Category: Madhya Pradesh

  • अमित शाह कल करेंगे ग्वालियर व्यापार मेला का उद्घाटन शिल्प और संस्कृति का संगम

    अमित शाह कल करेंगे ग्वालियर व्यापार मेला का उद्घाटन शिल्प और संस्कृति का संगम


    ग्वालियर । ग्वालियर व्यापार मेला जो मध्य भारत का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक मेला माना जाता है 25 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में इस मेले का उद्घाटन होने वाला है जो व्यापारियों और सैलानियों के लिए एक खास अवसर बनेगा। मेला प्राधिकरण और प्रशासन ने उद्घाटन की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है और अब इस मेला के उद्घाटन का इंतजार है।

    इस वर्ष का मेला पहले से भी ज्यादा खास होगा क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगमन से व्यापारियों और स्थानीय लोगों का उत्साह दोगुना हो गया है। सुरक्षा और स्वागत की भव्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
    मेले में इस बार विभिन्न सेक्टरों की छटा देखने को मिलेगी ऑटोमोबाइल क्षेत्र में शोरूम सजाए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग वाहन खरीदारी की योजना बना रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में नए गैजेट्स और घरेलू उपकरणों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनेगी।

    इसके साथ ही झूला सेक्टर और फूड जोन में रोमांच और स्वाद का तड़का होगा। हाई-टेक झूले युवाओं के लिए तैयार हैं जबकि फूड जोन में राजस्थानी पंजाबी और दक्षिण भारतीय व्यंजन भी स्वादिष्ट रूप से परोसे जाएंगे। मेला न केवल व्यापार बल्कि कला और संस्कृति का भी केंद्र बनेगा जहां 1 जनवरी से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शुरू होगा।
    जनवरी के महीने में पहलवानी का भी आयोजन होगा। 19-20 जनवरी को जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता और 23-25 जनवरी को राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता होगी जो खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।

    व्यापारी भी इस वर्ष मेला में उत्साहित हैं। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दुकान आवंटन के बाद उत्तर प्रदेश राजस्थान दिल्ली जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में व्यापारी ग्वालियर आ रहे हैं। हस्तशिल्प और फर्नीचर सेक्टर में इस बार ऐसी अनोखी कलाकृतियां देखने को मिलेंगी जो पहले कभी नहीं आईं। ग्वालियर व्यापार मेला इस बार एक बेहतरीन अनुभव देने वाला है जिसमें व्यापार कला संस्कृति और खेल का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलेगा।

  • MP के इस शहर का नाम बदलकर होगा मूलतापी, CM मोहन यादव ने किया ऐलान

    MP के इस शहर का नाम बदलकर होगा मूलतापी, CM मोहन यादव ने किया ऐलान


    बैतूल ।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने बैतूल जिले (Betul district) की प्रसिद्ध धार्मिक नगरी मुलताई (Multai) का नाम बदलकर ‘मूलतापी’ किए जाने की ऐतिहासिक घोषणा की है। ताप्ती नदी के उद्गम स्थल के रूप में देशभर में विख्यात मुलताई का यह प्राचीन नाम अब पुनः स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से क्षेत्र के नागरिकों, धर्मप्रेमियों और जनप्रतिनिधियों में उत्साह का माहौल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बारे में मंगलवार को घोषणा करते हुए कहा कि मुलताई का मूल और प्राचीन नाम ‘मूलतापी’ है, जिसका अर्थ ताप्ती नदी का उद्गम स्थल है। यह नाम इस पवित्र भूमि की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से स्थानीय जनता की यह मांग थी, जिसे सरकार ने स्वीकार करते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

    मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख द्वारा नगर का नाम ‘मूलतापी’ किए जाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया था, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह निर्णय क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने वाला है।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बैतूल जिले में एक भव्य आदिवासी संग्रहालय की स्थापना की भी घोषणा की। इससे जिले की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और इतिहास को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी तथा यह संग्रहालय आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का केंद्र बनेगा।

    कार्यक्रम के दौरान बैतूल में नए मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन भी किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा विशेष रूप से उपस्थित रहे। मेडिकल कॉलेज के निर्माण से जिले और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।

