Category: Madhya Pradesh

  • छिंदवाड़ा में बेटे का खूनी गुस्सा, तेज संगीत के विवाद में फावड़े से पिता की हत्या

    छिंदवाड़ा में बेटे का खूनी गुस्सा, तेज संगीत के विवाद में फावड़े से पिता की हत्या


    छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मामूली विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। तेज आवाज में संगीत बजाने को लेकर हुए झगड़े में 36 वर्षीय बेटे ने अपने ही 72 वर्षीय पिता की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी। घटना 3 फरवरी की रात करीब 10 बजे बी.जे. सायडिंग क्षेत्र की बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार नीरज इवनाती अपने घर पर देर रात होम थिएटर तेज आवाज में चला रहा था। रात बढ़ने के साथ शोर भी बढ़ता गया। इसी दौरान उसकी मां ने उसे आवाज कम करने या बंद करने को कहा। आरोप है कि इस बात पर नीरज भड़क उठा और अपनी मां के साथ अभद्रता करते हुए गाली गलौज करने लगा। घर का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

    पत्नी के साथ हो रही बदसलूकी और घर में बढ़ते विवाद को देख 72 वर्षीय भारत लाल इवनाती ने बीच बचाव की कोशिश की। उन्होंने बेटे को समझाने का प्रयास किया, लेकिन गुस्से में बेकाबू नीरज ने स्थिति को और हिंसक बना दिया। बताया जा रहा है कि आंगन में रखा फावड़ा उठाकर उसने अपने पिता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल भारत लाल को तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही परासिया पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस अधीक्षक अजय पांडे और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ईश्वर पटले के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी नीरज इवनाती को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त खून से सना फावड़ा भी बरामद कर लिया गया है।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना अचानक हुए गुस्से और आपसी विवाद का परिणाम है, हालांकि पुलिस पारिवारिक पृष्ठभूमि और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।

    इस घटना ने पूरे परासिया क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। पड़ोसी और स्थानीय लोग इस बात से हैरान हैं कि एक मामूली विवाद ने पिता पुत्र के रिश्ते को इस कदर खत्म कर दिया। जिस उम्र में माता पिता को संतान के सहारे की जरूरत होती है, उसी उम्र में एक पिता को अपने ही बेटे के हाथों जान गंवानी पड़ी।फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्षणिक आवेश और असंयमित व्यवहार किस तरह पूरे परिवार को बर्बादी की कगार पर पहुंचा सकता है।

  • भोपाल छात्रा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग केस: SIT गठित, आरोपियों के नेटवर्क और अन्य पीड़िताओं की भी होगी जांच

    भोपाल छात्रा दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग केस: SIT गठित, आरोपियों के नेटवर्क और अन्य पीड़िताओं की भी होगी जांच


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ दुष्कर्म ब्लैकमेलिंग और कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के गंभीर मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टीटी नगर एसीपी अंकिता खातरकर के नेतृत्व में चार सदस्यीय विशेष जांच दल SIT का गठन किया गया है। टीम में महिला थाना प्रभारी और कोहेफिजा थाना प्रभारी को भी शामिल किया गया है।

    पुलिस के अनुसार आरोप है कि छात्रा के साथ चलती कार में दुष्कर्म किया गया और घटना का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया। इसी आधार पर उस पर दबाव बनाया गया। SIT यह भी जांच करेगी कि पीड़िता आरोपियों के संपर्क में कैसे आई और क्या इस तरह की वारदात में अन्य युवतियां भी शिकार बनी हैं। जांच के दायरे में आरोपी माज की भूमिका वीडियो बनाने की साजिश और उसे साझा करने के पहलुओं को भी शामिल किया गया है।

    प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वारदात के दौरान मुख्य आरोपी औसाफ और छात्रा कार के भीतर थे जबकि माज ने कथित रूप से बाहर से कांच के जरिए वीडियो बनाया। पुलिस का कहना है कि यह सब पूर्व नियोजित प्रतीत होता है। माज पर आरोप है कि उसने वीडियो अपने कुछ रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ भी साझा किए। अब SIT यह पता लगाने में जुटी है कि इस वीडियो का दुरुपयोग किस हद तक हुआ और किन-किन लोगों तक यह सामग्री पहुंची।

    मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी औसाफ और माज को गिरफ्तार कर लिया है। अब तक करीब 70 लाख रुपये कीमत की चार लग्जरी थार गाड़ियां जब्त की जा चुकी हैं जिनका उपयोग कथित तौर पर वारदात में किया गया। आरोपी माज की चौथी थार गाड़ी भी हाल ही में जब्त की गई है। अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और उनके संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

