Category: Madhya Pradesh

  • विदिशाः तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े डंपर में टकराई, तीन युवकों की मौत और तीन घायल

    विदिशाः तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े डंपर में टकराई, तीन युवकों की मौत और तीन घायल


    विदिशा।
    मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के कुरवाई थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े डंपर से जा टकराई। इस हादसे में कार सवार तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, कुरवाई निवासी तन्मय शर्मा का रविवार को जन्मदिन था। वह अपने पांच दोस्तों के साथ शिवशंकर ढाबे में पार्टी करने गया था। सभी युवक दोस्त की जन्मदिन की पार्टी से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रात्रि करीब 1.30 बजे कुरवाई रोड पर मेलुआ चौराहे पर कृष्णा ढाबा के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़े डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा डंपर के पिछले हिस्से में फंस गया और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे के बाद शवों को बाहर निकालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया और सीटें काटकर शवों को बाहर निकाला गया।।

    कुरवाई थाना प्रभारी शैलेंद्र नायक ने बताया कि मृतकों की पहचान 21 वर्षीय अंकित साहू, 19 वर्षीय तन्मय शर्मा और 30 वर्षीय जगदीश साहू के रूप में हुई। जगदीश साहू कार चला रहा था। अंकित साहू आगे की सीट पर और तन्मय शर्मा बीच की सीट पर बैठा था। हादसे में जगदीश गोंड, मोंटी अहिरवार और तन्मय श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें पहले कुरवाई अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति के कारण विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले को जांच में लिया है।

  • श्री खरे वैश्य समाज ने बिलासपुर में जिला संयोजक के रूप में जगदीश प्रसाद गुप्ता की नियुक्ति की

    श्री खरे वैश्य समाज ने बिलासपुर में जिला संयोजक के रूप में जगदीश प्रसाद गुप्ता की नियुक्ति की


    नई दिल्ली:अखिल भारतीय श्री खरे वैश्य समाज ने छत्तीसगढ़ में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। समाज की राष्ट्रीय टीम ने हाल ही में बिलासपुर जिले के लिए श्री जगदीश प्रसाद गुप्ता को जिला संयोजक नियुक्त करने की औपचारिक घोषणा की है। श्री गुप्ता ने अपने जीवन का अधिकांश समय कृषि विभाग में कार्यरत रहते हुए सेवा भाव के साथ बिताया है और सामाजिक क्षेत्र में भी लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

    समाज की ओर से जारी जानकारी के अनुसारयह नियुक्ति मुख्य रूप से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनानेसमाज के सदस्यों को एक साझा मंच पर जोड़ने और सामाजिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। राष्ट्रीय नेतृत्व का मानना है कि श्री गुप्ता के प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक समझ से बिलासपुर जिले में समाज की गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी।श्री खरे वैश्य समाज की राष्ट्रीय टीम ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया यहीं समाप्त नहीं होगी। आने वाले समय में जिला स्तरीय टीम के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों की घोषणा भी की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य एक समन्वित और सशक्त कार्यकारिणी का गठन करना है, जिसमें समाज के सभी वर्ग-युवा, महिला, वरिष्ठ नागरिक और पेशेवर-सक्रिय रूप से जुड़े।

    घोषणा के बाद बिलासपुर जिले के समाजजनों में उत्साह देखा गया। कई सदस्यों ने इसे संगठन के लिए सकारात्मक और दूरगामी कदम बताया। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में समाज के सामाजिक शैक्षणिक और सेवा से जुड़े कार्यक्रमों में तेजी आएगी। संगठन का उद्देश्य केवल विस्तार नहीं है बल्कि आपसी सहयोग, सामाजिक एकता और जरूरतमंदों की सहायता को भी प्राथमिकता देना है।समाज ने बिलासपुर जिले के सभी सदस्यों से अपील की है कि वे आगामी बैठकों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाएं। इसके लिए जानकारी और संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 9399362152 उपलब्ध कराया गया है। समाज ने जोर दिया है कि अधिक से अधिक लोग सक्रिय होकर संगठन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में योगदान दें।