    ‘मूलतापी’ नाम से पहचान मिलने के बाद ताप्ती उद्गम स्थल की धार्मिक महत्ता और अधिक बढ़ेगी। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय रोजगार और व्यापार को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से पूरे मुलताई और बैतूल जिले में खुशी का माहौल है।

    इस मौके पर हुए विकास कार्यों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा जी की गरिमामयी उपस्थिति में बैतूल जिले में 300 करोड़ रुपए की लागत के जन-निजी भागीदारी (PPP) आधारित चिकित्सा महाविद्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम में सहभागिता की। इस दौरान विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण/भूमिपूजन भी हुआ। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में मिली केन-बेतवा लिंक परियोजना से संपूर्ण बुंदेलखंड क्षेत्र लाभान्वित होगा। साथ ही, महाराष्ट्र के साथ मिलकर तापी बेसिन मेगा रीचार्ज परियोजना भी बनाई गई है। इनसे किसानों के जीवन में समृद्धि का नया सवेरा आएगा।’

  • रीवा में ट्रक ने बाइक सवार युवक को मारी टक्कर.सिर कुचले से मौत

    रीवा में ट्रक ने बाइक सवार युवक को मारी टक्कर.सिर कुचले से मौत


    रीवा । रीवा शहर के बीहर उन्नत पुल पर मंगलवार-बुधवार की रात एक भयंकर सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में 18 वर्षीय समीर जायसवाल की दर्दनाक मौत हो गई.जबकि उनके साथी को मामूली चोटें आईं। जानकारी के अनुसार.समीर और उसका साथी बाइक पर सवार होकर रात को कहीं जा रहे थे.जब तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी।घटना रात करीब 11:30 से 12 बजे के बीच की है.जब नो-एंट्री खुलते ही एक अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवारों को अपनी चपेट में ले लिया।
    टक्कर इतनी जोरदार थी कि समीर सीधे ट्रक के पिछले पहिए के नीचे   गया.जिससे उसका सिर बुरी तरह कुचला गया। हादसे में समीर की मौके पर ही मौत हो गई.जबकि दूसरा युवक छिटककर दूर गिरा और उसे हल्की चोटें आईं। समीर जायसवाल मूल रूप से मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र के ग्राम सिमरिया रामगढ़ का रहने वाला था और रीवा के खैरी इलाके में एक टेंट हाउस में काम करता था। मृतक के साथी ने बताया कि वे दोनों बाइक से कहीं जा रहे थे जब यह हादसा हुआ।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बीहर उन्नत पुल के पास रात में ट्रकों की लंबी कतार लग जाती है और कई ट्रक चालक लापरवाही से वाहन चलाते हैं.जिससे अक्सर इस तरह के हादसे होते हैं। घटना के बाद घटनास्थल पर लंबा जाम लग गया.जिसे पुलिस ने बाद में नियंत्रित किया। सिविल लाइन पुलिस ने घटना के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और परिजनों को सूचित किया। मामले की जांच की जा रही है और पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

  • अमित शाह 24 दिसंबर को ग्वालियर आएंगे, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ट्रैफिक डायवर्जन

    अमित शाह 24 दिसंबर को ग्वालियर आएंगे, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ट्रैफिक डायवर्जन


    ग्वालियर । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 24 दिसंबर को ग्वालियर का दौरा करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार.अमित शाह रात करीब नौ बजे ग्वालियर विमानतल पर उतरेंगे और होटल ताज ऊषा किरण पैलेस के लिए रवाना होंगे। अगले दिन25 दिसंबर को.वे सुबह 11:50 बजे कार्यक्रम स्थल के लिए निकलेंगे। इस दौरे के दौरान शहर की सड़कों पर वीवीआइपी मूवमेंट रहेगा.जिसके कारण कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा।
    पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था के तहत 4500 जवान तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा ऊंची इमारतों पर स्नाइपर भी तैनात होंगे और कार्यक्रम स्थल से लेकर होटल तक कड़ी सुरक्षा रहेगी। शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। भिंड और मालनपुर से आने वाले वाहन विशेष मार्गों से ग्वालियर प्रवेश करेंगे। विभिन्न क्षेत्रों से शहर में आने और जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है।