    SIT पीड़िता से दोबारा विस्तृत बयान दर्ज करेगी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों मोबाइल फोन वीडियो क्लिप चैट रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    यह मामला सामने आने के बाद शहर में व्यापक चर्चा है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को इस प्रकरण से जुड़ी कोई जानकारी हो तो वह आगे आकर जांच में सहयोग करे। फिलहाल पूरी जांच SIT के निगरानी में जारी है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

  • ग्वालियर में सजेगी वीवीआईपी शादी, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बेटे के विवाह में जुटेंगे दिग्गज नेता

    ग्वालियर में सजेगी वीवीआईपी शादी, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बेटे के विवाह में जुटेंगे दिग्गज नेता


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निवास पर आज शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी। उनके पुत्र रिपुदमन सिंह उर्फ सागर का विवाह समारोह शहर के ऐतिहासिक उषा किरण पैलेस में आयोजित किया जा रहा है। परिवार में उत्सव जैसा माहौल है और बहू के स्वागत की तैयारियां पिछले कई दिनों से जोर शोर से चल रही हैं।
    इस खास मौके पर प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति के कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की संभावना है, जिसके चलते ग्वालियर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विवाह समारोह को भव्य और गरिमामय बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। आयोजन स्थल उषा किरण पैलेस को आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया है। समारोह में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा सहित मंत्रिमंडल के कई सदस्य, विधायक और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। बड़ी संख्या में वीवीआईपी मेहमानों के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान तैयार किया है।
    मंत्री निवास रेसकोर्स रोड स्थित सरकारी बंगले पर बीते दिनों से विवाह की पारंपरिक रस्में संपन्न की जा रही थीं। हल्दी, संगीत और अन्य कार्यक्रमों में परिवार और समर्थकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बेटे की शादी की खुशी में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर परिवारजनों के साथ पारंपरिक धुनों पर झूमते नजर आए। उनका डांस वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे समर्थक और आम नागरिक खूब साझा कर रहे हैं। विवाह के बाद आम जनता के लिए भी विशेष कार्यक्रम रखा गया है। 14 फरवरी को डबरा बायपास रोड स्थित इंपीरियल गोल्फ रिसोर्ट में आशीर्वाद समारोह और स्वरुचि भोज का आयोजन किया जाएगा।
    इस कार्यक्रम में क्षेत्र की जनता, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दे सकेंगे। शहर में बड़े नेताओं के आगमन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। होटल से लेकर मंत्री निवास और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक रूट भी तय किए गए हैं ताकि आम नागरिकों को असुविधा न हो। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर की राजनीति का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं और उनके पुत्र का विवाह समारोह राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन बन गया है। इस विवाह में सत्ता और संगठन के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी इसे खास बना रही है। ग्वालियर आज एक भव्य और चर्चित समारोह का साक्षी बनने जा रहा है जहां पारिवारिक खुशियों के साथ राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
  • भीम आर्मी और ASP का प्रदर्शन: यूजीसी समर्थन में 17 सूत्रीय ज्ञापन, दलित-आदिवासी और किसानों के मुद्दे उठाए

    भीम आर्मी और ASP का प्रदर्शन: यूजीसी समर्थन में 17 सूत्रीय ज्ञापन, दलित-आदिवासी और किसानों के मुद्दे उठाए

    भोपाल। भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने यूजीसी के समर्थन में राजधानी भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ता अंबेडकर जयंती मैदान पर इकट्ठे हुए और मुख्यमंत्री के नाम 17 सूत्रीय विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने चेतावनी दी कि यदि दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, किसान और छात्रों से जुड़ी मांगों पर तुरंत सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

    ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग ओबीसी आरक्षण की रही। संगठन ने 13% होल्ड आरक्षण तुरंत लागू करने और आगामी जातिगत जनगणना में पिछड़ा वर्ग की जातियों के लिए अलग कॉलम बनाने की मांग उठाई। इसके साथ ही एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लंबित बैकलॉग पदों को विशेष भर्ती अभियान के जरिए भरने और पदोन्नति में आरक्षण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। शिक्षा क्षेत्र में संगठन ने यूजीसी विनियम 2026 में संशोधन की मांग की और वर्ष 2012 की तर्ज पर सख्त निर्देश जारी करने की अपील की ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव समाप्त हो। संगठन ने इक्विटी कमेटी और एंटी-डिस्क्रिमिनेशन तंत्र में इन वर्गों की कम से कम 50% भागीदारी अनिवार्य करने की भी मांग की।

