Category: Madhya Pradesh

  • जबलपुर: कैफे में महिला के साथ दुष्कर्म, वॉल्यूम तेज कर वारदात को अंजाम

    जबलपुर: कैफे में महिला के साथ दुष्कर्म, वॉल्यूम तेज कर वारदात को अंजाम


    जबलपुर । जबलपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक कैफे में महिला के साथ दुष्कर्म की घटना ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि मुख्य आरोपी जुनैद ने महिला को कैफे में बुलाया और उसे केबिन में ले जाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार महिला की शिकायत पर तुरंत मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।

    जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता महिला की एक युवती के माध्यम से आरोपी जुनैद से परिचित हुई थी। पुलिस ने बताया कि जुनैद ने महिला को कैफे में मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही महिला कैफे पहुंची आरोपी ने उसे केबिन में खींचकर अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। महिला ने विरोध किया लेकिन आरोपी ने धमकी दी और कैफे के कर्मचारी से साउंड सिस्टम का वॉल्यूम बढ़वाया ताकि महिला की आवाज बाहर न जा सके। इसके बाद आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया।

    इस मामले में कैफे के संचालक और एक कर्मचारी भी आरोपी बनाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अधारताल ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कैफे जैसी सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा और निगरानी की कमी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सिर्फ पुलिस ही नहीं बल्कि समाज और स्थानीय प्रशासन की सतर्कता भी आवश्यक है। महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से सार्वजनिक स्थानों में सीसीटीवी कैमरा सुरक्षा गार्ड और साउंड अलर्ट जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य होनी चाहिए। वहीं आम नागरिकों को भी इस तरह की परिस्थितियों में सतर्क रहने और तुरंत मदद लेने की शिक्षा देने की जरूरत है।

    महिला अधिकार संगठन और समाजसेवी इस घटना की निंदा कर रहे हैं और प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई हो और आरोपी कठोर दंड के दायरे में आएं। इससे न केवल पीड़ित को न्याय मिलेगा बल्कि समाज में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।

    अधारताल पुलिस ने कहा कि वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं जिसमें आरोपी के नेटवर्क घटना के समय कैफे की स्थिति और वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों की भूमिका शामिल है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को घटना के संदर्भ में जानकारी हो तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। जबलपुर का यह मामला यह साफ करता है कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा की कमजोरियां कितनी घातक हो सकती हैं। महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन समाज और आम नागरिकों को मिलकर कदम उठाना जरूरी है।

  • न्यू मित्र मंडल सहकारी संस्था में लंबे समय से चल रही वित्तीय अनियमितताएं, EOW ने शुरू की जांच

    न्यू मित्र मंडल सहकारी संस्था में लंबे समय से चल रही वित्तीय अनियमितताएं, EOW ने शुरू की जांच


    भोपाल:में न्यू मित्र मंडल सहकारी संस्था में 25 वर्षों से चल रही वित्तीय अनियमितताओं और जमीन हेराफेरी का मामला सामने आया है। संस्था का गठन 1981 में आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था और बाद में ग्राम बागमुगालिया क्षेत्र में लगभग 3.5 एकड़ भूमि खरीदी गई थी। वर्ष 1996 में सड़क निर्माण के लिए करीब 2 एकड़ भूमि अधिग्रहित होने पर संस्था को मुआवजा और अतिरिक्त निर्माण अधिकार (एफएआर) प्राप्त हुए।

    आरोप है कि वर्ष 2004 में 45 प्लॉट की स्वीकृति के बावजूद नियमों के विपरीत अतिरिक्त सदस्य जोड़कर भूखंडों की बिक्री की गई। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने जांच के बाद 17 नामजद पदाधिकारियों सहित अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक साजिश के तहत FIR दर्ज की। प्रारंभिक आकलन के अनुसार बाजार मूल्य पर कुल हानि 40 करोड़ रुपये तक पहुंचती है।