    अमित शाह ग्वालियर में अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट का शुभारंभ करेंगे.जिसमें 2 लाख करोड़ के निवेश और उद्योगों के शिलान्यास की घोषणा की जाएगी। यह कार्यक्रम मेला ग्राउंड पर होगा और इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और अन्य प्रदेश मंत्रीगण भी मौजूद रहेंगे। इस आयोजन में ग्वालियर-चंबल अंचल के एक लाख से अधिक लोग शामिल होने की संभावना है और यह प्रदेश में उद्योग-निवेश के लिए किए गए प्रयासों को प्रदर्शित करेगा।

  • इटारसी आयुध निर्माणी को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी 8 महीने में दूसरी बार आई मेल परिसर में हाई अलर्ट

    इटारसी आयुध निर्माणी को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी 8 महीने में दूसरी बार आई मेल परिसर में हाई अलर्ट


    इटारसी । मंगलवार को मध्य प्रदेश के इटारसी में स्थित रक्षा मंत्रालय के अधीन आयुध निर्माणी परिसर में एक बम से उड़ाने की धमकी भरा मेल मिला जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। यह घटना 8 महीने में दूसरी बार हुई है। पहले 17 अप्रैल को भी इस तरह का मेल आया था लेकिन वह फर्जी साबित हुआ था। इस बार आए मेल को लेकर एक बार फिर अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों में चिंताएं बढ़ गई हैं।

    मंगलवार को मिले धमकी भरे ईमेल के बाद फैक्ट्री प्रबंधन और जिला पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा इस थोटा ने मेल की पुष्टि की और बताया कि इसकी जांच की जा रही है। धमकी भरा मेल सोमवार रात को फैक्ट्री के आधिकारिक ईमेल पते पर आया था जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचित किया गया।

    आयुध निर्माणी एक अत्यधिक संवेदनशील स्थान है जहां भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक हथियार और अन्य सैन्य सामग्री तैयार की जाती है। इस वजह से यहां सुरक्षा को लेकर कड़ी निगरानी रखी जाती है। अब पुलिस और सुरक्षा बलों की टीमों ने फैक्ट्री परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा उपायों को लागू किया है और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया है।

    कुल मिलाकर यह धमकी भरा मेल फैक्ट्री प्रशासन के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है और जांच के साथ-साथ सुरक्षा इंतजामों में भी सुधार किए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा मामले की पूरी जांच की जा रही है ताकि जल्द से जल्द यह पता चल सके कि धमकी वास्तविक है या फिर किसी शरारत का हिस्सा।

  • धार में भूमि पूजन देश का पहला पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज बनेगा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य क्रांति का केंद्र

    धार में भूमि पूजन देश का पहला पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज बनेगा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य क्रांति का केंद्र


    धार । मध्य प्रदेश के धार जिले में मंगलवार को एक ऐतिहासिक अवसर आया जब देश के पहले पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन हुआ। इस ऐतिहासिक समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने प्रमुख रूप से हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज अपने आप में एक अनोखा प्रयास है जो केवल शहरी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह मेडिकल कॉलेज ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देने का काम करेगा।

    नड्डा ने इस मौके पर बताया कि यह मेडिकल कॉलेज पब्लिक और प्राइवेट क्षेत्र की साझेदारी से बनाया जा रहा है और यह देश में अपनी तरह का पहला संस्थान है। उन्होंने यह भी कहा कि धार में स्थापित होने वाला यह मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य सेवा में क्रांति लाएगा। यहां से पास होने वाले एमबीबीएस डॉक्टर देश के दूरदराज के गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे जिससे ग्रामीण इलाकों में चिकित्सकीय सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

    इस परियोजना के तहत छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी जाएगी और उन्हें प्रैक्टिकल अनुभव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जाएगा जिससे वे वहां के स्वास्थ्य मुद्दों को समझकर समाधान ढूंढ सकें। साथ ही कॉलेज के निर्माण से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे जिससे जिले की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

