Category: Madhya Pradesh

  • सीहोर में शांति भंग के आरोप में हिंदूवादी नेता कालू भट्ट गिरफ्तारपुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई

    सीहोर में शांति भंग के आरोप में हिंदूवादी नेता कालू भट्ट गिरफ्तारपुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई


    सीहोर । सीहोर में शनिवार को उस समय तनाव बढ़ गया जब हिंदूवादी नेता और पूर्व पार्षद कालू भट्ट को शांति भंग करने के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कालू भट्ट पर आरोप है कि वह भोपाल नाके पर तिरंगे झंडे के नीचे खड़े होकर भड़काऊ भाषण दे रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में ले लिया और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए सीहोर एसडीएम कार्यालय ले जाया गया। इस दौरान एक मीडियाकर्मी को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लियाहालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया।

    सीहोर में पिछले कुछ दिनों से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ थाविशेष रूप से हरदा में करणी सेना पर हुए पथराव के बाद। इसके बाद से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुलिस ने इस दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 10 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं मुस्लिम समाज ने भी प्रशासन से सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और शनिवार को कालू भट्ट के भड़काऊ बयान के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और शांति बनाए रखें। सीहोर एसडीएम तन्मय वर्मासीएसपी डॉ. अभिनंदन शर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर उपस्थित थे और सुरक्षा का ध्यान रख रहे थे।
    हालांकिप्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित किया गया हैलेकिन अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और कालू भट्ट को शीघ्र ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।

  • MP: गुना में 1 जनवरी से पुलिसकर्मियों को बर्थडे और मैरिज एनिवर्सरी पर मिलेगी छुट्टी, SP ने जारी किए नए नियम

    MP: गुना में 1 जनवरी से पुलिसकर्मियों को बर्थडे और मैरिज एनिवर्सरी पर मिलेगी छुट्टी, SP ने जारी किए नए नियम


    गुना।
    लंबी ड्यूटी और काम के बोझ से परेशान पुलिसवालों (Policemen) के लिए अच्छी खबर है। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना जिले (Guna District) के पुलिसकर्मियों के लिए नया साल नई खुशियों की सौगात लेकर आएगा। गुना के पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी (SP Ankit Sony) ने पुलिस बल के लिए नए अवकाश नियम (New Leave Rules) जारी किए हैं। अब पुलिस कर्मियों को अपने, पत्नी और बच्चों के जन्मदिन के साथ-साथ शादी की सालगिरह पर एक दिन का अवकाश मिलेगा। यह व्यवस्था 1 जनवरी 2026 से लागू होगी।

    बता दें कि, कठिन ड्यूटी और काम के दबाव के चलते पुलिसकर्मी अक्सर परिवार के खास मौकों में शामिल नहीं हो पाते थे। इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए एसपी ने यह मानवीय निर्णय लिया है, ताकि जवान परिवार के साथ समय बिता सकें।

    नए आदेश के अनुसार, पुलिसकर्मी अपने जन्मदिन, जीवनसाथी के जन्मदिन, बच्चों के जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर एक दिन का अनिवार्य आकस्मिक अवकाश ले सकेंगे।

    आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी पुलिसकर्मी के परिवार में घनिष्ठ परिजन के निधन की स्थिति में मामले को संवेदनशील मानते हुए बिना किसी कागजी देरी के तुरंत अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। सभी थानों और कार्यालयों को कर्मचारियों की जन्मतिथि और विवाह वर्षगांठ का कैलेंडर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छुट्टी स्वीकृति में कोई बाधा न आए।

    एसपी अंकित सोनी के इस फैसले की जिले ही नहीं पूरे पुलिस विभाग में सराहना हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि इससे जवानों का मनोबल बढ़ेगा और पुलिसकर्मियों व उनके परिवारों के बीच संबंध और मजबूत होंगे।

  • दमोह में क्रिकेट टूर्नामेंट से अनाथ बेटियों को मिल रही नई जिंदगीफाइनल में दो बेटियों की शादी

    दमोह में क्रिकेट टूर्नामेंट से अनाथ बेटियों को मिल रही नई जिंदगीफाइनल में दो बेटियों की शादी


