देने आई थी।दोनों भाई-बहन 10वीं कक्षा में थे और बानमोर के ही स्कूल से बोर्ड परीक्षा का फॉर्म भरा था। सूचना मिलते ही परिजन भी परीक्षा केंद्र पहुंच गए।आनन-फानन में छात्रा को इलाज के लिए ग्वालियर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर शोक का माहौल छा गया।
हार्ट अटैक की आशंका
प्रारंभिक तौर पर अचानक हार्ट अटैक आने का कारण माना जा रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा छात्रा की मौत काफी दुःखद है।मैंने खुद ग्वालियर के डॉक्टरों से इस मामले में संपर्क किया है। प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर अभी सिर्फ यह सामने आया है कि छात्रा अतिकुपोषित थी। गंभीर एनीमिया से भी पीड़ित थी।इस कारण संभवतः हार्ट अटैक आया होगा। स्पष्ट कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आएगा।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 फरवरी बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में स्व-सहायता समूहों की आजीविका मिशन क्षमतावर्धन कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला का उद्देश्य मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों के सदस्यों के मार्केटिंग के तहत क्षमतावर्धन के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा। इससे स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को उत्पाद विक्रय के लिये राष्ट्र स्तरीय वृहद बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह उपस्थित रहेंगी।
आजीविका मिशन की सीईओ श्रीमती हर्षिका सिंह ने बताया है कि स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित-उत्पादों को जनसामान्य तक पहुंचाने के लिये ई-मार्केट पोर्टल एक उत्तम व्यवस्था है। इससे स्व-सहायता समूहों के उत्पादों का प्रचार-प्रसार एवं विक्रय किया जाना आसान होगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्व-सहायता समूहों की सदस्यों द्वारा उत्पादित-उत्पादों के विपणन की व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुये मार्केट से जुडाव करना है। इस क्रम में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को ई-मार्केट से जोडने के लिये अमेजॉन पोर्टल पर ऑन वोर्डिंग कर विपणन की व्यापकता बढाने का प्रयास किया जायेगा।
सीईओ श्रीमती सिंह ने बताया कि समूह उत्पादों की विपणन की प्रक्रिया को और व्यापक करने तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिये आजीविका उत्पादों को एमेजॉन पोर्टल पर ऑन वोर्ड किया जा रहा है। साथ ही उत्पादों के लोकव्यापीकरण तथा डिजीटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिये 25 फरवरी को संस्थाओं के साथ मिशन द्वारा अनुबंध किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से इण्डिया पोस्ट, अमेजॉन सहेली, आईटीसी, एक्सेस डेव्हलपमेण्ट, बुद्धा फाउण्डेशन, ट्रिफ, एवं साईट सेवर के साथ एमओयू किया जा रहा है। इन संस्थाओं के साथ काम करते हुये समूहों तथा किसान उत्पादक कंपनियों को उद्यमिता प्रशिक्षण, उत्पाद लॉजिस्टिक सपोर्ट, ग्रामीण उद्यमों का प्रमोशन, पोषण एवं स्वास्थ्य आदि सहित दिव्यांगजनों के लिये विशेष रूप से सहयोग किया जायेगा।
कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की दीदीयों द्वारा सहभागिता की जायेगी। कार्यक्रम में सहभागी समूह सदस्यों का क्षमता वर्धन कर उन्हें उत्पादों के ऑन वोर्डिंग में सहयोग भी प्रदाय किया जायेगा। इससे कैश-लैस ट्रांजेक्शन को भी बढावा मिलेगा। मिशन के इस प्रयास से समूह उत्पादों की डिजीटल माध्यमों से वृहद मार्केट तक पहुंच बढेगी जिससे समूह सदस्यों का डिजिटल सशक्तिकरण होगा एवं आय बढाने के अधिक से अधिक अवसर प्राप्त होंगे। मिशन अंतर्गत संचालित समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केन्द्र (सीएमटीसी) के प्रबंधन के पोर्टल की लांचिंग, होली हेम्पर का विमोचन, अजीविका मार्ट ग्वालियर क वर्चुअल शुभारंभ, जबलपुर एयरपोर्ट पर अवसर योजना के तहत आऊटलेट का शुभारंभ, आगर-मालवा, मुरैना एवं छतरपुर में जिला स्तरीय होली मेलों का वर्चुअल शुभारंभ, नवीन आजीविका एक्सप्रेस वाहनों का शुभारंभ एवं मिशन द्वारा तैयार किये गये प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन किया जायेगा।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत प्राकृतिक एवं जैविक पद्धतियों को बढावा देते हुये स्व-सहायता समूहों के माध्यम से अनेकों प्रकार की आजीविका गतिवधियां की जा रही हैं। प्रकृति एवं पर्यावरण के हित को ध्यान में रखते हुये इस बार होली पर विशेष रूप से प्राकृतिक रंग, पूजन सामग्री, गौ-काष्ठ, उत्पाद- गुलेरी, गोबर, गणेश, धूप बत्ती आदि विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ, गुजिया मिलटेल्ड नमकीन, ठण्डाई , वस्त्र एवं अन्य उत्पाद समूहों की बहनों द्वारा तैयार किये गये हैं। यह सभी आजीविका उत्पाद आजीविका मार्ट भोपाल हाट में 21 फरवरी से उपलब्ध हैं। 28 फरवरी से 01 मार्च 2026 तक भोपाल हाट में आयोजित हो रहे दो दिवसीय होली मेले में भी उपलब्ध रहेंगे। साथ ही विभिन्न संभागीय एवं जिला स्तरीय होली मेलों में तथा जिलों में आजीविका रूरल मार्ट में भी उपलब्ध रहेंगे।

भोपाल! इंदौर स्थित बीएसएफ के केंद्रीय आयुध एव युद्ध कौशल विद्यालय (सीएसडब्लूटी) द्वारा आयोजित 19वीं अखिल भारतीय पुलिस शूटिंग (खेल) चैंपियनशिप–2025 का उद्घाटन आज 24 फरवरी को इंदौर की रेवती रेंज में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का शुभारंभ मध्यप्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा द्वारा किया गया।
पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु बीएसएफ एवं सीएसडब्ल्यूटी को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रतिस्पर्धाएँ बलों के बीच स्वस्थ खेल भावना, अनुशासन, एकाग्रता एवं पेशेवर दक्षता को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा खेल संस्कृति को पुलिसिंग के समग्र विकास का अभिन्न अंग बताया।
उद्घाटन समारोह में बीएसएफ ब्रास बैंड द्वारा प्रस्तुत लयबद्ध संगीत के बीच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं विभिन्न राज्य पुलिस टीमों द्वारा आकर्षक परेड का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, 1,500 से अधिक बल एवं पुलिसकर्मी, उनके परिजन तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
यह प्रतियोगिता 24 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर की सीएपीएफ, राज्य पुलिस एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 600 से अधिक पुरुष एवं महिला निशानेबाज भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता का आयोजन अखिल भारतीय पुलिस खेल नियंत्रण बोर्ड के तत्वावधान में, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पर्यवेक्षण तथा भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के तकनीकी सहयोग से किया जा रहा है।
चैंपियनशिप में खेल हथियारों की कुल 17 स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं, जिनमें प्रतिभागी 204 पदकों (68 स्वर्ण, 68 रजत एवं 68 कांस्य) के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह आयोजन राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं हेतु उभरती प्रतिभाओं की पहचान का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।
उद्घाटन समारोह के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया जिसमें वेदांश इंटरनेशनल स्कूल कैंपस 2 के बच्चों द्वारा नृत्य एवं बीएसएफ जवानों द्वारा भांगड़ा का प्रदर्शन किया गया। इसके उपरांत पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा द्वारा पुराने और आधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें बीएसएफ के प्रशिक्षण कार्यों को प्रदर्शित किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में दी। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि आज ही मध्य प्रदेश सरकार की मंत्रि-परिषद् की बैठक सम्पन्न हुई। किसान कल्याण वर्ष का किसानों को अधिकतम लाभ दिलाने के लिए मंत्रि-परिषद् ने आज ही किसानों एवं कृषि से सम्बद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 10500 करोड़ रुपये की लागत के पांच किसान हितैषी योजनाएं 31 मार्च 2031 तक जारी रहेंगी और इसका सर्वाधिक लाभ मध्य प्रदेश के किसानों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सदन में कहा कि किसान हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। आज की पूरी कैबिनेट हमने प्रदेश के किसानों को ही समर्पित की है। उन्होंने कहा कि देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार ने दलहन फसल उड़द एवं तिलहन फसल सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उड़द को हम तय समर्थन मूल्य पर खरीदेंगे और किसानों को तय समर्थन मूल्य के अतिरिक्त खरीदी गई उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि भी देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में सरसों का उत्पादन इस वर्ष 28 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इस वर्ष 3.38 मीट्रिक टन सरसों का उत्पादन होने की संभावना है। हम सरसों की फसल को भावांतर योजना के दायरे में लेकर आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सदन को मंत्रि-परिषद् की बैठक में आज लिए गए सभी निर्णयों की सिलसिलेवार जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन पांच किसान हितैषी योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने का निर्णय मंत्रि-परिषद् ने लिया है, उनमें निम्न योजनाएं शामिल हैं-