    किसानों के मुद्दे पर भी संगठन मुखर रहा। उन्होंने ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के पारदर्शी सर्वेक्षण और तत्काल मुआवजे की मांग की। इसके अलावा नीमच स्थित धानुका इथेनॉल प्लांट से फैल रहे प्रदूषण की स्वतंत्र जांच कराने, एससी-एसटी वर्ग की आवंटित जमीनों से अवैध कब्जे हटाने और पुराने आंदोलन संबंधी मुकदमों को वापस लेने की मांग की।

    प्रशासनिक सुधारों में संगठन ने सीएम हेल्पलाइन की लापरवाही और चुनाव प्रक्रिया में बैलेट पेपर के विकल्प पर विचार करने का सुझाव भी दिया। इस दौरान भीम आर्मी के प्रदेश संयोजक सुनील बैरसिया, ASP कोर कमेटी सदस्य दामोदर यादव, प्रदेश प्रभारी विनोद यादव अम्बेडकर, सुनील अस्तेय, अनिल गुर्जर और युवा मोर्चा अध्यक्ष सतेंद्र सेंगर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।

  • नर्मदापुरम में साइबर ठगों का जाल: एक दिन में 7 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फर्जी कॉल, सेवा समाप्ति की धमकी देकर मांगा OTP

    नर्मदापुरम में साइबर ठगों का जाल: एक दिन में 7 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फर्जी कॉल, सेवा समाप्ति की धमकी देकर मांगा OTP


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही दिन में सात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को फर्जी कॉल कर ठगों ने निशाना बनाया। खुद को विभाग का वरिष्ठ अधिकारी बताकर कॉल करने वाले ने सेवा समाप्ति की धमकी दी और पोषण ट्रैकर चालू न होने का हवाला देते हुए पासवर्ड और ओटीपी की मांग की। एक कार्यकर्ता द्वारा ओटीपी साझा करते ही उसका व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया।

    जानकारी के अनुसार, 10 फरवरी की शाम जिले की सात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं प्रमिला शर्मा, ममता मंसूरिया, सावित्री सेन, सरिता, वैष्णवी माधव सहित वार्ड क्रमांक 5, केंद्र क्रमांक 11 की कार्यकर्ता को मोबाइल नंबर 9798929881 से कॉल आया। कॉल करने वाले ने सख्त लहजे में कहा कि उनका पोषण ट्रैकर बंद है और यदि तुरंत जानकारी अपडेट नहीं की गई तो उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी। घबराहट में एक कार्यकर्ता ने मांगी गई ओटीपी साझा कर दी, जिसके तुरंत बाद उसका व्हाट्सएप अकाउंट लॉगआउट हो गया।

    अकाउंट हैक होने के बाद संबंधित कार्यकर्ता के व्हाट्सएप से जुड़े विभिन्न ग्रुपों में एसबीआई बैंक के योनो ऐप की कथित फाइल का लिंक भेजा गया। आशंका है कि इस लिंक के माध्यम से अन्य लोगों के मोबाइल में भी मैलवेयर इंस्टॉल कराने की कोशिश की गई। समय रहते अन्य कार्यकर्ताओं ने लिंक पर क्लिक नहीं किया, जिससे बड़ी साइबर ठगी टल गई।

    घटना के बाद सभी प्रभावित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचीं और साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मामले की गंभीर जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग हरकत में आया और संबंधित नंबर की जांच शुरू कर दी गई है।

    एडिशनल एसपी अभिषेक राजन ने स्पष्ट किया कि कोई भी विभागीय अधिकारी फोन पर कभी भी ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगता। उन्होंने कहा कि यदि किसी को इस प्रकार की कॉल प्राप्त होती है तो तुरंत नंबर ब्लॉक करें और नजदीकी साइबर सेल या पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही उन्होंने सभी शासकीय कर्मचारियों को सतर्क रहने और किसी भी अनजान लिंक, विशेषकर जिनमें APK लिखा हो, उसे डाउनलोड या क्लिक न करने की सलाह दी है।

    यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि साइबर ठग अब सरकारी कर्मचारियों को भी निशाना बना रहे हैं और पद तथा सेवा समाप्ति की धमकी का सहारा लेकर डर का माहौल बनाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी, ओटीपी या पासवर्ड किसी से साझा न करें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

  • मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक बदलाव: अब अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियां भी माता-पिता की पेंशन की पात्र

    मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक बदलाव: अब अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियां भी माता-पिता की पेंशन की पात्र




    नई दिल्ली।
    मध्य प्रदेश सरकार ने परिवार पेंशन के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब राज्य में अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियां भी माता-पिता की पारिवारिक पेंशन की पात्र सूची में शामिल होंगी। यह बड़ा फैसला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।

    कैबिनेट ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 2026 और सिविल सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी। नए नियमों के तहत अब परिवार पेंशन से जुड़े मामलों का निपटारा सरल और समयबद्ध होगा। इसके अलावा, NPS के तहत ग्रेच्युटी भुगतान, स्वेच्छिक सेवानिवृति, केंद्र और राज्य सरकार की पूर्व सेवा का संयोजन, निलंबन अवधि में अंशदान और देरी की स्थिति में जिम्मेदारी, तथा सेवानिवृत्ति या त्यागपत्र के बाद ग्रेच्युटी की पात्रता और भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे।

    इस ऐतिहासिक बदलाव से राज्य की हजारों बेटियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। अब पेंशन का लाभ माता-पिता पर आश्रित महिलाओं तक भी पहुंच सकेगा। सरकार ने बताया कि परिवार पेंशन के लिए आवेदन करना अब और भी आसान होगा। इच्छुक बेटियों को संबंधित विभाग या कोषालय कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवश्यक दस्तावेज़ों में पहचान पत्र, तलाक या विधवा प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी कागजात शामिल होंगे।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों के प्रकाशन के बाद विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। यह कदम विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए राहत साबित होगा, जो तलाक या विधवा होने के बाद अपने माता-पिता पर निर्भर हैं और जिनके पास स्थायी आय का साधन नहीं है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव मध्य प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और समानता को बढ़ावा देगा और राज्य की बेटियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे और इसके लागू होने के तुरंत बाद बेटियां पारिवारिक पेंशन का लाभ प्राप्त कर सकेंगी।

  • शिक्षा के मंदिर में भ्रष्टाचार, 18 स्कूलों में बिना निर्माण करोड़ों का भुगतान, बीईओ सहित 22 आरोपी

    शिक्षा के मंदिर में भ्रष्टाचार, 18 स्कूलों में बिना निर्माण करोड़ों का भुगतान, बीईओ सहित 22 आरोपी

    मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के रामनगर विकासखंड में स्कूल निर्माण कार्यों में 4 करोड़ 37 लाख रुपये के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि 18 स्कूलों में साइकिल स्टैंड पार्किंग और मरम्मत जैसे लघु निर्माण कार्यों के नाम पर राशि जारी कर दी गई लेकिन मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं कराया गया। कागजों में काम पूर्ण दिखाकर भुगतान कर दिया गया और पूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए गए। मामले में तत्कालीन बीईओ 17 प्राचार्य 3 फर्म संचालकों और एक बाबू समेत कुल 22 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।

    जानकारी के अनुसार लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल से रामनगर की 22 स्कूलों के लिए निर्माण मद में राशि स्वीकृत हुई थी। संबंधित प्राचार्यों ने महाकाल ट्रेडर्स सतना रुद्र इंटरप्राइजेज मैहर और वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर भोपाल को वर्क ऑर्डर जारी किए। आरोप है कि बिना निर्माण कराए ही फर्मों को अग्रिम भुगतान कर दिया गया और कागजों में कार्य पूर्ण दर्शा दिया गया।

    घोटाले का खुलासा तब हुआ जब सुलखमा विद्यालय में बिना काम भुगतान की शिकायत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज हुई। शिकायत के बाद कलेक्टर मैहर के निर्देश पर एसडीएम रामनगर शिव प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में जांच समिति गठित की गई। जांच में 18 स्कूलों में मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं पाया गया जबकि करोड़ों रुपये का भुगतान हो चुका था। इसे शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने वाला गंभीर अपराध माना गया।

    एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर प्रभारी बीईओ राजेश द्विवेदी ने रामनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बीएनएस की धारा 316(2) 316(5) 61(2) और 318(2) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों में महाकाल ट्रेडर्स के संचालक शुभम नायक रुद्र इंटरप्राइजेज के संचालक संजीव रजक और वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर के संचालक लकी को भी शामिल किया गया है।

    जिन 18 स्कूलों में भुगतान हुआ उनमें शासकीय हाईस्कूल बडवार मनकहरी गोविंदपुर देवरा मोलहाई सुलखमा मड़वार समेत अन्य विद्यालय शामिल हैं। प्रत्येक विद्यालय को लगभग 22 से 28 लाख रुपये तक की राशि जारी की गई। जांच में पाया गया कि कहीं साइकिल स्टैंड नहीं बना तो कहीं मरम्मत कार्य का कोई चिन्ह तक नहीं मिला।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर रीवा और संयुक्त संचालक द्वारा संबंधित अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद रामनगर थाना पुलिस विस्तृत जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।यह मामला शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जिन स्कूलों में बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित होनी थीं वहां कागजों में निर्माण दिखाकर राशि निकाल ली गई। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और शासन की राशि की वसूली भी की जाएगी।

  • रीवा की बरदहा घाटी रोड का बदलेगा नक्शा, 10 खतरनाक मोड़ों की जगह सिर्फ 3, 311 करोड़ की बड़ी परियोजना को मिली हरी झंडी

    रीवा की बरदहा घाटी रोड का बदलेगा नक्शा, 10 खतरनाक मोड़ों की जगह सिर्फ 3, 311 करोड़ की बड़ी परियोजना को मिली हरी झंडी

    रीवा। रीवा जिले की दुर्गम और खतरनाक मानी जाने वाली बरदहा घाटी रोड अब जल्द ही सीधी और सुरक्षित बनने जा रही है। लंबे समय से हादसों के लिए बदनाम इस जिग जैग मार्ग पर अब 10 से अधिक तीखे और जानलेवा मोड़ों की जगह केवल 3 मोड़ रह जाएंगे। 311.62 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सड़क का चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण किया जाएगा। नई सड़क की चौड़ाई 60 फीट यानी 18 मीटर होगी जिससे आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।

    बरदहा घाटी से गुजरने वाला यह मार्ग रीवा की सबसे दुर्गम सड़कों में गिना जाता है। वर्तमान में संकरी और अत्यधिक घुमावदार सड़क के कारण यहां से गुजरना जोखिम भरा माना जाता है। आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और भारी वाहनों के लिए तो यह मार्ग और भी चुनौतीपूर्ण साबित होता है। सड़क सुधार की मांग लंबे समय से स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही थी जो अब पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।

    हाल ही में कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सांसद विधायक प्रशासनिक अधिकारी और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में परियोजना की रूपरेखा और प्रभावित क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि डभौरा सिरमौर मार्ग के अंतर्गत आने वाली इस सड़क परियोजना से 27 गांव प्रभावित होंगे जिनमें से 24 गांवों में भू अर्जन की आवश्यकता पड़ेगी जबकि तीन गांव ऐसे हैं जहां भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी। शासकीय भूमि का अधिकतम उपयोग किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर निजी भूमि अधिग्रहित की जाएगी।

    सड़क के दोनों ओर मजबूत और चौड़ी नालियों का निर्माण भी किया जाएगा ताकि वर्षा के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनी रहे। सांसद ने विशेष रूप से अतरैला और पटेहरा क्षेत्र में पर्याप्त चौड़ी नालियां बनाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी हिस्सों में सड़क की चौड़ाई 18 मीटर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।एसडीओ विजय गुप्ता ने बताया कि पटेहरा अतरैला लटियार और पनवार जैसे क्षेत्रों में सड़क किनारे बड़ी संख्या में घर और दुकानें स्थित हैं इसलिए निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय निवासियों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। तकनीकी मापदंडों के साथ व्यावहारिक पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए निर्माण शीघ्र पूरा करने की योजना है।

    बरदहा घाटी में मौजूदा समय में 10 से अधिक खतरनाक मोड़ हैं जिन्हें प्रस्तावित योजना के तहत सीधा किया जाएगा। नई सड़क की चौड़ाई 18 से 36 मीटर तक रखी जाएगी जिससे भारी वाहनों की आवाजाही भी सुगम होगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। वन विभाग से स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।यह परियोजना न केवल यात्रा समय कम करेगी बल्कि रीवा जिले के विकास को भी नई गति देगी। सुरक्षित और चौड़ी सड़क से क्षेत्रीय व्यापार पर्यटन और ग्रामीण कनेक्टिविटी को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

  • ममता का कत्ल: दतिया में जमीन के लिए बेटे ने मां को पत्थर से कुचला, शव के पास बिलखता रहा मासूम पोता

    ममता का कत्ल: दतिया में जमीन के लिए बेटे ने मां को पत्थर से कुचला, शव के पास बिलखता रहा मासूम पोता