    इस योजना के सफल होने के बाद इसे दूसरे राज्यों में भी लागू किया जा सकता है जिससे भारत के अन्य क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके। इस पहल से यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि दूरदराज के क्षेत्रों में चिकित्सकों की कमी को दूर किया जाएगा और गांवों में अधिक से अधिक डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अपने संबोधन में बताया कि यह मेडिकल कॉलेज न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा बल्कि यह धार जिले और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक स्वस्थ भविष्य का मार्गदर्शन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट के जरिए प्रदेश में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा प्राप्त होगी।

  • रीवा अस्पताल प्रबंधक ने मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोलीवेंटिलेटर पर संघर्ष के बाद मौत

    रीवा अस्पताल प्रबंधक ने मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोलीवेंटिलेटर पर संघर्ष के बाद मौत


    रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा शहर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक युवक ने देर रात अपने घर के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में खुद को गोली मार ली। मृतक की पहचान प्रतीक सिंह उर्फ कुक्कू के रूप में हुई हैजो एक अस्पताल के प्रबंधनकार्य से जुड़े थे। घटना के बाद से पूरे शहर में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

    सोने से पहले गूंजी धमाके की आवाज

    जानकारी के मुताबिकयह दुखद घटना शहर के पीटीएस स्थित यूनियन बैंक के पीछे रहने वाले प्रतीक सिंह के घर पर हुई। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 12 बजेजब पूरा परिवार सोने की तैयारी कर रहा थातभी अचानक प्रतीक के कमरे से गोली चलने की जोरदार आवाज आई। धमाके की आवाज सुनते ही घर में चीख-पुकार मच गई और परिजन बदहवास होकर प्रतीक के कमरे की ओर दौड़े।

    जमीन पर तड़पते मिले प्रतीक

    कमरे का दरवाजा खोलते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रतीक सिंह लहूलुहान हालत में फर्श पर पड़े तड़प रहे थे। उन्होंने पिस्टल को अपने मुंह के भीतर डालकर फायर किया थाजिससे गोली सीधे सिर के पार निकल गई थी। परिजनों ने बिना एक पल गंवाए उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।

    वेंटिलेटर पर तोड़ा दम

    अस्पताल में प्रतीक की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। अंदरूनी चोटें और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

    जांच में जुटी पुलिस
    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर प्रतीक ने इतना बड़ा आत्मघाती कदम क्यों उठाया। मौके से पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अभी तक आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की हर एंगल से तफ्तीश कर रही है।मृतकप्रतीक सिंह उर्फ कुक्कू अस्पताल प्रबंधकस्थान पीटीएस क्षेत्रयूनियन बैंक के पीछेरीवा। घटना का तरीका मुंह में पिस्टल रखकर खुद को मारी गोली। हालत इलाज के दौरान वेंटिलेटर पर हुई मौत।

  • 200 लोग लाओ 2 करोड़ के काम पाओ' ग्वालियर प्रभारी मंत्री का पार्षदों को बड़ा ऑफरअमित शाह के दौरे की तैयारी

    200 लोग लाओ 2 करोड़ के काम पाओ' ग्वालियर प्रभारी मंत्री का पार्षदों को बड़ा ऑफरअमित शाह के दौरे की तैयारी


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने आगामी 25 दिसंबर को प्रस्तावित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर कमर कस ली है। इस महत्वपूर्ण दौरे को ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रभारी मंत्री ने एक अनोखा ऑफर पेश किया है। उन्होंने भाजपा पार्षद दल की बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो पार्षद कार्यक्रम में 200 लोगों की भीड़ लेकर आएगाउसके वार्ड में 2 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव पास कराए जाएंगे।

    बाल भवन में हुई पार्षद दल की बैठक

    नगर निगम के बाल भवन स्थित नवीन टीएलसी कक्ष में आयोजित इस बैठक में प्रभारी मंत्री ने पार्षदों के साथ सीधा संवाद किया। बैठक का मुख्य एजेंडा अमित शाह के भव्य स्वागत और जनसभा में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करना था। सिलावट ने प्रत्येक पार्षद को जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों से कम से कम 200-200 लोगों को कार्यक्रम स्थल तक लाना है।