    दमोह । मध्यप्रदेश के दमोह में एक ऐसा क्रिकेट टूर्नामेंट हो रहा हैजिसने सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है। यह केवल खेल का मुकाबला नहीं हैबल्कि यह एक समाजिक पहल का हिस्सा बन चुका हैजहां क्रिकेट के मैदान पर जीतने वालों को नहींबल्कि समाज की मदद से दो अनाथ बेटियों को एक नई जिंदगी मिल रही है। इस टूर्नामेंट को “विवाह क्रिकेट टूर्नामेंट” के नाम से जाना जा रहा हैजिसमें फाइनल मैच में बराती आएंगे और दो बेटियों की शादी कराई जाएगी।

    समाज के सामूहिक प्रयास से बेटियों की मदद
    यह टूर्नामेंट न सिर्फ एक खेल की प्रतियोगिता हैबल्कि यह समाज की एक सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा बन चुका है। इस पहल का उद्देश्य उन गरीब और अनाथ बेटियों को एक बेहतर भविष्य देना हैजिन्हें घर की स्थिति या समाजिक असमानताओं के कारण अपना जीवन साथी नहीं मिल पाता। इस प्रतियोगिता के दौरानस्थानीय लोग और समाज के अन्य लोग एकजुट होकर इन बेटियों के विवाह की व्यवस्था करेंगे।

    फाइनल में रोमांच और उम्मीद का संगम

    मकर संक्रांति के बाद इस टूर्नामेंट का रोमांचक पहलू देखने को मिलेगाक्योंकि उसी समय इसका फाइनल मैच खेला जाएगा। टूर्नामेंट का फाइनल मैच एक बड़ा उत्सव होगाजिसमें जीत और हार से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण यह होगा कि इस टूर्नामेंट के जरिए दो अनाथ बेटियों की शादी की जाएगी। यह पहल समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आई हैजिसमें समाज के लोग अपनी सामूहिक मदद से बेटियों की ज़िंदगी में एक नई उम्मीद और उज्जवल भविष्य की शुरुआत करेंगे।

    विवाह क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत

    यह टूर्नामेंट कुछ खास उद्देश्य के तहत शुरू किया गया था। इस टूर्नामेंट का आयोजन एक क्रिकेट क्लब और समाज के कुछ स्थानीय लोगों ने मिलकर किया हैजिनका मुख्य उद्देश्य उन बेटियों की मदद करना थाजिनका विवाह सामान्य परिस्थितियों में नहीं हो पा रहा था। टूर्नामेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ी और दर्शक इस बात को महसूस कर रहे हैं कि वे सिर्फ क्रिकेट का मैच नहीं देख रहेबल्कि वे एक सामाजिक बदलाव का हिस्सा बन रहे हैं।

    समाज के सहयोग से बेटियों को मिलेगा जीवन साथी  

    इस टूर्नामेंट की खास बात यह है कि यहां सिर्फ खेल का मुकाबला नहीं हैबल्कि यह समाज का एक खूबसूरत उदाहरण हैजहां लोग अपनी सामूहिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। टूर्नामेंट के फाइनल के दौरानजहां एक तरफ क्रिकेट खिलाड़ियों का मुकाबला होगावहीं दूसरी तरफ समाज के लोग इन बेटियों के विवाह की व्यवस्था करेंगे। यह दृश्य दर्शाता है कि खेल भी समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता हैऔर एक जश्न का हिस्सा बन सकता हैजिसमें समाज के लोग एकजुट होकर बेटियों को उनके जीवन में नई दिशा दे सकते हैं।

    समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा

    यह टूर्नामेंट सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं हैबल्कि यह समाज में एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाने का प्रयास है। जब समाज के लोग एकजुट होते हैं और दूसरों की मदद करते हैंतो यह बदलाव बड़े स्तर पर दिखाई देता है। इस पहल के जरिए समाज को यह संदेश दिया जा रहा है कि हमें अपनी सामूहिक जिम्मेदारी का पालन करते हुए जरूरतमंद और अनाथ बेटियों को उनके जीवन में खुशियों का हिस्सा बनाना चाहिए।

  • मध्यप्रदेश में जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगामालवा में ठंड ने तोड़ा 67 साल का रिकॉर्ड

    मध्यप्रदेश में जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगामालवा में ठंड ने तोड़ा 67 साल का रिकॉर्ड

    भोपाल । मध्यप्रदेश में इस साल सर्दी ने अपने तेवर कुछ अलग ही दिखाए हैं। हवाओं के दिशा परिवर्तन और असामान्य मौसम परिस्थितियों के कारण मालवा अंचल में कड़ाके की ठंड पड़ीजिसने बीते 67 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 18 दिसंबर को इंदौर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गयाजो अब तक का 10वां सबसे कम तापमान रहा।

    मौसम विज्ञानियों के अनुसारइसका मुख्य कारण कश्मीर से सीधे पहुंची उत्तरी ठंडी हवाएं हैं। ये हवाएं प्रतिचक्रवातजेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से और भी तीव्र हो गईं। कश्मीर से आई इन ठंडी हवाओं ने मालवा और आसपास के क्षेत्रों में सर्दी की झोंक को और बढ़ा दियाजिससे इस बार की सर्दी असामान्य रूप से कड़ी हो गई।

    कश्मीर की हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन

    मालवासीहोरराजगढ़ और शाजापुर की पट्टी में आमतौर पर पश्चिमी हवाओं का प्रभाव रहता हैजिससे ठंड अधिक तीव्र नहीं होती। लेकिन इस बार पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बने प्रतिचक्रवात ने हवाओं की दिशा बदल दी। मौसम विज्ञानी बीएस यादव के अनुसारप्रतिचक्रवात के कारण कश्मीर से आ रही उत्तरी हवाएं मालवा तक पहुंच गईंजिससे तापमान में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई। इसने इलाके में कड़ी ठंड का माहौल बना दिया।

    जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ का असर

    मध्य भारत के ऊपर सक्रिय जेट स्ट्रीम में अटलांटिक महासागर की ठंडी हवाओं का मिश्रण हो गया। तेज गति से बहने वाली इस जेट स्ट्रीम ने ठंडी हवाओं को जमीन की सतह तक दबायाजिससे ठंड और बढ़ गई। इसके साथ ही कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने भी उत्तरी भारत से ठंडी हवाएं भेजने में भूमिका निभाई। इन सभी घटनाओं ने मिलकर ठंड को तीव्र कर दियाजिससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कड़ाके की सर्दी महसूस की गई।

    मावठा और बारिश की संभावना कम

    भोपाल के मौसम विज्ञानी डॉ. अरुण शर्मा के अनुसारफिलहाल प्रदेश में किसी सशक्त पश्चिमी विक्षोभ के आसार नहीं हैं। इसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम साफ रहेगा और मावठा या बारिश की संभावना बहुत कम है। हालांकिउत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक कोहरा छा सकता हैलेकिन इसके बाद मौसम सामान्य होने लगेगा।

    ठंड की समय पर विदाईगर्मी का लंबा दौर

    सेवानिवृत्त मौसम विज्ञानी डॉ. डीपी दुबे का कहना है कि 27 दिसंबर को आने वाला पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहेगा। ऐसे में ठंड सामान्य समय यानी फरवरी मध्य तक विदा हो जाएगी। ठंड की समय पर विदाई का मतलब यह भी है कि गर्मी का मौसम लंबा और ज्यादा तीखा हो सकता है।

    आगे का मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार26 दिसंबर से तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगीक्योंकि मालवा की ओर बने प्रतिचक्रवात उत्तरी हवाओं को रोक देगा। 29 दिसंबर को तापमान में फिर हल्की गिरावट हो सकती हैलेकिन 30 दिसंबर के बाद तापमान में दोबारा बढ़ोतरी होने की संभावना है। जनवरी के पहले सप्ताह में मौसम खुला रहेगा और उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश को छोड़कर बाकी हिस्सों में ठंड सामान्य रहेगी।

    जलवायु परिवर्तन का असर

    भोपाल मौसम केंद्र के वैज्ञानिक एचएस पांडे अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा के दिन घटे हैं और गर्मी के दिन बढ़े हैं। इसी बदलाव के चलते इस बार कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान में असामान्य गिरावट देखने को मिली हैजो कि भविष्य में और अधिक देखने को मिल सकती है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के उतार-चढ़ाव और असामान्य बदलावों में वृद्धि हो रही हैजो किसानों और नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

  • MP: उज्जैन की महिदपुर उपजेल से भागे तीन कैदी, रेप और मर्डर के आरोप में पहुंचे थे जेल

    MP: उज्जैन की महिदपुर उपजेल से भागे तीन कैदी, रेप और मर्डर के आरोप में पहुंचे थे जेल


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की उज्जैन जिले (Ujjain district) की खाचरोद उपजेल से गुरुवार शाम 7 बजे तीन कैदी फरार (Prisoner Escaped) हो गए। फरार हुए कैदियों में 2 बलात्कार और 1 हत्या के मामले में जेल में बंद थे। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने तीनों फरार कैदियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जारी की हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि इन कैदियों के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।

    फरार कैदियों के नाम नारायण पिता भेरुलाल जाट (31), गोविंद पिता आत्माराम (35), गोपाल पिता बापुलाल (22) वर्ष बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, तीनों कैदी महिला सेल से फरार हुए हैं। फरारी की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने तत्काल सीनियर अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जेल परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान शुरू की गई।

    घटना के बाद से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में जेल की सुरक्षा, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका और महिला सेल से कैदियों के भागने के कारणों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

    थाना प्रभारी धन सिंह ने बताया की सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची थी।जांच पड़ताल के बाद तीन पुलिस टीम बनाई गई है। इसके साथ ही फरार हुए कैदियों की फुटेज जारी किए गए हैं। लोगों से सोशल मीडिया पर अपील की गई है कि उन्हें पकड़ने में मदद करें। पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर रेड डालने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने उन्हें जल्द ही पकड़ लेने की बात कही है।

  • उमरिया में दर्दनाक सड़क हादसा बोलेरो ट्रक से टकराईचालक की मौत6 घायल

    उमरिया में दर्दनाक सड़क हादसा बोलेरो ट्रक से टकराईचालक की मौत6 घायल


    उमरिया । उमरिया जिले के पाली थाना क्षेत्र में स्थित घुनघुटी के पास एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने सात लोगों की जिंदगी को चपेट में ले लिया। बीती रात शासकीय बोलेरो सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गईजिससे चालक इजहार खान 32 की मौके पर ही मौत हो गई। वहींवाहन में सवार छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से दो की हालत बहुत नाजुक बताई जा रही हैजिन्हें इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है।

    घटना रात के करीब दो से तीन बजे के बीच घुनघुटी के पास स्थित मदारी ढाबे के पास हुई। बोलेरो नरसरहा डिपो से बांधवगढ़ की ओर जा रही थीऔर उसमें सवार सभी लोग शहडोल के डीएफओ श्रद्धा पेंद्रो के पारिवारिक सदस्य थे। वे सभी नरसरहा डिपो स्थित आवास पर भोजन करने के बाद एक निजी यात्रा पर निकले थे। वाहन में सवार लोग इस हादसे का शिकार हुएजिसमें बोलेरो चालक इजहार खान की मौत हो गईऔर अन्य छह लोग घायल हो गए।

    घायलों में श्रेया मर्सकोले (20)भानुशी मरावी (20)भगवंती मर्सकोले (20)जूही बनर्जी (22)साक्षी मर्सकोले (22) और मीनाक्षी मर्सकोले (26) शामिल हैं। इनमें से भगवंती मर्सकोले और मीनाक्षी मर्सकोले की हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया है। हादसे के वक्त मीनाक्षी वाहन की अगली सीट पर बैठी थीं।

    हादसे की सूचना मिलते ही पाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए शहडोल जिला अस्पताल की मर्चुरी में भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में ले लिया है।

    इस हादसे ने एक बार फिर शासकीय वाहनों के निजी उपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ लोगों का मानना है कि शासकीय वाहन का निजी कार्यों के लिए इस्तेमाल करना कानूनी और नैतिक दोनों ही दृष्टियों से गलत है। इस घटना से यह भी साबित होता है कि सड़क सुरक्षा के नियमों और जागरूकता की कमी कहीं न कहीं इन हादसों का कारण बनती है।

    पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे की पूरी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क किनारे खड़े ट्रक को लेकर आगे की जांच की जाएगीताकि यह पता चल सके कि वह किस कारण से खड़ा थाऔर क्या कोई ट्रक चालक या अन्य व्यक्ति लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। यह घटना उमरिया जिले में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर एक सवाल खड़ा करती हैऔर यह भी दर्शाती है कि आने वाले समय में यातायात व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।

  • मध्य प्रदेश STF की बड़ी कार्रवाई ओडिशा से लाए जा रहे 1.80 करोड़ का गांजा ट्रक सहित जब्त

    मध्य प्रदेश STF की बड़ी कार्रवाई ओडिशा से लाए जा रहे 1.80 करोड़ का गांजा ट्रक सहित जब्त


    अनुपपुर । मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल STF ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ओडिशा से मध्य प्रदेश लाए जा रहे 599 किलोग्राम गांजे को जब्त किया। यह गांजा एक ट्रक में छुपाकर लाया जा रहा थाऔर इसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित जिला अनूपपुर के घने जंगल मार्ग पर की गई। पुलिस ने इस कार्रवाई में ट्रक सहित दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।

    गुप्त कम्पार्टमेंट से गांजे की तस्करी

    गांजा तस्करी की यह नई विधि STF के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी। तस्करों ने ट्रक में लोहे की चादर से एक गुप्त कम्पार्टमेंट केबिन बनाया थाजो बाहरी नजर से बिल्कुल सामान्य दिखाई देता था। इस गुप्त कम्पार्टमेंट में गांजे के पैकेट्स छिपाकर तस्करी की जा रही थी। STF को गोपनीय सूचना मिलने के बादइस ट्रक की घेराबंदी की गई और इसे जब्त किया गया।

    STF की टीम ने की सटीक घेराबंदी

    गोपनीय सूचना मिलने पर STF की दो विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार तिवारी और निरीक्षक गणेश सिंह ठाकुर ने किया। टीम ने संबलपुर ओडिशासे मैहर मध्य प्रदेश जा रहे ट्रक संख्या JH 02BL 7103 को जिला अनूपपुर के जेतहरी थाना क्षेत्र के घने जंगल मार्ग पर घेर लिया और उसकी तलाशी ली। इस दौरान ट्रक से कुल 599 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस अधिकारियों ने इसे एक बड़ी सफलता करार दियाक्योंकि यह एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत हो रहा था।

    आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ

    पुलिस ने ट्रक में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया हैजिनके नाम अंकित विश्वकर्मा निवासी जिला सीधी और धनंजय सिंह पटेल निवासी जिला सतना हैं। गिरफ्तारी के बादपुलिस ने आरोपियों से गांजे के स्रोततस्करी नेटवर्क और इसके विक्रेताओं तथा क्रेताओं के बारे में जानकारी जुटाने के लिए विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। यह पूछताछ आगे के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है।

    नशा से दूरी अभियान के तहत कार्रवाई

    मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशन मेंप्रदेश भर में नशा से दूरी अभियान चलाया जा रहा है। STF प्रमुख और विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार श्रीवास्तव की मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई है। इस अभियान का उद्देश्य नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त करना और समाज को नशे से बचाना है। पुलिस द्वारा लगातार ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैंताकि नशे की तस्करी और उसके व्यापार को रोका जा सके।

    टीम की सराहनीय भूमिका

    यह सफल कार्रवाई STF के समर्पित कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और रणनीतिक योजना का परिणाम थी। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक गोपाल सूर्यवंशीप्रधान आरक्षक निर्मल पटेलसंपूर्णानंदअंजनी पाठकविनय कोरीऔर आरक्षक मनीष तिवारीनिलेश दुबेराहुल रजकरूपेश रायऔर नारायण प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों ने इस तस्करी को पकड़ा और एक बड़ी तस्करी नेटवर्क को उजागर करने में मदद की।

    आगे की कार्रवाई

    मध्य प्रदेश STF ने इस बड़े ड्रग तस्करी मामले में अब जांच तेज कर दी है। पुलिस आरोपियों से गांजे के परिवहन के नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही हैजिससे और भी तस्करों का पर्दाफाश किया जा सके। फिलहालट्रक और जब्त गांजे को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई प्रदेश में नशे के व्यापार पर कड़ी चोट है और यह दर्शाता है कि STF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस पर रोक लगाने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। नशे के कारोबार को समाप्त करने के लिए पुलिस के प्रयास जारी हैंऔर उम्मीद की जा रही है कि इसके परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश में नशे की तस्करी में कमी आएगी।

  • उज्जैन में नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में आटो चालक गिरफ्तार, हिंसा और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने संभाली स्थिति

    उज्जैन में नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में आटो चालक गिरफ्तार, हिंसा और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने संभाली स्थिति


    उज्जैन । उज्जैन के महिदपुर रोड पर बुधवार को एक बड़ी घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया। यहां के एक आटो चालक द्वारा एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने की घटना सामने आई। इस घटना के बाद गुस्साए स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और आटो चालक के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लियालेकिन इसके बाद हुई हिंसा और तोड़फोड़ ने क्षेत्र में भारी तनाव पैदा कर दिया।

    आरोपित आटो चालक जुबेर मंसूरी को हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। संगठन ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इसके बाद हिंसक भीड़ ने दुकानों में तोड़फोड़ की और कुछ दुकानों में आग लगा दी। इसके साथ ही संगठन ने मुस्लिम वाहन चालकों को स्कूलों से हटाने की भी मांग कीजिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।

    घटना का विवरण

    पुलिस के अनुसारजुबेर मंसूरी नामक आटो चालक नियमित रूप से नाबालिगों को कोचिंग सेंटर ले जाता था। बुधवार को उसने एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ की। इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हिंदूवादी संगठन के लोग आरोपित को पकड़कर पुलिस के हवाले करने से पहले उसे जमकर पीट भी चुके थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और उसके मोबाइल की जांच की। मोबाइल में 20 से अधिक महिलाओं के अश्लील वीडियो मिलेजिनमें से 12 महिलाएं महिदपुर क्षेत्र की थीं और बाकी आठ आसपास के क्षेत्रों से थीं।

    हिंसा और प्रदर्शन
    घटना के बाद गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए और महिदपुर रोड को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपित का जुलूस निकालने और उसके मकान को तोड़ने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने मुस्लिम वाहन चालकों को स्कूलों से हटाने की भी मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गईजिससे इलाके में भारी नुकसान हुआ। पुलिस ने तत्काल स्थिति को काबू में करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। पुलिस के कड़े प्रयासों के बाद ही आरोपित का जुलूस निकाला गया और भारी भीड़ के बीच पुलिस ने उसे बचा लिया।

    पुलिस का बयान और जांच

    उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। उन्होंने कहा“हमारी प्राथमिकता शांति बनाए रखना है। हमने आरोपित को एक दिन की रिमांड पर लिया है और उसके मोबाइल से बरामद वीडियो की जांच की जा रही है।” पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपित के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है और जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहालइलाके में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस सतर्कता बरत रही है।

    यह घटना न केवल नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ के कारण चिंता का विषय हैबल्कि इसके बाद का हिंसा और तोड़फोड़ का सिलसिला भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। पुलिस को इलाके में शांति बनाए रखने के लिए कड़ी सुरक्षा तैनात करनी पड़ीऔर मामले की गहराई से जांच की जा रही है। यह घटना यह दर्शाती है कि समाज में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर विचार करने की आवश्यकता हैखासकर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर।

  • एमपी सरकार ने 1 रुपये में 25 एकड़ जमीन दी अब खुलेंगे चार मेडिकल कॉलेज 2027 से एमबीबीएस प्रवेश

    एमपी सरकार ने 1 रुपये में 25 एकड़ जमीन दी अब खुलेंगे चार मेडिकल कॉलेज 2027 से एमबीबीएस प्रवेश


    भोपाल । मध्यप्रदेश में अब देश में पहली बार सार्वजनिक-निजी भागीदारी पीपीपी मॉडल पर चार नए मेडिकल कॉलेज खुलने जा रहे हैं। इन कॉलेजों में 2027-28 से एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश शुरू होगा। यह योजना राज्य में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लेकर आएगी क्योंकि इन कॉलेजों के जरिए 2035 तक डॉक्टरों की बड़ी संख्या तैयार हो सकेगी।इन मेडिकल कॉलेजों में हर कॉलेज में कम से कम 100 सीटें होंगी हालांकि सरकार ने प्रवेश 150 सीटों से शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। भविष्य में कॉलेजों की सीटों की संख्या बढ़कर 250 तक हो सकती है। इस प्रकार इन कॉलेजों से हर साल बड़ी संख्या में डॉक्टर निकलकर चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में योगदान देंगे।

    सरकार की शर्त

    इस योजना में सरकार ने खास शर्त रखी थी कि निवेशक को खुद कॉलेज बनाना होगा। हालांकि पीपीपी मॉडल को लेकर पहले कई बार निविदाएं आमंत्रित की गईं लेकिन पहले चार फिर दस और बाद में बारह जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए कोई निवेशक सामने नहीं आया। यह परियोजना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण थी लेकिन अंततः सरकार ने फैसला किया कि वह निवेशकों को 1 रुपये में 25 एकड़ ज़मीन देगी। इस निर्णय के बाद ही निवेशक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए सामने आए। इस निर्णय के बाद राज्य सरकार ने चार मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए निवेशकों से प्रस्ताव स्वीकार किए और इस परियोजना की शुरुआत की। इन कॉलेजों के खुलने से मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का एक नया अवसर मिलेगा।

    राज्य में चिकित्सा शिक्षा का सुधार

    पीपीपी मॉडल के तहत इन कॉलेजों के खुलने से न केवल स्वास्थ्यसेवाओं में सुधार होगा बल्कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में भी एक नया मोड़ आएगा। यह कदम राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने और भविष्य में अधिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा इन कॉलेजों में स्नातक एमबीबीएस के अलावा पोस्ट ग्रेजुएट और सुपर स्पेशलिटी कोर्स भी शुरू किए जा सकते हैं।

  • नए साल में एमपी के 15 लाख कर्मचारियों को आयुष्मान जैसी योजना 10 लाख तक कैशलेस इलाज मिलेगा

    नए साल में एमपी के 15 लाख कर्मचारियों को आयुष्मान जैसी योजना 10 लाख तक कैशलेस इलाज मिलेगा


    भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के 15 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नई स्वास्थ्य बीमा योजना तैयार की है जो नए साल 2026 से लागू होगी। इस योजना को मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से प्रस्तावित किया गया है और इसमें कर्मचारियों को आयुष्मान भारत की तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।इस योजना में कर्मचारियों को हरियाणा और राजस्थान की तरह कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी।
    इसमें सामान्य इलाज के लिए ₹5 लाख तक और गंभीर बीमारियों के लिए ₹10 लाख तक निशुल्क इलाज मिलेगा। इसके तहत कर्मचारी सेवानिवृत्त कर्मी और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।कर्मचारी संगठनों के सुझाव पर तैयार की गई इस योजना में सरकार का योगदान भी महत्वपूर्ण होगा। कर्मचारियों के वेतन से एक निश्चित राशि का अंशदान लिया जाएगा जबकि शेष राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। इस तरह से कर्मचारियों को आर्थिक बोझ से मुक्त कर उनके स्वास्थ्य संबंधी खर्चों को कवर किया जाएगा।

    राज्य सरकार का यह कदम कर्मचारियों के लंबे समय से चल रहे स्वास्थ्य बीमा के मुद्दे पर सकारात्मक उत्तर है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से ऐसे लाभ की मांग कर रहे थे और इस योजना से उनकी उम्मीदें पूरी होती दिख रही हैं।राज्य सरकार का उद्देश्य इस योजना के जरिए न केवल कर्मचारियों के स्वास्थ्य की देखभाल करना है बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना भी है। इसके लिए प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों से अनुबंध किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

    इस योजना का लाभ केवल वर्तमान कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को भी इस योजना का पूरा फायदा मिलेगा। यह कदम मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों के कल्याण के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण पहलू साबित हो सकता है।
    यह स्वास्थ्य योजना कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और स्वास्थ्य संकटों में उन्हें राहत देने के लिए बनाई गई है। योजना के लागू होने से कर्मचारियों को अस्पतालों में भर्ती इलाज और ऑपेडी जैसी सभी सेवाओं में बड़ी राहत मिलेगी।