Category: Madhya Pradesh

  • उज्जैन में युवक की पिटाई का VIDEO: महाकाल दर्शन को आया था, नाम सामने आते ही बजरंग दल ने घेरा

    उज्जैन में युवक की पिटाई का VIDEO: महाकाल दर्शन को आया था, नाम सामने आते ही बजरंग दल ने घेरा


    उज्जैन। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धोती-कुर्ता माथे पर त्रिपुंड और गले में रुद्राक्ष की माला पहने एक युवक की पिटाई कर दी। युवक एक युवती के साथ मोहाली से उज्जैन आया था। घटना नानाखेड़ा क्षेत्र में सोमवार रात की बताई जा रही है जिसका वीडियो मंगलवार को सामने आया।

    वीडियो में युवक अपना नाम जफर खान बताते हुए खुद को भगवान शिव का भक्त बता रहा है। जानकारी के मुताबिक कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि अलग-अलग राज्यों से आए युवक-युवती एक होटल में ठहरे हैं। करीब एक घंटे इंतजार के बाद होटल के बाहर युवक को पकड़कर पूछताछ की गई।

    बताया जा रहा है कि युवक ने पहले हिंदू नाम बताया लेकिन बाद में अपना नाम जफर खान स्वीकार किया। उसने कहा कि वह शिव भक्त है और युवती उसे उज्जैन दर्शन कराने लाई थी। दोनों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर हरसिद्धि मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन किए थे।

    नाम सामने आते ही मारपीट

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक को घेरकर पहले पूछताछ की गई और असली नाम सामने आने के बाद मारपीट शुरू कर दी गई। वीडियो में युवक के सिर से खून बहता भी दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ ले गई।

    होटल में ठहरने को लेकर विवाद

    बजरंग दल के जिला संयोजक ऋषभ कुशवाह ने दावा किया कि युवक-युवती को कई होटलों में कमरा नहीं मिला था। बाद में वे नानाखेड़ा के एक होटल में रुके। आरोप है कि युवक ने होटल में हिंदू नाम दर्ज कराया था। पूछताछ के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस जांच में जुटी

    नानाखेड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र यादव के मुताबिक युवक और युवती मोहाली के रहने वाले हैं। युवती की उम्र 32 वर्ष बताई गई है और दोनों अलग-अलग समुदाय से हैं। युवती को युवक के दूसरे धर्म से होने की जानकारी थी और दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    मंदिरों में प्रवेश को लेकर नई मांग

    इस घटना के बाद कुछ संगठनों ने श्री महाकालेश्वर मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है।

  • बजट सत्र में हंगामा, सीएम को ‘नीलकंठ’ बनने की सीख; विजयवर्गीय भीड़ देखकर हैरान

    बजट सत्र में हंगामा, सीएम को ‘नीलकंठ’ बनने की सीख; विजयवर्गीय भीड़ देखकर हैरान


    भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए नल जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का जिक्र न होने पर आपत्ति जताई। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। शोर-शराबे के बीच अभिभाषण जारी रहा लेकिन अंततः सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस ने सरकार को कर्ज के मुद्दे पर घेरने की रणनीति बनाई है। इस पर भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने चुटीले अंदाज में कहा जिसके पास घी होगा वो घी पिएगा और जिसके पास पानी होगा वो पानी पिएगा।

    सीएम को नीलकंठ बनने की सलाह

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ग्वालियर जिले के डबरा में नवग्रह शक्ति पीठ के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम लेते समय जुबान फिसलने पर तुरंत सुधार भी किया। कार्यक्रम में कथावाचक कुमार विश्वास ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता में अमृत के साथ विष भी मिलता है और समय आने पर अपयश भी पीना पड़ता है अर्थात मुख्यमंत्री को नीलकंठ बनना होगा।

    कुबेरेश्वर धाम में भीड़ पर विजयवर्गीय की टिप्पणी

    सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा की लोकप्रियता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले सीहोर की पहचान कचोरी से होती थी अब पंडित प्रदीप मिश्रा के नाम से होती है। भीड़ देखकर उन्होंने कहा कि राजनीति में भीड़ जुटाना पड़ता है लेकिन यहां हर ओर श्रद्धालु नजर आ रहे हैं यह सनातन और भक्ति की शक्ति है।