    वाहनों की चिंता छोड़ेंहम करेंगे व्यवस्था

    बैठक के दौरान जब पार्षदों ने लोगों को लाने-ले जाने के संसाधनों पर सवाल उठाएतो प्रभारी मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया। उन्होंने कहा”वाहनों की चिंता आप लोग बिल्कुल न करेंवह सारी व्यवस्था हम सरकार संगठन कराएंगे। आपका काम बस लोगों को प्रेरित कर कार्यक्रम तक पहुंचाना है।

    कार्यकाल खत्म होने से पहले पूरे होंगे काम

    मंत्री तुलसीराम सिलावट ने पार्षदों को लुभाते हुए कहा कि अब आप लोगों के कार्यकाल में केवल डेढ़ साल का समय शेष रह गया हैइसलिए विकास की रफ्तार बढ़ाने का यह सही मौका है। उन्होंने प्रत्येक पार्षद को दो-दो करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। जब पार्षदों ने बजट और वित्तीय वर्ष को लेकर सवाल कियातो मंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया”आपका कार्यकाल समाप्त होने से पहले ये सभी काम जमीन पर उतर जाएंगे।

    सीएम से मुलाकात का भी बोनस ऑफर

    भीड़ जुटाने के इस टारगेट के साथ प्रभारी मंत्री ने एक और बड़ा दांव खेला है। उन्होंने पार्षदों को मुख्यमंत्री से मुलाकात करवाने का भी ऑफर दिया। माना जा रहा है कि इस रणनीति के जरिए पार्टी स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना चाहती है ताकि केंद्रीय नेतृत्व के सामने ग्वालियर की ताकत दिखाई जा सके मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 दिसंबर । टारगेट प्रति वार्ड कम से कम 200 लोगों की उपस्थिति। इनाम प्रति पार्षद 2 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की स्वीकृति। रणनीति कार्यकाल समाप्त होने से पहले विकास कार्यों को गति देना।

  • पूर्व विधायक के पोते पर जूनियर डॉक्टरों का हमला शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में हंगामा

    पूर्व विधायक के पोते पर जूनियर डॉक्टरों का हमला शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में हंगामा


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के बाहर चाय की दुकान पर पूर्व विधायक ओम प्रकाश खटीक के पोते देबू खटीक और उनके साथ भाजपा नेता प्रशांत राठौर और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष के बेटे नलिन पंडित पर जूनियर डॉक्टरों ने हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब ये तीनों युवक चाय पीने पहुंचे थे और जूनियर डॉक्टरों के साथ उनकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी।

    पुलिस के अनुसारविवाद की शुरुआत तब हुई जब जूनियर डॉक्टर अपनी एप्रेन एक कुर्सी पर रखकर चाय पी रहे थे। युवकों ने एप्रेन हटाने के लिए कहालेकिन जब डॉक्टरों ने ऐसा करने से मना कियातो दोनों पक्षों के बीच तीखी नोक-झोंक शुरू हो गई। इसके बादजूनियर डॉक्टरों ने मिलकर युवकों पर हमला कर दिया।

    युवक अपनी जान बचाने के लिए वहां से कार में भागेलेकिन जूनियर डॉक्टरों ने उनका पीछा किया और कार पर पथराव कर दिया। इस हमले में कार का कांच टूट गया और गेट भी डेमेज हो गए। पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी है।

    घटना के बादजूनियर डॉक्टरों का एक दल कोतवाली थाने पहुंचाजहां उन्होंने अपनी ओर से बयान दिया कि युवकों ने पहले कुछ डॉक्टरों से मारपीट की थी। पुलिस ने पूछा कि अगर वे घायल थे तो वे थाने क्यों नहीं आएलेकिन इस पर जूनियर डॉक्टर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई जो पुलिस की मध्यस्थता से अधिक बढ़ नहीं पाई।

    टीआई कृपाल सिंह राठौड़ ने डॉक्टरों से समझाइश देने की कोशिश की और कहा कि इस तरह के बेवजह के झगड़े ठीक नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह सिलसिला जारी रहा तो पुलिस एफआईआर भी दर्ज कर सकती है। इस पर जूनियर डॉक्टरों ने कड़ी आवाज में प्रतिक्रिया दी कि क्रिया की प्रतिक्रिया तो होगीचाहे फिर कुछ भी हो। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों को सुरक्षा के लिए कोतवाली में बिठा लिया। इस घटना से मेडिकल कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल बन गया हैऔर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