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 2008.683 करोड़ रुपये की इस योजना की मंजूरी से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति राज्य सरकार के माध्यम से की जा सकेगी।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप)
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 2393.97 करोड़ रुपये की इस योजना की मंजूरी से किसानों को अपने खेतों में स्प्रिंकलर/ड्रिप इरीगेशन सिस्टम लगाने के लिए शासकीय अनुदान 31 मार्च 2031 तक निरंतर मिलता रहेगा। इस योजना से किसान के खेतों में माइक्रो इरीगेशन सुविधाओं में अगले 5 सालों तक लगातार विस्तार होता रहेगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 3285.49 करोड़ रुपये की इस योजना को मंजूरी मिलने से ऐसे किसान, जो धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज, नगदी फसलों का पैदावार करते हैं, उन्हें क्षेत्र विस्तार, अपना उत्पादन बढ़ाने एवं मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग राज्य सरकार के जरिए निरंतर मिलता रहेगा।
नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 1011.59 करोड़ रुपये की इस योजना की स्वीकृति से प्रदेश में प्राकृतिक खेती के क्षेत्रफल में विस्तार 31 मार्च 2031 तक निरंतर होता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती का विकास जरूरी है। यह न केवल मध्य प्रदेश की नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगी, वरन् मिट्टी की उर्वरता में सुधार, उत्पादन बढ़ाने, पर्यावरण सुरक्षा एवं रसायन मुक्त खाद्य उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी।
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल सीड योजना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 1793.87 करोड़ रुपये की इस योजना को मंजूरी मिलने से प्रदेश के ऐसे सभी किसानों को, जो तिलहन फसलों का उत्पादन करते हैं, उन्हें निरंतर लाभ प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि करीब 10500 करोड़ रुपए की बड़ी लागत वाली इन पांच किसान मित्र योजनाओं को अगले 5 सालों तक निरंतर रखने से किसानों के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आमूल-चूल सुधार होगा। साथ ही रसायन युक्त उत्पादन से निजात पाने में भी ये 5 योजनाएं बेहद सहायक सिद्ध होंगी।

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के विरोध में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को कांग्रेस ने ‘किसान महाचौपाल’ का आयोजन किया, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने इस डील को किसानों के खिलाफ बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को देश की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों, युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर लेकर आएगा। उन्होंने कहा कि यह डील भारतीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगी।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2018 में कर्जमाफी का वादा कर सरकार बनाने वाली कांग्रेस किसानों का पूरा कर्ज माफ नहीं कर पाई और कई किसानों को डिफॉल्टर बना दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले किसानों से माफी मांगनी चाहिए। किसान चौपाल करने वाले राहुल गांधी से उन्होंने तंज भरे अंदाज में पूछा कि वे बताएं दलहन में कौन-कौन सी फसलें आती हैं।
डॉ. यादव ने कहा कि उन्होंने कहा कि सिंचाई के क्षेत्र में भी ऐतिहासिक विस्तार किया गया है और बीते वर्षों में लगभग 10 लाख हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र बढ़ाया गया है। मध्य प्रदेश आज खाद्यान्न, दलहन और तिलहन उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य 46.63 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन के साथ देश में दूसरे स्थान पर है। दलहन उत्पादन में मध्य प्रदेश प्रथम और तिलहन उत्पादन में दूसरा स्थान रखता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए खेत से बाजार तक मजबूत वैल्यू चेन विकसित कर रही है। उनका कहना था कि सरकार की प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि किसान और प्रदेश की समृद्धि है।