    कांग्रेस विधायक का हर्ष फायरिंग वीडियो
    श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वे महाशिवरात्रि पर निकली शिव बारात में घोड़े पर सवार होकर हर्ष फायरिंग करते दिख रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    मंच पर आदिवासी संस्कृति की झलक
    खंडवा में आयोजित कार्यक्रम में पंधाना विधायक छाया मोरे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में नजर आईं और मंच पर नृत्य प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए आदिवासी संस्कृति की प्रशंसा की।

  • मुरैना में मक्का से भरा ट्रक पलटा: गाय को बचाने की कोशिश में हादसा, चालक और क्लीनर घायल

    मुरैना में मक्का से भरा ट्रक पलटा: गाय को बचाने की कोशिश में हादसा, चालक और क्लीनर घायल


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में मंगलवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा होते होते टल गया, जब मक्का से भरा ट्रक अचानक सड़क पर आई गाय को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक चालक और क्लीनर घायल हो गए, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल मुरैना में भर्ती कराया गया।

    जानकारी के अनुसार ट्रक ग्वालियर से आगरा की ओर जा रहा था। आगरा मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर छोदा टोल प्लाजा के पास अचानक एक गाय सड़क पर आ गई। चालक ने उसे बचाने के लिए अचानक ब्रेक और मोड़ लेने की कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार और भारी लोड होने के कारण ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गया।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    ट्रक पलटने से सड़क पर मक्का बिखर गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने क्रेन की मदद से ट्रक को हटवाया और मार्ग को सुचारु कराया। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसा सड़क पर अचानक पशु के आ जाने से हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की हकीकत: शाजापुर में 7 माह में सूख गए 151 पौधे, लाखों खर्च फिर भी नतीजा शून्य

    एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की हकीकत: शाजापुर में 7 माह में सूख गए 151 पौधे, लाखों खर्च फिर भी नतीजा शून्य


    शाजापुर । विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा शुरू किए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान का उद्देश्य लोगों को अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना था। यह पहल धरती माता की रक्षा और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी लेकिन मध्यप्रदेश के शाजापुर में इस अभियान की जमीनी तस्वीर निराशाजनक नजर आई।

    जुलाई 2025 में प्रदेशभर में इस अभियान की शुरुआत बड़े स्तर पर की गई। शाजापुर के भैरव डूंगरी में जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों की मौजूदगी में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। लगभग एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन हकीकत में सिर्फ 151 पौधे ही लगाए जा सके। इनमें क्षेत्रीय सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी विधायक अरुण भीमावद भाजपा पदाधिकारी सामाजिक संस्थाएं और स्थानीय नागरिक शामिल हुए थे।

    कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गईं। स्थानीय लोगों के मुताबिक आयोजन पर लाखों रुपये खर्च किए गए। मंच बैनर प्रचार और व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं छोड़ी गई लेकिन पौधारोपण के बाद रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया।

    सात महीने बाद जब मीडिया ने मौके का निरीक्षण किया तो वहां एक भी पौधा जीवित नहीं मिला। जिन पौधों को बड़े उत्साह के साथ रोपा गया था वे अब सूखी लकड़ियों में तब्दील हो चुके हैं। स्थल पर न तो हरियाली दिखी और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा या सिंचाई व्यवस्था। आरोप है कि पौधारोपण के बाद न प्रशासनिक अधिकारियों ने दोबारा निरीक्षण किया और न ही जनप्रतिनिधियों ने देखरेख की जिम्मेदारी निभाई।

    नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र कुमार दीक्षित ने पानी की समस्या को पौधों के सूखने का कारण बताया। उन्होंने कहा कि अब उस स्थान को अमृत 2 ट्री योजना के तहत लिया गया है और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से पौधों की देखभाल कराई जाएगी।

    हालांकि सवाल यह उठता है कि जब 151 पौधों की भी देखभाल नहीं हो सकी तो यदि लक्ष्य के अनुरूप एक लाख पौधे लगाए जाते तो उनका क्या हाल होता? यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है बल्कि पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर विषय पर दिखावे की राजनीति पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।

  • मध्यप्रदेश ने प्रस्तुत किया संतुलित विकास का आदर्श उदाहरण: उप मुख्यमंत्री देवड़ा, जीडीपी में 11.14% वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,69,050 रुपये

    मध्यप्रदेश ने प्रस्तुत किया संतुलित विकास का आदर्श उदाहरण: उप मुख्यमंत्री देवड़ा, जीडीपी में 11.14% वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,69,050 रुपये


