Category: Madhya Pradesh

  • एमपी बजट 2026‑27: 8वीं तक टेट्रा पैक दूध फ्री, 15,000 शिक्षक भर्ती, लाड़ली बहनों के लिए 23,882 करोड़ का बड़ा प्रावधान

    एमपी बजट 2026‑27: 8वीं तक टेट्रा पैक दूध फ्री, 15,000 शिक्षक भर्ती, लाड़ली बहनों के लिए 23,882 करोड़ का बड़ा प्रावधान


    भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा में बुधवार को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026‑27 का बजट ₹4,38,317 करोड़ के प्रावधान के साथ पेश किया, जिसे सरकार गरीब, महिला, युवा, किसान और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित बताया। इस बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है और शिक्षा, महिला सशक्तिकरण व पोषण जैसे कई बड़े लाभार्थी कदम उठाए गए हैं।

    सबसे बड़ा ऐलान लाड़ली बहना योजना के लिए ₹23,882 करोड़ के भारी प्रावधान का रहा, जिससे महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता जारी रहेगी। योजना के तहत लगभग 1.25 करोड़ महिलाएं प्रतिमाह ₹1,500 की राशि पा रही हैं और सरकार ने इसे प्राथमिकता देने की बात कही।

    शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार ने घोषणा की कि 8वीं कक्षा तक के सभी बच्चों को सरकारी स्कूलों में टेट्रा पैक दूध मुफ्त मिलेगा, जिससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा और स्कूल उपस्थिति भी बढ़ेगी। इसके साथ ही 15,000 नए शिक्षकों की भर्ती की घोषणा कर शिक्षा तंत्र को और मजबूत किए जाने का लक्ष्य रखा गया।

    बजट में 5,700 वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाये जाने का प्रावधान किया गया है, जिससे कामकाजी महिलाओं को बेहतर आवास सुविधाएं मिल सकें, और पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए लगभग ₹40,062 करोड़ आवंटित किया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के विकास व बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में कदम है।

    सरकार ने किसानों के लिए भी बड़े ऐलान किए। बजट में 1 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है, जिससे विद्युत लागत बचाने और सिंचाई क्षमताओं का विस्तार करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा जी‑राम‑जी योजना और पीएम जनमन योजना के लिए भी करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया है।

    वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि यह बजट “PM के सपनों को साकार करने वाला बजट” और हर नारी को न्याय देने वाला है, जिससे प्रदेश को युवा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण की नई दिशा मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह पहला “रोलिंग बजट” है, जिसमें अगले तीन वित्तीय वर्षों के लिए योजनाएं शामिल की गई हैं।

    बजट पेश करते समय विधानसभा में विपक्ष के कुछ विधायकों ने विधायक निधि नहीं बढ़ाये जाने पर हंगामा भी किया। कांग्रेस विधायकों ने कर्ज बढ़ने की चिंता जताते हुए खाली डिब्बे और गुल्लक लेकर विरोध प्रदर्शन किया और बजट पर सवाल उठाये।

    कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश का यह बजट शिक्षा, पोषण, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर बड़ी योजनाओं के साथ अर्थव्यवस्था तथा सामाजिक कल्याण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा पेश करता है।

  • MP में मौसम बदला, 22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

    MP में मौसम बदला, 22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम फिर करवट लेने वाला है। बुधवार को प्रदेश के 22 जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। इसमें इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित कई जिले शामिल हैं। मंगलवार रात रतलाम के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से पूरे राज्य में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्की बारिश और गरज-चमक का असर रहेगा।

    बुधवार को बारिश की संभावना वाले जिले

    इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, बड़वानी, खरगोन, देवास, सीहोर, विदिशा, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में बादल छाए रहेंगे। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम प्रभावित होगा। बुधवार को ज्यादा जिलों में असर दिखेगा और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    गुरुवार को भी असर

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। इसके बाद सिस्टम कमजोर हो जाएगा और बारिश का अलर्ट समाप्त हो जाएगा। फरवरी के शुरुआत में प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा था, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया गया था। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश और आंधी देखने को मिलेगी।

    रात और सुबह ठंड
    वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी जारी है। रात और सुबह ठंड का असर रहेगा। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहेगा। 18 फरवरी को 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट। कुछ जगहों पर आंधी भी चल सकती है। 19 फरवरी को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुछ जिलों में सिस्टम का असर दिखेगा। सिस्टम के असर से पहले प्रदेश में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। सोमवार-मंगलवार की रात में कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा (8 डिग्री)। शहडोल के कल्याणपुर में 8.1 डिग्री, पचमढ़ी में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में रात का तापमान

    भोपाल: 14 डिग्री
    इंदौर: 16.8 डिग्री
    ग्वालियर: 13 डिग्री
    उज्जैन: 16.2 डिग्री
    जबलपुर: 13.1 डिग्री
    दिन के समय अधिकतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर पहुंचा, जिससे मौसम में गर्माहट का असर भी हुआ।
  • ऐतिहासिक होगा वर्ष 2026-27 का बजट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    ऐतिहासिक होगा वर्ष 2026-27 का बजट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मन्त्रि-परिषद की बैठक विधानसभा समिति कक्ष में वंदे मातरम गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मन्त्रि-परिषद की बैठक से पहले, विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने वाले वर्ष 2026- 27 के बजट के लिए उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा सहित वित्त विभाग की टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2026- 27 का बजट ऐतिहासिक है। यह बजट सभी को साथ लेकर कदम दर कदम आगे बढ़ते जाने के संकल्प का प्रमाण है। यह बजट प्रदेश में केंद्र सरकार के मूल मंत्र “ज्ञान” के अंतर्गत  गरीब-युवा-अन्नदाता और महिलाओं के कल्याण के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को समर्पित है।


  • एनजीटी में याचिका हुई दायर, जबलपुर में सप्लाय हो रहा 47 प्रतिशत पानी पीने के योग्य नहीं,

    एनजीटी में याचिका हुई दायर, जबलपुर में सप्लाय हो रहा 47 प्रतिशत पानी पीने के योग्य नहीं,

    जबलपुर । एनजीटी नें मंगलवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में एक याचिका लगाई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि जबलपुर के घरों में सप्लाई हो रहा 47 प्रतिशत पानी पीने लायक नहीं है।

    याचिका में बताया गया है कि जल जीवन मिशन द्वारा केन्द्र सरकार को प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में पानी अत्यंत दूषित पाया गया है। ऐसी गंभीर स्थिति की जांच उच्च स्तरीय समिति गठित कर तत्काल कराया जाना चाहिए।

    याचिकाकर्ता के एड. प्रभात यादव तथा एड. तरूण रावत ने बताया कि चिन्ता का विषय है कि पेयजल सप्लाय की 80 प्रतिशत पाईप लाईनें नाली-नालों से गुजरने बावजूद भी उन्हें हटाया या बदलने हेतु न तो ऐसी लाईनों को अभी तक चिन्हित किया गया न ही इस पूरे कार्य हेतु डी.पी.आर. बनाया गया है। अतः तत्काल इस संबंध में आदेश दिया जाये, जिससे पाईप लाईनों को लिकेजेस दुरूस्त होकर 100 प्रतिशत शुद्ध पानी नागरिकों को मिल सके।

    यह याचिका डॉ. पीजी नाजपांडे तथा रजत भार्गव द्वारा मंगलवार को दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि जबलपुर में पीने के पानी की 80 प्रतिशत पाईप लाईनें नाली, नालों से गुजरती है। डिस्ट्रीब्यूशन लाईन की उम्र औसतन 20 वर्ष की होती है, लेकिन पिछले 50 वर्षों से यह पाईप लाईनें बदली नहीं गई है। जबकि इन्हीं पुरानी पाईप लाइनों में बारंबार लिकेज होने से पेयजल दूषित हो रहा है।

  • महाशिवरात्रि पर्व पर महाकाल मंदिर को शीघ्र दर्शन से 62.50 लाख रुपये की आय

    महाशिवरात्रि पर्व पर महाकाल मंदिर को शीघ्र दर्शन से 62.50 लाख रुपये की आय

    उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु विशेष शीघ्र दर्शन व्यवस्था की गई थी। इस व्यवस्था के अंतर्गत दो दिनों में कुल 25,000 श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शन का लाभ प्राप्त किया।

    महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने मंगलवार को बताया कि 15 फरवरी को 20,700 श्रद्धालुओं द्वारा शीघ्र दर्शन टिकट प्राप्त किए गए, जिससे मंदिर प्रबंध समिति को 51,75,000 की आय हुई। वहीं 16 फरवरी को 4,300 टिकटों के माध्यम से 10,75,000 की आय प्राप्त हुई। इस प्रकार दो दिनों में कुल 25,000 टिकटों के माध्यम से बासठ लाख पचास हजार रुपये की आय मंदिर प्रबंध समिति को प्राप्त हुई।

    1 करोड़ 95 लाख की लड्डू प्रसाद बिकीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा शिव नवरात्रि में 6 से 16 फरवरी तक श्रद्धालुओं हेतु रागी एवं बेसन के लड्डुओं प्रसाद की व्यवस्था की गई। इस अवधि में मंदिर समिति द्वारा 1.95 करोड़ लागत का कुल 410.6 क्विंटल रागी एवं बेसन के लड्डुओं का विक्रय किया गया।

  • नागदा : शिवरात्रि मेले के झूले पर मधुमक्खियों का हमला, तीन बच्चे घायल

    नागदा : शिवरात्रि मेले के झूले पर मधुमक्खियों का हमला, तीन बच्चे घायल

    नागदा
    । मध्‍य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा में चंबल तट पर चल रहे सात दिवसीय शिवरात्रि मेले में मंगलवार दोपहर अचानक मधुमक्खियों के हमले से अफरा-तफरी मच गई। झूले पर बैठे बच्चों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया, जिससे तीन बच्चे घायल हो गए।

    घटना के बाद मेले में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घायलों को तत्काल नागदा के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। अस्पताल प्रभारी डॉ. अनुराग के अनुसार मधुमक्खियों के डंक से प्रभावित तीन बच्‍चें जिनमें उमेश (13 वर्ष) पिता करणसिंह, शिवनारायण (15 वर्ष) और नैतिक (10 वर्ष)—को उपचार के लिए लाया गया। शिवनारायण और नैतिक आपस में सगे भाई बताए गए हैं।

    मेला प्रभारी बबीता रघुवंशी ने बताया कि झूले के पास किसी पेड़ पर संभवतः मधुमक्खियों का छत्ता था, जिसके कारण यह घटना हुई। उन्होंने कहा कि हमला केवल झूले के आसपास हुआ।

    उल्लेखनीय है कि नागदा में शिवरात्रि मेला 14 फरवरी से शुरू हुआ है, जो 21 फरवरी तक चलेगा। मेले में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंच रहे हैं। घटना के बाद मेला स्थल पर सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है।

  • मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में बुधवार को मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे विशेष सत्र की अध्यक्षता

    मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में बुधवार को मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे विशेष सत्र की अध्यक्षता

    भोपाल। मध्य प्रदेश शासन द्वारा 17 से 19 फरवरी 2026 तक आयोजित मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में बुधवार, 18 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष सत्र की अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान राज्य की सतत, स्केलेबल एवं निवेश-अनुकूल नवकरणीय ऊर्जा तथा ऊर्जा भंडारण संबंधी नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया जाएगा।

    जनसम्पर्क अधिकारी क्रांतिदीप अलूने ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को सायं 6:30 बजे से 8:10 बजे तक मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्थित होटल सोफिटेल में विशेष आयोजन में प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण रोडमैप पर केंद्रित प्रेजेंटेशंस का नेतृत्व करेंगे। मुंबई क्लाइमेट वीक 2026 में म.प्र. सरकार के प्रेजेंटेशन से यह प्रदर्शित किया जायेगा कि प्रदेश ग्रीन एनर्जी की सुलभता, विश्वसनीयता और निवेश प्रतिस्पर्धा के साथ सतत विकास की दिशा में अग्रसर है।

    जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, मुंबई क्लाइमेट वीक 2026’ का आयोजन भारत में जलवायु संबंधी कार्यवाहियों को गति देने के लिये एक केंद्रीकृत राष्ट्रीय मंच के रूप किया जा रहा है। इस मंच पर राज्यों की जलवायु संबंधी नवाचारों के प्रस्तुतिकरण के साथ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और जलवायु संबंधी बेसिक इको सिस्टम पर हितधारकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद किया जायेगा। देश-विदेश के नीति-निर्माता, अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ, निवेशक एवं क्लाइमेट क्षेत्र से जुड़े प्रैक्टिशनर भाग लेंगे। यह आयोजन राज्य को हरित ऊर्जा निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।