    जांच में यह भी सामने आया कि 30 जनवरी 2023 को नक्शे में संशोधन कर कई रिहायशी भूखंडों को व्यावसायिक दर्शाया गया। 28 रजिस्ट्रियों में वास्तविक मूल्य से कम राशि दिखाने के कारण संस्था को लगभग 8.84 करोड़ रुपये और शासन को करीब 4.5 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। कई मूल सदस्यों को आवंटित भूखंड गैर-पात्र व्यक्तियों को बेच दिए गए।

    सदस्यता प्रक्रिया में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। संस्था में 100 सदस्यों की सीमा तय थी, लेकिन 2005-06 से 2007-08 के बीच दर्जनों नए सदस्य कथित रूप से अवैध तरीके से जोड़े गए। विवादित रजिस्ट्रियों में सदस्यता क्रमांक 231 से 264 तक के गैर-पात्र व्यक्तियों को प्लॉट आवंटित किए गए।

    जांच के दौरान मीटिंग मिनट्स, लेखा अभिलेख और अन्य प्रशासनिक दस्तावेज अनुपलब्ध पाए गए। न्यायालय और सहकारिता विभाग में लंबित प्रकरणों की जानकारी छिपाकर रजिस्ट्रियां कराए जाने का भी आरोप है। अधिग्रहण मुआवजा राशि के वितरण का स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिलने के कारण जांच का दायरा और बढ़ गया है।

    जिन व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें संस्था के पूर्व पदाधिकारी और संबंधित पक्ष शामिल हैं। जांच एजेंसी ने संकेत दिया है कि सहकारिता विभाग की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इतने वर्षों तक अनियमितताओं के दौरान निगरानी व्यवस्था क्यों विफल रही।

    इस मामले से उजागर हुआ है कि सहकारी संस्थाओं में लंबी अवधि से चल रही वित्तीय अनियमितताएं और पारदर्शिता की कमी कितनी बड़ी हानि का कारण बन सकती हैं और प्रशासनिक सुधार की आवश्यकता कितनी जरूरी है।

  • आयुध निर्माणी इटारसी में बीएमएस यूनियन का जोरदार प्रदर्शन, श्रम कानून सुधारों का विरोध

    आयुध निर्माणी इटारसी में बीएमएस यूनियन का जोरदार प्रदर्शन, श्रम कानून सुधारों का विरोध


    इटारसी में बुधवार को देश के सबसे बड़े श्रम संगठन भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय आह्वान पर आयुध निर्माणी कर्मचारी संघ यूनियन ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नई श्रम कानून नीति में बदलाव सहित अन्य मांगों को लेकर मुख्य महाप्रबंधक आलोक कुमार अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा और सड़क पर नारेबाजी की।

    यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान सरकारी नीतियां कर्मचारियों के हितों पर प्रतिकूल असर डाल रही हैं और सरकार को श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाना चाहिए। यूनियन की प्रमुख मांगों में सामान्य भर्ती प्रक्रिया शुरू करना, निजीकरण और निगमीकरण की नीति वापस लेना तथा कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करना शामिल है।

    बीएमएस पदाधिकारियों ने आठवें वेतन आयोग के अनुरूप पीएल-बी भुगतान की मांग रखी। उन्होंने ठेका प्रथा बंद कर कर्मचारियों का नियमितीकरण करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, लेबर लॉ की कमियों को दूर कर इसे सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों पर बिना किसी छूट के लागू करने की मांग भी की गई। यूनियन ने भुगतान बोनस अधिनियम, 1965 के तहत बोनस पात्रता सीमा बढ़ाने और रक्षा मंत्रालय के अधीन औद्योगिक प्रतिष्ठानों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने की भी मांग रखी।

    ज्ञापन में केंद्र सरकार के विभागों और संस्थानों में कार्यरत संविदा व अस्थायी श्रमिकों के नियमितीकरण, जेसीएम की प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्तरीय परिषद की बैठकों को त्रैमासिक अंतराल पर आयोजित करने, यूपीएस और एनपीएस को समाप्त कर सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CCS Pension Rules, 2021 बहाल करने जैसी मांगें शामिल थीं।

