Category: Madhya Pradesh

  • MP: रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में मिला सैटेलाइट कॉलर लगे बाघ का शव…

    MP: रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में मिला सैटेलाइट कॉलर लगे बाघ का शव…


    सागर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (Rani Durgavati Tiger Reserve) में सैटेलाइट कॉलर (Satellite Caller) से लैस एक युवा बाघ मृत पाया गया है। 3-4 वर्षीय नर बाघ का शव 15 फरवरी को मोहली रेंज के मनगांव बीट क्षेत्र में मिला। यह बाघ बीते महीने कान्हा टाइगर रिजर्व से ट्रांसफर करके यहां छोड़ा गया था। उसे 18-19 जनवरी की रात को कोर एरिया में रिलीज किया गया था और 24 घंटे निगरानी के लिए रेडियो सैटेलाइट कॉलर लगाया गया था।

    एक रिपोर्ट में वन विभाग के हवाले से बताया गया है कि शुरुआती जांच में क्षेत्रीय संघर्ष (टेरिटोरियल फाइट) की आशंका जताई गई है। घटनास्थल के पास दूसरे बाघ के पगमार्क मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि शिकार या बिजली प्रवाह जैसी अवैध गतिविधि के तत्काल संकेत नहीं मिले हैं। रिजर्व परिसर में पशु चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है और फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे।

    हालांकि वाइल्डलाइफ एक्टविस्ट अजय दुबे ने इस मामले में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि सैटेलाइट डेटा में बाघ की लोकेशन दो दिनों तक स्थिर दिखाई दी, जो राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रोटोकॉल के तहत चेतावनी संकेत है। उन्होंने स्वतंत्र जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।

    आपको बताते चलें कि नौरादेही इलाका, जो अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व लैंडस्केप का हिस्सा है में इस साल चीता पुनर्वास योजना प्रस्तावित है। ऐसे में यह घटना वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। वन अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती बाघ आबादी में क्षेत्रीय संघर्ष सामान्य है और फिलहाल किसी साजिश के प्रमाण नहीं मिले हैं।

  • MP में बारिश और आंधी की चेतावनी: 15 जिलों में अलर्ट, 18-19 फरवरी को रहेगा ज्‍यादा असर

    MP में बारिश और आंधी की चेतावनी: 15 जिलों में अलर्ट, 18-19 फरवरी को रहेगा ज्‍यादा असर


    भोपाल। नए मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के चलते मध्य प्रदेश के 15 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी है। मौसम की दृष्टि से मंगलवार को ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल छाए रहेंगे, जबकि 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होगी।

    अलर्ट वाले जिले
    ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में आंधी, बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है। सबसे ज्यादा असर 18 फरवरी को रहेगा। 19 फरवरी को हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, लेकिन तेज बारिश नहीं होगी।

    फरवरी में तीसरी बार बारिश
    फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी पड़ी थी, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे किया था। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश होगी, और इस दिन मौसम प्रणाली का असर सबसे अधिक रहेगा। इसके बाद प्रणाली कमजोर पड़ जाएगी।

    तापमान में गिरावट के संकेत
    पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के कुछ जिलों में बादल छा सकते हैं। इससे दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट देखने को मिल सकती है।

    अगले दो दिनों का मौसम
    17 फरवरी: कुछ जिलों में बादल छाए रहेंगे। भोपाल और इंदौर में दिन के समय गर्मी का असर रहेगा।
    18 फरवरी: 15 जिलों में बारिश का अलर्ट है। गरज-चमक और आंधी चलने की संभावना है।

    ठंडी रातें जारी
    प्रदेश में दिन गर्म हैं, लेकिन रातें ठंडी बनी हुई हैं। रविवार-सोमवार की रात कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कल्याणपुर-पचमढ़ी में 7.6 डिग्री और राजगढ़ में 9 डिग्री रही। प्रदेश के बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान भोपाल: 12.6 डिग्री, इंदौर और जबलपुर: 13 डिग्री, ग्वालियर: 13.1 डिग्री, उज्जैन: 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। वर्तमान में प्रदेश में हल्की ठंड का दौर जारी है। रात और सुबह के समय ठंडक बनी रहेगी, ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहेगा।