  • MP में टैलेंट हंट प्रोग्राम’ के जरिए प्रवक्ता खोज कर रही कांग्रेस… BJP ने उठाए सवाल

    MP में टैलेंट हंट प्रोग्राम’ के जरिए प्रवक्ता खोज कर रही कांग्रेस… BJP ने उठाए सवाल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की सियासत में अब ‘टैलेंट’ (‘Talent’) भी बहस का विषय बन गया है. प्रदेश कांग्रेस (MP Congress) ने संगठन में नए और ऊर्जावान चेहरों को मौका देने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए प्रवक्ताओं के चयन के लिए ‘टैलेंट हंट प्रोग्राम’ (Talent Hunt Program) शुरू किया है. हालांकि इस पहल पर बीजेपी (BJP) ने तंज कसते हुए कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं.

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jeetu Patwari) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा की. उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में पार्टी को ऐसे प्रवक्ताओं की जरूरत है जो वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध हों, समसामयिक मुद्दों पर गहरी पकड़ रखते हों और कांग्रेस की विचारधारा को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचा सकें. पार्टी का दावा है कि अब चयन प्रक्रिया योग्यता, अध्ययन और संवाद क्षमता के आधार पर होगी।


    क्या है टैलेंट हंट की पूरी प्रक्रिया?

    – कार्यक्रम जिला, संभाग, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित होगा
    – 28 फरवरी तक आवेदन जमा किए जा सकेंगे
    – संभाग स्तर पर इंटरव्यू होंगे
    – AICC नामित कोऑर्डिनेटर, टैलेंट हंट कमेटी, वरिष्ठ नेता और जिला अध्यक्ष मिलकर मूल्यांकन करेंगे
    – अंतिम निर्णय अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी लेगी
    – 20 प्रदेश प्रवक्ताओं का चयन किया जाएगा
    – साथ ही मीडिया पैनलिस्ट, संभाग और जिला स्तर पर दो-दो अधिकृत प्रवक्ता, राष्ट्रीय स्तर पर दो पैनलिस्ट और एक विशेष अंग्रेजी मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त किए जाएंगे.

    इस बीच बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा समेत मंत्रियों गोविंद सिंह राजपूत और प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा कि पार्टी में टैलेंट की कमी है, इसलिए बाहर से तलाश की जा रही है. मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने तो कहा कि कांग्रेस को टैलेंट से ज्सादा एक्सपियरेंस की जरूरत है नहीं तो सब एक-एक कार कांग्रेस छोड़ कर चले जाएंगे।

    कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश की राजनीति में अब प्रवक्ताओं का चयन भी सियासी संग्राम का हिस्सा बन गया है. एक तरफ कांग्रेस नई ऊर्जा के साथ संगठन को धार देने की कोशिश में है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे कांग्रेस की मजबूरी बता रही है। अब देखना होगा कि यह टैलेंट हंट वाकई कांग्रेस को मजबूत और मुखर आवाजें देता है या फिर यह पहल भी सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रह जाती है।

  • मप्र की जीडीपी में 11.14% वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,69,050 हुई

    मप्र की जीडीपी में 11.14% वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,69,050 हुई


    भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 सदन में प्रस्तुत किया। सर्वेक्षण के मुताबिक, राज्य की जीडीपी GSDP में 11.14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,69,050 हो गई है।

    देवड़ा ने कहा कि मध्य प्रदेश ने संतुलित और समावेशी विकास का मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमान के अनुसार राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद प्रचलित भाव पर ₹16,69,750 करोड़ आंका गया है, जो 2024-25 के ₹15,02,428 करोड़ की तुलना में 11.14% अधिक है। स्थिर 2011-12 भाव पर जीएसडीपी ₹7,81,911 करोड़ अनुमानित है, जो 8.04% की वास्तविक वृद्धि दर्शाता है।

    प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी

    वर्ष 2011-12 में ₹38,497 रही प्रति व्यक्ति आय 2025-26 में बढ़कर ₹1,69,050 हो गई है। स्थिर भाव पर यह आय ₹76,971 तक पहुंची है।