    दतिया । मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश के दतिया जिले के विजयपुर गांव में लालच और पारिवारिक कलह ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। यहां एक बेटे ने जमीन के मामूली टुकड़े के लिए अपनी ही मां के सिर को पत्थर से कुचलकर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। यह वारदात जितनी खौफनाक थी, उसका मंजर उतना ही हृदयविदारक था; मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतका का डेढ़ साल का मासूम पोता अपनी दादी के लहूलुहान शव के पास बैठकर रो रहा था।

    पत्नी के दबाव में की हत्या

    घटना जिगना थाना क्षेत्र की है। आरोपी बेटे अरविन्द पाल का अपनी मां मिथला पाल से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि अरविन्द की पत्नी लगातार उस पर जमीन अपने नाम करवाने का दबाव बना रही थी। बुधवार की रात इसी विवाद ने उग्र रूप ले लिया और अरविन्द ने सो रही मां पर भारी पत्थर से हमला कर उनकी जान ले ली।

    ग्रामीणों की मदद से पकड़ा गया आरोपी
    चीख-पुकार और हलचल सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी और आरोपी बेटे को भागने से पहले ही पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी अरविन्द पाल को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

    वारदात का संक्षिप्त विवरण

    स्थान: विजयपुर गांव, जिगना थाना क्षेत्र, दतिया। मृतका: मिथला पाल मां ।आरोपी: अरविन्द पाल बेटा।कारण: जमीनी विवाद और पत्नी का उकसावा।मार्मिक दृश्य: दादी के शव के पास बिलखता रहा डेढ़ साल का मासूम।

  • मध्य प्रदेश पुलिस का विशेष अभियान: अमन कॉलोनी से 1 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और गांजा बरामद

    मध्य प्रदेश पुलिस का विशेष अभियान: अमन कॉलोनी से 1 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और गांजा बरामद


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस ने मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात बड़े पैमाने पर छापा मारकर कथित ईरानी डेरे से करीब एक करोड़ रुपये मूल्य का सोना जब्त किया और 8 महिलाओं समेत 39 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई शहर में चलाए जा रहे विशेष कॉम्बिंग अभियान का हिस्सा थी, जिसमें कुल 408 फरार आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई गई थी।

    आधि रात करीब दो बजे अमन कॉलोनी स्थित डेरे को 400 पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम ने घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान 644.56 ग्राम सोने के आभूषण, लगभग 240 ग्राम चांदी, 39 मोबाइल फोन, 1 लाख 35 हजार रुपये नकद और करीब 1.7 किलो गांजा बरामद किया गया। इसके साथ ही 17 दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए।

    पुलिस ने बताया कि पकड़े गए लोग चोरी, नकबजनी, चेन स्नेचिंग और वाहन चोरी जैसे मामलों में वांछित थे। अभियान के दौरान 283 स्थायी वारंट और 125 गिरफ्तारी वारंट तामील किए गए। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई शहर में बढ़ती संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने और संगठित गिरोहों की गतिविधियों को तोड़ने के उद्देश्य से की गई।

    जांच एजेंसियों के मुताबिक यह गिरोह केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं था। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और अन्य तीन राज्यों में भी यह सक्रिय था। गिरोह का कथित सरगना राजू ईरानी पहले गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में वारदात को अंजाम देकर भोपाल लौट आते थे, जहां से बरामद माल का नेटवर्क संचालित होता था।

    पिछले वर्ष 31 दिसंबर को भी पुलिस ने अमन कॉलोनी में छापा मारकर गिरोह के कई सदस्यों को पकड़ा था और अवैध हथियार समेत लूट का सामान बरामद किया था। ताजा कार्रवाई उसी कड़ी का विस्तार मानी जा रही है। पुलिस अब जब्त मोबाइल और वाहनों के जरिए अन्य राज्यों में दर्ज मामलों से कनेक्शन खंगाल रही है।

    अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और बरामद सामग्री के स्रोत की जांच की जा रही है। पुलिस शहर में ऐसे अन्य ठिकानों की पहचान कर आगे भी कॉम्बिंग अभियान जारी रखने की तैयारी में है।इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि मध्य प्रदेश पुलिस संगठित अपराध और संपत्ति संबंधी अपराधों पर कड़ी नजर रख रही है। बड़े पैमाने पर तस्करी, चोरी और नकबजनी के मामलों में सक्रिय गिरोहों को सख्ती से दबाने का प्रयास जारी रहेगा।