    इस अवसर पर भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के जेसीएम सदस्य अमित बाजपेई, यूनियन अध्यक्ष कुलदीप चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र मेघवाल, महामंत्री कृष्णा शर्मा, राजेश रोशन, योगेश पटेल और अतुल सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

    प्रदर्शन ने आयुध निर्माणी में कर्मचारियों के अधिकारों और श्रम कानून सुधार की अहमियत को उजागर किया और प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया। कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन, बोनस और स्वास्थ्य सुविधाओं में स्थायी सुधार की मांग को लेकर दृढ़ हैं और आने वाले दिनों में आंदोलन जारी रहने की संभावना है

  • MP Morning News: बजट सत्र का आठवां दिन, राज्यपाल शहडोल जाएंगे, CM के कार्यक्रम, तालाबों पर अतिक्रमण हटाने टास्क फोर्स, श्रमिकों का आंदोलन और साहित्य-संगीत का संगम

    MP Morning News: बजट सत्र का आठवां दिन, राज्यपाल शहडोल जाएंगे, CM के कार्यक्रम, तालाबों पर अतिक्रमण हटाने टास्क फोर्स, श्रमिकों का आंदोलन और साहित्य-संगीत का संगम


    भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज आठवें दिन प्रवेश कर गया। भोपाल से आई रिपोर्ट के अनुसार, सदन में बुधवार को निराश्रित पशुओं द्वारा फसलों को नुकसान और यातायात बाधित होने के मामले पर चर्चा होगी। कांग्रेस विधायक अजय सिंह राहुल इस मामले में पशुपालन मंत्री का ध्यानाकर्षण करेंगे। आज भी सदन में सवा 6 घंटे तक बजट पर चर्चा होने की संभावना है। इसके पहले 2 ध्यानाकर्षण और 85 याचिकाएं पटल पर रखी जाएंगी। मंत्री चैतन्य कश्यप और इंदर सिंह परमार भी सदन में पत्र रखेंगे।

    मुख्यमंत्री के कार्यक्रम

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 1:30 बजे वे कुशाभाऊ ठाकरे हॉल पहुंचेंगे और आजीविका विपणन क्षमतावर्धन कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यशाला के तहत महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पाद एमेजॉन सहित विभिन्न ई-मार्केट पोर्टल पर उपलब्ध कराए जाएंगे। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत समूहों के सदस्यों को प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय स्तर पर विपणन का अवसर दिया जाएगा।

    राज्यपाल का शहडोल दौरा

    राज्यपाल मंगूभाई पटेल आज शहडोल दौरे पर रहेंगे। वे पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित पंचम दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। लेफ्टिनेंट जनरल अनूप बनर्जी दीक्षांत उद्बोधन देंगे और कुलगुरु प्रो. रामशंकर विद्यार्थियों को शपथ दिलाएंगे। समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को उपाधि और स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा।

    तालाबों पर अतिक्रमण हटाने के लिए टास्क फोर्स

    भोपाल में तालाबों पर अतिक्रमण की समस्या को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। पहली बार अतिक्रमण हटाने के लिए 19 मेंबर्स की टीम बनाई गई है, जिसमें 17 प्रशासनिक अधिकारी और 2 पर्यावरणविद शामिल हैं। टीम में अपर आयुक्त, ज्वाइंट कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, SDM और एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित शामिल हैं। राजधानी के 18 तालाबों पर हर 15 दिन में समीक्षा की जाएगी। अकेले बड़े तालाब के आसपास 225 अतिक्रमण दर्ज किए गए हैं।

    श्रमिकों के मुद्दों को लेकर आंदोलन
    भोपाल में आज भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले श्रमिकों का आंदोलन होगा। दोपहर 1 बजे कोहेफिजा थाना के पास कार्यकर्ता एकत्रित होंगे और रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। इस प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल होंगे।