केंद्रीय संचार एवं उत्तरपूर्व क्षेत्र विकास मंत्री सिंधिया मंगलवार शाम को मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी किनारे स्थित कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित ग्रामीण डाक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीण डाक सेवक मेरे परिवार के सदस्य हैं।
सिंधिया ने कहा कि देशभर में ग्रामीण डाक सेवक एक सैनिक की भांती कार्य कर रहे हैं। रेगिस्तान हो या पहाड़ों की चोटियां या मैदानी क्षेत्र हर एक स्थान पर ग्रामीण डाक सेवक निर्भीक रूप से पहुंचकर आमजन की सेवा कर रहे हैं। दुर्गम स्थलों जहां कोई अन्य व्यक्ति जाने की हिम्मत नहीं करता है, वहां भी हमारा डाक सेवक अपनी सेवाएं दे रहा है। सर्दी, गर्मी, बरसात की परवाह किए बगैर डाक सेवक अपने कर्तव्य का निर्वाह कर रहा है। ग्रामीण डाक सेवक का मान-सम्मान शासन का संकल्प है।
उन्होंने डाक सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि देश में 30 करोड़ पोस्ट ऑफिस बचत खातों को खुलवाने तथा उनमें लगभग 22 लाख करोड़ की रुपये की राशि जमा कराने में ग्रामीण डाक सेवक की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज पूरे देश में 3 करोड़ 80 लाख सुकन्या समृद्धि खाते हैं, जो हमारे ग्रामीण डाक सेवकों ने खुलवाएं हैं। देश में 2 करोड़ पासपोर्ट बनवाने में तथा 15 करोड़ से अधिक आधार कार्ड वितरण में भी हमारे डाक सेवकों ने महत्वूर्ण भूमिका निभाई है।
सिंधिया ने कहा कि अब केंद्रीय विद्यालयों में ग्रामीण डाक सेवकों के बच्चों को भी प्रवेश मिलेगा। डाकघरों को मुनाफे का केंद्र बनाया जाएगा। पार्सल वितरण क्षेत्र में अब महत्वपूर्ण भूमिका डाक घरों द्वारा निभाई जाएगी। डाक विभाग में डिजिटल सिस्टम, ट्रैकिंग सिस्टम अपनाए जाएंगे। सामग्री वितरण शत-प्रतिशत रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। दुर्गम क्षेत्रों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की भी सेवाएं ली जाएगी। विभाग अब ड्रोन का भी उपयोग करेगा।
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि विभाग द्वारा तकनीकी दक्षता में वृद्धि, उपभोक्ता का विश्वास, अच्छा व्यवहार तथा ऑन टाइम डिलीवरी पर ध्येय केंद्रीत किया गया है। समय सीमा पर फोकस किया जा रहा है। 24 घंटे, 48 घंटे जैसी समय-सीमा में पार्सल अपने निर्धारित स्थान पर पहुंचाने पर कार्य विभाग करेंगा।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय डाक व्यवस्था में आये निर्णायक परिवर्तन: मुख्यमंत्री
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकों के हित में भारतीय डाक व्यवस्था ने अपनी सार्थक भूमिका सिद्ध की है। ब्रिटिश काल से प्रारंभ व्यवस्थाओं को नया स्वरूप मिलता गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डाक व्यवस्था में निर्णायक परिवर्तन आये हैं और डाक विभाग की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाने की ठोस पहल हुई है।
ग्रामीण डाक सेवक देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की है नींव
उन्होंने कहा कि एक समय सिर्फ चिट्ठियां पहुंचाने वाला विभाग अब बाबा महाकाल के प्रसाद के वितरण के लिए नई पोस्टल सेवा लागू करने तक अपनी यात्रा तय कर चुका है। डाक घरों के माध्यम से नागरिकों को बीमा योजनाओं, बचत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। खाते प्रारंभ करने से लेकर तीव्र गति से स्पीड पोस्ट और अन्य माध्यमों से ग्राहकों को लाभान्वित किया जा रहा है। ग्रामीण डाक सेवक भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डाक सेवकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि अपने अथक परिश्रम से गांव-गांव तक डाक तथा अन्य जनउपयोगी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने वाले ग्रामीण डाक सेवकों की देश के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण डाक सेवक हमारे सैनिक तथा हमारी ताकत है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डाक विभाग सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। हमारे देश में प्राचीन काल से ही डाक पहुंचाने की परंपरा रही है। हमारे देश में डाक सेवकों का हृदय से सम्मान रहा है। बदलते दौर में देश के