    भोपाल । मध्यप्रदेश ने अपनी दूरदर्शी आर्थिक नीतियों और योजनाबद्ध विकास रणनीतियों के जरिए संतुलित और समावेशी विकास का आदर्श प्रस्तुत किया है। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश करते हुए कहा कि राज्य योजनाबद्ध, संतुलित और परिणामोन्मुख विकास पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि कृषि, उद्योग, सेवा, सामाजिक क्षेत्र और वित्तीय अनुशासन हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति हुई है।

    देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत को विश्व की मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश पूरी क्षमता से योगदान दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य ने जो आर्थिक सुधारात्मक कदम उठाए, उनके परिणाम दिखाई देने लगे हैं।

    आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद GSDP प्रचलित भाव पर 16,69,750 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 15,02,428 करोड़ रुपये की तुलना में 11.14 प्रतिशत अधिक है। स्थिर 2011-12 भाव पर GSDP 7,81,911 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि को दर्शाता है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय प्रचलित भाव में 1,69,050 रुपये और स्थिर भाव में 76,971 रुपये तक बढ़ गई है।

    प्राथमिक क्षेत्र में कुल सकल राज्य मूल्य वर्धन 6,79,817 करोड़ रुपये रहा, जिसमें फसलें 30.17 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ प्रमुख रहीं। पशुधन, वानिकी, मत्स्य एवं खनन ने भी योगदान दिया। कृषि एवं ग्रामीण विकास के मोर्चे पर फसल उत्पादन में 7.66 प्रतिशत तथा खाद्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत वृद्धि हुई। दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन और 72,975 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण से ग्रामीण आधार मजबूत हुआ।

    द्वितीयक क्षेत्र का GSVA 3,12,350 करोड़ रुपये रहा, जिसमें निर्माण, विनिर्माण और उपयोगी सेवाओं का योगदान प्रमुख रहा। इस क्षेत्र में 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिससे ₹1.17 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश और लगभग 1.7 लाख रोजगार सृजित हुए। वर्ष 2024-25 में MSME सहायता 2,162 करोड़ रुपये रही। स्टार्टअप्स और इनक्यूबेशन केंद्र सक्रिय हैं, जबकि CSR व्यय 600.47 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

    तृतीयक क्षेत्र ने सर्वाधिक तेज वृद्धि दिखाई। वर्ष 2025-26 में इसका GSVA 5,85,588 करोड़ रुपये रहा, जिसमें व्यापार, वित्तीय सेवाएँ, रियल एस्टेट, होटल-रेस्टोरेंट और पर्यटन प्रमुख योगदानकर्ता रहे। 13.18 करोड़ पर्यटकों की आवक इस क्षेत्र की गति को दिखाती है।

    वित्तीय अनुशासन में सुधार भी दिखा; राजस्व 618 करोड़ रुपये बढ़ा और ऋण-GSDP अनुपात 31.3 प्रतिशत रहा। नगरीय विकास के तहत AMRUT 2.0 में 4,065 करोड़ रुपये का आवंटन और 1,134 परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 8.75 लाख आवास पूरे हुए। स्वास्थ्य क्षेत्र में 34,112 करोड़ रुपये खर्च किए गए और मातृ मृत्यु दर घटकर 142 प्रति लाख जन्म रह गई।

    शिक्षा एवं कौशल विकास में बजट का 10.37 प्रतिशत आवंटित किया गया। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट शून्य और कक्षा 6-8 में 6.3 प्रतिशत रह गया। तकनीकी शिक्षण संस्थानों की संख्या 1,625 से बढ़कर 2,070 हो गई और 45,668 विद्यार्थियों को 500 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। देवड़ा ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित रही, लेकिन उद्योग और सेवा क्षेत्र में भी संतुलित विस्तार हुआ है, जिससे मध्यप्रदेश ने संतुलित विकास का आदर्श प्रस्तुत किया है।

  • एमपी विधानसभा में गूंजा भागीरथपुरा का मुद्दा, दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस ने किया सांकेतिक प्रदर्शन

    एमपी विधानसभा में गूंजा भागीरथपुरा का मुद्दा, दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस ने किया सांकेतिक प्रदर्शन


    भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।

    विधानसभा परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस विधायकों ने गंदे पानी से भरी बोतलें और नारे लिखी तख्तियां हाथ में लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत होना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस गंभीर मामले में अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है। सिंघार ने मांग की कि जिम्मेदार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा दें और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रदेशवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में जनता को दूषित और मलयुक्त पानी मिलना गंभीर चिंता का विषय है। राज्यपाल के अभिभाषण में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के दावे किए गए, लेकिन जमीनी स्थिति अलग है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर जनता की आवाज उठाते हुए सदन में प्रस्ताव रखा है और सरकार से स्पष्ट करने को कहा है कि क्या इस विषय पर गंभीर चर्चा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है, क्योंकि हर व्यक्ति महंगा आरओ पानी खरीदने में सक्षम नहीं है। स्वच्छ पानी जनता का बुनियादी अधिकार है।

    सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि इतनी बड़ी संख्या में मौतों के बावजूद सरकार विधानसभा में चर्चा से बच रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।

  • इंदौर के खजराना मंदिर में गैंगस्टर के दर्शन का मामला: सतीश भाऊ और पत्नी पर केस, 1 आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर के खजराना मंदिर में गैंगस्टर के दर्शन का मामला: सतीश भाऊ और पत्नी पर केस, 1 आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर । इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में मंदिर के गर्भगृह में दबाव बनाकर दर्शन करवाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कुख्यात बदमाश सतीश भाऊ और उनकी पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामला तब उजागर हुआ जब मंदिर प्रबंधन ने शिकायत दर्ज कराई कि आकाश रावत नामक आरोपी ने दबाव बनाकर सतीश भाऊ को गर्भगृह में प्रवेश दिलाया।

    खजराना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आकाश रावत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद मामले की गहन जांच की जा रही है और अन्य आरोपी भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। बताया गया है कि मंदिर में दबाव बनाकर किसी भी व्यक्ति को गर्भगृह में प्रवेश कराने का प्रयास कानून और धार्मिक मान्यताओं दोनों के खिलाफ है।

    इस मामले का ध्यान शासन-प्रशासन और मीडिया दोनों ने प्रमुखता से आकर्षित किया। लल्लूराम ने इस घटना को प्रकाशित कर प्रशासन की नींद उड़ा दी। खबर के प्रकाशन के बाद प्रशासन हरकत में आया और मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी।

    सतीश भाऊ और उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज मामला गर्भगृह में अवैध प्रवेश और दबाव बनाने के प्रयास से संबंधित है। मंदिर प्रशासन ने कहा कि धार्मिक स्थलों में किसी भी व्यक्ति के लिए नियमों और अनुशासन का पालन जरूरी है। इस कार्रवाई से साफ संदेश गया कि कानून और धार्मिक मान्यताओं के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    आकाश रावत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी जांच के दायरे में है। फिलहाल मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।

  • नरसिंहपुर में सड़क हादसा: ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में युवक की मौत, CCTV में दिखा खौफनाक मंजर

    नरसिंहपुर में सड़क हादसा: ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में युवक की मौत, CCTV में दिखा खौफनाक मंजर


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर के करेली क्षेत्र में सोमवार सुबह रांकई रोड पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। घटना की जानकारी के अनुसार पिपरिया के प्रवीन नौरिया सुबह करीब 9 बजे ट्रेन पकड़ने की जल्दी में बाइक चला रहे थे। जैसे ही वह रानी कमलापति से अधारताल जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन के समय से मेल खाने की कोशिश कर रहे थे, उनकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई।

    इस दौरान सामने से आ रही एक अन्य बाइक से जोरदार टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर तक घिसटते चले गए। हादसा यहीं खत्म नहीं हुआ, पीछे से आ रही एक तीसरी बाइक ने भी गिरे हुए दोनों बाइक सवारों को टक्कर मार दी, जिससे हादसा और गंभीर हो गया।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रवीन को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना का CCTV फुटेज भी सोमवार रात सामने आया, जिसमें प्रवीन की तेज रफ्तार और असंतुलित बाइक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। फुटेज में हादसे की पूरी भयावहता दिखाई दे रही है।

    करेली पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच कर रहे हैं कि हादसे के लिए किन-किन कारकों ने भूमिका निभाई। पुलिस ने बताया कि जल्दबाजी और तेज रफ्तार इस दुर्घटना के प्रमुख कारण हैं। हादसे की वजह से इलाके में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करने की गंभीर जरूरत पर ध्यान दिया जा रहा है।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सड़क पर बाइक की तेज रफ्तार और नियंत्रण खोना किस हद तक जानलेवा साबित हो सकता है, इसका यह हादसा जीता जागता उदाहरण है। प्रशासन और पुलिस की कोशिश है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।