    अखिल भारतीय श्री खरे वैश्य समाज देशभर में समाज के हितों के संरक्षण, सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन और सामाजिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। बिलासपुर जिले में नई जिम्मेदारी के साथ संगठन को उम्मीद है कि स्थानीय स्तर पर समाज की आवाज और प्रभावी रूप से सामने आएगी। संगठन की योजना है कि एकजुटता और सामूहिक प्रयास के माध्यम से आने वाले वर्षों में विभिन्न योजनाओं को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जाए।श्री गुप्ता की नियुक्ति से बिलासपुर में न केवल संगठन की सक्रियता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय समुदायों में सामाजिक समन्वय और सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। समाज की गतिविधियों में भागीदारी के जरिए युवा वर्ग और अन्य सदस्य संगठन की विकास योजनाओं का हिस्सा बन सकेंगे।इस प्रकार, बिलासपुर में श्री गुप्ता की नई जिम्मेदारी से समाज की संरचना मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर सामाजिक एकता, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन में नई ऊर्जा आएगी।

  • भा.ज.पा. पार्षद अशोक सिंह का वायरल वीडियो: महिला को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार

    भा.ज.पा. पार्षद अशोक सिंह का वायरल वीडियो: महिला को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार


    सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुर बघेलान में भाजपा के एक पार्षद अशोक सिंह का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पार्षद महिला से धमकी देते हुए दिखाई दे रहे हैं और वह थाना प्रभारी रामपुर बघेलान के लिए अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। वीडियो में भाजपा पार्षद अशोक सिंह महिला से यह कहते हुए नजर आ रहे हैं मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा और वह महिला को जान से मारने की धमकी भी देते हैं। महिला ने पार्षद के खिलाफ पहले ही पुलिस अधीक्षक एसपी मने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

    महिला का कहना है कि भाजपा पार्षद अशोक सिंह लंबे समय से उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। महिला ने बताया कि वह कई बार थाने में शिकायत करने गई लेकिन अशोक सिंह के राजनीतिक प्रभाव के कारण पुलिस कार्रवाई में कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रही थी।वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भाजपा नेता अशोक सिंह के खिलाफ छेड़छाड़ जान से मारने की धमकी और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पार्षद को गिरफ्तार भी कर लिया है।

    राजनीतिक हलचल

    इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल मच गई है। भाजपा पार्षद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दलों ने इस मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है वहीं कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्षद अशोक सिंह का समर्थन भी किया है।स्थानीय सूत्रों के मुताबिक अशोक सिंह पहले भी कई विवादों में घिरे रहे हैं लेकिन उनका राजनीतिक प्रभाव होने के कारण मामले हल होते रहे हैं। इस बार महिला के साहस और वीडियो के वायरल होने के कारण पुलिस ने मामले में सख्त कदम उठाया है।

    पुलिस का बयान

    सतना जिले के पुलिस अधीक्षक एसपी ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा हमने पार्षद अशोक सिंह के खिलाफ सभी आवश्यक धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। किसी भी दबाव या राजनीतिक प्रभाव से ऊपर उठकर हम निष्पक्ष जांच करेंगे। पुलिस ने यह भी कहा कि वीडियो को तकनीकी रूप से विश्लेषण किया जा रहा है ताकि मामले में सभी तथ्यों का सही तरीके से आकलन किया जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास इस मामले से संबंधित कोई और जानकारी हो तो वे उसे पुलिस के साथ साझा करें।

    महिला के समर्थन में लोग

    महिला के समर्थन में कई सामाजिक संगठनों ने आवाज उठाई है। इन संगठनों ने महिला के खिलाफ पार्षद द्वारा किए गए उत्पीड़न की कड़ी निंदा की और प्रशासन से यह मांग की कि मामले में त्वरित कार्रवाई की जाए। साथ ही महिला को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाने का संकल्प लिया है। यह घटना महिला के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न और राजनीतिक दबाव के खिलाफ लड़ाई को और भी मजबूती देती है। यह भी दिखाता है कि अगर समाज में हर व्यक्ति अपनी आवाज उठाए तो ताकतवर लोग भी जिम्मेदार ठहराए जा सकते हैं।