    साहित्य और संगीत का संगम

    भोपाल के रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में आज से साहित्य और संगीत का संगम आयोजित किया जा रहा है। सुबह 10:30 से 12 बजे तक रचनाकारों का सम्मान, पाठ और संवाद होगा। दोपहर 12:30 से 1:15 बजे रियाज से रील तक विषय पर चर्चा होगी, 1:15 से 2 बजे तक डिजिटल दौर में बदलते पाठकों पर संवाद होगा। इसके बाद दोपहर 3 से 5 बजे नाट्य प्रस्तुति मगर शेक्सपियर को याद रखना का मंचन किया जाएगा।

  • मुरैना में कंटेंट क्रिएटर रंगदारी मामले में गिरफ्तार, महिला परिवहन अधिकारी और नपा अध्यक्ष को धमकी

    मुरैना में कंटेंट क्रिएटर रंगदारी मामले में गिरफ्तार, महिला परिवहन अधिकारी और नपा अध्यक्ष को धमकी


    मुरैना जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर सपन जादौन को पुलिस ने रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी को मंगलवार को जयपुर से राउंडअप कर मुरैना लाया गया। पुलिस के अनुसार सपन जादौन ने सोशल मीडिया पर धमकी भरे पोस्ट शेयर किए और पहले छवि खराब करने की चेतावनी दी। इसके बाद फोन कॉल और डिजिटल माध्यम से नगर पालिका अध्यक्ष और महिला परिवहन अधिकारी से लाखों रुपये की मांग की।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दो अलग-अलग थानों में प्रकरण दर्ज किए हैं: रंगदारी (एक्सटॉर्शन), रेकी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में आरक्षक की पत्नी लता भदौरिया भी सहआरोपी हैं।

    जानकारी के अनुसार, ग्राम कोलिया थाना सबलगढ़ निवासी सपन जादौन के साथ लता भदौरिया, शिवेंद्र जादौन और तीन अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली और सबलगढ़ थानों में आपराधिक मामले दर्ज किए गए। लता भदौरिया कोतवाली थाने में पदस्थ आरक्षक अनिल तोमर की पत्नी हैं।

    कोतवाली थाने में 23 फरवरी को परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज हुई। उन्होंने बताया कि सपन जादौन ने उन्हें फोन कर पैसों की मांग की और आरक्षक अनिल तोमर व उनकी पत्नी लता भदौरिया से जुड़े मामले में समझौता करने का दबाव बनाया।

    पुलिस अब फरियादियों और संदिग्धों के बयान लेने के बाद आरोपी सपन जादौन और सहआरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। यह मामला सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए अपराध बढ़ने की चुनौती को भी उजागर करता है।

  • भोपाल रेप-धर्मांतरण केस में बड़ा खुलासा: लिव-इन, स्पा की आड़ में सेक्स रैकेट और WhatsApp से ‘सप्लाई’ का आरोप

    भोपाल रेप-धर्मांतरण केस में बड़ा खुलासा: लिव-इन, स्पा की आड़ में सेक्स रैकेट और WhatsApp से ‘सप्लाई’ का आरोप


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सामने आए रेप और कथित धर्मांतरण मामले में जांच के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी चंदन यादव रायसेन जिले का निवासी है, जो भोपाल आकर स्पा सेंटर में काम करने लगा था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह अमरीन के साथ तीन साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था और स्पा सेंटर की आड़ में जिस्मफरोशी का नेटवर्क संचालित किए जाने का आरोप है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन से कई WhatsApp ग्रुप मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर लड़कियों की सप्लाई और ग्राहकों से संपर्क से जुड़े चैट्स पाए गए हैं। डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि अमरीन और उसकी बहन आफरीन तलाकशुदा हैं।