    क्षेत्रवार योगदान

    प्राथमिक क्षेत्र: 43.09% प्रचलित भाव  द्वितीयक क्षेत्र: 19.79% तृतीयक क्षेत्र: 37.12% स्थिर भाव पर तृतीयक क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक 40.28% रहा।

    कृषि और ग्रामीण विकास
    प्राथमिक क्षेत्र का जीएसवीए ₹6,79,817 करोड़ रहा, जो 7.31% वृद्धि दर्शाता है। फसल उत्पादन में 7.66% और खाद्यान्न उत्पादन में 14.68% वृद्धि दर्ज की गई। दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुंचा। 72,975 किमी ग्रामीण सड़कें और 40.82 लाख ग्रामीण आवास निर्माण से ग्रामीण ढांचे को मजबूती मिली।

    उद्योग और निवेश

    द्वितीयक क्षेत्र का जीएसवीए ₹3,12,350 करोड़ रहा, जो 9.93% वृद्धि दर्शाता है। 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिससे ₹1.17 लाख करोड़ निवेश और 1.7 लाख रोजगार की संभावनाएं बनीं। एमएसएमई सहायता ₹2,162 करोड़ रही।

    सेवा क्षेत्र में तेज वृद्धि

    तृतीयक क्षेत्र का जीएसवीए ₹5,85,588 करोड़ रहा, जो 15.80% वृद्धि दर्शाता है। पर्यटन क्षेत्र में 13.18 करोड़ पर्यटक आए।

    वित्तीय अनुशासन और सामाजिक क्षेत्र
    राजस्व में 13.57% वृद्धि और ऋण-जीएसडीपी अनुपात 31.3% रहा। अमृत 2.0 के तहत ₹4,065 करोड़ आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में 8.75 लाख आवास पूर्ण स्वास्थ्य व्यय ₹34,112 करोड़ जीएसडीपी का 3% ,4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी मातृ मृत्यु दर घटकर 142 प्रति लाख जीवित जन्म

    शिक्षा और कौशल

    कुल बजट का 10.37% शिक्षा के लिए आवंटित। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य, कक्षा 6-8 में 6.3%। 45,668 विद्यार्थियों को ₹500 करोड़ की सहायता। तकनीकी शिक्षण संस्थान 1,625 से बढ़कर 2,070 हुए।  देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री Mohan Yadav के नेतृत्व में राज्य आर्थिक प्रगति की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

  • मप्र विधानसभा में ₹19,287 करोड़ का तीसरा अनुपूरक बजट पेश, राजस्व और पूंजीगत मद में बड़ा प्रावधान

    मप्र विधानसभा में ₹19,287 करोड़ का तीसरा अनुपूरक बजट पेश, राजस्व और पूंजीगत मद में बड़ा प्रावधान


    भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2024-25 का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया। यह अनुपूरक बजट 19,287 करोड़ 32 लाख रुपये का है। इसके साथ ही आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 भी सदन के पटल पर रखा गया। प्रस्तुत अनुपूरक बजट में राजस्व मद में 8,934.03 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद में 10,353.29 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    प्रमुख विभागों को आवंटन

    सामान्य प्रशासन विभाग ₹100 करोड़

    राजस्व विभाग ₹100 करोड़

    वन विभाग ₹161 करोड़

    औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग ₹1,250 करोड़

    वित्त विभाग ₹1,650 करोड़

    वाणिज्यिक कर विभाग ₹1,388 करोड़

    खनिज विभाग माइनिंग फंड ₹321 करोड़

    रक्षित निधि अंतरण योजना ₹140 करोड़

    ऊर्जा विभाग ₹2,630 करोड़

    श्रम विभाग ₹615 करोड़

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग ₹2,569 करोड़ स्थानीय निकाय  ₹248 करोड़  मिलियन शहर

    नर्मदा घाटी विकास विभाग ₹4,700 करोड़

    जल संसाधन विभाग ₹300 करोड़

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ₹300 करोड़

    तकनीकी शिक्षा विभाग ₹720 करोड़

    एमएसएमई विभाग ₹213 करोड़

    सरकार के अनुसार यह अनुपूरक बजट विकास योजनाओं, अधोसंरचना विस्तार और विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लाया गया है।