पोस्ट ऑफिस तीव्र गति से कार्य कर रहे हैं। डाक विभाग को तकनीकी रूप से दक्ष बनाया जा रहा है। विभाग को शत प्रतिशत कम्प्युटरीकृत तथा डिजिटलाईज किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन के हित में दिन रात अपनी भूमिका को सराहनीय रूप से निभाने के लिए हमारा डाक विभाग बधाई का पात्र है। सूचनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण जीवन उपयोगी कार्यों में भी डाक विभाग की महती भूमिका है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में डाक विभाग नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मध्य प्रदेश में 16 हजार 800 से ज्यादा ऊर्जावान ग्रामीण डाक सेवक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने का काम कर रहे हैं।
ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में डाक नायकों का हुआ सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में उज्जैन में आयोजित ग्रामीण डाक सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की। सम्मेलन में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य पद्रेश के उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्रामीण डाक नायकों को सम्मानित किया।
उज्जैन के दर्शनीय स्थलों के पिक्टोरियल पोस्टकार्ड का किया विमोचन
कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय डाक विभाग से उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर तथा श्री ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग मंदिर की प्रसादी आमजन तक पहुंचाने के लिए पोस्टल सेवा का शुभारंभ किया गया। इसके अतिरिक्त उज्जैन के प्रसिद्ध स्थानों के संकलन पर आधारित पिक्टोरियल पोस्ट कार्ड का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय महिला बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद उमेश नाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, संजय अग्रवाल, राजेन्द्र भारती सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण डाक सेवक उपस्थित थे।

पुलिस जांच के मुताबिक गिरोह की कमान सुरेश निषाद और उसके भांजे सुनील निषाद के हाथ में थी। दोनों पहले से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और जेल में बंद रहने के दौरान उनकी मुलाकात अन्य अपराधियों से हुई। समान आपराधिक पृष्ठभूमि और एक ही समाज से जुड़े होने के कारण इनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। जेल से रिहा होने के बाद मामा भांजे ने संपर्क बनाए रखा और नौ अन्य लोगों को जोड़कर गैंग 11 तैयार कर ली। गिरोह के सभी सदस्य मध्यप्रदेश उत्तर प्रदेश और राजस्थान में दर्ज मामलों में आरोपी रहे हैं।
गैंग ने 13 जनवरी को राजस्थान के पाली जिले के सराफा बाजार में पहली वारदात की कोशिश की लेकिन बाजार में हलचल होने से भागना पड़ा। 16 जनवरी को मुरैना जिले के कैलारस में एक परिवार को बंधक बनाकर चोरी की पर उम्मीद के मुताबिक माल नहीं मिला। उसी रात सराफा बाजार में सीसीटीवी तार काटने के बावजूद वे सफल नहीं हो सके। 17 जनवरी की रात करीब दो बजे बदमाश सफेद एसयूवी से अंबाह पहुंचे। खेतों के रास्ते छत पर चढ़कर गैस कटर से गेट काटा और घर में घुस गए। किन्नर राबिया और रिया को हथियारों की नोक पर बंधक बनाकर 22 तोला सोना 4 किलो चांदी और करीब चार लाख रुपये नकद लूट लिए। पहचान छिपाने के लिए सीसीटीवी डीवीआर भी साथ ले गए।
पीड़िता के अनुसार लूट के बाद बदमाशों ने अश्लील हरकतें कीं और जान से मारने की धमकी दी। बदमाश बार बार घर में किसी पुरुष की मौजूदगी के बारे में पूछते रहे। एक आरोपी के फारसी भाषा बोलने का भी जिक्र सामने आया है जिससे अंदरूनी मुखबिरी की आशंका गहराई। जांच में पता चला कि एक मुस्लिम साईं ने किन्नर के यहां कार्यक्रमों के दौरान जेवर देखे थे और यह जानकारी अपने दामाद के माध्यम से सुनील निषाद तक पहुंचाई गई जिसके बाद पूरी योजना बनाई गई।
घटना के बाद मुरैना पुलिस ने चार विशेष टीमें गठित कर मध्यप्रदेश राजस्थान और उत्तर प्रदेश में जांच का दायरा बढ़ाया। 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और मुखबिर की सूचना पर अलग अलग राज्यों से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये नकद डेढ़ किलो चांदी और छह तोला सोना बरामद किया गया है। मुख्य आरोपी समेत छह बदमाश अभी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है जिसने योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अन्य मामलों के भी खुलासे होने की संभावना है।