  • एमपी विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत हंगामेदार, विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान किया हंगामा

    एमपी विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत हंगामेदार, विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान किया हंगामा


    भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से हंगामेदार रहा। सत्र की शुरुआत में संपूर्ण छह छंदों में “वंदे मातरम्” का गायन हुआ, इसके बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपना अभिभाषण प्रस्तुत किया। अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, जिससे कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई।
    राज्यपाल ने अपने संबोधन में सरकार की विकास उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों के तहत अब तक हुए कार्यों तथा आगामी लक्ष्यों की जानकारी दी। साथ ही सदन में विभिन्न हस्तियों और नेताओं के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संसद भवन पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया।

    अभिभाषण और हंगामा
    राज्यपाल ने अपने भाषण में देश की वर्तमान स्थिति को “अमृत काल” बताया और उद्योगों के अनुकूल वातावरण, भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश की 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य, 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने, पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवास निर्माण, उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने और नई शिक्षा नीति के तहत किए गए कार्यों का उल्लेख किया।

    इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा अभिभाषण में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा।

    राज्यपाल के सदन से जाने के बाद कार्यवाही पुनः शुरू हुई, जहां विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो हिस्सा पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई।

    सत्र का विस्तृत कार्यक्रम
    बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ। इस सत्र में कुल 3478 प्रश्न, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प और शून्यकाल में 83 सवाल विधानसभा में प्रस्तुत किए जाएंगे।

  • मप्र बजट सत्र का पहला दिन: कांग्रेस ने भागीरथपुरा दूष‍ित पानी का उठाया मुद्दा, सरकार को घेरा

    मप्र बजट सत्र का पहला दिन: कांग्रेस ने भागीरथपुरा दूष‍ित पानी का उठाया मुद्दा, सरकार को घेरा


    भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को कांग्रेस विधायक दल ने राज्य सरकार पर तीखे सवाल उठाए और जनहित के मुद्दों को सदन में जोरदार तरीके से पेश किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें सरकार और प्रधानमंत्री की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख है, लेकिन प्रदेशवासियों की वास्तविक समस्याओं और पीड़ा को उचित जगह नहीं मिली।
    उमंग सिंघार ने इंदौर के भागीरथपुरा में हुई दु:खद घटना का हवाला देते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही से 35 निर्दोष लोगों की जान गई। उन्होंने पूछा कि क्या उन परिवारों का दर्द और उनके सवाल इस सदन के लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायक दल इस मामले को गंभीरता से उठाएगा और जिम्मेदारों को चिन्हित करने की मांग करेगा।

    मीडिया से बातचीत में उमंग सिंघार ने कहा कि बजट केवल घोषणाओं का दस्तावेज नहीं होना चाहिए, बल्कि यह प्रदेश की जमीनी हकीकत को उजागर करने का माध्यम होना चाहिए। उन्होंने बढ़ते प्रदेश कर्ज पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की, ताकि जनता को आर्थिक स्थिति की पारदर्शी जानकारी मिल सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस विधायक दल बजट में की गई घोषणाओं और उनकी जमीनी वास्तविकता के बीच के अंतर को सदन में सामने लाएगा। नेता प्रतिपक्ष ने दोहराया कि वह लगातार जनता के मुद्दों को उठाएगी और सरकार को जवाबदेह बनाएगी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया सायबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ, बताया तकनीक आधारित सुशासन की नई शुरुआत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया सायबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ, बताया तकनीक आधारित सुशासन की नई शुरुआत


