Category: Madhya Pradesh

  • ताला बाहर अंदर कारोबार जारी जेल में मालिक और पीछे से चल रही मिलावट फैक्ट्री का बड़ा खुलासा

    ताला बाहर अंदर कारोबार जारी जेल में मालिक और पीछे से चल रही मिलावट फैक्ट्री का बड़ा खुलासा


    इछावर । सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में बिलकिसगंज रोड स्थित एक बहुचर्चित पनीर फैक्ट्री इन दिनों रहस्यमय गतिविधियों को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई है हैरानी की बात यह है कि जिस फैक्ट्री के संचालक किशन मोदी को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा 20 करोड़ से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग और मिलावटखोरी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है वही फैक्ट्री अब भी लगातार संचालित हो रही है और मिलावट का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा

    स्थानीय स्तर पर की गई पड़ताल में जो तथ्य सामने आए हैं वे प्रशासनिक कार्यवाही पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं फैक्ट्री के मुख्य गेट पर ताला लटका हुआ है जिससे यह आभास होता है कि यूनिट पूरी तरह बंद है लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है बताया जा रहा है कि पीछे के रास्तों से लगातार मजदूरों का आना जाना जारी है साथ ही कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही भी बिना किसी रोक टोक के हो रही है

    इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए फैक्ट्री का नाम ही बदल दिया गया है पहले यह यूनिट जयश्री गायत्री फूड मिल्क मैजिक के नाम से जानी जाती थी लेकिन अब इसे हेल्थ ब्रिज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से संचालित किया जा रहा है स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह सब एक सोची समझी रणनीति के तहत किया गया है ताकि बाहरी तौर पर फैक्ट्री बंद दिखाई दे और अंदर का अवैध कारोबार बिना किसी बाधा के चलता रहे

    फैक्ट्री के भीतर हो रही गतिविधियों को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं बताया जा रहा है कि यहां घी दूध और पनीर जैसे उत्पादों की पैकिंग का काम तेजी से किया जा रहा है जबकि पूर्व में हुई कार्रवाई के दौरान बिजली कनेक्शन भी काट दिया गया था इसके बावजूद उत्पादन जारी रहना यह संकेत देता है कि कहीं न कहीं इस पूरे खेल को संरक्षण प्राप्त है जब इस मामले की सच्चाई जानने का प्रयास किया गया तो फैक्ट्री परिसर में तैनात सुरक्षा गार्डों ने किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जिससे संदेह और गहरा गया

    गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय के भोपाल जोनल कार्यालय ने किशन मोदी को मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर मामले में गिरफ्तार किया था जांच में यह खुलासा हुआ था कि कंपनी दूध में प्राकृतिक फैट की जगह हानिकारक पाम ऑयल और अन्य रसायनों का उपयोग कर रही थी इतना ही नहीं विदेशी बाजार में निर्यात के लिए फर्जी लैब रिपोर्ट तैयार कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया ईडी ने इस पूरे घोटाले में 20.59 करोड़ रुपये को अपराध से अर्जित आय घोषित किया है

    वहीं इस पूरे मामले पर फूड विभाग की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है फूड इंस्पेक्टर सारिका गुप्ता का कहना है कि पिछली कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री बंद पाई गई थी लेकिन अब इसके दोबारा शुरू होने की जानकारी विभाग को नहीं है उन्होंने कहा कि जल्द ही टीम भेजकर सैंपल लिए जाएंगे और यह जांच की जाएगी कि वर्तमान में वहां किस प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही हैं

    यह पूरा मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ की भी गंभीर तस्वीर पेश करता है अब सवाल यह उठता है कि आखिर जिम्मेदार एजेंसियां कब तक ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई करेंगी और कब इस तरह के अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सकेगी

  • उज्जैन में आस्था का संगम मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अंगारेश्वर महादेव के चरणों में टेका माथा प्रदेश की खुशहाली की कामना

    उज्जैन में आस्था का संगम मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अंगारेश्वर महादेव के चरणों में टेका माथा प्रदेश की खुशहाली की कामना


    उज्जैन । धार्मिक नगरी उज्जैन एक बार फिर आस्था और भक्ति के विशेष माहौल में डूबी नजर आई जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव गुरुवार सुबह श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने पूरे विधि विधान के साथ भगवान शिव की पूजा अर्चना की मुख्यमंत्री अपने परिवार के साथ प्रातःकाल मंदिर पहुंचे और वहां पहुंचते ही उन्होंने भगवान महादेव के चरणों में माथा टेककर प्रदेश की सुख शांति और समृद्धि की कामना की

    मंदिर परिसर में उस समय का दृश्य अत्यंत आध्यात्मिक और भावनात्मक था जब मुख्यमंत्री ने पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक किया और श्रद्धा भाव से पूजन संपन्न किया जैसे ही पूजन प्रारंभ हुआ मंदिर परिसर हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा और वहां उपस्थित श्रद्धालु भी इस भक्ति के वातावरण में पूरी तरह लीन नजर आए मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह व्यक्तिगत आस्था और धार्मिक विश्वास से जुड़ा हुआ था जिसमें उन्होंने अपने परिवार के साथ भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया

    पूजन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना करते हुए भगवान से प्रार्थना की कि मध्यप्रदेश निरंतर विकास की ओर अग्रसर हो और यहां के नागरिकों के जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहे उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश की शांति और खुशहाली के लिए भी आशीर्वाद मांगा इस अवसर पर मंदिर में उपस्थित लोगों ने भी मुख्यमंत्री के साथ मिलकर भगवान शिव की आराधना की जिससे पूरे परिसर में एक सकारात्मक और ऊर्जावान वातावरण बन गया

    श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर उज्जैन का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है जहां दूर दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं इस मंदिर का महत्व विशेष रूप से शिवभक्तों के बीच अत्यधिक माना जाता है और यहां नियमित रूप से पूजा अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होते रहते हैं मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में पहले से ही तैयारियां की गई थीं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए थे ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके

    मुख्यमंत्री के इस धार्मिक दौरे ने न केवल प्रशासनिक स्तर पर बल्कि आम जनमानस के बीच भी एक सकारात्मक संदेश दिया है कि आस्था और विश्वास भारतीय संस्कृति की मजबूत नींव हैं और जब जनप्रतिनिधि स्वयं इन परंपराओं से जुड़े रहते हैं तो समाज में भी आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है उज्जैन की पावन भूमि पर हुआ यह पूजन कार्यक्रम एक बार फिर यह दर्शाता है कि धर्म और आस्था का संबंध केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का यह दौरा भले ही अल्पकालिक रहा हो लेकिन इसने श्रद्धालुओं के बीच एक गहरी छाप छोड़ी है और लोगों ने इसे प्रदेश की उन्नति और कल्याण के लिए एक शुभ संकेत के रूप में देखा है

  • सागर में डंपरों का खूनी तांडव: 24 घंटे में पांच युवकों की दर्दनाक मौत

    सागर में डंपरों का खूनी तांडव: 24 घंटे में पांच युवकों की दर्दनाक मौत


    सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में बीते 24 घंटे मौत का पैगाम लेकर आए। शहर की सड़कों पर यमदूत बनकर दौड़ रहे भारी वाहनों ने पांच हंसते-खेलते परिवारों के चिराग बुझा दिए। रफ्तार के इस खूनी खेल में दो अलग-अलग घटनाओं ने न केवल शहर को शोक में डुबो दिया है, बल्कि प्रशासन की लचर व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलम यह था कि हादसों का मंजर इतना खौफनाक था कि जिसने भी देखा, उसका दिल दहल उठा।

    पहली हृदयविदारक घटना सागर के बंडा रोड पर घटित हुई। यहाँ एक तेज रफ्तार डंपर ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए बाइक पर सवार तीन युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो डंपर की गति इतनी अधिक थी कि बाइक सवारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, ये तीनों मृतक बंडा क्षेत्र के ही निवासी थे, जो किसी काम से बाहर निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि घर वापसी का रास्ता मौत की गली से होकर गुजरेगा।

    अभी बंडा रोड की घटना की स्याही सूखी भी नहीं थी कि देर रात सागर शहर के खेल परिसर के पास एक और वीभत्स हादसा हो गया। यहाँ से गुजर रहे एक अनियंत्रित ट्राले क्रमांक RJ 06 GD 2973 ने बाइक सवार दो युवकों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भयावह था कि दोनों युवक ट्राले के पहियों के नीचे आ गए। टक्कर के बाद का दृश्य इतना विचलित करने वाला था कि सड़क पर मांस के टुकड़े बिखरे पड़े थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने इकट्ठा किया। मृतकों की पहचान गोपालगंज निवासी के रूप में हुई है।

    हादसे की खबर मिलते ही गोपालगंज और कोतवाली पुलिस सहित सीएसपी ललित कश्यप दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाइक सवार अपनी सही दिशा में जा रहे थे, लेकिन पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें बेरहमी से कुचल दिया। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है।

    हैरानी की बात यह है कि सागर के मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों का बेखौफ दौड़ना अब एक आम बात हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीली कोठी से डिग्री कॉलेज चौराहे के बीच का मार्ग ‘डेथ जोन’ बनता जा रहा है। यहाँ आए दिन सड़क हादसे होते हैं, कई मासूम अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है। शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाले इन भारी वाहनों पर न तो गति सीमा का नियंत्रण है और न ही इनके प्रवेश के समय का कोई सख्ती से पालन हो रहा है।

    इन पांच मौतों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए, तो सागर की सड़कें इसी तरह मासूमों के खून से लाल होती रहेंगी। फिलहाल, पुलिस ने मामलों को जांच में लिया है, लेकिन सवाल वही बरकरार है इन मौतों का जिम्मेदार आखिर कौन है? वह डंपर चालक जो अपनी रफ्तार के नशे में था या वह तंत्र जिसने इन भारी वाहनों को शहर की छाती पर तांडव करने की खुली छूट दे रखी है?

  • एमपी में फिर करवट लेगा मौसम, तेज गर्मी के बीच 27-29 मार्च तक आंधी-बारिश की चेतावनी

    एमपी में फिर करवट लेगा मौसम, तेज गर्मी के बीच 27-29 मार्च तक आंधी-बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मार्च के महीने में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में तीसरी बार आंधी और बारिश का दौर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 27, 28 और 29 मार्च तक कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इसका सबसे ज्यादा असर उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में देखने को मिलेगा।

    इससे पहले मार्च में दो बार आंधी-बारिश का दौर आ चुका है। एक चरण तो लगातार चार दिन तक चला, जिसमें 45 से अधिक जिलों में बारिश और तेज हवाएं चलीं, जबकि 17 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा। अब तीसरे दौर की शुरुआत 27 मार्च से होने की संभावना जताई गई है।

    हालांकि, इस बदलाव से पहले गुरुवार को प्रदेश में तेज गर्मी का असर बना रहेगा। खासतौर पर उज्जैन, भोपाल, सागर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान अधिक रहने की संभावना है।

    बुधवार को भी कई शहरों में गर्मी का असर देखने को मिला। प्रदेश के पांच शहरों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा जबलपुर में 36.1 डिग्री, इंदौर में 36 डिग्री, भोपाल में 35.8 डिग्री और ग्वालियर में 35.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 38.8 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा रतलाम में 38.6 डिग्री, खंडवा में 38.5 डिग्री, खरगोन और रायसेन में 38 डिग्री, धार और मंडला में 36.8 डिग्री, गुना में 36.5 डिग्री, खजुराहो में 36.4 डिग्री और बैतूल में 36.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    वहीं, आगे के महीनों को लेकर भी अनुमान जारी किया गया है। विभाग के मुताबिक अप्रैल और मई में इस साल तेज गर्मी पड़ सकती है। इस दौरान ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री के पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी गर्मी का असर ज्यादा रहेगा।

  • MP: मुरैना में भीषण हादसा… अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार 3 दोस्तों को मौत

    MP: मुरैना में भीषण हादसा… अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार 3 दोस्तों को मौत


    मुरैना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना जिले (Morena district) में एक दर्दनाक सड़क हादसे (Road Accidents) ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 पर छौंदा पुल के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवार 3 युवकों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान शिवम वर्मा ,विशाल वर्मा और अरुण प्रजापति निवासी रानीपुर के रूप में हुई है।


    माता के दर्शन को निकले थे 5 दोस्त, 3 एक्सीडेंट का शिकार

    जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर में रहकर मजदूरी का काम करने वाले 5 दोस्त दो अलग-अलग बाइक पर सवार होकर राजस्थान के करौली माता मंदिर दर्शन के लिए बुधवार को ग्वालियर से निकले थे। इसी दौरान मुरैना जिले के छौंदा नदी पुल के पास एक अज्ञात ट्रक ने लापरवाही पूर्वक चलाते हुए आगे चल रही एक बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। इस बाइक पर तीन युवक सवार थे।

    हादसे के दौरान दूसरी बाइक से पीछे आ रहे अन्य 2 साथियों ने दुर्घटना का शिकार हुए अपने दोस्तों की पहचान की और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है। सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव के अनुसार दो बाइक पर दोस्त करोली का रहे थे दर्शन के लिए लेकिन रास्ते में ही हादसा हो गया ट्रक को तलाश पुलिस टीम लगी है मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया गया है


    करौली माता के दर्शन करने जा रहे थे दोस्त

    बताया जा रहा है कि तीनों दोस्त ग्वालियर से बाइक पर सवार होकर करौली माता मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। लेकिन रास्ते में ही तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी और उनकी जिंदगी का सफर वहीं खत्म हो गया।


    तीन परिवारों के बुझ गए चिराग

    जानकारी के अनुसार शिवम वर्मा और विशाल वर्मा ग्वालियर में रहकर क्रमशः 10वीं और 11वीं की पढ़ाई कर रहे थे, जबकि अरुण प्रजापति मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। तीनों की मौत से उनके गांव रानीपुर में मातम पसरा हुआ है। हादसे की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर मुरैना जिला अस्पताल के मोर्चुरी हाउस भिजवाया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है।


    परिजनों का रो रोकर बुरा हाल

    घटना की जानकारी मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी हुई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। वहीं, इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की समस्या को उजागर कर दिया है।

  • भोपाल में बड़ा घोटाला कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के फर्जी साइन से 2 करोड़ 26 लाख की सेंध

    भोपाल में बड़ा घोटाला कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के फर्जी साइन से 2 करोड़ 26 लाख की सेंध


    भोपाल । भोपाल में एक बड़े वित्तीय घोटाले ने प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी खातों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला शहरी विकास अभिकरण DUDA के खाते से 2 करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक की राशि फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से निकाल ली गई। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने पांच निजी फर्मों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    इस चौंकाने वाले मामले में आरोप है कि भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे के फर्जी हस्ताक्षर तैयार कर सरकारी खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी गई। यह पूरी घटना तब सामने आई जब 17 मार्च को डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे ने खुद क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उनके आधार पर बैंक खाते से राशि निकालकर अलग अलग निजी फर्मों के खातों में भेज दी गई।

    जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने डिजिटल सिस्टम और दस्तावेजी प्रक्रिया की कमजोरियों का फायदा उठाया। फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजों का उपयोग कर इस साइबर फ्रॉड को अंजाम दिया गया। जिन पांच फर्मों के खातों में यह राशि ट्रांसफर की गई है उनके खिलाफ क्राइम ब्रांच ने FIR दर्ज कर ली है और अब इन फर्मों से जुड़े लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    क्राइम ब्रांच की टीम इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है। बैंकिंग ट्रांजेक्शन की डिटेल खंगाली जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में कौन कौन शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि इस घोटाले में एक संगठित गिरोह की भूमिका हो सकती है जो सरकारी दस्तावेजों और हस्ताक्षरों की नकल कर बड़े स्तर पर धोखाधड़ी को अंजाम देता है।

    यह मामला न केवल आर्थिक नुकसान का है बल्कि प्रशासनिक विश्वसनीयता और सरकारी तंत्र की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। डिजिटल साइन और दस्तावेज सत्यापन प्रणाली की कमजोरियां इस घटना के बाद चर्चा में आ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अधिक सख्त और तकनीकी रूप से मजबूत सुरक्षा उपाय अपनाने की आवश्यकता है।

    फिलहाल क्राइम ब्रांच की जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। यह घटना सरकारी संस्थाओं के लिए एक चेतावनी है कि वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है।

  • पुलिस एक्शन ठगी का खुलासा और रहस्यमयी गोलीकांड ग्वालियर में घटनाओं की भरमार

    पुलिस एक्शन ठगी का खुलासा और रहस्यमयी गोलीकांड ग्वालियर में घटनाओं की भरमार


    ग्वालियर । ग्वालियर में बुधवार को कई घटनाओं ने शहर की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक गतिविधियों को चर्चा में ला दिया। पड़ाव थाना क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार के बाहर अनैतिक गतिविधियों की सूचना पर पुलिस ने बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। एएसपी अनु बेनीवाल के नेतृत्व में सीएसपी रॉबिन जैन और पुलिस बल ने होटल और लॉज की तलाशी ली। हालांकि मौके पर कोई अवैध देह व्यापार नहीं मिला लेकिन एक होटल से आपत्तिजनक सामग्री जरूर बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने रेलवे की खाली जमीन पर भी सर्च अभियान चलाया और होटल स्टाफ से पूछताछ की जा रही है।

    दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग में भी विवाद सामने आया है। उपसंचालक डॉ सुनील सिंह यादव ने जॉइंट डायरेक्टर डॉ नीलम सक्सेना के खिलाफ कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें उपसंचालक के पद पर ज्वाइन करने के बावजूद अकाउंट ऑफिसर के रूप में वेतन दिया जा रहा है जिससे उन्हें एनपीए का लाभ नहीं मिल रहा। साथ ही उन्होंने आवास आवंटन में अनियमितता और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी लगाए हैं। एडीएम ने मामले की जांच के लिए उन्हें कार्यालय में बुलाया है।

    इसी बीच साइबर क्राइम का बड़ा मामला भी सामने आया है जहां पिंटो पार्क क्षेत्र के एक फैक्ट्री संचालक से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर एक करोड़ इकतालीस लाख रुपए की ठगी की गई। ठगों ने ईमेल के जरिए गोल्ड डीजीएम कॉइन कंपनी में निवेश का लालच दिया और दो महीने में बड़ी रकम अलग अलग खातों में ट्रांसफर करवा ली। पुलिस ने जांच के बाद देवास और बड़वानी से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो अपने बैंक खाते किराए पर देकर इस गिरोह की मदद कर रहे थे।

    राजनीतिक गलियारों में भी हलचल देखने को मिली है। पूर्व मंत्री अरविंद सिंह भादौरिया अभी तक सरकारी बंगला खाली नहीं कर पाए हैं जबकि उनकी पात्रता समाप्त हो चुकी है। नियमों के अनुसार तय समय में आवास खाली नहीं करने पर कई गुना किराया वसूली का प्रावधान है फिर भी मामला लंबित बना हुआ है।

    वहीं बिजौली थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई जहां घर में सफाई कर रही महिला रामायणी पाल को अचानक गोली लग गई। शुरुआत में इसे सामान्य चोट समझा गया लेकिन सीटी स्कैन में गोली होने का खुलासा हुआ। ऑपरेशन के बाद गोली निकाली गई लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि गोली कहां से आई। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। माधौगंज क्षेत्र में गाड़ी हटाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। एक व्यक्ति के साथ कई लोगों ने मारपीट की जिसमें एक पुलिसकर्मी पर भी आरोप लगे हैं।

    इन घटनाओं के बीच एक सकारात्मक पहल भी सामने आई है। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक मेला ग्राउंड स्थित शिल्प बाजार में पुस्तक मेला आयोजित किया जा रहा है। इसमें छात्रों को सस्ती दरों पर किताबें यूनिफॉर्म और स्टेशनरी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेला अवधि में बाजार में स्कूली किताबों की बिक्री पर रोक रहेगी जिससे पारदर्शिता बनी रहे और अभिभावकों को राहत मिल सके।

  • प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर पैनिक खरीद की कोई आवश्यकता नहीं, स्टॉक पूरा उपलब्ध : मंत्री

    प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर पैनिक खरीद की कोई आवश्यकता नहीं, स्टॉक पूरा उपलब्ध : मंत्री


    भोपाल। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बुधवार को स्पष्ट किया कि प्रदेश के पेट्रोल पंपों में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह निर्बाध है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि 24 मार्च 2026 को कुछ जिलों में अफवाह के कारण आम जनता के बीच पेट्रोल की पैनिक खरीद और पेट्रोल पंपों पर लंबी लाईनों की स्थिति बन गई थी लेकिन वास्तविकता यह है कि स्टॉक पर्याप्त मात्रा में मौजूद है।

    मंत्री राजपूत ने कहा कि डिपो से पेट्रोल पंपों को नियमित आपूर्ति की जा रही है और किसी भी तरह की अफवाह से भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराहट में न तो अतिरिक्त खरीदारी करें और न ही पेट्रोल या डीजल का संग्रह करें। उनका कहना था कि अफवाहें आम जनता को भ्रमित करने का साधन बन सकती हैं जबकि वास्तविक स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है।

    ऑयल कंपनियों की ओर से भी पुष्टि की गई है कि वर्तमान में प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है। राज्य स्तर से नियंत्रण कक्ष और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी आपूर्ति या स्टॉक से संबंधित समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके।

    खाद्य मंत्री ने यह भी बताया कि पेट्रोल पंपों पर लगातार निगरानी की जा रही है और सभी पंप नियमित रूप से डिपो से सामग्री प्राप्त कर रहे हैं। जनता को सलाह दी गई कि अफवाहों के आधार पर कोई भी निर्णय न लें और पेट्रोल पंपों पर अनुचित भीड़ या झुंझलाहट पैदा न करें।

    प्रदेश सरकार की यह स्पष्टता उन लोगों के लिए राहत की खबर है जिन्होंने अफवाहों के कारण पेट्रोल खरीद में असमंजस का सामना किया। मंत्री राजपूत ने कहा कि आम जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए आपूर्ति प्रणाली पूरी तरह सक्षम और नियंत्रण में है। उन्होंने अपील की कि लोग सामान्य स्थिति बनाए रखें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें।

    इस प्रकार खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की निरंतर निगरानी और ऑयल कंपनियों के त्वरित वितरण तंत्र ने सुनिश्चित किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी न हो और सामान्य जीवन प्रभावित न हो।

  • लोकभवन के नए प्रवेश द्वार से सुदृढ़ हुई प्रशासनिक गरिमा, राज्यपाल ने उद्घाटन किया

    लोकभवन के नए प्रवेश द्वार से सुदृढ़ हुई प्रशासनिक गरिमा, राज्यपाल ने उद्घाटन किया


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बुधवार को लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। राज्यपाल ने भारत माता के जयघोष के साथ फीता काटकर नए द्वार का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोकभवन प्रदेश की प्रशासनिक गरिमा का प्रतीक है और इसके प्रवेश द्वारों का सुव्यवस्थित तथा सुदृढ़ होना न केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि राज्य की सांस्कृतिक स्थापत्य पहचान को भी सशक्त करता है।

    राज्यपाल पटेल ने संबंधित विभागों की इस परियोजना के लिए सराहना की और कहा कि राज्य की सांस्कृतिक विशिष्टताओं को ध्यान में रखते हुए द्वारों का निर्माण किया गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सुदृढ़ और आकर्षक प्रवेश द्वार लोकभवन परिसर की प्रतिष्ठा में इजाफा करते हैं और आम जनता तथा अधिकारियों के लिए परिसर को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे।

    लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-1 और 2 के जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण कार्य की कुल लागत लगभग 98 लाख 65 हजार रुपये रही। इन कार्यों में संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखा गया है। इसके परिणामस्वरूप परिसर का स्वरूप और अधिक आकर्षक, व्यवस्थित और सुरक्षित हो गया है।