    जांच में यह दावा भी किया गया है कि अमरीन, चंदन यादव के साथ लिव-इन में रह रही थी और दोनों मिलकर नेटवर्क चला रहे थे। आरोप है कि भोपाल से लड़कियों को अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों तक भेजा जाता था। फरार आरोपियों बिलाल, चानू और यासिर की तलाश में पुलिस की एक टीम अहमदाबाद रवाना हुई है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड  डिजिटल चैट और जब्त मोबाइल की गहन जांच की जा रही है।

    मामले में यह भी सामने आया है कि भोपाल की दो सगी बहनों पर काम दिलाने के बहाने धर्मांतरण कराने और सेक्स रैकेट से जोड़ने का आरोप है। पूछताछ में कथित तौर पर यह बात सामने आई कि कुछ युवतियों का धर्म परिवर्तन कर उन्हें कथित रूप से संपन्न ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था। मुंबई और गुजरात जैसे शहरों में भी सप्लाई की बात जांच के दायरे में है।

    इस पूरे प्रकरण में छत्तीसगढ़ की एक ब्यूटीशियन और भोपाल की एक युवती ने बागसेवनिया थाना में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ रेप और एक महिला के खिलाफ धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने की FIR दर्ज की गई है। पीड़िताओं ने पुलिस को कुछ दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं, जिनमें कई अन्य युवतियों के कथित धर्मांतरण के संकेत होने का दावा किया गया है।

    पुलिस ने मुख्य आरोपी अमरीन, उसकी बहन आफरीन और चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही आरोपियों द्वारा बड़े लोगों से संबंध होने के दावों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

  • मप्र संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जोरदार प्रदर्शन, हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का खतरा

    मप्र संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जोरदार प्रदर्शन, हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का खतरा


    भोपाल में मंगलवार को लगभग 30 हजार आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर जेपी अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए दोपहर 1 बजे न्याय यात्रा निकालने का निर्णय लिया है, जो सीधे मुख्यमंत्री निवास तक जाएगी। इस दौरान वे अपनी 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपेंगे।

    संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कौरव ने बताया कि प्रदर्शन 2 फरवरी से शुरू हुआ था। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण बीते दो दिन कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। आज वे संचालनालय स्वास्थ्य सेवाओं से न्याय यात्रा निकालकर अपनी मांगों को राजधानी में प्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे।

    पुलिस ने जेपी अस्पताल परिसर में बैरिकेडिंग कर कर्मचारियों को रोकने की तैयारी की है, जबकि कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें न्याय यात्रा निकालने की अनुमति दी गई है।

    संघ के अनुसार प्रदेशभर के जिला अस्पताल, सिविल हॉस्पिटल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, संजीवनी क्लिनिक और पोषण पुनर्वास केंद्रों में लगभग 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। ये कर्मचारी रिपोर्टिंग, सफाई, सुरक्षा, कुपोषित बच्चों की देखभाल और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हड़ताल होने की स्थिति में अस्पतालों की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

    कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवाएं दे चुके आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना शर्त रिक्त तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर समायोजित किया जाए और नियमित किया जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर नीति बनाकर स्थायी समाधान और न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन निर्धारित करने की मांग भी शामिल है।

    संघ की 9 सूत्रीय मांगों में वेतन वृद्धि का 11 माह का एरियर भुगतान, निजी आउटसोर्स एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करना, सीधे खाते में वेतन भुगतान, शासकीय अवकाश, नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी लाभ शामिल हैं। संघ का आरोप है कि दोहरी और दमनकारी नीति के कारण वर्षों से कर्मचारी शोषित हो रहे हैं, जबकि वे 12-14 घंटे तक लगातार कार्य कर स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं।

    संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 25 फरवरी 2026 से प्रदेशभर के कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि अब न्याय यात्रा के जरिए सीधे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी और बिना उनके भविष्य की सुरक्षा के स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती संभव नहीं है।

  • 1.31 करोड़ के नोटों से भगवान महादेव का विशेष श्रृंगार, उज्जैन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

    1.31 करोड़ के नोटों से भगवान महादेव का विशेष श्रृंगार, उज्जैन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़