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार विकास के साथ प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, शुचिता, तत्परता, नवाचार और जनकल्याण को प्रोत्साहन दे रही है। पंजीयन विभाग के सायबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ इसी संकल्प की सिद्धि का प्रमाण है। संपदा-1.0 और संपदा 2.0 के बाद प्रदेश में सायबर पंजीयन की प्रक्रिया का आरंभ होना तकनीक आधारित सुशासन की नई शुरुआत है। मध्यप्रदेश तेजी से बदल रहा है। मध्यप्रदेश भारत का पहला राज्य है, जिसने डिजिटल क्रांति के माध्यम से लोन, मुख्तयारनामा, माइनिंग लीज, हलफनामा, पावर आफ अटार्नी, पार्टनरशिप डीड जैसी 75 से अधिक सेवाओं के लिए सायबर पंजीयन प्रारंभ किया है। राज्य सरकार के इस नवाचार से पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया को प्रोत्साहन मिल रहा है। यह नई पीढ़ी के लिए पर्यावरण और पारदर्शिता के मामले में महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को भोपाल में पंजीयन भवन में सायबर पंजीयन कार्यालय का शुभारंभ करने के बाद ये विचार व्यक्त किए।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब शासन और उसके उपक्रमों के अंतरण दस्तावेज भी पेपरलेस रजिस्ट्रेशन के माध्यम से पूरे होंगे। हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरण के अंतरण के लिए जनता को पंजीयन कार्यालय नहीं आना पड़ेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वीडियो केवायसी सहित सभी कार्य होंगे, इससे धन और समय दोनों की बचत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि संपदा 2.0 के नवाचार को वर्ष 2025 का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार मिला है। अब तक 14 लाख 95 हजार से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन हो चुका है। राज्य सरकार ने 55 जिलों में सायबर तहसील परियोजना को लागू किया है, जिसमें राजस्व बंटवारा, नामांतरण की प्रक्रिया भी संपदा 2.0 से हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागीय अधिकारी सायबर पंजीयन सुविधा के माध्यम से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ मौजूदा वित्त वर्ष में अपने लक्ष्य पूरे करें।

    उप मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि वर्ष 2024-25 में दस्तावेजों के पंजीयन और ई-स्टाम्पिंग के लिए एडवांस सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 लागू किया। इससे चल और अचल संपत्ति के दस्तावेज डिजिटल और पेपरलेस तरीके से पंजीकृत हो रहे हैं। कई दस्तावेज तो ऐसे हैं जिनके लिए उप-पंजीयक कार्यालय भी नहीं आना पड़ता है। सबसे पहले गुना,हरदा, रतलाम और डिण्डौरी जिलों में नए ई-पंजीयन और ई- स्थम्पिंग सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 का सफल पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था। प्रदेश के नवाचारों को देशभर में सराहा गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जारी इन नवाचारों का लाभ प्रदेश के नागरिकों को मिल रहा हैं। पंजीयन से जुड़े कार्यों को त्रूटि रहित पूरा करने के लिए प्रदेशभर के 14 लाख कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव अमित राठौर, प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह, महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक अमित तोमर उपस्थित रहे। कार्यक्रम से जिलों के अधिकारी, बैंककर्मी और लाभार्थी वर्चुअली जुड़े।

  • दतिया सिंध नदी के पुल के पास भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार जीजा-साले की दर्दनाक मौत, एक युवक घायल, मची चीख पुकार

    दतिया सिंध नदी के पुल के पास भीषण सड़क हादसा, बाइक सवार जीजा-साले की दर्दनाक मौत, एक युवक घायल, मची चीख पुकार

    दतिया । दतिया में गोराघाट थाना अंतर्गत रविवार देर रात सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा नेशनल हाईवे 44 पर सिंध नदी पुल के पास में हुआ। अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार तीन युवकों को रौंद दिया।
    घटना में बाइक सवार अमित बंशकर पुत्र किशनलाल निवासी डबरा और वीरचंद्र वंशकार (21) पिता मथुरा वंशकार निवासी भदौरिया खिड़की, दतिया की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं तीसरा युवक अभिषेक बॉथम (19), निवासी डबरा गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे पुलिस ने तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार तीनों युवक बाइक से दतिया से डबरा की ओर जा रहे थे। मृतक आपस में जीजा-साले बताए जा रहे हैं। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सड़क से दूर जा गिरी और दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।सूचना मिलते ही गोराघाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भिजवाया। जहां पर सोमवार सुबह 11 बजे मृतकों का पोस्टमार्टम  किया गया। वहीं अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 
  • मुरैना में मौत की रफ्तार: एसयूवी और कंटेनर की आमने-सामने की भिड़ंत, चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत

    मुरैना में मौत की रफ्तार: एसयूवी और कंटेनर की आमने-सामने की भिड़ंत, चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत


    मुरैना । मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई। नूराबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत विचोला और मालनपुर मार्ग पर एक तेज रफ्तार एसयूवी और विशालकाय कंटेनर के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एसयूवी के परखच्चे उड़ गए और उसके चालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    वेडा गांव के पास मची चीख पुकार

    पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हृदयविदारक घटना वेडा गांव के समीप कल देर रात घटित हुई। बताया जा रहा है कि एसयूवी और कंटेनर दोनों ही विपरीत दिशाओं से तेज गति में आ रहे थे। वेडा गांव के मोड़ के पास दोनों वाहनों के बीच आमने सामने की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

    मशक्कत के बाद निकाला गया शव
    हादसे के बाद एसयूवी का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था जिसके कारण चालक बुरी तरह मलबे में फंस गया था। सूचना मिलते ही नूराबाद थाना पुलिस बल मौके पर पहुँचा और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    फरार चालक की तलाश जारी

    हादसे के बाद कंटेनर चालक मौके का फाय दा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है और मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। देर रात होने और सुनसान इलाका होने के कारण प्राथमिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

  • मुरैना में रिश्तों की त्रासदी: शादी से नाखुश युवती ने पति और ससुर के सामने नहर में लगाई छलांग, 12 घंटे से रेस्क्यू जारी

    मुरैना में रिश्तों की त्रासदी: शादी से नाखुश युवती ने पति और ससुर के सामने नहर में लगाई छलांग, 12 घंटे से रेस्क्यू जारी

    मुरैना । मुरैना मध्य प्रदेश चंबल अंचल के मुरैना जिले में एक विवाहिता द्वारा अपनी जीवनलीला समाप्त करने के प्रयास का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। मिली जानकारी के अनुसार, एक युवती अपनी शादी से खुश नहीं थी और इसी मानसिक तनाव के चलते उसने खौफनाक कदम उठा लिया। हृदयविदारक बात यह है कि जिस वक्त युवती ने नहर में छलांग लगाई, उस समय उसके पति और ससुर भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन जब तक वे कुछ समझ पाते या उसे रोक पाते, युवती गहरे पानी में ओझल हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल SDRF (राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल की टीम को बुलाया गया। पिछले 12 घंटों से भी अधिक समय से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन नहर का बहाव तेज होने के कारण अभी तक युवती का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। गोताखोर लगातार पानी की गहराई में उसकी तलाश कर रहे हैं, वहीं किनारे पर खड़े परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    शादी के फैसले से थी असंतुष्ट
    प्रारंभिक जांच और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, युवती अपनी इस शादी को लेकर मानसिक रूप से तैयार नहीं थी। बताया जा रहा है कि विवाह के बाद से ही वह गुमसुम रहती थी और अक्सर अपनी नाखुशी जाहिर करती थी। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या उस पर शादी के लिए किसी प्रकार का दबाव था या ससुराल पक्ष में कोई अन्य विवाद चल रहा था। पति और ससुर से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के समय की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

    यह घटना एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि किसी भी व्यक्ति की इच्छा के विरुद्ध लिए गए जीवन के बड़े फैसले किस कदर आत्मघाती साबित हो सकते हैं। फिलहाल, पूरा ध्यान रेस्क्यू ऑपरेशन पर केंद्रित है और प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही युवती को ढूंढ लिया जाएगा। घटना के बाद से ही क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और लोग इस दुखद अंत से स्तब्ध हैं।