    भा.ज.पा. पार्षद अशोक सिंह का वायरल वीडियो और उस पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। इस मामले में महिला के साहस और पुलिस की तत्परता से यह संदेश भी गया है कि कानून से कोई भी ऊपर नहीं है चाहे वह कितनी भी राजनीतिक ताकत रखता हो। अब यह देखना होगा कि इस मामले में न्याय जल्दी मिलता है या नहीं और क्या अन्य पीड़ित महिलाएं भी इस तरह की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठा पाती हैं।

  • ग्वालियर में बिना नंबर की कार चालक ने ट्रैफिक थाना प्रभारी को कुचलने का प्रयास किया कलाई और पंजे में कांच घुसा

    ग्वालियर में बिना नंबर की कार चालक ने ट्रैफिक थाना प्रभारी को कुचलने का प्रयास किया कलाई और पंजे में कांच घुसा


    ग्वालियर । ग्वालियर में एक हैरान करने वाली घटना में बिना नंबर की तेज रफ्तार कार ने ट्रैफिक थाना प्रभारी को कुचलने का प्रयास किया। यह घटना थीम रोड पर तब हुई जब थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने चेकिंग प्वाइंट पर गाड़ियों को रोका बिना नंबर वाली कार के चालक ने अचानक रफ्तार बढ़ा दी और करीब 80 किमी प्रति घंटे की गति से कार दौड़ा दी।
    गाड़ियों की भीड़ के बावजूद चालक ने कार को इतनी तेज रफ्तार से चलाया कि थाना प्रभारी को टक्कर मारते हुए वह गिर पड़े। इस टक्कर से थाना प्रभारी की कलाई और पंजे में कांच के टुकड़े घुस गए जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद चालक कार छोड़कर फरार हो गया।

    सीसीटीवी से पहचान

    पुलिस ने घटना के बाद सीसीटीवी कैमरों को खंगाला और चालक का चेहरा पहचान लिया। अब पुलिस चालक की तलाश कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की उम्मीद है।यह घटना ग्वालियर में ट्रैफिक नियमों और पुलिस की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं से न केवल पुलिसकर्मियों की जान को खतरा है बल्कि इससे सड़क सुरक्षा की स्थिति भी बिगड़ सकती है।

  • श्योपुर में अवैध कॉलोनियों पर कड़ा प्रहार बुलडोजर कलेक्टर ने माफिया के खिलाफ शुरू की सख्त कार्रवाई

    श्योपुर में अवैध कॉलोनियों पर कड़ा प्रहार बुलडोजर कलेक्टर ने माफिया के खिलाफ शुरू की सख्त कार्रवाई


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति अब सिर्फ कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर भी दिखाई दे रही है। श्योपुर जिले में कलेक्टर अर्पित वर्मा के नेतृत्व में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक जबरदस्त अभियान चलाया गया है जिससे कॉलोनी माफिया की कमर टूट गई है। प्रशासन ने श्योपुर जैदा और जाटखेड़ा क्षेत्रों में पांच अवैध कॉलोनियों पर एक साथ बुलडोजर कार्रवाई की और यह स्पष्ट कर दिया कि अब अवैध कॉलोनी विकास और सरकारी भूमि के गलत इस्तेमाल को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।शनिवार को प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों में बनी सड़कें सीसी रोड और आंतरिक मार्ग ध्वस्त किए और जमीन की बुनियाद पर सीधा वार किया। इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम श्योपुर गगन सिंह मीणा तहसीलदार मनीषा मिश्रा और पूरा राजस्व अमला मौके पर मौजूद था।