    उज्जैन जिले के बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर इस साल भगवान शिव का विशेष श्रृंगार 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से किया गया। मंदिर में भगवान का मुकुट, माला और मंदिर परिसर की लड़ी-लड़ियों तक नोटों से सजाई गई हैं। इस अनोखे सजावट को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

    मंदिर में हर साल महाशिवरात्रि के बाद मेला आयोजित किया जाता है। इस बार यह मेला 14 फरवरी से शुरू हुआ और 28 फरवरी तक चलेगा। नोटों से किए गए विशेष श्रृंगार की सजावट 26 फरवरी तक भक्तों के दर्शन के लिए उपलब्ध रहेगी।

    मंदिर के पुजारी के अनुसार इस भव्य श्रृंगार को तैयार करने में सात कलाकारों की टीम को तीन दिन का समय लगा। कलाकारों ने नोटों से मुकुट, माला और मंदिर की लड़ी-लड़ियों को अत्यंत आकर्षक और भव्य रूप में सजाया।

    यह परंपरा मंदिर में पिछले चार सालों से चल रही है। 2021 में 7 लाख रुपए, 2022 में 11 लाख रुपए, 2023 में 21 लाख रुपए और 2024 में 51 लाख रुपए के नोटों से भगवान का श्रृंगार किया गया। 2025 में यह राशि बढ़कर 1 करोड़ 21 लाख रुपए हो गई और इस साल 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से भगवान महादेव को सजाया गया है।

    भक्तों के अनुसार नोटों की माला और मुकुट से सजा भगवान का यह स्वरूप अत्यंत आकर्षक और दिव्य दिखाई देता है। मंदिर परिसर में नोटों की लड़ी-लड़ियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा और दर्शन को और भी खास बना दिया। इस विशेष श्रृंगार ने भक्तों को अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव और महाशिवरात्रि का आनंद प्रदान किया। श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में इस सजावट के कारण उमड़ रही है और यह दृश्य देखने के लिए दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए आ रहे हैं।

  • इंदौर में IVF-सरोगेसी के नाम पर सनसनीखेज आरोप, नामी डॉक्टर पर दुष्कर्म और नवजात अपहरण का मामला दर्ज जांच के आदेश

    इंदौर में IVF-सरोगेसी के नाम पर सनसनीखेज आरोप, नामी डॉक्टर पर दुष्कर्म और नवजात अपहरण का मामला दर्ज जांच के आदेश


    इंदौर ।मध्य प्रदेश के इंदौर से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां IVF और सरोगेसी के नाम पर एक नामी डॉक्टर पर दुष्कर्म और नवजात शिशु के कथित अपहरण का आरोप लगा है। पीड़ित दंपति ने सबूतों के साथ पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है जिसके बाद मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। फिलहाल महिला थाना पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुट गई हैब
    शिकायत के अनुसार आरोपी खुद को Sri Aurobindo Hospital से जुड़ा वरिष्ठ डॉक्टर बताता था। दंपति का आरोप है कि कर्ज में डूबे होने का फायदा उठाकर उन्हें झांसे में लिया गया। पति द्वारा लिए गए उधार को एडजस्ट कराने का लालच देकर कथित डॉक्टर से मुलाकात करवाई गई। इसके बाद IVF के जरिए बच्चा दिलाने का आश्वासन दिया गया। 18 सितंबर 2023 को एक होटल में बुलाकर कथित साजिश रची गई।

    पीड़िता का कहना है कि उसे DNS Hospital और एक अन्य IVF सेंटर में भर्ती कराया गया। दो बार IVF प्रक्रिया असफल रहने के बाद आरोपी ने दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि फरवरी 2024 में होटल में बुलाकर उसे नशीला पदार्थ पिलाया गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया। होश आने पर पति को झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी दी गई।