  • बैतूल में भीषण सड़क हादसा: शिवरात्रि मेले जा रहे युवक की मौत, 5 दिन बाद घर में बजने वाली थी शहनाई

    बैतूल में भीषण सड़क हादसा: शिवरात्रि मेले जा रहे युवक की मौत, 5 दिन बाद घर में बजने वाली थी शहनाई


    बैतूल । मध्य प्रदेश शिवरात्रि का पावन पर्व बैतूल के एक परिवार के लिए कभी न भूलने वाला जख्म दे गया। जिले के ग्राम बोथिया निवासी 22 वर्षीय अजय कवडे की एक सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मृत्यु हो गई। अजय रविवार दोपहर अपने घर से उत्साह के साथ सोनाघाटी शिवरात्रि मेले में शामिल होने के लिए निकला था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

    कैसे हुई वारदात?

    साईंखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम झीटापाटी जोड़ के पास दोपहर लगभग डेढ़ बजे यह हादसा हुआ। अजय अपनी दोपहिया वाहन से जा रहा था, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि अजय सड़क पर काफी दूर तक घिसटता चला गया और उसे सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

    खुशियाँ बदलीं मातम में

    अजय की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि अजय का विवाह तय हो चुका था और ठीक पाँच दिन बाद उसका टीका सगाई/तिलक कार्यक्रम होना था। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, मेहमानों को आमंत्रण भेजे जा रहे थे, लेकिन इस हादसे ने एक झटके में सब कुछ खत्म कर दिया।

    पुलिस की कार्रवाई

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, टक्कर मारकर भागने वाले अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों और चश्मदीदों के आधार पर वाहन की पहचान करने की कोशिश जारी है।

  • मुरैना में भीषण सड़क हादसा, कंटेनर-स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर, चालक की मौत

    मुरैना में भीषण सड़क हादसा, कंटेनर-स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर, चालक की मौत


    भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे को घेरने के लिए पूरी तैयारी की है। लिहाज, सत्र हंगामेदार होने के आसार है।

    मप्र विधानसभा का बजट सत्र सुबह 11 बजे राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू होगा। अभिभाषण में राज्यपाल पटेल राज्य सरकार की उपलब्धियों और कार्य योजनाओं की जानकारी देंगे। यह बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। इस 19 दिवसीय सत्र में सदन की कुल 12 बैठकें होंगी। इस दौरान 18 फरवरी को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेंगे। इस बार का बजट पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस बार का बजट 4.85 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है, जो पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा।

    मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कई मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की तैयारी में है। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल कांड, बढ़ता कर्ज, कानून-व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रह सकते हैं। वहीं, सरकार भी विपक्ष को जवाब देने के लिए तैयारी कर रहा है। कांग्रेस प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और मंत्री विजय शाह की बर्खास्ती की मांग सदन में करेगी। इसको लेकर सदन में हंगामा हो सकता है।

    वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किए जाने के चलते खेती और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। साथ ही 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य 2028 तक बजट को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक तक ले जाने का है।

    आज विपक्षी विधायक दल की बैठक

    विधानसभा में सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस ने आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी होगी। इसमें विधानसभा के बजट सत्र की रणनीति और रूपरेखा पर विधायकों से चर्चा की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि विधायक दल की बैठक में प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने की रणनीति तैयार की जाएगी, साथ ही प्रदेश सरकार में हुए घोटालों को सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें, किसानों को हो रहे नुकसान, युवाओं के रोजगार, आदिवासी- दलितों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा।

    विधानसभा सचिवालय द्वारा जानकारी दी गई कि सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक तारांकित पश्न 1750 एवं अतारांकित प्रश्न 1728 कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हई हैं, जबकि ध्यानाकर्षण की 236, स्थगन प्रस्ताव की 10, अशासकीय संकल्प की 41 और शून्यकाल की 83 सूचनाएं प्राप्त हई हैं। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का यह नवम सत्र होगा।