    शांतिपूर्ण लेकिन सख्त कार्रवाई
    काफी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई शांतिपूर्ण लेकिन सख्त रही। तहसीलदार मनीषा मिश्रा ने बताया कि जैदा के सर्वे क्रमांक 75/8 पर अवैध कॉलोनी में बने मार्ग तोड़े गए जबकि जाटखेड़ा में अवैध सीसी सड़कें और रास्ते ध्वस्त किए गए। इसके अलावा श्योपुर कस्बे में पंजाब नेशनल बैंक के पीछे और अस्पताल के पास बने अवैध कॉलोनी के निर्माणों को भी तोड़ा गया।

    कलेक्टर ने 23 कॉलोनियों को रडार पर लिया

    कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जिले की 23 कॉलोनियों को संदेह के घेरे में लिया है। उन्होंने एसडीएम श्योपुर को इन कॉलोनियों की जांच के निर्देश दिए हैं जो जमीन पर जाकर हर पहलू की पड़ताल करेंगे। यह जांच कागजी नहीं होगी और इसमें भूमि के मूल स्वरूप कॉलोनी विकास अनुमति ड्रेनेज मार्गों पर अतिक्रमण वृक्षों की अवैध कटाई और प्लॉट विक्रय जैसे सभी बिंदुओं की गहन जांच होगी।

    दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

    कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि किसी कॉलोनी में अवैध गतिविधियाँ पाई जाती हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एक जिला कॉलोनी सेल का गठन किया गया है जो अवैध कॉलोनियों की जांच करेगी और आम जनता को यह जानकारी देगी कि कौन सी कॉलोनी वैध है और कौन सी अवैध।

    रजिस्ट्री-नामांतरण पर प्रतिबंध
    कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बिना कॉलोनी विकास अनुमति या नियमितीकरण प्रमाणपत्र के किसी भी भूखंड की रजिस्ट्री और नामांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। संबंधित सर्वे नंबरों पर अवैध कॉलोनियों की प्रविष्टि की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार का क्रय-विक्रय संभव न हो सके। इस निर्णय से कॉलोनी माफिया को बड़ा झटका लगा है क्योंकि यह उनके व्यापार को सीधा नुकसान पहुंचाएगा।

  • उज्जैन में चाइना डोर से बाइक सवार की नाक कटी एक महीने में चार लोग हुए घायल

    उज्जैन में चाइना डोर से बाइक सवार की नाक कटी एक महीने में चार लोग हुए घायल


    उज्जैन । उज्जैन में प्रतिबंध के बावजूद चाइना डोर से होने वाली दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार को एक और बाइक सवार की नाक चाइना डोर से कट गई जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। तुलसीराम राठौर उम्र 52 वर्ष निवासी गायत्री नगर बाइक से इंदिरा नगर से गुजर रहे थे जब अचानक उनके चेहरे पर चाइना डोर आ गई। राठौर जैसे ही डोर को हटाने की कोशिश करते उसकी नाक कट गई जिससे काफी खून बहने लगा। गनीमत रही कि उनकी आंखें बच गईं हालांकि हाथ में भी गंभीर चोटें आईं।स्थानीय लोगों ने तत्काल राठौर को उपचार के लिए चरक अस्पताल भेजा जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    एक महीने में चार लोग घायल

    चाइना डोर के कारण हुए हादसों की यह कोई पहली घटना नहीं है। एक महीने के भीतर चार लोग इस खतरनाक डोर की चपेट में आ चुके हैं। 20 दिसंबर को एग्रीकल्चर थर्ड सेमेस्टर के छात्र योगेश आंजना उम्र 20 वर्ष अपने गांव पिपलियाधूमा झारड़ा से उज्जैन परीक्षा देने आया था। परीक्षा के बाद वह बाइक से घर लौट रहा था जब उसे भी चाइना डोर से गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा पहले भी इस प्रकार की घटनाएं उज्जैन में हो चुकी हैं जिनमें लोग चाइना डोर से घायल हो चुके हैं।