  • शहडोल में रिहायशी इलाके में बायो वेस्ट बम: अस्पतालों ने सड़क को बना दिया डंपिंग ग्राउंड, गोवंश और इंसानों के लिए खतरा

    शहडोल में रिहायशी इलाके में बायो वेस्ट बम: अस्पतालों ने सड़क को बना दिया डंपिंग ग्राउंड, गोवंश और इंसानों के लिए खतरा


    शहडोल । शहडोल के बुढार नगर में एक ऐसा दृश्य सामने आया है जिसने लोगों को हिलाकर रख दिया। हनुमान मंदिर के ठीक बगल सड़क किनारे खुलेआम फेंके गए मेडिकल बायो वेस्ट ने न सिर्फ इंसानों के लिए खतरा बढ़ा दिया है बल्कि बेजुबान गोवंश की जान भी खतरे में डाल दी है। इंजेक्शन, नीडल और दवाइयों के खतरनाक कचरे को मवेशी चारे की तरह खा रहे हैं।

    स्थानीय निवासी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान उन्होंने हनुमान मंदिर के पास सड़क किनारे पड़े मेडिकल अपशिष्ट का ढेर देखा। आश्चर्य की बात यह रही कि कई गोवंश इस कचरे के बीच विचरण कर रहे थे और उसे चारे की तरह ग्रहण कर रहे थे, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

    रिहायशी इलाके में खुले में मेडिकल कचरा फेंके जाने से संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बुढार नगर में कई निजी क्लिनिक संचालित हैं, जहां से निकलने वाले मेडिकल अपशिष्ट का उचित निस्तारण नहीं किया जाता। नतीजा यह हुआ कि सड़कें डंपिंग ग्राउंड बन गई हैं और पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

    विशेष रूप से, उपयोग किए गए इंजेक्शन, सुइयां और दवाइयों की शीशियां सीधे तौर पर लोगों और मवेशियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं। स्थानीय लोग चिंता जताते हुए प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदार क्लीनिक संचालकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    नरेंद्र तिवारी ने कहा कि अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। स्थानीय प्रशासन से भी आग्रह किया गया है कि रिहायशी इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए और मेडिकल अपशिष्ट का सही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। यह मामला न केवल शहडोल बल्कि पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य और पर्यावरण प्रबंधन की प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। ऐसे बायो वेस्ट की अनदेखी से संक्रमण और जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

  • सतना में बदमाशों के हौसले बुलंद: युवती के साथ सड़क पर लूट का प्रयास, CCTV में कैद वारदात

    सतना में बदमाशों के हौसले बुलंद: युवती के साथ सड़क पर लूट का प्रयास, CCTV में कैद वारदात


    सतना । सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में नवरंग पार्क कॉलोनी की सुनसान गलियों में सोमवार की सुबह एक सनसनीखेज घटना ने लोगों को हिला कर रख दिया। कॉलोनी की एक युवती अकेले गुजर रही थी, तभी अचानक एक अज्ञात बदमाश ने उस पर हमला कर दिया और मोबाइल झपटने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी तेजी से युवती के हाथ से मोबाइल छीनने का प्रयास कर रहा था।

    हालांकि, युवती ने इस अचानक हुए हमले के सामने अदम्य साहस का परिचय दिया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर और पकड़े जाने के डर से बदमाश मौके से भाग गया, जबकि मोबाइल सुरक्षित रहा। घटना की पूरी प्रक्रिया पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो अब पुलिस के लिए मुख्य सुराग बन गई है।

    इस वारदात के बाद कॉलोनी और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासी पुलिस से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। वहीं कोलगवां थाना पुलिस ने फुटेज को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान और जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    स्थानीय लोग इस घटना से चिंतित हैं और लगातार पुलिस प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि इलाके में सुरक्षा बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातें रोकी जा सकें। पुलिस ने भी चेताया है कि नागरिकों को अकेले सुनसान गली या अंधेरी जगहों से गुजरते समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह घटना यह दिखाती है कि अपराधियों के हौसले किस हद तक बढ़ चुके हैं, लेकिन साथ ही यह भी प्रमाण है कि साहसिक और सतर्क नागरिक अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं।