Category: Madhya Pradesh

  • MP हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने में देरी, 4.8 लाख लंबित मामलों का निपटारा करने में लग सकते हैं 40 साल

    MP हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने में देरी, 4.8 लाख लंबित मामलों का निपटारा करने में लग सकते हैं 40 साल

    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर और खंडपीठ इंदौर व ग्वालियर में यदि वर्तमान 42 न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाकर 75–85 न्यायाधीश नहीं की गई, तो वर्तमान में लंबित 4,80,592 मामले निपटाने में सिर्फ पांच या दस साल नहीं, बल्कि चार दशक से अधिक समय लग सकता है।

    लंबित मामलों की गंभीर स्थिति
    हालिया आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 तक न्यायाधीशों की संख्या औसतन 42–43 रही। इस अवधि में कुल 84,455 नए मामले दर्ज हुए, जबकि 90,045 मामलों का निपटारा हुआ, जिससे केवल 5,590 मामलों की शुद्ध कमी दर्ज हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गति के बावजूद लंबित मामलों का समाधान 39–40 वर्षों में ही संभव होगा।

    न्यायिक रिक्तियों का कारण
    1989–90 की एरियर कमेटी की रिपोर्ट और हालिया विश्लेषण यह स्पष्ट करते हैं कि उच्च न्यायालयों में मामलों के जमा होने का मुख्य कारण न्यायाधीशों की नियुक्तियों में देरी है। वर्तमान स्थिति दर्शाती है कि न्याय प्रक्रिया अत्यधिक धीमी होने पर संविधान द्वारा प्रदत्त न्याय तक त्वरित पहुँच (अनुच्छेद 39-ए) का अधिकार केवल औपचारिक बनकर रह जाएगा।

    न्यायाधीशों की आवश्यक संख्या और अनुशंसाएं
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपनी स्वीकृत क्षमता 53 से बढ़ाकर 85 न्यायाधीश करने की अनुशंसा की है। केंद्र और राज्य सरकार से अब तक वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति लंबित है।

    लक्ष्य यह है कि अगले पांच वर्षों में लंबित मामलों को खत्म करने के लिए प्रति माह 22,000–23,000 मामलों का निपटारा आवश्यक होगा। इसके लिए कम से कम 75 कार्यरत न्यायाधीश तुरंत नियुक्त किए जाने चाहिए।

    वर्ष 2026 में मुख्य न्यायाधीश सहित सात न्यायाधीश सेवानिवृत्त होने वाले हैं। यदि नई नियुक्तियां समय पर नहीं होतीं, तो लंबित मामलों का बैकलाग फिर बढ़ सकता है।

    सुधार की दिशा
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सुधार तभी स्थायी होगा जब

    न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाई जाए

    विशेष बेंचों का गठन किया जाए

    आधुनिक डिजिटाइजेशन और प्रबंधन प्रणाली लागू की जाए

    साथ ही सरकार को अनुच्छेद 39-ए के तहत अपनी जवाबदेही निभाते हुए नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लानी होगी, ताकि आम जनता का न्यायपालिका पर भरोसा कायम रहे।

  • शोक संतप्त महाराष्ट्र: अजित पवार के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यक्त की गहरी संवेदना

    शोक संतप्त महाराष्ट्र: अजित पवार के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यक्त की गहरी संवेदना


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री श्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्री पवार को विनम्र श्रद्धांजलि देकर बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की परम शांति की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. श्री अजित पवार एक उदार छवि वाले महाराष्ट्र के जमीनी राजनेता थे। उन्होंने अलग-अलग सरकारों में महत्वपूर्ण विभागों के दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करते हुए महाराष्ट्र के विकास में अमूल्य योगदान दिया। वे गरीब, वंचित और पिछड़ों के कल्याण के लिए सदैव समर्पित रहे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को जारी संदेश में कहा कि महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट में लैंडिंग के प्रयास के दौरान हुआ विमान हादसा हृदय विदारक है। इसमें श्री अजित पवार सहित पांच व्यक्तियों के निधन की सूचना मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. श्री पवार उनके अच्छे मित्र थे। उनके निधन से मन व्यथित और पीड़ा से भरा हुआ है। श्री पवार का इस तरह से हम सबको छोड़कर चले जाना अविश्वनीय है। दु:ख की इस घड़ी में मध्यप्रदेश सरकार श्री अजित पवार के समर्थकों और शोकाकुल परिजन के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से प्लेन दुर्घटना में मृत सभी व्यक्तियों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजन को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

  • अब तक 1.57 लाख ग्रामीण कृषकों को मात्र 5 रुपये में मिला नया विद्युत कनेक्शन

    अब तक 1.57 लाख ग्रामीण कृषकों को मात्र 5 रुपये में मिला नया विद्युत कनेक्शन


    भोपाल ।मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपने कार्यक्षेत्र में ग्रामीण एवं कृषि उपभोक्ताओं को अब मात्र 5 रुपये में स्थायी घरेलू एवं कृषि पंप कनेक्शन उपलब्ध करा रही है। दिसंबर 2024 से यह योजना शुरू हुई है तब से अब तक इस योजना का लाभ 01 लाख 57 हजार 359 ग्रामीण कृषकों को मिल चुका है। इनमें से 58 हजार 711 घरेलू तथा 98 हजार 648 कृषि पंप कनेक्शन शामिल हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि घरेलू तथा कृषि पम्पों के कनेक्शनों की संख्या बढ़ाए जाने के लिये ऐसे कृषक जो विद्युत की उपलब्ध लाइन के समीप स्थित हैं उनको सुविधानुसार आसानी से स्थाई कृषि पंप कनेक्शन दिया जा रहा है।

    नवीन घरेलू एवं कृषि पंप के लिये स्थायी विद्युत कनेक्शन का आवेदन सरल संयोजन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इसके लिए portal.mpcz.in पर मांगी गई आवश्यक जानकारी देनी होती है। अधिक जानकारी के लिए कंपनी के टोल फ्री नंबर 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

  • पीएम सूर्य घर योजना के तहत 29,275 उपभोक्ताओं को मिली 228 करोड़ से अधिक की सब्सिडी

    पीएम सूर्य घर योजना के तहत 29,275 उपभोक्ताओं को मिली 228 करोड़ से अधिक की सब्सिडी


    भोपाल ।मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत आने वाले भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में पीएम सूर्यघर योजना के तहत अब तक कुल 29 हजार 273 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। इन्हें 228 करोड़ से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में उनके खातों में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उपरांत विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। लोगों को इस योजना का लाभ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है।

    गौरतलब है कि पीएम सूर्यघर योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। तब से लेकर आज दिनांक तक हजारों बिजली उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया है। योजना में शामिल होने के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। जिसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय एप, वॉट्सएप चेटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

    कंपनी ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। गौरतलब है कि 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है।

  • पंजाब केसरी' लाला लाजपत राय की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अर्पित की भावांजलि: राष्ट्र सदा कृतज्ञ रहेगा

    पंजाब केसरी' लाला लाजपत राय की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अर्पित की भावांजलि: राष्ट्र सदा कृतज्ञ रहेगा


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान स्वाधीनता संग्राम सेनानी और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के स्तंभ रहे ‘पंजाब केसरी’ लाला लाजपत राय की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन किया है। बुधवार को भोपाल में जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने लाला जी के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और उनके महान बलिदान को याद करते हुए कृतज्ञता व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाला लाजपत राय एक ऐसे महानायक थे, जिन्होंने अपनी अंतिम सांस तक मातृभूमि की रक्षा और स्वाधीनता के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा, “श्रद्धेय लाला लाजपत राय जी का बलिदान और उनके द्वारा दिया गया नेतृत्व भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम अध्याय है, जिसने गुलामी की बेड़ियों में जकड़े लाखों भारतीयों के भीतर आजादी की अलख जगाई और उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।

    स्वतंत्रता संग्राम के लाल को सलाम

    लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को हुआ था। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रसिद्ध ‘लाल-बाल-पाल’ लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल की तिकड़ी के प्रमुख सदस्य थे। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक सुधारों का भी मार्गदर्शक रहा है।

    सांयकाल की लाठी और ब्रिटिश साम्राज्य का पतन डॉ. यादव ने उन ऐतिहासिक क्षणों को भी याद किया जब साइमन कमीशन के विरोध के दौरान लाला जी ने अंग्रेजों की लाठियां खाते हुए कहा था कि मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश साम्राज्य के ताबूत की अंतिम कील साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके इन शब्दों ने भारतीय जनमानस में वह ऊर्जा भरी जिसने अंततः अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

    बलिदान के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता

    मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज का आत्मनिर्भर भारत उन्हीं महान बलिदानियों के सपनों का भारत है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे लाला लाजपत राय जैसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लें और राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ें। डॉ. यादव ने ट्वीट और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से भी चित्र साझा कर ‘पंजाब केसरी’ को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय: 369 सांदीपनि विद्यालयों से संवरेगा प्रदेश का भविष्य, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान

    शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय: 369 सांदीपनि विद्यालयों से संवरेगा प्रदेश का भविष्य, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और मूल्य-आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि साझा की है। बुधवार को जारी एक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे राष्ट्र की अनमोल पूंजी हैं और उनका भविष्य संवारना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 369 नए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं, जो अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को भी आत्मसात करेंगे।

    सांदीपनि विद्यालय: आधुनिकता और परंपरा का संगम

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सांदीपनि विद्यालयों की परिकल्पना गुरुकुल शिक्षा पद्धति से प्रेरणा लेकर की गई है। अत्याधुनिक सुविधाएं इन विद्यालयों में केवल भवन ही नहीं, बल्कि बेहतर अधोसंरचना, स्मार्ट क्लास और कुशल मानव प्रबंधन शिक्षक सुनिश्चित किए गए हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा इसका उद्देश्य हर विद्यार्थी तक समावेशी और उच्च स्तरीय शिक्षा की पहुंच बनाना है, ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।

    शिक्षा का अधिकार 8.50 लाख बच्चों के लिए पुख्ता

    मुख्यमंत्री ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ RTE के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश की सरकार हर बच्चे को अनिवार्य शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थायी प्रबंधन प्रदेश के 8.50 लाख से अधिक विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए सरकार ने स्थायी और पुख्ता इंतजाम किए हैं। समावेशी दृष्टिकोण आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को भी मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए निजी स्कूलों में आरक्षण और सरकारी स्कूलों के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री का संकल्प भविष्य संवारने में नहीं होगी कमी

    डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की शिक्षा प्रणाली अब केवल साक्षरता तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि यह बच्चों के समग्र विकास और कौशल संवर्धन पर आधारित होगी। उन्होंने कुशल मानव प्रबंधन को शिक्षा की रीढ़ बताते हुए शिक्षकों की ट्रेनिंग और शैक्षणिक वातावरण में सुधार के लिए निरंतर कार्य करने की बात कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, ये 369 सांदीपनि विद्यालय भविष्य में प्रदेश के शैक्षणिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल देंगे और मध्य प्रदेश को एक एजुकेशन हब के रूप में स्थापित करेंगे।

  • भारत-EU ट्रेड डील अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर', राज्यों को मिलेगा समृद्धि का नया मार्ग: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    भारत-EU ट्रेड डील अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम चेंजर', राज्यों को मिलेगा समृद्धि का नया मार्ग: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और यूरोपियन यूनियन बीच हुए ऐतिहासिक द्विपक्षीय व्यापार समझौते न्यू ट्रेड डील का पुरजोर स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को मीडिया को जारी एक विशेष संदेश में इस समझौते को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह ‘न्यू ट्रेड डील’ न केवल देश के निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि इसका सीधा और सकारात्मक लाभ राज्यों की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देगा।

    आयात में कमी और निर्यात में आएगी क्रांति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समझौते की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत के लिए अपने आयात को नियंत्रित करना और स्वदेशी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। यूरोपियन यूनियन के साथ हुई यह डील इसी दिशा में एक प्रभावी कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस समझौते से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय वस्तुओं की पहुंच सुगम होगी, जिससे देश के भीतर वस्तुओं की कीमतों में कमी आएगी और आम जनता के लिए उत्पाद सस्ते होंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह डील हमारी घरेलू अर्थव्यवस्था को वह मजबूती प्रदान करेगी, जिसकी कल्पना प्रधानमंत्री मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प में की गई है।

    विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी की ओर बढ़ते कदम वैश्विक कूटनीति और आर्थिक उतार-चढ़ाव का जिक्र करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि आज जब दुनिया के कई विकसित देशों में आर्थिक अस्थिरता का वातावरण बना हुआ है, तब प्रधानमंत्री श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने डेढ़ अरब की आबादी वाले भारत को एक सुरक्षित और विकासशील आर्थिक धुरी के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अब विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर है और यूरोपियन यूनियन के साथ व्यापारिक संबंधों का यह नया अध्याय इस लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्प्रेरक का कार्य करेगा।

    राज्यों के लिए विकास के नए द्वार मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस ट्रेड डील का लाभ केवल केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग और हस्तशिल्प क्षेत्रों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा। निर्यात की नई संभावनाओं से राज्यों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय राजस्व में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस ऐतिहासिक कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए इसे ‘समृद्ध भारत’ की दिशा में एक निर्णायक प्रहार बताया।

  • भोपाल में नाली का पानी भी ‘शुद्ध’! जल सुनवाई में निगम की बड़ी लापरवाही, 6 वार्ड में चौंकाने वाला रियलिटी चेक

    भोपाल में नाली का पानी भी ‘शुद्ध’! जल सुनवाई में निगम की बड़ी लापरवाही, 6 वार्ड में चौंकाने वाला रियलिटी चेक


    भोपाल। भोपाल में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर एक हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई है। नगर निगम की जल सुनवाई के दौरान नाली के गंदे पानी को भी महज 15 सेकंड की जांच में ‘पीने लायक’ बता दिया गया। यह दावा किसी आम व्यक्ति का नहीं, बल्कि खुद निगम के अमले का है। एक चर्चित मीडिया संस्थान की टीम ने भोपाल के 6 वार्ड कार्यालयों में जाकर जल सुनवाई का रियलिटी चेक किया, जहां हालात बेहद चिंताजनक नजर आए।

    टीम जब अलग-अलग वार्ड दफ्तरों में पहुंची तो सामने आया कि पानी की जांच प्रशिक्षित विशेषज्ञों की बजाय टाइम कीपर, प्यून और डेली वेज कर्मचारी कर रहे हैं। अधिकांश जगहों पर सिर्फ क्लोरीन टेस्ट कर पानी को ‘शुद्ध’ घोषित कर दिया गया, जबकि पानी से बदबू आ रही थी और वह साफ तौर पर नाली से लिया गया था।

    वार्ड 70: नाली के पानी को 15 सेकंड में क्लीन चिट
    पंजाबी बाग स्थित वार्ड 70 कार्यालय में निगम कर्मचारी ने नाली से लाए गए पानी की सिर्फ क्लोरीन जांच की और उसे पीने योग्य बता दिया। हैरानी की बात यह रही कि पानी में बदबू थी, फिर भी उसे सुरक्षित करार दिया गया।

    वार्ड 44: टाइम कीपर कर रहा जांच, क्लोरीन को बताया कैल्शियम
    सुभाष नगर वार्ड में टाइम कीपर और श्रमिक पानी की जांच करते मिले। एक स्थानीय निवासी ने बदबूदार और मटमैले पानी की शिकायत की, लेकिन कर्मचारियों ने सिर्फ क्लोरीन टेस्ट कर पानी को सही बता दिया। जब सवाल उठाया गया तो जवाब मिलायहीं तक जांच होती है।

    वार्ड 60: नाली का पानी ‘पीने लायक’, सच सामने आया तो बचते दिखे कर्मचारी
    अवधपुरी वार्ड में भी नाली के पानी को क्लीन चिट दी गई। जब कर्मचारियों को बताया गया कि यह नाली का पानी है, तो वे खुद उसे पीने से कतराने लगे। एक कर्मचारी ने यहां तक कहा कि अगर नाली का न पता होता तो पी लेता।

    जल सुनवाई की जरूरत क्यों पड़ी?
    इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 28 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशभर में हर मंगलवार जल सुनवाई के आदेश दिए थे। निर्देशों में पानी की गुणवत्ता जांच के लिए 11 पैरामीटर (रंग, स्वाद, पीएच, हार्डनेस, टीडीएस आदि) और ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया टेस्ट शामिल हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों का पालन नहीं हो रहा।

    शिकायतें बहुत, सुनवाई नाम मात्र
    प्रेम नगर, भेल, करोंद और अयोध्या एक्सटेंशन जैसे इलाकों में गंदे पानी की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। कहीं पाइपलाइन सीवेज से गुजर रही है तो कहीं टंकियां महीनों से साफ नहीं हुईं, लेकिन जल सुनवाई में सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है।

    एक्सपर्ट्स की चेतावनी
    विशेषज्ञों का कहना है कि पेयजल की जांच केवल प्रशिक्षित केमिस्ट या लैब असिस्टेंट ही कर सकते हैं। इस काम में टाइम कीपर, प्यून या सुपरवाइजर को लगाना जनता की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ है और भविष्य में बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा कर सकता है। कुल मिलाकर, भोपाल की जल सुनवाई फिलहाल कागजी साबित हो रही है, जहां नाली का पानी भी पीने लायक घोषित किया जा रहा है। अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो हालात गंभीर हो सकते हैं।

  • स्वास्थ्य सेवाओं में 'सुपरफास्ट' बदलाव: डिप्टी सीएम ने दिए विशेषज्ञों की भर्ती और नए मेडिकल कॉलेजों के समय पर संचालन के निर्देश

    स्वास्थ्य सेवाओं में 'सुपरफास्ट' बदलाव: डिप्टी सीएम ने दिए विशेषज्ञों की भर्ती और नए मेडिकल कॉलेजों के समय पर संचालन के निर्देश

    भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुधारने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल ऑफिसर और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से चल रही भर्ती प्रक्रियाओं की हर स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए ताकि मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

    विशेषज्ञों की कमी होगी दूर डिप्टी सीएम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट’ के रूप में सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 1377 विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया में से 500 विशेषज्ञों की सूची प्राप्त हो चुकी है, जिनकी नियुक्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका सीधा लाभ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में मिलेगा। साथ ही, नर्सिंग शिक्षकों की भर्ती में आ रही प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करने के लिए भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश भी सामान्य प्रशासन विभाग को भेजे गए हैं।

    कैंसर उपचार और बुनियादी ढांचे का विस्तार प्रदेश के मरीजों को इलाज के लिए बाहर न भटकना पड़े, इसके लिए ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेजों में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए गए हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि अधोसंरचना विकास और अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता समय-सीमा में सुनिश्चित की जाए।

    तीन नए मेडिकल कॉलेजों का आगाज उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बुधनी, छतरपुर और दमोह में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों का संचालन आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रस्तावित है। इसके लिए नेशनल मेडिकल कमीशन के मापदंडों के अनुसार फर्नीचर उपकरण और शैक्षणिक मैनपावर की भर्ती का कार्य पूर्ति चरण में है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि विभागीय उदासीनता के कारण किसी भी निर्माण कार्य में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सीएम-डे केयर योजना और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन के लिए बजट उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

  • नरसिंहपुर में तेज रफ्तार का कहर: अनियंत्रित होकर पलटी कार, चार दोस्त गंभीर रूप से घायल

    नरसिंहपुर में तेज रफ्तार का कहर: अनियंत्रित होकर पलटी कार, चार दोस्त गंभीर रूप से घायल


    नरसिंहपुर । शहर के बायपास रोड स्थित महर्षि स्कूल के पास सोमवार की रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर कई बार पलट गई। हादसे के वक्त कार में चार किशोर सवार थे, जो इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को कार से बाहर निकाला और तत्काल जिला अस्पताल पहुँचाया।

    घायलों का उपचार और स्थिति हादसे में घायल किशोरों की पहचान कृष्णा तिवारी, अंश दुबे, सहज राजपूत और अर्णव जाट के रूप में हुई है। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान दो किशोरों की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई। डॉक्टरों ने तत्काल उनका सीटी स्कैन कराने के बाद बेहतर इलाज और न्यूरो केयर की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें लक्ष्मी नारायण अस्पताल रेफर कर दिया है। शेष दो घायलों का उपचार जिला अस्पताल में ही जारी है। राहत की बात यह है कि ताजा अपडेट के अनुसार फिलहाल चारों की स्थिति स्थिर बनी हुई है।

    जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मामले को संज्ञान में ले लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार अधिक थी, जिसके कारण चालक मोड़ पर संतुलन खो बैठा। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या दुर्घटना तकनीकी खराबी की वजह से हुई या फिर मानवीय लापरवाही इसका मुख्य कारण थी। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। बायपास रोड पर बढ़ते हादसों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यहाँ सुरक्षा संकेतक लगाने की मांग भी की है।