    दंपति का यह भी आरोप है कि गर्भ ठहरने के बाद उन्हें अस्पताल के सामने एक कॉलोनी के फ्लैट में रखा गया जहां कमरों में कैमरे लगाए गए थे और आठ माह तक निगरानी में रखा गया। उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। 15 सितंबर 2024 को तबीयत बिगड़ने पर महिला को Motherhood Hospital में भर्ती कराया गया जहां 4 अक्टूबर 2024 को आठ माह के गर्भ के बाद बेटे का जन्म हुआ।

    सबसे गंभीर आरोप 9 अक्टूबर 2024 का है जब अस्पताल से डिस्चार्ज के दौरान कथित डॉक्टर और उसके साथियों ने नवजात को छीन लिया। पति का मोबाइल फोन फॉर्मेट कर सिम तोड़ने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप है। दंपति का दावा है कि बाद में दशहरा मैदान पर एक दो बार बच्चे से मिलवाया गया और पिस्टल दिखाकर चुप रहने को कहा गया।

    इतना ही नहीं 26 नवंबर 2024 को फिर होटल में बुलाकर दबाव में एक क्षतिपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर करवाने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने कथित फर्जी दस्तावेजों की तस्वीरें सुरक्षित रखने की बात कही है। साथ ही बच्चे का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की धमकी देने का भी आरोप है।

    इस मामले में हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे और एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर के माध्यम से पुलिस कमिश्नर को शिकायत सौंपी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना टीआई को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर ने कहा कि भारत में कमर्शियल सरोगेसी प्रतिबंधित है और केवल अल्ट्रोस्टिक सरोगेसी ही वैध है इसके बावजूद महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर शोषण के मामले सामने आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी लेकिन आरोप बेहद गंभीर हैं और चिकित्सा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।

  • उज्जैन महाकालेश्वर में वसुंधरा राजे सिंधिया का दिव्य दर्शन, भक्तों के लिए प्रेरणा का अवसर

    उज्जैन महाकालेश्वर में वसुंधरा राजे सिंधिया का दिव्य दर्शन, भक्तों के लिए प्रेरणा का अवसर


    उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार सुबह 10 बजे राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का भव्य आगमन हुआ। मंदिर पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले नंदी हाल का दौरा किया और नंदी जी के दर्शन कर भगवान महाकाल का जल अर्पित किया। इस दौरान मंदिर में दर्शन व्यवस्था की भी उन्होंने तारीफ की और कहा कि मंदिर में भक्तों को सुलभ और व्यवस्थित दर्शन मिल रहे हैं।

    वसुंधरा राजे ने ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन के बाद भगवान श्री वीरभद्र जी का पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर में होने वाले ध्वज चल समारोह में निकलने वाले ध्वज का भी विधिवत पूजन किया। उनके इस दिव्य दर्शन ने उपस्थित श्रद्धालुओं के चेहरे पर खुशी और श्रद्धा का भाव भर दिया।

    मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल एवं सहायक प्रशासक प्रतीक द्विवेदी ने वसुंधरा राजे का स्वागत किया और उन्हें सत्कार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान से आने वाले श्रद्धालु भी महाकाल मंदिर में बड़ी संख्या में दर्शन करने आते हैं और भगवान महाकाल का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहता है।

    इस दौरान वसुंधरा राजे सिंधिया ने कहा कि सुख-दुख में हम सभी भगवान शिव के पास जाते हैं और उनके आशीर्वाद से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। मंदिर की साफ-सफाई, व्यवस्था और भक्तों के लिए सुविधाओं को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।

    भक्तों और पर्यटकों के लिए यह अवसर बेहद खास रहा क्योंकि एक बड़े नेता का भव्य दर्शन होने से मंदिर का वातावरण और भी श्रद्धालु भाव से भर गया। वसुंधरा राजे के दर्शन ने उपस्थित लोगों के दिलों में महाकाल के प्रति श्रद्धा और विश्वास को और मजबूत किया।इस दिव्य अवसर ने उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में एक अलग ही उत्सव का माहौल बना दिया और श्रद्धालु बाबा महाकाल के आशीर्वाद का अनुभव कर खुश नजर आए।