    गंभीर चिंता का विषय

    चाइना डोर की इन घटनाओं ने शहरवासियों को गंभीर चिंता में डाल दिया है। हालाँकि प्रशासन ने इसके उपयोग पर रोक लगाने के लिए कई प्रयास किए हैं लेकिन इस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। यह जानलेवा डोर न केवल सड़कों पर चलने वाले लोगों के लिए खतरा बन गई है बल्कि इसका इस्तेमाल करने वाले लोग भी इसके खतरों से अनजान रहते हैं।
    शहरवासियों और प्रशासन से अपील की जा रही है कि चाइना डोर के खतरों को लेकर जागरूकता फैलाई जाए और इस पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि और किसी की जान को खतरा न हो।

  • आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़ा: नौ अस्पताल सस्पेंड, 28 पर कार्रवाई की तैयारी

    आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़ा: नौ अस्पताल सस्पेंड, 28 पर कार्रवाई की तैयारी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति अब सिर्फ कागजों पर नहीं बल्कि जमीन पर भी दिखाई दे रही है। श्योपुर जिले में कलेक्टर अर्पित वर्मा के नेतृत्व में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक जबरदस्त अभियान चलाया गया है जिससे कॉलोनी माफिया की कमर टूट गई है। प्रशासन ने श्योपुर जैदा और जाटखेड़ा क्षेत्रों में पांच अवैध कॉलोनियों पर एक साथ बुलडोजर कार्रवाई की और यह स्पष्ट कर दिया कि अब अवैध कॉलोनी विकास और सरकारी भूमि के गलत इस्तेमाल को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।शनिवार को प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों में बनी सड़कें सीसी रोड और आंतरिक मार्ग ध्वस्त किए और जमीन की बुनियाद पर सीधा वार किया। इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम श्योपुर गगन सिंह मीणा तहसीलदार मनीषा मिश्रा और पूरा राजस्व अमला मौके पर मौजूद था।

    शांतिपूर्ण लेकिन सख्त कार्रवाई

    काफी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई शांतिपूर्ण लेकिन सख्त रही। तहसीलदार मनीषा मिश्रा ने बताया कि जैदा के सर्वे क्रमांक 75/8 पर अवैध कॉलोनी में बने मार्ग तोड़े गए जबकि जाटखेड़ा में अवैध सीसी सड़कें और रास्ते ध्वस्त किए गए। इसके अलावा श्योपुर कस्बे में पंजाब नेशनल बैंक के पीछे और अस्पताल के पास बने अवैध कॉलोनी के निर्माणों को भी तोड़ा गया।

    कलेक्टर ने 23 कॉलोनियों को रडार पर लिया

    कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जिले की 23 कॉलोनियों को संदेह के घेरे में लिया है। उन्होंने एसडीएम श्योपुर को इन कॉलोनियों की जांच के निर्देश दिए हैं जो जमीन पर जाकर हर पहलू की पड़ताल करेंगे। यह जांच कागजी नहीं होगी और इसमें भूमि के मूल स्वरूप कॉलोनी विकास अनुमति ड्रेनेज मार्गों पर अतिक्रमण वृक्षों की अवैध कटाई और प्लॉट विक्रय जैसे सभी बिंदुओं की गहन जांच होगी।

    दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

    कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि यदि किसी कॉलोनी में अवैध गतिविधियाँ पाई जाती हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एक जिला कॉलोनी सेल का गठन किया गया है जो अवैध कॉलोनियों की जांच करेगी और आम जनता को यह जानकारी देगी कि कौन सी कॉलोनी वैध है और कौन सी अवैध।

    रजिस्ट्री-नामांतरण पर प्रतिबंध

    कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बिना कॉलोनी विकास अनुमति या नियमितीकरण प्रमाणपत्र के किसी भी भूखंड की रजिस्ट्री और नामांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। संबंधित सर्वे नंबरों पर अवैध कॉलोनियों की प्रविष्टि की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार का क्रय-विक्रय संभव न हो सके। इस निर्णय से कॉलोनी माफिया को बड़ा झटका लगा है क्योंकि यह उनके व्यापार को सीधा नुकसान पहुंचाएगा।

  • सतना पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामादुष्कर्म पीड़िता ने दी आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी

    सतना पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामादुष्कर्म पीड़िता ने दी आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उस समय गंभीर सवालिया निशान लग गएजब एक दुष्कर्म पीड़िता अपने दो मासूम बच्चों के साथ पुलिस अधीक्षक SP कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई। पीड़िता का आरोप है कि भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज होने और उनकी जमानत याचिकाएं खारिज होने के बावजूद पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। देर रात तक चले इस हंगामे के दौरान महिला ने न्याय न मिलने पर अपना गला काटकर जान देने जैसी आत्मघाती चेतावनी भी दी।

    सत्ता के दबाव का आरोप और पुलिस से तीखी झड़प

    पीड़िता का आक्रोश उस समय और बढ़ गया जब एसपी कार्यालय में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे बच्चों समेत वहां से हटाने की कोशिश की। महिला ने रोते हुए चीख-चीख कर कहा कि पुलिस आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। एक वीडियो संदेश जारी करते हुए पीड़िता ने स्पष्ट रूप से कहा कि आरोपी सत्ताधारी दल का रसूखदार नेता रहा हैइसलिए पुलिस उसे छूने से भी कतरा रही है। पीड़िता ने बताया”आरोपी की जमानत जिला अदालत और हाईकोर्ट दोनों जगह से खारिज हो चुकी है। वह खुलेआम घूम रहा है और मुझे लगातार धमकियां दे रहा है। मुझे और मेरे बच्चों की जान को खतरा हैलेकिन पुलिस प्रशासन केवल आश्वासन का खेल खेल रहा है।

    अधिकारियों में मचा हड़कंप

    महिला द्वारा खुद को नुकसान पहुँचाने की धमकी दिए जाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिला को शांत कराने की कोशिश की। पीड़िता का कहना था कि वह तब तक नहीं हटेगी जब तक कि आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाता। अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी का ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही पीड़िता देर रात वहां से हटने को तैयार हुई।

    न्यायालय से नहीं मिली है राहत

    गौरतलब है कि भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज है। आरोपी ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले जिला न्यायालय और फिर उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई थीजिसे अदालतों ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया है। इसके बावजूद सतना पुलिस की ‘सुस्ती’ अब जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।

    बढ़ता दबाव और राजनीतिक सरगर्मी
    इस घटना ने सतना में राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है। विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि एक पीड़िता को न्याय के लिए बच्चों के साथ सड़क पर रात गुजारनी पड़ रही हैतो यह सिस्टम की विफलता है। फिलहालपुलिस प्रशासन ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का दावा किया हैलेकिन पीड़िता ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में कार्रवाई नहीं हुईतो वह फिर से उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगी। आरोपी सतीश शर्मा पूर्व जिला अध्यक्षभाजपास्थान पुलिस अधीक्षक कार्यालयसतना। मांग तत्काल गिरफ्तारी और सुरक्षा।कानूनी स्थिति जिला कोर्ट और हाईकोर्ट से जमानत याचिकाएं खारिज।

  • नेमावर मौत के मुंह से लौटी महिला; नर्मदा में छलांग लगाते ही देवदूत बनकर पहुंचा नाविक

    नेमावर मौत के मुंह से लौटी महिला; नर्मदा में छलांग लगाते ही देवदूत बनकर पहुंचा नाविक


    देवास । नर्मदा नदी के पुराने पुल पर उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने उफनती लहरों के बीच मौत की छलांग लगा दी। हालांकिइस घटना में ‘जाको राखे साइयांमार सके न कोय’ वाली कहावत चरितार्थ हुई। महिला जिस स्थान पर कूदीवहां पास ही एक नाविक मौजूद थाजिसने बिना समय गंवाए पानी में कूदकर महिला की जान बचा ली।

    बहादुर नाविक ने पेश की मानवता की मिसाल

    शनिवार को देवास और हरदा जिले को जोड़ने वाले पुराने पुल पर अचानक उस समय सनसनी फैल गईजब ग्राम सवासड़ा की रहने वाली आशाबाई कोरकू ने नदी में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसारमहिला जैसे ही पानी में गिरीपास ही मौजूद नाविक प्रेमलाल केवट ने तुरंत फुर्ती दिखाई। प्रेमलाल ने अपनी नाव से नदी में छलांग लगाई और डूब रही महिला को सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में अन्य लोगों की मदद से महिला को नाव के जरिए किनारे लाया गया।