  • उज्जैन स्टेशन पर यात्री को आया हार्ट अटैक, टीटीई ने दिया CPR; स्ट्रेचर न मिलने पर ट्रॉली से पहुंचाया गया अस्पताल

    उज्जैन स्टेशन पर यात्री को आया हार्ट अटैक, टीटीई ने दिया CPR; स्ट्रेचर न मिलने पर ट्रॉली से पहुंचाया गया अस्पताल


    उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन रेलवे स्टेशन पर रविवार शाम एक दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई जिसने रेलवे स्टेशनों पर आपात चिकित्सा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। ट्रेन में चढ़ते समय एक यात्री को अचानक दिल का दौरा पड़ गया। मौके पर मौजूद टिकट निरीक्षक ने तत्काल CPR देकर जान बचाने का प्रयास किया लेकिन समय पर चिकित्सा सुविधा और जरूरी संसाधन उपलब्ध न होने के कारण यात्री की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।यह घटना 21 दिसंबर की शाम करीब 5:30 बजे की बताई जा रही है। उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 18233 खड़ी थी। इसी दौरान संजू रजवाड़े नामक यात्री कोच A1 के पास से जनरल डिब्बे की ओर दौड़ते हुए ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही वह ट्रेन में चढ़ने के करीब पहुंचा अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह प्लेटफॉर्म पर गिर पड़ा।

    प्लेटफॉर्म पर मची अफरा-तफरी
    यात्री के गिरते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच मौके पर मौजूद इंदौर में पदस्थ मुख्य टिकट निरीक्षक कृपाशंकर पटेल ने बिना समय गंवाए यात्री की मदद शुरू की। उन्होंने तुरंत CPR देना शुरू किया जिससे कुछ देर बाद यात्री की पल्स में हल्का सुधार देखा गया। यात्रियों का कहना है कि अगर यह त्वरित प्रतिक्रिया नहीं होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

    डॉक्टर और स्ट्रेचर नहीं मिले समय पर

    CPR के बाद यात्री को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की आवश्यकता थी। रेलवे अधिकारियों ने सीएमआई कंट्रोल रतलाम को सूचना देकर स्टेशन पर डॉक्टर भेजने का अनुरोध किया। हालांकि डॉक्टर समय पर स्टेशन नहीं पहुंच सका। इसी बीच एक और बड़ी समस्या सामने आई-प्लेटफॉर्म पर मरीज को ले जाने के लिए स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं था।स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने काफी देर तक स्ट्रेचर का इंतजार किया लेकिन जब कोई व्यवस्था नहीं हो सकी तो उन्होंने खुद निर्णय लिया कि मरीज को और देर तक प्लेटफॉर्म पर रखना खतरे से खाली नहीं है।

    ट्रॉली से पहुंचाया गया अस्पताल

    मजबूरी में यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने स्टेशन पर सामान ढोने में इस्तेमाल होने वाली लोहे की ट्रॉली का सहारा लिया। उसी ट्रॉली पर संजू रजवाड़े को लिटाकर स्टेशन परिसर से बाहर ले जाया गया और वहां से एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया लेकिन अत्यधिक समय बीत जाने और दिल का दौरा गंभीर होने के कारण यात्री की जान नहीं बचाई जा सकी।

    वीडियो वायरल उठे सवाल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे की आपात व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि उज्जैन जैसे बड़े और व्यस्त रेलवे स्टेशन पर अगर समय पर डॉक्टर और स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हैं तो यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है।
    लोगों का यह भी कहना है कि यदि मौके पर मौजूद टिकट निरीक्षक और अन्य कर्मचारियों ने तत्परता नहीं दिखाई होती तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

    फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि यह घटना सार्वजनिक स्थानों खासकर रेलवे स्टेशनों पर त्वरित चिकित्सा सहायता प्रशिक्षित स्टाफ और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।यह हादसा बताता है कि आपात स्थिति में कुछ मिनटों की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए रेलवे को अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करना होगा।