    राज्यपाल पटेल ने अप्रैल 2025 में लोकभवन के दोनों प्रवेश द्वारों के जीर्णोद्धार के लिए भूमि-पूजन किया था और पूजा-अर्चना के साथ निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी। प्रवेश द्वार क्रमांक-1 का लोकार्पण पिछले वर्ष गांधी जयंती के अवसर पर किया गया था। उसके बाद क्रमांक-2 का सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारंभ हुआ और अब उसका लोकार्पण किया गया है।

    इस अवसर पर राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, विशेष कर्तव्य अधिकारी अरविंद पुरोहित, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संजय मस्के, वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से लोकभवन परिसर का स्वरूप न केवल प्रशासनिक दृष्टि से सुरक्षित हुआ है बल्कि सौंदर्य और सुविधाओं के दृष्टिकोण से भी इसे नया रूप मिला है।

    राज्यपाल ने सभी अधिकारियों और कर्मियों की मेहनत की सराहना की और कहा कि लोकभवन जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्रों में संरचनात्मक और सुरक्षा संबंधी सुधार प्रदेश की प्रशासनिक छवि को मजबूत करते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में भी ऐसे विकास कार्यों के माध्यम से लोकभवन और अन्य सरकारी परिसरों का स्वरूप और अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनेगा।

  • सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के 5 दिन बाद भाजपा विधायक गिरफ्तार, पटियाला पुलिस ने दो दिन के ऑपरेशन में दबोचा

    सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के 5 दिन बाद भाजपा विधायक गिरफ्तार, पटियाला पुलिस ने दो दिन के ऑपरेशन में दबोचा


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत पठानमाजरा को दो साल पुराने रेप केस में फरार चलने के छह महीने बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब के पटियाला पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई ग्वालियर-शिवपुरी बायपास पर की। हरमीत पठानमाजरा पंजाब की सनौर सीट से पहली बार विधायक बने थे और उन्हें पहले भगोड़ा घोषित किया जा चुका था।

    सूत्रों के अनुसार आरोपी विधायक पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए ऑस्ट्रेलिया भाग गए थे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए भारत लौटने के पांच दिन बाद पटियाला पुलिस ने दो दिन के लगातार ऑपरेशन के बाद उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान उनके साथ तीन साथी भी हिरासत में लिए गए। सभी आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पंजाब ले जाया गया।

    शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि इस मामले में शिवपुरी पुलिस को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। पटियाला पुलिस ने यह कार्रवाई पूरी तरह सुनियोजित तरीके से की थी और दो दिन की ट्रैकिंग के बाद विधायक को गिरफ्तार कर सीधे पंजाब ले गई।

    हरमीत पठानमाजरा के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था। उनके खिलाफ पहले कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था। पटियाला एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि क्योंकि विधायक भगोड़ा घोषित थे इसलिए स्थानीय पुलिस को कार्रवाई की जानकारी देना आवश्यक नहीं था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर विधायक भगोड़ा घोषित नहीं होते तो स्थानीय पुलिस को अवश्य सूचित किया जाता।

    पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के पांच दिन बाद ही की गई थी। पटियाला पुलिस ने दो दिन की निगरानी के बाद उन्हें ग्वालियर से शिवपुरी की ओर आने वाले बायपास पर दबोच लिया। उनके साथ मौजूद तीन साथियों को भी हिरासत में ले लिया गया। अब सभी आरोपियों को पंजाब ले जाकर मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    इस गिरफ्तारी ने विधायकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच भगोड़ा मामलों की संवेदनशीलता को फिर से उजागर किया है। पुलिस ने यह साफ किया कि आरोपियों के भागने और विदेश जाने की स्थिति में राष्ट्रीय और राज्य स्तर की कार्रवाई एक साथ की जा सकती है। इस प्रकार की सुनियोजित कार्रवाई कानून व्यवस्था के मजबूत संकेत के रूप में देखी जा रही है।

    शिवपुरी से यह गिरफ्तारी यह भी दिखाती है कि पुलिस टीमें राज्य की सीमाओं के पार जाकर भी अभियुक्तों को पकड़ने में सक्षम हैं। मामले की कानूनी प्रक्रिया अब पंजाब में चल रही है और सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।