    मानसिक रूप से अस्वस्थ है महिला
    घटना की सूचना मिलते ही नेमावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पूछताछ में पता चला कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं हैजिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। नेमावर थाने के एसआई विजय सिंह बैस ने बताया कि महिला पूरी तरह सुरक्षित है और उसे किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस ने तत्काल महिला के परिजनों को सूचना दी और उन्हें थाने बुलवाकर समझाइश के साथ महिला को उनके सुपुर्द कर दिया। परिजनों को हिदायत दी गई है कि महिला को अकेला न छोड़ें।

    खतरे का केंद्र बनता पुराना पुल

    गौरतलब है कि नेमावर का यह पुराना पुल बीते दो दिनों से दुखद खबरों का केंद्र बना हुआ है। बीते शुक्रवार को ही हरदा जिले के छोटी हरदा निवासी गणेश नामक युवक ने इसी पुल से छलांग लगा दी थीजिसकी डूबने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुल पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। नायक नाविक प्रेमलाल केवटजिनकी तत्परता से बची जान।पीड़िता आशाबाई कोरकूनिवासी ग्राम सवासड़ा।वजह प्रारंभिक जांच में मानसिक अस्वस्थता सामने आई।चेतावनी एक दिन पूर्व इसी स्थान पर एक युवक की डूबने से हुई थी मौत।

  • वर्तमान हालात में वल्लभ भवन का झूलाघर: 45 लाख का प्रस्ताव अटकाबच्चों के खेलने की जगह भी नहीं

    वर्तमान हालात में वल्लभ भवन का झूलाघर: 45 लाख का प्रस्ताव अटकाबच्चों के खेलने की जगह भी नहीं


    भोपाल । भोपाल के प्रशासनिक केंद्र वल्लभ भवन में स्थित झूलाघरजो पहले मातृत्व की जिम्मेदारी निभाने वाली महिलाओं के बच्चों के लिए एक सुरक्षित और खुशहाल स्थल हुआ करता थाअब अपनी बदहाली पर रो रहा है। पहले यह खुली जगह में संचालित होता थाजहां बच्चों के खेलने- कूदने और मानसिक- शारीरिक विकास के लिए पर्याप्त जगह थी। लेकिन अब यह झूलाघर एक छोटे सेबंद कमरे में सिमट कर रह गया हैजहां न बच्चों के खेलने की जगह है और न ही ताजगी देने वाली हवा का कोई इंतजाम।

    इस झूलाघर को एक नया रूप देने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने 45 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया था। लेकिन यह प्रस्ताव मंत्रालय की फाइलों में दबा हुआ है और प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इस मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या बच्चों के सुरक्षा और विकास से जुड़ी इस गंभीर समस्या को नज़रअंदाज किया जा सकता है और वित्त विभाग की मंजूरी का इंतजार करना एक लंबा 6 साल क्यों होना चाहिए?

    बच्चों की सुरक्षा और विकास पर असर

    बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को लंबे समय तक बंद और सीमित वातावरण में रखना उनके मानसिक और शारीरिक विकास में रुकावट डाल सकता है। खुले वातावरण और खेलने की जगह बच्चों के विकास के लिए आवश्यक हैलेकिन वर्तमान स्थिति में झूलाघर अपनी प्राथमिकता खो चुका है।

    अधिकारी भी मौन
    इस मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील सोलंकी से संपर्क किया गयालेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रस्ताव कई सालों से मंत्रालय की फाइलों में पड़ा हुआ हैलेकिन अब तक इस पर कोई निर्णायक कदम नहीं उठाए गए।

    संवेदनशील मुद्दे की उपेक्षा
    यह मामला सरकारी दफ्तरों में कामकाजी महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की उपेक्षा को दर्शाता है। बच्चों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिएलेकिन वल्लभ भवन का झूलाघर अब अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहा है।